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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट होंगे किराए के कमरों वाले आंगनबाड़ी केंद्र

जयपुर. किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अब पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। आंगनबाड़ी में शाला पूर्व शिक्षा लेने वाले बच्चों को आगे उसी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। जो केंद्र स्कूलों में शिफ्ट नहीं हो पाएंगे, उनकी पास के स्कूलों से मैपिंग को जाएगी। दूरी का निर्धारण शहरी क्षेत्रों में एक किमी के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट किए जाएंगे। जयपुर में सबसे अधिक किराए के भवनों में सबसे अधिक आंगनबाड़ी केंद्र जयपुर में चल रहे हैं। जिले में कुल 1078 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई केंद्र छोटे-छोटे कमरों में चल रहे हैं। इनका कहना है किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के स्कूलों में जोड़ रहे हैं, जिससे स्कूल प्रबंधन की मॉनिटरिंग भी हो सकेगी। वहीं, बच्चों को स्कूल जैसा माहौल भी मिलेगा। 6 वर्ष की आयु पूरी होते ही बच्चे को उसी स्कूल में प्रवेश मिल जाएगा। – वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं

बिहार में 22 जाबांज पुलिस कर्मियों को मैडल और 3 को मिलेगा गैलंट्री अवॉर्ड

पटना. गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार 22 पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों के लिए पदक की घोषणा की है। तत्कालीन एसपी और वर्तमान डीजी कुंदन कृष्णन समेत तीन को गैलंट्री पदक देने की घोषणा हुई है। दो पुलिस पदाधिकारी को राष्ट्रपति का विशिष्ट पदक जबकि 17 पुलिस पदाधिकारी को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया गया है। जिन तीन पदाधिकारी-कर्मी को गेलेंट्री मेडल मिला है। इनमें डीजी कुंदन कृष्णन, एसआई अर्जुन लाल और सिपाही जितेंद्र सिंह हैं। वहीं, विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से दो पदाधिकारी सम्मानित हुए हैं। इनमें डीएसपी उमेश लाल रजक और एसआई नवरत्न कुमार शामिल हैं। यह सम्मान राष्ट्रपति द्वारा घोषित किया जाता है और इसे पुलिस सेवा में लंबे समय तक अनुकरणीय कार्य के लिए प्रदान किया जाता है। इस सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड में कार्यरत जवानों तक को शामिल किया गया है, जो यह दर्शाता है कि बिहार पुलिस में हर स्तर पर किए गए बेहतर कार्यों को मान्यता दी जा रही है। सम्मानित अधिकारियों में दलजीत सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), बिहार शामिल हैं। उनके साथ राजीव रंजन द्वितीय, सहायक महानिरीक्षक (एआईजी), और अजय कुमार पांडेय, कमांडेंट, बिहार सरहनीय सेवा पदक मिला है। इसके अलावा डीएसपी शैलेश मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर मो. ऐनुल हक, ऋषिकेश कुमार, मनोज कुमार, निक्कू कुमार सिंह, तथा एएसआई नागेंद्र पांडेय को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। वहीं, जमीनी स्तर पर सेवा देने वाले हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिंह, सुकड़ा उरांव, धर्मेंद्र कुमार, जवाहर लाल मंडल, उमेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश, एमडी रफी और कांस्टेबल मनोज कुमार सिंह को भी मेरिटोरियस सर्विस मेडल प्रदान किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी सम्मानित अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे बिहार पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सम्मान न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। दो CBI अधिकारियों को सम्मान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच, पटना में तैनात दो अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस मेडल फार मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) रूबी चौधरी और हेड कांस्टेबल भोला राय को प्रदान किया गया। दोनों अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, जटिल मामलों की सफल जांच और संगठन के प्रति अनुकरणीय निष्ठा का परिचय दिया है।

पंचकूला में मां के बॉयफ्रेंड ने बच्चे को अगवा कर मौत के घाट उतारा

पंचकूला. पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित रैली के एक क्रेच से  शनिवार को अगवा हुए मासूम बच्चे का शव देर रात सुखोमाजरी बाईपास पुल के नीचे से एक बोरी में बरामद हुआ है। इस दिल दहला देने वाली वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि बच्चे की मां के ही बायफ्रेंड ने अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपित पिंजौर निवासी अजय को हिरासत में ले लिया है और आज इस पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। डेरा बस्सी की रहने वाली लक्ष्मी नाम की महिला का पिंजौर के एक युवक के साथ अफेयर था। 24 जनवरी को लक्ष्मी ने अपने बच्चे को पहली बार सेक्टर-12ए के एक क्रेच में छोड़ा था। लेकिन 11बजे आरोपित युवक पहुंचा और संचालिका को झांसा दिया कि वह बच्चे का पिता है। संचालिका ने मां से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ होने के कारण उसने बिना किसी पहचान के बच्चा आरोपित को सौंप दिया। प्रेमी से मिलने बच्चे को साथ लेकर जाती थी महिला महिला जब भी आपने प्रेमी से मिलने पिंजौर जाती थी, तो अपने बच्चे को साथ ले जाती थी। आरोपित को बच्चे का साथ होना पसंद नहीं था और वह इसे अपने रिश्ते में बाधा मानता था। इसी कारण उसने लक्ष्मी पर दबाव बनाकर बच्चे को क्रेच में दाखिल करवाया था। करीब 15 दिन पहले आरोपित खुद लक्ष्मी के साथ इस क्रेच की रेकी करने गया था। 24 जनवरी को जैसे ही बच्चे का पहला दिन शुरू हुआ, आरोपित ने मौके का फायदा उठाकर उसे अगवा कर लिया। क्रेच से बच्चे को लेकर आरोपित ओटो से पिंजौर की ओर निकल गया। रास्ते में जब मासूम अपनी मां के लिए रोने लगा, तो आरोपित ने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद उसने शव को एक बोरी में भरा और सुखोमाजरी बाईपास पुल के नीचे फेंक कर फरार हो गया।

खालिस्तान संगठन की धमकी- ‘यह एक ट्रेलर, ट्रेन में भी हो सकता था धमाका’

चंडीगढ़/फतेहगढ़ साहिब. सरहिंद में हुए रेल ब्लास्ट की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स नाम के अलगाववादी संगठन ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर ली है। एक लेटर हेड पर गुरमुखी में टाइप एक चिट्ठी पोस्ट की गई है, जिसमें ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्र सरकार को चुनौती दी गई है। चिट्ठी के नीचे रणजीत सिंह जम्मू नाम लिखा है और हस्ताक्षर भी है। मूल रूप से जम्मू के रहने वाले रणजीत सिंह ने इस अलगवादी संगठन की शुरुआत आईएसआई की मदद से की थी। इसे साल 2008 में वांछित आतंकवादी घोषित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, रणजीत सिंह काफी समय से पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। चिट्ठी में क्या लिखा है वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। आज सरहिंद मालगाड़ी में हुए धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स लेती है। हम आपको बताना चाहते हैं कि यह धमाका पैसेंजर ट्रेन में भी किया जा सकता था, लेकिन हमारा इरादा किसी को कोई बेवजह नुकसान पहुंचाना नहीं था। यह एक ट्रेलर था, जो हमने खालिस्तान घोषणा की 40वीं सालगिरह पर भारत सरकार को दिखाया और बताया कि खालिस्तान के लिए जंग अभी भी जारी है और जारी रहेगी। हम न चैन से बैठेंगे और न तुम्हें बैठने देंगे, यह लड़ाई खालिस्तान की आजादी तक जारी रहेगी और हमारे एक्शन तुम्हारी नींद खराब करते रहेंगे। शहीदों को प्रणाम खालिस्तान जिंदाबाद गुरु पंथ का दास रणजीत सिंह जम्मू मुख्य सेवादार- खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स बता दें कि सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात बड़ा धमाका हुआ था। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ था। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कॉरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया।

पेंड्रा में प्रेमी संग भागी विधवा महिला, को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया

पेंड्रा. जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। खोडरी चौकी क्षेत्र के रानीझाप गांव में एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक विधवा महिला को कथित तौर पर अर्ध नग्न कर गांव में घुमाया गया। यह घटना तब हुई जब महिला शादीशुदा एक पुरुष के साथ भागी थी। दरअसल, पेंड्रा के रानीझाप गांव में एक विधवा महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया। महिला लगभग तीन महीने पहले एक शादीशुदा व्यक्ति के साथ भाग गई थी। गांव लौटने पर उस व्यक्ति के परिजनों ने महिला के साथ यह बर्ताव किया। ग्रामीणों और महिला के परिजनों ने उसे बचाया और पुलिस को सूचना दी। यह घटना खोडरी चौकी अंतर्गत ग्राम रानीझाप में शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। 35 वर्षीय पीड़ित महिला लगभग एक साल पहले अपने पति के निधन के बाद विधवा हो गई थी। उसका गांव के ही 35 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति हरि प्रसाद राठौर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों 29 अक्टूबर को घर से भाग गए थे और मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम मालाचुवा में रह रहे थे। शुक्रवार को जब वे गांव वापस लौटे, तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद महिला और हरि प्रसाद के परिजन खोडरी चौकी पहुंचे थे। चौकी में महिला ने हरि प्रसाद के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद सभी अपने गांव रानीझाप लौट आए। हरि प्रसाद और महिला को गांव के भुल्लन गोंड़ ने शुक्रवार रात को अपने घर में शरण दी थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, भाई मनोज और यशोदा राठौर सहित अन्य लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने महिला को पीटना शुरू कर दिया, उसे निर्वस्त्र किया और पूरे गांव में घुमाया। हमलावरों ने महिला पर गोबर भी पोता और उसे पीटते हुए गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित काली मंदिर तक ले गए। इसके बाद पीड़ित महिला के परिजनों और ग्रामीणों, जिनमें अमर सिंह धुर्वे और दशरथ विश्वकर्मा शामिल थे, ने उसे बचाया। उन्होंने महिला को कपड़े पहनाए और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस गांव पहुंची और घायल महिला को अपने साथ ले गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।  

प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी का निरंतर संवाद बन रहा प्रदेश की प्रगति का माध्यम

उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी में हुआ भावपूर्ण पत्रों का आदान-प्रदान    पत्रों के आदान-प्रदान में दिखा भरोसे व सम्मान को दर्शाने का भाव प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी का निरंतर संवाद बन रहा प्रदेश की प्रगति का माध्यम  डबल इंजन सरकार में सुशासन, विकास व आत्मनिर्भरता पर केंद्र व राज्य की है एकीकृत कार्यशैली विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में निर्णायक है उत्तर प्रदेश की भूमिका   लखनऊ  उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुए आत्मीय व भावपूर्ण पत्राचार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि डबल इंजन की सरकार में केंद्र और राज्य एकीकृत कार्यशैली में काम कर रहे हैं। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता को अपनी प्रमुख वरीयता में रखते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई अवसरों पर विकसित भारत में विकसित उत्तर प्रदेश की भूमिका का उल्लेख कर चुके हैं। ऐसे में, इस लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका को समन्वय के जरिए सुनिश्चित किया जा रहा है। इस दिशा में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया आत्मीय संदेश और उसके उत्तर में मुख्यमंत्री का विस्तृत व भावपूर्ण पत्र, दोनों ही इस बात के सशक्त प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश में विकास की यात्रा साझा सोच, साझा लक्ष्य और साझा प्रयासों के साथ आगे बढ़ रही है। यह संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उस भरोसे और तालमेल का प्रतिबिंब है, जिसके सहारे उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। विश्वास और सम्मान से भरा संवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक भूमिका और विकास यात्रा की विस्तार से सराहना की। उन्होंने प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजबूत स्तंभ बताया और कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, पर्यटन तथा औद्योगिक विकास में हो रही प्रगति को रेखांकित किया। उनके शब्दों में उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या का बड़ा राज्य नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति से देश के विकास को नई गति देने वाला राज्य है। साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है मुख्यमंत्री का उत्तर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को न केवल शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के शुभारंभ समारोह के कार्यक्रम में सुनाया, बल्कि संदेश के प्रति प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय और आत्मनिर्भरता के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी रेखांकित किया कि बीते वर्षों में प्रदेश की छवि में आया बदलाव केंद्र और राज्य सरकार के बीच विश्वासपूर्ण सहयोग का परिणाम है। डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति पत्र में मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और सौभाग्य योजना जैसी पहलों में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन देना है। यह दृष्टिकोण केंद्र और राज्य, दोनों की साझा प्राथमिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश और मुख्यमंत्री योगी के पत्र में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी विशेष उल्लेख है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और बौद्ध स्थलों के विकास के साथ पर्यटन को नई दिशा मिली है। यह संतुलन दिखाता है कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण के साथ आगे बढ़ रहा है। दोनों नेताओं के शब्दों में न केवल आपसी सम्मान झलकता है, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि नीतियों से लेकर क्रियान्वयन तक, तालमेल पूरी मजबूती के साथ कायम है। विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की भूमिका प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी, दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति इस साझा दृष्टि का परिणाम है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हुआ यह संवाद केवल शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि उस साझा संकल्प की घोषणा है, जिसमें केंद्र और राज्य एक साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। संदेश स्पष्ट है कि डबल इंजन सरकार लगातार समन्वय के साथ उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए न केवल कृत संकल्पित है बल्कि लगातार इस दिशा में वृहद स्तर पर कार्य कर रही है।

26 जनवरी पर शहर में ट्रैफिक डायवर्सन, कई रास्ते रहेंगे बंद, प्लान जारी

भोपाल   गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को लाल परेड मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था के बनाने डायवर्सन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था सुबह 6 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक लागू रहेगी। सुबह 7:30 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक पुलिस मुख्यालय तिराहे से कंट्रोल रूम तिराहे के बीच सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रोशनपुरा, भारत टॉकीज, टीटी नगर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का लाल परेड मैदान की ओर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। जनता से अपील नगरीय यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अनुरोध किया है कि तय डायवर्सन मार्गों का उपयोग कर यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 या 0755-2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। कल से तीन दिन तक आमजन के लिए खुला रहेगा लोकभवन लोकभवन (राजभवन) रविवार से तीन दिन तक आमजन के लिए खुला रहेगा। तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। यहां केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा 'राजभवन से लोकभवन' विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के फैसले के बाद राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे लोक भवन का भ्रमण जरूर करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

लोकधुनों, रंगों और स्वाद में रचा-बसा ‘उत्तर प्रदेश दिवस-2026’ का जनोत्सव

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर दिखी उत्तर प्रदेश के उत्सव की सतरंगी छटा लोकधुनों, रंगों और स्वाद में रचा-बसा 'उत्तर प्रदेश दिवस-2026' का जनोत्सव लखनऊ  सुबह की हल्की धूप के बीच  राष्ट्र प्रेरणा स्थल का पूरा परिसर ही उत्तर प्रदेश के रंग में रंगा नजर आया। ढोलक की थाप, शहनाई की मधुर स्वर लहरियां और लोकगीतों की मिठास के बीच उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का जनोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा को महसूस कराने वाला उत्सव बनकर सामने आया। परिसर में कदम रखते ही चारों ओर सजी लोकचित्रों की प्रदर्शनी और रंग बिरंगे परिधानों में सजे कलाकार ध्यान खींचते रहे। हर दृश्य उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता की कहानी कह रहा था। कहीं ब्रज की होली की झलक दिखी, तो कहीं पूर्वांचल की लोकनृत्य शैली ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर उत्साह और अपने प्रदेश को लेकर गर्व साफ झलक रहा था। एक जनपद एक व्यंजन योजना के स्टॉल पर सर्वाधिक भीड़ कार्यक्रम स्थल पर सबसे अधिक भीड़ एक जनपद एक व्यंजन योजना के स्टॉल पर दिखाई दी। आगरा के पेठे की मिठास, मथुरा के पेड़ों की खुशबू, बनारस की ठंडाई और पान की पारंपरिक महक, चंदौली के काले चावल से बने व्यंजन, इन सभी ने यूपी की सांस्कृतिक पहचान को एक ही थाली में सजा दिया। लोग न केवल इन व्यंजनों का स्वाद ले रहे थे, बल्कि अपने अपने जनपद से जुड़ी स्मृतियों और पहचान को भी साझा कर रहे थे। प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को बनाए रखा जीवंत लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत बनाए रखा। कठपुतली नृत्य में लोककथाएं जैसे सजीव हो उठीं। रामायण के पात्रों के स्वांग ने श्रद्धा और मनोरंजन को एक साथ जोड़ दिया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज यह बताती रही कि यह उत्सव केवल देखने का नहीं, महसूस करने का अनुभव है। वहीं दूसरी ओर, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा भी साफ नजर आई। यह परंपरा और प्रगति का ऐसा संगम था, जहां एक ओर विरासत को संजोया जा रहा था, तो दूसरी ओर भविष्य की दिशा भी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। केवल राजधानी तक सीमित नहीं आयोजन तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन राजधानी तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले में इसी भाव और उत्साह के साथ यूपी दिवस मनाया जा रहा है। यूपी दिवस-2026 ने यह साफ संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश केवल आंकड़ों और योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला राज्य ही नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और सामूहिक गर्व से जुड़ा हुआ जनप्रदेश है, जहां उत्सव भी नीति बन जाता है और परंपरा भी विकास का हिस्सा बनकर आगे बढ़ती है।

कायस्थ मंडल ने वसंतोत्सव “चित्रांश परिवार मिलन समारोह एवं सहभोज”, 20 साल पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम

 भोपाल  कायस्थ मंडल नगरीय क्षेत्र एवं वेल्फेयर सोसायटी, होशंगाबाद रोड,  भोपाल  द्वारा अपनी  स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वसंतोत्सव के अवसर पर  *"चित्रांश परिवार मिलन समारोह एवं सहभोज" का कार्यक्रम  सांय 5.30 बजे से होटल नंदन पैलेस में शुरू हुआ  l  *उक्त आयोजन में सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने पीले परिधान धारण किए थेl उपस्थित साँस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के बाद डॉक्टर मनीषा श्रीवास्तव, श्री पलाश श्रीवास्तव मुंबई, श्री रवि खरे, मुस्कान खर, रूद्राक्ष खर, डॉक्टर ज्योत्सना श्री वास्तव, गिरीश श्रीवास्तव, दीपिका भटनागर तथा श्री बी बी श्रीवास्तव का मरणोपरांत सम्मान तथा पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभाकाम के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग एवं  विशिष्ट अतिथि श्री आलोक संजर पूर्व सांसद, श्री रवि सक्सेना, अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, मेजर जनरल (से.नि.) श्याम श्रीवास्तव प्रवक्ता कांग्रेस कमेटी, श्री के. सी. श्रीवास्तव, (से.नि.) आई.ए.एस. श्री एस एस सक्सेना द्वारा किया गया । मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि आज कायस्थ समाज सहित संपूर्ण हिन्दू समाजों को सनातन धर्म की एकता के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है।  उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने बच्चों को भी अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए सदैव प्रेरित करने के सतत प्रयास करने चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री जी की सोच को साकार करने की दिशा में हमारी युवा पीढ़ी भी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध एवं आधुनिक भारत के निर्माण में अपना योगदान प्रदान कर सके l  कार्यक्रम के आरंभ में चित्रगुप्त जी की सामूहिक आरती एवं सरस्वती वंदना के उपरांत श्री आर.बी. सक्सेना ने मंडल की गतिविधियों पर प्रकाश डाला, कार्यक्रम का संचालन श्री डी.के-साधना श्रीवास्तव ने किया l आभार प्रदर्शन अभय प्रधान ने किया  l कार्यक्रम में सर्वश्री सुहास प्रधान, अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, नीरा-एम.के.भटनागर, कुसुम- आर.बी. सक्सेना, ममता-संजय श्रीवास्तव, अनु-सुधीर श्रीवास्तव, लता-डीके श्रीवास्तव, वंदना-अभय प्रधान, मंजूषा-मनीष खरे, निवेदिता-विशेष श्रीवास्तव, अमृता-मनीष भटनागर, हरिओम भटनागर, नवनीत सक्सेना सहित भोपाल के सभी संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में चित्रांश बंधु उपस्थित हुए l कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए l

फतेहगढ़ साहिब रेल ब्लास्ट में ब्रेक टेस्ट के लिए घटाई स्पीड से टला बड़ा हादसा

अंबाला. गणतंत्र दिवस से करीब 60 घंटे पहले पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के निकट मालगाड़ी को उड़ाने के लिए रखे गए विस्फोटक से नुकसान इसलिए कम हुआ, क्योंकि लोको पायलट ने ब्रेक टेस्ट के लिए रफ्तार घटाई थी। यदि गाड़ी पूरी गति में होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। इस ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटा की गति से मालगाड़ी दौड़ सकती है। यदि ऐसा होता तो मालगाड़ी पलट सकती थी। यह मालगाड़ी बिहार के धनबाद से कोयला लेकर मंडी गोबिंदगढ़ पहुंची थी। खाली रैक फिर से वापस ले जाया जा रहा था। 58 डिब्बों की मालगाड़ी से करीब 18 डिब्बे धमाका होने बाद भी आगे निकल गए और फिर लोको पायलट ने रोक कर चेक किया। कुछ देर के बाद लोको पायलट धीरे से मालगाड़ी को आगे ले गया और अगले स्टेशन पर जाकर सूचना कंट्रोल में दी। रेल अधिकारियों का मानना है कि यदि गाड़ी की स्पीड अधिक होती तो पटरी टूटने के बाद मालगाड़ी पलटने का खतरा अधिक हो जाता। लोको पायलट की सूचना के बाद करीब 10 मालगाड़ियों को रोक दिया गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। उत्तर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के डीआइजी अंबाला मंडल के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इस घटना से जहां इंजन क्षतिग्रस्त हुआ, वहीं दो से तीन स्लीपर भी टूटे हैं और पटरी भी क्षतिग्रस्त हुई है। लोको पायलट हरिंद्र कुमार को हल्की चोटें आई हैं, जबकि सहायक लोको पायलट आनंद प्रकाश यादव ठीक हैं। 50 की स्पीड में पहुंची थी 25 किमी तक मंडी गोबिंदगढ़ से खाली होने के बाद साइडिंग पर आई और जब फिर से ढुलाई के लिए जा रही थी तो गाड़ी कि स्पीड 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की थी। नियम है कि जब भी मालगाड़ी फिर से चलाई जाती है तो कुछ किमी दौड़ाने के बाद गाड़ी की रफ्तार घटाई जाती है। ब्रेक टेस्ट के बाद गाड़ी की रफ्तार 100 किमी कर दी जाती है। साइडिंग से गाड़ी चलने के बाद मालगाड़ी की स्पीड 50 किमी थी, ब्रेक टेस्ट किया तो यह आधी हो गई। तभी धमाके की आवाज आई और लोको पायलट का कैबिन थोड़ा क्षतिग्रस्त हो गया। लोको पायलट जब तक समझता तब तक 18 डिब्बे आगे निकल चुके थे। दो कंपनियां आरपीएफएस की संभालेंगी कमान गणतंत्र दिवस को लेकर आरपीएफएस की दो कंपनियां अंबाला रेल मंडल में भेजी हैं। यह यहां से विभिन्न स्टेशनों के लिए रवाना कर दी हैं। स्टेशनों पर चेकिंग अभियान जारी है।