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कोर्ट का बड़ा आदेश: 2017 में निकाली गई 80 महिला कर्मचारियों को टाटा इंटरनेशनल में फिर से काम पर रखा जाएगा

देवास देवास स्थित टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा वर्ष 2017 में बिना नोटिस और जानकारी के नौकरी से निकाली गई महिला कर्मचारियों के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिना नोटिस फैक्ट्री बंद करने और कर्मचारियों को निकालने को कानून का उल्लंघन मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित 80 नियमित महिला कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा जाए और उन्हें आधे वेतन के साथ बहाल किया जाए। मामले में इंटेक यूनियन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई है, लेकिन बहाली की प्रक्रिया मुंबई हेड ऑफिस से अनुमति मिलने के बाद ही शुरू होगी। 2017 में 700 महिलाओं को अचानक निकाला था जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में लेडीज फुटवियर निर्माण कार्य में लगी लगभग 700 महिला कर्मचारियों को कंपनी ने अचानक नौकरी से निकाल दिया था। इनमें से लगभग 80 महिलाएं कंपनी की नियमित कर्मचारी थीं, जबकि कुछ ठेका प्रणाली के तहत कार्यरत थीं। अदालत ने बिना नोटिस निकाले जाने और फैक्ट्री बंद करने के इस मामले को कानून का उल्लंघन माना है। वकील बोले- कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध मामले में वकील बीएल नागर ने जानकारी दी कि, "कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध है और अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल 80 कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश हुआ है और अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।" इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेत्री रेखा वर्मा ने इसे महिलाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि, "बिना नोटिस कर्मचारियों को निकालना पूरी तरह गैरकानूनी था और कंपनी को जल्द से जल्द न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए।" मुंबई हेड ऑफिस की अनुमति का इंतजार इंटेक के जिलाध्यक्ष महेश राजपूत ने बताया कि कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि आदेश को अभी तक आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि कंपनी हेड ऑफिस मुंबई से अनुमति मिलने के बाद ही कर्मचारियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगी। महिला कर्मचारियों ने न्याय मिलने पर जताई खुशी न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रभावित महिला कर्मचारी माया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय से वे परेशान थीं और अब उन्हें राहत मिली है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी बीना वैष्णव ने बताया कि पिछले 7-8 वर्षों से उनका संघर्ष जारी था और कर्मचारी संघ के सहयोग से यह जीत संभव हो पाई है।

Economic Survey में खुलासा: दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख से ज्यादा रहने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।  इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।

अमृतसर में 5 किलो हेरोइन बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार तस्करी का कनेक्शन

अमृतसर   पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस को अमृतसर में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल मिली है। काउंटर इंटेलिजेंस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। यह जानकारी पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दी गई है। पंजाब डीजीपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीमा पार खेप की तस्करी में पाकिस्तान स्थित एक तस्कर और विदेश में स्थित एक हैंडलर का हाथ था। अमृतसर स्थित पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।  इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों के नेटवर्क को नष्ट करने और नशीले पदार्थों से मुक्त, सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके पहले 22 मार्च को पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। तीन आरोपियों को 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया था कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई थी। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने बताया था कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। इसके बाद मनप्रीत सिंह के घर से 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई।

जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में जल उत्सव, एमसीबी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया

एमसीबी : जल संरक्षण का संकल्प: जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में भव्य जल उत्सव, लोगों ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्प एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस, जल अर्पण दिवस एवं जल उत्सव पखवाड़ा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं जनजागरूकता से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सशक्त पहल प्रस्तुत की। पंचायत भवन के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यपालन अभियंता  आकाश पोद्दार के निर्देशन में तथा सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। जनपद अध्यक्ष  माया प्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष हीरा लाल मौर्य, जिला महामंत्री हिरा लाल यादव, जनपद सदस्य  रविन्द्र कुमार बैगा एवं देवेन्द्र कुमार सिंह सहित ग्राम पंचायत मोहनटोला के सरपंच  अमरबहादुर सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य, जल बहिनियां, पंप ऑपरेटर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा जल जीवन मिशन विषय पर रंगोली बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। पूरे गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पानी के महत्व के प्रति सचेत किया गया। सोलर सिस्टम एवं नल कनेक्शन पर मौली धागा बांधकर उनके संरक्षण एवं जिम्मेदारी का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, जल बहिनियों तथा पंप ऑपरेटरों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके कार्यों के प्रति सम्मान और प्रेरणा दोनों का संचार हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हुए स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता एवं नल-जल योजना के सफल संचालन में जनसहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही पंचायती राज अधिनियम की अधिसूचना 6 दिसंबर 2024 के अनुसार न्यूनतम 60 रुपये जल शुल्क के नियमित भुगतान की अनिवार्यता को भी समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामवासी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए जल स्रोतों का संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित करें, तो हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति संभव है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने जल संरक्षण की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझेंगे, उसका संरक्षण करेंगे तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय टीम के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन उत्साह, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

फिर चमकी बेटियों की प्रतिभा! इंटर परीक्षा में छाईं, देखें साइंस-आर्ट्स-कॉमर्स के जिला टॉपर्स

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकायों में कुल 26 टॉपर्स शामिल हैं, जिनमें 19 लड़कियां हैं। इससे यह साफ है कि इस वर्ष भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि 86.23 छात्राओं ने परीक्षा पास की है। छात्रों का प्रतिशत 84.19 है। वहीं आर्ट्स और कॉमर्स में छात्रा ने और साइंस में छात्र ने टॉप किया है।  जानिए विज्ञान में कितने टॉपर्स? साइंस संकाय में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सीतामढ़ी से साक्षी कुमारी और नवादा से सपना कुमारी (479) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे नंबर बेगूसराय की अनामिका कुमारी हैं। इन्होंने 478 अंक अर्जित किया है। दरभंगा से सत्यम कुमार चौथे स्थान पर हैं। इन्होंने 476 अंक अर्जित किया है। मुजफ्फरपुर की पलक कुमारी पांचवें नंबर हैं। पलक ने 475 अंक प्राप्त किया है। आर्ट्स में दरभंगा के छात्रों की संख्या अधिक वहीं आर्ट्स संकाय में गया की निशु कुमारी ने टॉप किया और कुल 13 टॉपर्स के साथ यह संकाय सबसे आगे रहीं। निशु ने 479 अंक अर्जित किया। दूसरे नंबर पर तीन छात्र हैं। इनमें सीतामढ़ी की सिद्धि शिक्षा, लखीसराय के चंद्रदीप कुमार और पूर्णिया के लकी अंसारी ने 478 अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर चार छात्र शामिल हैं। इनमें पश्चिम चंपारण से नसरीन परवीन, नालंदा से साजिया अंसारी, दरभंगा से निशु कुमारी, सहरसा से आदर्श ने 477 अंक प्राप्त किए। वहीं चौथे नंबर पर दो छात्र शामिल हैं। इनमें सीवान की अमृता कुमारी और दरभंगा की स्वीटी कुमार शामिल हैं। इन दोनों को कुल 476 अंक मिले। पांचवे नंबर पर तीन छात्र शामिल हैं। इनमें अररिया की बीबी असराना, सारण की रौशन कुमारी और दरभंगा के मनीष कुमार शामिल हैं। इन तीनों को 475 अंक आए। कॉमर्स में पटना की बेटियों का दबदबा वहीं कॉमर्स संकाय पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया। इन्हें पटना 480 अंक आए। इनके बाद पटना की माही कुमार दूसरे नंबर पर रहीं। इन्हें 476 अंक आए। तीसरे स्थान पर भी पटना की बेटी ने बाजी मार ली। 475 अंकों के साथ निशिका श्री तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं चाैथे नंबर पर दो छात्रा शामिल हैं। वैशाली की मानवी कुमारी और नवादा की श्रेया कुमारी को 474 अंक प्राप्त हुए। पांचवें नंबर पर फिर से पटना की ही बेटियों का दबदबा रहा। इनमें वारिशा नौशाद और हर्षिका शामिल हैं। दोनों 472 अंक मिले हैं।

इश्क बना कत्ल की वजह: पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश, पुलिस ने एक दिन में सुलझाया मामला

बालोतरा राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के मलवा गोयलान गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला महज 24 घंटे के भीतर हत्या में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चार साल पहले हुई थी मृतक की शादी मृतक की पहचान महेंद्र कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार साल पहले बागूंडी निवासी अनु के साथ हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक के गले पर मिले निशानों और परिजनों के शक ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। सुबह तक नहीं जागा युवक, परिजनों को हुआ शक घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शनिवार सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को चिंता हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो महेंद्र चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर स्पष्ट चोट के निशान थे, जिससे मामला सामान्य मौत न लगकर हत्या का प्रतीत हुआ। तुरंत इसकी सूचना गिड़ा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद जांच के दौरान सामने आया कि महेंद्र और उसकी पत्नी अनु देवी के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था। कई बार परिवार और समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता भी करवाया, लेकिन आपसी मतभेद खत्म नहीं हुए। आए दिन होने वाले झगड़ों ने रिश्ते को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। झगड़े के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। शुक्रवार रात भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान अनु देवी ने अपने प्रेमी अमराराम (निवासी तिलवाड़ा) को फोन कर घर बुला लिया। अमराराम सरकारी विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। प्रेमी के घर पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर महेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर महेंद्र का गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश गिड़ा थाना अधिकारी दलपत सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मौके के हालात और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तेजी से केस को सुलझाया। पूछताछ में अनु देवी और अमराराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इलाके में फैली सनसनी घटना के खुलासे के बाद मलवा गोयलान सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने और उसमें एक सरकारी शिक्षक की संलिप्तता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। थानाधिकारी दलपत सिंह चौधरी के अनुसार, 'मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में आपसी अनबन के चलते हत्या का मामला सामने आया। आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।'

सिद्धू ने परिवार में बांटी दौलत: बेटी को दिया बड़ा भाग, बेटे के हिस्से में क्या आया?

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के सीनियर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी संपत्ति का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अपने जीते जी ही बेटे और बेटी के नाम पर संपत्ति बांट दी है। उन्होंने फेसबुक पर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी है। सिद्धू का कहना है कि उन्होंने अपने पटियाला स्थित पैतृक घर को बेटे करन सिद्धू के नाम किया है। वहीं अमृतसर के अपने खुद के बनाए घर को बेटी राबिया को सौंप रहे हैं। इस तरह उन्होंने विरासत को समय रहते ही बांटने का फैसला कर लिया। उनके इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है और संपत्ति में बेटी को भी बड़ा हिस्सा दिए जाने की तारीफ की जा रही है। नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला की यादविंद्र कॉलोनी में बाराबरी गार्डन के पास पैतृक आवास है। वहीं अमृतसर के शानदार घर को उन्होंने अपनी कमाई से तैयार किया था। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी नवजोत से लंबी चर्चा के बाद इस संबंध में फैसला लिया कि संपत्ति को बांट दिया जाए। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए परिवार के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर में यकीन करता हूं। अमृतसर की जना ने मुझे हमेशा सम्मान दिया है और हम उनके साथ हर वक्त खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने जो मेहनत से कमाया था, उसे बच्चों के बीच बांट रहा हूं। मैंने राजनीति से कुछ भी नहीं कमाया। उन्होंने फेसबुक पर अपनी डिटेल पोस्ट में लिखा, 'मैंने माता पार्वती के आशीर्वाद से यह घर बनवाया था, जो मैंने अमृतसर को दिए अपने वचन का सम्मान करने के लिए किया। मेरे बारे में यहां कुछ लोगों ने कहा था कि मैं यहां प्रवासी पक्षी की तरह आया हूं और चला जाऊंगा। लेकिन मैंने लोगों को भरोसा दिया था कि मैं आपका बनकर यहीं रहूंगा। सांसद के रूप में मैंने यहीं से दो कार्यकाल पूरे किए थे। इसके बाद भी मैं यहीं बना हुआ हूं। अब भी मेरा वादा जारी है।' उन्होंने लिखा कि मैंने बिग बॉस से लेकर स्टार टीवी के साथ हिंदी कमेंट्री और फिर कपिल शर्मा शो तक कमाई की। इस मकान को हमने 2014 में तैयार किया था। राजनीति से एक भी पैसा नहीं कमाया। सारी कमाई मेरी मेहनत की है। इसके आगे वह लिखते हैं, 'करण को मेरे पिता द्वारा बनाया गया पैतृक घर विरासत में मिलेगा और अमृतसर वाला घर राबिया को मिलेगा!' गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को बीते कुछ सालों में लगातार कई झटके झेलने पड़े थे। एक तरफ गैर-इरादतन हत्या वाले मामले में वह जेल चले गए थे। फिर वह बाहर निकले तो उनकी पत्नी को कैंसर हो गया था। इस बीच उन्होंने बेटे करन की शादी कर दी थी और फिर पत्नी भी कैंसर से उबर गईं। इस तरह एक चुनौतीपूर्ण दौर झेलने के बाद सिद्धू फैमिली में खुशियों का दौर लौटा।  

मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का ऐलान: महतारी वंदन योजना के लिए पोर्टल फिर खोला जाएगा, छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका

दुर्ग छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि लोगों को हर चीज मंहगाई के हिसाब से नहीं देखनी चाहिए। मंत्री दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के संकट को वैश्निक चुनौती के कारण हो रहा है। मंत्री ने कहा- लोगों को हर चीज केवल महंगाई के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए भी खुशशबरी दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं छूट गई हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा। तारीख तय नहीं पर नोम जोड़े जाएंगे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि यहां महिला आबादी को फोकस किया जा रहा है। अभी महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा। पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन नाम जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गैस सिलेंडर के दामों पर क्या बोलीं गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कठिनाइयां सभी के जीवन में आती हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर बाहर से आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम हैं। थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन देश सुरक्षित है, यह सबसे बड़ी बात है। गैस के कीमत में वृद्धि अस्थाई है मंत्री ने कहा कि इन्हीं कठिन परिस्थितियों से आगे चलकर जीवन आसान बनता है और सिलेंडर के दाम में वृद्धि अस्थायी है। वहीं, धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ है।  

रायपुर: विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न, डाटा में एकरूपता होना जरूरी

रायपुर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।     बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा। बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।