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पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3 फरवरी को बारिश की संभावना

रायपुर. ठंड का प्रभाव खत्म होने के साथ प्रदेश में गर्मी धीमे-धीमे अपना प्रभाव दिखाने लगी है. पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 11.9 तक पहुंच गया, वहीं रायपुर का पारा 18.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. अभी पश्चिमी विक्षोभ भी लगातार असर दिखा रहा है, जिसके प्रभाव से 3 फरवरी को बारिश भी होने की संभावना है. जनवरी के अंतिम दिनों में आए पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड बढ़ने के सिलसिले को रोक दिया था. विक्षोभ की लगातार सक्रियता की वजह से तापमान में गिरावट का दौर रुक गया और धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही मौसम में मामूली बदलाव हो, मगर अब ठंड का दायरा सिमटता जाएगा. अभी इसका प्रभाव सुबह के वक्त महसूस हो रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर भी कम हो जाएगा. पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दिखी है. अंबिकापुर का सामान्य से 2 डिग्री अधिक और रायपुर का पारा 3.8 डिग्री अधिक रहा. दिन का अधिकतम तापमान उत्तरी इलाकों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हो चुका है. अभी एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पूर्व ईरान के ऊपर 4.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. दो नया पश्चिमी विक्षोभ 2 और 5 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. अभी न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, मगर 2 फरवरी से न्यूनतम तापमान में क्रमशः वृद्धि होने और 3 फरवरी को उत्तरी भाग में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाए रहने की संभावना है. आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

बिहार में नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

पटना. सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें। 15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया। इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे। गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है। अब तक 72 योजनाएं चिह्नित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

टीकमगढ़ में भयानक हादसा : सेप्टिक टैंक में चप्पलें तैर रही थीं, अंदर पाए गए दो भाईयों के शव

टीकमगढ़   टीकमगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गरकर डूबने से दो सगे भाईयों की मौत हो गई। ये सनसनीखेज मामला शहर की शिवनगर कॉलोनी का है, किराये के मकान में रहने वाले सचिन यादव के दो बच्चों, जिनमें 7 वर्षीय नरेंद्र और 5 वर्षीय आशीष की शाम 4 बजे घर से अपनी मां से खेलने का बोलकर घर से निकले और खेलते-खेलते कॉलोनी में मुकुंद यादव के निर्माणाधीन मकान में चले गए, जहां वे खुले सेप्टिक टैंक में गिर गए। देर शाम तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो चिंतित माँ ने पहले बच्चों को कॉलोनी में रहवासियों के घरों में तलाशा, जब बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो कॉलोनी के लोगों ने मिलकर कॉलोनी में लगे सभी सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो एक सीसीटीवी फुटेज में बच्चे निर्माणाधीन मकान के अंदर जाते दिखे। इसके तुरंत बाद पड़ोसी जैसे ही उस मकान में घुसे तो उन्हें सेप्टिक टैंक में दोनों बच्चों के शव पानी में पड़े मिले, जिसके बाद इलाके के लोगों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल बच्चों को टैंक से निकलवाया और अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरात दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवा दिया गया। आज शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजन को सौंपा जाएंगे। घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है।

सीएम साय ने “अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन” को दिखाई झंडी

रायपुर. सीएम साय ने आज नारायणपुर में आयोजित “अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन” को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा, नारायणपुर से बासिंग तक 21 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक दौड़ में 60 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय धावकों सहित 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को यादगार बना दिया। देश-विदेश से आए धावकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ आज शांति, विश्वास और विकास के नए अध्याय की ओर तेज़ी से बढ़ रहा ह। यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि सुरक्षित, समावेशी और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में हमारे संकल्प का प्रतीक है। अबूझमाड़ की धरती पर दौड़ते कदम, एक सशक्त और आत्मविश्वासी छत्तीसगढ़ की कहानी कह रहे हैं।

पंजाब में कल एक और एयरपोर्ट की PM मोदी देंगे सौगात

जालंधर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक फरवरी को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाशोत्सव पर जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री करीब 40 मिनट तक डेरे में रुकेंगे। इस दौरान वह संत निरंजन दास जी से आध्यात्मिक चर्चा करेंगे और डेरे की संगत को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-कम-अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर ने 30 जनवरी से एक फरवरी तक जिला जालंधर को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। प्रधानमंत्री इस दौरान डेरा सचखंड बल्लां की ओर से किए जा रहे जनहित कार्यों की भी जानकारी लेंगे। डेरा चिकित्सा, शिक्षा और गुरु रविदास महाराज की बाणी के प्रचार प्रसार के लिए काम कर रहा है। डेरे के गद्दीनशीन संत निरंजन दास जी फिलहाल संगत के साथ श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली वाराणसी गए हैं। वे रविवार को प्रधानमंत्री के आगमन से पहले वहां से लौट आएंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने डेरा सचखंड बल्लां में सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। एसपीजी की टीम डेरा और आसपास के इलाके को अपने सुरक्षा घेरे में ले चुकी है। डेरा सचखंड बल्लां में हेलीपैड बनाया गया है। प्रधानमंत्री आदमपुर एयरपोर्ट से डेरा बल्लां तक हेलिकॉप्टर से आएंगे। इमरजेंसी के लिए डीएवी यूनिवर्सिटी में भी एक हेलीपैड बनाया है। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम अब गुरु रविदास महाराज सिविल एयरपोर्ट होगा। केंद्र सरकार ने घोषणा पहले ही कर दी थी। प्रधानमंत्री के आने के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। एयरपोर्ट पर गुरु रविदास महाराज सिविल एयरपोर्ट नाम का बोर्ड लगाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री पंजाब और जालंधर के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। प्रधानमंत्री जालंधर से ही लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने नारायणपुर में जवानों के साथ किया रात्रि भोज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री साय और मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।

एनजीटी सख्त: भोपाल के वेटलैंड पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई न होने पर प्रशासन को चेतावनी

 भोपाल  कलियासोत जलाशय क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, जो चिंताजनक है। एनजीटी के समक्ष यह मामला कलियासोत जलाशय, केरवा जलाशय और आसपास के ग्रीन बेल्ट, बाटनिकल गार्डन व रीजनल गार्डन की जमीन पर हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने माना कि इन अवैध गतिविधियों से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं जैसे जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी खतरे में है। 97 अतिक्रमण चिह्नित किए बीते कुछ वर्षों में इन जीवों का रिहायशी इलाकों में दिखना मानव जीवन के लिए भी जोखिम बनता जा रहा है। एनजीटी ने अपने आदेश में खुलासा किया कि कलियासोत जलाशय क्षेत्र में कुल 97 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी भूमि पर हैं। इसके अलावा लगभग 150 हेक्टेयर भूमि, जो बाटनिकल गार्डन के लिए आरक्षित है, उसकी न तो समुचित सीमांकन हुआ और न ही सुरक्षा। वहीं, बिना उपचारित सीवेज जलाशयों प्रवाह अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई एसटीपी वर्षों से अधूरे या ट्रायल रन की स्थिति में हैं। दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर भोपाल और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत निगरानी में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश दिया गया है कि दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की जाए। एनजीटी ने यह भी कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। समय सीमा बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुए एसपीटी एनजीटी ने यह भी चिंता जताई कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण बिना उपचारित गंदा पानी जलाशयों में छोड़ा जा रहा है । अधिकरण ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है और अधिकारियों की निष्क्रियता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडेय और राशिद नूर खान की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर सुनवाई के बाद एनजीटी ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिए कि यह आदेश मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचाया जाए, ताकि तत्काल और ठोस कार्रवाई हो सके। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि वह स्वामित्व विवाद तय नहीं करेगा, बल्कि उसका उद्देश्य केवल जलाशयों से अतिक्रमण हटाकर भोज वेटलैंड की रक्षा करना है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को होगी।

CM साय देंगे सिरपुर महोत्सव में 200 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात

रायपुर. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे. वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे. इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण और 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य और विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं. इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य और परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा.

बालाघाट हॉस्टल मामला: नाबालिग छात्रा ने जन्म दिया, लापरवाही बरतने वाली अधीक्षिका सस्पेंड, आरोपी पकड़ा गया

बालाघाट  जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही आठवीं कक्षा की साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग के मां बनने की खबर ने छात्रावास में बच्चियों के स्वास्थ्य परीक्षण की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल चौकी से जानकारी मिलने के बाद महिला थाना ने मामले में कार्यवाही करते हुए अग्रिम कार्यवाही के लिए गढ़ी थाना को जानकारी भिजवा दी है। नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया जानकारी के अनुसार, नाबालिग को मां बनाने वाले नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसे शनिवार को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बैहर विकासखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की छात्रावास अधीक्षिका प्राथमिक शिक्षक चैनबती सैयाम को अपने कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, गढ़ी थाना क्षेत्र के परसामऊ आवासीय छात्रावास में रहकर नाबालिग पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसके गर्भवती होने और एक बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित होता है। जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी जीपी बर्मन ने इस मामले में हॉस्टल वार्डन और एएनएम की लापरवाही स्वीकार करते हुए बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ रही पीड़ित छात्रा की तबीयत ठीक नहीं रहती थी तथा वह ज्यादातर समय अपने घर पर ही रहती थी। पुलिस में दिए बयान के अनुसार पीड़ित छात्रा के उसी गांव के किसी व्यक्ति से शारीरिक संबंध थे। महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने बताया कि अस्पताल चौकी से जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर प्रारंभिक कार्यवाही की गई और आगे की कार्यवाही गढ़ी थाना पुलिस द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। अधिकारियों का क्या कहना है इधर मामले के सामने आने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की कक्षा आठवीं की बच्ची के गर्भवती होने और बच्ची को जन्म देने के मामले में प्रथम दृष्टया पाया गया कि छात्रावास अधीक्षिका द्वारा पीड़ित छात्रा के स्वास्थ्य में परिवर्तन होने पर कोई संवेदना नहीं दिखाई गई और न ही छात्रा का पृथक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। अधीक्षिका द्वारा छात्रा के बार-बार छात्रावास से अनुपस्थित रहने तथा उसके स्वास्थ्य को लेकर पालकों से संपर्क भी नहीं किया गया। अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति बरती गई इस लापरवाही के चलते अधीक्षिका चैनबती सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ आज से आंधी-तूफान के साथ करवाएगी वर्षा

हिसार. मौसम में परिवर्तन के साथ ही शनिवार रात से उसमें बदलाव होगा। नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही चार जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गई है। एक फरवरी को पूरे प्रदेश में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तेज वर्षा होने की संभावना है। छह फरवरी के बाद फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि की चेतावनी के चलते हरियाणा के किसान भी चिंतित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में वर्षा की संभावना है। इसमें सामान्य रूप से वर्षा हो सकती है। रविवार को पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेगी। एक फरवरी को सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हल्की वर्षा की संभावना है। बाकी प्रदेश के जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तीन फरवरी तक वर्षा की संभावना है। उसके बाद दो दिन तक मौसम साफ रहेगा और छह फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। वहीं, शुक्रवार को रात के तापमान में उछाल आया है। सुबह के समय काफी जगह पर कोहरा छाया रहा। महेंद्रगढ़ का तापमान सबसे कम रहा। न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही हैं। हरियाणा में वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा छह फरवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ, तीन तक वर्षा की संभावना, फिर दो दिन मौसम साफ