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राज्यपाल पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल हुए

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

‘मैं जीवित हूं’ का विरोध प्रदर्शन: वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर कांग्रेस भवन में हंगामा, पूर्व MLA धनेंद्र ने उठाई जांच की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने भाजपा और निर्वाचन आयोग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. धनेन्द्र साहू ने इसे साजिश बताते हुए प्रमाण भी दिया. प्रेस वार्ता में कई महिलाएं और पुरुष गले में मैं अभी जीवित हूं की तख्ती टांगकर मौजूद रहे. जो कथित तौर पर मृत बताकर मतदाता सूची से हटाए गए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए जो मतदाता उसे वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए. निर्वाचन अधिकारी से जब फॉर्म-7 से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो बीएलए की आपत्तियां देने से इनकार कर दिया गया. धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बीएलए के माध्यम से 917 मतदाताओं के नाम विलोपित करवाए. लगभग हर बीएलए को 30 से 40 नाम हटाने के निर्देश दिए गए. जब कांग्रेस ने 914 नामों की जांच की, तो सभी संबंधित व्यक्ति उसी गांव और वार्ड में जीवित पाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कहा कि झूठी जानकारी देकर नाम कटवाना आपराधिक कृत्य है. इस पर संबंधित थानों में केस दर्ज होना चाहिए. धनेंद्र साहू का आरोप है कि निर्वाचन आयोग एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं है. न तो आपत्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है और न ही दावा-आपत्ति की जानकारी कांग्रेस संगठन को दी जा रही है. दबाव के बाद ही निर्वाचन आयोग जानकारी देने को बाध्य हुआ. कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ काम कराने की मांग की है. धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में जिनका नाम कटा है, उनमें 70 प्रतिशत नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं. यह साजिश केवल अभनपुर में नहीं हो रही है. इधर बीएलए का कहना है कि उन्होंने आपत्ति नहीं की, भाजपा पार्टी के बड़े पदाधिकारी आए और साइन करवा लिए. धनेंद्र साहू ने कहा यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जितने बीएलए हैं वह दूसरे गांव में शिकायत कर रहे हैं. धनेंद्र साहू ने एसआईआर में मतदाता लिस्ट से कटे नामों में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह साजिश सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं है. बीएलए का कहना है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी, बल्कि भाजपा के बड़े पदाधिकारी आए और उनसे साइन करवा लिए.

प्रमोशन, पोस्टिंग पर फैसले के भरोसे पर काम पर लौटे राजस्व कर्मचारी

पटना. बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और वे शुक्रवार से काम पर लौट आए. उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा के साथ बैठक के बाद बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने फैसला लिया कि सभी अधिकारी शुक्रवार से काम पर लौट जायेंगे. उन सभी की मांगों पर उपमुख्यमंत्री ने विचार का आश्वासन दिया है. विजय सिन्हा ने बैठक में लिया फैसला साथ ही विजय सिन्हा ने यह भी कहा है कि प्रतिभा का सम्मान किया जाएगा. मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया. राजस्व सेवा के अधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर दो फरवरी 2026 से सामूहिक अवकाश पर थे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की मांग पर विचार किया जाएगा. 12 फरवरी को जारी होगी अधिसूचना बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अब बिहार प्रशासनिक सेवा के नहीं बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारी ही डीसीएलआर बनेंगे. बैठक के दौरान जो कुछ भी बातचीत हुई, इसे लेकर अधिसूचना 12 फरवरी को जारी की जाएगी. बैठक में और क्या-क्या लिए गए फैसले? राजस्व सेवा के अफसरों का सेकंड प्रमोशन डीसीएलआर के पद पर होगा. फिलहाल जो डीसीएलआर हैं, उनका इस पद पर पोस्टिंग नहीं होगी. अनुमंडल राजस्व अधिकारी के जिम्मे में सर्वे से जुड़े काम होंगे. डीसीएलआर के 11 पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारी तैनात होंगे.

जोधपुर में थाईलैंड की राजकुमारी मेजर नारीरत्ना का होगा शाही स्वागत

जोधपुर. थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना 8 फरवरी से जोधपुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। वे विशेष विमान से जोधपुर पहुंचेंगी। राजकुमारी के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा, आवागमन, ठहराव और भ्रमण को लेकर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजकुमारी के शाही स्वागत को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने और भ्रमण स्थलों तक विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजकुमारी के स्वागत में पारंपरिक और शाही अंदाज अपनाया जाएगा। खुदका लग्जरी फैशन ब्रांड राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर के रूप में जानी जाती हैं। उनका खुद का लग्जरी फैशन ब्रांड है, जो दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। फैशन के क्षेत्र में उनके डिजाइन और कलेक्शन को खास पहचान मिली हुई है। सेना में मेजर पद पर कार्यरत राजकुमारी सिरिवन्नवारी केवल फैशन तक सीमित नहीं हैं। वे थाईलैंड की शाही सेना में मेजर के पद पर भी कार्यरत हैं। इसके अलावा वे एक कुशल घुड़सवार हैं और खेल, कला व संस्कृति के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि है। दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों में शामिल राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना को दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों की सूची में भी शामिल किया जाता है। उनकी संपत्ति अरबों में बताई जाती है। राजस्थान और आगरा का भी करेंगी भ्रमण राजकुमारी भारत के 5 दिवसीय दौरे पर आई हैं। इस दौरान वे राजस्थान के विभिन्न शहरों के साथ-साथ आगरा का भी भ्रमण करेंगी। जोधपुर प्रवास के दौरान वे ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक स्थलों और शाही विरासत से रूबरू होंगी।

PM मोदी से ‘परीक्षा पर चर्चा’ में हरियाणा के काव्यांश ने सीखे सफलता के मंत्र

अंबाला/बराड़ा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में इस साल देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में हरियाणा राज्य से इकलौते विद्यार्थी के रूप में अंबाला जिले के शहजादपुर क्षेत्र के गांव पत्रहेड़ी निवासी काव्यांश का चयन हुआ, जिसने न केवल अपने गांव बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया। बारहवीं कक्षा का विद्यार्थी काव्यांश पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहा है और हर कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करता रहा है। परीक्षा पर चर्चा के नौवें संस्करण में उसका चयन होना, उसके लिए गर्व का विषय रहा। कार्यक्रम के दौरान काव्यांश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने और उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर मिला। काव्यांश ने बताया कि पीएम मोदी से मिलकर उसे बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को एक अच्छे गुरु और अभिभावक की तरह समझाते हुए बताया कि किस प्रकार टाइम टेबल बनाकर नियमित और तनाव-मुक्त पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब बेहद सरल और प्रभावी तरीके से दिए, जिससे सभी विद्यार्थी प्रेरित हुए। काव्यांश ने आगे बताया कि चयन के बाद पहले ही दिन उन्हें पूरी प्रक्रिया समझा दी गई थी कि कार्यक्रम में कैसे भाग लेना है और प्रधानमंत्री से कैसे संवाद करना है। जब वास्तविक मुलाकात हुई तो प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों को ध्यान से सुना और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सीख दी। हरियाणा से इकलौता विद्यार्थी होने के कारण काव्यांश के चयन से उसके परिजनों और स्कूल प्रशासन में खासा गर्व और खुशी का माहौल है। सभी ने काव्यांश की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

स्कूल शिक्षा बोर्ड की चेतावनी- बिजनेस आइडिया जमा नहीं करने पर रुकेगा Students का रिजल्ट

जालंधर. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से जुड़े प्राइवेट स्कूलों के लिए बड़ी खबर है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तय समय सीमा में इंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के तहत बिजनेस आइडिया जमा नहीं किए गए, तो संबंधित स्कूलों के छात्रों के बोर्ड परीक्षा परिणाम रोके जा सकते हैं। विभाग ने कहा कि, 11वीं और 12वीं कक्षा का परिणाण रोका जा सकता है। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार की ओर से शुरू किए गए इंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट को कई एफिलिएटेड और एसोसिएटेड स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। बोर्ड के पास बड़ी संख्या में स्कूलों से अभी तक बिजनेस आइडिया नहीं पहुंचे हैं, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव द्वारा प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपलों को नोटिस जारी कर साफ कहा गया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्कूलों ने अब तक प्रोजेक्ट के तहत कम से कम एक बिजनेस आइडिया सबमिट नहीं किया, उन्हें तुरंत प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को 9 फरवरी 2026 तक का अंतिम समय दिया है। तय तारीख तक छात्रों से बिजनेस आइडिया लेकर बोर्ड को भेजना अनिवार्य किया गया है। तकनीकी सुविधा के लिए PSEB ने एक व्हाट्सएप नंबर (+91 9513477756) भी जारी किया है। स्कूलों को इसी नंबर पर मैसेज भेजकर रजिस्ट्रेशन करना होगा और पूरी जानकारी ऑनलाइन साझा करनी होगी। प्रत्येक स्कूल को कम से कम एक बिजनेस आइडिया जमा करना जरूरी बताया गया है।

बैंक कर्मचारी ने अधिकारियों की ID इस्तेमाल कर निकाले 26.87 लाख

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से लगभग 26.87 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है. इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर निकाली राशि यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा का है. अपर कलेक्टर जीएल यादव द्वारा बैंक को जारी नोटिस के बाद यह सच सामने आया कि खाते से हुए लेन-देन कलेक्ट्रेट कार्यालय द्वारा अधिकृत नहीं थे. बैंक ने स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारी (CSA) टिकेश कुमार ने आंतरिक वाउचर के जरिए अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग कर अनाधिकृत रूप से यह बड़ी राशि निकाली थी. आरोपी कर्मचारी निलंबित, बैंक ने लौटाई रकम मामला उजागर होते ही बैंक ने गबन की गई पूरी राशि वापस खाते में जमा करा दी है. आरोपी कर्मचारी का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया है और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आंतरिक जांच बिठाई गई है. हालांकि, जिला प्रशासन बैंक के इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. प्रशासन का मानना है कि शासकीय राशि की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ एक गंभीर अपराध है और इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी शामिल है. फिलहाल मामले में दस्तावेजों की अंतिम जांच की जा रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में बैंक प्रबंधन और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

शिवनवरात्रि महोत्सव की शुरुआत महाकाल में कोटेश्वर भगवान के पूजन से, पहले दिन वस्त्र अर्पित कर किया जाएगा श्रृंगार

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवनवरात्रि का पर्व शुक्रवार से सुबह से शुरू हुआ। कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हुई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक होगा। इस बार दिन का महाशिवनवरात्रि पर्व महाकाल मंदिर में मनाया जाएगा, मान्यता है कि जिस तरह माता की आराधना के 9 दिनों तक नवरात्री पर्व मनाया जाता है ठीक उसी तरह देश भर में सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही महाशिवनवरात्रि पर्व मनाए जाने की परम्परा निभाई जाती है। सुबह कोटेश्वर भगवान का पूजन अर्चन होगा। शाम को भगवान को सर्वप्रथम चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया। जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई। दोपहर एक बजे भोग आरती के बाद अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नए वस्त्र अर्पित कर शृंगारित। मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से सजाया जाएगा। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिन तक शिवनवरात्रि महा उत्सव मनाया जायेगा। यह विशेष श्रृंगार 6 फरवरी से 15 फरवरी तक शिवनवरात्रि के सभी नौ दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन भक्तों को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।भगवान महाकाल के मंदिर में उत्सव का प्रारंभ कोटेश्वर महादेव के पूजन से होगा। शिवनवरात्रि पर 9 दिन यह शृंगार     6 फरवरी : चंदन, भांग शृंगार।     7 फरवरी :नवीन वस्त्र।     8 फरवरी : शेषनाग शृंगार।     9 फरवरी : घटाटोप शृंगार।     10 फरवरी : छबीना शृंगार।     11 फरवरी: होलकर शृंगार।     12 फरवरी : मनमहेश शृंगार।     13 फरवरी : उमा महेश शृंगार।     14 फरवरी : शिव तांडव शृंगार।     15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा। महाशिवरात्रि पर्व के लिए दर्शन व्यवस्था तय,10 लाख भक्त आएंगे महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई  जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई,  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है। प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत, कुछ इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू, योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशन भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति पर निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।