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सरकार का बड़ा फैसला: PNG पाइपलाइन प्रस्ताव अब 24 घंटे में होंगे क्लियर

पंचकूला. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से आए गए संकट के बीच केंद्र के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है। सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित उन शहरों के निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि गैस कंपनियों के पीएनजी लाइन बिछाने के प्रस्ताव को 24 घंटे में पास कर जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए। इसके अलावा पीएनजी लाइन बिछाने के लिए पहले से लंबित प्रस्तावों को डीम्ड परमिशन (अनुमति मान ली गई) की श्रेणी में डाल दिया जाए। उक्त निर्देश 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे रहेंगे। इसके बाद समीक्षा कर अगले कदम को उठाया जाएगा। मीथेस से बनी होती है पीएनजी पीएनजी स्वच्छ और किफायती ईंधन है, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है और एलपीजी सिलिंडर के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर ऊपर उड़ जाती है। पीएनजी कनेक्शनों की संख्या अभी तक सबसे अधिक गुरुग्राम में है। यहां पर कनेक्शनों की संख्या करीब ढाई लाख है। इसके बाद फरीदाबाद तथा सोनीपत और रेवाड़ी तथा अन्य शहर हैं। गुरुग्राम के सुशांत लोक, सेक्टर पंद्रह तथा सेक्टर सत्रह और कुछ जगहों पर कई साल से प्रस्तावित है। रेवाड़ी के दो रिहायशी सेक्टर में यह सुविधा है। इसी तरह फरीदाबाद तथा अन्य शहरों के सीमित इलाकों तक यह सुविधा है। तीन माह के लिए सरकार ने गैस कंपनियों को टास्क दिया है कि इस सुविधा को हर शहर में साठ प्रतिशत की जाए। जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट किया जा सके। 11 नगर निगमों को सौंपा गया पत्र शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी 11 नगर निगमों को पत्र में यह भी कहा गया है कि गैस लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई करने वाली एजेंसी को सड़क मरम्मत के लिए रकम वहन करनी पड़ेगी। इसके लिए लाइन के सर्वे के बाद जो भी प्रोजेक्ट फाइल होगी उसमें गैस लाइन बिछाने वाली कंपनी को एक शपथ पत्र भी लगाना होगा। यह इसलिए कहा गया कि सड़क तोड़कर ऐसे ही डाल नहीं दी जाए जिससे आने-जाने में आमजन को परेशानी उठानी पड़े। यह सब नगर निगम को ही तय करना है। 

झमाझम बारिश का असर: गुरदासपुर में तापमान लुढ़का, अब गर्मी की वापसी तय

गुरदासपुर. शहर और आस-पास के इलाकों में मंगलवार सुबह हुई हल्की वर्षा ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया। हालांकि वर्षा बहुत हल्की थी, लेकिन इसके असर से अधिकतम तापमान में अचानक पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मंगलवार को यह गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान फिलहाल 15 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है, जिससे पूरे दिन मौसम में सुहावनी ठंडक बनी रही। सुबह-सुबह हुई इस वर्षा ने लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास कराया। दिनभर बादल छाए रहे और छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। पिछले कुछ दिनों से जहां दिन का तापमान बढ़ने लगा था और गर्मी का अहसास होने लगा था, वहीं इस वर्षा ने एक बार फिर से लोगों को गर्म कपड़ों की याद दिला दी। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री के आसपास रहेगा। बुधवार को बादल छाए रहने तथा कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। विभाग के अनुसार बुधवार को वर्षा के बाद एक बार फिर मौसम साफ हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा। वीरवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन का पारा फिर से 25 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल भारी वर्षा की चेतावनी नहीं है, लेकिन बुधवार सुबह वर्षा की संभावना है। इस मौसमी बदलाव का असर शहर के जनजीवन पर भी साफ देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर नमी और कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा। डाक्टरों ने भी मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तापमान गिरने से सर्दी-जुकाम, बुखार और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल लोग इस अचानक आए मौसमी बदलाव का भरपूर आनंद ले रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह ठंड कुछ ही दिनों की मेहमान है। वीरवार के बाद एक बार फिर से मौसम शुष्क हो जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू हो जाएगी। आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की बात करें तो वीरवार को अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। शुक्रवार और शनिवार को तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मौसम फिर से सामान्य हो जाएगा। फिलहाल लोग इस बदलते मौसम की हर बूंद और हर ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं, क्योंकि यह मौसम जल्द ही गर्मी का रास्ता साफ कर देगा।

नारायण साईं का तलाक और 2 करोड़ की एलिमनी: 18 साल बाद खुली असलियत

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर में फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में तलाक को मंजूरी दे दी है।कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी भरण-पोषण (एलुमनी) देने का आदेश दिया है। यह मामला करीब आठ साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था, जिसकी जानकारी मंगलवार को पीड़िता के वकील अनुराग गोयल ने दी। बता दें कि नारायण सांई अभी दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में बंद है। 24 मार्च को ही उसे इंदौर की फैमिली कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। 2008 में शादी, 2013 से अलग रह रहे थे याचिका के मुताबिक, जानकी और नारायण साईं की शादी 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति पर परित्याग का आरोप लगाया और कहा कि लंबे समय से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। 5 करोड़ मांगे, कोर्ट ने 2 करोड़ तय किए याचिका में नारायण साईं पर अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाए गए। साथ ही सूरत की अदालत में दुष्कर्म मामले में सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया। पत्नी ने 5 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। 50 लाख भरण-पोषण बकाया धारा 125 सीआरपीसी के तहत पहले 50 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण तय किया गया था, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं दिया गया। वकील के मुताबिक, करीब 50 लाख रुपए बकाया हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाई कोर्ट में चुनौती की संभावना जानकारी के अनुसार, इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संपत्ति के सत्यापन को लेकर इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूरी जानकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सकी है। करीब आठ साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद 2 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने न सिर्फ दोनों के बीच तलाक को मंजूरी दी, बल्कि यह भी आदेश दिया कि नारायण साईं तीन महीने के भीतर जानकी को 2 करोड़ रुपये बतौर स्थायी गुजारा भत्ता (परमानेंट एलिमनी) दे।  कोर्ट ने पिछले आठ वर्षों तक मेंटेनेंस न दिए जाने को भी गंभीरता से लिया. सुनवाई के दौरान मार्च 2026 में नारायण साईं को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया और बयान दर्ज किया गया. इसके बाद अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया. 2008 में शुरू हुआ यह रिश्ता अब 2026 में कानूनी तौर पर खत्म हो चुका है।  यौन शोषण केस में आजीवन कारावास नारायण साईं को सूरत की दो बहनों के साथ रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने केस दर्ज कराया था। छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जबकि बड़ी बहन ने उसके पिता आसाराम के खिलाफ शिकायत की थी। छोटी बहन के आरोप के अनुसार, नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ कई बार रेप किया था। पीड़िता आसाराम के आश्रम की 'सेविका' थी। उसने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम, गांभोई आश्रम, पटना आश्रम, काठमांडू आश्रम और मध्य प्रदेश के मेघनगर आश्रम ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया था।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: RTE के तहत एडमिशन नहीं देने पर मान्यता रद्द

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। बता दें कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर RTE के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं देने का ऐलान किया था, जिसके बाद सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई भी स्कूल RTE के तहत निर्धारित सीटों पर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। यह फैसला तब सामने आया है जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर RTE के तहत प्रवेश नहीं देने की बात कही थी। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि RTE कानून का पालन करना सभी निजी स्कूलों की कानूनी जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता खत्म करना भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि बच्चों के अधिकारों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। 25% सीटें आरक्षित, गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ RTE के तहत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सरकार का पक्ष सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में दी जा रही प्रतिपूर्ति राशि अन्य कई राज्यों के मुकाबले बेहतर या उनके बराबर है। कक्षा 1 से 5 तक: ₹7,000 प्रतिवर्ष, कक्षा 6 से 8 तक: ₹11,400 प्रतिवर्ष, यह राशि प्रति छात्र सरकारी खर्च या निजी स्कूल की फीस (जो कम हो) के आधार पर तय की जाती है और पारदर्शी तरीके से स्कूलों को दी जाती है। अन्य राज्यों से तुलना सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि कई राज्यों से अधिक है: मध्य प्रदेश: ₹4,419, बिहार: ₹6,569, झारखंड: ₹5,100, उत्तर प्रदेश: ₹5,400, हालांकि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य की व्यवस्था संतुलित मानी जा रही है। लाखों बच्चों को मिल रहा फायदा प्रदेश के 6,862 निजी स्कूलों में वर्तमान में लगभग 3,63,515 बच्चे RTE के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं इस साल कक्षा पहली में करीब 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है, जिससे और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलने वाला है। शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, अप्रैल 2010 से लागू है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि वह हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत प्रवेश देने से मना करने या प्रक्रिया में बाधा डालने वाले स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता समाप्त करना भी शामिल है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी – विकास परियोजनाओं से बदलेगा आगरा का नक्शा, दस पवित्र नदियों के नाम पर होंगे 'ग्रेटर आगरा' के सेक्टर – 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजनगरी आगरा को ऐतिहासिक सौगात दी। आगरा इनर रिंग रोड के समीप रहनकलां में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ब्रजभूमि को नमन करते हुए सीएम योगी ने आगरा के शहरी विस्तार को नई दिशा देने के लिए 'ग्रेटर आगरा' टाउनशिप का भूमिपूजन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया शहर केवल स्मार्ट ही नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी होगा। सरकार का लक्ष्य आगरा को सिर्फ एक पर्यटन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक आधुनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। ग्रेटर आगरा जल्द ही दूसरा नोएडा बनकर उभरेगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां आएंगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। करीब 5142 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर और रहन कलां क्षेत्र में 449.65 हेक्टेयर भूमि पर इसे विकसित किया जाएगा। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सेक्टरों का नामकरण गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर किया जाएगा। रेरा से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह आस्था और आधुनिक शहरीकरण का एक अनूठा संगम होगा। मौसम खराब होने का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उन्हें मथुरा- वृंदावन के रास्ते से वापस लौटना पड़ा और वह 3:30 बजे तक आगरा एयरपोर्ट पर रुके रहे। उन्हें लगा कि देरी के कारण भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन जनता का भारी उत्साह देखकर वह अभिभूत हो गए। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि आगरा की जनता ने 9 विधायक, मेयर, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं, जिसके बदले में सरकार ने शहर को आगरा मेट्रो जैसी बड़ी सुविधा दी है। 325 परियोजनाओं की सौगात और भविष्य का खाका इस कार्यक्रम में कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जो शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, आवास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि आगरा एयरपोर्ट के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और इस साल के अंत तक इसे नया सिविल टर्मिनल मिल जाएगा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा। इसके अलावा यदि समय से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाती है, तो शहर में रबर डैम निर्माण की योजना को भी धरातल पर उतारा जाएगा। वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक हालात और भारत की प्रगति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध के कारण तबाही और भयंकर महंगाई है। अमेरिका जैसे देश में पेट्रोल के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं और पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो चुका है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। देश में सरकार ने उत्पाद कर को कम करके महंगाई को बढ़ने नहीं दिया। आज भारत पूरी दुनिया को नेतृत्व प्रदान करता हुआ दिखाई दे रहा है। आतंकवाद का खात्मा, माफिया मिट्टी में और सनातन का गौरव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंक दी गई है और देश से नक्सलवाद- माओवाद खत्म हो रहा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले माफियाओं को संरक्षण मिलता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया है। अयोध्या, मथुरा और संभल को उनका पुराना सांस्कृतिक गौरव लौटाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से सनातन के गौरव के लिए एकजुट रहने की अपील की और वादा किया कि वह आगरा में छत्रपति शिवाजी स्मारक, म्यूजियम और मेट्रो के दूसरे फेज के उद्घाटन के लिए जल्द ही फिर लौटेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, पर्यटन मंत्री/प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रानी पक्षालिका सिंह, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, छोटे लाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे, एमएलसी डॉ.मानवेंद्र प्रताप सिंह, उ.प्र. लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ऑस्ट्रेलिया यात्रा, संसद में भारतीय संस्कृति और विश्व शांति पर देंगे संबोधन

कैनबरा बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री 8 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के आठ दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं. 8 से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस दौरे में वे ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस बार उनका यह दौरा खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों से सनातन धर्म का संदेश देने वाले हैं।  इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव ऑस्ट्रेलियाई संसद में उनका संबोधन रहेगा. करीब दो घंटे के इस कार्यक्रम में वे सांसदों और अन्य अतिथियों को “अहिंसा परमो धर्म:” का महत्व समझाएंगे. आयोजकों के मुताबिक, यह पहला मौका होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस तरह से अपना विचार रखेंगे, जिसे एक बड़े वैश्विक मंच के रूप में देखा जा रहा है।  कैनबरा में आज संसद हॉल में होगा सत्संग ऑस्ट्रेलिया की संसद (पार्लियामेंट ऑफ ऑस्ट्रेलिया) में सत्संग करेंगे संबोधन भी करेंगे। यह संबोधन दोपहर 1:30 बजे होगा। राजधानी कैनबरा में आज बागेश्वर धाम सरकार पहली बार संसद हॉल में सत्संग करने जा रहे हैं। उनका यह खास सेशन कैनबरा में रहने भक्तों ने आयोजित किया है। संसद के इस हॉल में आयोजित होने वाला यह प्रवचन कार्यक्रम विश्व शांति, विश्व बंधुत्व और भारतीय आध्यात्म के नाम पर केंद्रित होगा। इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि और अनेक इंडो ऑस्ट्रेलियाई अतिथि शामिल होंगे। सिडनी में 13 अप्रैल को करेंगे हनुमान कथा बागेश्वर धाम सरकार की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का सबसे ऐतिहासिक आयोजन सिडनी में होगा। पंडित शास्त्री यहां 13 अप्रैल को पहुंचेंगे। इसी दिन सिडनी के हार्बर बीच पर एक समुद्री जहाज में भारतीय भक्तों की ओर से भजन क्लबिंग का आयोजन किया गया है। इस भजन क्लबिंग में धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल होंगे। 14 अप्रैल को साउथ पार्लियामेंट में सत्र को करेंगे संबोधित बागेश्वर धाम सरकार 14 अप्रैल को सिडनी में स्थित साउथ पार्लियामेंट में आयोजित किए गए एक विशेष सत्र को भी संबोधित करेंगे। यहां ऑस्ट्रेलियाई राज्य व्यवस्था से जुड़े राजनेता और अनेक मतों से जुड़े धर्म एवं आध्यात्मिक हस्तियों के बीच उनका संबोधन और वैचारिक आदान प्रदान होगा। यहां बागेश्वर धाम सरकार विश्व के हालातों और वर्तमान चुनौतियों से दुनिया को बचाने के लिए भारतीय संस्कृति के अमूल्य सूत्रों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होंगे कई गणमान्य लोग इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि, इंडो-ऑस्ट्रेलियाई समाज के गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। यह आयोजन केवल प्रवचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संस्कृतियों के संगम और आध्यात्मिक संवाद का एक अनूठा उदाहरण बनेगा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पूरी यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्वभर में स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस अभियान के जरिए दिए जा रहे संदेश मानवता को जोड़ने और विश्व में शांति स्थापित करने की दिशा में नई प्रेरणा दे रहे हैं। सिडनी में 3 दिन का विशेष कार्यक्रम ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े और प्रमुख शहर सिडनी में उनका तीन दिन का विशेष कार्यक्रम तय किया गया है. यहां होने वाले आयोजनों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की भी भागीदारी रहेगी. कार्यक्रमों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।  क्रूज पर होगी कथा दौरे की एक और खास बात यह है कि सिडनी ओपेरा हाउस में किसी भारतीय आध्यात्मिक गुरु का यह पहला कार्यक्रम होगा. इसके अलावा एक क्रूज पर कथा का आयोजन किया जाएगा, जहां वे श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे और उसी दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से बातचीत भी करेंगे।  जयपुर के मूल निवासी करवा रहे कथा का आयोजन सिडनी के इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन जयपुर के मूल निवासी और ऑस्ट्रेलिया में व्यवसाय कर रहे एनआरआई प्रवीण शर्मा द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस बार के कार्यक्रमों को लेकर सिर्फ भारतीय समुदाय ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह है. एक दर्जन से ज्यादा देशों से श्रद्धालु और अनुयायी इन आयोजनों में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं।  राजस्थान के 21 लोगों सहित भारत से 100 से ज्यादा लोग इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।  ऑस्ट्रेलिया की संसद में देंगे संदेश आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के ऑस्ट्रेलिया टूर की यजमान टीम की सदस्य रितिका शर्मा और मोना शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है. इस दौरान वह ऑस्ट्रेलिया की संसद और ओपेरा हाउस से दुनिया भर को अहिंसा और शांति का संदेश दे सकते हैं।  टीम के सदस्य पहले ही पहुंच चुके ऑस्ट्रेलिया एनआरआई प्रवीण शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री की टीम के तमाम सदस्य कई दिनों पहले ही ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. वहां की संसद में पहली बार उनका संबोधन होगा. इस मौके पर विभिन्न पंथों के कई दूसरे धर्मगुरु भी मौजूद रहेंगे. उनके कार्यक्रमों को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 

प्रदूषण नियमों की अनदेखी करने वाले कंक्रीट प्लांट पर बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में सबसे बुरा हाल

गुरुग्राम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कड़े निर्देशों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड ने पूरे राज्य में 370 से आरएमसी प्लांट को चिन्हित किया है। इनमें से 184 प्लांट बोर्ड की अनुमति से चल रहे हैं जबकि 186 बिना अनुमति के चल रहे हैं। पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन करने वाले 108 प्लांट पर आठ लाख रुपये से लेकर एक करोड़ 13 लाख तक जुर्माना लगाया गया है, जबकि 73 पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। हालांकि जिन प्लांट पर जुर्माना लगाया गया है। उनमें से अधिकतर प्लांट मालिकों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है। ये भी पढ़ें एनजीटी ने यह आदेश एक शिकायत के आधार पर दिया था। एनजीटी को दी गई शिकायत में बताया गया था कि हरियाणा में प्लांट पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। अधिकतर प्लांटों ने बोर्ड से अनुमति भी नहीं ली। धूल नियंत्रण का कोई उपाय नहीं किया गया है। इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जो इलाके में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन रहा है। इसके साथ ही भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है। इसके लिए किसी अथॉरिटी से स्वीकृति नहीं ली गई है। बोर्ड की ओर से पेश की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे गंभीर समस्या माना गया। इसके बाद पूरे हरियाणा में इसकी जांच की गई और उल्लंघन करने वाले प्लांट पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए। आरएमसी प्लांट से ऐसे फैलता है प्रदूषण आरएमसी प्लांट एक रेडी-टू-यूज कंक्रीट बनाने वाली एक स्वचालित फैक्ट्री होती है, जो निश्चित अनुपात में कंक्रीट का मिश्रण बनाती है। इस प्लांट से धूल का उत्सर्जन ज्यादा होता है। इसमें सीमेंट, रेत और गिट्टी के खुले भंडारण, मिक्सिंग और लोडिंग के दौरान महीन धूल के कण हवा में फैलते हैं, जो सबसे प्रदूषक हैं। इसके अलावा ट्रकों और भारी वाहनों के आने व जाने से काफी धूल उड़ती है जिससे आसपास के क्षेत्रों की दृश्यता की काफी कम हो जाती है। वहीं, भारी मिक्सर, मशीनरी, जनरेटर और ट्रकों की आवाज के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज ध्वनि प्रदूषण होता है। पानी का भी खूब दोहन किया जाता है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा अवैध मिले आरएमसी प्लांट गुरुग्राम में 150 से ज्यादा आरएमसी प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा प्लांट बिना अनुमति के चल रहे थे। उनके पास बोर्ड की कोई अनुमति नहीं थी। इनमें से 60 प्लांट पर 80 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ तक जुर्माना लगाया गया है। अंबाला में कुल छह प्लांट है, जिनके पास स्वीकृति है। बल्लभगढ़ में कुल 21 प्लांट है। इनमें सिर्फ चार बिना प्लांट के चल रहे हैं। चारों प्लांट को सील कर दिया गया है। फरीदाबाद में कुल 23 प्लांट हैं। इनमें से नौ प्लांट पर कार्रवाई की गई है। यमुनानगर में 11 में से 9 प्लांट बिना स्वीकृति के संचालित हो रहे थे। इन पर कार्रवाई की गई है। बहादुरगढ़ में कुल 37 प्लांट है। इनमें से नौ पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है 

असमय वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति, योगी सरकार का बड़ा फैसला

लखनऊ असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार प्रातः इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में अन्नदाता का चिंतित होना स्वाभाविक है और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से संपर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके। राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मंडी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। अग्निकांड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य रायपुर  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम बड़ेभंडार की निवासी श्रीमती मथुरा कुर्रे इसकी उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें रिवॉल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों का बाजार में विक्रय कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं। इसी क्रम में ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की श्रीमती जमुना सिदार की कहानी भी प्रेरणादायक है। पूर्व में वे एक गृहिणी थीं, किन्तु बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने टोकरी, सूपा एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मगौरव का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका भी निभा रही हैं। बिहान योजना आज जिले में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

पुलिस महकमे में फेरबदल: चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर स्तर पर ट्रांसफर की लहर

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है। यह फेरबदल जनहित में किया गया बताया गया है।आदेश चंडीगढ़ पुलिस के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (मुख्यालय एवं पीईबी) कार्यालय से जारी किया गया है। सूची के अनुसार, इंस्पेक्टर राम दयाल को SHO सेक्टर-39 से इंस्पेक्टर एडमिन/IRBn, कुलविंदर कौर को AHTU, शादीलाल को SHO सेक्टर-34 और आशा शर्मा को PCC (हाईकोर्ट मॉनिटरिंग सेल अतिरिक्त प्रभार) में तैनात किया गया है। इसी तरह इंस्पेक्टर राम रतन को SHO सेक्टर-26, राजीव कुमार को SHO सेक्टर-39, उषा रानी को पुलिस लाइन, मिनी को आईटी पार्क थाना, और हरि ओम शर्मा को सेक्टर-31 थाना भेजा गया है। इसके अलावा रोहित कुमार को ट्रैफिक विंग, अशोक कुमार को SHO सेक्टर-SRP, एरम रिजवी को SHO सेक्टर-17, ज्ञान सिंह को CID और दया राम को RTC के साथ RI लाइंस का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रमोशन पर लगे अधिकारियों की नई तैनाती हाल ही में लोकल रैंक पर प्रमोट किए गए अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें इंस्पेक्टर तीरथ सिंह को PS-MM में A/SHO, सुधीर कुमार को PS-Crime, सुदेश कुमार को SHO सेक्टर-17, और बलजीत सिंह को PHQ में तैनात किया गया है। विशेष रूप से इंस्पेक्टर जसकरण सिंह को PP-ISBT-17 से SHO सेक्टर-MJ (मनीमाजरा) नियुक्त किया गया है, जबकि हरभजन सिंह को MOB ब्रांच के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तुरंत प्रभाव से लागू आदेश पुलिस विभाग के अनुसार, यह सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। इस फेरबदल को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से अहम कदम माना जा रहा है।