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हिसार समेत पूरे NCR में अप्रैल में दिखेगा मानसून जैसा हाल, मौसम विभाग ने जारी की बारिश और आंधी की चेतावनी

हिसार मार्च महीने के आखिरी दिन ओलावृष्टि-बारिश के बाद बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। ओलावृष्टि के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट रही। अप्रैल में भी लगातार 7 से 8 पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होंगे। इस वजह से तापमान सामान्य या इससे कम ही रहेगा। 2 अप्रैल की रात से नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि अप्रैल में भी मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे। अप्रैल महीने में कुल 7-8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। पहले पखवाड़े में लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। 2-3 अप्रैल ,दूसरा 7-8 अप्रैल को फिर बाद 11-12 अप्रैल से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बार बार मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आंधी चलने के साथ साथ बारिश हो सकती है जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य और सामान्य से नीचे बने रहेंगे। दूसरे पखवाड़े में 1-2 पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। गुजरात और राजस्थान पर एक प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित होने की वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तीसरे सप्ताह में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र कमजोर पड़ने लगेगा और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रैल माह के अंतिम 10 दिनों के दौरान एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान बारिश और तेज गति से हवा चल सकती है। बिजली गिरने से किशोर की मौत गांव कंवलगढ़ में मंगलवार शाम को बिजली गिरने से किशोर दिलबाज (15) की मौत हो गई। मृतक के चाचा करमजीत ने बताया कि उनका घर खेत में ढाणी के तौर पर बने हुए हैं। बारिश के चलते दिलबाज पॉलिथीन से घर की छत को ढक रहा था। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ दिलबाज पर बिजली गिर गई। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के चाचा करमजीत के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।  

छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा, जिला बिलासपुर द्वारा सत्यम चौक स्थित शहीद विनोद चौबे जी की स्मृति में श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक माननीय अमर अग्रवाल जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह जी, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता जी एवं संगठन के समस्त पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों और शहीदों के योगदान को याद किया तथा इस उपलब्धि को प्रदेश के विकास और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया। पूरे आयोजन में देशभक्ति का उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। दीपदान के माध्यम से उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता, देशभक्ति और जागरूकता का संदेश भी प्रसारित करने में सफल रहा।

कंबोडिया-फिलीपींस से जुड़ा है ठगी का जाल,गुरुग्राम पुलिस ने 5 गुर्गों को दबोचा, भारी मात्रा में हाई-टेक गैजेट्स बरामद

 गुरुग्राम गुरुग्राम पुलिस ने कंबोडिया-फिलीपींस से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 5 गिरफ्तार हुए. आरोपी 'सिम बॉक्स' से कॉल डायवर्ट कर 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगी करते थे. गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह नेटवर्क कंबोडिया और फिलीपींस से संचालित हो रहा था. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 5 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. शातिर आरोपी 'सिम बॉक्स' (SIM Box) के जरिए कॉल डायवर्ट कर लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाते थे और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे. गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी ईस्ट (DCP East) गौरव राजपुरोहित ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में बैठे अपने विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में थे. ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक उपकरण और अवैध मशीनें नेपाल-बिहार रूट के जरिए तस्करी कर भारत लाई जाती थीं. इस नेटवर्क के जरिए भारत में हजारों फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए थे. SIT की छापेमारी में मिला भारी जखीरा मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) ने गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर समेत कई ठिकानों पर अचानक छापेमारी की. इस रेड के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इंटरनेट के जरिए कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल करने में होता था. बरामद किए गए उपकरण:     15 सिम बॉक्स     504 फर्जी सिम कार्ड     7 वाई-फाई राउटर     29 वाई-फाई स्विच     7 TAPO कैमरे और 30 बैटरियां ये 5 शातिर आरोपी हुए गिरफ्तार पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:     राहुल कुमार (निवासी: कासगंज)     यश अमृत सिंह डुगर (निवासी: अहमदाबाद)     भाविका भगचंदानी (निवासी: कच्छ)     लितेश     सागर डीसीपी गौरव राजपुरोहित के अनुसार, फिलहाल गुरुग्राम पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सके.  

पंजाब सरकार की नई पहल: आंगनवाड़ी नेटवर्क से तैयार होगा ड्रग डेटा

चंडीगढ़. आंगनवाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीद को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। पंजाब सरकार ने अब इन स्मार्टफोनों को ड्रग्स जनगणना में लगे एन्यूमरेटरों को देने का फैसला किया है। इस फैसले से पहले ही छह साल की देरी और दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर यह मामला चर्चा में रहा है। सरकार ने कुल 28,515 सैमसंग 5G स्मार्टफोन खरीदे थे। इनमें से करीब 28,000 फोन अब ड्रग्स जनगणना के एन्यूमरेटरों को दिए जाएंगे। ये फोन मूल रूप से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने थे, लेकिन अब इन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है, जो ड्रग्स जनगणना का नोडल विभाग है। इन स्मार्टफोनों की खरीद पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और यह योजना केंद्र सरकार की ओर से वित्तपोषित है। इन स्मार्ट फोनों को कम से कम पांच जिलों में भेजा भी गया था और बाकी जिलों में वितरण की तैयारी थी। इसी बीच सरकार ने इन्हें ड्रग्स जनगणना के लिए उपयोग करने का फैसला लिया। एन्यूमरेटर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इन फोनों की जरूरत है। जनगणना पूरी होने के बाद ये फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दे दिए जाएंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की पंजाब अध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दिए जाएंगे, लेकिन अब जानकारी मिली है कि इन्हें ड्रग्स जनगणना में लगाया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी बैठक मंत्री डॉ. बलजीत कौर और विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह के साथ हुई थी, जिसमें उन्हें बताया गया था कि फोन खरीदे जा चुके हैं और वितरण प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह खरीद पोषण अभियान के तहत की गई थी, जो केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी वर्करों को फील्ड से डेटा भरने के लिए ऐप के माध्यम से सशक्त बनाना है, ताकि योजना की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके। इस पूरे मामले में देरी को लेकर 7 फरवरी को आईएएस अधिकारी केके यादव और जसप्रीत सिंह को निलंबित किया गया था। उस समय वे क्रमशः उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव और इंफोटेक के एमडी थे। स्मार्टफोन की खरीद प्रक्रिया पंजाब इंफोटेक के जरिए की गई थी, जिसमें अनियमितताओं और देरी की बात सामने आई थी। शुरुआत में करीब 27,515 स्मार्टफोन के लिए टेंडर जारी किया गया था। उस समय 5G फोन उपलब्ध नहीं थे, इसलिए 4G फोन के लिए प्रक्रिया शुरू हुई और एक कंपनी को एल1 घोषित किया गया। बाद में 5G फोन की जरूरत बताते हुए नया टेंडर जारी किया गया, जिसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची थी। इसके बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और खरीद प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रत्येक फोन की कीमत करीब 20,000 रुपये बताई गई है।

अब बिना अनुमति नहीं मिलेगा अवकाश: जनगणना तक लागू कड़े नियम

कोरबा. जनगणना 2027 के महत्वपूर्ण कार्य को सुचारू, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने हेतु कोरबा जिला प्रशासन द्वारा विशेष – तैयारी शुरू की गई है. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी द्वारा अभियान की गंभीरता को देखते हुए आदेश जारी कर जिले के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है. जारी निर्देशानुसार जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने और अपरिहार्य परिस्थितियों में प्राप्त होने वाले अवकाश आवेदनों के विधिवत – निराकरण हेतु जिला स्तर पर एक – समीक्षा समिति का गठन किया गया है. यह समिति जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों से प्राप्त होने वाले अवकाश आवेदनों की गहन समीक्षा करेगी और अपनी अनुशंसा के साथ प्रस्ताव अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी के – समक्ष प्रस्तुत करेगी. गठित समिति में तुलाराम भारद्वाज को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. साथ ही जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहन सिंह कंवर को सदस्य सचिव तथा जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी हेमंत जायसवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. उल्लेखनीय है कि जनगणना में जिले के प्रत्येक शासकीय सेवक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष और अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही समिति की अनुशंसा के आधार पर अवकाश पर विचार किया जाएगा, ताकि गणना कार्य की निरंतरता बनी रहे.

आपातकाल में अब मिलेगी तेज राहत: बस्तर को मिली 15 नई एम्बुलेंस

जगदलपुर. जगदलपुर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 15 नई एम्बुलेंस की सौगात दी गई है, महारानी अस्पताल से इन एम्बुलेंसों को विधिवत रवाना किया गया जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंच सकेगी, अब हर जिले में एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस तैनात की जा रही हैं जिनमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. यह गाड़ियां चलते-फिरते आईसीयू की तरह काम करेंगी, कुल 69 एम्बुलेंस के नेटवर्क से एएलएस और बीएलएस के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, गंभीर मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक इलाज मिलने से गोल्डन ऑवर में जान बचाना आसान होगा, इससे निजी एम्बुलेंसों की मनमानी पर भी रोक लगेगी और ग्रामीणों को आर्थिक राहत मिलेगी, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे बस्तर के लिए जीवनदायिनी पहल बताया है, यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. 16 नई एम्बुलेंस को शामिल बिलासपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. 108 एम्बुलेंस सेवा में 16 नई एम्बुलेंस को शामिल किया गया है. इन एम्बुलेंसों को बुधवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर से विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. नई एम्बुलेंस के शामिल होने से जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और गति दोनों में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है. मौके पर ही मिलेगा उन्नत इलाज नई 16 एम्बुलेंस में से 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) प्रणाली से लैस हैं, जो किसी चलती-फिरती आईसीयू की तरह कार्य करेंगी. इनमें वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सपोर्ट, डिफिब्रिलेटर सहित अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं. इससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा, जो कई मामलों में जीवनरक्षक साबित हो सकता है. बस्तर में बढ़ी सुपर स्पेशियलिटी ताकत जगदलपुर. जगदलपुर के कांटीनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में नई शुरुआत करते हुए ऑर्थोपेडिक्स विभाग की पहली सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, हिप जॉइंट ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार ने यह संकेत दे दिया है कि अब बस्तर के मरीजों को बड़े शहरों की ओर भागने की जरूरत कम होगी. डॉ. पुष्पेंद्र राठौर की अगुवाई में यह उपलब्धि अस्पताल के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है, अस्पताल में ऑर्थो, गैस्ट्रो, यूरो और न्यूरो की नियमित ओपीडी शुरू होने से मरीजों को एक ही छत के नीचे बेहतर इलाज मिल रहा है, प्रबंधन ने रियायती दरों पर सेवाएं देने की बात भी कही है जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी, आने वाले समय में डायलिसिस सुविधा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति से गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, यह पहल बस्तर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, अब क्षेत्र में इलाज की उपलब्धता और भरोसे दोनों में इजाफा हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की निर्भरता बाहर के शहरों पर कम होगी.

मध्यप्रदेश में ओले और आंधी-बारिश का दौर, 30 जिलों में बारिश और निमाड़ में ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट लेकर राहत और आफत दोनों का माहौल बना दिया है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जो 5 अप्रैल तक थमने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को राजधानी भोपाल, इंदौर समेत करीब 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने मौसम को अस्थिर बनाए रखा है। बुधवार को भी आधे प्रदेश में बादल, बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं। 50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। तेज हवाओं का भी खतरा मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे फसलों और कमजोर ढांचों को नुकसान की आशंका है। बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद कौन बनेगा सीएम, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिए अहम संकेत

पटना बिहार के नए मुख्यमंत्री का ऐलान आगामी 10 अप्रैल को हो सकता है, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस बारे में सकेत दिए हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा सांसद का कार्यकाल भी 10 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। 10 अप्रैल को होगा बिहार के नए मुख्यमंत्री का ऐलान? भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिए संकेत  नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अटकलों का दौर चल रहा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी ने बता दिया कि नए सीएम पर स्थिति कब साफ होगी। उन्होंने कहा कि नीतीश के बाद बिहार का सीएम कौन होगा, इस पर अभी कुछ नहीं बता सकते हैं, 10 तारीख को पता चल जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि नए सीएम का ऐलान 10 अप्रैल को होगा। नीतीश कुमार ने बीते 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीता था। राज्यसभा सांसद बनने के लिए उन्हें नियमानुसार 14 दिनों के भीतर एमएलसी पद से इस्तीफा देना था। सीएम ने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब आगामी दिनों में उनका राज्यसभा का कार्यकाल शुरू हो जाएगा। चर्चा है कि राज्यसभा सांसद की शपथ लेते ही वे मुख्यमंत्री पद भी छोड़ देंगे। इसके बाद बिहार में नया सीएम बनेगा। बिहार दौरे पर पहुंचे दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी कहा है कि 10 तारीख तक स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत यह सब होना है, इसलिए अभी इस पर वे कुछ नहीं बोल सकते हैं। पूर्व में भाजपा एवं जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के नेताओं ने कहा था कि एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर बिहार के नए सीएम का चुनाव करेंगे। भाजपा से हो सकता है नया मुख्यमंत्री बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। पिछले महीने नीतीश के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद से ही सियासी गलियारों में इस पर चर्चा जोरों से हो रही है। भाजपा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे टॉप पर माना जा रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी नाम चल रहा है। इसके अलावा, दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत कई अन्य नेताओं का नाम भी रेस में है। वहीं, भाजपा किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका भी सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली जैसे राज्य इसके उदाहरण हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स में एनडीए सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भाजपा बिहार में ऐसा प्रयोग नहीं करेगी। क्योंकि भाजपा बिहार में जेडीयू समेत अन्य सहयोगी दलों के बलबूते सरकार चला रही है। यहां की जनसांख्यिकी और जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए नए सीएम के नाम पर मुहर लगाई जाएगी। जेडीयू के वरीय नेताओं का यह भी कहना है कि बिहार का अगला सीएम, नीतीश कुमार की मर्जी से ही बनेगा।

वोटर लिस्ट विवाद,सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई TMC की दलील, कहा- नामांकन के आखिरी दिन तक जुड़ सकते हैं नाम

नई दिल्ली टीएमसी का पक्ष रख रहे वकील कल्याण बनर्जी ने एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति ने 30 हजार फॉर्म 6 जमा किए हैं। फॉर्म 6 का प्रयोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या फिर संसदीय क्षेत्र बदलने की स्थिति में किया जाता है। बेंच ने कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही। हमेशा ऐसा होता है। ऐसा हर बार होता है; वोटर लिस्ट वाली TMC की आपत्तियों पर SC की दोटूक, नसीहत भी दी तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐतराज जताया गया था कि भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फॉर्म 6 जमा करा रहे हैं। इसके जरिए मतदाताओं के नाम लिस्ट में जुड़वाए जा रहे हैं। उसकी इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है और ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इस तरह ममता बनर्जी की पार्टी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने राज्य में SIR के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। चीफ जस्टिस ने कहा, 'ऐसा हर बार होता है। पहली बार नहीं हो रहा है। आप आपत्तियां दायर कर सकते हैं।' बेंच का कहना था कि यदि आपको किसी का नाम जोड़े जाने से आपत्ति है तो उस पर चुनाव आयोग में रिपोर्ट कर सकते हैं। टीएमसी का पक्ष रख रहे वकील कल्याण बनर्जी ने एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति ने 30 हजार फॉर्म 6 जमा किए हैं। फॉर्म 6 का प्रयोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या फिर संसदीय क्षेत्र बदलने की स्थिति में किया जाता है। अधिवक्ता ने कहा कि पूरक सूचियां आ चुकी हैं। इसके बाद भी चुनाव आयोग के नए नोटिफिकेशन में फॉर्म 6 स्वीकार करने की बात कही गई है। लेकिन जब वोटर लिस्ट की पूरक सूची आ गई है और प्रक्रिया बढ़ चुकी है तो फिर फॉर्म 6 क्यों मंगाए जा रहे हैं। उनके बंडल तैयार होकर आ रहे हैं। मैं किसी राजनीतिक दल पर इसके लिए आरोप नहीं लगा रहा। हालांकि चीफ जस्टिस ने टीएमसी की इन आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात करना जल्दबाजी होगा। पहले पूरी प्रक्रिया को समझने की जरूरत है। अदालत ने कहा कि हम इस मामले को बंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन समय आने पर देखेंगे। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष रखने वाले वकील डीएस नायडू ने कहा कि नियम यह कहता है कि मतदाताओं के नाम उम्मीदवारों के नामांकन के आखिरी दिन तक शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई आज ही 18 साल का हुआ है और वह मतदाता के तौर पर नाम जुड़वाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। इस पर बनर्जी ने कहा कि नए नाम जिनके शामिल किए जा रहे हैं। उनके बारे में हर बूथ पर सार्वजनिक सूचना जारी होना चाहिए। ऐसा होने पर ही आपत्तियां दायर हो सकेंगी। इस पर जस्टिस बागची ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि एक चीज मतदाता सूची में संशोधन है। दूसरी चीज वह वोटर लिस्ट है, जिसके आधार पर चुनाव होना है। चुनाव उसी सूची के आधार पर होते हैं, जो आयोग की ओर से तय तारीख तक अपडेट हो जाती है। इसलिए यदि कोई उसके बाद शामिल भी हुआ तो वह इलेक्शन में मतदान का अधिकार नहीं रखता। इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि बंगाल में SIR की प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। आज चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी आपत्तियों पर 7 अप्रैल तक फैसला लिया जाएगा।

आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया दावा – आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हत्या के आरोपी आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर होने का मामला सामने आया है. यह घटना उस समय हुई, जब पुलिस उसे पकड़कर शहर ला रही थी और उसने रास्ते में भागने की कोशिश की. इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया।  आरोपी आसिफ उर्फ बम को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे भोपाल ला रही थी. इसी दौरान रातीबड़ इलाके के पास उसने अचानक पुलिस को चकमा देकर फरार होने की कोशिश की. पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी।  पुलिस की गोली आसिफ के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर ही गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया और घायल हालत में इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।  गौरतलब है कि आसिफ उर्फ बम पर हाल ही में एक सनसनीखेज हत्या का आरोप है. बीते रविवार की रात अशोका गार्डन इलाके में मामूली विवाद के बाद उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 35 साल के चाय कारोबारी पर चाकू से हमला कर दिया था. इस हमले में कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।  घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की थी. इसी क्रम में आसिफ को पकड़ा गया था. पुलिस उसे आगे की पूछताछ के लिए भोपाल ला रही थी, लेकिन रास्ते में उसने भागने की कोशिश की।  पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. वहीं, इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।