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पंजाब के इस गांव में नहीं लगा कांग्रेस का बूथ, पूरे इलाके में छिड़ी चर्चा

जलालाबाद  जलालाबाद हलके के गांवों में सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। चुनाव को लेकर अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों की तरफ से अपने वर्करों की जीत पक्की करने के लिए पोलिंग बूथ लगाए गए हैं। गौरतलब है कि लोकसभा हलका फिरोजपुर से MP शेर सिंह घुबाया और फाजिल्का से पूर्व MLA दविंदर सिंह घुबाया के पैतृक गांव में कांग्रेस पार्टी के बूथ के अलावा शिरोमणि अकाली दल का बूथ न होना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोलिंग बूथ पर पहुंचे जलालाबाद के MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि अगर लोग विकास के साथ खड़े हों, अगर लोग अच्छे सिस्टम के साथ हों और अगर लोग ईमानदार सरकार के साथ हों, तो लोग विरोधी पार्टियों के बूथ तक नहीं लगाते MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि AAP उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से जीतेंगे। MLA गोल्डी ने कहा कि लोग विकास, अच्छे काम, नहर का पानी, सड़क और बच्चों के लिए नौकरी के लिए वोट करेंगे और सबसे जरूरी बात यह है कि वे आपसी तालमेल के लिए वोट करेंगे। 

साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ  पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीएम भगवंत मान ने डाला वोट, परिवार के साथ निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

पंजाब  पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्यभर में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, फिर भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वोट देने का अधिकार हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद मिला है, इसलिए हर नागरिक को इसका अवश्य उपयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उम्मीदवार को वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर समझते हैं, उसी को वोट दें। चूंकि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें जो आपके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। इससे क्षेत्र के विकास का मार्ग मजबूत होगा। गौरतलब है कि पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद और 2,838 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव किया जाना है। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। निष्पक्ष और सुचारू मतदान के लिए लगभग 90,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

हिमाचल में भारी बर्फबारी से पंजाब में ठंड का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जालंधर हिमाचल के ऊपरी इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी का असर पंजाब के मौसम पर पड़ रहा है। इस वजह से धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को पंजाब के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 14-15 दिसंबर के लिए पंजाब में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंच गया, जो आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने का संकेत है। अमृतसर में 24 घंटे में तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को दिनभर बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी का सिलसिला जारी रहा। घने बादलों के कारण धूप का असर न के बराबर रहा, जिससे ठंड बढ़ गई और ठंडी हवाओं के कारण राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच, हिमाचल के लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार 14 दिसंबर को भी यह जारी रहेगा। लाहौल-स्पीति में तापमान -6.2 डिग्री, कुकुमसेरी में -3.5 और शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मुस्लिम वोट कटने के बयान पर बरेलवी मौलाना का पलटवार, बोले– एसआईआर को धर्म से जोड़ना गलत

बरेली  आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किया गया एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्यक्रम पूरी तरह निष्पक्ष और प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, न कि किसी भी प्रकार का हिन्दू–मुस्लिम विभाजन पैदा करना।   मौलाना रजवी ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किस क्षेत्र में कितने वास्तविक मतदाता हैं, कितने लोग स्थानांतरित हो चुके हैं और किन लोगों का निधन हो गया है। इस कार्य के लिए हजारों बीएलओ और सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इस प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि मुसलमानों के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और परिपक्व नेता हर मुद्दे को धर्म के चश्मे से नहीं देखते, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं। ऐसे बयान बचकाने और गैर-जिम्मेदाराना हैं। देश का मुस्लिम एसआईआर के साथ मौलाना बरेलवी ने आगे कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है कि मुसलमानों ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी और सजगता के साथ एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरी करने वाले मुसलमानों ने अपने परिवारों से संपर्क कर फार्म भरवाए, बीएलओ से निरंतर संवाद रखा, कमियों को दूर किया और फार्म जमा कर उसकी रसीद सुरक्षित रखी। इतना ही नहीं, कई लोगों ने रिसीविंग कॉपी को अपने मोबाइल फोन में भी सुरक्षित किया। उन्होंने बताया कि अरब के खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों मुस्लिम युवाओं ने भी इस प्रक्रिया को गंभीरता से लिया और समय रहते फार्म भरवाए। यह पहला अवसर है जब लगभग हर मुस्लिम नागरिक ने अपनी और अपने परिवार की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को समझते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। इसके विपरीत, मौलाना रजवी ने कहा कि दूसरे धर्म के समाज के एक बड़े वर्ग ने इस प्रक्रिया में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई और सुस्ती व लापरवाही के कारण एसआईआर फार्म भरने में पीछे रह गया। मौजूदा स्थिति में यदि मतदाता सूची का विश्लेषण किया जाए तो मुसलमान आगे और हिन्दू पीछे नजर आते हैं। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सीएए और एनआरसी को लेकर कुछ राजनीतिक दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मुसलमानों में यह भय पैदा कर दिया था कि सरकार उनकी नागरिकता छीन लेगी। यही डर और आशंका मुसलमानों के दिलों-दिमाग में बैठ गई, जिसके कारण उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरी गंभीरता दिखाई। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अंत में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों को चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं में सहयोग करना चाहिए और राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए।  

मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मध्यप्रदेश के बेस्ट अवॉर्ड श्रेणी का पुरस्कार

वर्ष 1964 से भोपाल में संचालित हो रहा है मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल भोपाल  भोपाल के मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मुम्बई में स्टार एजुकेशन अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के बेस्ट स्कूल की श्रेणी में प्राप्त हुआ है। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने यह पुरस्कार मुम्बई में प्राप्त किया। अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन टाइम्स ऑफ इण्डिया और ईएसएफई के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। देश के स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार विषय पर 150 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य कार्यकारी और सचिव कॉउंसिल फॉर द इण्डियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन डॉ. जोसेफ एमैनुएल, अध्यक्ष पोद्दार एजुकेशन नेटवर्क सुश्री स्वाति पोपट वत्स, पूर्व भारतीय राजदूत और प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. दीपक बोहरा ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे सुधार पर विचार व्यक्त किये। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को इस शैक्षणिक सत्र में अक्टूबर माह में एजुकेशन वर्ल्ड इण्डिया स्कूल रैकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हो चुका है। भोपाल के टी.टी. नगर में मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन वर्ष 1964 से माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है।  

मध्य प्रदेश की मिसाल: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर शुरू हुई देश की पहली ‘रेड रोड’ पहल

भोपाल   वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश ने नेशनल हाईवे पर भारत की पहली 'रेड रोड' की शुरुआत की है। यह अभिनव पहल वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-45 के लगभग दो किलोमीटर लंबे हिस्से में लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को रोकना और संवेदनशील वन क्षेत्रों में वाहनों की गति को नियंत्रित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष सड़क डिजाइन ड्राइवरों को बिना किसी सख्त ट्रैफिक अवरोध के स्वाभाविक रूप से धीमी गति अपनाने के लिए प्रेरित करती है। यह उपाय न केवल जानवरों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले यात्रियों के लिए भी अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।   कैसे काम करती है 'रेड रोड' 'रेड रोड' की सतह लाल रंग की और हल्की उभरी हुई बनाई गई है, जिससे यह एक टेबलटॉप जैसी संरचना बनाती है। पारंपरिक स्पीड ब्रेकर की तुलना में यह अधिक सुरक्षित और प्रभावी मानी जा रही है, क्योंकि इसमें अचानक ब्रेक लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लाल रंग और अलग बनावट ड्राइवरों को दूर से ही सतर्क कर देती है कि वे एक संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विज़ुअल संकेत मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रभावी है और वाहन चालकों को अधिक जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करता है। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बाघों के अलावा हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है। चूंकि ये जानवर अक्सर भोजन और पानी की तलाश में हाईवे पार करते हैं, इसलिए इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। 'रेड रोड' के माध्यम से इन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। विकास और संरक्षण का संतुलन यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार बुनियादी ढांचे का विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। राज्य सरकार और वन विभाग का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले हाईवे पर भी इसी तरह की पर्यावरण-अनुकूल सड़क डिजाइन अपनाई जा सकती है। यह कदम न केवल मध्य प्रदेश को वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बनाता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई दिशा भी प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय: प्रद्युम्न सिंह तोमर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र आज अभूतपूर्व परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, बल्कि आने वाले दशकों की बढ़ती मांगों के अनुरूप मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है—हर घर, हर खेत और हर उद्योग को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराना। इसी भावना को केंद्रीय तत्व मानते हुए ऊर्जा विभाग ने बीते वर्षों में योजनाओं, संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी उन्नयन, निवेश संवर्धन और उपभोक्ता हित को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। राज्य में दीर्घकालिक और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4000 मेगावॉट ताप विद्युत क्षमता हेतु निविदा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। यह संयंत्र DBFOO (Design, Build, Finance, Own, Operate) मॉडल के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके लिए कोयला आपूर्ति ‘शक्ति’ नीति के तहत सुनिश्चित की गई है। इस कदम से प्रदेश में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावनाएँ बनी हैं, जिससे 5 से 7 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा और अनेक सहायक उद्योग भी गति पकड़ेंगे। 51711 नवीन नियमित पद स्वीकृत प्रदेश में विद्युत कंपनियों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन कर 51,711 नवीन नियमित पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे कंपनियों की कार्यक्षमता, क्षेत्रीय उपस्थिति तथा उपभोक्ता सेवाओं का प्रभावी विस्तार संभव हो सकेगा। स्वीकृत पदों में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 17402, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 16165, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 15690, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के लिये 1431 और पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के लिये 1017 पद हैं। इनमें भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु 5163 करोड़ रुपये के कार्य तथा सारनी व चचाई में 23,000 करोड़ रुपये लागत की 2×660 मेगावॉट की नई ताप विद्युत इकाइयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। गांधीसागर तथा राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की संयुक्त परियोजना को भी अनुमोदन किया गया है, जिससे जल विद्युत उत्पादन की क्षमता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी। उपभोक्ताओं को राहत ऊर्जा उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना और निःशुल्क विद्युत प्रदाय योजना के माध्यम से लाखों परिवारों और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025-26 में इन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो राज्य सरकार की जनहितकारी सोच को परिलक्षित करता है। अटल ज्योति योजना में इस वित्तीय वर्ष में 7131 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना में 13909 करोड़ और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 5299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आरडीएसएस योजना अंतर्गत उपकेन्द्रों, लाइनों, कृषि फीडरों के विभक्तिकरण तथा नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और राज्य में 26 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्री-पेड स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। समाधान योजना 2025-26 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ता, जो किन्हीं कारणों से बिल नहीं जमा कर पाते, उनके लंबित बिलों पर सरचार्ज लगाया जाता है। साथ ही उनके बिजली कनेक्शन विच्छेदित कर दिये जाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने के लिये समाधान योजना 2025-26 लागू की गयी है। योजना 2 चरणों में लागू की गयी है। इसका प्रथम चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक लागू रहेगा। दूसरा एवं अंतिम चरण एक जनवरी, 2026 से 28 फरवरी, 2026 तक रहेगा। योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त मूल राशि का भुगतान करने पर सर्वाधिक लाभ होगा। योजना में 6 आसानी किश्तों में भुगतान की सुविधा प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से 100 प्रतिशत तक की छूट एवं द्वितीय चरण में 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त हो सकेगी। योजना में प्रदेश के सभी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक एवं कृषि श्रेणी के सभी अशासकीय उपभोक्ताओं को उनके विगत 3 माह अथवा अधिक अवधि के देयक लंबित होने की स्थिति में सरचार्ज में छूट प्राप्त कर एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान की सुविधा दी गयी है। मुख्यमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत भारिया, बैगा और सहरिया जैसे पीवीटीजी समुदायों के लगभग 27 हजार घरों को बिजली से जोड़ने की कार्ययोजना को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें से सितंबर 2025 तक 25,362 घरों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। साथ ही धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 59,172 घरों के विद्युतीकरण की योजना तेजी से क्रियान्वित की जा रही है। राज्य की पारेषण कंपनी ने वर्ष 2024-25 में 99.47 प्रतिशत उपलब्धता तथा मात्र 2.60 प्रतिशत लाइन हानियों के साथ देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। ड्रोन पेट्रोलिंग, ऑप्टिकल फाइबर आधारित संचार प्रणाली, हाई टेम्परेचर लो-सेग कंडक्टर और GIS उपकेन्द्र जैसी तकनीकों को अपनाकर विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप बनाया जा रहा है।

स्वदेशी उन्नत नस्ल के 25 गोवंश से डेयरी लगाने पर परियोजना लागत का मिलता है 50 प्रतिशत अनुदान

25 साहीवाल गाय खरीदकर इंदु चला रहीं डेयरी, 200 लीटर रोज दूध उत्पादन जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेंगी इंदु सिंह गोरखपुर योगी सरकार की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना गोसंवर्धन के साथ इसके लाभार्थी कृषक-पशुपालक को समृद्धि की राह दिखा रही है। पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की इंदु सिंह ने इस योजना से जुड़कर सफलता की नई कहानी लिख दी है। पहले से पशुपालन से जुड़ी इंदु, योगी सरकार से 50 फीसदी अनुदान प्राप्त कर साहीवाल नस्ल की 25 गायों की डेयरी संचालित कर रही हैं। यहां रोज 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है तो कीमत भी सौ रुपये प्रति लीटर मिल रही है। इंदु जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करने वाली हैं। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, गोसंरक्षण और गोसंवर्धन सरकार के प्रयासों के तहत नंद बाबा मिशन का ही हिस्सा है। इस योजना में 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल (गिर, साहीवाल, थारपारकर, गंगातीरी) के गोवंश क्रय कर डेयरी यूनिट लगाने पर सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देती है। इस योजना से जुड़कर पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की प्रगतिशील पशुपालक इंदु सिंह ने गोसंवर्धन के साथ आय वृद्धि की नजीर पेश की है। ई लॉटरी से वित्तीय वर्ष 2023-24 में नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की लाभार्थी बनीं इंदु ने 25 साहीवाल गोवंश क्रय कर डेयरी खोली। इस परियोजना पर 62.55 लाख रुपये की लागत आई। उन्हें योजना व्यय पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी (31.25 लाख रुपये) दे रही है। इसमें आधी धनराशि उन्हें मिल गई है और शेष भी जल्द मिल जाएगी। सरकार के सहयोग से लागत आधी रह गई।  साहीवाल नस्ल की गायों की इस डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उन्नत साहीवाल नस्ल की गाय का दूध होने से यह 100 रुपये लीटर की दर से बिक जाता है। इंदु सिंह बताती हैं कि आय तो अच्छी हो ही रही है, उन्हें इस बात की भी खुशी है कि डेयरी से चार लोगों को रोजगार भी मिल गया है, गोसेवा का सुख बोनस जैसा है। गोरखपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय बताते हैं कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से स्थापित डेयरी में कृत्रिम गर्भाधान सेक्स सॉर्टेड सीमेन से किया जाता है। इससे केवल बछिया पैदा होंगी जिससे आय में और वृद्धि होना तय है।  कृषक समृद्धि योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डेयरी संचालक इंदु सिंह का कहना है कि वह आने वाले समय में वह डेयरी में उत्पादित दूध से दूध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेगी। यानी उनकी यूनिट में पनीर, खोया, मक्खन भी बनेगा। इसके साथ ही गोबर और गोमूत्र के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेकर इस दिशा में भी कार्य करेंगी। उनकी मंशा डेयरी को अन्य पशुपालकों के लिए मॉडल डेयरी बनाने की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नवीन एमवाय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी। नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड रुपए लागत आएगी। इसे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक श्री गोलू शुक्ला ने दिया। कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे