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हलवारा एयरपोर्ट से लुधियाना में अप्रैल से बुकिंग शुरू होगी, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा – मई में उड़ान संभव

लुधियाना  केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के लोगों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने बताया कि लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डे से बहुत जल्द उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। लंबे समय से लोग इस एयरपोर्ट के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे और अब आखिरकार यह सपना पूरा होने जा रहा है। रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे पंजाब के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने जानकारी दी कि अप्रैल महीने से ही हलवारा एयरपोर्ट से फ्लाइट्स की बुकिंग शुरू हो जाएगी। पहली उड़ान 10 से 15 मई के बीच शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में यहां से 160 सीटों वाला ए320 इकोनॉमी एयरक्राफ्ट उड़ान भरेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में दिल्ली और हलवारा के बीच रोजाना दो फ्लाइट्स चलाई जाएंगी। एक फ्लाइट सुबह होगी और दूसरी दोपहर में। इससे न सिर्फ लोगों को सफर करने में आसानी होगी, बल्कि व्यापार और कारोबार को भी काफी फायदा मिलेगा। अब तक लुधियाना और आसपास के इलाकों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए चंडीगढ़ या अमृतसर जाना पड़ता था, लेकिन हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। बिट्टू ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनके विजन और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की वजह से ही ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम पंजाब के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से सिर्फ यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि इसका असर पंजाब की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। व्यापार बढ़ेगा, नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। खासकर लुधियाना जैसे औद्योगिक शहर के लिए यह एक बहुत बड़ी सुविधा साबित होगी, क्योंकि यहां के कारोबारियों को अब देश के दूसरे हिस्सों में जाने के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा। व्यापार और यात्रा को मिलेगा बड़ा बूस्ट बिट्टू ने कहा कि हलवारा एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पंजाब में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। इसे राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। पीएम मोदी का जताया आभार बिट्टू ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। बिट्टू ने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता से ही ऐसे प्रोजेक्ट संभव हो पा रहे हैं। इस नई शुरुआत के साथ पंजाब अब देश-विदेश से बेहतर कनेक्टिविटी की ओर बढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरने को तैयार है। ग्लाडा और AAI का ज्वाइंट वैंचर है एयरपोर्ट इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 51 फीसदी हिस्सेदारी है और पंजाब सरकार की 49 फीसदी है। पंजाब सरकार की तरफ से यह काम ग्लाडा ने करवाया है। इस तरह एयरपोर्ट ग्लाडा और एएआई का ज्वाइंट वेंचर है। एयरपोर्ट निर्माण पर खर्च की गई कुल राशि टर्मिनल बिल्डिंग आदि के निर्माण पर लगभग ₹70 करोड़ के करीब खर्च हुए। इसमें से ₹27 करोड़ मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग के लिए और ₹27 करोड़ विमानों के खड़े होने और टैक्सी-वे (Tarmac) के लिए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा एप्रोच रोड के निर्माण पर भी 10 करोड़ के करीब खर्च किए गए। वहीं 161.27 एकड़ जमीन के बदले किसानों को लगभग ₹39.40 करोड़ का मुआवजा वितरित किया गया। किसानों को प्रति एकड़ मुआवजा लगभग ₹20.61 लाख (पुनर्वास भत्ते सहित) तय किया गया था।  

आप विधायक को दुष्कर्म मामले में सात दिन का रिमांड, पुलिस ने शुरू की पूछताछ

चंडीगढ़  दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को रविवार को चार दिनों का पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। जहां पुलिस ने और पूछताछ के लिए पठान माजरा के लिए 10 दिन के रिमांड की मांग की है। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पठानमाजरा को 7 दिनों के रिमांड पर भेज दिया है। पठान माजरा को हाल ही में पटियाला पुलिस ने मध्य प्रदेश में ग्वालियर के नजदीक से गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर पटियाला के थाना सिविल लाइन में पठान माजरा के खिलाफ 1 सितंबर 2025 को दुष्कर्म करने और धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पठानमाजरा हरियाणा के करनाल में अपने रिश्तेदार के पास भाग गए थे। पठानमाजरा को पकड़ने के लिए पटियाला पुलिस वहां पहुंची। आरोप है कि पठानमाजरा के साथियों ने पुलिस पार्टी पर पत्थरबाजी की और फायरिंग की। इस दौरान एक पुलिस मुलाजिम भी घायल हो गया। बाद में पठान माजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसी बीच पता चला कि पठान माजरा ऑस्ट्रेलिया भाग गया है।  पुलिस ने जारी किया था LOC पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से MLA चुने गए हैं। केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 9 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। उनके दिल्ली से आने की पुलिस को भनक लग गई थी जिसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर बाइपास पर गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहे थे। पठानमाजरा पर बाढ़ के दौरान अफसरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद केस दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP की दिल्ली टीम के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ पुराने मामले में FIR की गई है। महिला ने कहा- तलाकशुदा बताकर शादी रचाई, रेप किया- MLA पठानमाजरा पर 1 सितंबर, 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसमें महिला ने बताया कि साल 2013-14 में उसकी मुलाकात पठानमाजरा से फेसबुक के जरिए हुई थी। पठानमाजरा ने कहा था कि उनका तलाक हो गया है। वह शादी के लिए दूसरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं। इसके बाद उसकी पठानमाजरा से जान-पहचान हो गई। इसी दौरान विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए शादी का प्रपोजल रखा। लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे में हुई थी शादी- महिला ने कहा कि पठानमाजरा के तलाकशुदा होने पर यकीन कर उसने हां कर दी। इसके बाद 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे पत्ती मुल्तानी में दोनों का आनंदकारज (शादी) हुआ। इस दौरान पठानमाजरा ने गुरुद्वारे के ग्रंथी के सामने भी खुद को तलाकशुदा बताया। महिला का कहना है कि विवाह के बाद उसे लुधियाना के मजीठिया एन्क्लेव स्थित एक मकान में रखा गया, जहां वह खुद को विधायक की कानूनी पत्नी मानकर उनके साथ रहती रही। महिला ने आगे कहा- मार्च 2022 में जब पठानमाजरा ने AAP के टिकट पर सनौर सीट से चुनाव लड़ा, तो हलफनामे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम लिखा और खुद को विवाहित बताया। यह देखकर उसे पता चला कि पठानमाजरा का तलाक नहीं हुआ था। विधायक ने झूठ बोलकर न केवल धोखा दिया बल्कि लगातार शारीरिक शोषण और रेप किया। अंतरंग पलों के वीडियो बनाने का पठानमाजरा पर आरोप पठानमाजरा पर आरोप लगाने वाली महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसके साथ अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया। जुलाई 2024 में भी उसे एक कॉल आई जिसमें विधायक ने कहा कि अगर वह उनके पास नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

आईटीआई धामनोद के विद्यार्थियों ने समझी ट्रांसमिशन नेटवर्क की कार्यप्रणाली

भोपाल.  औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) धामनोद के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम पी ट्रांसको) के 132 केवी सब स्टेशन जैतापुरा-पलासिया का औद्योगिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को 132 केवी सब स्टेशन जैतापुर पलासिया सहित संपूर्ण ट्रांसमिशन नेटवर्क की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें विद्युत पारेषण की प्रक्रिया, अति उच्च दाब (एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज) विद्युत के पारेषण, ट्रांसफॉर्मरों की भूमिका, ट्रांसमिशन नेटवर्क की संरचना एवं नियंत्रण प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सब स्टेशन के कनिष्ठ अभियंता आत्माराम पटेल ने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न उपकरणों जैसे पॉवर ट्रांसफॉर्मर, सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर एवं अन्य महत्वपूर्ण यंत्रों के संचालन और उपयोगिता के बारे में समझाया। साथ ही, उन्होंने विद्युत सुरक्षा के महत्व और कार्यस्थल पर अपनाई जाने वाली सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने तकनीकी पहलुओं से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका सरल और व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया। इस औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों को विद्युत पारेषण तंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर मिला, जिससे उनके तकनीकी ज्ञान और कौशल में वृद्धि हुई। संस्थान के प्राध्यापकों ने इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।  

अब गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए दिल्ली मुंबई जाने की जरूरत नहीं बिहार बनेगा मेडिकल हब

पटना  बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अब एक डिजिटल और तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते प्रभाव ने गंभीर बीमारियों के उपचार को न केवल सुलभ, बल्कि अधिक सटीक और सुरक्षित बना दिया है। पटना में आयोजित दो दिवसीय IASG CON-2026 मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने साझा किया कि कैसे इन तकनीकों ने कैंसर और लिवर जैसी जटिल बीमारियों के सक्सेस रेट को बढ़ा दिया है। ​ बड़े शहरों पर निर्भरता हुई कम ​IGIMS के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में यह बात उभरकर आई कि आधुनिक सुविधाओं के कारण अब बिहार के मरीजों का दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन कम हो रहा है। एआई-आधारित सिस्टम अब शुरुआती चरण में ही बीमारियों की पहचान करने में सक्षम हैं, जिससे इलाज का समय पर शुरू होना संभव हो पा रहा है। ​ रोबोटिक सर्जरी: कम चीरा, जल्द रिकवरी ​अमेरिका से आए प्रसिद्ध रोबोटिक सर्जन डॉ. थैबम थंबी पिल्लै ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बताया कि रोबोटिक तकनीक से सर्जन सूक्ष्म स्तर पर जाकर ऑपरेशन कर सकते हैं। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:     ​न्यूनतम चीरा: ऑपरेशन के दौरान स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है।     ​कम रक्तस्राव: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में खून का रिसाव बहुत कम होता है।     ​संक्रमण का अभाव: छोटे घाव होने के कारण इंफेक्शन का खतरा न्यूनतम हो जाता है।     ​त्वरित रिकवरी: मरीज को कम दर्द होता है और वह बहुत जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट आता है। ​मानवीय त्रुटियों में कमी और सटीक निर्णय ​IASG के अध्यक्ष डॉ. टी.डी. यादव और सचिव डॉ. सुजय पॉल ने स्पष्ट किया कि एआई तकनीक सर्जरी के दौरान रियल-टाइम डेटा प्रदान करती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाती है। विशेष रूप से पैंक्रियाज और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑपरेशन में, जहां पहले बड़े चीरे लगाने पड़ते थे, अब रोबोटिक आर्म्स की मदद से जटिल प्रक्रियाएं भी सरलता से पूरी की जा रही हैं। ​ आत्मनिर्भर बिहार की ओर कदम ​सम्मेलन में आयोजित 21 वैज्ञानिक सत्रों ने स्थानीय डॉक्टरों को वैश्विक मानकों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई और रोबोटिक्स का दायरा और बढ़ेगा, जिससे बिहार चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। यह बदलाव न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ा रहा है, बल्कि बिहार को एक मेडिकल हब के रूप में भी स्थापित कर रहा है।

2050 स्थानों पर जाँच कर 2912 सिलेंडर किये गये जप्त : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। भारत में कच्चे तेल का भी पर्याप्त भण्डार है। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2050 स्थानों पर जांच की गई तथा 2912 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 325 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है, जिसमें 01 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। रसोई गैस की स्थिति LPG के संबंध में प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल (MS/HSD) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है। अतिरिक्त मांग को पूरा करने के कदम इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए सभी सप्लाई लोकेशन ज्यादा समय तक काम कर रहे हैं और मांग को पूरा कर स्थिति को सामान्य किया जा रहा है। पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने हेतु दी गई सुविधा सभी सीजीडी संस्थाओं को कनेक्शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना करने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्थाओं को विभिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल पर आवेदन करने की सुविधा दी गई है। प्रदेश के शहरों में जिन स्थानों से पाइप-लाइन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अपील खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल, डीजल क्रय करें। किसी प्रकार का संग्रह न करें। ऑयल कंपनी की ओर से यह दोहराया गया है कि LPG, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। एमपी में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में सीजीडी संस्थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्त किये जायें।  

जलस्तर में सुधार के बीच खतरे की घंटी, राजस्थान के 24% हिस्सों में गिरावट जारी

जयपुर. भू-जल को लेकर चिंताओं के बीच प्रदेशवासियों के लिए खुशी की खबर है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश के 76 प्रतिशत क्षेत्रों में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि करीब 24 प्रतिशत इलाकों में जलस्तर नीचे गया है। भीलवाड़ा जिले के कोशिथल में भू-जल सबसे ऊपर सतह से मात्र 0.01 मीटर नीचे दर्ज किया गया, वहीं बीकानेर के अभयसिंहपुरा में यह 162 मीटर गहराई तक पहुंच गया। केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के जयपुर स्थित पश्चिम क्षेत्र कार्यालय ने जनवरी 2026 में प्रदेश के 2191 स्थानों पर अध्ययन कर यह रिपोर्ट जारी की। भू-जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आर. के. कुशवाह ने बताया कि रिपोर्ट भूजल विभाग के मुख्य अभियंता सूरजभान सिंह और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता योगेश कुमार मित्तल सहित अधिकारियों के साथ साझा की गई। भू-जल की वर्तमान स्थिति 22% स्थानों पर भूजल 40 मीटर से नीचे। नागौर, शेखावाटी, बीकानेर, जोधपुर, अलवर, जैसलमेर, बाड़मेर, जयपुर-दौसा, जालौर। 17% स्थानों पर 20 से 40 मीटर 15% स्थानों पर 10 से 20 मी., 16% स्थानों पर 5 से 10 मी., 19% स्थानों पर 2 से 5 मीटर कम गहराई पर। 11% स्थानों पर 2 मीटर से कम गहनाई। अजमेर, टोंक, पाली, बारां भीलवाड़ा बूंदी, राजसमंद, कोटा, स. माधोपुर, चित्तौड़गढ़ व उदयपुर में। 67.2% स्थानों पर भू-जल स्तर बढ़ा 0.01 मीटर सबसे कम वृद्धि (जैसलमेर के अरजाना व बीकानेर के बिनजावारी में) 37.66 मीटर की सर्वाधिक वृद्धि (चौसा के सायपुर पाखर में) 41.6% जगह वृद्धि 2 मीटर से कम (राज्य के पूर्वी क्षेत्र में) 12.9% जगह वृद्धि 4 मीटर से अधिक (राज्य के पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और मध्य भाग) इन स्थानों पर उतरा भू-जल 32.8% स्थानों पर गिरावट (पश्चिमी उत्तरी व उत्तर-पूर्वी में) न्यूनतम गिरावट 0.02 मीटर (श्रीगंगानगर के रामसिंहपुरा में) अधिकतम गिरावट 31.73 मीटर (सीकर के धोद में) 22.9% जगह गिरावट 2 मीटर से कम (पश्चिमी जिलों में) 4.2% जगह गिरावट 2-4 मीटर (दक्षिणी-उत्तरी जिलों में) फाइलों में जल संरक्षण, बारिश पर निर्भरता प्रदेश में वर्षा जल संरक्षण के उपायों को अब भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। भूजल स्तर बढ़ाने में अब भी वर्षा जल पर ही निर्भरता प्रदेश में बरकरार है। हर साल लाखों लीटर वर्षा जल प्रदेश में व्यर्थ बहता है लेकिन सरकारी तंत्र की सक्रियता जल संरक्षण को लेकर महज फाइलों में नजर आती है।

देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इन्दौर.  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है] जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि सभी जागरूक रहें, किसी भी तरह की अफवाहों और किसी के भी बहकावे में न आएं। सरकार की तरफ से जो निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने सभी संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। कार्यक्रम श्रवण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की 'देश से अपनी बात' कर सबसे जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम है। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। देश में हो रहे विकास, नवाचार, जनकल्याण के कामों के साथ गैर राजनीतिक विषयों को सामने लाकर पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता से रहने का सकारात्मक संदेश देने का प्रधानमंत्री का यह अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन की बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है और उनके आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भी होलकर साम्राज्य ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से कठिन परिस्थितियों में सनातन संस्कृति को सशक्त बनाए रखा और देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर घाट, धर्मशालाएं एवं अन्नक्षेत्र विकसित किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा परियोजनाओं को नई गति मिली है। सरदार सरोवर परियोजना के माध्यम से गुजरात, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र सहित व्यापक भू-भाग में जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे कृषि, उद्योग एवं पेयजल की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित नर्मदा के चतुर्थ चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये मां नर्मदा जल के चतुर्थ चरण के तहत अमृत 2.0 योजना में 1356 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन । इससे शहर की पेयजल आपूर्ति संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर जलापूर्ति सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में 62.72 करोड़ रूपये लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर संचालित किए गए इस संकल्प से समाधान अभियान के तहत इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “संकल्प से समाधान” अभियान में इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार 912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। यह अभियान प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रभावी रूप से संचालित हुआ। प्रदेश में अब “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत लगभग पौने तीन लाख कुएं, बावड़ी, तालाब एवं नहरों का निर्माण एवं जल संरचनाओं पुनर्जीवित किया जाएगा। यह अभियान गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हो गया है, जो गंगा दशमी तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के 25 जिलों को लाभ मिलेगा, वहीं पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना से मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। उन्होंने शिप्रा नदी के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु शिप्रा के स्वच्छ जल में स्नान कर सकेंगे। इसके लिए बड़े पैमाने पर वर्षा जल संग्रहण एवं निरंतर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कान्ह नदी के जल को शुद्ध कर कृषि कार्यों में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बूंद जल के संरक्षण के माध्यम से प्रदेश को समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे इंदौर शहर के लिए आगामी 25 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनेगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज का दिन इंदौर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। यह दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वर्णिम भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए दीर्घकालिक सोच के साथ कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2040 तक इंदौर की अनुमानित 65 लाख जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करना नगर निगम की दूरदर्शिता का प्रतीक है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा परियोजना का इतिहास संघर्ष और संकल्प से भरा हुआ है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के उस ऐतिहासिक क्षण को याद किया जब नर्मदा परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ हुआ था। उस समय वैज्ञानिकों ने इंदौर तक नर्मदा जल लाने की चुनौती को असंभव बताया था, लेकिन इंजीनियर्स और विशेषज्ञों के प्रयासों से यह संभव हो सका। यह देश की एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नर्मदा जल अत्यंत मूल्यवान है और इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। जल संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और इसका सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इंदौर के सतत विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शहरवासियों को 1356 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण जल परियोजना की सौगात पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह योजना इंदौर के विकास और भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिसका लक्ष्य लगभग 900 एमएलडी जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल संसाधनों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। पिछले लगभग दो वर्षों में करीब 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, जिसे अगले एक वर्ष में बढ़ाकर लगभग 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028-29 तक राज्य में 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जो प्रदेश के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नर्मदा के चतुर्थ चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम को इंदौर के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल वर्तमान, बल्कि भविष्य के इंदौर की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि इसी स्थान पर उन्होंने नर्मदा परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण … Read more

असम के स्विमर्स का जलवा, 9 मेडल जीतकर राज्यपाल डेका से की शिष्टाचार भेंट

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 प्रतियोगिता में भाग लेने आए असम राज्य के तैराक खिलाडि़यों ने आज यहां लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। खिलाडि़यों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीतकर फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया है। राज्यपाल डेका ने खिलाडि़यों की इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेलों में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना से ही ऐसी सफलता हासिल होती है। राज्यपाल ने खिलाडि़यों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर खिलाडि़यों के साथ असम स्विमिंग एसोसिएशन के संयुक्त सचिव दिव्य ज्योति शर्मा, तकनीकी अधिकारी जान मनी बोरा तथा कोच भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग ढाई हजार खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक सरगुजा, बस्तर और रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। राजधानी के साइंस कॉलेज ग्राउंड में भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि अब हर साल यह आदिवासी खेल होंगे। इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ ही करेगा। उन्होंने कहा कि खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम न मानें, यह संतुलित जीवनशैली है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नव नियुक्त एल्डरमैन नागरिक सुविधाओं के विस्तार को दें प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के नगरीय निकायों में नव-नियुक्त सभी एल्डरमैन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नव नियुक्त सभी एल्डरमैन नागरिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दें। शहरों के समग्र विकास, सुशासन और जन-भागीदारी को बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी समस्त एल्डरमैन को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘विकसित मध्यप्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ नव नियुक्त एल्डरमैन्स अपनी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से अपने-अपने नगरों में प्रगति के नये आयाम जोड़ेंगे।