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मुख्यमंत्री यादव का कड़ा कदम, कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाया

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने  सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सहकारी बैंक महाप्रबंधक भी निलंबित  औचक निरीक्षण के दौरान सीधी जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे. विभागीय समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएम यादव ने बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कहीं भी पदस्थ हों, उन्हें जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी, पदभार संभालते ही शुरू हो जाती है, और प्रशासन में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. IAS स्वरोचिष सोमवंशी का जीवन परिचय स्वरोचिष सोमवंशी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2012 बैच की अधिकारी हैं. 24 दिसंबर 1984 को जन्मी सोमवंशी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने B.Tech (Computer Science and Engineering) किया है. 3 सितंबर 2012 को IAS के रूप में नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुकी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोमवंशी अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं. वर्तमान कार्रवाई से पहले वे 11 मार्च 2024 से सीधी जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं. अधिकारियों पर गिरी गाज सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक नहीं मिली अधिकारी की भूमिका इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। गुना एसपी को भी हटाया वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है। ये है पूरा मामला गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।  

तबाही के बाद नहीं थमा संकट, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

पटना बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है। सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश। कल कैसा रहेगा मौसम? रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

नवरात्रि में मुख्यमंत्री की ओर से बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलने को लेकर सकारात्मक संदेश

नवरात्र में बेटियों को बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र मिलना सकारात्मक संकेत: मुख्यमंत्री  -लोकभवन में नव चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किया संबोधित  1097 महिला और 131 पुरूष नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र – सीएम ने नव चयनित नर्सिंग अधिकारियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र, बोले- नए मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग व पैरामेडिकल सीटों में हुआ भारी इजाफा – सुपर स्पेशलिटी संस्थानों ने बढ़ाई प्रदेश की पहचान, नर्सिंग के साथ भाषा कौशल से मिलेगा वैश्विक अवसर लखनऊ आज नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में है। जापान और जर्मनी यात्रा के दौरान भी नर्सिंग प्रोफेशनल्स की डिमांड की गई। वहां भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स के बारे में लोगों के मन में आदर का भाव है। यह सौभाग्य हमारे नर्सिंग प्रोफेशनल्स को प्राप्त है। ऐसे में नर्सिंग कोर्स के साथ एक लैंग्वेज में डिप्लोमा कर अपना भविष्य को और बेहतर बना सकते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन के सभागार में आयोजित निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इससे पहले नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स ने मुख्यमंत्री के सामने अपने विचार साझा किए और उन्हें धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में 1097 महिलाओं और 131 पुरूष नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र पहले की सरकारों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं कोई सुध लेने वाला नहीं था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के लिए जाना जाता था। हालात इतने खराब थे कि हजारों लोगों की मौतें होती थीं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियां हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान ले लेतीं थीं। इसके अलावा अन्य कई संक्रामक रोगों से भी लगातार मौतें होती रहतीं थीं, जिससे यह क्षेत्र स्वास्थ्य संकट का केंद्र बना हुआ था। इन चुनौतियों के बीच प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए गए। वर्षों से बंद पड़े एएनएम और जेएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से शुरू किया गया। प्रदेश में 35 ऐसे एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, जो पूर्व में बंद हो चुके थे, उन्हें पुनः संचालित किया गया है। इसके साथ ही 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में केवल मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों की भी समान रूप से अहम भूमिका होती है। यदि डॉक्टर स्वास्थ्य प्रणाली का नेतृत्व करता है, तो नर्सिंग स्टाफ उसकी रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करता है। इसी सोच के साथ प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जहां पहले प्रदेश राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे था, वहीं अब उत्तर प्रदेश इन मानकों पर राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंच रहा है। 976 सीएचसी पर टेलीमेडिसिन और टेली-कंसल्टेशन की सुविधा शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत प्रदेश में लगभग 9.25 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इसके अलावा डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा आईडी) के रूप में 14 करोड़ 28 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो नागरिकों को एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टेलीमेडिसिन और टेली-कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में रियल टाइम डिजीज ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे बीमारियों की निगरानी और नियंत्रण में मदद मिल रही है। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां स्वास्थ्य क्षेत्र में अव्यवस्था और बाहरी हस्तक्षेप की शिकायतें रहती थीं, वहीं अब “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल शिक्षा को एकरूपता देने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के माध्यम से सभी मेडिकल कॉलेजों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। अब सहारनपुर, आजमगढ़, चंदौली और बिजनौर जैसे विभिन्न जिलों के मेडिकल कॉलेज एक समान पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के तहत संचालित हो रहे हैं। 22 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के साथ नर्सिंग शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर मेडिकल कॉलेजेस की संख्या बढ़ी है। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स अच्छे ढंग से संचालित हो चुका है। पीपीपी मोड पर भी हमने कुछ मेडिकल कॉलेज संचालित किए हैं, जो सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं। महाराजगंज, संभल और शामली जैसे जिलों में यह मॉडल अब “पब्लिक ट्रस्ट पार्टनरशिप” के रूप में विकसित हो रहा है, जहां सरकार के प्रति बढ़े विश्वास के चलते आम जनता भी स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आ रही है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सीटों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। नर्सिंग में 7000 सीटें और पैरामेडिकल में 2000 सीटों की वृद्धि की गई है। एमबीबीएस (यूजी) सीटें, जो पहले 5390 थीं, अब बढ़कर 12700 हो गई हैं। वहीं, पीजी सीटों की संख्या 1221 से बढ़कर 5056 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई संचालित हो रही है, जबकि 22 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के साथ इन संस्थानों में भी नर्सिंग शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के विकास में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान में डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए एडवांस्ड डायबिटीज सेंटर स्थापित किया गया है, जहां एक ही छत के नीचे दोनों बीमारियों का … Read more

31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है। इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:     मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     विधवा पेंशन योजना     निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना     लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना     अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

250 करोड़ का जेट विमान खरीदेगी मध्यप्रदेश सरकार, डिलीवरी की तैयारी तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार को जल्द ही किराए के विमान से मुक्ति मिल जाएगी। राज्य सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा है जिसकी जल्द डिलीवरी होगी। कनाडा में सरकार का नया विमान लगभग तैयार हो चुका है। भोपाल लाने के पहले इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पायलट व दो इंजीनियर जून में कनाडा जाएंगे। विमान की जांच के ही इस काम में 50 लाख रुपए लगेंगे। अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है। जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं। कनाडा में राज्य सरकार का नया जेट विमान (चैलेंजर 3500) लगभग तैयार हो गया है। इसे तैयार कर रही बाम्बार्डियर कंपनी जून 2026 के अंत तक सरकार को सौंपने जा रही है। डिलीवरी लेने से पहले विमान की तकनीकी जांच की जाएगी जिसके लिए सरकार ने समिति गठित कर दी है। विमान की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम चिह्नित की गई है। ये निजी विशेषज्ञ हैं, जो जांच के लिए 50 लाख रुपए ले रहे हैं। विमान की जांच टीम में विमानन विभाग में पदस्थ पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं।

युद्ध का असर रसोई तक: सोया तेल महंगा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें

इंदौर ईरान-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष के कारण केवल एलपीजी का संकट ही नहीं आया बल्कि अन्य खाद्य सामग्रियों पर भी इसका खासा असर पड़ रहा है। इंदौर Indore में खाद्य तेल महंगा हो गया है। युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक तेजी के कारण सोया तेल Soya Oil के दामों में उछाल आया है। ईरान अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें उच्चतम स्तर तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत सहित दुनिया भर में माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य पदार्थों, रसोई तेल और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। इंदौर के थोक बाजार में सोयाबीन और पाम तेल की कीमतों में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही रिटेल में भी खाने का तेल महंगा हो गया है जिससे रसोई के बजट पर दबाव बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई और लंबी खिंचने से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से आता है। कच्चे तेल की कीमत बढऩे से देश में महंगाई बढ़ सकती है। इंदौर में तेल के भाव लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मूंगफली तेल 1740 से 1760 मुंबई मूंगफली तेल 1770 इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1505 से 1510 इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1450 से 1455 मुंबई सोया रिफाइंड 1500 मुंबई पाम तेल 1430 इंदौर पाम 1500 राजकोट तेलिया 2750 गुजरात लूज 1725 कपास्या तेल इंदौर 1400 रुपए  तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 6300 से 6600, रायडा 5700 से 6000 सोयाबीन 3400 से 5575 रुपए क्विंटल असर सूखे मेवों पर भी सप्लाई प्रभावित का असर सूखे मेवों पर भी पड़ रहा है। इनकी कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है- सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 925 से 975, काजू जेएच 820 से 835, टुकड़ी 770 से 795, बादाम इंडिपेंडेट 775 से 795, कैलिफोर्निया 835 से 850, मोटा दाना 880 से 920, टांच 750 से 770, किशमिश कंधारी 425 से 475, बेस्ट 500 से 550, इंडियन 375 से 400, बेस्ट 415 से 425, चारोली बेस्ट 1850 से 1950, अंजीर बेस्ट 850 से 1150, मखाना 5, बेस्ट 1150 से 1350, पिस्ता कंधारी 2575 से 2750, पिस्ता पिशोरी 3150 से 3200 रुपए।

4 विधायकों के निलंबन पर बवाल: आतिशी सरकार को मिली बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने चेतावनी दी है कि यदि आम आदमी पार्टी के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो पार्टी आगामी बजट सत्र का पूर्ण बहिष्कार करेगी। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर विशेषाधिकार हनन नोटिस और निलंबन के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। आतिशी के अनुसार, विधायकों को आधिकारिक समूहों से हटाना और समिति की बैठकों में न बुलाना असंवैधानिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सदन में लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन नहीं हुआ और विधायकों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं किया गया तो पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का लगाया आरोप सोमवार से शुरू होने वाले सत्र से पहले आतिशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर विशेषाधिकार उल्लंघन के नोटिस और निलंबन के माध्यम से आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो उनकी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी निकाला आतिशी ने बताया कि पिछले सत्र के दौरान AAP के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया था और उन्हें दिल्ली के विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया था। दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्य और आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को न तो समिति की बैठकों में आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें समिति की मसौदा रिपोर्ट भेजी गई। …तो AAP का कोई विधायक बजट सत्र में नहीं होगा शामिल आतिशी ने चेतावनी दी कि यदि संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह समेत आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का असंवैधानिक निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आम आदमी पार्टी का कोई भी विधायक अगले बजट सत्र में शामिल नहीं होगा। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें अकेले ही विशेषाधिकार उल्लंघन के चार नोटिस दिए गए हैं। आज  से शुरू होगा दिल्ली का बजट सत्र आतिशी ने कहा कि अगर स्पीकर उसके चार विधायकों का निलंबन वापस नहीं लेते हैं तो आम आदमी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। यदि विपक्ष की आवाज दबाई गई तो आम आदम पार्टी लाखों लोगों के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सड़कों पर उतरेगी। दिल्ली विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल AAP के 22 विधायक हैं। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश होने के साथ शुरू होगा।

रेलवे का बड़ा तोहफा: समर वेकेशन में दौड़ेंगी 18 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानें टाइमटेबल

भोपाल गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में एक बार फिर भारी भीड़ उमडऩे लगी है। भोपाल रेल मंडल से अब तक 18 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवर वेटिंग की स्थिति बन रही है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार, गोरखपुर, पुणे, मुंबई के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे द्वारा संचालित समर स्पेशल ट्रेनों में नियमित ट्रेनों के मुकाबले 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन सीमित अवधि के लिए किया जाएगा। अप्रेल और मई में चलेंगी रेलगाडिय़ां ट्रेन संख्या 01415 पुणे- गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6:50 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सायं 4 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 2 अप्रैल से 1 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी।   यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 10:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 3 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन मध्यरात्रि 12:40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ऐसे कराएं टिकट ट्रेन में टिकट लेने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctc.co.in) या 'IRCTC Rail Connect App' पर अकाउंट रजिस्टर करें। यहां पर आपको लॉगिन करना होगा, जिसके लिए यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद 'From' (जहां से जाना है) और 'To' (जहां तक जाना है) स्टेशन भरें, यात्रा की तारीख चुनें और 'Search Trains' पर क्लिक करें। उपलब्ध ट्रेनों की सूची में से अपनी पसंद की ट्रेन और क्लास (जैसे- Sleeper, 3AC, 2AC) चुनें। यात्रियों का नाम, उम्र और सीट की प्राथमिकता दर्ज करें। क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए टिकट का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने के बाद, आपका ई-टिकट (E-ticket) ईमेल और SMS पर आ जाएगा।

उन्नत खेती से शीला राजवाड़े बनीं लखपति दीदी बिहान’ से जुड़कर संवर रही ग्रामीण महिलाओं की आजिविका

रायपुर महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है, ताकि वे पुरुष के बराबर अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकें। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाकर लैंगिक असमानता को खत्म करने की एक प्रक्रिया है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के जीवन में नई रोशनी ला रही है। सरगुजा जिले में इस योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं।  संघर्ष से सफलता तक का सफर           अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा की श्रीमती शीला राजवाड़े की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वरदान महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती शीला राजवाड़े बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण था। पति के पास नियमित रोजगार न होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। 60 हजार के ऋण से शुरू की उन्नत खेती          शीला ने बताया कि वर्ष 2023 में ’बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उन्हें समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का प्रारंभिक ऋण प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने उन्नत सब्जी उत्पादन में निवेश किया। आज वह बड़े पैमाने पर लौकी, करेला और बैंगन जैसी सब्जियों की मिश्रित खेती कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल नियमित आय प्राप्त हो रही है, बल्कि वे अपने घर का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। जिम्मेदारी और नेतृत्व           महिलाओं को अपने जीवन के हर निर्णय में बराबरी का अधिकार और आत्मविश्वास देना है। जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है, आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है और अपनी आवाज़ बेझिझक उठा पाती है, तो उसका प्रभाव सिर्फ उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता। वह पूरे परिवार, समाज और देश को मज़बूत बनाती है। अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के कारण शीला को समूह में वी.ओ.ए.  के पद की जिम्मेदारी भी मिली है। वे अब गाँव की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। शासन की योजनाओं के लिए जताया आभार            अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए शीला ने कहा कि बिहान योजना ने महिलाओं को चौखट से बाहर निकलकर उद्यमी बनने का अवसर दिया है। उन्होंने जिले की अन्य दीदियों से भी अपील की है कि वे समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार की प्रगति में सहभागी बनें।

स्मार्ट किचन की ओर कदम: भोपाल में PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान

भोपाल बढ़ती ईंधन की कीमतों और स्वच्छ ऊर्जा की मांग के बीच, अब घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) एक लोकप्रिय विकल्प बनती जा रही है। यदि आप भोपाल में रहते हैं और नया पीएनजी कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, तो अब यह प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी मुक्त हो गई है। यहां जानें आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी जानकारी। क्या है पीएनजी कनेक्शन? (What is a PNG Connection?) पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइनों के माध्यम से घरों तक पहुंचाई जाती है। एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की तुलना में इसे अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती माना जाता है। इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग करने का झंझट नहीं रहता। भोपाल में मुख्य रूप से भारत गैस रिसोर्सेज लिमिटेड (BGRL) द्वारा पीएनजी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह कंपनी घरेलू और वाणिज्यिक (Commercial) दोनों तरह के उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करती है। आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) 1. ऑनलाइन आवेदन: सेवा प्रदाता (BGRL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। "न्यू पीएनजी कनेक्शन" (New PNG Connection) विकल्प का चयन करें। अपना विवरण जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर भरें। 2. ऑफलाइन आवेदन: अपने नजदीकी पीएनजी कार्यालय या ग्राहक सेवा केंद्र पर जाएं। आवेदन पत्र भरें और वहां जमा करें। 3. आवश्यक दस्तावेज जमा करें: पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि)। पते का प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड आदि)। पासपोर्ट साइज फोटो। सत्यापन और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया साइट सर्वे: आवेदन करने के बाद, कंपनी की तकनीकी टीम आपके घर का दौरा (Site Survey) करेगी। शेड्यूलिंग: यदि आपके क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन उपलब्ध है, तो इंस्टॉलेशन का समय तय किया जाएगा। मीटर फिटिंग: आपके परिसर में एक गैस मीटर और रेगुलेटर लगाया जाएगा। कनेक्शन की लागत और समय     सुरक्षा निधि (Security Deposit): यह लगभग ₹5,000 से ₹7,000 के बीच हो सकती है।     इंस्टॉलेशन शुल्क: यह सेवा प्रदाता और पाइप की लंबाई के आधार पर भिन्न हो सकता है।     समय: आमतौर पर इस प्रक्रिया में 7 से 15 दिन का समय लगता है। यदि आपके क्षेत्र में बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार नहीं है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है। पीएनजी के मुख्य लाभ     बुकिंग से आजादी: एलपीजी सिलेंडर बुक करने की कोई आवश्यकता नहीं।     निर्बाध आपूर्ति: 24 घंटे बिना रुके गैस की सप्लाई।     सुरक्षित और इको-फ्रेंडली: यह पर्यावरण के अनुकूल है और एलपीजी से अधिक सुरक्षित मानी जाती है।     किफायती: लंबे समय में यह सिलेंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है। भोपाल में पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करना अब एक सीधी प्रक्रिया है। सही दस्तावेजों और साधारण आवेदन के साथ, आप कुछ ही दिनों में अपने घर पर निर्बाध और स्वच्छ ईंधन का आनंद ले सकते हैं।