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भारत निर्वाचन आयोग का नया कदम: रायपुर में इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर प्रोग्राम की शुरुआत

रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त  डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिनिधि 8 अप्रैल  को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

डीजीपी पद के लिए 14 नाम आगे: गौरव, गुरप्रीत और शशि प्रभा भी दौड़ में

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले चार वर्षों से चल रही ‘कार्यकारी’ डीजीपी व्यवस्था को खत्म करते हुए अब नियमित डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिया है। सरकार द्वारा भेजी गई सूची में मौजूदा कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनके साथ ही 1992 बैच के शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम भी भेजे गए हैं। 1993 बैच से गुरप्रीत कौर दियो, जतिंदर कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम शामिल हैं, जबकि 1994 बैच के सुधांशु शेखर श्रीवास्तव समेत सात अन्य अधिकारियों के नाम भी इस सूची में हैं। दूसरी ओर, 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए असमर्थता जताई है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी और मार्च 2026 में राज्यों में लंबे समय तक कार्यकारी डीजीपी रखने की परंपरा पर सख्त आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि ऐसा करना योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अधिकार से वंचित करने के समान है। यूपीएससी ने भी पंजाब सरकार को 5 मार्च और 18 मार्च को रिमाइंडर भेजे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च को सार्वजनिक तौर पर पुष्टि की कि सरकार यूपीएससी के नियमों का पालन करेगी। UPSC तीन नामों का पैनल करेगी फाइनल नियमों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के लिए यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाती है। इस समिति में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव और मौजूदा डीजीपी शामिल होते हैं। यह समिति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तीन अधिकारियों के नाम फाइनल कर राज्य सरकार को भेजेगी, जिनमें से सरकार एक को नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त करेगी।

कैट का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने रेलवे की कार्रवाई को बताया भेदभावपूर्ण और मनमाना

रांची झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) की रांची सर्किट बेंच के 23 अक्टूबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही अदालत ने रेलवे को निर्देश दिया कि चार सप्ताह के अंदर याचिककर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए. भेदभावपूर्ण और मनमाना था निर्णय जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने कैट की रांची सर्किट बेंच के आदेश को रद्द कर दिया. खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है. कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है, लेकिन याचिककर्ता को नियुक्ति से वंचित किया गया. ऐसा करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है. क्या है पूरा मामला प्रार्थी रविशंकर कुमार भारतीय सेना में 16 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके थे. उन्होंने रेलवे की नॉन टेक्निकल पापुलर कैटिगरीज के तहत आवेदन किया था. नियम के मुताबिक अभ्यर्थी का 31 मार्च 2020 तक सेना से सेवानिवृत्त होना जरूरी था, जबकि प्रार्थी 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. दस्तावेज सत्यापन के दौरान रेलवे ने उनकी उम्मीदवारी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वे कट-ऑफ तिथि के भीतर सेवानिवृत्त नहीं हुए और आवेदन में गलत जानकारी दी है.  इसके बाद प्रार्थी ने रेलवे के निर्णय को कैट में चुनाैती दी थी. कैट ने रविशंकर कुमार की याचिका खारिज करते हुए रेलवे के निर्णय को सही ठहराया था. याचिककर्ता रविशंकर कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर कैट के आदेश को चुनाैती दी थी और अपनी नियुक्ति की मांग की थी.

बच्चों की संदिग्ध मौतों से सलूंबर में हड़कंप, 17 मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा

सलूंबर सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। बीते पांच दिनों में पांच मासूमों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर बच्चों और परिजनों की जांच कर रही हैं। दो से चार साल के बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण सामने आए हैं, जिससे बीमारी को लेकर रहस्य और गहरा गया है। संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पीपी के नेतृ्त्व में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने मेडिकल टीमों को विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को 17 मेडिकल टीमों ने 429 परिवारों का सर्वे किया। इस दौरान 17 बुखार के मरीज मिले, जिनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। उदयपुर से आई डॉक्टरों की टीम मौके पर तैनात है, जो कि लगातार हालातों पर नजर बनाए हुए है। बच्चों को किया गया रेफर स्वास्थ्य जांच के बाद कई बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। इनमें पेट दर्द, बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ बच्चों को उदयपुर तो कुछ को जिला अस्पताल सलंबूर भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य ने की अपील सीएमएचओ डॉ महेंद्र परमार के अनुसार, विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डालकर लगातार जांच कर रही। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, शुद्ध पानी पीने और पानी उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। इधर, लसाड़िया ब्लॉक के प्रभावित इलाकों में लगातार सर्वे और सैंपलिंग का काम जारी है। प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरत रहा है।  

भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक और आरएफआईडी तकनीक का पहरा, डीसी ने किया निरीक्षण

धनबाद राज्य सरकार के निर्देश से धनबाद जिला प्रशासन द्वारा होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित की जा रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ तीसरे दिन भी संचालित की जा रही है. चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी की जा रही है. कड़ी निगरानी में चल रही चयन प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन समेत जिला के अन्य वरीय पदाधिकारी बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर अंदर न जाए. इसका विशेष रूप से ध्यान दें. सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से रखी जा रही नजर परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की भी वीडियोग्राफी कराई जा रही है जिससे कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. योमेट्रिक सत्यापन अभ्यर्थियों के एंट्री के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. FID तकनीकी का इस्तेमाल दौड़ का समय सटीक रूप से मापने के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नतीजा पूरी तरह सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे. रिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी परीक्षा स्थल पर जिला समादेष्टा (District Commandant) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम लगातार मौजूद है, जो पूरी प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर रही है. अधिकारियों का संदेश उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि चयन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होगा. उन्होंने अभ्यर्थियों को सचेत किया है कि वे किसी भी बिचौलिए या ठग के झांसे में न आएं. किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत इसकी सूचना केंद्र पर तैनात पुलिस बल या हेल्पडेस्क या कंट्रोल रूम को दें. किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट (NIC) पर प्रदर्शित की जाएगी.

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय  दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विदाई समारोह सम्पन्न  रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री अंजय शुक्ला (उपाध्यक्ष, औषधि पादप बोर्ड, छत्तीसगढ़; प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा; प्रदेश संयोजक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा योग एवं औषधि मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं तथा दोनों का परस्पर गहरा संबंध है। उन्होंने इस विषय पर अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष जे. एल. गहरे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अध्ययनशाला से जुड़े रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र कुमार प्रेमी, श्रीमती कमला पटेल एवं चितरंजन कुमार साहू सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ विद्यार्थी राजेश मढरिया (भूतपूर्व अध्यक्ष, साइंस कॉलेज) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विदाई समारोह में कक्षा एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर, पी. डिप्लोमा योग एवं सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी कक्षा एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं आकर्षक ढंग से की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं तथा अपने अनुभव साझा किए। अंत में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

करमजीत कौर ने कहा: महिलाओं को 50% आरक्षण, सशक्तीकरण की ओर ऐतिहासिक मोड़

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर से आम आदमी पार्टी की लोकसभा प्रभारी चेयरमैन करमजीत कौर ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। करमजीत कौर ने समाचार एजेंसी  से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस फैसले का पूरी तरह समर्थन करती है और लंबे समय से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पक्षधर रही है। उनका मानना है कि यदि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, तो इससे न केवल उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी बल्कि नीति निर्माण में भी महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में पहले से ही पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर लाखों महिलाएं आरक्षण के तहत काम कर रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को संसद व विधानसभा तक विस्तारित करना स्वाभाविक और आवश्यक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार मिलेगा। हालांकि, करमजीत कौर ने इस प्रस्ताव के भविष्य को लेकर कुछ आशंकाएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बिल संसद में पास हो पाएगा या नहीं क्योंकि राजनीतिक परिस्थितियां अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित करती हैं। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर इसे समर्थन देंगे। राजनीतिक असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी, जैसे भारतीय जनता पार्टी के फायदे तक सीमित नहीं है। अगर यह बिल पास होता है, तो इसका लाभ सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को मिलेगा। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से रोकने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है, जिसका सभी को समर्थन करना चाहिए। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए करमजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें एक वॉलंटियर के रूप में आगे बढ़ाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो पार्टी की महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पानी-सीवरेज बिल पर राहत योजना: तय समय में भुगतान करने पर पेनल्टी खत्म

चंडीगढ़. पानी और सीवरेज का बिल नहीं चुका पा रहे उपभोक्तओं को सरकार ने राहत दी है। ऐसे परिवार अगर 31 मई तक पानी और सीवेज का बिल चुकाते हैं तो उनका पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पानी, सीवरेज के बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से ब्याज और जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में लाखों परिवारों पर बड़ी रकम बकाया खड़ी है। इन्हें राहत देते हुए व्यवस्था की गई है कि 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए बिलों के बकाया पर 100 प्रतिशत अधिभार की छूट दी जाएगी। करनाल नगर निगम में विशेष छूट करनाल नगर निगम ने पानी एवं सीवरेज के बकाया बिलों पर विशेष छूट योजना लागू कर दी है। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित पानी एवं सीवरेज बिलों पर लगाए गए अधिभार (ब्याज/जुर्माना) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का ही भुगतान करना होगा। यदि उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत अधिभार माफी का लाभ मिलेगा। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया किजिन उपभोक्ताओं के पास मीटर कनेक्शन नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। 31 मई के बाद बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की जल आपूर्ति बाधित की जा सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस छूट का सभी को लाभ उठाना चाहिए।

अटारी-वाघा बॉर्डर से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना: खालसा साजना दिवस पर 1763 वीजा मंजूर

अमृतसर. खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवा ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के लिए कुल 1795 पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। वीजा लगे पासपोर्ट SGPC कार्यालय पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कार्यालय समय के दौरान अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे SGPC कार्यालय से पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते विशेष बसों के जरिए भेजा जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधकी कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को केवल धार्मिक भावना और आस्था के रूप में ही देखा जाए, इसे किसी भी तरह से पिकनिक न समझा जाए। यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और पंथक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। बयानबाजी से बचा जाए इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में किसी भी ऐसी गतिविधि या बयानबाजी से बचा जाए, जिससे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचे या भविष्य में वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो। दूतावास द्वारा 32 वीजा रद्द किए जाने पर SGPC ने सुझाव दिया कि यदि किसी श्रद्धालु के दस्तावेजों में कोई कमी हो, तो उसे पत्र या फोन के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि त्रुटि को दूर कर अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन की चाह हर सिख के मन में गहराई से जुड़ी होती है।

महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची उल्का गुप्ता, किंजल दवे समेत कई सितारे, केरला स्टोरी-2 एक्ट्रेस भी मौजूद

उज्जैन  बुधवार सुबह प्रसिद्ध टीवी और फिल्म अभिनेत्री उल्का गुप्ता, गुजराती सिंगर किंजल दवे, साउथ फिल्म एक्ट्रेस मोनल गज्जर और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी महाकाल मंदिर पहुंचे। सभी ने तड़के भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सभी श्रद्धालु सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर करीब 2 घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहे। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करते नजर आए। नंदी जी का पूजन कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। आरती के बाद सभी ने भगवान महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया और मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। “शब्दों में बयां नहीं कर सकती अनुभव” उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर वह खुद को धन्य महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना दिव्य था कि दो घंटे कैसे बीत गए, पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पण को इतने करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा। भस्म आरती के दौरान का माहौल, गूंजते मंत्र और तालियों की आवाज ने उन्हें रोमांचित कर दिया। उनके अनुसार, हर शिव भक्त को जीवन में एक बार इस अनुभव को जरूर करना चाहिए।