samacharsecretary.com

यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा

यीडा डेलिगेशन का नीमराना दौरा, यूपी में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के लिए मॉडल का किया अध्ययन यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की यात्रा, योजना और संचालन ढांचे पर दी विस्तृत प्रस्तुति उत्तर प्रदेश के यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा दौरा नीमराना  उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राजस्थान के नीमराना स्थित राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का अध्ययन दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर माने जाने वाले नीमराना मॉडल के अनुभवों को समझना और उन्हें यीडा क्षेत्र में लागू करना है। रीको अधिकारियों ने दी विस्तृत प्रस्तुति बैठक के दौरान रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की पूरी यात्रा, योजना प्रक्रिया और संचालन ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि किस प्रकार जापानी निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि आवंटन, जोनिंग, आधारभूत ढांचे और यूटिलिटी सेवाओं को विकसित किया गया। अधिकारियों ने विशेष प्रोत्साहन नीतियों, प्रशासनिक सहूलियतों और निवेशकों के लिए तैयार किए गए अनुकूल इकोसिस्टम पर भी प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान जापानी कंपनियों की लॉजिस्टिक जरूरतों, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं, सुचारू आपूर्ति श्रृंखला और स्थिर नीति वातावरण जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। यीडा अधिकारियों ने इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के मास्टर प्लान में समाहित करने पर जोर दिया। टीम ने प्रत्यक्ष रूप से देखा जापानी इंडस्ट्रियल पार्क तकनीकी सत्र के बाद यीडा प्रतिनिधिमंडल ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का स्थलीय निरीक्षण भी किया और वहां मौजूद अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और यूटिलिटी प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार और रीको द्वारा साझा किए गए अनुभव यीडा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि भूमि नियोजन, विशेष अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था से जुड़े इन अनुभवों के आधार पर यीडा क्षेत्र में विश्वस्तरीय जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है यीडा की योजना उन्होंने यह भी बताया कि यीडा की योजना औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के साथ मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। दौरे के समापन पर यीडा डेलिगेशन ने रीको और राजस्थान सरकार का आभार जताया और इसे राज्यों के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बताया, जो देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, ईडी, ईपीसीएमडी-इंडिया सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रीको की ओर से डीजीएम संजय बगाड़िया ने बैठक में सहभागिता की।

यूपी कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं के अल्पकालीन प्रशिक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को अनुपूरक बजट में दी प्राथमिकता, अतिरिक्त राशि का रखा गया प्रस्ताव यूपी कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं के अल्पकालीन प्रशिक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की मांग माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन के लिए 4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट प्रस्तावित अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु 3616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, कौशल विकास और शिक्षा क्षेत्र में सामाजिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अनुपूरक बजट में व्यापक अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को गति देना है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में होगा आधारभूत संरचना का सुधार प्रदेश के अनुपूरक बजट में तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये, तथा उनमें आधुनिक तकनीक से लैस एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पॉलीटेक्निक भवनों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई है। साथ ही मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में भवन निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रुपये की आवश्यकता का प्रस्तावित है। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज, झांसी के लिए 2 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश राज्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर को अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार युवाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण देने के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही दस्तकारी प्रशिक्षण योजना के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नई इकाइयों की स्थापना एवं उपकरणों की व्यवस्था के लिए 7 करोड़ रुपये की मांग की गई है। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए अतिरिक्त बजट की मांग माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज तथा उसके क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन, यात्रा भत्ते और प्रशासनिक व्ययों के लिए 2.94 करोड़ रुपये, वहीं परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन के लिए 4 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। इसके अलावा एनसीसी प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न मदों के लिए 9 करोड़ रुपये की आवश्यकताओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है। राजकीय महिला शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय, प्रयागराज में भवन परिसर के निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की गई है। वहीं उच्च शिक्षा और छात्र कल्याण को लेकर सरकार ने सामाजिक समावेशन पर विशेष ध्यान दिया है। अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए वर्ष 2024-25 के अवशेष तथा 2025-26 की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु 3616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित है। साथ ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अग्नि सुरक्षा एवं छात्रावास निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। इसके अलावा डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में विभिन्न मदों में सहायता अनुदान हेतु 5.43 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा गया है।

अनुशासन और नेतृत्व निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: द्वितीय सोपान टेस्टिंग कैंप सम्पन्न

अनुशासन, सेवा और नेतृत्व की ओर एक सशक्त कदम : द्वितीय सोपान टेस्टिंग कैंप का सफल आयोजन ग्वालियर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 5, ग्वालियर में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वावधान में स्काउट–गाइड द्वितीय सोपान (Dwitiya Sopan) टेस्टिंग कैंप का सफल आयोजन दिनांक 19 एवं 20 दिसंबर 2025 को किया गया। यह द्विदिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष तिलक के मार्गदर्शन में हुआ। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने स्काउट–गाइड आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा-भावना, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मनिर्भरता जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया। इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों को द्वितीय सोपान से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से— स्काउट–गाइड नियम एवं प्रतिज्ञा गांठें एवं बंधन प्राथमिक उपचार ध्वज शिष्टाचार टोली व्यवस्था सेवा एवं अनुशासन आधारित गतिविधियाँ शामिल रहीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन स्काउट मास्टर श्री मोहन दीक्षित एवं श्री शंकर लाल मीणा के निर्देशन में संपन्न हुआ। वहीं गाइड कैप्टन सुश्री प्रीति सिंह एवं सुश्री सुमन पाल ने गाइड विद्यार्थियों को पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं दक्षता के साथ प्रशिक्षण प्रदान किया। सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं अनुशासन के साथ गतिविधियों में भाग लिया तथा स्काउट–गाइड के मूल सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सुमन पाल द्वारा किया गया। समग्र रूप से यह आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सेवा-भावना, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति के विकास की दिशा में अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

विधानसभा में सीएम योगी का समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला, कोडीन कफ सिरप पर किया बेनकाब

यूपी में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में सीएम योगी का समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला, कोडीन कफ सिरप पर किया बेनकाब बोले– यूपी में कोडीन सिरप के अवैध नेटवर्क के तार सीधे समाजवादी पार्टी से जुड़े सीएम योगी का तंज, आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ इंग्लैंड सैर पर निकल जाएंगे 2016 में सपा सरकार ने जारी किया सबसे बड़े होलसेलर का लाइसेंस: योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, कोडीन कफ सिरप का यूपी में न उत्पादन, न निर्माण, पूरा मामला अवैध डायवर्जन का एसआईटी-एसटीएफ की कार्रवाई में 332 फर्मों पर छापे, 77+ गिरफ्तार: मुख्यमंत्री आलोक सिपाही ‘पक्का सपाई’, अमित यादव की अखिलेश यादव संग फोटो सदन में दिखाई अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी के खाते से होने का खुलासा: सीएम मुख्यमंत्री ने दी समय आने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी सीएम बोले — माफिया से किसके संबंध हैं, प्रदेश की जनता सब जानती है लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोडीन कफ सिरप प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार करते हुए सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है, लेकिन अवैध डायवर्जन, ट्रेडिंग और स्टोरेज के इस पूरे नेटवर्क के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष और सपा सदस्यों के हंगामे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रश्न क्या है और मुद्दा क्या बनाया जा रहा है। इसका फर्क समझना चाहिए। सदन की गरिमा बनाए रखना विपक्ष की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष की बेचैनी खुद बहुत कुछ बयां कर रही है। कोडीन से यूपी में कोई मौत नहीं, झूठ फैलाया जा रहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर प्रदेश में मौत की कोई भी घटना शासन के संज्ञान में नहीं है। यह पूरा मामला इललीगल डायवर्जन का है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में न तो कोडीन कफ सिरप का उत्पादन होता है और न ही इसका गैरकानूनी निर्माण। यूपी में केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। इसका उत्पादन मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में होता है, जबकि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों विशेषकर तमिलनाडु में बने सिरप से जुड़ी हैं। 2016 में सपा सरकार ने जारी किया सबसे बड़े होलसेलर का लाइसेंस मुख्यमंत्री ने सदन में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े कोडीन कफ सिरप होलसेलर को 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने लाइसेंस जारी किया था। एसटीएफ ने उसी नेटवर्क को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में “दो नमूने” हैं, एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में बैठता है और जब भी कोई गंभीर चर्चा होती है तो देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही हाल “बबुआ” का भी है। आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे और बबुआ इंग्लैंड सैरसपाटे पर निकल जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष पर तंज—इस उम्र में भी झूठ बुलवाते हैं समाजवादी मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी हो जाता है, लेकिन समाजवादी पार्टी इस उम्र में भी उनसे झूठ बुलवाती है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है, इसलिए उनसे ऐसी अपेक्षा नहीं थी। सपा नेताओं की पढ़ाई-लिखाई पर सवाल मुख्यमंत्री ने कहा कि कफ सिरप का सेवन बिना चिकित्सकीय परामर्श के संभव नहीं है। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह से। इस पर चेतावनी भी अंकित होती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं है, इसलिए वे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। एसआईटी, एसटीएफ और एफएसडीए की ताबड़तोड़ कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। अब तक 79 अभियोग दर्ज हुए है, 225 अभियुक्त नामजद हैं, 78 गिरफ्तारियां और 332 फर्मों पर छापेमारी की जा चुकी है। 136 फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। कोर्ट ने भी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई को उचित ठहराया है। सपा से जुड़े ‘किंग पिन’ का नाम सदन में उजागर मुख्यमंत्री ने सदन में सबूतों के साथ बताया कि आलोक सिपाही जो इस प्रकरण का किंग पिन है, पक्का सपाई है। उन्होंने फोटो दिखाते हुए कहा कि आरोपी अमित यादव, अखिलेश यादव के साथ तस्वीर में दिखाई देता है और समाजवादी पार्टी की युवजन सभा से जुड़ा रहा है। यही नहीं, विभोर राणा का लाइसेंस समाजवादी सरकार में जारी हुआ था, जबकि आलोक सिपाही को भाजपा सरकार ने बर्खास्त किया था। अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी के खाते से मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। शुभम जायसवाल, अमित यादव, मिलिंद यादव, मनोज यादव, राजीव यादव और मुकेश यादव जैसे नाम इस अवैध नेटवर्क में सामने आए हैं। अमित यादव की 2024 में दुबई यात्रा का भी उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कड़ी की जांच हो रही है। ‘जब कार्रवाई होगी तो सपा वाले ही फातिहा पढ़ने जाएंगे’ विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई होगी तो सपा के लोग ही सबसे पहले फातिहा पढ़ने जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और कोई भी अपराधी बचेगा नहीं। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि समय आने पर बुलडोजर कार्रवाई भी होगी, तब चिल्लाइएगा नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून के तहत पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी।

पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर होगा आयोजन

‘किसान सम्मान दिवस’ मनाएगी योगी सरकार  पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर होगा आयोजन मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर की चाबी देंगे मुख्यमंत्री  किसानों, एफपीओ, अधिकारियों व वैज्ञानिकों का किया जाएगा सम्मान  लखनऊ योगी सरकार किसान कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस ‘किसान सम्मान दिवस’ के रूप में मनाएगी। मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री की 123वीं जयंती है। मुख्य आयोजन विधान भवन प्रांगण से होगा। किसानों की समृद्धि में सहायक योगी सरकार भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती पर विविध आयोजन भी करेगी।  यह जानकारी कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। साथ ही कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहेंगे। ‘मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना’ के अंतर्गत सीएम योगी के हाथों 25 किसानों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी जाएगी। साथ ही प्रगतिशील किसान/महिला किसान, कृषक उत्पादन संगठन/कृषि निर्यातक, औद्यानिक फसलों/संरक्षित खेती के प्रोत्साहन के लिए किसानों को पुरस्कृत भी करेंगे। इस दौरान पराली प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कृषि अवसंरचना निधि के लाभार्थियों व कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों का भी सम्मान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में व्यापक तबादले: 95 अफसरों की नई पदस्थापना, रायपुर और बस्तर में बदलाव

रायपुर  राज्य शासन ने पुलिस सेवा के एसपी, एएसपी एवं डीएसपी स्तर के अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इसके आदेश सोमवार को जारी किए गए। इस सूची में रायपुर सहित कई जिलों के 95 पुलिस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। 35 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 60 डीएसपी स्तर के अफसरों का तबदला किया गया। वहीं उप सेनानी 6वीं वाहिनी रायगढ़ से सुरेशा चौबे को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं संजय शर्मा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय को सेनानी 18वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, मनेंद्रगढ़ जिला कोरिया नियुक्त किया गया है। ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला बेमेतरा को उप सेनानी 21वीं वाहिनी करकाभाट,जिला बालोद स्थानांतरित किया गया है। रायपुर से कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला राजनांदगांव पदस्थ किया गया है। इसी तरह रायपुर से वर्षा मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग को उप सेनानी 6वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल रायगढ़ भेजा गया है। अनुराग झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रोटोकॉल एवं यातायात, जिला रायपुर को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर नियुक्त किया गया है। ममता देवांगन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला विरुद्ध अपराध अन्वेषण शाखा रायपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला विरुद्ध अपराध अन्वेषण शाखा, जिला दुर्ग स्थानांतरित किया गया है। वहीं जितेंद्र कुमार चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला गरियाबंद को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा रायपुर में पदस्थ किया गया है। नए एएसपी पदस्थापना आकाश मरकाम – ग्रामीण रायपुर कीर्तन राठौर – राजनांदगांव अनिल सोनी – रायगढ़ राजेंद्र जायसवाल – जीपीएम मधुलिका सिंह – बिलासपुर ग्रामीण हरीश यादव – बेमेतरा राकेश पाटनवार – जशपुर सुरेशा चौबे – कोरिया योगेश देवांगन – सूरजपुर राहुल देव शर्मा – रायपुर ओमप्रकाश चंदेल – कोरबा बटालियन अभिषेक महेश्वरी – नारायणपुर बटालियन अमृता सोरी, गोपी मेश्राम – डायल-112 60 डीएसपी भी बदले गए डीएसपी स्तर पर भी व्यापक बदलाव किया गया है। रायपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, अंबिकापुर, बेमेतरा, सक्ती, नवा रायपुर और पुलिस मुख्यालय सहित कई जिलों और यूनिट्स में नई तैनाती की गई है। ट्रैफिक, पुलिस लाइन, विशेष शाखा और फील्ड पोस्टिंग में संतुलन बनाते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।

कोहरा और ठिठुरन का दौर: मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी, 48 घंटे चुनौतीपूर्ण

पटना बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को लगातार पांचवें दिन न्यूनतम तापमान  में गिरावट देखी गई, क्योंकि पिछले दिन धूप न निकलने से ठंड बढ़ गई थी। मौसम विभाग (IMD) ने पटना के लिए कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। साथ ही राज्य में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। इस दौरान जबरदस्त ठंड के साथ पछुआ हवाओं और कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है। कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को पश्चिमी और मध्य बिहार में कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे के साथ बादल छाए रहने की उम्मीद है। मंगलवार को उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में एक या दो जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि अन्य जगहों पर हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। अगले दो दिनों में अधिकतम या न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।  IMD ने अगले छह दिनों तक पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने का भी पूर्वानुमान लगाया है। पटना एयरपोर्ट पर 5 उड़ानें रद्द ठंड और घने कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर साफ दिख रहा है। रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, पटना से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें 10 से 20 घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। पटना एयरपोर्ट पर खराब विजिबिलिटी के कारण पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानें काफी देरी से संचालित हुईं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति में सुधार होने तक पहले से शेड्यूल जांच लें और सतर्क रहें। शिवहर में, जहां एक हफ्ते से अधिक समय से शीतलहर जारी है, जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने 23 दिसंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। यह फैसला गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह बंदी कक्षा 1 से 8 तक के लिए लागू है, जबकि शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आने का निर्देश दिया गया है।   इन जिलों में स्कूल बंद बिहार में कड़ाके की ठंड की वजह से अररिया, सिवान, भोजपुर, गोपालगंज और सीतामढ़ी के जिला प्रशासन ने 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। मुजफ़्फरपुर में, पूरी तरह से बंद करने के बजाय, स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में पढ़ाई सुबह 10.00 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक ही होगी। गोपालगंज जिले में, प्रशासन ने ठंड की लहर के बीच बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए 22 दिसंबर से 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाई बंद कर दी है। हालांकि, क्लास 9 और उससे ऊपर की क्लास के लिए कुछ छूट दी गई है, जो सुबह 10.00 बजे से शाम 4.30 बजे तक चलेंगी।

जनवरी 2026 में होगी बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा, जानें एडमिट कार्ड की डेट

पटना बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) में सब-इंस्पेक्टर (SI) पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा की तारीख जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आधिकारिक नोटिस चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के अनुसार सब-इंस्पेक्टर (SI) पर चयन के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा का आयोजन 18 जनवरी 2026 (रविवार) और 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से दोपहर 4:30 बजे तक किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। ई-एडमिट कार्ड की जानकारी- प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के ई-एडमिट कार्ड (E-Admit Card) आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर 30 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थी ई-एडमिट कार्ड के साथ अपना एक वैलिड फोटो आईडी जैसे-मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड भी लेकर जरूर जाएं। यदि ई- एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है या उपलब्ध नहीं है तो ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी परीक्षा केन्द्र पर अपने साथ आवेदन फॉर्म के समान दो फोटोग्राफ भी ले जाएं। जो अभ्यर्थी किसी कारणवश वेबसाईट से ई- एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर सकें वे 9 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के 5, हार्डिंग रोड, पटना-800001 स्थित ऑफिस से अपने आवेदन फॉर्म की फोटोकॉपी और एक वैलिड फोटो आईडी कार्ड के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपने खर्च पर डुप्लिकेट ई- एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पदों की डिटेल्स- इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए दरोगा के कुल 1799 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल 6 के अनुसार दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया- 1. प्रारंभिक लिखित परीक्षा 2. मेंस लिखित परीक्षा 3. शारीरिक योग्यता/दक्षता परीक्षा 4. मेरिट लिस्ट एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें- 1. सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाना होगा। 2. इसके बाद आपको होम पेज पर दिए गए ‘Home Dept.’ टैब में जाकर एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करना होगा। 3. इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर लॉगिन करना होगा। 4. अब आपकी स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा। 5. अब आप एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर लीजिए। 6. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकाल लीजिए।  

मध्यप्रदेश में बड़ा बदलाव: 6 जिलों और 15 औद्योगिक क्षेत्रों को मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किया जाएगा

भोपाल  भोपाल शहर को मेट्रोपॉलिटन रीजन (बीएमआर) में बदलने की तस्वीर साफ होते ही अब विकास को गति मिलेगी। एक ओर आर्थिक विकास तो दूसरी ओर करीब 10 लाख रोजगार पैदा होंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दिन बीएमआर का मैप जारी किया। इसमें साफ हो गया कि करीब 12,099 वर्ग किमी में फैले बीएमआर में 6 जिलों के कुछ हिस्से शामिल होंगे। इनमें 12 नगरीय क्षेत्र, 30 तहसील व 2524 गांव शामिल होंगे। इसमें 15 बड़े औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं। इसके साथ बड़ी संख्या में पर्यटन क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया है। रोजगार के द्वार खुलेंगे इससे औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेगी और पर्यटन स्थल सीधे जुड़ेगे। हालांकि बीएमआर में शामिल 6 जिलों में से किसी भी जिले के सभी नगरों को शामिल नहीं किया है। इससे उन्हें ट्रांसपोर्टेशन और अन्य विकास कार्यों का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन यहां के लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे, क्योंकि इसमें शामिल नगरों में आइटी पार्क व स्पेशल इकोनोमिक जोन का विकास होगा। यह प्रोजेक्ट भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, सीहोर, राजगढ़ व आसपास के कस्बों को मध्यभारत के प्रमुख आर्थिक केंद्र में बदलेगी। ये औद्योगिक क्षेत्र शामिल बीएमआर में गोविंदपुरा, अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टेक्सटाइल पार्क, बगरौदा और आइटी पार्क शामिल हैं। सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी, बुधनी, औद्योगिक क्षेत्र और रायसेन जिले के आष्टा एग्रो प्रोसेसिंग, पचामा मंडीदीप व प्लास्टिक पार्क तामोट को शामिल किया है। नर्मदापुरम जिले के फूड पार्क बाबई और मोहासा बाबई एनर्जी पार्क व राजगढ़ के पीलूखेड़ी औद्योगिक और विदिशा का जांबर बांगरी औद्योगिक क्षेत्र को शामिल किया है। 6 से अधिक एमएसएमई के औद्योगिक पार्क और क्लस्टर शामिल हैं। इससे विनिर्माण, आइटी, लॉजिस्टिक्स, वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, आइटी, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण व पर्यटन क्षेत्रों में करीब 10 लाख रोजगार पैदा होंगे। मेट्रोपॉलिटन रीजन में निगम का नया सेटअप भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की दिशा में नगरीय प्रशासन संचालनालय ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। संचालनालय ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र जारी कर शहर में मौजूद बीएमसी के सभी प्रकार के इंजीनियर्स की लिस्ट तैयार करने कहा है। इंजीनियर वर्ग को मेट्रोपॉलिटन रीजन में अलग-अलग जिम्मेदारी दी जानी हैं। एमपीआर में चार बिल्डिंग परमिशन सेल बनाई जानी है जिसके लिए सिविल कैडर से चार सिटी प्लानर बनेंगे। सीवेज, पार्किंग, रोड, ट्रैफिक, लाइटिंग जैसे कामों के लिए अलग-अलग कार्यपालन यंत्री निर्धारित किए जाएंगे जिनके निर्देशन में टीम काम करेगी। केबिनेट में होगी चर्चा अभी नगर 85 वार्ड में काम चलाऊ व्यवस्था पर टिका है। नगरीय प्रशासन विभाग के मसौदे पर केबिनेट में चर्चा होगी। मंजूरी मिलते ही इसे नए सिस्टम में शामिल कर लिया जाएगा। इसका सीधा फायदा नगर निगम के लंबित प्रोजेक्ट में तेजी आने के रूप में मिलेगा। नगर निगम में सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों में एक बार फिर सबसे नीचे आया है। इसी प्रमुख वजह कम इंजीनियर, विकास कार्य ठप होने को माना जा रहा है। नगर परिषद की बैठक में पार्षदों ने इस बात को प्रमुख से सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया था।

1 जनवरी 2026 से बदल रहा छुट्टियों का पूरा कैलेंडर, एमपी में सिंगल फादर के लिए बड़ी राहत

भोपाल  प्रदेश सरकार ने 48 साल पुराने सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन कर दिया है। अब सरोगेट या कमीशनिंग मां (सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुई संतान की मां) को मातृत्व और एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। शिक्षकों को प्रतिवर्ष 10 अर्जित अवकाश मिलेंगे तो सेवानिवृत्ति के बाद अवकाश नकदीकरण में जो अर्जित अवकाश बच जाते हैं, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। यह प्रविधान एक जनवरी 2026 से लागू होंगे। नए नियमों के मुताबिक अब बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना ज्यादा सुविधाजनक होगा, वहीं इनके दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न कर सकें, इसके लिए रोस्टर बनाना अनिवार्य होगा। सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन वित्त विभाग ने अवकाश नियम 2025 अधिसूचित कर दिए हैं। अर्जित अवकाश सेवाकाल में 300 दिन से अधिक नहीं होंगे। प्रदेश में मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 लागू था। इसमें वर्तमान स्थितियों को देखते हुए परिवर्तन किए गए हैं। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी लाभान्वित होंगे। संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) प्रथम 365 दिन पूर्ण वेतन के साथ मिलेगी। जबकि, दूसरी बार में 80 प्रतिशत वेतन का भुगतान होगा। 18 वर्ष तक के बच्चे के लिए अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। सरोगेट और सिंगल पिता को अवकाश अभी तक दो साल का अवकाश लेने तक वेतन कटौती का प्रविधान नहीं था लेकिन संशोधित नियम में रखा गया है। एक वर्ष में तीन बार से अधिक अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। एकल महिला को एक कैलेंडर वर्ष (एक जनवरी से 31 दिसंबर) में छह बार अवकाश की पात्रता रहेगी। दत्तक संतान ग्रहण अवकाश की पात्रता उस दत्तकग्राही मां को नहीं होगी, जिसकी दत्तक लेते समय एक से अधिक जीवित संतान हो। शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश नकदीकरण पितृत्व अवकाश पत्नी के प्रसव होने की संभावित तिथि के 15 दिन पूर्व या प्रसव की तारीख से छह माह तक की अवधि में 15 दिनों का स्वीकृत किया जा सकेगा। इस अवधि का वेतन मिलेगा। सरोगेसी के द्वारा जन्मे संतान के कमीशनिंग (वह पुरुष जो सरगोसी के माध्यम से संतान का पिता होता है) पिता को भी छह महीने के भीतर 15 दिनों का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। असाधारण अवकाश पर रहने किसी भी प्रकार के अवकाश वेतन की पात्रता नहीं रहेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। इन पर लागू नहीं होंगे नियम आकस्मिक, दैनिक दर या अंशकालीन नियोजन में नियुक्त कर्मचारी- आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी- कार्यभारित स्थापना में नियुक्त कर्मचारी- संविदा पर नियुक्त कर्मचारी जानिए नए नियमों के 10 बड़े बदलाव 1. साल की शुरुआत में ही खाते में आ जाएगी EL (अर्निंग लीव) यह सबसे बड़ा और सुविधाजनक बदलाव है। अभी तक अर्जित अवकाश (EL) साल भर की नौकरी पूरी होने के बाद कर्मचारी के खाते में दर्ज होता था। अब ऐसा नहीं होगा। 1 जनवरी को 15 EL: साल की शुरुआत में ही 15 दिन की EL खाते में क्रेडिट हो जाएगी। 1 जुलाई को 15 EL: साल के मध्य में फिर 15 दिन की EL जुड़ जाएगी। नए कर्मचारियों को भी फायदा: नई जॉइनिंग करने वाले कर्मचारी को भी जॉइनिंग के साथ ही आनुपातिक रूप से EL मिल जाएगी। यह सुविधा काम शुरू करने से पहले ही कर्मचारियों को अवकाश की सुरक्षा देगी। 2. शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी मिलेगी 10 दिन की EL अध्यापन कार्य में लगे सरकारी कर्मचारी, जिन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है, उन्हें अभी तक अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं थी। इससे उन्हें साल के बीच में जरूरी काम आने पर परेशानी होती थी। अब मिलेगा 10 दिन का अर्जित अवकाश: नए नियमों के तहत अब इन कर्मचारियों को भी साल में 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। 5 दिन की EL जनवरी में और 5 दिन की जुलाई में उनके खाते में जुड़ जाएगी। 4. ड्यूटी पर घायल होने पर 2 साल का विशेष अवकाश प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान बढ़ते हमलों और दुर्घटनाओं को देखते हुए यह विशेष प्रावधान किया गया है। स्पेशल मेडिकल लीव: यदि कोई कर्मचारी कर्तव्य पालन करते हुए हमले या दुर्घटना में घायल होता है, तो उसे मेडिकल ऑफिसर की अनुशंसा पर 2 साल तक का विशेष अवकाश मिल सकेगा। वेतन: इस अवकाश के पहले 180 दिनों में पूरा वेतन मिलेगा। शेष अवधि में आधा वेतन मिलेगा। कर्मचारी चाहे तो इस अवधि में अपनी EL समायोजित कराकर पूरा वेतन ले सकता है। यह छुट्टियां कर्मचारी के अवकाश खाते से नहीं काटी जाएंगी। 5. CL के साथ जुड़ जाएगी मेडिकल लीव अभी तक आकस्मिक अवकाश (CL) के तुरंत बाद मेडिकल लीव लेने पर तकनीकी समस्या होती थी। यदि कोई कर्मचारी बीमार होने पर 1-2 दिन की CL ले लेता है और बाद में उसे मेडिकल लीव की जरूरत पड़ती है, तो उसकी CL बर्बाद हो जाती थी। अब मिलेगी राहत: नए नियमों के तहत, कर्मचारी जॉइनिंग के 15 दिन के अंदर अपनी शुरुआती CL को मेडिकल लीव में बदलवा सकेगा। इससे उसकी CL बच जाएगी और पूरी छुट्टी मेडिकल लीव में गिनी जाएगी। 7. प्रोबेशनर्स के लिए भी स्पष्ट हुए छुट्टी के नियम अभी तक प्रोबेशन पीरियड में रहने वाले कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियम स्पष्ट नहीं थे। अब मिलेगी पात्रता: नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रोबेशनर्स को भी नियमानुसार अवकाश की पात्रता होगी। प्रशिक्षु कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट पर अधिकतम 1 महीने का अवकाश मिल सकेगा। 8. चाइल्ड केयर लीव: दूसरे साल 80% वेतन चाइल्ड केयर लीव के तहत 730 दिनों के अवकाश की पात्रता पहले की तरह ही रहेगी, लेकिन वेतन के नियम में बदलाव किया गया है। पहले 365 दिन: पूरा वेतन मिलेगा। अगले 365 दिन: वेतन का 80 प्रतिशत भुगतान होगा। 10. अवकाश अधिकार नहीं, लेकिन मनमानी भी नहीं नए नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि अवकाश अधिकार नहीं है और इसे लोकहित में निरस्त किया जा सकता है। हालांकि, इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अवकाश के अधिकार को कम करना नहीं है। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न … Read more