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क्रिकेट और विवाद: उज्जैन संतों ने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर जताई आपत्ति

उज्जैन  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और दो हिन्दुओं की हत्या पर भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शहरों में हिंदूवादी संगठन लगातार बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर उसे सबक सिखाने।  इधर, IPL 2026 के लिए खरीदे गए एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान का के विरोध में उज्जैन के साधु-संत भी मैदान में उतर गए हैं। रहमान को KKR ने 9.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा है। सड़कों में विरोध की चेतावनी दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच उज्जैन में साधु-संत भी अब मुखर हो गए हैं। उन्होंने भी बांग्लादेश के खिलाफ मोर्चा खोलकर आगामी IPL टूर्नामेंट में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं खिलाने की चेतावनी दी है। संतों ने कहा की हमारे एक राज्य से भी छोटा देश हमें आंख दिखा रहा है। क्रिकेट के नाम पर हम उनकी झोली भरे ये नहीं चलेगा। जैसे पहले पाकिस्तान टीम का विरोध करते हुए बाला साहेब ठाकरे ने पिच खोदकर मैच रुकवाया था। वैसा ही इस बार नागा साधु संतो की टोली करेगी। संतो ने कहा की किसी भी बांग्लादेशी खिलाडी को खिलाया तो संत सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। और मैच के दौरान हंगामा करेंगे। पिच उखाड़कर फेकेंगे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा- बांग्लादेश के खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज अब पिच उखाड़ने का काम करेगा। मैच के दौरान हंगामा करेंगे, हम अपनी भाषा में समझायेंगे। आईपीएल में करोड़ों रुपए देकर बांग्लादेश के खिलाडी को खरीदा जा रहा है। इनका बहिष्कार हो, उनको यहां से भगाया जाए। जिस तरह से पाकिस्तान के मैच के दौरान बाला साहेब ठाकरे ने पिच उखाड़ी थी उसी तरह हम नागा साधु भी एकत्रित होकर पिच उखाड़कर हंगामा करेंगे और खेलने नहीं देंगे। पीएम से एक्शन लेने की मांग रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने कहा बांग्लादेश हमारे एक राज्य से भी छोटा है, जहां हिन्दुओं को जलाया जा रहा है। पीएम को एक्शन लेना चाहिए। सरेआम उपद्रव कर रहे है। हिन्दुस्तान में क्रिकेटर की कमी है क्या, ऐसा करेंगे तो इनकी टीम खत्म करना चाहिए। महंत विशाल दास ने कहा कि देश के उद्योगपति भारत के खिलाड़ियों को प्रमोट करने की जगह बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खिला रहे है। ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खरीद रहे है। अखिल भारतीय संत समिति उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो इनको खिला रहे। बांग्लादेश के साथ कोई मैच नहीं खेला जाना चाहिए।  

रायपुर: सीएम विष्णुदेव साय की अगुवाई में जशपुर उभरा पावर हब के रूप में

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पावर हब दो वर्षों में विद्युत ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती, प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी उपकेंद्र हर्राडांड में स्वीकृत रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दृष्टि से एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाएगा। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, विद्युत व्यवस्था में आई गति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है तथा विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा रही है। प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती जिले में विद्युत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 117 नए ट्रांसफार्मर स्थापित, लो वोल्टेज की समस्या से राहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

सतना में बड़ी सौगातें: नवनिर्मित बस टर्मिनल का लोकार्पण और मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन

सतना   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसंबर शनिवार को सतना आ रहे हैं. मुख्यमंत्री यहां 652 करोड़ 54 लाख रु के विकास कार्यो की सौगात देंगे, जिसमें मुख्य रूप से नया व आधुनिक बस स्टैंड, और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के साथ विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही सीएम भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने बीजेपी कार्यालय जाएंगे और फिर विंध्य व्यापार मेले में भी शिरकत करेंगे. दोपहर 12 बजे सतना पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना जिले के एक दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर से प्लेन द्वारा रवाना होकर दोपहर 12 बजे सतना एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4.50 बजे सतना एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे. सतना प्रवास पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर को 652 करोड 54 लाख रु की लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे. सतना को मिलेंगी ये सौगातें सीएम डॉ. यादव शहर में 31 करोड़ 15 लाख रु की लागत से नवनिर्मित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सतना और 8 करोड़ 39 लाख रु लागत के धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवनिर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे. साथ ही अंतरराज्यीय बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के 168 लाख 33 हजार रु लागत के 6 विकास कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रु लागत के 6 अन्य विकास कार्यो का भूमिपूजन करेंगे. वहीं कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे. इसके साथ ही शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में करोड़ों रु की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. सबसे पहले बस स्टैंड पहुंचेंगे सीएम मामले पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भगवती पांडेय ने बताया, '' सीएम डॉक्टर मोहन यादव जी सतना एयरपोर्ट से सबसे पहले नया बस स्टैंड का उद्घाटन करने पहुंचेंगे, उसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का लोकार्पण होगा. वहां से भाजपा कार्यालय और फिर विभिन्न व्यापार मेला में जाएंगे. उसके बाद पुनः वापस भोपाल के लिए रवाना होंगे.'' सतना सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, '' शनिवार को सीएम डॉ मोहन यादव जी के आगमन पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जगह-जगह पर पुलिस बल लगाया गया है और बैरिकेडिंग के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था भी की गई है.''

नोएडा केस: चचेरे भाई पर गंभीर आरोप, युवती की तबीयत बिगड़ने से हुई मौत

 नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा से रिश्तों को शर्मसार करने वाला संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां चचेरे भाई से शारीरिक संबंध बनने के बाद 18 साल की लड़की प्रेग्नेंट हो गई. इसके बाद उसे गर्भपात की दवा खिला दी गई, जिससे तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई. लड़की ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. परिजनों का आरोप है कि लड़की को जबरन गर्भपात की दवा खिलाई गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी जान चली गई. इस मामले को लेकर मृतका के पिता ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. परिवार के द्वारा पुलिस से की गई शिकायत में कहा गया है कि लड़की के अपने चचेरे भाई से शारीरिक संबंध थे, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी. आरोप है कि उसके चेचेरे भाई ने गर्भ छिपाने के लिए युवती को गर्भपात की दवा खिला दी. दवा खाने के बाद युवती की तबीयत अचानक खराब हो गई. इस दौरान लड़की के परिजनों ने 18 दिसंबर को लड़की को नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया. वहां कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद 23 दिसंबर को लड़की की मौत हो गई. इस पूरे मामले को लेकर मृतका के पिता ने थाना सेक्टर-39 में लिखित शिकायत दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की और गहनता से जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मध्य क्षेत्र में अब तक 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ लाखों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षि‍तिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में ही अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके सौ फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का प्रथम चरण चल रहा है, जो‍कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त होगा। इस दौरान बकायादार उपभोक्‍ताओं को सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ मिल रहा है। हालांकि 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक दूसरा चरण चलेगा, लेकिन उसमें सरचार्ज माफी का प्रतिशत कम हो जाएगा, इसलिए प्रथम चरण में ही योजना में शामिल होकर अधिकतम लाभ उठाएं। अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 255 करोड़ 53 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 133 करोड़ 40 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय एप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

शहर के बीचोंबीच फिर हादसा: भोपाल मार्केट में बारूद फटा, घंटों चला रेस्क्यू

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुल पातरा इलाके में स्थित टिंबर मार्केट में शनिवार तड़के लगभग पौने 3 बजे भीषण आग लग गई। आग पहले एक फर्नीचर की दुकान में लगी और देखते ही देखते फैलकर आरा मशीन तक पहुंच गई। विकराल रुप से लगी आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों काे अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद माैके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के प्रयास में जुट गई। राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में पात्रा नाले के पास स्थित भोपाल डेकोरेटर के शोरूम और गोदाम में देर रात देर रात 3:00 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से झलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दमकल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू कर दिया। आज यानी शनिवार को सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। टिंबर में (आरा मशीन) में यह दूसरी बार आग लगी है। इससे पहले भी यहां एक अन्य आरा मशीन में आग लग गई थी। पुलिस के अनुसार, आग सबसे पहले एक फर्नीचर दुकान में लगी, जो बढ़कर आरा मशीन तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के दौरान आरा मशीन की दीवार गिर गई। जिससे दो कर्मचारियों समेत समेत 4 लोग घायल हो गए। भोपाल डेकोरेशन और आरा मशीन अंजुम भाई की बताई जा रही है। जिस जगह आग लगी उसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है। आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के 2.45 बजे सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। आग बुझाने में लगे कर्मचारी, अचानक गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। 50 फीट ऊपर उठी आग की लपटें, दूर तक दिखा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की आरा मशीनें भी चपेट में आ सकती थीं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, वजह साफ नहीं आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इलाके के कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग के कारण पात्रा पुल की तरफ आने वाली मुख्य सड़क को भारत टॉकीज और बोगदा पुल के पास से बंद कर दिया गया था। साथ ही इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी। दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इधर आग लगी, उधर 50 मीटर दूर गुजरती रही ट्रेनें खास बात ये है कि जिस जगह आग लगी वो रेलवे ट्रैक से लगी है। रेलवे ट्रैक यहां के बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर ही है। ऐसे में आग लगने के दौरान यहां से कई ट्रेनें गुजरीं। हालांकि, इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। डेढ़ महीने पहले भी लगी थी आग…गुजरती रही ट्रेनें इससे पहले 9 नवंबर को भी इसी टिंबर मार्केट में आग लगी थी। एक टॉल में लगी इस आग ने 5 से 6 टाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि काफी दूर से ही लपटें और धुएं के गुबार नजर आ रहे थे। दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही। कई जगहों पर धुआं उठता नजर आया। जिसे दमकलकर्मियों ने देर रात तक पूरी तरह बुझा लिया। डेढ़ साल से कवायद, टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका भोपाल शहर के बीचों-बीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि 'बारूद' के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है। पात्रा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में दो महीने बाद फिर शनिवार सुबह आग लगी। मौके पर पहुंचीं 22 दमकल नगर निगम के बैरागढ़, फतेहगढ़, कबाड़खाना, माता मंदिर, कोलार फायर स्टेशन के अलावा भेल, पुलिस के 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे रहे। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। भरभरा कर गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। आग की लपटें दूर तक दिखीं आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय … Read more

माघ मेला : मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं

माघ मेला केवल आयोजन नहीं, सनातन परंपरा और प्रशासनिक दक्षता का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं 31 दिसम्बर तक सारी तैयारियां पूरी कर लें, संबंधित प्रमुख सचिव/सचिव और एडीजी एलओ 31 दिसम्बर को मौके पर जाकर करें समीक्षा: मुख्यमंत्री 44 दिनों तक चलेगा माघ मेला-2026, 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना इस वर्ष मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर तक विस्तारित, घाटों की लंबाई में 50% वृद्धि अब तक 4599 संस्थाओं को भूमि  आवंटन पूरा एआई आधारित सर्विलांस और रीयल टाइम मॉनिटरिंग से होगा भीड़ व सुरक्षा प्रबंधन माघ मेला-2026 में पहली बार ऐप आधारित बाइक टैक्सी, क्यूआर कोड और हाई-टेक नवाचार स्वच्छता पर विशेष फोकस: सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, 16,650 शौचालय, 3300 सफाई मित्र 24×7 होंगे तैनात अफवाह फैलाने वालों पर हो सख्ती, ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के लिए बनाएं बहुस्तरीय योजना: मुख्यमंत्री माघ मेला बनेगा ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज मॉडल, नदियों की पवित्रता सर्वोपरि 19वीं-20वीं शताब्दी के माघ मेलों के लोक अभिलेख और दुर्लभ पांडुलिपियां बनेंगी आकर्षण नाविकों से संवाद, खान-पान और सेवाओं के शुल्क नियंत्रण के निर्देश लखनऊ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। इस वर्ष 15 से 25 लाख श्रद्धालु केवल कल्पवासी होंगे। महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। यह मेला समाज को संयम, समरसता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या असुविधा न हो। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल न दिया जाए, इन संबंध में आवश्यक सूचना जारी कर दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माघ मेले से जुड़े सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था स्वयं मेला क्षेत्र जाकर तैयारियों की समीक्षा करें। 31 दिसम्बर तक सारी तैयारी पूरी कर ली जाए। बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने बताया कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जा रही हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर किया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना पर काम अंतिम चरण में है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त, प्रयागराज कमिश्नरेट ने बताया कि मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। लगभग 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस एवं क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकार्मिकों के बेहतर व्यवहार और श्रद्धालु-संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स के सहयोग को भी व्यवस्थाओं में शामिल करने को कहा। साथ ही नाविकों के साथ संवाद और समन्वय बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं के लिए खान-पान एवं विभिन्न सेवाओं के शुल्क को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए। नवाचारों पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला-2026 को सुविधाओं और तकनीक के स्तर पर एक नया मानक बनना चाहिए। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा, दिशा सूचक संकेतों का व्यापक विस्तार, विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु रिंग मेन यूनिट, कटाव रोकने के लिए जियो-ट्यूब तकनीक तथा पूर्वनिर्मित सीवेज शोधन संयंत्र जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ये सभी नवाचार ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध पर जोर देते हुए कहा कि माघ मेला स्वच्छता का उदाहरण बने। बैठक में जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में कुल 16,650 शौचालयों की स्थापना की जा रही है, जिनमें महिलाओं के लिए पृथक और पर्याप्त सुविधाएं शामिल हैं। लगभग 3300 सफाई मित्रों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। उनके लिए सैनीटेशन कॉलोनी, बच्चों हेतु आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मेले में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक दशा में 15 दिवस के भीतर कर दिया जाए। नगर विकास विभाग को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गंगा-यमुना की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में बताया गया कि मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो अस्पताल, 12 प्राथमिक उपचार केंद्र, 50 एंबुलेंस तथा आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति … Read more

उन्नाव रेप केस: सजा निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI, दिल्ली HC के फैसले पर सवाल

उन्नाव उन्नाव रेप कांड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है, जिसमें हाईकोर्ट ने दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. इंडिया टुडे को CBI की यह याचिका हाथ लगी है, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को कानून के विपरीत, त्रुटिपूर्ण और पीड़िता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है. CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करते समय कानून की मंशा और POCSO एक्ट के उद्देश्य को पूरी तरह नजरअंदाज किया. एजेंसी के मुताबिक, हाईकोर्ट यह समझने में विफल रहा कि एक मौजूदा विधायक होने के नाते सेंगर सार्वजनिक विश्वास और सत्ता के पद पर था, जिससे उसकी जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है. 'सिटिंग MLA होने के नाते सेंगर पर जनता का भरोसा' CBI ने दलील दी है कि एक सिटिंग विधायक सार्वजनिक सेवक (Public Servant) होता है और उसे अपने पद की वजह से भरोसा और अधिकार प्राप्त होता है. ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया कदाचार सिर्फ व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक भरोसे का उल्लंघन है. एजेंसी ने कहा कि हाईकोर्ट को POCSO एक्ट की व्याख्या करते हुए उद्देश्यपरक नजरिया अपनाना चाहिए था, जो कानून की मूल भावना को आगे बढ़ाता. 'POCSO और भ्रष्टाचार निवारण कानून की साझा मंशा' CBI ने अपनी याचिका में यह भी स्पष्ट किया कि POCSO एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दोनों की विधायी मंशा एक जैसी है. दोनों कानूनों का उद्देश्य सत्ता, पद और अधिकार रखने वाले लोगों को उनके कदाचार के लिए जवाबदेह ठहराना है. ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते समय 'लोक सेवक' की जो परिभाषा अपनाई थी, वो भ्रष्टाचार निवारण कानून से ली गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने नजरअंदाज कर दिया. हाईकोर्ट का आदेश 'विकृत और कानून के विपरीत' CBI ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश पूरी तरह विकृत और कानून के खिलाफ है. एजेंसी के मुताबिक, हाईकोर्ट यह समझने में नाकाम रहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति जनता और समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी रखता है. एक सिटिंग विधायक के पास मतदाताओं पर प्रभाव और अधिकार होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 'सेंगर प्रभावशाली, पैसे और बाहुबल का इस्तेमाल कर सकता है' CBI ने याचिका में यह भी कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर बेहद प्रभावशाली व्यक्ति है और उसके पास पैसे और बाहुबल दोनों की ताकत है. अगर उसे जेल से रिहा किया जाता है तो पीड़िता और उसके परिवार की जान और सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है. एजेंसी के अनुसार, इस मामले में सुरक्षा जोखिम को हाईकोर्ट ने पर्याप्त महत्व नहीं दिया. 'दोष सिद्धि के बाद जेल नियम, जमानत अपवाद' CBI ने सुप्रीम कोर्ट को याद दिलाया कि दोष सिद्धि के बाद जेल ही सामान्य नियम होता है और जमानत या सजा निलंबन अपवाद. एजेंसी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इस स्थापित कानूनी सिद्धांत को भी दरकिनार किया, जबकि मामला POCSO जैसे गंभीर कानून के तहत दोष सिद्धि से जुड़ा हुआ है. POCSO एक्ट का उद्देश्य सिर्फ सजा नहीं, सुरक्षा भी CBI ने अपनी याचिका में POCSO एक्ट के उद्देश्य पर जोर दिया और कहा कि यह कानून सिर्फ बच्चों के संवैधानिक अधिकारों की मान्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें यौन शोषण और उत्पीड़न से वास्तविक सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है. कानून की धाराएं साफ तौर पर उन सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को दंडित करने के लिए हैं, जो अपनी सत्ता, स्थिति या प्रभाव का दुरुपयोग कर बच्चों का शोषण करते हैं. क्या है पूरा मामला उन्नाव रेप कांड में कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में 25 लाख रुपये के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने यह फैसला दिया था. सेंगर ने जनवरी 2020 में दिल्ली हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी. इसके बाद मार्च 2022 में उसने सजा निलंबन के लिए अलग से याचिका दाखिल की. 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबित करते हुए उसकी अपील के लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. हालांकि, फिलहाल वो जेल में ही है क्योंकि पीड़िता के पिता की हत्या के एक अन्य CBI मामले में उसे 10 साल के कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है. सुप्रीम कोर्ट में पहले से चुनौती इस बीच, दिल्ली की दो महिला वकीलों ने भी दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहले ही विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर रखी है. अब CBI की याचिका के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में आ गया.

SIR डेट बरकरार, यूपी में बड़ा एक्शन तय; 2.89 करोड़ नाम हटेंगे, 1.11 करोड़ मतदाताओं को नोटिस

लखनऊ  यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की तारीख शुक्रवार को खत्म हो गई। पहले दो बार एसआईआर की तारीख बढ़ाई जा चुकी है लेकिन तीसरी बार इसे नहीं बढ़ाया गया। अब गणना प्रपत्र भरकर जमा करने का कार्य पूर्ण हो गया है। अभी मतदाता सूची में 15.44 करोड़ नाम हैं और इसमें से अब 2.89 करोड़ नाम काटे जाएंगे। वहीं 1.11 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा।   जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे, उनमें 1.26 करोड़ स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित व 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। वहीं 31 दिसंबर से ही लेकर 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। फिर 28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। बीते 11 दिसंबर को एसआईआर की तारीख दूसरी बार दो हफ्ते बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दी गई थी। चुनाव आयोग ने दो हफ्तों में उन मतदाताओं को ढंढ़ने का कार्य किया जो स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट, अनुपस्थित व अन्य श्रेणी में शामिल थे। सभी जिलों में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को बूथवार ऐसे मतदाताओं की सूची सौंपकर घर-घर जाकर फिर से सत्यापन कराया गया, जिससे कहीं कोई गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। शुक्रवार को दो हफ्ते का समय भी समाप्त हो गया और तीसरी बार एसआईआर की तारीख चुनाव आयोग ने बढ़ाना उचित नहीं समझा। 11 दिसंबर को कटने वाले मतदाताओं की संख्या 2.96 करोड़ थी, जिसमें से करीब सात लाख मतदाताओं को तलाश लिया गया। ऐसे में अब ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर आगे की प्रक्रिया यथावत की जाएगी। मैंपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया यही नहीं वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची में शामिल करीब 91 प्रतिशत लोगों का मिलान कर लिया गया है। ऐसे मतदाताओं का खुद उनके नाम से, माता-पिता, दादा-दादी या फिर नाना-नानी के नाम से मिलान किया गया है। अब मात्र नौ प्रतिशत लोगों को ही चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजी जाएगी। करीब 1.11 करोड़ लोगों के घर चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजी जाएगी। जिन्हें मतदाता होने की पहचान के रूप में दस्तावेज आयोग को देना होगा। फिलहाल शुद्ध मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। सभी जिलों के डीएम को आदेश दिए गए हैं कि वह ड्राफ्ट मतदाता सूची पूरी सावधानी के साथ जारी करें। आगे दावे व आपत्तियों के निस्तारण में भी पूरी पारदर्शिता बरती जाए। नए मतदाताओं का नाम जोड़ने का काम तेज यूपी में अभी तक करीब 11 लाख से अधिक लोग मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म भर चुके हैं। एक जनवरी 2026 को जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष पूरी हो रही है वह भी फॉर्म भर सकते हैं। नए मतदाता को फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है। यही नहीं सभी बीएलओ को पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 छपावाकर देने के निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी डीएम को दिए गए हैं। फॉर्म के साथ घोषणा पत्र भी भरवाया जा रहा है।  

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025: विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में हुआ सम्मान — मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग, व्यवसाय सहित कला, साहित्य संगीत के क्षेत्र की विभूतियों का मध्यप्रदेश की धरती पर अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का समृद्ध अतीत है।भारत में विभिन्न शासन व्यवस्था में नवरत्न की परंपरा रही है और उन्हें सम्मानित करने की परम्परा भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राईड ऑफ मध्यप्रदेश : 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की खुशबू है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन की सुव्यवस्था कायम है। जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रतिमान गढ़े हैं। दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वालों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वालों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। इन विभूतियों ने रोल मॉडल बनने के लिए अथक परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रगति के लिए सरलीकृत व्यवस्था और सुशासन स्थापित कर कार्य रही है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण राज्य में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार का यह संयोग विकास के क्षेत्र में अच्छी उपलब्धियां को सामने लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खेल कमेंटेटर सुशील दोषी, क्रिकेटर जय प्रकाश यादव, फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी सहित उद्योग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संपादक सतीश सिंह और सीईओ सुमित मोदी ने भी संबोधित किया और अतिथियों का स्वागत किया।