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हिन्दी ग्रंथ अकादमी प्रबंधक मंडल की बैठक हुई

भोपाल  हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकों के माध्यम से महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों तक भारतीय ज्ञान परंपरा का शाश्वत ज्ञान पहुंच रहा है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित हिन्दी ग्रंथ अकादमी के प्रबंधक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह बात कही। मंत्री परमार ने कहा कि इन पुस्तकों में निहित ज्ञान जहां एक ओर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की नींव तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें अच्छे नागरिक और बेहतर इंसान बनने की दिशा में भी अग्रसर करेगा। मंत्री परमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्नातक प्रथम वर्ष के लगभग सभी प्रमुख विषयों की पुस्तकों में नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि द्वितीय वर्ष की पुस्तकों के लेखन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें प्राप्त हो सकें। बैठक में मंत्री परमार ने विद्यार्थियों में घटती अध्ययन रुचि पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल डिस्टर्बेंस के इस दौर में विद्यार्थी अपना अधिकतर समय मोबाइल और कंप्यूटर पर व्यतीत कर रहे हैं, जिससे अध्ययन में उनकी रुचि कम होती जा रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में पुनः अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करें। मंत्री परमार ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर सचिव अनुपम राजन ने कहा कि विभाग के लाखों विद्यार्थियों तक हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकें पहुंचती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पुस्तकों के निर्माण में मानक प्रक्रिया का पालन किया जाए तथा विद्यार्थियों से फीडबैक प्राप्त करने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली भी विकसित की जानी चाहिए, जिससे उनकी अपेक्षाओं के अनुसार पुस्तकों में आवश्यक सुधार किए जा सकें। बैठक में अकादमी के संचालक डॉ. अशोक कड़ेल ने अकादमी के वार्षिक बजट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष की लगभग सभी प्रमुख विषयों की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें महाविद्यालयों को प्रेषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अकादमी द्वारा द्वितीय वर्ष की पुस्तकों के लेखन की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही ये पुस्तकें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में पुस्तकों के कागज की गुणवत्ता बढाने पर भी सहमति जताई गई। निर्णय लिया गया कि आगामी वर्ष से पुस्तकों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण कागज पर प्रकाशित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अकादमी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, मनोनीत सदस्य, उच्च शिक्षा मंत्री के ओएसडी डॉ. भरत व्यास,हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त संचालक डॉ. उत्तम सिंह चौहान एवं सहायक संचालक रामविश्वास कुशवाहा सहित उच्च शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अकादमी की पुस्तकों का किया विमोचन उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित, स्नातक प्रथम वर्ष की निम्न पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें “व्यावसायिक संगठन एवं संचार” (लेखक: डॉ. राकेश खंड, डॉ. दिनेश दवे, डॉ. राजीव नयन, डॉ. प्रज्ञा यादव) “भारत का इतिहास (606 से 1205 ई. तक)” (लेखक: स्नेहा खरे)) “राजनीति सिद्धांत” (लेखक: डॉ. उत्तम सिंह चौहान, डॉ. पुनित प्रताप पाण्डेय, डॉ. मनीष दुबे, डॉ. मंगला गौरी) तथा “भारतीय समाज एवं संस्कृति” (लेखक: डॉ. आलोक कुमार निगम) पुस्तक शामिल रही।  

मंत्री गजेन्द्र यादव ने उचित मूल्य दुकान का किया औचक निरीक्षण

रायपुर दुर्ग विधानसभा अंतर्गत गयानगर वार्ड क्रमांक 04 में आज वार्ड भ्रमण के दौरान केबिनेट मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा उन्हें मिलने वाली राशन सामग्री के संबंध में विस्तृत चर्चा की।  निरीक्षण के दौरान मंत्री  यादव ने स्वयं हितग्राही के चावल को मापकर दुकान में उपलब्ध माप यंत्र की सटीकता की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निर्धारित मात्रा में पूर्ण एवं सही राशन प्राप्त हो। इस पहल के माध्यम से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने एवं आम नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। मंत्री  यादव ने हितग्राहियों को उनके अधिकारों एवं निर्धारित राशन की जानकारी देने के निर्देश भी दिए, ताकि वे स्वयं भी व्यवस्था की पारदर्शिता में सहभागी बन सकें। मंत्री  यादव ने वार्डवासियों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार एवं प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा जनता से संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

वन मंत्री ने जिले को दी 17.59 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान नारायणपुर को 17 करोड़ 59 लाख 57 हजार रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के विकास को नई गति प्रदान की।          वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से जिले के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और अबूझमाड़ सहित नारायणपुर के बच्चे भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर इंजीनियर, डॉक्टर एवं शासकीय सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकेंगे। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस अवसर पर नेशनल हाईवे 130डी के मजबूतीकरण कार्य, नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) सहित डीएमएफ और नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत कुल 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।            कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि के 03 हितग्राहियों को 20-20 हजार रुपए का चेक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत 25 हितग्राहियों को अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा मार्ग के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के मजबूतीकरण कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह टीमवर्क के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प साकार हुआ है, जिससे अब नारायणपुर और अबूझमाड़ के विकास का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित सभी वर्गों के विकास एवं समृद्धि के लिए सतत प्रयासरत है।           कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, उपाध्यक्षजयप्रकाश शर्मा, संध्या पवार, गौतम एस. गोलछा, बृजमोहन देवांगन सहित पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत , वन मंडल अधिकारी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचंद्र यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

02 आरोपियों से 10 पेटी (90 लीटर) अग्रेजी शराब सहित कुल कीमती 01 लाख 70 हजार रूपये का मशरूका किया बरामद ।

भोपाल                नगरीय क्षेत्र भोपाल मे अवैध मादक पदार्थ एवं अवैध शराब तस्करों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार (भापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देश जारी किये गये है।             उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) एवं अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के नित्य पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एमपीनगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शराब तस्करों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर आरोपियो के कब्जे से 10 पेटी (90 लीटर) अवैध अग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन एक्टिवा सहित लगभग 1.70  लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है ।  घटना का विवरण-  दिनाँक 06.04.2026 को डी सेक्टर दशहरा मैदान अयोध्यानगर में दिवार के किनारे एक काले रंग की एक्टिवा पर दो व्यक्ति एक थैले में अवैध शराब रखकर बेचने कि फिराक में खडे हैं कि सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन मे तत्काल टीम का बनाकर घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू के कब्जे से कुल 10 पेटी अंग्रेजी शराब गोवा कम्पनी की विस्की कुल मात्रा 90 लीटर एवं अपराध में प्रयुक्त एक्टीवा गाड़ी कुल कीमती 01 लाख 70 हजार  रूपये के साथ घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू को गिरफ्तार किया गया ।  पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब ठेका चेंज होने के दौरान सस्ते रेट में रायसेन और विदिशा जिले से शराब लाकर भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से होम डिलेवरी कर शराब की अवैध तस्करी कर रहे थे। आरोपी का विवरणः-  01. रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा पिता घासीराम शर्मा उम्र 32 वर्ष पता म.न. 101 हथाईखेड़ा पठार आनंद नगर थाना पिपलानी जिला भोपाल हाल पता दुकान 21 राज बिजनिस पार्क-3 मिनाल गेट न.02 अयोध्या नगर भोपाल  शिक्षा- कक्षा 10वी तक पढ़ाई की हैं  व्यवसाय- चाय की दुकान चलाता हैं । आपराधिक रिकार्ड- 01. अप.क्र. 07/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना क्राईमब्रांच भोपाल  02. अप.क्र. 691/22 धारा 294,323,506,34 भादवि थाना पिपलानी भोपाल 03. अप.क्र. 812/22 धारा धारा 294,323,506,34 भादवि पिपलानी भोपाल 04. अप.क्र. 891/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल  05. अप.क्र. 278/23 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल 06. अप.क्र.14/24 धारा 34 आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल 07. अप.क्र. 142/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 08. अप.क्र. 363/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 09. अप.क्र. 485/24 धारा 296,115(2),351(2),3(5),  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  10. अप.क्र. 142/25 धारा 296,115(2),351(2)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  11. अप.क्र. 486/25 धारा 296,115(2),351(2),119(1), 3(5)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  12. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल। 02. मनीष साहू पिता मदनलाल साहू उम्र 32 वर्ष पता म.न. 638 एन सेक्टर अयोध्या नगर जिला भोपाल हाल पता किराये का मकान पुष्पा नगर थाना अशोका गार्डन भोपाल । 01. अप. क्र. 142/2024धारा 294,323,327,427,506, 34 भादवि  थाना अयोध्या नगर भोपाल 02. अप. क्र. 485/2024धारा 296,115(2),351(2),3(5) बी.एन.एस. थाना अयोध्या नगर भोपाल  03. अप.क्र. 193/2025धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्या नगर भोपाल  04. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्यानगर भोपाल  सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी  महेश लिल्हारे, उनि.सुदील देशमुख,उनि. विजय कलचुरी, सउनि. मनोज कछवाह, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्रआर.3330 अतुल सिंह, म.प्रआर.1706 रोशनी जैन, आर.3040 अजय कुमार, आर.1055 प्रदीप दामले, एवं टेकनिकल सेल  आर3457 भूपेन्द्र उईके आर 4064जितेन्द्र सिह की सराहनीय भूमिका रही

हाई कोर्ट में गरमाया भोजशाला मुद्दा: हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस का दावा—1978 सर्वे ने मंदिर होने की पुष्टि की

इंदौर धार की ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप के निर्धारण को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में मंथन मंगलवार को भी जारी रहा। याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने लगातार दूसरे दिन तर्क रखे। उन्होंने कहा कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद नहीं; यह बात वर्ष 1978 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा कराए गए सर्वे में सिद्ध हो चुकी है। यह जमीन कभी वक्फ बोर्ड की थी ही नहीं। भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है। वक्फ एक्ट के प्रावधान इस पर लागू होते ही नहीं हैं। एडवोकेट जैन ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि “वन्स ए टेंपल, ऑलवेज ए टेंपल” नी एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही रहेगा। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत भी प्रस्तुत किए। सलमान खुर्शीद ने मांगा शासन का पक्ष मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष मामले में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि शासन को भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पहले सभी याचिकाकर्ता अपना-अपना पक्ष रखेंगे, इसके बाद सभी प्रतिवादी एक-एक कर अपनी बात रखेंगे। अंत में हस्तक्षेपकर्ताओं को सुना जाएगा। सुनवाई बुधवार को भी होगी और एडवोकेट जैन अपनी बहस जारी रखेंगे। मंदिरों को तोड़कर बनाई गई थीं मस्जिदें एडवोकेट जैन ने सोमवार की बहस आगे बढ़ाते हुए कहा कि इतिहास की पुस्तकों से स्पष्ट है कि भोजशाला मंदिर ही है। यह बात सिर्फ पुस्तकें ही नहीं बल्कि शासन की साइटें भी कह रही हैं। जैन ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। एक बार मंदिर स्थापित होने के बाद वह स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाता है। इतिहास की पुस्तकों से स्पष्ट है कि धार और मांडव में मंदिरों को तोड़कर दो मस्जिदें बनाई गई थीं। भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार इसके धार्मिक चरित्र के विपरीत जाकर कोई काम नहीं किया जा सकता। जैन ने कोर्ट को यह भी बताया कि इसके पहले भी तीन बार भोजशाला का मामला कोर्ट पहुंच चुका है। शासन के शपथ पत्र और राजस्व रिकॉर्ड जैन ने कहा कि शासन खुद शपथ पत्र पर यह स्वीकार कर चुका है कि भोजशाला मंदिर ही है। इसे कभी वक्फ संपत्ति के रूप में मान्यता नहीं मिली। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में भी उक्त जमीन भोजशाला के रूप में ही दर्ज है, यह बात खुद शासन की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र में कही गई है। जिस जमीन पर कमाल मौला दरगाह बनी है वह अलग है। इसके पहले भी भोजशाला का नाम हटाने का प्रयास हुआ लेकिन कभी सफलता नहीं मिली। एडवोकेट जैन ने वक्फ संपत्ति के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि वक्फ एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह एक्ट लागू नहीं होता है और भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण

रायपुर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव आज दुर्ग के शनिचरी बाजार स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्राथमिक शाला पहुँचकर विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, आवश्यकताओं एवं सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित  किया। बच्चों द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को शीघ्र पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। मंत्री  यादव ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीरता एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मजबूत शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस अवसर पर विद्यालय में विकसित किए जा रहे स्मार्ट क्लास के प्रति विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री  यादव ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सशक्त बनेगा। यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर सभापति  श्याम शर्मा,  कमलेश फेकर, पार्षद  नरेंद्र बंजारे,  मनीष कोठारी,  गोविंद देवांगन, मती हर्षिका संभव जैन,  दिनेश देवांगन,  अमित पटेल,  नवीन साहू सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।

दीर्घकालिक उपयोगिता और समग्र विकास को ध्यान में रखकर करें विकास कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (एमपीएचआईडीसी) के प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले में पुनर्घनत्वीकरण योजना में केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं और बोट क्लब सहित अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय भविष्य की आवश्यकताओं, नागरिकों की सुविधा तथा आधुनिक अधोसंरचना को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं दीर्घकालिक उपयोगिता और शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब को तत्काल दूर करते हुए परियोजनाओं को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि रीवा को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

किसानों की जमीन पर नजर: भोपाल में ‘विदेशी कनेक्शन’ वाले भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज

भोपाल कोलार इलाके में एक व्यक्ति पर आरोप हैं कि वह पाकिस्तान से पलायन कर भोपाल आया है। कलेक्टर की अनुमति के बिना किसानों की जमीनों को हड़पने का प्रयास कर रहा है। वहीं ग्राम पंचायत सुतलिया पठार, नीलबड़ में भूमाफिया द्वारा शासकीय भूमि की खोदाई कर कोपर-मुरम निकालकर बेचा जा रहा है। एक अन्य मामले में भूमाफिया ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर शराब दुकान का संचालन कर अवैध आर्थिक लाभ कमाया है। यह मामले कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को लोगों ने उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इनके अलावा 200 लोगों ने आवेदन देते हुए विभिन्न शिकायतें दर्ज करवाई हैं। पाकिस्तान से आए व्यक्ति पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप जानकारी के अनुसार कोलार के रहने वाले सुरेश प्रजापति ने आरोप लगाए हैं कि हंसराज नानकदास कनरूमल पाकिस्तान से पलायन कर भोपाल आए हैं। जिनके द्वारा ग्राम पंचायत कालापानी महवाड़िया के 25 गरीब किसानों की जमीन को अधिकारियों के साथ मिलकर हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है, यह जमीन किसानों को 1959 की शासकीय पट्टों पर दी गई थी। ऐसे में जमीन का सीमांकन व नामांतरण रोका जाए और हंसराज के पाकिस्तान से भारत आने तक के सभी कागजों की जांच करवाई जाए। एडीएम ने मामले की जांच कोलार तहसीलदार को सौंप दी है। शासकीय भूमि पर शराब दुकान का संचालन वहीं इंडस रीजेंसी के रहने वाले नितिन कुमार सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत सुतलिया पठार, नीलबड़ में रसूखदार व राजनीतिक पकड़ रखने वाले भूमाफिया द्वारा शासकीय भूमि में अवैध उत्खनन कर कोपरा-मुरम निकालकर बेचा जा रहा है। इसके बाद भी खनिज अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। एचटी क्वार्टर पुलिस लाइन शाहजहानाबाद के संतोष साहू सहित अन्य रहवासियों ने शिकायत की है कि भूमाफिया देवेंद्र अग्निहोत्री ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर तीन साल से शराब दुकान संचालित कर किराया वसूल रहा है। अवैध किराए का समायोजन शासन के पक्ष में करते हुए दुकान को बंद कर भूमाफिया पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मुआवजे के लिए मां को बताया मृत करोंद शिवनगर में रहने वाले नारायण ने शिकायत की है कि पिता की मृत्यु के बाद मां लीला बाई नानी के पास रहती है। उनकी जमीन हरसूद जिला खंडवा में थी जो कि इंदिरा सागर बांध डूब में आ गई थी। जिसका मुआवजा शासन द्वारा एक लाख 20 हजार रुपये दिया गया था जो कि मेरे मामा सोमा कोगे ने मां को मृत घोषित कर खुद रख लिया है। अब मुझे व मेरी मां को जान से मारने की धमकी दे रहा है। प्रियंक शिंदे ने शिकायत की है कि जहांगीराबाद में बाबा और उसका बेटा गोलू अपने घर में माता रानी का दरबार लगाता है। जिसमें वह टोकन के रूप में 50 रुपये भी लेता है। एक महिला ने बताया कि बाबा व उसके बेटे ने उसके साथ व अन्य महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें की हैं। तब से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित है। एक अन्य मामले में महिला ने बताया कि रवि चौहान के नाम से बनी फर्जी आईडी से उसे बदनाम किया जा रहा है। दोनों मामलों की जांच पुलिस को सौंप दी है।  

भिंड में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम सभी जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर होंगे आयोजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. अंबेडकर की जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से आरंभ होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला मुख्यालयों सहित सभी विकासखंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिले के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर, आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रीगण को सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का जिला स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश के लिए शुभ रहा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की कई स्वीकृतियां प्रदान कर सौगातें दी। एन.एच. 46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 758 करोड़ रुपए लागत के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को स्वीकृत किया गया। इसी तरह प्रदेश के निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी को जोड़ने वाले 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला के निर्माण तथा एन.एच. 44 और एन.एच. 39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृतियों से प्रदेश के व्यापारिक, आर्थिक, पर्यटन इत्यादि सभी तरह की गतिविधियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम" के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रख्यात खगोल, वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया गया। उज्जैन नगरी लंबे समय तक काल गणना का केंद्र रही है, भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव केंद्र बिंदु जो पहले उज्जैन में था अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 मार्च को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन हुआ। यह सम्मेलन मुख्यत: एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारम्परिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में बताया कि वाराणसी में सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का तीन दिवसीय समारोह 3 अप्रैल से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल तक चला। उद्घाटन दिवस में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुये। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिकों ने इस महानाट्य को देखा। इस महानाट्य के भव्य मंचन एवं औजस्वी प्रस्तुतियों से तीनों दिन दर्शकों ने हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युगों की यात्रा की। महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इनकी यथार्थवादी प्रस्तुतिकरण रहीं। इस महानाट्य से महाकाल की नगरी उज्जैन एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के बीच जीवंत तादात्म्य स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले अर्थात् 9 अप्रैल से आरंभ हो रही है। प्रथमत: लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं लिया जाएगा, उनकी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो गई है। गेहूं की खरीदी प्रारंभ करने के लिये आवश्यक बारदाने उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।  

कुपोषण पर बड़ा अभियान: 8वां पोषण पखवाड़ा 9 अप्रैल से शुरू, जागरूकता को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर छत्तीसगढ़ में 9 से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा, कुपोषण के खिलाफ जन-आंदोलन को मिलेगा नया विस्तार प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चल रहे जन-आंदोलन को और सशक्त बनाने के लिए 9 से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य जन-भागीदारी के माध्यम से “कुपोषण मुक्त भारत” के संकल्प को मजबूती देना है। इस वर्ष पखवाड़ा की थीम “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रखी गई है, जो बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में पोषण, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल के महत्व को केंद्र में रखती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीवन के पहले छह वर्ष बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की नींव होते हैं, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण अत्यंत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से संचालित पोषण अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके तहत जन-जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष का पोषण पखवाड़ा भी सामुदायिक भागीदारी को केंद्र में रखकर आयोजित किया जाएगा। पोषण पखवाड़ा के सफल क्रियान्वयन के लिए 7 अप्रैल को शाम 4 बजे राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक मे महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक डी. एस. मरावी, उपसंचालक श्रुति नेलकर, अभय देवांगन सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नगरीय प्रशासन, कृषि, खाद्य, आयुष, जल संसाधन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभागों को अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पोषण पखवाड़ा के दौरान प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श, अन्नप्राशन, गोदभराई, स्वच्छता एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए पोषण व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह अभियान न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में पोषण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। छत्तीसगढ़ में इस पहल के माध्यम से कुपोषण दर में कमी लाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने सभी विभागों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि “सुपोषित छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो सके।