samacharsecretary.com

वाहन छोड़ने के नाम पर प्रधान आरक्षक ने मांगे 80 हजार, SP की सख्त कार्रवाई

जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस महकमे की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अवैध उगाही के आरोप में एक प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने की है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मड़वा निवासी टी. आर. साहू ने अपनी गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखी थी। उसी गाड़ी को दिलाने के नाम पर प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर ने 80 हजार रुपये की मांग की थी। जिसके बाद प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे से इसकी शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया और जांच की पूरी जिम्मेदारी डीएसपी योगिता खापर्डे को सौंप दी है। प्रधान आरक्षक (प्र.आर. 138) विनोद दिवाकर को निलंबन के बाद रक्षित केंद्र जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। नियमों के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

छत बचाने सड़क पर उतरे 250 परिवार, रेलवे नोटिस के खिलाफ मुख्य चौक पर प्रदर्शन

 कोरबा शहर के इंदिरा नगर बस्ती के 250 परिवारों के सिर से छत छिनने का संकट मंडरा रहा है. घर खाली करने के लिए रेलवे ने परिवारों को नोटिस जारी किया. रेलवे प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को मुख्य चौक (पवन टॉकिज फाटक के पास) पर धरने पर बैठे. इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं. धरने के बाद मचा हड़कप प्रदर्शन से चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं है. सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने इन घरों पर खाली कराने के लिए निशान लगाए. मुआवजा इसके विरोध में सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्टेशन परिसर में प्रदर्शन किया था. उन्होंने मंगलवार को शहर के मुख्य चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. विस्थापन और मुआवजे की मांग प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें विस्थापन और मुआवजा तत्काल दिया जाए. मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिन घरों को हटाने का नोटिस दिया गया है, उन्हें पहले रहने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए. आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि बस्तीवासियों ने ज्ञापन सौंपा है. उनकी मांग है कि विस्थापन और मुआवजा के बाद रेलवे कार्रवाई करें. इस संबंध में जिला प्रशासन के समक्ष बातें रखेंगे. फिलहाल अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी. कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन को सूचना रेलवे द्वारा दी जाएगी. वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया जहां जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया है. अगर मांगे पूरे नहीं होने पर आने वाले दिनों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा.

रेलूराम परिवार हत्याकांड में नया मोड़: दोनों अपराधियों की रिहाई के बाद भतीजे ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

हिसार घरेलू राम हत्याकांड मामले में ही मनाने के दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र ने कहा कि सोनिया व संजीव ने 2001 वे जो हत्या नहीं की थी उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। देरी होने की वजह से इनकी फाँसी की सज़ा टाल दी गई थी अब इन्हें दो महीने की रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं जिसका हमें डर है। हमारे परिवार के ऊपर ये हमला कर सकते हैं। जितेंद्र ने कहा कि अब हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि कल हमारे घर के पास लोगों से भरी हुई दो गाड़ियां आयी थी जिसमें हथियार रखे हुए थे। हिसार के पुलिस अधीक्षक से मिलकर हम सुरक्षा की माँग करेंगे। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि प्रभुवाला ग्राम हत्याकांड मामला 23 अगस्त 2001 का है जिसमें तत्कालीन विधायक रेलु राम की बेटी व दामाद ने रेलु राम उनकी पत्नी सहित आठ लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई हिसार की ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी जहाँ उन्होंने उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। संजीव पर सोनिया ने अपनी फाँसी के लिए दया याचिका दाख़िल की थी जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया था। दया याचिका में देरी होने को कारण मानते हुए सुप्रीम कोर्टने फाँसी को उम्रक़ैद में बदल दिया था।  लाल बहादुर कोवान ने बताया कि दोनों अपराधियों ने जेल में रहते हुए भी अनेक अपराध किए हैं इसकी वजह से इनके ऊपर एफ़आइआर भी दर्ज की गई थी। 2024 में दोनों ही अपराधियों ने हाईकोर्ट में प्रीमैच्योर रिहाई के लिए पिटीशन दायर की थी। ।उसमें अब दोनों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। अब परिवार की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में SLP डालने की तैयारी की जा रही है। एडवोकेट लाल बहादुर को वाल ने कहा कि परिवार की तरफ़ से बताया गया है कि कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ दो गाड़ियों में बैठकर घर तक पहुँचे थे।यह एक बड़ा गंभीर मामला है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत मिली हैं।दो महीने बाद पाँच लोगों की कमेटी फ़ैसला लेगी कि इन्हें पूर्ण रिहाई दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि रेल व हत्याकांड मामले को लेकर लोगों में 2001 में भी रोष था और आज भी रोष है।

गुरुघर परिसर में हंगामा, निहंग सिंहों के बीच हुआ पंगा, मचा तनाव

फतेहगढ़ साहिब कल देर रात गुरुद्वारा श्री ज्योति सरूप साहिब के पास कुछ निहंग सिंहों पर हरियाणा पुलिस के एक SPO की गाड़ी में तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगा है, जिसकी मौके पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, उक्त कर्मचारी की गाड़ी निहंग सिंह से टकरा गई थी, जिसके बाद यह झगड़ा शुरू हुआ। हरियाणा पुलिस के SPO के पद पर तैनात मोहन लाल नाम के जवान ने बताया कि वह अपने बेटे और भाई के साथ यहां से गुजर रहा था, तभी एक निहंग सिंह साइड में गिर गया, जिसके बाद उसके साथी निहंगों ने उस पर हमला कर दिया और जहां उसकी गाड़ी में बुरी तरह तोड़फोड़ की, वहीं उसे गंभीर चोटें भी पहुंचाईं। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, मौके पर पहुंचे फतेहगढ़ साहिब थाने के SHO इंदरजीत सिंह ने बताया कि मोहन लाल की गाड़ी यहां खड़ी थी और उसे डंडों आदि से नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि यह घटना एक निहंग सिंह को गाड़ी से टक्कर लगने के बाद हुई। जांच चल रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक हैं श्रमिक, विकास की बुनियाद उनकी मेहनत: सीएम डॉ. यादव

श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ प्रदेश के 7227 श्रमिक हितग्राहियों को दिया 160 करोड़ रुपए का संबल मुख्यमंत्री ने अनुग्रह सहायता राशि श्रमिकों के बैंक खाते में की अंतरित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी निःशुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने "श्रमणा" जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोड़कर रखती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलॉग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, सचिव श्रम रघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल बंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित थे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्रहियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की। उल्लेखनीय है कि सम्बल योजना श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। योजना के तहत महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार वहन करती है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाली इस योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी में भरोसे की रोशनी जगाई है। संबल योजना के सभी पंजीकृत हितग्राही 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आज आर्थिक सहायता का माध्यम होने के साथ श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी बन चुकी है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना से भुगतान पाने वाले हितग्राही क्रं संचालित योजनाएं दी जाने वाली सहायता राशि (प्रति प्रकरण रूपए में) हितग्राहियों की संख्या 1. अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु पर) दो लाख 6390 2. अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु पर) 4 लाख 790 3. अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थायी अपंगता) एक लाख 34 4. अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता होने पर) दो लाख 13 महायोग 7,227    

विदेशों तक गूंजा पंजाब की यूनिवर्सिटी का रिसर्च, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छाया भारत

अमृतसर  क्या बहुत कम दबाव और तापमान के बदलाव को भी बहुत सटीक तरीके से मापा जा सकता है? गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. हरप्रीत सिंह ने उप-कुलपति प्रो. (डा.) करमजीत सिंह के नेतृत्व में बने अच्छे शोध माहौल में काम करते हुए इस सवाल का वैज्ञानिक जवाब दिया है। उनकी टीम ने एक ऐसा क्वांटम सैंसर बनाया है, जो हीरे आधारित सैंसरों से करीब 1200 गुणा ज्यादा संवेदनशील है। यह महत्वपूर्ण खोज क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसमें दबाव, तापमान और अन्य भौतिक चीजों को क्वांटम गुणों की मदद से बहुत सटीक तरीके से मापा जाता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर यह खोज की है। इस नए सैंसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हीरे की जगह नरम ऑर्गेनिक क्रिस्टल-पेंटासीन से डोप किया हुआ पी-टरफिनाइल का इस्तेमाल किया गया है। ये क्रिस्टल नरम होने की वजह से बहुत छोटे दबाव या तापमान के बदलाव से भी इनके क्वांटम गुणों में बड़ा बदलाव आ जाता है, जो इस सैंसर को बेहद संवेदनशील बनाता है। इस ज़रूरी खोज को क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसमें क्वांटम प्रॉपर्टीज की मदद से प्रेशर, टेम्परेचर और दूसरी फिजिकल क्वांटिटीज को बहुत ज़्यादा सटीकता से मापा जाता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने यह रिसर्च USA के बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया के साइंटिस्ट्स के साथ मिलकर की है। इस नए सेंसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डायमंड की जगह एक सॉफ्ट ऑर्गेनिक क्रिस्टल- पेंटासीन से डोप किया हुआ पी-टेरफेनिल- का इस्तेमाल किया गया है। क्योंकि ये क्रिस्टल सॉफ्ट होते हैं, इसलिए बहुत हल्का सा प्रेशर या टेम्परेचर में बदलाव भी इनकी क्वांटम प्रॉपर्टीज में बड़ा बदलाव लाता है, जिससे यह सेंसर बहुत ज़्यादा सेंसिटिव हो जाता है। वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को इस कामयाबी पर बधाई दी और कहा कि यह रिसर्च गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के लिए एक साइंटिफिक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा कि यह काम न सिर्फ़ यूनिवर्सिटी को दुनिया भर में पहचान दिलाता है बल्कि भारत को अगली पीढ़ी की क्वांटम टेक्नोलॉजी में आगे रहने वाले देशों में भी शामिल करता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह सेंसर बहुत कम प्रेशर और टेम्परेचर में बदलाव को बहुत सटीकता से माप सकता है और डायमंड-बेस्ड सेंसर की तुलना में बहुत कम खर्चीला है। उनके अनुसार, इसका इस्तेमाल मेडिकल डिवाइस, मटीरियल टेस्टिंग, स्पेस रिसर्च और भविष्य की क्वांटम टेक्नोलॉजी में किया जा सकता है।   यह रिसर्च दुनिया की लीडिंग साइंटिफिक जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस (वॉल्यूम 16, आर्टिकल नंबर 10530, 2025) में पब्लिश हुई है, जिससे यह साफ होता है कि नॉर्मल लैबोरेटरी कंडीशन में भी ऑर्गेनिक क्रिस्टल डायमंड से ज़्यादा असरदार क्वांटम सेंसिंग करने में सक्षम हैं। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. के.एस. चहल और फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड प्रो. अमन महाजन ने भी डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अचीवमेंट यूनिवर्सिटी में हो रहे हाई-लेवल साइंटिफिक रिसर्च का साफ सबूत है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने आभार जताते हुए कहा कि वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह की लीडरशिप में बनाया गया एकेडमिक और रिसर्च का माहौल ऐसी इंटरनेशनल लेवल की रिसर्च को मुमकिन बनाता है और इस रिसर्च से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का नाम वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी में गिना जाएगा। 

ठंड और कोहरे का साया: प्रदेश के 38 जिलों में मौसम ने दिखाई करवट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ठंड अपने पूरे रंग में है। सोमवार को प्रदेश में ठंडी पछुआ हवाएं चलीं जिसकी वजह से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। वहीं आगरा, बरेली, प्रयागराज और मुरादाबाद में अत्यधिक घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। आगरा में तो दोपहर तक कोहरे का प्रकोप बना रहा। वाराणसी, अलीगढ़, इटावा में दृश्यता 50 मीटर तक दर्ज हुई। मंगलवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है। कोहरे के साथ गलन और ठिठुरन का भी एहसास है। माैसम विभाग की ओर से मंगलवार को प्रयागराज, मिर्जापुर, आगरा, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व आसपास के इलाकों में अत्यधिक घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं यूपी के अन्य 38 जिलों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में हवा रूख बदल कर फिर से पछुआ हो गई है। इससे गलन में इजाफा हुआ है। दो दिनों में पछुआ की रफ्तार क्रमश: बढ़ेगी और पारे में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार दो से चार डिग्री तक पारे में गिरावट आ सकती है। इन जिलों में होगा घना कोहरा कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरेया, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में कोहरा घना होगा।

ज्वेलर ने DSP पर लगाए सनसनीखेज आरोप, ACB में दी शिकायत, जान का खतरा बताया

फतेहाबाद फतेहाबाद के व्हिसल ब्लोअर ज्वेलर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीएसपी व उसके रीडर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी है। आरोप है कि पुलिस उसके घर व दुकान की रैकी कर रही है। उसे डरा रहे है कि पुलिस कभी भी मरवा सकती है। मीडिया से बातचीत में भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी ने बताया कि डीएसपी की तरफ से उसके पास नोटिस आया कि आपके खिलाफ भागुराम ने शिकायत दे रखी है। यह शिकायत उस मामले को दबाने के लिए दिलवाई गई है, जिसमें उन्होंने डीएसपी संजय बिश्नोई के भ्रष्टाचार का मामला उठाया था।   उस मामले को दबाने के लिए पुलिस ऐसे फर्जी शिकायतें लेकर उसको परेशान कर रही है। जिसने शिकायत दी है, उसी ने डीएसपी के रीडर तक पैसे पहुंचाए थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में रीडर पर केस भी दर्ज हो चुका है। इस मामले की हाईकोर्ट में 18 दिसंबर को सुनवाई है। उससे पहले उस पर दबाव डालकर मामला निपटाने की कोशिश की जा रही है। सिलसिलेवार जानिए नरेश सोनी और पुलिस में खींचतान के मामले  राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत दी: 17 अप्रैल 2023 को भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी के खिलाफ क्रिकेट मैच सट्‌टा बुकी चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इस केस को चैलेंज करते हुए नरेश सोनी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत की थी। उस मामले की जांच के बाद प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। इन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश: प्राधिकरण ने डीएसपी को चेतावनी जारी करने की सिफारिश का फैसला सुनाया था। प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, एचसी गुरपान सिंह, एचसी रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कॉन्स्टेबल कमलदीप व कॉन्स्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। डीएसपी व रीडर पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप ज्वेलर नरेश सोनी ने एससी-एसटी एक्ट का केस रद्द करने के लिए डीएसपी संजय बिश्नोई और उनके रीडर दर्शन लाल पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। इस मामले में एसीबी के हिसार थाने में रीडर दर्शनलाल पर केस दर्ज हुआ था। डीएसपी संजय बिश्नोई से भी पूछताछ की गई थी। एक महीने पहले किया था सोनी पर केस दर्ज वहीं, भूना पुलिस ने करीब तीन साल पुरानी शिकायत के आधार पर एक महीने पहले नरेश सोनी के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद स्वर्णकार समाज ने भूना थाने पहुंच कर रोष भी जताया था। एफआईआर रद्द करने की मांग उठाई गई थी।  

एम्स का निरीक्षण: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ली व्यवस्थाओं की जानकारी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया एम्स का भ्रमण राज्यपाल ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली, रोगियों की कुशल क्षेम पूछी भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भ्रमण किया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर कुशल क्षेम जाना। राज्यपाल पटेल ने एम्स परिसर में स्वयं द्वारा पूर्व में रोपे गए पीपल के पेड़ के विकास पर हर्ष व्यक्त कर पौधे को पानी भी दिया। राज्यपाल पटेल ने वर्ष 2022 में एम्स परिसर में पीपल का पौधा लगाया था। एम्स भ्रमण के दौरान वे हमेशा पौधे के रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करते रहे। हैं। पौधे को पानी भी देते रहे हैं।  

‘हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की सह-मेज़बानी’—संसद में सांसदों ने उठाई मांग

नई दिल्ली देश में खेलों का पावरहाउस माने जाने वाले हरियाणा को कॉमनवेल्थ खेल 2030 का सह-मेज़बान राज्य (Co-host state) बनाने की मांग को लेकर आज संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में, हरियाणा के कई सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से खेल आयोजन में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदर्शन में उनके साथ सांसद जय प्रकाश, सांसद वरुण मुलाना, और सांसद श्रवण कुमार ब्रह्मचारी भी शामिल थे। इस दौरान मांग की गई कि  कॉमनवेल्थ खेल 2030, जिसकी मेजबानी हाल ही में भारत को मिली है, उसमें हरियाणा को सह-मेज़बान राज्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, राज्य के खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए।   सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश की कुल आबादी का मात्र तीन फीसदी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय खेलों में यह भारत के लिए लगभग 50 प्रतिशत मेडल दिलाता है। उन्होंने इस आयोजन की मेज़बानी से हरियाणा को बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के खिलाड़ियों के साथ "अन्याय और उनके अद्वितीय योगदान का अपमान" बताया।   यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जिसके लिए अहमदाबाद को प्रमुख मेज़बान शहर के रूप में औपचारिक मंजूरी मिली है। हरियाणा के सांसदों का कहना है कि राज्य की खेल प्रतिभा और मौजूदा खेल सुविधाओं को देखते हुए, उसे सह-मेज़बान बनाना देश के हित में होगा।