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छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प – मुख्यमंत्री साय

‘पूना मारगेम’ से शांति की ओर मजबूती से बढ़ते कदम: बीजापुर में 34 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण रायपुर  बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं। यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

सड़क पर मातम: बड़वानी में कंटेनर की टक्कर से बाइक सवार पति की मौत, पत्नी घायल

बड़वानी मंगलवार शाम को ग्राम गवाड़ी के समीप कंटेनर ने रोड क्रास कर रहे बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक पति की मौके पर ही मौत हो गई। बिजासन चौकी पर पदस्थ प्रधान आरक्षक मुकेश यादव ने बताया कि कंटेनर महाराष्ट्र की तरफ से आ रहा था। इसके चालक ने आगे चल रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसा तब हुआ जब बाइक सवार रोड क्रास करने की कोशिश कर रहा था।   हादसे में बाइक सवार 45 वर्षीय शांतिराम निवासी सिलदढ़ की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी लक्ष्मी घायल हुई है। पुलिस ने हादसे की सूचना स्वजनों को दी तो बड़ी संख्या में स्वजन, ग्रामीण सेंधवा सिविल अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पति पत्नी रिश्तेदारों के यहां शोक कार्यक्रम में गए थे और लौट रहे थे तभी हादसा हो गया।

उज्ज्वला योजना ने बदली द्रोपदी यादव की रसोई और जिंदगी

स्वच्छ ईंधन से मिली राहत, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत रायपुर बेमेतरा जिला के ग्राम देवरबीजा निवासी द्रोपदी यादव के जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से धुएँ से भरे परंपरागत चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी समाप्त हो गई। गैस कनेक्शन मिलने के बाद द्रोपदी यादव और उनके परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हुआ है। इससे न केवल रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब उन्हें लकड़ी, कोयला या उपलों की व्यवस्था के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुरक्षित हो गया है। गैस कनेक्शन मिलने पर द्रोपदी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने मेरी रसोई के साथ-साथ मेरी जिंदगी भी बदल दी है। अब धुएँ से आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। समय की बचत हो रही है, जिसे मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पा रही हूँ। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए राज्य शासन एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उन्हें धुएँ से होने वाली बीमारियों से बचाना और जीवन को सहज बनाना है। इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से द्रोपदी यादव जैसी अनेक महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। ग्राम देवरबीजा में द्रोपदी यादव को गैस कनेक्शन मिलने के बाद अन्य ग्रामीण महिलाओं में भी योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएँ आगे बढ़कर आवेदन कर रही हैं और योजना का लाभ ले रही हैं। द्रोपदी यादव की यह कहानी उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर: पंजाब में इन गाड़ियों पर होने जा रही कड़ी कार्रवाई

लुधियाना पंजाब में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी के तहत लुधियाना शहर में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। मॉडिफाई वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं। इस संबंधी हाईकोर्ट द्वारा भी निर्देश जारी किए गए थे जिसके बाद से पूरे पंजाब में मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ एक अभियान छोड़ा गया। इसी कड़ी में लुधियाना में जोन 3 के इंचार्ज अवतार सिंह संधू की टीम ने ऐसे कई मॉडिफाई वाहनों के चालान किए हैं जिनके साइलैंसर बदले गए थे। साइलैंसर बदलने से मोटरसाइकिल या अन्य वाहन की आवाज बदल जाती है जो दूसरे वाहन चालकों या राहगीरों को परेशान करती है। जिसके चलते मॉडिफाई वाहनों के चालान किए गए हैं। संधू ने बताया कि ए.सी.पी. ट्रैफिक जतिन बांसल के निर्देशों पर यह कार्रवाई शुरू की गई है जो आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि अपने वाहनों की बॉडी या साइलैंसर के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल न करें अन्यथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त एक्शन लिया जाएगा।  

सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन होगा साकार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा यूपी के रेशम उद्योग की पहचान

 लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सॉइल टू सिल्क के विजन को साकार करने के उद्देश्य से रेशम निदेशालय, यूपी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कर रहा है। 75 लाख रुपये की लागत से रेशम निदेशालय के ऑफिस परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। रेशम निदेशालय का ये अनूठा प्रयास प्रदेश के पारंपरिक सिल्क उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाएगा, साथ ही रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। रेशम निदेशालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के रेशम उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह सेंटर रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया 'सॉइल टू सिल्क' को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा, जहां किसानों से कारीगर तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। किस प्रकार मलबरी और टसर सिल्क के लिए रेशम के कीड़े शहतूत और अर्जुन के पेड़ों पर पाले जाते हैं।‌ उनके कोकून से रेशम निकाल कर धागा बनाना और धागों से हथकरघा और पॉवरलूम पर रेशम की कताई का काम किया जाता है। साथ ही सेंटर पर प्रदेश के उत्कृष्ट रेशम उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी, जो अभी तक एक्सपोर्ट के माध्यम से अधिकतर विदेशों में भेजा जाता था। रेशम निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरेंद्र कुमार और आशुतोष ने बताया कि यहां प्रदेश के उत्कृष्ट सिल्क उत्पाद, जैसे वाराणसी की साड़ी और भदोही का ब्रोकेड, मिर्जापुर का टसर सिल्क उत्पाद और अन्य जिलों के हैंडलूम वस्त्रों का आकर्षक डिस्प्ले किया जाएगा। इसके साथ एक बिक्री केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटक और खरीदार सीधे स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीद सकेंगे। एक चेंजिंग रूम का भी निर्माण किया जा रहा है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे न केवल रेशम उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी। यह सेंटर आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर शामिल होंगे। किसानों को रेशम कीट पालन से लेकर प्रोसेसिंग तक की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश रेशम उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है,  लेकिन स्थानीय चुनौतियों,  मार्केटिंग की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण कारीगरों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यहां  पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर और वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी, जो युवाओं को इस क्षेत्र में रुचि जगाएंगे। इस पहल से न केवल रोजगार सृजन होगा, साथ ही प्रदेश के परंपरागत उद्यम और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नेशनल हाईवे के किनारे बनेगा महिला मार्केट प्लेस, गो-उत्पादों की होगी सीधी बिक्री

  गो सेवा, नवाचार और रोजगार का संगम जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं गोबर से ‘गो-कास्ट’ और वर्मी कम्पोस्ट, महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार, हर माह होगी कमाई लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गो-कल्याण योजना अब केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि नवाचार और महिला सशक्तिकरण का मजबूत मॉडल बनकर उभर रही है। एटा जनपद की मलावन गोशाला में शुरू हुई यह पहल प्रदेश में आत्मनिर्भर गोशालाओं की नई तस्वीर पेश कर रही है। जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। यहां गो माता को ठंड से बचाने के लिए फूस और टाट की बोरी से तैयार विशेष प्रकार के ‘इको-थर्मल कंबल’ बनाए जा रहे हैं। ये कंबल न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि कम लागत में तैयार होकर गो संरक्षण को भी मजबूती दे रहे हैं। इसके साथ ही गोशाला में बर्मी कम्पोस्ट और गोबर से ‘गो-कास्ट’ जैसे नवाचारी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं, जिसकी बाजार में जबरदस्त डिमांड है। गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले बनाने के लिए 30 सखी दीदियां तैयार एटा के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने इस मॉडल को गो-कल्याण, पुनर्चक्रण और ग्रामीण आजीविका का उत्कृष्ट संयोजन बताया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के नेतृत्व में गोशाला को आय का बेहतर श्रोत बनाया जा रहा है। जो गोशालाएं पहले बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि कार्ययोजना के तहत प्रशिक्षण देकर 30 सखी दीदियों को तैयार किया जा रहा है, जो गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले जैसे उत्पाद बनाएंगी। इसके अलावा मलावन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास एक स्थायी मार्केट प्लेस विकसित किया जाएगा, जहां गो आधारित उत्पादों की सीधी बिक्री होगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी इस पहल का सबसे प्रभावशाली पक्ष यह है कि इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी। महिलाओं ने बताया कि वे आगे भी गोशाला संचालन, स्वच्छता, पोषण प्रबंधन और उत्पाद निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए इसे आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल के रूप में विकसित करती रहेंगी। योगी सरकार की योजना से साफ है कि गोसेवा और रोजगार साथ-साथ चल सकते हैं। नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के जरिए प्रदेश की गोशालाएं अब बोझ नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनती जा रही हैं।

मौसम का मिज़ाज बदला: IMD ने इन इलाकों के लिए जारी किया अलर्ट, कोहरे का कहर जारी

पटना  बिहार के कई जिलों में शीतलहर तेज हो गई है, जिसके चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए राज्य में अलर्ट (IMD Alert) जारी किया है।  वहीं आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) का तापमान और गिरने की उम्मीद है। 22 दिसंबर के बाद, बिहार के कुछ हिस्सों में गंभीर शीतलहर (Cold Wave)की स्थिति हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।  पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि मौजूदा मौसम का पैटर्न बने रहने की उम्मीद है, जिसमें सुबह और शाम के समय ठंड सबसे ज़्यादा महसूस होगी। हालांकि दिन का तापमान अपेक्षाकृत हल्का रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) बढ़ने वाली है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह के समय, और बदलते मौसम को देखते हुए बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने को कहा गया है। पूर्वानुमान के अनुसार, आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, मधुबनी, किशनगंज, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं। दक्षिण बिहार में कोहरे और ठंड का असर ज़्यादा होने की उम्मीद है, जहां ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है।  ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी   मौसम विभाग ने पटना सहित कई जिलों में सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी दी है। हालांकि दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ज़्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। IMD ने कहा कि 22 दिसंबर के बाद, कुछ जिलों में 'ठंडे दिन' की स्थिति देखी जा सकती है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहेगा। सारण, भागलपुर, बक्सर, गया, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।  अधिकांश हिस्सों में शुष्क रहेगा मौसम  बुजुर्गों, बच्चों और अन्य कमजोर समूहों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि अगले दो दिनों में बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद सहित जिलों में 30 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने की संभावना है। अगले तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

योगी सरकार की बड़ी पहल, सेवा निर्यातकों के लिए पहली बार लागू होगी विपणन विकास सहायता योजना

नई उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के तहत सेवा क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार में मजबूती का अवसर सेवा निर्यात के लिए अलग और विशेष विपणन सहायता नीति लागू करने वाला उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य आवेदन की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने के 120 दिनों के भीतर करना होगा आवेदन लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवा क्षेत्र के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नई उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के अंतर्गत पहली बार सेवा निर्यातकों के लिए समर्पित विपणन विकास सहायता योजना लागू की जा रही है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सेवा निर्यात के लिए अलग और विशेष विपणन सहायता नीति लागू की है। सेवा निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के सेवा निर्यातकों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, उनकी विपणन क्षमता का विकास करना और वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह योजना प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित करेगी। किन निर्यातकों को मिलेगा योजना का लाभ इस योजना का लाभ उन्हीं सेवा निर्यातकों को मिलेगा जो निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, उत्तर प्रदेश (UPEPB) और उत्तर प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद में पंजीकृत हों। साथ ही, वे भारत सरकार द्वारा चिन्हित 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों के अंतर्गत सेवाओं का निर्यात कर रहे हों और उत्तर प्रदेश से उत्पन्न सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर रहे हों। किन गतिविधियों पर मिलेगी वित्तीय सहायता नई नीति के तहत सेवा निर्यातकों को विदेशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर–सेलर मीट में भागीदारी के लिए स्टॉल किराये के व्यय का 75 प्रतिशत (अधिकतम 2 लाख रुपये) तथा एक व्यक्ति की इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा पर हुए व्यय का 75 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये) तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, देश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों में भागीदारी पर स्टॉल किराये के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये और यात्रा व्यय पर अधिकतम 25 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। आयोजक संस्थाओं को भी मिलेगा बड़ा सहयोग विदेशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर–सेलर मीट के आयोजन पर आयोजक संस्थाओं को कुल व्यय का 75 प्रतिशत, अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजनों के लिए अधिकतम 75 लाख रुपये तक की सहायता अनुमन्य होगी। इस श्रेणी में न्यूनतम 20 सेवा निर्यातक इकाइयों की भागीदारी अनिवार्य होगी। सेवा क्षेत्र का बढ़ता योगदान पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के सेवा क्षेत्र से निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में सेवा क्षेत्र राज्य के GSDP में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है। आईटी-आईटीईएस, फिनटेक, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं कल्याण, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला सेवाएं और मीडिया-ऑडियो विजुअल जैसे क्षेत्रों में निर्यात की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया योजना के अंतर्गत आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने की तिथि से 120 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। पात्र दावों का निस्तारण प्रथम आवत-प्रथम पावत के आधार पर किया जाएगा और स्वीकृत धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में

अपनों ने ठुकराया, योगी सरकार ने अपनाया तो जज बन सपने को किया साकार

अपनों से उपेक्षित बेटियां और महिलाओं का संबल बना योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर पिछले साढ़े आठ वर्षों में वन स्टॉप सेंटर बना 2.39 लाख महिलाओं का सहारा, एक छत के नीचे मिल रही हर मदद त्वरित न्याय से लेकर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही अपनों से तिरस्कृत बेटियां और महिलाएं पूरे देशभर में महिला सुरक्षा में योगी सरकार ने तैयार की मजबूत व्यवस्था, 75 जिलों में संचालित हो रहे 94 वन स्टॉप सेंटर लखनऊ, अपनाें की उपेक्षाओं का शिकार महिलाओं काे जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन स्टॉप सेंटर का साथ मिला तो उन्होंने अपने सपनों को नई ऊचाइयां दीं। कहते हैं जहां चाह है वहां राह है। और यह राह समाज से उपेक्षित महिलाओं को याेगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर दिखा रहा है। जहां लाखों की संख्या में महिलाएं न केवल अपने सपनों काे पंख दे रही हैं बल्कि प्रदेश का नाम भी रौशन कर रही हैं। इसके साथ ही यह महिलाओं आधी आबादी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। ऐसी ही एक महिला जिनसे अपनों से उपेक्षित होकर वन स्टॉप सेंटर का सहारा लिया और अपनी लगन से बिहार में पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल कर सबको चौंका दिया। सेंटर में कराई जा रही ट्रामा काउंसिलिंग महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर संदीप कौर ने बताया कि डबल इंजन की सरकार की ओर से प्रदेश भर में अपनों से उपेक्षित और जरूरतमंद महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन स्टॉप सेंटर द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर में 94 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे हैं, जहां पिछले साढ़े आठ वर्षों में 2.39 लाख महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के साथ आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाया गया। सेंटर में इन महिलाओं को न केवल न्याय दिलाया जा रहा है बल्कि उनकी ट्रामा काउंसिलिंग भी करायी जा रही है। इस दौरान उनके सामान्य होने पर उन्हें योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कार्सों की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ऐसे में इन सभी को कौशल विकास मिशन से जोड़ा जा रहा है। बहुप्रतिष्ठित कंपनियों दे रहीं ट्रेनिंग और रोजगार डायरेक्टर ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत लाखों की संख्या में महिलाओं और बेटियों को होटल मैनजमेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई समेत विभिन्न प्रकार के कोर्सेज की ट्रेनिंग दी गयी है। वर्तमान में ट्रेनिंग पूरी कर लाखों की संख्या में महिलाएं प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बड़ी बहुप्रतिष्ठित कंपनियों जैसे लेक्मे सैलून, स्टारबक्स और फाइव स्टार होटल्स द्वारा भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी का नतीजा है कि कई महिलाएं और बेटियां वर्तमान में कई फाइव स्टार होटल्स, स्टारबक्स काफी हाउस, लेक्मे सैलून में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तमान में लखनऊ में एक बेटी फाइव स्टार होटल में सुपरवाइजर की सेवा दे रही है। जज बन रौशन किया प्रदेश का नाम योगी सरकार के वन स्टाॅप सेंटर बेटियों और महिलाओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए विभिन्न तरह की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि लखनऊ की एक बेटी ने बिहार में पीसीएस-जे की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश को नाम रौशन किया। इसके अलावा एक बेटी में हाल ही में आयुष विभाग के होम्योपैथिक विंग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर ज्वाइन किया है। योगी सरकार द्वारा संचालित लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर को पूरे देश में अच्छे कार्य के लिए वर्ष 2019 में राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं पिछले वर्ष 8 मार्च को राज्यपाल द्वारा लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर का सम्मानित किया गया।

कोहरे में डूबा पलामू, कांपा गुमला: जानिए झारखंड में आगे कैसा रहेगा मौसम

रांची झारखंड के कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। कहीं ठंड में बढ़ोतरी हुई है तो कहीं दिन के तापमान में मामूली गिरावट से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। राहत की बात यह है कि राज्य के किसी भी हिस्से में शीतलहर की स्थिति नहीं बनी है। सुबह-शाम ठंड का असर, शीतलहर से फिलहाल राहत        मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ सुकून मिल रहा है। फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। कोहरे की वजह से कई इलाकों में द्दश्यता काफी कम हो गई। वहीं शीतलहर का भी कोई अलर्ट नहीं है। डालटनगंज में घने कोहरे से 300 मीटर तक सिमटी दृश्यता पलामू जिले के डालटनगंज में द्दश्यता घटकर 300 मीटर रह गई, जबकि राजधानी रांची में 700 मीटर और जमशेदपुर में 800 मीटर रिकॉर्ड की गई। बेतला क्षेत्र में घने कोहरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 9 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना जोखिमभरा रहा। ठंड के कारण किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायी ठिठुरते हुए काम करते नजर आए। शाम ढलते ही ठंड बढ़ने से लोग जल्दी घरों में दुबक गए। स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों को भी सुबह की ठंड झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह के समय कोहरा या धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में आसमान साफ रहता है। गुमला का तापमान पहुंचा 7 डिग्री राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक है। डालटनगंज में अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री गिरकर 25.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र रांची के अनुसार  अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।