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सीमा हैदर का असर भारी, गुलाम को पीछे हटना पड़ा एक मोर्चे पर

ग्रेटर नोएडा चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है।   चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है। एक तरफ जहां सीमा हैदर यूट्यूब से होने वाली कमाई से सचिन का ना सिर्फ घर चला रही है, बल्कि नया मकान भी बनवा दिया है तो दूसरी तरफ गुलाम उसे गाली दे-देकर थक चुका है। हैदर ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली है। दरअसल, सीमा हैदर के भारत आने के बाद जब वह पकड़ी गई तो मीडिया और सोशल मीडिया में वह बहुत चर्चित हो गई। इस बीच सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर ने भी सोशल मीडिया पर एंट्री मारी। सीमा की तरह वह भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मशहूर हो गया। एक तरफ लोग सीमा की प्रेम कहानी सुनते तो दूसरी तरफ गुलाम हैदर की झुंझलाहट को देखते थे। लाइक्स, कॉमेंट और व्यूज के जरिए होने वाली कमाई ने हैदर को भी एक नया रोजगार दे दिया था। गुलाम हर दिन वीडियो बनाने लगा। कभी लाइव आकर तो कभी लंबे-लंबे वीडियो बनाकर व्यूज बटोरने लगा। वह कभी सीमा हैदर को गालियां देता, कभी उसका नाम लेकर थूकता, कभी अपने बच्चों को वापस पाने की तड़प दिखाता, कभी भारत सरकार से बच्चों की वापसी के लिए गुहार लागाता था। इधर से सीमा कुछ कहती तो अगले दिन गुलाम उसका जवाब लेकर हाजिर होता था। सीमा के डांस वीडियो, सचिन के संग रोमांस, सचिन के बच्चे की मां बनने आदि से जुड़े वीडियो पर गुलाम हर दिन यूट्यूब लाइव करने लगा। शांत पड़ चुका है गुलाम हैदर एक तरफ सीमा के व्यूज बढ़ते चले गए तो दूसरी तरफ एक ही बात को हर दिन दोहराने की वजह से गुलाम हैदर के व्यूज घटने लगे। धीरे-धीरे वह कम वीडियो बनाने लगा और अब पिछले एक महीने से पूरी तरह शांत पड़ चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक के साथ ही उसने यूट्यूब पर भी आना बंद कर दिया है। गुलाम हैदर आखिरी बार करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर लाइव हुआ था और तब उसने सीमा की बजाय बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर अपनी भड़ास निकाली थी। डॉ. नुसरत का हिजाब हटाए जाने से वह बौखलाया हुआ था। इधर यूट्यूब की कमाई से सीमा की बल्ले-बल्ले एक तरफ जहां गुलाम हैदर शांत पड़ चुका है तो दूसरी तरफ सीमा हैदर पूरी तरह एक व्लॉगर बन चुकी है। बच्चों को पालने से लेकर बाहर जाने, घर के कामकाज से जुड़े वीडियो बनाकर वह यूट्यूब से अच्छी कमाई कर रही है। सीमा ने कभी अपनी कमाई का खुलासा तो नहीं किया लेकिन हाल हमें उसने एक बार फिर कहा कि यूट्यूब की कमाई से ही सचिन का घर चल रहा है और उन्होंने नया मकान भी बनवा लिया है। सचिन दूसरी बार पिता बनने जा रहा है तो सीमा छठे बच्चे को जन्म देने वाली है।

नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी

रायपुर. बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई                  गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण   गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं। गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है। राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई  शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य         गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी … Read more

राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने ग्राम बैहाटोला में 25 लाख लागत के मंगल भवन का किया भूमिपूजन

अनूपपुर.  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहाटोला में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मंगल भवन का भूमिपूजन किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, वैवाहिक तथा सामुदायिक आयोजनों के लिए एक सुलभ, सुव्यवस्थित एवं सर्वसुविधायुक्त स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि यह मंगल भवन विशेष रूप से कम आय वर्ग के नागरिकों को कम खर्च में आयोजन की सुविधा प्रदान करेगा। इससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। ऐसे सामुदायिक भवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए समारोहों को अधिक सुविधाजनक, किफायती एवं व्यवस्थित बनाकर जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र हितग्राही को सीधे लाभान्वित कर रही है। किसानों के कल्याण हेतु बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय मांगों की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मती ममता मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

आयुष्मान कार्ड योजना गरीबों के लिए वरदान- राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल

अनूपपुर. मध्य प्रदेश शासन की कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत एवं मध्य प्रदेश को विकसित बनाने का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड योजना लागू की गई है, जो गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध कराया जाता है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल कोतमा में निजी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का परम कर्तव्य है कि मरीज अपनी पीड़ा लेकर आए और उपचार के पश्चात स्वस्थ एवं संतुष्ट होकर वापस जाए, यही चिकित्सक की वास्तविक उपलब्धि होती है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयर एम्बुलेंस योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ डॉक्टर की अनुशंसा एवं कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर पात्र हितग्राहियों को सरलता से उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि कोतमा के विश्वनाथ गोस्वामी सहित अन्य हितग्राही भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शहडोल संभाग में वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संभाग में मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जहां 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, सभी इन सेवाओं का लाभ लें और स्वस्थ रहें। स्वास्थ्य शिविर में 518 मरीजों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ*  राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने स्वास्थ्य शिविर के दौरान दंत चिकित्सा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र परीक्षण एवं जनरल चेकअप सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। प्रभारी मंत्री ने स्वयं भी बीपी एवं शुगर का भी जांच कराया। शिविर में लगभग 518 लोगों ने पंजीयन कराकर निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत कोतमा श्री अभिषेक सिंह, नगर पालिका परिषद कोतमा के पार्षद राजेंद्र सोनी सहित श्री पुष्पेंद्र जैन, श्री  हनुमान गर्ग सहित जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

गर्मी में पावर कट से बचने की बिजली कंपनियों ने की खास तैयारी

पटना. बिहार में इस बार लोगों को गर्मी के दौरान बिजली से जुड़ी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. बढ़ती गर्मी और संभावित बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की खास रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की संचालन और रखरखाव समीक्षा बैठक हुई. ऊर्जा सचिव ने क्या आदेश दिया? जानकारी के मुताबिक, बैठक में गर्मियों के लिए बिजली प्रबंधन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में ऊर्जा सचिव ने कहा कि पीक लोड के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए ट्रांसफॉर्मरों, फीडरों और ग्रिड उपकेंद्रों की पूर्व-रखरखाव योजना पर सख्ती से अमल किया जाए. हॉट-लाइन मेंटेनेंस की गति तेज करने, कमजोर और दोषपूर्ण लाइनों की पहचान कर तत्काल मरम्मत और स्टैंडर्ड संचालन प्रक्रिया के शत-प्रतिशत पालन करने का आदेश दिया गया. इन्हें किया गया अलर्ट इसके साथ ही उन्होंने यह क्लियर किया कि गर्मी में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की स्थिति न्यूनतम रखने के लिए फील्ड लेवल पर टीमें अलर्ट मोड में रहें. ऊर्जा सचिव ने बिजली लाइनों पर कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर भी जोर दिया. बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मियों के लिए तैयारियों की जानकारी दी. बढ़ सकता है बिजली का बोझ जानकारी के मुताबिक, बिहार में लोगों पर बिजली बिल का बोझ बढ़ सकता है. 1 अप्रैल 2026 से बिजली की नई दरें लागू हो सकती हैं. बिहार विद्युत विनियामक आयोग को राज्य की दोनों बिजली कंपनियों (साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन) की तरफ से टैरिफ प्रस्ताव भेजा गया है. इसके साथ ही बिजली के रेट में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं.

अवैध गांजा परिवहन का भंडाफोड़, बाइक से मादक पदार्थ ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार

पखांजूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा का अवैध परिवहन कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में “नशा मुक्त अभियान” के तहत की गई. थाना पखांजूर पुलिस को गुरुवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पीव्ही 21 दुर्गापुर निवासी गुरूपद विश्वास (33 वर्ष) बिना नंबर की लाल-काले रंग की एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल में गांजा छुपाकर महाराष्ट्र की ओर से ग्राम पेनकोडों मार्ग होते हुए अपने गांव की ओर आ रहा है. एएसआई बिन्दुलता देवांगन के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्राम पीव्ही 37 रूपनगर चौक तिराहा मेन रोड पर घेराबंदी कर संदेही को रोका. तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल की डिक्की में एक पिंक रंग के फूलदार झोले के अंदर प्लास्टिक में पैक 885 ग्राम गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया. आरोपी के विरुद्ध NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(A) के तहत अपराध क्रमांक 34/2026 पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर कांकेर जेल भेज दिया गया.

अयोध्या कोर्ट परिसर खाली, बम धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अयोध्या   राम नगरी अयोध्या में कचहरी को बम से उड़ाए जाने की धमकी से शुक्रवार की दोपहर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोपहर पौने एक बजे सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई। कचहरी को खाली कर कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बमरोधी दस्ते, स्नेफर डॉग्स के साथ सर्च अभियान में शामिल है।वरिष्ठ अफसर ने मौके पर पहुंचकर सभी अदालतों एवं अधिवक्ताओं के के बस्ते को खाली करा लिया।लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी तरह की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। एक फोटो स्टेट की दुकान के पास लावारिस झोले को भी चेक किया गया।  

बिजली दरों में बदलाव पर जनता की राय जरूरी, 17–18 फरवरी को क्षेत्रीय जनसुनवाई आयोजित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर जनसुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर दो दिन ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है। इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई होगी। वहीं 18 फरवरी को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

25311 पदों की बिहार इंटर लेवल भर्ती, 2023 में जारी विज्ञापन की आज लास्ट डेट

बिहार कर्मचारी चयन आयोग की बीएसएससी सेकेंड इंटर लेवल भर्ती 2023 के लिए आवेदन की आज लास्ट डेट है। इस भर्ती के तहत 25311 पदों पर भर्ती होगी। रजिस्ट्रेशन करने व फीस जमा कराने की अंतिम तिथि आज 13 फरवरी 2026 है। फॉर्म भरकर पूरी तरह सब्मिट करने की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026 कर दी गई है। आपको बता दें कि यह भर्ती 2023 में निकली थी। तब से इस भर्ती में कई बार पद बढ़ चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है। इस भर्ती में करीब 33 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। बार बार आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने से परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थी भड़क गए हैं। उनका कहना है कि बार बार फॉर्म रीओपन करके डेट बढ़ाई जा रही है। इस भर्ती का सरकार ने मजाक बना दिया है। आपको बता दें कि पहली इंटरस्तरीय परीक्षा के लिए 2014 में विज्ञापन निकाला था। इसका फाइनल रिजल्ट सात साल में पूरा हुआ था। क्या है योग्यता – 12वीं (इंटर)पास। कुछ पदों के लिए इंटर के साथ कंप्यूटर पर टाइपिंग की योग्यता भी मांगी गई है। कैसे होगा इस भर्ती में चयन अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक लिखित परीक्षा, मुख्य परीक्षा, स्किल टेस्ट से होगा। परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी। एग्जाम पैटर्न – प्रीलिम्स एग्जाम ऑब्जेक्टिव टाइप होगा। प्रीलिम्स में सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, गणित, मानसिक क्षमता से प्रश्न पूछे जाएंगे। कुल 150 प्रश्न होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक कटेगा। पेपर 2 घंटा 15 मिनट की होगी। इंटर लेवल प्रीलिम्स एग्जाम पासिंग मार्क्स- सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स 40 फीसदी, बीसी के लिए 36.5 फीसदी, एमबीसी के लिए 34 फीसदी, एससी एसटी के लिए 32 फीसदी हैं। नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी होगा रिजल्ट विभिन्न शिफ्टों में परीक्षा होने की स्थिति में रिजल्ट नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी होगा। वैकेंसी से पांच गुना उम्मीदवारों को पीटी में पास किया जाएगा। ये अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। सभी वर्गों के लिए आवेदन फीस- 100 रुपये बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा के आवेदन की स्थिति मुख्य रजिस्ट्रेशन अवधि (2023) – पहली बार आवेदन 27 सितंबर 2023 से शुरू हुई। – पहली विस्तारित तिथि- 11 नवंबर 2023 तक – अंतिम विस्तारित तिथि- 11 दिसंबर 2023 (यह पहली बार की प्रक्रिया का अंतिम समय था) – डॉक्यूमेंट अपलोड और सुधार (सुधार विंडो-2024) – फॉर्म भरने के बाद, आयोग ने सभी अभ्यर्थियों के लिए डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया। सुधार का मौका दिया। इसे तीन बार बढ़ाया गया। – पहली बार- 18 जनवरी से 18 फरवरी 2024 तक किया गया। – दूसरी बार- इसे बढ़ाकर 18 मार्च 2024 किया गया। – तीसरी बार- इसे फिर से बढ़ाकर 11 जून 2024 तक किया गया। फॉर्म का फिर से खुलना (रिओपन- 2025-26) – हाल ही में आयोग ने पदों की संख्या बढ़ाकर 24,492 कर दी है। नए अभ्यर्थियों के लिए फॉर्म भरने का पोर्टल फिर से खोल दिया है। – रिओपन तिथि- 15 अक्टूबर 2025 – अंतिम तिथि (वर्तमान): अब इसे बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 तक कर दिया गया है। आवेदन तिथि में विस्तार – प्रारंभिक आवेदन तिथि (संशोधित)- 15 अक्टूबर 2025 – पहली बार विस्तार (शुल्क)- 25 नवंबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक – (आवेदन)- 27 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक – दूसरी बार विस्तार (शुल्क)- 15 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक – (आवेदन) 18 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक- नवीनतम विस्तार (शुल्क और आवेदन) : 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 तक-(शुल्क) और 15 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 (आवेदन) – पदों की संख्या में वृद्धि : शुरुआत में 11,098 पद थे, जिन्हें बढ़ाकर 12,199, फिर 23,175 और अंततः 24,492 कर दिया गया है।