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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश

कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे 'कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। 'कृषि मंथन' राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे। वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।  

इंदिरा कॉलेज में चला ‘अभिमन्यु/सृजन/सम्मान’ अभियान, बालिकाओं को किया जागरूक

सतना पुलिस मुख्यालय महिला सुरक्षा भोपाल के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या एवं स्टाफ द्वारा इन्द्रा कॉलेज में एकीकृत अभियान अभिमन्यु/सृजन/सम्मान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानून, महिला अपराधों की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन का उपयोग करने की सलाह दी।

पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें लेंगी हिस्सा

दुर्ग. अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है. अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ पुलिस के तत्वावधान में अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता पुरुष-महिला का आयोजन छत्तीसगढ़ के भिलाई में होने जा रहा है. 14 वीं अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 27 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के भिलाई में हो रहा है. छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी मेजबानी मिली है. इस खेलकूद प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रीय शासित प्रदेश और केंद्रीय सुरक्षा बलों समेत आईबी, रॉ, सीबीआई जैसे पुलिस ऑर्गेनाइजशन की 29 टीमें शामिल हो रही हैं. जिसमें लगभग 450 टीम मैनेजर, कोच और खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता में तीरंदाजी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं. आर्चरी (तीरंदाजी) के तीनो इवेंटों का आयोजन खेल परिसर प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई में होना है. इन्वेंट के सफलतापूर्वक आयोजन और सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी सदानंद कुमार को जवाबदेही दी गई है. पुलिस के भी दर्जन भर अभ्यर्थी लेंगे भाग 14 वीं अखिल भारतीय प्रतियोगिता में इंडियन राउंड,रिकर्व और कंपाउंड के विभिन्न तीन इवेंटों के अलग– अलग भाग लेकर कुल 180 मेडलों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे. जिसमें पुलिस के 12 खिलाड़ियों के द्वारा भाग लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गमछा गुलदस्ता देकर प्रतियोगिता में आ रहा है मैनेजर कोच एवं प्रतिभागियों को भविष्य स्वागत किया जा रहा है तथा इसकी विभिन्न स्थानों में आवास व्यवस्था तथा भोजन के लिए प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र सवाल भिलाई के परिसर ग्राउंड में किया गया है. राजस्थान के 22,उत्तर प्रदेश के 31,जम्मू एंड कश्मीर के 13,पंजाब के 08, आईटीबीपी के 25, एसएसबी के 17 खिलाड़ियों के आगमन पर छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा गमछा और गुलदस्ता देकर भव्य स्वागत किया गया. गृहमंत्री शर्मा करेंगे उद्घाटन, समापन में सीएम साय होंगे शामिल कल 23 फरवरी को गृह मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. 27 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन करेंगे. प्रतियोगिता के भव्य आयोजन के लिए पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया है. जिसकी समीक्षा पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी लगातार कर रहे हैं.

संतों की सुरक्षा हटाने पर सुखबीर ने सरकार को दी सख्त चेतावनी

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने नानकसर के संत बाबा घाला सिंह जी की सिक्योरिटी वापस लेने के फैसले पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। सुखबीर बादल ने इस एक्शन की कड़ी निंदा की है और इसे राजनिति से प्रेरित बताया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि वह हाल ही में नानकसर गए थे, जहां संत बाबा घाला सिंह जी ने शिरोमणि अकाली दल को अपना सपोर्ट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गुस्साई आम आदमी पार्टी सरकार ने तुरंत संतों की सिक्योरिटी वापस ले ली। बादल ने इस एक्शन को चौंकाने वाला बताया। It is really shocking that, immediately after my visit to Nanaksar and the support extended to the Shiromani Akali Dal by Sant Baba Ghala Singh Ji, his security was withdrawn by the @AamAadmiParty government. I strongly condemn this action. This move is akin to the security… — Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) February 22, 2026 मूसेवाला मर्डर केस की याद दिलाई सुखबीर बादल ने इस केस की तुलना सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी वापस लेने से की और कहा कि तब भी ऐसी ही लापरवाही बरती गई थी, जिसके नतीजे बहुत दुखद थे। उन्होंने कहा कि सरकार पिछली गलतियों से सबक नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री और DGP ज़िम्मेदार होंगे अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नानकसर में कोई भी अनहोनी होती है या संत बाबा घाला सिंह जी की जान-माल को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब DGP जिम्मेदार होंगे।

सुल्तानगंज का नाम होगा अजगैवीनाथ धाम: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

अजगैवीनाथ धाम/भागलपुर. नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि निर्माणधीन अगुवानी अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक शहरी एप्रोच पथ का निर्माण अति शीघ्र शुरू किया जाएगा। सभापति ने कहा कि यह परियोजना नगर क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। नगर सभापति ने यह भी बताया कि सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैवीनाथ धाम करने की पहल बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्तर पर तेज कर दी गई है। शहरवासियों और श्रद्धालुओं की मांगों को देखते हुए, अतिशीघ्र नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर विकास और श्रावणी मेला पर ध्यान राजकुमार गुड्डू ने कहा कि नगर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई। इस वर्ष श्रावणी मेला को विशेष महत्व दिया जाएगा और इसे पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में सर्वांगीण विकास और शहर के नामांतरण की प्रक्रिया से स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक महत्व दोनों को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन सौंपा और भावनाएं व्यक्त कीं रविवार को नगर सभापति ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र और बुके देकर शहरवासियों की भावनाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर नगर परिषद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नगर क्षेत्र के संपूर्ण विकास, अगुवानी पुल से अजगैवीनाथ मंदिर तक एप्रोच पथ के निर्माण और सुल्तानगंज शहर का नामांतरण शामिल था। धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या अजगैवीनाथ धाम गंगा तट पर स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। वर्ष भर यहाँ श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर (झारखंड) में जलार्पण करते हैं। नगर सभापति ने बताया कि नगर परिषद ने 19 जून 2024 को सामान्य समिति की बैठक में सुल्तानगंज शहर और स्टेशन के नामांतरण का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया था और इसे संबंधित सरकार एवं विभाग को भेजा गया। अब प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद शहर और स्टेशन का नाम अजगैवीनाथ धाम किया जाएगा।

हरियाणा में समय से पहले सर्दी खत्म होने से चढ़ेगा पारा

हिसार. प्रदेश में इस बार सर्दी तय समय से करीब एक माह पहले ही विदा ले ली है। बीते वर्षों में जहां 15 मार्च तक हल्की-मीठी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले एक सप्ताह में पारा 30 डिग्री के पार जा सकता है। पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी लगातार घट रही है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं नमी को सोख लेती है, जिससे मौसम साफ और गर्म बना रहता है। मौसम विज्ञानी डा. चंद्रमोहन ने बताया कि एक मार्च और सात मार्च को प्रदेश में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन इनका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। इन प्रणालियों से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करते हैं। चक्रवाती परिसंचरण बनने पर वर्षा की संभावना बनती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। ऐसे में मार्च महीने में अधिकांश जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है। प्रदेश में रविवार को मौसम साफ और शुष्क रहा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सुबह हल्की ठंड महसूस हुई। हवा में नमी कम रहने से मौसम शुष्क बना रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक मेवात में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला – 13.6 – 26.4     हिसार – 11.0 – 29.4     महेंद्रगढ़ – 12.0 – 28.0     रोहतक – 12.0 – 27.1     भिवानी – 12.0 – 27.0     गुरुग्राम – 12.0 – 28.3     जींद – 10.4 – 27.7     मेवात – 14.3 – 29.8     सोनीपत – 13.6 – 29.7

शिक्षा मंत्री के बयान से गरमाया सदन, विज्ञान संकाय को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

जयपुर राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर जोरदार हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जब संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। स्पीकर का हस्तक्षेप और सवालों की पुनरावृत्ति स्थिति तीखी होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मूल प्रश्न का उत्तर देने को कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। बाद में मंत्री ने बताया कि एक बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए।   दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के समय हुई देरी का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरक सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने टोका, जिस पर जूली ने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।   टिप्पणी पर बढ़ा विवाद इसके बाद अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और बढ़ गया। मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।

पंजाब में 28 डिग्री अधिकतम तापमान पहुँचने से बढ़ेगी गर्मी

जालंधर. फरवरी के तीन सप्ताह बीतने के बाद मौसम में गर्माहट आने शुरू हो चुकी है। गर्मियों की शुरुआत के संकेत मिलने शुर हो चुके हैं। रात के समय हल्का सा मौसम ठंडा रहता है जबकि दोपहर को गर्मी महसूस होने लग पड़ती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को दोपहर को तेज धूप निकलने के साथ गर्मी का अहसास होने लग पड़ा। आने वाले दिनों में 28 डिग्री अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा। रविवार को 10 डिग्री न्यूनतम व 25 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वर्षा की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में इतना अधिकतम व न्यूनतम तापमान रहेगा। तारीख न्यूनतम अधिकतम 22 फरवरी 10 डिग्री 25 डिग्री 23 फरवरी 10 डिग्री 25 डिग्री 24 फरवरी 10 डिग्री 26 डिग्री 25 फरवरी 10 डिग्री 26 डिग्री 26 फरवरी 10 डिग्री 27 डिग्री 27 फरवरी 12 डिग्री 27 डिग्री 28 फरवरी 13 डिग्री 28 डिग्री

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप दे

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की। अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार: आर्थिक सर्वेक्षण में जीएसडीपी 11.57% बढ़ने का अनुमान

रायपुर छत्तीसगढ़ का बजट पेश करने के एक दिन पूर्व 23 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट पेश किया। इसमें  उन्होंने वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया है। उन्होंने जीएसडीपी में 6.31 लाख करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई। सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया है, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से ज्यादा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया है।