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बीटीआई ग्राउंड में संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव की तैयारियों का भूमिपूजन के साथ शुभारंभ

रायपुर  राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई.ग्राउंड में इस वर्ष संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा भव्य नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों का शुभारंभ आज विधि.विधान एवं पूजा.अर्चना के साथ भूमिपूजन कर किया गया। समिति के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा की आराधना के साथ पारंपरिक रास गरबा का आयोजन किया जाएगा। भूमिपूजन के अवसर पर समिति के सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। भूमिपूजन के साथ ही बी.टी.आई.् ग्राउंड में होने वाले नवरात्रि उत्सव की तैयारियों का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए समिति द्वारा विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों की सुविधाए कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित अन्य आवश्यक तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर समिति के संयोजक  संजय वास्तव ने कहा कि नवरात्रि हमारी सनातन        संस्कृति और आस्था का महापर्व है। मां दुर्गा की आराधना हमें शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है। वहीं रास गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति का प्रयास है कि शंकर नगर में ऐसा आयोजन हो जिसमें श्रद्धा,    संस्कृति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के साथ आज आयोजन की शुरुआत हो गई है और समिति की पूरी टीम मिलकर नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव को गरिमापूर्ण, भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जुटेगी। यह उत्सव क्षेत्रवासियों सहित राजधानी के लोगों के लिए मां भगवती की भक्ति और हमारी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर बनेगा। समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों से आगामी नवरात्रि उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया। भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यरूप से अनिता खंडेलवाल, संगीता मिश्रा, पुष्पा जैन, सुनिला अग्रवाल, राजेश गुप्ता, अमरजीत सिंह, मिलिन गौतम, कोमल जैन, राखी साह, श्रुति जैन उपस्थित रहे।

यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का बड़ा मंच बना रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों और प्रदेश के प्रतिभागी प्रदर्शकों के बीच शनिवार को करीब 4,700 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 412 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका अनुमानित व्यावसायिक मूल्य करीब 54.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। दूसरे दिन के ये परिणाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि तथा प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो की भूमिका को रेखांकित करते हैं। रिवर्स बायर-सेलर मीट के माध्यम से विदेशी खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों को आमने-सामने संवाद का अवसर मिल रहा है, जिससे संभावित कारोबारी साझेदारियों को समझौतों में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। पहले दिन भी हुईं 2,800 से अधिक बी2बी बैठकें यूपीआईटीएस के पहले दिन हॉल नंबर-17 में बने विशेष बी2बी क्षेत्र में 2,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें हुई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 500 एमएसएमई ने भाग लिया और लगभग 140 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई। विदेशी खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद से विभिन्न उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला। योगी सरकार की पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार योगी सरकार द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, निर्यातकों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ प्रदेश में निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तैयार करना है। ट्रेड शो में भारतीय निर्माता, निर्यातक, एमएसएमई, निवेशक, वैश्विक खरीदार और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही मंच पर मौजूद हैं। सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में यह मंच प्रदेश के उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है। विशेष रूप से रिवर्स बायर-सेलर मीट और सुनियोजित बी2बी संवाद के जरिए उत्पादों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी संपर्क और संभावित निर्यात सौदों पर बातचीत हो रही है। 29 सितंबर तक जारी रहेगा कारोबार का सिलसिला यूपीआईटीएस-2026 आगामी 29 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बी2बी बैठकें जारी रहेंगी और अधिक व्यापारिक समझौतों तथा कारोबारी परिणामों की संभावना है।

नशा तस्करों के खिलाफ चंडीगढ़ में बुलडोजर एक्शन, 18 मकानों की बनी लिस्ट

चंडीगढ़. नशा बेचने वालों के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने पहली बार बड़ी कार्रवाई शुरू की है। नशा तस्करों के मकानों पर रविवार को बुलडोजर चलाया गया। पुलिस ने 18 नशा तस्करों के मकानों की सूची प्रशासन को सौंपी है। प्रशासन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों को लेकर नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। रामदरबार में एक साथ 18 मकानों पर कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर भी हलचल है। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने हर विभाग को नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के निदेशक जारी किए हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टला! ओवरफ्लो पुल पर बहने लगी बस, पुलिस ने 70 यात्रियों को बचाया

रायपुर. राजधानी रायपुर के पास सारागांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोल्हान नाले के तेज बहाव में जय अंबे की बस फंस गई. रायपुर से बलौदाबाजार जा रही बस में 70 यात्री सवार थे. मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात थी. बाकी वाहनों की तरह बस को भी आगे जाने से रोका गया, लेकिन चालक ने ब्रेक नहीं लगाया. जानकारी के मुताबिक, विधानसभा थाना क्षेत्र के कोल्हान नाले में पानी के तेज बहाव को देखकर बस में सवार यात्रियों ने चालक को आगे जाने से मना किया. इसके बावजूद वह बस को आगे बढ़ाता गया. आगे से आ रही ट्रकों को रास्ता देने के लिए बस को साइड देना पड़ा. तभी तेज बहाव में बस फंस गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. कुछ  लोगों ने घबराकर खिड़की से बाहर कूदने की तैयारी कर ली थी. स्थिति को संभालते हुए पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने बस के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकाले की प्रक्रिया शुरू की. दाई ओर की खिड़की से यात्रियों को बाहर निकाला गया. रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद की. सभी 70 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया. पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया. पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ में चालक से पता लगाया जा रहा  कि चेतावनी के बावजूद उसने बस को आगे क्यों बढ़ाया. साथ ही बस परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई. सीएसपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को कोल्हान नाले में पानी का बहाव बढ़ा हुआ था. मौके पर मौजूद टीम वाहनों को आगे जाने से रोक रही थी. इसके बावजूद यात्री बस आगे बढ़ गई. ट्रकों की आवाजाही के दौरान बस को साइड करना पड़ा, जिसके बाद वह पानी के बहाव में फंस गई. पुलिस ने तत्काल यात्रियों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और बस को भी बाहर कर लिया गया. चालक को हिरासत में लिया गया है. मामले में जांच जारी है.

सतलोक आश्रम में 11 साल के बच्चे से दुष्कर्म का आरोप, POCSO में केस दर्ज

 गोहाना सोनीपत के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में पिता के साथ सेवा करने आए 11 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म का मामला सामने आया है। जिला बाल कल्याण समिति और पुलिस की टीम पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई गई और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया। बच्चे के पिता ने मेडिकल परीक्षण से किया मना वहां पर पिता ने बेटे का मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर दिया। बरोदा थाना में केस दर्ज किया गया। इस घटना को लेकर समिति की अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों और पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ आश्रम में सेवा करने के लिए आया था। आरोप है कि 22-23 सितंबर की रात को उसके 11 वर्षीय बच्चे के साथ यह घटना हुई। एक अन्य सेवादार पर दुष्कर्म का आरोप लगा। पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस पुलिस आश्रम गई और बाल कल्याण समिति की टीम भी पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई। इसके बाद बच्चे को भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया, जहां पिता ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पाक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित सचिन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता शर्मा व सदस्य संगीता गौड़ ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष शर्मा ने इतना जरूर कहा कि सूचना पर समिति की टीम आश्रम जरूर गई थी। संत रामपाल अप्रैल 2026 में जमानत पर जेल से बाहर आए थे और गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में रह रहे हैं।

भारी बारिश के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर योगी सरकार अलर्ट

लखनऊ प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी और स्थानीय फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर सक्रिय गैंग तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य पूरा करें। स्थानीय फॉल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाई जाए। बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा अनुरक्षण कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए हैं। अप्रत्याशित भारी बारिश से प्रदेश में ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ी हैं। अधिकांश फॉल्ट पेड़ या उनकी टहनियां गिरने के कारण हुए हैं। लखनऊ कंट्रोल रूम के अनुसार 11 केवी के 716 फीडर और 33 केवी के 173 सब-स्टेशनों के बंद होने की सूचना है, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। शक्ति भवन में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है, जहां छह अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती की गई है। अधिकारी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम से समन्वय कर स्थानीय फॉल्ट, गैंग, सामग्री और 12 घंटे से अधिक समय से बाधित आपूर्ति की जानकारी ले रहे हैं। 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए हैं। बारिश से बिजली की मांग करीब 28 हजार मेगावाट से घटकर 16 हजार मेगावाट से नीचे आ गई है। मांग कम होने से प्रदेश को कटौती मुक्त कर महानगरों से गांवों तक 24 घंटे आपूर्ति दी जा रही है। अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज में बेची जा रही है। अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से किसी भी घटना या ब्रेकडाउन की सूचना तत्काल 1912 पर देने की अपील की है। कंट्रोल रूम के नंबर शक्ति भवन – 0522-2288737, 2288738 टोल फ्री – 1912 मध्यांचल – 0522-4950397 केस्को – 8189045757 पूर्वांचल – 0542-2300137 दक्षिणांचल – 9412719627 पश्चिमांचल – 9412749313

भारी बारिश से प्रभावितों को तत्काल मिले राहत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बारिश के कारण जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें भी अनुमन्य मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए। मुख्यमंत्री ने फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार को कठिन परिस्थिति में तकलीफ न सहना पड़े। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को तत्काल बाढ़ राहत केंद्रों और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इसी तरह जिन लोगों के घर गिरने से वे बेघर हुए हैं, उनके लिए भी राहत केंद्रों एवं शरणालयों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड में रहें वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों से संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुनकर उपलब्ध संसाधनों से समाधान कराया जाए। अतिवृष्टि से हुई जनहानि और पशुहानि के मामलों में मुआवजा वितरण में देरी न हो। बारिश से घर गिरने के कारण प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट तैयार, जानें कैसी होगी आपकी प्रपोज्ड लेक सिटी?

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक सौगात की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास शामिल हैं। अब इस ड्राफ्ट पर सरकार दावे-आपत्तियां आमंत्रित करेगी। इस ड्राफ्ट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।' भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं गौरतलब है कि भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं हैं। इसमें प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन किया है। इसके तहत भोज ताल और इसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को आधारभूत रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबो एवं जलाशयों, बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के भी समुचित प्रावधान ड्राफ्ट में किए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव हैं। इसे विकास योजना इस दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य के साथ साथ अगली पीढ़ी को शहर में पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टर भूमि ग्रोथ कॉरीडोर के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में महानगरीय अवधारणा भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव इस प्रकार रखे गए हैं कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के साथ इसका सामंजस्य सहज रूप से हो सके और शहर में होने वाले विकास तथा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के संसाधनों से परस्पर लाभान्वित हो सके। ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस किया गया है। इसमें निवेश सम्मत वातावरण तैयार करने के दृष्टिकोण से 51 किलोमीटर लम्बे ग्रोथ कॉरीडोर की परिकल्पना की गई है। यह ग्रोथ कॉरीडोर एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। इस कॉरीडोर पर मिश्रित उपयोग के साथ उच्च घनत्व का विकास परिकल्पित है। इस कॉरीडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरीडोर प्रस्तावित है, जिसका भविष्य में एमआरटीएस में उन्नयन किया जा सकेगा। इस क्षेत्र में होटल एवं हास्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, अन्य व्यापार, आईटी सेक्टर, एआई एवं डाटा सेन्टर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाईपर मार्केट, मॉल मल्टीप्लेक्स, कार्पोरेट ऑफिस, विभिन्न संस्थान, ऐजुकेशन हब, हाउसिंग इत्यादि जैसे रोजगार उन्मुखी गतिविधियां, मिश्रित उपयोग के रूप में विकसित किए जा सकेंगे। इस क्षेत्र में असीमित एफएआर के प्रावधान रखे गए हैं। ग्रोथ कॉरीडोर को विभिन्न रेडियल मार्गों से नगर से जोड़ते हुए टांसिट उन्नमुख जोन (TOD) के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के माध्यम से नगर से जोड़ा जाएगा, जिससे मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागो से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है। ग्रोथ कॉरीडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है। बेहतर सामंजस्य पर जोर भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लेण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि कार्यस्थल एवं आवास (Work & Home) में बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके एवं नगर की मोबिलिटी भी लोक परिवहन आधारित हो सके। असीमित एफएआर एवं भवन ऊचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है। अधिक चौड़े मार्गो पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है। मास्टर पलान ड्राफ्ट में विकास मापदण्डों का सरलीकरण एवं युक्तियुक्तकरण विकास मापदण्डों में भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों एवं विकासकर्ताओ को लाभ होगा एवं डिजाइन विकल्प उपलब्ध होंगे। भवनों के आसपास छोड़े जाने वाले एमओएस का भी पुर्ननिर्धारण इस प्रकार से किया गया है कि भूमि का अनुकूलतम उपयोग हो सके। विकास मापदण्डो का सरलीकरण किया गया है, जिससे आम नागरिक को समझने में कठिनाई न हो। शहर की हरियाली पर खासा ध्यान भोपाल मास्टर प्लान 2005 में हरित क्षेत्र लगभग 16 प्रतिशत निर्दिष्ट था, जिसको बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत किया गया है, जो कि यूआरडीपीएफआई गाइडलाइन के मानकों से कहीं अधिक है। भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए इस पर गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढाकर 12 प्रतिशत किया गया है। इससे हरित क्षेत्र में अतिरिक्त वृद्धि होगी। इसके अलावा सर्विस एरिया हेतु भी 2 प्रतिशत का क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा। विकास योजना के कियान्वयन हेतु पूँजी संग्रहण विकास योजना में प्रीमियम ऑन एफएआर, प्रशमन इत्यादि के माध्यम से स्थानीय निकाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका उपयोग विकास योजना के क्रियान्वयन में किया जाना संभव हो सकेगा। इससे विकास योजना के यथासमय क्रियान्वयन में सहयोग प्राप्त हो सकेगा। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में क्रिएटिव रीडेवलपमेंट के माध्यम से पुर्नविकास नगर के … Read more

ट्रेड शो में यूपी की महिला उद्यमियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सजाए अपने उत्पाद

ग्रेटर नोएडा कभी शौक के तौर पर शुरू हुआ काम आज कारोबार बन चुका है। किसी ने चित्रकारी को कपड़ों पर उतारकर अपना उद्यम खड़ा किया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिला उद्यमियों की कहानियां महिला सशक्तीकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है और महिलाएं अब उत्पाद बनाने के साथ उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं हैं। मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के माध्यम से पीतल से बनी विभिन्न कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि योगी सरकार ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजार तक पहुंच बना रहे हैं। उनके अनुसार यह विस्तार प्रदेश सरकार की नीतियों से मिले अवसरों के कारण संभव हुआ है। शौक को बनाया कारोबार, सात महिलाओं को दिया रोजगार गाजियाबाद के बजरिया से आईं अंजली अंजली क्रिएशन के माध्यम से कपड़ों पर की गई चित्रकारी के उत्पाद लेकर पहुंची हैं। उन्हें चित्रकारी का शौक था, जिसे उन्होंने उद्यम का रूप दिया। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया। आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंजली के मुताबिक उनका कारोबार बढ़ने के साथ अब वह सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं। गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने विभिन्न तरह के बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो में उन्हें नए ग्राहकों और बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में आई हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। उनके समूह में 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा का कहना है कि समूह की महिलाएं योगी सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनके लिए समूह केवल उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को आय का स्थायी जरिया देने का मंच भी बन रहा है। सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। सुधा के मुताबिक इस मंच ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की इन कहानियों में एक समान बदलाव दिखाई देता है—महिलाएं अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार चला रही हैं, बाजार तलाश रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए बिक्री का मंच होने के साथ अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने और नए बाजार से जुड़ने का अवसर भी बन रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और ऐसे बाजार उपलब्ध कराने वाले मंचों के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

रिश्वत मामले में पठानकोट का पुलिस अफसर फंसा, विजिलेंस ने देर रात पकड़ा

पठानकोट. पंजाब के धर्मकोट हलके में देर रात जब विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए कोट ईसे खां थाने की महिला थाना प्रभारी सुनीता बावा पर शिकंजा कसा। विजिलेंस की इस अचानक हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। देर रात चलाई गई इस विशेष मुहिम के दौरान महिला अधिकारी को हिरासत में लिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई रिश्वत से जुड़े एक मामले को लेकर की गई है। धर्मकोट के पास स्थित नूरपुर हकीमा गांव के कुछ निवासियों ने महिला पुलिस अधिकारी पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उनसे काम के बदले अवैध राशि की मांग की जा रही थी। इस शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस विभाग ने रणनीति तैयार की और देर रात सीधे थाने और संबंधित ठिकानों पर दबिश देकर यह कार्रवाई की।