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छोटे लोन से बड़ा बदलाव: कालीन बिजनेस ने बदली जिंदगी, हर महीने अच्छी कमाई

मोहनियां. दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो इंसान परिस्थितियां विकास में बाधक नहीं बन सकतीं। कभी महिलाओं को अबला माना जाता था। आज ये अपनी मेहनत से समाज को दिशा दे रही हैं। जो अन्य महिलाओं के लिए मिसाल है। गरीबी को मात देकर परिवार का संबल बन रही हैं। मोहनियां प्रखंड के बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव की सुमन देवी का परिवार कभी आर्थिक तंगी का शिकार था। आठ साल पहले पारिवारिक खर्च चलाना मुश्किल था। दोनों पैर से दिव्यांग पति मजदूरी करने में समर्थ नहीं थे। तब सुमन ने आत्मनिर्भर बनकर गरीबी को मात देने का संकल्प लिया। आज कालीन उद्योग से परिवार में समृद्धि आई है। अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दे रही हैं। इस कार्य में दिव्यांग पति का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह बना आधार बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव के ओम प्रकाश राम दिव्यांग हैं। दोनों पैर से लाचार होने के कारण वे कुछ करने में असमर्थ थे। दो बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था। इस विकट परिस्थिति में सुमन दीदी अबला जीवन से उबरकर सबला बनने की ठानी। अमरपुरा गांव में जीविका समूह चलता था। इन्होंने सीएम दीदी से संपर्क किया तो उन्होंने समूह से जुड़ने का फायदा बताया। 16 नवंबर 2017 को सुमन दीदी सहारा जीविका महिला ग्राम संगठन के शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। कहा जाता है बूंद बूंद से तालाब भरता है। इसी को चरितार्थ करते हुए ये सप्ताह में 10 रुपये बचत करने लगीं। समूह से जुड़ने के बाद 50 हजार रुपए का मिला ऋण समूह से जुड़ने के बाद सुमन दीदी ने 50 हजार रुपये का ऋण लिया। जिससे छोटी सी दुकान की। इसकी आमदनी से धीरे धीरे समूह को ऋण का पूरा पैसा लौटा दिया। इसके बाद इनका चयन सतत जीविकोपार्जन योजना (एसजेवाई) के लाभार्थी के रूप में हुई। इस योजना के तहत सुमन दीदी को 37 हजार रुपये मिले। जिससे दुकान का विस्तार किया। इसके बाद इनके हौसले को पंख लग गए। कालीन बुनाई का लिया निर्णय दुकान से अच्छी आमदनी होने के बाद सुमन दीदी ने कालीन बुनाई का निर्णय लिया। इनके पति ओम प्रकाश राम कालीन बुनाई करना जानते थे। इन्होंने इस उद्योग में भविष्य की तलाश की। पति पत्नी दोनों कालीन बुनाई करने लगे। आज इस उद्योग और दुकान से सुमन दीदी को 20 से 25 हजार रुपये महीने का लाभ हो रहा है। अन्य महिलाओं के लिए सुमन दीदी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। इनका कहना है कि जीविका ने जीवन को बदल दिया। अब ये आत्मनिर्भर बन गई हैं। पति दोनों पैर से दिव्यांग थे। परिवार में भोजन चलाना मुश्किल था। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत चयन नहीं हुआ होता तो दर दर की ठोकरें खानी पड़ती। आज परिवार खुशहाल है। वे इस उद्योग को बहुत आगे बढ़ाना चाहती हैं। जिससे अन्य महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। कालीन उद्योग में कैमूर जिला का नाम हो। दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी  सुमन दीदी ने दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी है। ये अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सतत जीविकोपार्जन योजना से इनके परिवार में समृद्धि आई है। – उत्कर्ष शुक्ला, जीविका प्रबंधक  

स्कूल एडमिशन नियम बदले: पंजाब में 8वीं कक्षा के लिए अब बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और निजी स्कूल संचालकों के बीच नियमों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने साफ कर दिया है कि आठवीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों का दाखिला बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। दरअसल, बोर्ड से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूलों के संचालक इस नियम में ढील की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही शिक्षकों के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने की अनिवार्यता का भी विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्कूल प्रतिनिधियों ने चेयरमैन के साथ बैठक भी की, लेकिन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी स्कूलों को इनका पालन करना होगा। इसके चलते निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्कूल संगठनों का कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल बोर्ड से जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहीं ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत सरकारी स्कूलों में भी आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। अब इस मुद्दे को लेकर स्कूल संगठनों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्तर पर बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

कुदरत का तांडव, अप्रैल में जनवरी जैसी ठंड और चंडीगढ़ में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड

चंडीगढ़ उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अप्रैल के महीने में, जब सूरज की तपिश महसूस होनी चाहिए थी, तब जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड और बेमौसम बरसात ने दस्तक दी है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने भारी तबाही मचाई है। आलम यह है कि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। पंजाब कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। राज्य के करीब 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान मुक्तसर, फाजिल्का और बठिंडा जिलों में दर्ज किया गया है, जहां फसल कटाई के लिए तैयार थी। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पकी हुई फसल को खेतों में बिछा दिया है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। हरियाणा : 6 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूह, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि की संभावना है। हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के किसान पहले ही ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं, जहां गेहूं और सरसों की फसलों को व्यापक क्षति हुई है। किसान अब सरकार से विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़: 5 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल का यह दिन ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। पिछले 5 साल में 7-8 अप्रैल का दिन इतना ठंडा कभी दर्ज नहीं किया गया। सड़कों पर लोग एक बार फिर जैकेट और गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जो अप्रैल के महीने में एक दुर्लभ दृश्य है। हिमाचल: अटल टनल और रोहतांग में बर्फबारी पहाड़ों पर कुदरत का सफेद तांडव जारी है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे रोहतांग दर्रा, अटल टनल, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा बर्फबारी हुई है। शिमला के खड़ापत्थर और नारकंडा में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फबारी और गिरते तापमान ने सेब बागवानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यह समय सेब के पेड़ों में फ्लावरिंग (फूल आने) का है और अत्यधिक ठंड से फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। विशेषज्ञों की चेतावनी और राहत की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों तक उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 9 अप्रैल के बाद ही आंशिक सुधार की उम्मीद है। जलवायु विशेषज्ञों ने बेमौसम की इस मार को 'क्लाइमेट चेंज' के बढ़ते खतरों से जोड़कर देखा है। फिलहाल, प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

इंदौर में जल संकट: नए बोरिंग की अनुमति पर रोक, घोषित किया जल अभावग्रस्त

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में बढ़ती गर्मी के बीच जल संकट के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। तालाबों का जलस्तर घटने और भूजल तेजी से नीचे जाने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शहर में नए बोरिंग कराने पर रोक लगा दी है। शहर में गर्मी के चलते तालाबों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के क्षेत्रों के भूजल स्तर पर भी पड़ रहा है। कई बोरिंग में पानी कम हो चुका है, जिससे जल संकट की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने 30 जून 2026 तक शहर में नए बोरिंग कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर को घोषित किया गया जल अभावग्रस्त क्षेत्र इंदौर के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। यह फैसला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जलप्रदाय) नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में क्या कहा गया रिपोर्ट के अनुसार, शहर में भूजल स्रोतों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से गिर रहा है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और संशोधन अधिनियम 2002 के तहत पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत जिले में निजी और अशासकीय नलकूप खनन (बोरिंग) पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है।  अवैध बोरिंग पर सख्त कार्रवाई ऐसी बोरिंग मशीनें जो प्रतिबंध के बावजूद जिले में प्रवेश करेंगी या बोरिंग करने का प्रयास करेंगी, उन्हें जब्त किया जाएगा और संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपये का जुर्माना और दो साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा। यदि जल संकट और बढ़ता है, तो प्रशासन धारा-4 के तहत निजी बोरिंग का अधिग्रहण भी कर सकता है।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर मंडल में रद्द ट्रेनों की सेवा फिर शुरू

बिलासपुर. गर्मी के सीजन में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई दर्जन भर यात्री ट्रेनों को बहाल किया गया है. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय अनुसार चलाई जाएंगी. रिस्टोर की गई ट्रेनें गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेन रिस्टोर गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी. गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी.

रायपुर: कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत किए 708 करोड़

रायपुर : कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 708 करोड़ स्वीकृत कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण फोरलेन सड़कों के विस्तार से सुरक्षित यातायात के साथ आर्थिक प्रगति का आधार भी मजबूत होगा – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  “राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन 4821 संचालित कार्यों में 32072 श्रमिक नियोजित बलौदाबाजार जिले मे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अंतर्गत रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कुल 4821 कार्य संचालित है जिसमें 32072 श्रमिक नियोजित है।  सभी विकासखंड के ग्राम पंचायतों में पंजीकृत श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराते हुए कार्यक्षेत्र पर रोजगार दिवस का आयोजन किया गया साथ ही विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन अधिनियम 2025 के प्रावधानों, लाभों और क्रियान्वयन के तरीकों के बारे में बताया गया।नया कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है, जो मनरेगा की जगह लेगा और इसमें 100 दिन की बजाय 125 दिन का गारंटीड रोजगार प्रदान किया जाना शामिल है।  इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की अधिक अवसर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण। योजना में कार्यो की पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए डिजिटलाईजेशन एवं टेक्नालाजी का उपयोग करते हुए जल सरंक्षण, भूजल पूर्नभरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई, वनीकरण, एवं जल स्रोतो के कार्यो को बढ़ावा देना है। विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम 2025 में जल संरक्षण एवं जल संबंधित कार्यो को बढ़ावा मिलेगा।मूलभूत ग्रामीण अवसरंचना सुदृढ़ होगी। आजिविका के अवसर एवं अनुकुलन क्षमताओ का विकास होगा।मजदूरी रोजगार गारंटी तथा 07 दिवस में मजदूरी भुगतान की गारंटी।तय समय में काम नही मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान है। जिले के सभी जनपद पंचायतों के समस्त ग्राम पंचायतों में इस अधिनियम के अंतर्गत सभी कार्य अब ज़ीआईएस आधारित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से योजना बनाकर क्रियान्वित किये जायेंगे जिससे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण  के कार्यो को अधिक पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी तरीके से कराया जा सकेगा। सभी कार्यरत श्रमिको की उपस्थिति में QR कोड की जानकारी दी गई, जिसमें तीन वर्षो के महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यो के साथ-साथ आय-व्यय की जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।

फिर बदला मौसम का मिजाज, रांची समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

रांची झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. कल भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. कई जिलों में मौसम विभाग के द्वारा 8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ गर्जन, वज्रपात हो सकती है. इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 9 अप्रैल के लिए पूर्वानुमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के द्वारा राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वज्रपात और आंधी चलने की संभावना है. हवा की अधिकतम गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि के दौरान पेड़-पौधों, बागवानी और खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर मौजूद लोग और मवेशी भी ओलों की चपेट में आकर घायल हो सकते हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ओलावृष्टि के समय खुद और जानवरों को छायादार और सुरक्षित जगह पर रखें. आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर बिजली गिरने से लोगों और जानवरों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है. इस दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित उपाय है, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और ट्रैवल करने से बचें. बाहर होने की स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें, लेकिन पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.

ऊर्जा मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री  जबलपुर प्रदेश के ऊर्जा प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज विभागीय योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। उन्होंने कहा कि हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केवी के स्वीकृत सभी सबस्टेशन का कार्य जल्द पूरे किए जाएं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को भोपल में मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मेंटेनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किए गए कार्यों के बाद भी बिजली की ट्रिपिंग क्यो हो रही है। इसका स्थाई निदान दूंढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में एक फीडर लेकर उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। इस प्रयोग के सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और जब बिल में बढ़ोत्तरी की स्थि‍ति हो जाए उस समय कार्रवाई करना उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्रवाई करें। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा।  अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्रवाई-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्रवाई करें। मेंटेनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवाएं। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पावर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें।  गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिए जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करें। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अभ‍ियंताओं को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी ऐसे अभ‍ियंताओं को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अभ‍ियंताओं व कार्मिकों की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकाएदारों से पहले वसूली करें।   सिंहस्थ के कार्य प्राथमिकता से करें-    सिंहस्थ से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री तोमर ने ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पावर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी मनजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

गौधाम विस्तार में तेजी, 5 प्रस्ताव स्वीकृत, 12 नए लंबित, 19 पर लिया गया अहम फैसला

जिले में गौधाम विस्तार को मिली रफ्तार : 5 स्वीकृत, 12 नए प्रस्ताव लंबित, 19 प्रस्तावों पर हुआ अहम निर्णय बिलासपुर जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।  जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।       बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।       बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।