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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए, उनके खाते में 4352.40 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ आई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार में इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।  झांसी में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भेजी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी से ऑनलाइन जुड़े। यहां सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक जवाहर लाल राजपूत, उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जुड़े रहे।  अन्नदाता की समृद्धि और खुशहाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के सभी किसान साथियों की ओर से इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसानों की समृद्धि और खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प की सिद्धि हेतु आज प्रधानमंत्री जी द्वारा पश्चिम बंगाल से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 23वीं किस्त के रूप में ₹18,880 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को हस्तांतरित की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जिनके खातों में ₹4,352.40 करोड़ की राशि सीधे पहुंची है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।  दो-दो हजार रुपये आए बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपये प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।  बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक आ चुके 103,391.24 करोड़ रुपये  शनिवार को 4352.40 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 103,391.24 करोड़ रुपये की सम्मान निधि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26   13,727.85 करोड़ 2026-27  (अप्रैल-जुलाई) 4352.40 करोड़  कुल-  1,03,391.24 करोड़ रुपये

हीट वेव का अलर्ट बरकरार: 20-21 जून को बिहार के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और 23 जून के आसपास मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मानसून पकड़ेगा रफ्तार मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल बिहार के जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून तक मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में 8 सेमी की महत्वपूर्ण बारिश भी दर्ज की गई है। अगले दो दिन 'हीट वेव' की चेतावनी राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत किया है कि बिहार के कुछ इलाकों में 20 और 21 जून को लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इसके साथ ही रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी सामान्य से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। आंधी बारिश की चेतावनी 20 से 22 जून और फिर 25 से 26 जून के दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (झोंके) चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।  

नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं और सीखने के बेहतर परिणामों पर होगा मंथन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से प्रदेश के करोड़ों बच्चों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। बालवाटिका से लेकर कक्षा-8 तक के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं के विकास के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण जागरूकता और समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। अब ग्रीष्मावकाश के बाद शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा शिक्षकों के साथ अधिकारियों का सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 23 जून को प्रदेशव्यापी ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। योगी सरकार द्वारा सभी जनपदों में इस गोष्ठी की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  अब योगी सरकार केवल विद्यालय खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित, परिणामोन्मुख और जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर रही है। यही प्रयास उत्तर प्रदेश को देश में बुनियादी शिक्षा सुधार का अग्रणी मॉडल बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा व गणितीय दक्षताओं के विकास पर चर्चा अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 23 जून को पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित होने वाली इस ऑनलाइन गोष्ठी में प्रदेश के सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स तथा विभागीय अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। गोष्ठी के माध्यम से नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा और गणितीय दक्षताओं के विकास तथा बेहतर अधिगम परिणामों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर फोकस शिक्षा सुधारों की सफलता का सबसे मजबूत आधार शिक्षक हैं। यही कारण है कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस गोष्ठी में डिजिटल शिक्षण संसाधनों के उपयोग, छात्र केंद्रित शिक्षण, अधिगम स्तर में सुधार और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट लिस्ट में 558 खिलाड़ियों के नाम, जिसमें से 167 खिलाड़ी वेटिंग में

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार ने खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मेरिट आधारित बनाने का जो संकल्प लिया है, वह लगातार जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के पांच प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट सूची जारी उ.प्र. स्पोर्ट्स कॉलेजेज सोसाइटी लखनऊ के अधीन संचालित पांच प्रमुख स्पोर्ट्स कॉलेज गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ, बीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई, स्पोर्ट्स कॉलेज सहारनपुर और स्पोर्ट्स कॉलेज फतेहपुर में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। चयन समिति ने प्रत्येक प्रतिभागी के प्रदर्शन के आधार पर ऑनलाइन अंक प्रदान किए हैं।  चयनित खिलाड़ियों की होगी जैविक जांच प्रदेश के सभी 5 स्पोर्ट्स कॉलेजों में 14 खेलों के लिए कुल 518 सीटें रिक्त हैं। प्रवेश प्रक्रिया के तहत मुख्य चयन परीक्षा के बाद 558 खिलाड़ियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई है। जारी सूची में 391 खिलाड़ियों का चयन फ्रेश लिस्ट में हुआ है, जबकि 167 खिलाड़ियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। कक्षावार और खेलवार सूची जारी की गई है, जिसे अभ्यर्थी संबंधित पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया के अगले चरण में चयनित खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच और मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। यह प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। खिलाड़ियों की सीएमओ कार्यालय पर होगी जैविक जांच एथलेटिक्स, बैडमिंटन, क्रिकेट और फुटबॉल के खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय लखनऊ में कराई जाएगी। वहीं जिम्नास्टिक्स, हॉकी, जूडो, वॉलीबॉल और कुश्ती के खिलाड़ियों की जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय गोरखपुर में होगी। इसके अलावा कबड्डी, तैराकी, हैंडबॉल, बॉक्सिंग और भारोत्तोलन के खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सैफई/इटावा में कराई जाएगी। जैविक जांच में सफल खिलाड़ियों को काउंसलिंग के बाद दिया जाएगा प्रवेश संबंधित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा जैविक आयु जांच और मेडिकल परीक्षण की तिथि निर्धारित की जाएगी। इसके बाद संबंधित स्पोर्ट्स कॉलेज खिलाड़ियों को सूचना उपलब्ध कराएंगे। जांच में उपयुक्त पाए जाने वाले खिलाड़ियों को काउंसलिंग के माध्यम से अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव एवं लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि जैविक जांच में सफल खिलाड़ियों को नियमानुसार काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए अलग से सूचना जारी की जाएगी। इस सत्र आये रिकॉर्ड आवेदन योगी सरकार की खेल नीति का प्रभाव इस बात से भी स्पष्ट है कि इस वर्ष स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं। कुल 518 सीटों के लिए लगभग 2600 छात्रों ने आवेदन किया था, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और सरकार की खेलोन्मुखी नीतियों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। मुख्य चयन परीक्षा 3 जून से 6 जून 2026 तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलवार संबंधित स्पोर्ट्स कॉलेजों में आयोजित की गई थी। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। इस सत्र से दो नए फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज और सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज की शुरुआत हो रही है।

सीएम योगी का ऐलान: 1500 एकड़ में फार्मा पार्क से बुंदेलखंड में हजारों रोजगार का दावा

ललितपुर ललितपुर से  सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले के लोगों को बड़ी सौगात दी। सीएम योगी ने कहा, ललितपुर में यूपी का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जाएगा। इस पार्क के बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर भी जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने वर्षों तक ललितपुर की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार एक ही दिन में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दे रही है। मुख्यमंत्री तुवन मंदिर मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित 1766 करोड़ रुपये लागत की 221 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच दशक और समाजवादी पार्टी ने कई बार प्रदेश में शासन किया, लेकिन इन दलों ने ललितपुर के विकास के लिए समुचित कार्य नहीं किया। भाजपा सरकार प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य कर रही है। आज युवाओं और बेटियों को मिल रही नौकरयािं सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड का ललितपुर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर जनपद है। डबल इंजन सरकार यहां के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, जबकि आज प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं और बेटियों को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अवैध खनन, वन संपदा की लूट और माफियावाद को संरक्षण दिया जाता था, जिससे विकास बाधित होता था। ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा ललितपुर मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा है। यहां प्रदेश का पहला फार्मा पार्क 1500 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और अटल आवासीय विद्यालय जैसी सुविधाएं भी जनपद को मिली हैं। उन्होंने कहा कि 'हर घर जल' योजना के तहत बुंदेलखंड में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। अब महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति दे रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को मिल रही नई पहचान योगी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जो देश की रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई योजनाओं को पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। इससे बुंदेलखंड के किसानों की आय में वृद्धि हुई है और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान संचालित कर रही है, जिसके तहत बिना गारंटी के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

​मानसून की दस्तक से पहले अबूझमाड़ में मुकम्मल इंतजाम

​रायपुर  बस्तर के दुर्गम और धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ इलाके में भारी बारिश के दौरान भी ग्रामीणों को राशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान पहुंचविहीन होने वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की है। जिले की सभी 39 पहुंचविहीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने का खाद्यान्न (राशन) एडवांस में भंडारित कर दिया गया है। राशन की बोरियों का हो रहा है भौतिक सत्यापन कलेक्टर  ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में खाद्यान्न वितरण किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस पूरी व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन केवल राशन भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि तैनात किए गए नोडल अधिकारी खुद नदी-नाले पार कर इन सुदूर केंद्रों में पहुंच रहे हैं और राशन की बोरियों की गिनती (भौतिक सत्यापन) कर रहे हैं। ​ग्राउंड जीरो पर पहुंचे अफसर, व्यवस्थाएं मिलीं चाक-चौबंद   ​ कलेक्टर के निर्देशानुसार, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक व नोडल अधिकारी ने ओरछा विकासखंड के बेहद संवेदनशील और अंदरूनी ग्राम पंचायत हांदावाड़ा के बेड़मापारा राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया। अधिकारी ने मौके पर जाकर तीन माह के लिए सुरक्षित रखे गए खाद्यान्न के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। सुरक्षा मानकों और भंडारण व्यवस्था को बारीकी से देखने के बाद वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई।  दुर्गम क्षेत्रों के दुकानों में राशन का शत प्रतिशत अग्रिम भंडारण     खाद्य विभाग के मुताबिक, जिले की सभी 39 दुर्गम क्षेत्रों के दुकानों में 100 प्रतिशत अग्रिम भंडारण का काम समय से पहले पूरा कर लिया गया है। भंडारण और वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों की दुकानवार ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भौगोलिक रूप से बेहद कठिन इस क्षेत्र में बारिश के दिनों में कई नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं, जिससे संपर्क टूट जाता है। इस अग्रिम कदम से अब अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचेगा।      ​ प्रशासन की इस मुस्तैदी से अबूझमाड़ के आश्रित गांवों के हजारों राशन कार्डधारियों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भौगोलिक चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों का हक उन तक हर हाल में पहुंचेगा।

बिहार में BPSC 70वीं परीक्षा का परिणाम घोषित, सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला प्रशासनिक सेवा का रास्ता

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे समय से अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को आखिरकार राहत मिल गई है। आयोग ने परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया है। 5,401 अभ्यर्थियों ने दिया था इंटरव्यू फाइनल रिजल्ट से पहले मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किए गए 5,401 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया था। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी की है। मुख्य परीक्षा में 20 हजार से अधिक उम्मीदवार हुए थे शामिल 70वीं मुख्य (लिखित) परीक्षा का आयोजन 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इस परीक्षा में कुल 20,034 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया था। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है रिजल्ट अभ्यर्थी बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। चयन सूची पीडीएफ प्रारूप में जारी की गई है, जिसमें सफल अभ्यर्थियों के रोल नंबर और अन्य विवरण उपलब्ध हैं। ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थियों को बीपीएससी की वेबसाइट पर जाकर नवीनतम अपडेट सेक्शन में उपलब्ध 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद खुलने वाली पीडीएफ में अपना रोल नंबर और नाम खोजा जा सकता है। सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला सरकारी सेवा का रास्ता फाइनल रिजल्ट जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न प्रशासनिक और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चयनित उम्मीदवारों के लिए यह वर्षों की मेहनत और तैयारी का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिला आकार, श्रद्धा पथ पर बढ़ीं सुविधाएं

अयोध्या भगवान राम की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख आश्रमों का व्यापक विकास कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की पहल पर 20.64 करोड़ रुपये की लागत से इन आश्रमों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहराव, खान-पान और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। इस परियोजना के तहत श्रवण कुमार आश्रम, आस्तिक आश्रम, ऋषि च्यवन आश्रम, मेधा ऋषि आश्रम, श्री बन्धू बाबा आश्रम और महर्षि बामदेव आश्रम में व्यापक निर्माण कार्य किया गया। इन स्थलों पर विश्राम गृह, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, खान-पान की दुकानें, स्तंभ, प्रवेश द्वार, साइनेजेस तथा सीटिंग इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण पूरा किया गया है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा यह कार्य 30 मई 2023 को शुरू किया गया था। यूपी प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड अयोध्या के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने बताया कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह परियोजना आस्था और आधुनिक सुविधाओं के अद्भुत संगम का प्रतीक बनकर उभरी है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब इन आश्रमों में आरामदायक विश्राम, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्थानीय व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इंटरप्रिटेशन वॉल के माध्यम से भक्तों को इन पावन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। यात्रियों को आश्रमों में रुककर आराम करने की सुविधा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। अयोध्या धाम पहले से ही राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, नया घाट और अन्य पावन स्थलों के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। चौरासी कोसी यात्रा पथ का विकास इन आश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाएगा। यात्रियों को अब लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस होने पर इन आश्रमों में रुककर आराम करने और अपनी आस्था को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से युक्त हुए आश्रम इन आश्रमों में निर्मित संरचनाएं पर्यावरण अनुकूल और पर्यटक-अनुकूल हैं। सुंदर प्रवेश द्वार, मजबूत स्तंभ, आकर्षक साइनेज और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को यादगार बनाएगी। खान-पान की दुकानों में स्थानीय और सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन मिल सकेगा। शौचालय और पेयजल की सुविधाएं स्वच्छता के उच्च मानकों पर आधारित हैं। महर्षि बामदेव आश्रम, श्रवण कुमार आश्रम जैसे पावन स्थलों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। जहां पहले बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यह विकास न केवल श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। दुकानदारों, गाइड्स और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। परिक्रमा पथ की यात्रा देगी और अधिक सुखद अहसास राम मंदिर निर्माण के बाद आसपास के क्षेत्रों का विकास, सड़कें, रोशनी, स्वच्छता और अब चौरासी कोसी मार्ग पर आश्रमों का नवीनीकरण इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि अयोध्या न केवल धार्मिक केंद्र बने बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन हब के रूप में भी विकसित हो। श्रद्धालु अब इन आश्रमों में रुककर परिक्रमा पथ की यात्रा को और अधिक सुखद बना सकेंगे। इस परियोजना का पूरा होना अयोध्या धाम को और चमकाने वाला कार्य है। भक्तों का कहना है कि आस्था के साथ अब सुविधा भी जुड़ गई है, जिससे रामलला की नगरी में आने का उत्साह और बढ़ गया है।

नॉन-डीबीटी पेंशनधारियों के आधार व बैंक खातों का हुआ संकलन

​रायपुर  भविष्य की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में नारायणपुर जिला प्रशासन ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। जिले के सुदूर व अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत पीडियाकोट में आयोजित विशेष पेंशन भुगतान शिविर महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुशासन और सामाजिक सुधार का एक जीवंत उदाहरण बन गया। इस अनूठे शिविर ने जहाँ एक ओर वृद्धजनों और जरूरतमंदों के चेहरों पर डिजिटल सुरक्षा की मुस्कान बिखेरी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज की नई दिशा भी दिखाई। ​पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम: 'नॉन-डीबीटी' से 'डीबीटी' का सफर      ​ पीडियाकोट में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना था। वनांचल क्षेत्र होने के कारण कई हितग्राही अब भी नॉन- डीबीटी (Non-DBT) श्रेणी में थे, जिन्हें सीधे बैंक खातों में राशि प्राप्त करने में कठिनाई आ रही थी। शिविर में मुस्तैद अधिकारियों और पंचायत कर्मियों ने​ हितग्राहियों के आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया। ​प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के महत्व को सरल भाषा में समझाया। सुरक्षित और त्वरित पेंशन भुगतान के लिए बैंक खातों से क्रेडेंशियल्स को लिंक करने तथा ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूर्ण करने की अनिवार्यता बताई। निकटतम बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराए ​ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपनी निकटतम बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी का कार्य पूरा कराएं ताकि भविष्य में मिलने वाली पेंशन राशि बिना किसी मध्यस्थ या रुकावट के सीधे उनके खातों में हस्तांतरित हो सके। ​समस्याओं का मौके पर ही समाधान      ​पेंशनधारियों ने इस पहल का स्वागत पूरे उत्साह के साथ किया। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और दूरियों की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में बुजुर्ग, दिव्यांग और कल्याणी बहनें शिविर स्थल पर पहुँचे। पंचायत स्तर पर ही प्रशासन को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा। अधिकारियों ने न केवल दस्तावेज जमा किए, बल्कि पेंशन से जुड़ी अन्य छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया। साथ ही, राज्य शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। गूंजी नशामुक्ति की शपथ       ​ पीडियाकोट का यह शिविर केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। डिजिटल साक्षरता के इस मंच को 'नशा मुक्त भारत अभियान' के साथ जोड़कर एक बेहतरीन सामाजिक संदेश दिया गया। ​उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नशे के कारण टूटने वाले परिवारों, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के समापन पर एक भावुक और ऊर्जावान माहौल देखने को मिला, जब शिविर में मौजूद सभी पेंशनर्स, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हाथ उठाकर नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं को व्यसनों से दूर रखेंगे और अपने समाज को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।  शिविर आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की नींव एक मिसाल बना पीडियाकोट ​दूरस्थ अंचलों में इस तरह के शिविरों का आयोजन यह साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो विकास और जागरूकता की किरण राज्य के अंतिम कोने तक आसानी से पहुँच सकती है। पीडियाकोट का यह सफल आयोजन न केवल पेंशनधारियों के डिजिटल सशक्तिकरण का जरिया बना, बल्कि इसने एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की नींव भी रख दी है।

एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, 25 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 6 दिन तक चलाया प्रदेश का सबसे बड़ा प्रवर्तन अभियान

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं, फिजिशियन सैंपल्स की अवैध बिक्री, सरकारी आपूर्ति की औषधियों की कालाबाजारी और एक्सपायर्ड दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में आगरा में 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की दवाएं जब्त की गई हैं। अब तक 8 अवैध गोदाम सील किए जा चुके हैं तथा 6 एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दो चरणों में चला बड़ा अभियान एफएसडीए मुख्यालय लखनऊ द्वारा गठित 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 22 से 24 मई तथा 12 से 14 जून 2026 के बीच आगरा में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान खत्री गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर, झूलेलाल मार्केट, दयालबाग सहित प्रमुख दवा व्यापार केंद्रों, गोदामों और आवासीय परिसरों की जांच की गई। इस दौरान 20 से अधिक दवा फर्मों, 12 गोदामों तथा कई संदिग्ध परिसरों की तलाशी ली गई। जांच में बड़े पैमाने पर फिजिशियन सैंपल्स, सरकारी अस्पतालों की दवाएं, डिफेंस सप्लाई, एक्सपायर्ड दवाएं तथा संदिग्ध नकली औषधियां बरामद हुईं।  जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान अभियान के दूसरे चरण को स्वयं एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लीड किया। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले दो सप्ताह में छह दिनों तक चले विशेष अभियान में 25 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने व्यापक जांच की। आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। 6 एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा आठ अवैध गोदाम सील किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दवा माफिया, नकली दवा नेटवर्क और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एफएसडीए का आगरा पर था विशेष फोकस डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली दवाओं का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं, जहां से नकली और संदिग्ध दवाएं उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा औषधि बाजार है, जहां थोक और खुदरा दवा वितरण का मजबूत नेटवर्क, बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, दिल्ली से निकटता और विशाल उपभोक्ता आधार इसे अवैध कारोबारियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है। आगरा इस पूरे नेटवर्क का एक प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र बनकर उभरा है, जहां से दवाओं की खेप लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचती है। इसी कारण एफएसडीए पिछले कुछ समय से आगरा पर विशेष फोकस करते हुए सूचनाएं एकत्र कर रहा था और सुनियोजित रणनीति के तहत यह व्यापक अभियान चलाया गया। ज्योति ड्रग हाउस से जुड़े गोदामों से 2.5 करोड़ की बरामदगी 22 और 23 मई को झूलेलाल मार्केट स्थित मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस से जुड़े दो अवैध गोदामों पर की गई कार्रवाई में लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। जांच में बड़ी मात्रा में “फिजीशियन सैंपल – नॉट फॉर सेल” अंकित दवाएं, सरकारी एवं डिफेंस सप्लाई की औषधियां तथा जीवनरक्षक इंजेक्शन और वैक्सीन बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखी मिलीं। एफएसडीए ने मौके से कई नमूने लेकर शेष स्टॉक को सील कर दिया। मामले में फर्म संचालक नारायण दास हंसराजनी, किशोर मेहता और पुनीत कटार सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई। श्री मेडिकल एजेंसीज से नकली ऑक्सॉलजिन डीपी नेटवर्क का खुलासा एफएसडीए की जांच के दौरान “ऑक्सॉलजिन डीपी टैबलेट” नामक औषधि के नकली निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ। निर्माता कंपनी जाइडस लाइफसाइंसेज की शिकायत पर शुरू हुई जांच आगरा से अलीगढ़ और फिर उत्तराखंड के रुड़की तक पहुंची। जांच में मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, पैकेजिंग सामग्री और प्रिंटिंग अवशेषों के आधार पर यह सामने आया कि नकली दवा निर्माण और आपूर्ति का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। श्री मेडिकल एजेंसीज के सीलबंद गोदाम से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद की गईं। मामले में सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा और सैयम अरोरा के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई। जून अभियान में फिर खुला अवैध कारोबार का जाल 12 से 14 जून के बीच चलाए गए दूसरे चरण के अभियान में एफएसडीए टीम ने 20 फर्मों और 12 गोदामों की जांच की। इस दौरान चार गोदाम ऐसे पाए गए जो जांच के बाद सील कर दिए गए। सबसे गंभीर मामला खत्री गली स्थित गौरव मेडिको से जुड़ा सामने आया, जहां एक पंजीकृत गोदाम का ड्रग लाइसेंस स्वतः निरस्त हो चुका था, लेकिन उसी परिसर का उपयोग अवैध रूप से मेसर्स सीएफ इंटरप्राइजेज के माध्यम से किया जा रहा था। जांच में लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं, जिनमें फिजिशियन सैंपल, सरकारी आपूर्ति की दवाएं तथा एक्सपायर्ड स्टॉक शामिल था। बिना लाइसेंस चल रहे थे गोदाम दयालबाग स्थित मनीष पंजवानी के आवास पर छापेमारी के दौरान सरकारी आपूर्ति की दवाएं, इंसुलिन और अन्य जीवनरक्षक औषधियां बिना किसी वैध लाइसेंस के रखी मिलीं। यहां री-लेबलिंग और मूल्य परिवर्तन के भी संकेत मिले। लगभग 5.20 लाख रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। इसी प्रकार सुमित माधवानी के दो अवैध गोदामों से लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के फिजिशियन सैंपल तथा सुमित गुप्ता के गोदाम से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। कोल्ड चेन उल्लंघन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ अभियान के दौरान कई स्थानों पर इंसुलिन, रैबीज वैक्सीन और अन्य तापमान नियंत्रित दवाएं बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखी मिलीं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में दवाओं की प्रभावशीलता समाप्त हो सकती है और मरीजों के जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। एफएसडीए ने ऐसे मामलों को जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ मानते हुए संबंधित स्टॉक जब्त कर लिया तथा नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया। चार सीलबंद गोदामों को नोटिस … Read more