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चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर, बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क

सतना  मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों ने किया जलस्तर का अवलोकन शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर का अवलोकन किया। मौके की स्थिति का जायजा लिया अधिकारियों ने नदी किनारे की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद चित्रकूट में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। विशेष सावधानी बरतने की अपील लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने मंदाकिनी नदी के घाटों और आसपास रहने वाले श्रद्धालुओं, रहवासियों तथा दुकानदारों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। श्रद्धालुओं को नौका विहार न कराएं लोगों से नदी के घाटों से दूर रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। प्रशासन ने नाव संचालकों से भी अपील की है कि नदी की स्थिति सामान्य होने तक श्रद्धालुओं को नौका विहार न कराएं। परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, नगर परिषद सीएमओ अंकित सोनी और सहायक राजस्व निरीक्षक संदीप त्रिपाठी सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने बारिश के दौरान नदी के जलस्तर और आसपास की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।  

MP में 30 हजार शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, TET के बाद आएगी सूची

भोपाल  MP में प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बाद खुलेगा। दिसंबर में प्रस्तावित TET का रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी कर सकता है। प्रमोशन होने के बाद खाली होने वाले पदों और रिटायरमेंट से रिक्त पदों को मिलाकर अगले साल करीब 48 हजार पदों पर नई भर्ती की स्थिति बन सकती है। दरअसल, सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब एक लाख प्रमोशन भी हो चुके हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक संवर्ग के प्रमोशन अभी बाकी हैं। लिपिक संवर्ग और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रमोशन किए जा चुके हैं। दिसंबर में TET, इसके बाद प्रमोशन की पहली सूची शिक्षकों के प्रमोशन को TET से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिसंबर 2028 तक छह बार TET कराई जानी है। पहली परीक्षा दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा मंडल के जरिए प्रस्तावित है। रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग ने प्रमोशन के लिए शिक्षकों की सूची पहले ही तैयार कर रखी है। 18 हजार पद मार्च 2027 तक हो सकते हैं खाली फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली हैं। मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक रिटायर होंगे। इससे रिक्त पदों की संख्या करीब 18 हजार हो सकती है। इसके अलावा 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन होने पर उनके वर्तमान पद भी खाली होंगे। इस तरह करीब 48 हजार पदों पर भर्ती की स्थिति बन सकती है। शिक्षक संगठन जल्द प्रमोशन की मांग पर अड़े शिक्षक संगठन TET का विरोध करते हुए प्रमोशन जल्द करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी यह मुद्दा उठाया गया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन में भी प्रमोशन की मांग को शामिल किया है। एमपी में टीईटी के आवेदन अब 5 अक्टूबर तक होंगे एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई है। पहले 18 सितंबर तक आवेदन होना था। गुरुवार को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब तक 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। परीक्षा दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराए जाने की संभावना है।

436 रुपए के सुरक्षा कवच से मिला 2 लाख रूपए का सहारा

​रायपुर  ​विपरीत परिस्थितियों में एक छोटी-सी बचत किस तरह किसी परिवार के लिए बड़ा संबल बन सकती है, इसकी बानगी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में देखने को मिली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ('बिहान') से जुड़कर महिलाओं में आई वित्तीय साक्षरता का ही सुखद परिणाम है कि आज ग्रामीण परिवार आकस्मिक संकट के समय आर्थिक रूप से खुद को सुरक्षित पा रहे हैं।       ​ धमतरी जिले के ग्राम अर्जुनी की रहने वाली स्वर्गीय सगनी बाई ध्रुव 'ठाकुर देव स्व-सहायता समूह' की एक सक्रिय सदस्य थीं। बिहान के माध्यम से चलाए जा रहे सामाजिक सुरक्षा अभियानों से प्रेरित होकर उन्होंने मात्र 436 रुपए के वार्षिक प्रीमियम पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत अपना बीमा कराया था।दुर्भाग्यवश, उनके असमय निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन ऐसे कठिन समय में बिहान कैडर की मुस्तैदी और योजना की दूरदर्शिता परिवार के लिए एक आर्थिक ढाल बनकर सामने आई।         ​इस पूरे प्रकरण में जमीनी स्तर पर काम कर रहीं बैंक सखी कामिनी विश्वकर्मा और बीमा सखी प्रतिमा साहू ने आगे बढ़कर परिजनों को ढांढस बंधाया और क्लेम से जुड़े आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए। इसके बाद आश्रय महिला क्लस्टर संगठन (देमार) के जरिए बैंक के साथ त्वरित समन्वय स्थापित किया गया, जिससे बीमा दावा प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकी। ​परिणामस्वरूप, सगनी बाई के पति श्री कानतु राम ध्रुव के बैंक खाते में 2 लाख रुपए की बीमा दावा राशि हस्तांतरित कर दी गई। कानतु राम के लिए यह राशि केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि कठिन घड़ी में मिला एक मजबूत सामाजिक सहारा है, जिससे वे अपने परिवार की दैनिक प्राथमिकताओं और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सके हैं।        ​ सगनी बाई ध्रुव का यह उदाहरण यह सिद्ध करता है कि समय रहते सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ना कितना आवश्यक है। मात्र 436 रुपए का यह छोटा-सा वार्षिक निवेश संकट की घड़ी में किसी भी परिवार को 2 लाख रूपए की आर्थिक सुरक्षा दे सकता है। आज बिहान के स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित न रखकर बैंकिंग, बचत, पेंशन और बीमा जैसी दूरगामी योजनाओं से जोड़ रहे हैं। प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही ये सामाजिक सुरक्षा योजनाएं अनिश्चितताओं के दौर में ग्रामीण परिवारों के लिए आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की एक मजबूत गारंटी बनकर उभर रही हैं।

BJP से नाराजगी के बीच कैप्टन का बड़ा बयान, कांग्रेस वापसी पर कही ये बात

चंडीगढ़  भाजपा में शामिल होने के करीब चार साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर असंतोष जाहिर किया है।एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कैप्टन ने कहा कि भाजपा के साथ चार साल में उन्होंने “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में वापस जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। साथ ही कहा कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब प्रभावी तौर पर खत्म हो चुके हैं। सितंबर 2022 में भाजपा में शामिल हुए कैप्टन ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने पर स्वाभाविक उम्मीद होती है कि वरिष्ठ नेता से सलाह ली जाएगी। खासकर ऐसे व्यक्ति से, जिसने पंजाब को करीब छह दशक तक करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा, “मैं यह दावा नहीं कर रहा कि पंजाब के बारे में मेरे पास सभी जवाब हैं, लेकिन मैं इस राज्य को अच्छी तरह जानता हूं।” कैप्टन के बयान से शुरू हुई थीं सियासी चर्चाएं कैप्टन के इस बयान को भाजपा में उनके राजनीतिक प्रभाव और भूमिका को लेकर अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी और बाद में भाजपा में उसका विलय कर दिया था। हालांकि अब चार साल बाद वह खुद कह रहे हैं कि इस दौरान उन्हें पार्टी से कोई खास हासिल नहीं हुआ। भाजपा के साथ अपने भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उनके पास फिलहाल दूसरा विकल्प भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद भी कुछ हद तक उलझन में हैं और पहले उन्हें अपने स्तर पर चीजों को सुधारने की जरूरत है। चार साल में कुछ हासिल नहीं हुआ पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने के बाद उम्मीद होती है कि खासकर उस व्यक्ति से सलाह ली जाएगी, जिसने करीब छह दशक तक पंजाब की राजनीति को करीब से देखा और समझा है, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. अमरिंदर सिंह ने बताया कि कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी. बाद में उनके समर्थकों की राय थी कि पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया जाए. उनके मुताबिक, कांग्रेस में वापस जाने का विकल्प नहीं था और अकाली दल में लौटने का भी सवाल नहीं था, इसलिए भाजपा में विलय का फैसला किया गया।  पंजाब पर पांच साल में एक भी बैठक नहीं हुई कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के भीतर अपनी भूमिका को लेकर सबसे बड़ा दावा यह किया कि पिछले पांच साल में पंजाब की नीति या राजनीति को लेकर उनकी पार्टी के साथ एक भी बैठक नहीं हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा वास्तव में उनसे सलाह नहीं लेती, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि पंजाब की राजनीति या नीति को लेकर भाजपा के साथ उनकी एक भी बैठक नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को जमीनी राजनीति समझने वाले नेताओं से सलाह लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, उन्होंने ब्लॉक स्तर से राजनीति देखी है और पंजाब में छह बार विधायक, दो बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं।  भाजपा पंजाब को नहीं समझती इंटरव्यू में जबकैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे पूछा गया कि क्या भाजपा पंजाब को समझती है, तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया कि नहीं. उनके मुताबिक, भाजपा लंबे समय तक पंजाब में सत्ता में नहीं रही, इसलिए उसे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए जमीनी स्तर से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बनने से किसी राज्य की राजनीति की पूरी समझ नहीं आती, राजनीति को समझने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर से काम करना पड़ता है।  अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को उनके जैसे अनुभवी लोगों से कम से कम सलाह तो लेनी चाहिए… अगर उनकी सलाह गलत लगे तो उसे खारिज किया जा सकता है, लेकिन अनुभव होने के बावजूद सलाह नहीं लेना उचित नहीं है।  फिर भाजपा में क्यों बने हुए हैं? अगर भाजपा में उन्हें तवज्जो नहीं मिल रही, तो क्या वह पार्टी में बने रहेंगे? अमरिंदर सिंह का जवाब था कि क्या विकल्प है? उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी… हालांकि उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने पुराने लगाव को भी स्वीकार किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह करीब 50 साल कांग्रेस के साथ रहे हैं और पार्टी उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला उन्होंने खुद नहीं लिया था, कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे अलग होने का फैसला किया और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया।  कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर भी जवाब पिछले कुछ दिनों से अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चा भी होती रही है, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के लिए खुद नहीं कहा था और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जाने के लिए कहा था… अब वह कांग्रेस में वापसी के बारे में कोई पहल नहीं कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच साल में उनकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है।  सक्रिय तौर पर राजनीति में नहीं नजर आएंगे कैप्टन 84 वर्षीय कैप्टन ने साफ किया कि वह अब चुनावी राजनीति में सक्रिय उम्मीदवार के तौर पर नजर नहीं आएंगे। हालांकि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कई अहम राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सी पार्टी बढ़त की स्थिति में है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबले की बात करते हुए उन्होंने भाजपा के जमीनी समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए और अकाली दल के साथ गठबंधन की पैरवी की। कैप्टन ने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में सरकार बनाना चाहती है तो उसे अपने पुराने सहयोगी अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक दोनों दल पहले भी मिलकर सरकारें … Read more

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा से और समृद्ध होगी माध्यमिक कक्षाओं की शिक्षण पद्धति

भोपाल  मध्यप्रदेश में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को नई दिशा देने के लिए माध्यमिक शिक्षकों को नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों की शिक्षण पद्धति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र  हरजिंदर सिंह ने बताया कि सत्र 2026-27 में गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण की श्रृंखला शुरू की जा रही है। प्रथम चरण 28 सितम्बर से शुरू होगा और 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान चयनित एसआरजी (राज्य संसाधन समूह) विषय विशेषज्ञों का चार दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा किया जाएगा। इस श्रृंखला के अगले चरण में राज्य से चयनित मास्टर ट्रेनर्स का 5-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 5 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक संभागीय मुख्यालयों की डाइट में होगा। इसके पश्चात ब्लॉक स्तर पर कक्षा 6वीं से 8वीं तक गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले समस्त माध्यमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण 12 अक्टूबर से 20 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। नई पाठ्य पुस्तकों की नई एप्रोच पर होगा फोकस संचालक  सिंह ने बताया कि एसआरजी उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कक्षा 7 की नई पाठ्य पुस्तकों में अपनाई गई नई एप्रोच, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विषय विशेषज्ञों का उन्मुखीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य एसआरजी को इस प्रकार तैयार करना है कि वे आगामी प्रशिक्षणों में मास्टर ट्रेनर्स एवं शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों की अवधारणा और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से समझा सकें। चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विषय आधारित प्रशिक्षण के साथ शिक्षकों के समग्र व्यावसायिक विकास से जुड़े नवाचारी विषयों को भी शामिल किया गया है। इनमें जॉयफुल लर्निंग, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, आईजीओटी पोर्टल-केकेके, कौशल बोध तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय प्रमुख हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) तैयार करने की गतिविधि भी कराई जाएगी, जिससे शिक्षक कक्षा में अवधारणाओं को अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने बताया कि एसआरजी के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण में राज्य शिक्षा केंद्र के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीपल संस्था द्वारा सहयोगी भूमिका निभाई जाएगी। शिक्षकों के प्रशिक्षण तक यह पूरी श्रृंखला नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

बलौदाबाजार में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण

​रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा काल के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से प्रारंभ होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले एक माह के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत शुक्रवार को बलौदाबाजार स्थित नगर भवन में दिव्यांगजनों के लिए विशेष चिन्हांकन, प्रमाणीकरण एवं 'ऑन द स्पॉट' कृत्रिम अंग, कैलिपर्स व स्प्लिंट वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।        ​शिविर के दौरान राजस्व मंत्री  वर्मा ने मौके पर ही निर्मित कृत्रिम अंग और कैलिपर्स 29 दिव्यांगजनों को वितरित किए। तत्पश्चात उन्होंने सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके अनुभव सुने। उन्होंने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिविर में पंजीकृत प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।        ​समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि यह सेवा संकल्प अभियान सीधे जनता से जुड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने का जो विजन उन्होंने दिया है, उसे साकार करने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश को विकसित और समृद्ध बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।      ​ गौरतलब है कि 21 सितंबर से 25 सितंबर तक जिले के सभी 5 विकासखंडों में दिव्यांगजन चिन्हांकन सह वितरण शिविरों का आयोजन किया गया था। इन 5 दिनों में कुल 775 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 199 पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदान किए जा चुके हैं।       ​इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नगरवासी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।

राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की भेंट

रायपुर छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और राजभाषा के विकास को समर्पित दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन 26 एवं 27 सितंबर को जिला बेमेतरा में किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेशभर के साहित्यकारों, विद्वानों, भाषा विशेषज्ञों और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त  प्रभात मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री  साय को बेमेतरा में आयोजित होने वाले प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। इस दौरान  मिश्रा ने सम्मेलन के उद्देश्यों, आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन के आयोजन के लिए  प्रभात मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आयोजन के सफल एवं गरिमामय आयोजन की कामना की। भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण पर होगा संवाद बेमेतरा में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य से जुड़े रचनाकारों, साहित्यकारों तथा विद्वानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन, साहित्य के विकास, राजभाषा के प्रभावी उपयोग तथा नई पीढ़ी में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने जैसे विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श होगा। साथ ही प्रदेश की लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा विस्तार छत्तीसगढ़ी भाषा प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं, लोकगीतों, लोककथाओं और जनजीवन की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को गति देने का अवसर मिलता है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की माटी, भाषा और संस्कृति की विशिष्ट पहचान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रदेशभर से साहित्यकार और भाषा प्रेमी होंगे शामिल दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से साहित्यकार, लेखक, कवि, विद्वान, भाषा प्रेमी और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे रचनाकारों और संस्थाओं के बीच संवाद एवं समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन भाषा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्रदेश की माटी, भाषा और संस्कृति के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिलेगा।

घर में अकेली थी गर्भवती महिला, दुष्कर्म के आरोप से गांव में तनाव; पुलिस तैनात

झिरन्या (खरगोन)  चैनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक गर्भवती महिला से दुष्कर्म की घटना के बाद शुक्रवार को दिनभर ग्राम दामखेड़ा व सेमलखूंट फाटे पर तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति को संभालने के लिए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार घटना गुरुवार की रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता अपने मायके ग्राम झूमकी आई हुई थी। रात में पीड़िता के मामा व मामी गणेश पंडाल में लड्डू बनाने गए थे। घर पर अकेली पाकर दामखेड़ा निवासी आरोपित मालू रंधावे जबरन अंदर घुस आया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़ लिया। सुबह जब उसे ले जाया जा रहा था, तब सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गणपत कनेल पुलिस टीम के साथ पहुंचे और आरोपित को अभिरक्षा में लेकर थाने आए। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पीड़िता के स्वजन व ससुराल पक्ष के लोग जमा हो गए। ग्रामीण आरोपित को अपने सुपुर्द करने और सामाजिक दंड देने के लिए उसका जुलूस निकालना चाहते थे, जिससे माहौल गर्मा गया। हालांकि पुलिस की सूझबूझ से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस ने आरोपित को अभिरक्षा में लिया है। आरोपित की पत्नी जिला पंचायत सदस्य है। अधिकारियों ने दी समझाइश, पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही भीकनगांव एसडीएम लोकेश छापरे व एसडीओपी केतन अडलक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त बल बुलाया गया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। पीड़िता ने शाम को स्वजनों के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।  

दीनदयाल जयंती पर ‘सेवा संकल्प सभा’, नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को दिया जनसेवा का संदेश

जयपुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को जयपुर के दादिया गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प सभा’ को संबोधित किया। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘अंत्योदय’ के विचार को समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत भाजपा के कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नितिन नवीन ने अपने संबोधन में हाल में हुए निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन नगर निगमों और नगर परिषदों के परिणाम भी भाजपा के पक्ष में आए हैं। उन्होंने इसे जनता के समर्थन के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रही विकास योजनाओं तथा गांव-कस्बों तक पहुंचने की कोशिशों से लोगों का ‘विकास के रथ’ पर भरोसा बढ़ा है। जीत को सेवा का अवसर मानकर काम करें- नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में मिली जीत को केवल राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे जनता की सेवा का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज और निकायों के जनप्रतिनिधि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नवीन ने कहा कि गरीब व्यक्ति को नारायण मानकर काम करने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने और जनसेवा को प्राथमिकता देने की अपील की। राहुल गांधी के सवाल पर दिया जवाब नितिन नवीन ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस सवाल का भी जिक्र किया, जिसमें भाजपा की सरकारों के लगातार बनने को लेकर सवाल उठाया गया था। नवीन ने कहा कि भाजपा के नेताओं का लंबे समय तक सरकार में रहने का विश्वास जनता की सेवा और काम करने से आता है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों के लिए आवास, महिलाओं के लिए शौचालय और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचने पर जनता का समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। नवीन ने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस पुराने कथन का भी संदर्भ दिया, जिसमें केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से गरीब तक कम राशि पहुंचने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे। सीएम भजनलाल ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत काम अब तक पूरे किए जा चुके हैं। पंचायत चुनाव पर बोले मदन राठौड़ वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को निकाय चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब पंचायत चुनाव की तैयारी करनी है। उन्होंने निकाय चुनाव में जीत दिलाने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भूमिका को भी रेखांकित किया। सभा में नितिन नवीन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया। रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड … Read more