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SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।

मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: सौर ऊर्जा से 30% से अधिक बिजली, 2030 तक 20 GW हासिल करने का लक्ष्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृ‌द्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

समृद्धि यात्रा पर सीतामढ़ी पहुंचे नीतीश

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समृद्धि यात्रा पर सीतामढ़ी पहुंच गए हैं। उन्होंने करोड़ों की लागत वाली याजनों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। नीतीश कुमार के बेटे निशांत के पॉलिटिक्स जॉइन करने पर घमासान छिड़ गया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पुस्तैनी गांव पुहंचे और एक निजी समारोह में शामिल होने के बाद विकास कार्यों की जानकारी ली। उनकी सक्रियता से एक बार फिर पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री पर चर्चा तेज हो गई है। इस मसले पर राजनीति भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने जहां उन्हें अपनी पार्टी से राजनीतिक पारी शुरू करने की सलाह दी है। इधर पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर बिहार में हंगामा जारी है। सोमवार को इस घटना के विरोध में बिहार कांग्रेस के नेताओं ने पटना में विरोध मार्च निकाला। बिहार कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे और उनके हाथों में तख्तियां थीं। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में न्याय की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पुलिस का रवैया शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है। कांग्रेस नेताओं ने नीट छात्रा की मौत की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। इधर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के डीजीपी और पटना के आईजी खुद इस केस पर नजर रख रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि घटना की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम कर रही है। पुलिस को भी इस केस में पूरी छूट दी गई है। इस केस में जो भी दोषी होंगे वो किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में तापमान में भारी गिरावट के साथ फिर कड़ाके की ठंड

रायपुर. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दो दिनों की राहत के बाद एक बारे फिर से तापमान में कमी आनी शुरू हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान फिर 10 डिग्री से नीचे आ गया है। वहीं शनिवार रात से ही राजधानी में कड़ाके की पड़ रही है। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में शीतलहर चलने अनुमान जताया है। मौसम विभाग के इस अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि, अमूमन मकर संक्रांति के बाद तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार तापमान में कमी दर्ज की जा रही है। अब देखना होगा कि, तपमान में बढ़ोतरी कब से शुरू होगी।  छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने, प्रदेश की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में शीतलहर चलने और कड़ाके की ठंड पड़ने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, अंबिकापुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और दंतेवाड़ा जिले में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, शीतलहर चलने से इन जिलों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

कृषि मंत्री ने की सवाई माधोपुर में 150 करोड़ के अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट की घोषणा की

जयपुर. सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों के मीवन में मिठास और खुशहाली लाएगा। राज्य सरकार जिले में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगवाएगी, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसान की आय बढ़ेगी। देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इसी दिशा में प्रयासों का पहला कदम है। इसके सुखद परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और  कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव का उद्घाटन किया और ये उद्गार व्यक्त किए। महोत्सव में बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की आमदनी बढ़ाने की सोच के अनुसार काम करते हुए राज्य सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, बेहतर प्रसंस्करण और विपणन  के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इन्ही प्रयासों की कड़ी में देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसानों, कृषि उत्पाद व्यापारियों और कृषि यंत्र एवं तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराया गया है ताकि वे अपने अनुभवों को साझा कर इस क्षेत्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर सकें। अमरूद सस्ता और स्वास्थ्य-वर्धक, महोत्सव से इसकी जानकारी बढ़ेगी –  लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अमरूद एक सस्ता फल है लेकिन बहुत अधिक स्वास्थ्य-वर्धक है। अमरूद महोत्सव जैसे आयोजन के जरिए लोगों को इस फल के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी। इससे बनने वाले अचार, जूस, पल्प, मिठाई आदि भी इस मेले में प्रदर्शित किए गए है। उन्होंने कहा कि यहां अमरूद के लाभ, इसकी खेती की नई तकनीक और उन्नत किस्मों तथा प्रसंस्करण की विधियों की जानकारी का आदान— प्रदान हो रहा है। डॉ. किरोडी लाल  ने सवाई माधोपुर में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने की घोषणा की है। जब किसी कृषि उत्पाद का संवर्धन होता है, तभी किसान की वास्तविक आय बढ़ती है। इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र के अमरूद के किसानों की जिन्दगी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की – कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित करेगी। राजस्थान में कुल 14 हजार हैक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हैक्टेयर अकेले इस जिले में हैं।  सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरी सरकार की है। डॉ. मीणा ने कहा कि राजस्थान में अमरूद किसानों की इस फल से आमदनी सालाना करीब 600-700 करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी को 1500-1600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करना है। सवाई माधोपुर के किसानों को अपना फल बेचने के लिए दिल्ली, बड़ौदा आदि जगहों पर नहीं जाना पड़े, इसलिए प्रोसेसिंग यूनिट की सख्त आवश्यकता है। प्रोसेसिंग प्लान्ट लगने से आस-पास के जिलों के साथ ही पड़ोसी प्रदेशों के अमरूद के किसानों को भी लाभ होगा। राज्य सरकार आने वाले समय में सवाई माधोपुर में 600 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्य करवाएगी । इससे जिले में सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का काफी नुकसान हुआ। इससे बचाव के लिए सूरवाल बांध के पानी को बनास नदी में छोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपये की लागत से एक चैनल बनाया जाएगा। किसान एक दूसरे से संवाद करें, योजनाओं का लाभ लें — डॉ. मीणा ने  महोत्सव में आए किसानों और अन्य प्रतिभागियों से इस आयोजन का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान कृषि यंत्रों, बागवानी, उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों और वैज्ञानिकों आदि के साथ संवाद करें और यहां लगी लगभग 250 स्टॉल्स को देखकर एक दूसरे से उन्नत कृषि की तकनीकी और किस्मों के महत्व पर संवाद करें। उन्होंने राज्य तथा केन्द्र सरकार की कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं, विशेषकर फसल बीमा और मंगला पशु बीमा योजना का लाभ लेने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की “पर ड्रॉप, मोर क्रॉप” योजना के जरिए राजस्थान में सिंचित क्षेत्र को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। डूंगरी बांध से सवाई माधोपुर में सबसे अधिक सिंचाई क्षेत्र बढेगा- डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि ईआरसीपी, जिसे अब संशोधित पीकेसी (पार्वती-कालीसिंध-चम्बल) योजना कहा जाता है, का सबसे अधिक लाभ सवाई माधोपुर जिले को होगा। योजना से 17 जिलों में पीने का पानी उपलब्ध होगा और सिंचाई क्षेत्र में 4.03 लाख हैक्टेयर की वृद्धि होगी। 15 प्रतिशत पानी उद्योगों के लिए भी उपलब्ध होगा। सवाई माधोपुर-करौली में सिंचित क्षेत्र बढ़कर 1.60 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डूंगरी बांध से केवल 9 गांव विस्थापित होंगे और उन गांवों की पूरी आबादी को सुव्यवस्थित घर, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। डॉ. मीणा ने बताया कि डूंगरी बांध इस परियोजना का सबसे बड़ा बांध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने इस योजना के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने विभिन्न स्टॉल पर अमरूदों की किस्मों, इससे बने उत्पादों और नई कृषि तकनीकों के बारे में किसानों, उद्यमियों तथा वैज्ञानिकों से जानकारी ली और उनके विशिष्टताओं पर चर्चा की। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला कलक्टर काना राम, पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर,अतिरिक्त निदेशक कृषि देशराज ने भी महोत्सव के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। स्थानीय पद दंगल कलाकारों ने अपने पारंपरिक अंदाज में सभी अतिथियों का संगीत— नृत्य से स्वागत किया।

कांग्रेस जिलाध्यक्षों से बोले हुड्डा- ‘जो वोट हमारा नहीं, उस पर फोकस करें’

कुरुक्षेत्र. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। उन्हें चुनाव लड़ने की बारीकियां बताईं। हुड्डा करीब चार बजे शिविर में पहुंचे और शाम छह बजे तक शिविर में रुके। हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को धार्मिक स्थलों पर घूमने के लिए छुट्टी दी गई। उधर, शनिवार को शिविर में पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का रुकने का कार्यक्रम था, लेकिन वे शनिवार देर सायं चले गए। इससे पहले वे मां भद्रकाली मंदिर में पूजा करने गए। भूपेंद्र हुड्डा ने शिविर में जिलाध्यक्षों को चुनाव लड़ने सहित मनरेगा, चुनाव के समय ग्राउंड रिपोर्ट कलेक्ट करना, अफवाहों से बचकर पार्टी प्रतिनिधि के चुनाव को ऊपर उठाना जैसे टिप्स दिए। हुड्डा ने कहा कि किसी भी चुनाव में उतरने से पहले उसकी ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी होना बेहद जरूरी है। जब हलके के तथ्य हमारे पास होते हैं तो एक-एक वोट का पता चल जाता है कि वह किसका है। जो वोट हमारा है, उस पर ज्यादा जोर लगाने के बजाय उस वोट पर फोकस करना चाहिए जो हमारा नहीं है। उन्होंने बताया कि किस-किस प्रकार इंटरनेट मीडिया के दौर में चुनाव में नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए चुनाव के दौरान बयान को देने से पहले क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं। उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों ने की धार्मिक स्थलों की सैर उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उनके लिए एक बस की व्यवस्था की गई। ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर, नरकातारी भीष्म कुंड, भद्रकाली मंदिर जैसे स्थानों का भ्रमण किया। हरिद्वार से जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने बताया कि महाभारतकाल से जुड़े ऐसे स्थानों को देखकर मन प्रफुल्लित हो गया।

पंजाब में आंधी-तूफान के साथ झमाझम होगी बारिश

जालंधर. उत्तर भारत में घनी धुंध का सितम कम होता नहीं दिख रहा। पंजाब में रविवार सुबह घनी धुंध में दृश्यता बेहद कम होने से चार जिलों में कई वाहन टकरा गए। हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हैं। घायलों में कुछ विद्यार्थी भी हैं जोकि चंडीगढ़ में क्लर्क की परीक्षा देने जा रहे थे। शनिवार को तीन जिलों में हादसों में सात लोगों की जान गई थी। उत्तर प्रदेश में विभिन्न हादसों में 50 से अधिक वाहन टकरा गए, जिससे 11 लोगों की जान चली गई व 70 से ज्यादा घायल हैं। हरियाणा के नूंह में केएमपी एक्सप्रेसवे पर बड़े वाहन के ब्रेक लगाने से पांच भारी वाहन टकरा गए। डंपर और अमेजन कंपनी के मोबाइल से भरे कंटेनर में आग लग गई। कंटेनर में चालक व अन्य व्यक्ति जिंदा जल गए। मौसम विभाग ने सोमवार को गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर व रूपनगर में बारिश की संभावना भी जताई है। वहीं, 22 जनवरी को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, लुधियाना में आंधी और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जालंधर में पठानकोट चौक के पास रविवार की सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता जीरो होने के दौरान एक ट्रक संगत को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। ट्रक के आगे सड़क क्रास कर रही ट्रैक्टर ट्राली आने के कारण दोनों में टक्कर के दौरान दोनों वाहन पलट गए। ट्रक के नीचे आने से एक राहगीर की मौत हो गई, जबकि ट्राली के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से लोग घायल हो गए। इसी तरह मोगा जिले में दो ट्रकों व कार में हुई टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पटियाला के राजपुरा में घनी धुंध के बीच सड़क पर खड़े एक कैंटर से पहले पीआरटीसी की बस जा टकराई। इसके पश्चात देखते ही देखते पांच अन्य वाहन भी आपस में टकरा गए।

बलौदाबाजार पुलिस ने विशेष ग्राम अभियान में सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा का दिया संदेश

बलौदा बाजार. बलौदाबाजार जिले में पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा, नशामुक्त जीवन और साइबर सतर्कता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों में जिम्मेदार नागरिकता की भावना पैदा करना और उन्हें यातायात नियमों, नशामुक्त जीवनशैली और साइबर अपराध से सुरक्षित रहने की जानकारी प्रदान करना है। अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामवासियों के साथ विशेष चर्चा सत्र आयोजित किया। यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और हेलमेट, सीट बेल्ट के महत्व पर ग्रामवासियों को विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और दूसरों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है। नशामुक्त जीवन को लेकर ग्रामवासियों को शराब और मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया। पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। अभियान में बच्चों और युवाओं को नशे के खतरे से बचने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, सायबर सतर्कता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीणों को साइबर अपराध जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। लोगों को चेताया गया कि व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखना आवश्यक है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अभियान में पुलिस टीम ने ग्रामवासियों के प्रश्नों का उत्तर दिया और उन्हें जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। अभियान के माध्यम से पुलिस ने ग्रामीणों में सुरक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी, नशा नियंत्रण और साइबर सुरक्षा में सुधार संभव है। अभियान का संदेश स्पष्ट था – सुरक्षित जीवन, नशामुक्त जीवन और सतर्क साइबर व्यवहार हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

दावोस में मध्यप्रदेश का मजबूत प्रदर्शन: CM मोहन यादव निवेश और ग्रीन ग्रोथ पर ग्लोबल रोडमैप पेश करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। दावोस में वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियां, संसाधन-समृद्ध संरचना और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल को प्रमुखता से रखा जाएगा। दावोस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर राज्य के संतुलित दृष्टिकोण को सामने रखा जाएगा। उपयोगिता-स्तर की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े मॉडल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे। उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीति, सरल प्रक्रियाएं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर राज्य का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा। पर्यटन से जुड़े वैश्विक सत्रों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सतत पर्यटन विकास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर केंद्रित संवाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश अवसरों को रेखांकित करेंगे। स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े सत्रों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी, जिससे सामाजिक विकास को आर्थिक प्रगति से जोड़ने वाले राज्य के दृष्टिकोण को वैश्विक पहचान मिलेगी। दावोस के दौरान विषयगत सत्रों, गोलमेज बैठकों और वन-टू-वन उच्चस्तरीय संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के ठोस अवसर सामने आने की उम्मीद है। इन प्रयासों से राज्य में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार सृजन के नए आयाम खुलेंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, दूरदर्शी और भविष्य-उन्मुख निवेश गंतव्य के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।

प्रतीक ने सोशल मीडिया पर खोली दिल की बात: अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान

 लखनऊ अपर्णा यादव से अखिलेश के भाई प्रतीक यादव तलाक लेंगे. इसको लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि स्वार्थी महिला ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया. इसने मेरी दिमागी हालत भी खराब कर दी है. हालांकि, तलाक की खबरों पर अभी अपर्णा यादव का कोई बयान नहीं आया है. साथ ही प्रतीक की तरफ से भी अभी मीडिया में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है.  प्रतीक ने सोशल मीडिया पर लिखी ये पोस्ट अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव अपनी पत्नी को तलाक देने जा रहे हैं. उन्होंने अपर्णा को परिवार तोड़ने वाला बताया है. प्रतीक यादव ने लिखा कि मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं. उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए. वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है. अभी, मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है. मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी, और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की. आपको बता दें कि प्रतीक रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े हैं. जबकि अपर्णा भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ीं हैंं. प्रतीक यादव से शादी के बाद अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन दाम थाम लिया था. दोनों मुलायम परिवार से अलग रहते हैं.  अपर्णा यादव से जुड़े लोगों ने क्या कहा? इस मामले में अपर्णा यादव से जुड़े लोगों की तरफ से आज तक को बताया गया है कि प्रतीक का आईडी हैक हो गया है. जिसकी वजह से वह पोस्ट में बदलाव भी नहीं कर पा रहे हैं. जल्दी ही उनकी तरफ से स्टेटमेंट जारी किया जाएगा. कौन हैं अपर्णा यादव? अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की सबसे छोटी बहू हैं व उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जानी-मानी हस्ती हैं. राजनीति से परे वह एक प्रशिक्षित क्लासिकल और सेमी-क्लासिकल सिंगर हैं. उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से पढ़ाई की है. उन्हें अपने सामाजिक कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र से सराहना मिली है. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन्स और पॉलिटिक्स में पोस्टग्रेजुएशन भी किया है.  कौन हैं प्रतीक यादव? प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं. प्रतीक हमेशा एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर रहे हैं. वह मुख्य रूप से बिज़नेस करते हैं और अपनी हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर अपनी लग्ज़री कारों के कलेक्शन की वजह से सुर्खियों में रहते हैं, उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं. प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी भी है.