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हरियाणा में फिर झमाझम बरसेंगे मेघ

हिसार. पहाड़ों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। बीते दो दिनों में हुई वर्षा और तेज हवाओं ने तापमान को तेजी से नीचे गिराया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 27 जनवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। इसी बीच शुक्रवार रात को हिसार प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफेद चादर में लिपटी प्रकृति शुक्रवार को प्रदेशभर में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद शनिवार सुबह जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप रहा। भीषण सर्दी के चलते गांव बड़ोपल के खेतों में पाला जम गया जिससे सफेदे के पौधों पर ओस की बूंदें जम गईं। किस जिले में कौन सा अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत यलो अलर्ट: पंचकूला, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल 29 जनवरी तक परिवर्तनशील रहेगा मौसम हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में मौसम आमतौर पर 29 जनवरी तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा हो सकती है। इस दौरान हल्की से मध्यम गति की ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। 10 से 12 डिग्री तक गिरा तापमान भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार वीरवार रात और शुक्रवार को हुई वर्षा के बाद तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले दिन का तापमान 25 डिग्री और रात का तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया था। हिसार के अलावा नारनौल, भिवानी, महेंद्रगढ़, सिरसा और सोनीपत में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

अकाली सरकार के विकास कार्यों को विधानसभा क्षेत्रों में गिनाएगी आम आदमी पार्टी

चंडीगढ़. 2007 से लेकर 2017 तक अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को लेकर मास कांटेक्ट प्रोग्राम के तहत हर विधानसभा हलके में जाने का शिरोमणि अकाली दल ने फैसला लिया है। आज यहां जिला प्रधानों और हलका प्रभारियों के साथ बैठक के बाद में यह फैसला लिया गया। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी में हुई बैठक में यह भी कहा गया कि हर हलके रैलियां की जाएंगी और लोगों के पास जाकर न केवल अपनी सरकार की प्राप्तियों के बारे में बताया जाएगा बल्कि आप सरकार की नकारात्मक कार्यवाहियों को भी उनके सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मास कांटेक्ट प्रोग्राम फरवरी महीने से शुरू होगा जिसमें हलका वाइस बड़ी रैलियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन रैलियों को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल और पार्टी के अन्य बड़े सीनियर लीडर संबोधित करेंगे। एक सप्ताह में चार रैलियां करने का कार्यक्रम रखा गया है लेकिन इन की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपनी सरकार के दौरान हुए डेवलपमेंट के काम और इस सरकार में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और प्रापर्टियों को बेचने का मुद्दा उभारा जाएगा। इन सभी मुद्दों को लेकर हम लोगों की कचहरियों में जाएंगे। सेहत बीमा योजना के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा डॉ. चीमा ने कहा की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लोगों को मूर्ख बनाने के लिए है। इसका मकसद चुनाव के लिए सिर्फ लोगों का डाटा एकत्रित करना है। अगर सब को बीमा की सुविधा मिलनी है तो फिर फार्म क्यों भरवाए जा रहे हैं। अगर फार्म भरवाए जाने हैं तो उन पर आम आदमी पार्टी के नेता के हस्ताक्षर की क्या जरुरत है? चीमा ने कहा कि योजना चलाने के लिए पैसा ही नहीं है। एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि आपरेशन प्रहार भी लोगों को गुमराह करने के लिए है। रेलवे पटरी पर धमाका हो जाता है और अगर पुलिस इतनी सचेत और बारीकी से काम कर रही है तो धमाका कैसे हुआ? पुलिस बिना किसी सर्च वारंट के लोगों के घरों में घुस रही है। लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार ने एजेंडा सेट करने के लिए बनाया वार रूम सरकार ने एक वार रुम बना रखा है जिस का मकसद लोगों की भलाई करना नहीं बल्कि एजेंडा सेट करना है कि किस दिन कौन सा एजेंडा चला लोगों का असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का जरिया है ताकि असली मुद्दे न उठे। पार्टी संगठन को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि आज जिला प्रधानों से का गया है कि वे सर्कल , कोर कमेटी और बूथ लेवल कमेटियों के नेताओं की नियुक्तियां दस फरवरी तक पूरी कर लें। इसके अलावा पार्टी के समस्त विंगों का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। ब्लाक समिति चुनावों में कार्यकर्ताओं ने दिखाया दमखम उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लाक समितियों के चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहतर दमखम दिखाया है जहां भी हमारे पर्चे रद नहीं हुए वहां हमने जीत प्राप्त की है। अब स्थानीय निकाय चुनाव को भी मजबूती से लड़ा जाएगा। पंचायतों में ट्यूबवेलों के बकाया बिल लेने को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि सभी पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे वित्त कमीशन ग्रांट को ट्यूबवेलों के बिल भरने पर लगाएं। डाॅ. चीमा ने कहा कि सरकार पैसा देने की बजाए अफसरों के माध्यम से बिल भरने पर लगा रही है। नियमों के मुताबिक वित्त कमीशन के पैसे को डाइवर्ट नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का सीएम साय ने वर्चुअल किया शुभारंभ

बीजापुर. मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करते हुए बीजापुर जिले को दो नई बस सेवाओं की सौगात दी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों में आवागमन को सुगम बनाते हुए परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिलेवासियों एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बस सेवा प्रारंभ होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सेवा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तृतीय चरण के अंतर्गत बीजापुर जिले में जिन बस मार्गों पर संचालन प्रारंभ किया गया, उनमें कचलारम से जगदलपुर (तोयनार-धनोरा मार्ग होते हुए), कोतापाल-बीजापुर-नैमेड, भैरमगढ़-गीदम (एक फेरा वापसी) प्रतिदिन कुल 190 किलोमीटर, तथा पामेड़ से बीजापुर (कोण्डापल्ली-तर्रेम-बासागुड़ा-आवापल्ली मार्ग होते हुए) कुल 104 किलोमीटर शामिल हैं। वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। ग्रामीण बस सेवा के प्रारंभ होने से बीजापुर जिले के सुदूर एवं आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ एवं नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गणतंत्र दिवस से पहले 94 जगहों पर रेड, 70 लोग पकड़े

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस से ठीक पहले राजधानी में किसी बड़ी साजिश की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर करारा प्रहार किया है. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में हाई अलर्ट के दौरान पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच-12’ के तहत एक साथ 94 जगहों पर छापेमारी कर 70 लोगों को गिरफ्तार किया है. सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी को देखते हुए पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की इनपुट मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. इसी कड़ी में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने 78 विशेष टीमों का गठन कर संवेदनशील इलाकों में एक साथ कार्रवाई की. अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध वाहनों को रोका और उनकी तलाशी ली. जांच में कुछ गाड़ियों से आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें जब्त कर लिया गया. इसके अलावा अलग-अलग मामलों में पकड़े गए 70 आरोपियों के पास से हथियार, नशीले पदार्थ और नकदी भी बरामद की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए कई लोग पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकते थे. फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं थी. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘ऑपरेशन कवच-12’ का उद्देश्य गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी तरह की साजिश को नाकाम करना है. उन्होंने साफ कहा कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि 26 जनवरी का पर्व शांति और सुरक्षित माहौल में मनाया जा सके.

पटना में NEET छात्रा की मौत: कपड़ों पर मिला ‘स्पर्म’, DNA जांच से सुलझेगा मामला

पटना पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने अहम जानकारी दी है. पुलिस ने आधिकारिक तौर पर माना है कि जांच में नए सबूत मिले हैं. पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच के दौरान उसके कपड़ों से मानव शुक्राणु (Human sperm) मिलने की पुष्टि हुई है. अब पुलिस DNA जांच के जरिए आरोपी और अन्य संदिग्धों से इसका मिलान करेगी. वहीं, मामले में समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार, मृत छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को उसके कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे. इन कपड़ों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा गया था. एफएसएल जांच रिपोर्ट में यह सामने आया है कि घटना के समय पहने गए छात्रा के कपड़े से ह्यूमन स्पर्म मिले हैं. अब एफएसएल इन स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार कर रही है. पुलिस ने बताया कि तैयार की जा रही डीएनए प्रोफाइल का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपी और एसआईटी (विशेष जांच टीम) द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध लोगों के डीएनए से किया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके. पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज इस मामले में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के अवर निरीक्षक हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पटना एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने सूचना जुटाने और समय पर कार्रवाई करने में गंभीर चूक की, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई डीएनए रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.क्या था मामला पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला जनवरी 2026 में सामने आया था. छात्रा शहर के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में रहती थी. उसकी अचानक मौत के बाद परिवार ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया और गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना था कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को पुलिस को छात्रा के कुछ कपड़े सौंपे, जिनके बारे में उनका दावा था कि छात्रा ने घटना के समय ये कपड़े पहने हुए थे. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन कपड़ों को जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा. FSL की रिपोर्ट आने के बाद मामला गंभीर FSL की रिपोर्ट आने के बाद मामला और गंभीर हो गया. रिपोर्ट में बताया गया कि छात्रा के कपड़ों से मानव स्पर्म के अवशेष मिले हैं. इसके बाद FSL द्वारा डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है, ताकि इस डीएनए का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपी और SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध लोगों से किया जा सके. इस मामले की जांच में शुरुआती स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद पटना पुलिस ने कड़ा कदम उठाया. केस की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष और कदमकुआं थाने के एक अवर निरीक्षक ने समय पर सूचना जुटाने और जरूरी कार्रवाई करने में गंभीर चूक की. इसके बाद पटना एसएसपी के आदेश पर दोनों पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

महिलाओं के लिए बड़ी खबर: मुफ्त गैस कनेक्शन अब तेजी से दिए जाएंगे

गुना  गुना जिले की अनुसूचित जनजाति से जुड़ी उन महिलाओं के लिए अच्छी खबर है जिनको गैस के नवीन कनेक्शन की आवश्यकता है। उज्जवला योजना 3.0 के तहत पात्र हितग्राहियों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलेंगे। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टोरेट सभागार में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बैठक ली। बैठक का उद्देश्य योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना रहा। बैठक के प्रारंभ में जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डे द्वारा उज्ज्वला योजना 3.0 की प्रगति एवं निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में बताया गया कि योजना के अंतर्गत 25 लाख नए गैस कनेक्शन जारी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पात्र महिलाओ को प्राथमिकता देने के निर्देश कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना 3.0 का लाभ अनुसूचित जनजाति वर्ग की ऐसी पात्र महिलाओं को दिया जाए, जिनके परिवार में पहले से किसी भी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन उपलब्ध न हो। कलेक्टर ने धरती आबा योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों को उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। 2 तारीख तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 2 तारीख तक निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है, जिससे वे पारंपरिक ईधन के स्थान पर एलपीजी गैस का उपयोग कर सकें। कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश इसके साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के हर पात्र परिवार तक स्वच्छ ईंधन की पहुंच सुनिश्चित हो। उज्ज्वला योजना 3.0 के माध्यम से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि जंगलों से लकड़ी लाने की मजबूरी भी कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मैदानी स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र अनुसूचित जनजाति महिला योजना से वंचित न रहे। जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों के समन्वय से योजना को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि गुना सहित पूरे मध्यप्रदेश में उज्ज्वला योजना का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचे। 

आरटीओ के चक्कर खत्म, पंजाब में घर बैठे उपलब्ध होंगी सेवाएं

चंडीगढ़  पंजाब में आरटीओ को फेसलेस करना आम आदमी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। वर्षों से लोग ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और वाहन पंजीकरण जैसे कामों के लिए आरटीओ दफ्तरों में लंबी कतारों, दलालों और अनावश्यक देरी से परेशान रहते थे। अब इस व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू की गई फेसलेस योजना के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 सेवाएं अब सेवा केंद्रों से मिलेंगी। लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या 1076 नंबर पर कॉल कर सहायता ले सकते हैं। खास बात यह है कि सेवा केंद्र के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर लोगों के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बदलाव से लोगों का समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों की बचत होगी। अब किसी को छुट्टी लेकर आरटीओ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दलालों पर निर्भरता खत्म होगी और हर व्यक्ति को तय समय में सेवा मिलने की गारंटी होगी। आरटीओ दफ्तर अब केवल ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो खिंचवाने और आरसी रिन्यू कराने जैसे जरूरी कामों के लिए ही जाना होगा। बाकी सभी सेवाएं डिजिटल और फेसलेस होंगी। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। सरकार का यह कदम दिखाता है कि प्रशासन अगर नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर काम करे, तो सरकारी सेवाएं भी निजी सेवाओं की तरह सरल और भरोसेमंद बन सकती हैं।

बसंत पंचमी का खास संयोग: तीन साल बाद शुक्रवार को, 2032 में फिर बनेगा

धार धार की भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग शांति के साथ बीत गया। पिछले चौबीस साल में जब भी यह खास मौका आया, तब धार में हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास के पन्नों को देखें तो चार बार ऐसे मौके आए जब प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े और उनमें से तीन बार तो शहर को पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा,लेकिन इस साल शहरवासियों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि पूजा और नमाज दोनों ही बिना किसी टकराव के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए। भोजशाला की मिल्कियत का मामला फिलहाल हाई कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के आदेश पर पुरातत्व विभाग ने करीब तीन महीने तक यहां सर्वे का काम किया और पुरानेे अवशेषों  की खोजबीन की। हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि आने वाले समय में कोर्ट का फैसला उनके हक में आएगा। विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी यह बात कही गई है कि भोजशाला के निर्माण को जल्द ही एक हजार साल पूरे होने वाले हैं और तब तक वे कानूनी तरीके से अपनी कोशिशें जारी रखेंगे। आने वाले वक्त की बात करें तो पंडितों का अनुमान है कि साल 2029 में एक बार फिर बसंत पंचमी और शुक्रवार का मेल होगा। इसके बाद साल 2032 और फिर साल 2052 में भी यही स्थिति बनेगी। हालांकि इस बार का उत्सव शांति से निकल गया, फिर भी पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। धार में 27 जनवरी तक भारी पुलिस बल शहर में तैनात रखने का फैसला लिया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।  

इंदौर में सफेद गिद्धों की बढ़ी संख्या, 9 साल बाद हुआ ‘आकाश के रक्षक’ का आगमन

इंदौर  इंदौर के आकाश से लगभग गायब हो चुकी इजिप्शियन वल्चर यानी सफेद गिद्धों की प्रजाति एक बार फिर शहर के बाहरी इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। नेचर एंड वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एंड अवेयरनेस सोसायटी द्वारा हाल ही में किए गए एक विस्तृत सर्वे में यह सुखद जानकारी सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ये दुर्लभ सफेद गिद्ध विशेष रूप से देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड और कंपेल के आसपास के क्षेत्रों में उड़ान भरते देखे गए हैं। सर्वे के आंकड़ों में हुआ सुधार देवगुराड़िया पहाड़ी का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से इन गिद्धों का प्राकृतिक वास स्थल रहा है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इनकी आबादी में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। एनजीओ एनडब्ल्यूसीएस द्वारा हर साल दिसंबर और जनवरी के महीनों में गिद्धों की गणना के लिए सर्वे किया जाता है। इस वर्ष के सर्वे में उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। करीब डेढ़ महीने तक चली इस प्रक्रिया के बाद क्षेत्र में 15 सफेद गिद्धों की पहचान की गई है। यदि पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें तो यह संख्या 7 अधिक है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह सुधार अभी शुरुआती है क्योंकि 9 साल पहले इसी क्षेत्र में गिद्धों की संख्या 83 हुआ करती थी। नगर निगम आयुक्त को सौंपा जाएगा प्रस्ताव गिद्धों के संरक्षण को लेकर संस्था अब ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। एनडब्ल्यूसीएस के अध्यक्ष रवि शर्मा ने जानकारी दी कि वे लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। संस्था की योजना है कि इंदौर नगर निगम मौजूदा डंपिंग यार्ड के अलावा शहर से लगभग 15 से 20 किलोमीटर दूर एक ऐसा स्थान चिन्हित करे, जहां कचरे की प्रोसेसिंग खुले में की जा सके। इससे गिद्धों को कचरे में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने और भोजन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस प्रस्ताव को लेकर जल्द ही निगमायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। कचरा प्रबंधन और आबादी का गहरा संबंध विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में गिद्धों की संख्या कम होने का मुख्य कारण खुले क्षेत्रों में कचरा डंपिंग का बंद होना था। चूंकि सफेद गिद्ध कचरे से अपना भोजन खोजने में सक्षम होते हैं, इसलिए भोजन की कमी ने इन्हें पलायन के लिए मजबूर किया। अब पिछले दो वर्षों में भोजन की उपलब्धता में मामूली सुधार होने से इनकी संख्या फिर बढ़ने लगी है। हालांकि, वन्यजीव प्रेमियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कचरे की प्रोसेसिंग पूरी तरह से बंद और कवर्ड प्लांट्स में होने लगी, तो इन गिद्धों के अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। 

उज्जैन शहर में होगा बुलडोजर ऑपरेशन, 18 बीघा जमीन जल्द होगी खाली

उज्जैन  सिंहस्थ को देखते हुए सरकार जहां उज्जैन में शिप्रा सहित सभी जल स्रोतों में साफ पानी के लिए योजनाएं बना रही है। दावे कर रही है, लेकिन सप्तसागर से दो साल में न तो कब्जे हटे और न सीवेज मिलना रुक पाया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नाराजगी जाहिर की है। कहा है, उज्जैन नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर ने पहले जारी निर्देशों का न तो सही से पालन किया और न प्रगति के संबंध में समय पर हलफनामा दाखिल किया। ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश निर्देशों का पालन करने में प्रतिबद्धता व ईमानदारी की कमी को एनजीटी हल्के में नहीं लेगा। ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे कलेक्टर व निगम कमिश्नर को निर्देशित कर तालाबों से अतिक्रमण हटवाएं। पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्रवाई करें। पर्यावरण विभाग के पीएस निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करें। शासन से भी दो हफ्ते में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। 36 में से 18 बीघा पर अतिक्रमण सेंट्रल जोन बेंच ने प्रशांत मौर्य और बाकिर अली रंगवाला की याचिकाओं पर सुनवाई कर यह निर्देश दिए। याचिका में बताया गया कि उज्जैन जिले के सप्तसरोवर-रुद्रसागर, पुष्कर सागर, क्षीरसागर, गोवर्धनसागर, रत्नाकर सागर, विष्णुसागर और पुरुषोत्तम सागर का धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। राजस्व रिकॉर्ड में यह तालाब गोवर्धन सागर के नाम से खसरा 1281 पर 36 बीघा जमीन में दर्ज हैं। 18 बीघा पर अतिक्रमण हो चुका है। एनजीटी के अगस्त 2024 के आदेश में समिति से जांच कराई थी। अतिक्रमण और सीवेज मिलने की पुष्टि हुई थी।