samacharsecretary.com

उप मुख्यमंत्री का दावा: हिनौती गौधाम बनेगा गौ संरक्षण और प्राकृतिक खेती का आदर्श केंद्र

हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्यधाम बनेगा : उप मुख्यमंत्री प्रशासनिक भवन सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण रीवा  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्य धाम बनेगा। गौधाम में 25 हजार गायों का आश्रय स्थल बनाया जा रहा है। इसी के साथ ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण केन्द्र भी बनाया जाएगा जिससे गाय के गोबर और अन्य प्रकल्पों के माध्यम से प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन कर किसानों को अपने खेतों में प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन एवं जनभागीदारी से बनाई गई पानी की टंकी व अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती स्थल का भूमिपूजन भी किया। प्रशासनिक भवन का निर्माण 76 लाख रुपए की लागत से कराया गया है। इसमें 25 लाख रुपए सांसद निधि से, 5 लाख रुपए जनपद निधि से तथा 42 लाख रुपए जनभागीदारी निधि से प्रदत्त किए गए हैं। लोकार्पण के उपरांत प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में निर्माणाधीन गौ शेड, भूसा शेड सहित अन्य कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गत रात्रि गौधाम में ही विश्राम किया तथा सुबह भ्रमण के दौरान व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इन्हें और सुदृढ़ तथा बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ माता को गुड़ खिलाया। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर में पंच पल्लव पीपल, अशोक, बरगद, आंवला एवं बेलपत्र के पौधे रोपे। उप मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के पूर्व गौधाम में रामचरित मानस पाठ में शामिल हुए तथा पूजा-अर्चना की। इस दौरान विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी, जिला पंचायत सदस्यगण, भारत साकेत सरपंच, एसडीएम दृष्टि जायसवाल, उप मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राजेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री

गोरखपुर प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री जन-मानस को विचलित करती है एक ही खबर में भिन्नता: मुख्यमंत्री सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ: सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के विभिन्न आयामों प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके व दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आम जन-मानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जन-विश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों व आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें। सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के तौर पर पत्रकारिता के कई स्वरूप हैं। परिवारों में भी प्रत्येक सदस्य का रुझान मीडिया के अलग-अलग रूप के प्रति रहता है। पत्रकारिता के इन सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट व विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। किंतु, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन से मूल्यों व आदर्शों के साथ आगे बढ़ना है। भारत में 200 वर्ष की पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है, जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने की आवश्यकता है। यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है, तो वह जन-मानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि ऐसी स्थिति नहीं हो। सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है, किंतु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं, तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। पत्रकारिता समाज का आईना होती है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन-विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि तब यह जन-विश्वास पर कुठाराघात करता है।  यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 200 वर्ष पहले हिंदी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी, जब जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारंभ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला, तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की यह शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।  सही तथ्य से होता है मजबूत जन-विश्वास का निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन-विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जन-विश्वास का प्रतीक बनती है, उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देशसेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जन-मानस में संचारित किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।   विघटनकारी शक्तियों की चुनौती हमेशा सामने मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की ‘सत्यमेव जयते’ सूक्ति से प्राप्त होती है। समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। ये शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाए रखना है, क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की निश्चित विजय का भाव समाहित है। अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति निरंतर जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।  तीन करोड़ की आबादी गोरखपुर पर निर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे आना चाहिए। यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। मुझे विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ … Read more

कुल्हाड़ी से हमला: गाली-गलौज का विरोध करने पर पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि पर जानलेवा वार

बिलासपुर सकरी थाना से लगे पेंडारी क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि परमानन्द बघेल पर उनके ही पड़ोसी द्वारा कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घटना गाली-गलौज का विरोध करने पर हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परमानन्द बघेल अपने घर के पास मौजूद थे, तभी पड़ोसी लक्ष्मण बघेल किसी बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा। जब परमानन्द बघेल ने इसका विरोध किया और उसे ऐसा करने से मना किया, तो विवाद अचानक बढ़ गया। इसी दौरान आक्रोशित लक्ष्मण बघेल ने कुल्हाड़ी उठाकर उन पर हमला कर दिया। हमले में परमानन्द बघेल को गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी लक्ष्मण बघेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

उप मुख्यमंत्री ने जिला न्यायालय परिसर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए किया भूमि पूजन

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला न्यायालय परिसर में विधायक निधि से 9 लाख 20 हजार रुपए की स्वीकृति से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कार्य का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में शुद्ध व स्वच्छ पेयजल अप्रैल माह के अंत तक पहुंच जाएगा। भव्य न्यायालय परिसर में पीने के पानी की समस्या की ओर अधिवक्ताओं ने ध्यान आकृष्ट कराया था। अब इस परिसर को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर न्यायालय के पीछे का गेट खोले जाने और पार्किंग स्थल में फर्श बनाने व छाया के लिए शेड की व्यवस्था कराने का कार्य भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में जो भी कार्य शेष रह गए हैं उनको शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय ने कहा कि नगर निगम न्यायालय परिसर व अधिवक्ताओं की समस्या के निराकरण के लिए सदैव तत्पर है। आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे ने कहा कि रीवा शहर के हर मोहल्ले में घर-घर तक मीठा पानी पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अप्रैल माह के अंत तक न्यायालय परिसर में टंकी से पाइपलाइन डालकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी। इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने विधायक निधि से पेयजल समस्या के निराकरण के लिए 9 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं और उसका कार्य भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं और हमेशा अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहते हैं। कार्यक्रम को अधिवक्ता अखण्ड प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शिवेन्द्र उपाध्याय, घनश्याम सिंह, सुशील तिवारी, रावेन्द्र मिश्र सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे।  

विधान सभा की नवगठित सभा समितियों की प्रथम संयुक्त बैठक आज

भोपाल.  मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वर्ष 2026 -27 के लिए सभा समितियों का गठनकिया गया है जिसकी संयुक्त बैठक, आज 7 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे से विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित की गई है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,समितियों के सभापति एवं सदस्यगण उपस्थित रहेंगे। गठित समितियों में चार वित्तीय समितियां, लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति,प्राक्कलन समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति शेष अन्य पन्द्रह समितियां, कार्यमंत्रणा समिति, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय अनुसंधान एवं संदर्भ समिति, पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति तथा सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति का गठन किया गया है।  

कुशवाह ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

प्रभारी मंत्री कुशवाह ने किया औचक निरीक्षण कार्यपालन यंत्री जल संसाधन को निलंबित करने के दिए निर्देश भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांजन कल्याण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने निवाड़ी जिले में जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्य में लापरवाही पाये जाने पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग निवाड़ी को निलंबित करने के निर्देश दिये हैं। प्रभारी मंत्री कुशवाह से निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा जल संसाधन विभाग के कार्यों में लापरवाही की शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उन्होंने जनपद पंचायत पृथ्वीपुर की ग्राम पंचायत लुहरगुवां स्थित नहर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री कुशवाह ने निरीक्षण में कार्यपालन यंत्री हेमन्त गुप्ता द्वारा बैठक में बताये अनुसार कार्य नहीं पाये जाने पर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े को निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ई.ई. जल संसाधन के समस्त कार्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। कलेक्टर श्रीमती भिड़े द्वारा कार्यपालन यंत्री का निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त सागर संभाग को भेज दिया गया है।  

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियों के आमंत्रण की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

भोपाल.  प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-25 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत / नगर पंचायत / नगर पालिका/नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं। प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www.mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।  

जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश दिया सीएम ने

जनता दर्शन: गोरखनाथ मंदिर में 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश दिया सीएम ने इस्टीमेट भिजवाएं, इलाज में सरकार करेगी भरपूर मदद: सीएम योगी अधिकारियों को दिए त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटियों के प्रति संवेदनशीलता का एक और उदाहरण  जनता दर्शन में देखने को मिला। सीएम से मिलने पहुंची एक बेटी ने जब उन्हें बताया कि पैसों की दिक्कत के चलते वह अपनी फीस नहीं जमा कर पा रही है, मुख्यमंत्री ने अविलंब अधिकारियों को बिटिया की फीस जमा कराने का निर्देश दिया। सीएम ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को भी आश्वस्त किया कि वे उच्चीकृत अस्पताल से इस्टीमेट मंगवा लें, इलाज के खर्च में सरकार भरपूर मदद करेगी।  सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का उचित, विधिसम्मत, समयबद्ध एवं संतुष्टिपरक निस्तारण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए लोगों के प्रार्थना-पत्रों को संबंधित अधिकारियों को हस्तगत करते हुए इस संबंध में निर्देश भी जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी परेशान होने या घबराने होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर मुश्किल में आपके साथ खड़ी है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था होगी जनता दर्शन में एक बेटी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह पढ़ना चाहती है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से फीस जमा करने में बाधा आ रही है। इस पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविलंब बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दिक्कत की वजह से किसी बेटी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। हर बेटी को सुरक्षा के साथ-साथ उसका सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरे समाज पर सकारात्मक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। कैंसर से पीड़ित अपने परिजन के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंची एक महिला से मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चीकृत सरकारी अस्पताल में मरीज को दिखाकर इस्टीमेट मंगवा लीजिए। इलाज में पूरी मदद की जाएगी। सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर से आई एक गरीब महिला को पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

सफलता की कहानी: ई-स्कूटर अनुदान योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर

सफलता की कहानी- ई-स्कूटर अनुदान योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर दमोह श्रम विभाग द्वारा संचालित ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 श्रमिकों के जीवन में परिवर्तन का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। दमोह में गत दिनों महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिक महिला सायरा बी को ई-स्कूटर की चाबी प्रदान की। अब उनका जीवन रोज के कामकाज के लिये किसी सहारे का मोहताज नहीं रहा। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, भोपाल द्वारा संचालित इस योजना में सायरा बी को 40 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस सहयोग से अब उनके लिए आवागमन आसान हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है। ई-स्कूटर अनुदान योजना विशेष रूप से श्रमिक परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इससे न केवल उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयाँ कम हो रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी मजबूत पहचान भी स्थापित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देती हैं और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करती हैं। 'ई-स्कूटर अनुदान योजना-2024' श्रमिकों के जीवन में सुविधा, आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय जोड़ रही है। यह पहल ‘श्रमिक सशक्त, समृद्ध देश, विकसित मध्यप्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।  

MDU शोधार्थी का कमाल: नैनोसस्पेंशन से दमा और सीओपीडी का प्रभावी इलाज, कम डोज में अधिक असर

 रोहतक महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) की शोधार्थी निशा गुलाटी ने दमा (अस्थमा) और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के इलाज में कारगर नैनोपार्टिकुलेट ड्रग डिलीवरी सिस्टम तैयार किया है। नैनोसस्पेंशन तकनीक के इस्तेमाल से दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है। इससे दवा की प्रभावशीलता बढ़ जाती है। यह तकनीक दवा के साइड इफेक्ट्स भी कम करती है।  प्रो. हरीश दुरेजा के मार्गदर्शन में शोध कर रहीं पीएचडी शोधार्थी निशा गुलाटी ने बताया कि दमा और सीओपीडी ऐसी बीमारी है जिसमें फेफड़ों की नलियां संकुचित हो जाती हैं। इससे मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है। धूल, धुआं, एलर्जी और मौसम के बदलाव से यह समस्या और बढ़ जाती है। श्वांस नलियां सिकुड़ने से दवा का असर कम हो जाता है और मरीज की हालत भी बिगड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने रोफ्लूमिलास्ट दवा का नैनोसस्पेंशन तैयार किया। फिर इसे हाई शियर होमोजेनाइजेशन और अल्ट्रासोनिक तकनीक के जरिए विकसित किया। बताया कि नैनोसस्पेंशन तकनीक से सीधे दवा फेफड़ों तक पहुंचने में कारगर है। इससे मरीज को जल्द लाभ मिलता है।  साल 2022-24 में एनसीआर में मिले दो लाख से अधिक श्वास रोगी संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022-24 के बीच दिल्ली-एनसीआर में दो लाख से अधिक श्वास रोगी अस्पताल पहुंचे थे। द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन (2026) में प्रकाशित एक अध्ययन में पता चला है कि एशिया में करीब 43 फीसदी लोग श्वसन रोगों से पीड़ित हैं। जानें…सांस के रोगी के लक्षण लगातार खांसी आना श्वास रोग का सामान्य लक्षण है। इसके अलावा सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी, सांस फूलना, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना, सीने में जकड़न या दर्द होना भी शामिल है। इन बीमारियों के कारण सामान्य गतिविधियां जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना या यहां तक कि बात करना भी मरीज के लिए थकाने वाला हो जाता है। हम अब नैनोपार्टिकुलेट ड्रग डिलीवरी सिस्टम पर आधारित नई नैनोसस्पेंशन दवा विकसित कर रहे हैं, जो सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों के लिए अधिक प्रभावी साबित होगी। इस तकनीक से दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचेगी, जिससे कम डोज में बेहतर असर मिलेगा और साइड इफेक्ट्स भी काफी कम होंगे। -प्रो. हरीश दुरेजा, डीन रिसर्च और विकास, एमडीयू रोहतक।