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छात्रों की लगी लॉटरी! यूपी की इस यूनिवर्सिटी में लुभावने पैकेज के साथ मिली शानदार नौकरियां

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 194 विद्यार्थियों को अलग-अलग मल्टी इंटरनेशनल कंपनियों में प्लेसमेंट मिला है। इन छात्रों को तीन से 13 लाख रुपये तक का पैकेज ऑफर किया गया है। इसके बाद से इस सत्र में कैंपस प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों की संख्या 426 पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।   एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. वीके द्विवेदी ने बताया कि एक्सेंचर में कुल 80 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट का लाभ मिला है। इनमें 47 छात्रों को 6.5 लाख और 33 को 4.5 लाख रुपये का पैकेज मिला है। फिन्नेबल में सात छात्रों को प्लेसमेंट का लाभ मिला है। इनमें एक को 13 लाख और छह को 12 लाख का वार्षिक पैकेज ऑफर किया गया है। हिंदुस्नात यूनिलिवर में दो छात्रों को 12.36 लाख, आदित्य बिड़ला ग्रुप में आठ विद्यार्थियों को 8.5 लाख और रजिस्टर करो में तीन को 7.8 लाख का पैकेज मिला है। एरिक्सन में दो छात्रों को 7.15 लाख, ऑस्मासिस में दो और प्रिजर्वेक्स में नौ छात्रों को सात-सात लाख का पैकेज मिला है। इसके अलावा इंटर्न्स एलीट में 25, एचसीएल टेक में सात छात्रों को प्लेसमेंट मिला है। प्लेसमेंट सेल की समन्वयक सुकन्या पांडेय ने बताया कि टीसीएस, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू, हैवल्स, क्लाउडकीपर व टोरेंट समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां छात्रों के प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं क्या बोले कुलपति एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने बताया कि मौजूदा सत्र में 426 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल चुका है। इस बार भी देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं। एमएमएमयूटी की पूरी कोशिश है कि यहां से निकलने वाले हर विद्यार्थी को अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट मिले, जिससे की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एमएमएमयूटी की पहचान बन सके।  

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन, बिहार मंत्रिमंडल से किया किनारा

पटना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने बिहार में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। बताया गया कि पार्टी में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर अमल करते हुए उन्होंने ऐसा किया। जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। नितिन नबीन बिहार की नीतीश सरकार में पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसकी जिम्मेदारी किसे सौंपते हैं।  14 जनवरी के पहले बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नहीं दिख रही है। बता दें कि दो दिन पहले बिहार के मंत्री नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय महासचिव ने नियुक्ति पत्र में कहा कि भाजपा के संसदीय बोर्ड ने बिहार के मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने आगे यह भी लिखा है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस आदेश की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को प्रेषित कर दी गई है। नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पदभार भी ग्रहण कर लिया। पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है। नितिन नबीन की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि भाजपा लगातार संगठन में बदलाव कर रही है। भाजपा ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी दिलीप जायसवाल को हटाकर दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को जिम्मेदारी सौंपी है।

बिहार कैबिनेट में विभागों का फेरबदल: नितिन नवीन का मंत्रालय अब किसके हिस्से—विजय सिन्हा या दिलीप जायसवाल?

पटना बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद खाली हुए दो विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। पथ निर्माण विभाग का जिम्मा दिलीप जायसवाल को दिया गया है। जबकि नगर विकास विभाग डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को सौंपा गया है। नीतीश सरकार में जायसवाल के पास अब दो विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। पहले से उनके पास उद्योग विभाग है। वहीं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास भी तीन विभाग हो गए हैं। पहले से उनके पास भूमि एवं राजस्व विभाग और खनन विभाग का चार्ज है। अब नगर विकास का भी जिम्मा मिल गया है। आपको बता दें नितिन नवीन ने मंगलवार को बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। उनके पास दो विभागों का चार्ज था, जिसमें पथ निर्माण विभाग और नगर विकास विभाग शामिल था। नितिन नवीन बीजेपी कोटे से नीतीश सरकार में मंत्री थे। जिसके चलते उनके इस्तीफे के बाद उनके दोनों विभाग भाजपा कोटे ही दो मंत्रियों को मिले हैं। नितिन नवीन ने सोमवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें कुर्सी पर बिठाया था। इस दौरान भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें बधाई दी।  

कम लागत–ज्यादा लाभ का मॉडल है प्राकृतिक खेती : मंत्री चौहान

उमरिया में जैविक हाट बाजार का किया शुभारंभ भोपाल : अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं उमरिया जिला प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती एक रसायन-मुक्त कृषि प्रणाली है जो मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करती है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों की जगह गाय के गोबर, मूत्र, गुड़ और बेसन से बने जीवामृत, बीजामृत, और घन जीवामृत जैसे जैविक आदानों का उपयोग किया जाता है, जिससे लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। यह कृषि-पारिस्थितिकी पर आधारित है और फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है, जिससे टिकाऊ और लागत प्रभावी खेती संभव होती है।मंत्री श्री चौहान ने यह बात कृषि उपज मंडी में जैविक हाट बाजार के शुभारंभ कर कही। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है एवं भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में भी बदलाव होता है। उन्होंने आहवान किया कि सभी किसान प्राकृतिक खेती को अपनाने का प्रयास करें। मंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बांधवगढ़ शिवनारायण सिंह, कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, आसुतोश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। 

न्याय की दिशा में बड़ा कदम: 1984 सिख दंगा पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी का मौका, जानें अंतिम तारीख

रेवाड़ी हरियाणा सरकार ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपने परिजनों को खोने वाले सिख समुदाय के परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने ऐसे पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है, जिससे वर्षों से न्याय और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिल सके। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी द्वारा जिले के सभी ऐसे नागरिकों से अपील की गई है जो वर्ष 1984 के सिख दंगों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित रहे हों और जिनके परिवार के किसी सदस्य की उन दंगों में मृत्यु हुई हो।  ऐसे सभी पात्र एवं प्रभावित परिवारों से आग्रह किया गया है कि वे 18 दिसंबर तक अपनी संपूर्ण जानकारी उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अवश्य भेजें, ताकि समय रहते संकलित सूचना सरकार को प्रेषित की जा सके और सरकारी नौकरी प्रदान करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।  उपायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस जानकारी का उद्देश्य केवल प्रभावित परिवारों की पहचान करना तथा सरकार तक सही एवं प्रमाणिक विवरण पहुंचाना है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति या उनके परिजन को अपना नाम, पता, संपर्क विवरण, दंगों से संबंधित संक्षिप्त विवरण तथा मृत्यु से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज (यदि हों) साझा करने होंगे, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।  हरियाणा सरकार का यह निर्णय 1984 के दंगों में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके परिजनों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक और मानवीय कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने अपील की है कि रेवाड़ी जिले में निवासरत कोई भी पात्र परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अवश्य साझा करे, ताकि कोई भी योग्य परिवार इस लाभ से वंचित न रह जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त सूचनाओं पर कार्रवाई संभव नहीं होगी, इसलिए समय रहते जानकारी भेजना आवश्यक है।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की समाधान योजना में रिकॉर्ड भागीदारी, 1 लाख 74 हजार उपभोक्ता जुड़े

 191 करोड़ 55 लाख मूल राशि हुई जमा, 101 करोड़ 02 लाख का सरचार्ज हुआ माफ भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ हजारों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 1 लाख 74 हजार 347 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 191 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 101 करोड़ 2 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है।  मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल: लाल किला बम विस्फोट की झूठी धमकी, बेटी की समझदारी बनी जीवनरक्षक

मुरैना दिल्ली के लाल किला बम विस्फोट में आतंकियों का साथी बताकर साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश के मुरैना में एक जूता व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की कोशिश की। हालांकि व्यापारी की बेटी की समझदारी और सतर्कता से यह साजिश नाकाम हो गई। बेटी ने समय रहते हालात को भांप लिया और अपने पिता को मानसिक उत्पीड़न व आर्थिक नुकसान से बचा लिया। मुरैना शहर के ओवरब्रिज के नीचे स्थित मार्केट में जूता-चप्पल की दुकान चलाने वाले इस्लामपुर निवासी 55 वर्षीय रामसेवक शिवहरे के वाट्सएप पर सुबह करीब 11:30 बजे मोबाइल नंबर 9620122894 से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वर्दी में नजर आया। वह बड़ी मेज और कुर्सी पर बैठा था और पीछे तिरंगा झंडा लगा हुआ था।   वीडियो कॉल करने वाले ने अपना नाम अभिषेक वर्मा बताते हुए कहा कि वह दिल्ली के लाल किला थाने की क्राइम ब्रांच से बोल रहा है। उसने रामसेवक को बताया कि बीते महीने दिल्ली में लाल किले के पास हुए बम धमाके में उनका नाम सामने आया है। ठग ने दावा किया कि पकड़े गए आतंकी डॉक्टरों ने रामसेवक को अपना साथी बताया है। यह सुनते ही रामसेवक घबरा गए। डर का फायदा उठाते हुए ठग ने उन्हें दुकान छोड़कर तुरंत घर जाने और अकेले कमरे में बात करने को कहा। रामसेवक स्कूटी से घर पहुंचे और दूसरी मंजिल के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट तक ठग उनसे लगातार बातचीत करता रहा। इस दौरान उसने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर रामसेवक से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, सालभर की कमाई और परिवार से जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल कर लीं। उधर, रामसेवक की बेटी प्रमिला को शक तब हुआ जब पापा सुबह 11 बजे दुकान से घर आ गए, जो आमतौर पर नहीं होता था। घर के बाहर स्कूटी खड़ी दिखी, लेकिन वे काफी देर तक बाहर नहीं आए। ऊपर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। भीतर से मोबाइल पर घबराई हुई आवाज में बात करने की आवाज आ रही थी। वह कह रहे थे “साहब, मेरा किसी से कोई लेना-देना नहीं है।” बेटी ने तुरंत मां को बताया और दोनों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया। अंदर रामसेवक बेहद डरे हुए थे और वीडियो कॉल अभी भी चालू थी। जैसे ही ठग ने परिवार की आवाज सुनी, उसने तुरंत कॉल काट दी। इसके बाद उसने कई बार वीडियो कॉल करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने फोन नहीं उठाया। बेटी प्रमिला ने बताया कि जिस तरह से ठग ने उनके पिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, अगर समय रहते वे कमरे में नहीं पहुंचते तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। परिवार ने पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई है।

पंजाब में घना कोहरा बना काल, बरनाला सड़क हादसे में BSF जवान सहित 3 लोगों की जान गई

चंडीगढ़  कोहरे की वजह से पंजाब के बरनाला में भयानक सड़क हादसा हुआ है. लड़की का शगुन करने जा रहे एक परिवार की दो गाड़ियां हादसे का शिकार हो गईं. हादसे में BSF के जवान समेत तीन लोगों की मौत हो गई और लड़की समेत 5 लोग घायल हो गए. हादसा बरनाला-मोगा हाईवे पर मल्लियां टोल प्लाजा पर हुआ. दोनों गाड़ियां टोल प्लाजा के डिवाइडर से टकरा गईं और एक गाड़ी भी बुरी तरह डैमेज हो गई. घायलों को बरनाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पीड़ित परिवार तरनतारन का रहने वाला है, जो सिरसा में लड़की का शगुन करने जा रहा था.हादसे में स्विफ्ट डिजायर गाड़ी में सवार 18 साल की लड़की और उसके चाचा के बेटे की भी मौत हो गई. मृतकों की पहचान सुनील मसीह (31), अर्शदीप मसीह (21)और अनु (18) के रूप में हुई है.   क्या बोले मृतक सैनिक के पिता इमानात मसीह हादसे को लेकर मृतक सैनिक के पिता इमानात मसीह ने बताया कि उनका बेटा और भतीजा अपनी गाड़ी में बाकी पांच सदस्यों के साथ अपनी बहन के शगुन में शामिल होने के लिए तरनतारन से सिरसा जा रहे थे. सेना में तैनात उनका बेटा छुट्टी लेकर बहन के शगुन में आया था और आज इस सड़क हादसे में उनके बेटे और भतीजे समेत तीन लोगों की मौत हो गई.   मरने वाले के रिश्तेदार दलजीत सिंह ने बताया कि वे तरनतारन के रहने वाले हैं और दो कारों में अपनी लड़की का शगुन करने सिरसा जा रहे थे. रास्ते में मल्लियां टोल प्लाजा के पास यह हादसा हो गया. उनकी दोनों गाड़ियां टोल प्लाजा के डिवाइडर से टकरा गईं. जिससे उनके बेटे संदीप की मौके पर मौत हो गई. उन्होंने कहा कि यह हादसा कोहरे और टोल प्लाजा की लापरवाही की वजह से हुआ. क्योंकि टोल प्लाजा वालों ने वहां कोई साइनबोर्ड भी नहीं लगाया था. हादसे को लेकर क्या बोली पुलिस इस मौके पर पुलिस चौकी के इंचार्ज बलजिंदर सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण सड़क हादसा हुआ है जहां सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. पीछे से आ रही स्कॉर्पियो गाड़ी ने भी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस सड़क हादसे में जहां तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, वहीं दोनों गाड़ियों में सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस परिवार वालों के बयानों के आधार पर कार्रवाई कर रही है.

बिजली-बीज बिल के ऐलान से किसानों में उबाल, सरकार को दी सख्त चेतावनी

अमृतसर केंद्र की सरकार द्वारा चल रहे सांसद सेशन में बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 लाने की घोषणा विरुद्ध संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा इसका डटकर विरोध करने के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत अमृतसर जिले के दो दर्जन से अधिक किसानों, ग्रामीण/कृषि श्रमिकों, कर्मचारियों, बिजली कर्मचारी संगठनों व ट्रेड यूनियनों ने भाग लिया और किसान नेता बघेल सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। संयुक्त किसान मोर्चा के निर्णय के अनुसार यह चेतावनी दी गई है कि जिस दिन संसद में बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज संशोधन बिल 2025 प्रस्तुत किए जाएंगे और चारों श्रम-विरोधी कानूनों को निरस्त करवाने के लिए अगले दिन दोपहर 12 से 3 बजे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी व 16 जनवरी को एस.ई. बिजली बोर्ड के कार्यालय के सामने विशाल धरने लगाए जाएंगे और गांवों, कस्बों और शहरों में सभाएं आयोजित की जाएंगी, साथ ही मोटरसाइकिल/ट्रैक्टर मार्च निकालकर संघर्ष को तेज किया जाएगा और जन समर्थन जुटाया जाएगा। इस मौके पर डा. सतनाम सिंह अजनाला, जतिंदर सिंह छीना, सुच्चा सिंह अजनाला, धनवंत सिंह खतराए कलां, सविंदर सिंह मीरां कोट, लखबीर सिंह निजामपुर, गुरदेव सिंह वरपाल, जोगिंदर सिंह बदेशा, बलबीर सिंह मुधल, नरिंदर कुमार बल, कुलदीप सिंह उदोके, सैमुअल हंस आदि मौजूद थे। 

मंत्री वर्मा ने कहा- जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अहम

केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का किया जाएगा प्रभावी क्रियान्वयन मुरैना में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई भोपाल  राजस्व मंत्री एवं मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन अनुभवों पर भी विचार किया जाएगा, जिससे केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।पिछले दो वर्षों में मुरैना जिले ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि मुरैना जिला निरंतर विकास की गति प्राप्त करे, जिसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। मंत्री श्री वर्मा मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक श्री समीर सौरभ, प्रभारी वनमंडलाधिकारी श्री अंकित, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विगत दो वर्षों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से विकास की एक नई गाथा लिखी गई है। जिले के विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से उनके-अपने क्षेत्र के बेहतर विकास के लिये सुझाव प्राप्त किए गए हैं। समिति में किसान, वकील, चिकित्सक, शिक्षाविद्, कानून विशेषज्ञ सहित 20 विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य सम्मिलित हैं। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष उद्योगों में क्रांति लाने के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया तथा वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। इस समिट के माध्यम से निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सरकार को लगभग 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलस्वरूप युवाओं के लिए अनेक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बहनों के लिए, किसानों के लिए किसान कल्याण योजनाएँ, शिक्षा एवं उद्योग क्षेत्र में व्यापक सुधार, विदेश नीति को सशक्त बनाते हुए विश्व पटल पर भारत की पहचान को सुदृढ़ किया गया है। राजस्व महाअभियान चलाकर करोड़ों प्रकरणों का निराकरण किया गया। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए व्हाट्सएप पर प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जा रही है। जल उपलब्धता के लिये नदी जोड़ो अभियान, फसल राहत, खाद की उपलब्धता, भावांतर योजना एवं प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। हमारे राज्य का सतत विकास हो रहा है और जिले के विकास के लिए हम सभी मिलकर निरंतर प्रयास करेंगे। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुरैना विकास कार्यो में प्रथम स्थान पर आए एवं मुरैना में कोई नामान्तरण, बटवारा का कोई प्रकरण लंबित न रहे, इस प्रकार के प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सभी जनों को न्याय मिले एवं योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराना आवश्यक है। बैठक में मुरैना के विकास कार्यों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।