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दिल्ली में प्रदूषण चरम पर: AQI 497 के बीच एक्सपर्ट का वार— ग्रैप-4 नाकाफी, नीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में पलूशन लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह दिल्ली के बवाना में सबसे ज्यादा 497 AQI दर्ज किया गया। दिल्लीवासियों के साथ पर्यावरणप्रेमी भी चिंता में हैं। मशहूर पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी ने दिल्ली-एनसीआर में लागू किए गए ग्रैप-4 की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लंबे समाधान के बजाय एक रिएक्टिव कदम बताया। राजधानी में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू किए जाने के संदर्भ में कंधारी ने कहा कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि वर्षों की नीतिगत विफलताओं का नतीजा है।   रविवार को एएनआई से बातचीत में भावरीन कंधारी ने कहा, “GRAP हम जानते हैं, यह एक प्रतिक्रियात्मक उपाय है। जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तब GRAP-IV लागू किया जाता है। वर्षों से नीति निर्माताओं द्वारा लिए गए फैसलों का नतीजा आज हम देख रहे हैं। यह कोई रातों-रात पैदा हुई स्थिति नहीं है। कुछ दिनों बाद जब AQI के आंकड़े नीचे आएंगे, तो GRAP हटा लिया जाएगा। यह किसी भी तरह से समाधान नहीं है।” बता दें कि शनिवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर प्लस’ यानी 450 के करीब पहुंचने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू करने का फैसला लिया। आयोग के आदेश के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया था, जो बढ़कर शाम 6 बजे 446 तक पहुंच गया। पलूशन की ताजा वजह क्या बताई गई CAQM ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होना, वातावरण का स्थिर रहना, प्रतिकूल मौसम और प्रदूषकों का फैलाव न हो पाना—इन सभी कारणों से वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की उप-समिति ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP स्टेज-4 लागू करने का निर्णय लिया। यह पहले से लागू स्टेज-1, 2 और 3 के अतिरिक्त है। आयोग ने NCR के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निवारक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वायु गुणवत्ता और अधिक खराब न हो। रविवार को भी पलूशन बहुत ज्यादा इस बीच, रविवार सुबह दिल्ली घने स्मॉग की चादर में लिपटी नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति तब है, जब GRAP-IV पहले से लागू है। शहर के कई इलाकों गाजीपुर, आईटीओ और आनंद विहार में घना धुंध छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता अब भी ‘सीवियर’ श्रेणी में बनी हुई है। आज 497 पहुंचा एक्यूआई सुबह 7 बजे बवाना में सबसे खराब AQI 497 दर्ज किया गया। वहीं नरेला में AQI 492 और ओखला फेज-2 में 474 रिकॉर्ड किया गया। इसके मुकाबले एनएसआईटी द्वारका में AQI 411 रहा, जो शहर में सबसे कम दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है और विशेषज्ञ लगातार अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी और ठोस नीतिगत कदमों की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।  

भाजपा की कार्यप्रणाली देख दुनिया है हैरानः पीयूष गोयल

नामों की घोषणा वाली कॉपी  केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की भारतीय जनता पार्टी उ.प्र के संगठन पर्व समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हम सदस्य हैं। दुनिया हैरान है कि जितने व्यवस्थित व लोकतांत्रिक तरीके से मेंबर बनाने व राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का काम आपसी समन्वय से होता है जो कि अकल्पनीय है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  यह बातें राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के आधिकारिक घोषणा कार्यक्रम में कहीं। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय पीयूष गोयल ने कहा कि 1.62 लाख बूथों में चुनाव होता है और सर्वसम्मति से घोषणा होने जा रही है, इसका श्रेय पार्टी कार्यकर्यताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस प्रकार से पार्टी को आगे बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है, उसी के बलबूते हम आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं।  नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की उन्होंने कहा कि संगठन पर्व के इस अवसर पर मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह घोषित करते हुए कि सर्व सम्मति से पंकज चौधरी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुल 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का जिक्र करते हुए कुछ प्रमुख नाम गिनाए। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।   प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी समेत यह है राष्ट्रीय परिषद में शामिल… – राष्ट्रीय परिषद में 120 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर सम्मिलित हैं। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सदस्य बने।  – इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उन्नाव से शामिल हुए हैं। – भूपेंद्र सिंह चौधरी संभल, स्मृति ईरानी सुल्तानपुर, डॉ महेंद्र नाथ पांडेय वाराणसी, सूर्य प्रताप शाही सलेमपुर, स्वतंत्र देव सिंह बांदा व डॉ. रमापति राम त्रिपाठी गोरखपुर से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने।

आदिवासी छात्रावास प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात, शिक्षा व सुविधाओं पर हुई चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मनरेगा के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

पहचान छिपाकर की दोस्ती, दरगाह पहुंचते ही खुला सच, इंदौर रेप केस में नया मोड़

इंदौर  इंदौर में एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शख्स ने पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने तक की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। लसूड़िया पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाली 22 वर्षीय हिंदू युवती की शिकायत पर अनस उर्फ अश्विन पिता नईम बैग, निवासी ताज नगर, झलारिया रोड, इंदौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की और बाद में धोखे से उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। करीब एक वर्ष पहले उसकी पहचान अश्विन नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन वह कभी उसके साथ घूमने नहीं गई थी। 7 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे स्टार चौराहे पर मिलने बुलाया और मामा-भांजे की दरगाह ले गया। वहीं आरोपी ने खुलासा किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम अनस है। इसके बाद उसने निकाह करने की बात कही। धोखाधड़ी का एहसास होने पर युवती ने शादी से इनकार कर दिया और घर लौट आई। पीड़िता के अनुसार, 12 दिसंबर की रात करीब 10:30 बजे आरोपी ने दोबारा उसे स्टार चौराहे पर बुलाया। बातचीत के बहाने वह उसे स्कीम नंबर-78 स्थित एक कमरे में ले गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। वहां आरोपी ने पहले भावनात्मक बातें कीं और फिर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने और वहां से जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया, मारपीट की और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा। किसी तरह वहां से निकलकर युवती घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां के साथ वह हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के साथ लसूड़िया थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस उर्फ अश्विन को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और एक चाकू की फोटो भी मिली है। पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अनस उर्फ अश्विन लंबे समय से हिंदू युवती को प्रताड़ित कर रहा था और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की तैयारी में था। युवती की जागरूकता के कारण उसका प्रयास विफल रहा। सूचना मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला सह संयोजक पंकज खंडेलवाल सहित पीयूष गांधी, नीरज दुबे, अर्पित ठक्कर, शक्ति चौहान, कुशाल शिंदे, तरुण भांड, विशु वर्मा, मुकेश गुर्जर, सुमित जाटव, आकाश पाल, सोनू धाकड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

छत्तीसगढ़ की ऊर्जा यात्रा को मिला नया आयाम, सीएम विष्णु देव साय ने ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ पुस्तक का अनावरण किया

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।

वंदे भारत ट्रेनों में परोसा जाएगा स्थानीय भोजन, रेलवे ने फर्जी टिकट बुकिंग रोकने के लिए सख्त नियम और ओटीपी प्रणाली लागू की

भोपाल   भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर और यादगार सफर देने के लिए लगातार नई पहल कर रहा है. इसी कड़ी में अब वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उस क्षेत्र का स्थानीय भोजन चखने का मौका मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में अधिकारियों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में इस योजना की जानकारी दी. उनका कहना है कि इससे यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि वे उस इलाके की संस्कृति और खानपान से भी जुड़ सकेंगे. वंदे भारत ट्रेनों में मिलेगा लोकल फूड रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन की सुविधा शुरू की जाएगी. उदाहरण के तौर पर, यदि ट्रेन दक्षिण भारत से गुजर रही है तो यात्रियों को वहां के पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे, वहीं उत्तर भारत के रूट पर स्थानीय स्वाद परोसा जाएगा. यह योजना पहले वंदे भारत ट्रेनों में लागू होगी और इसके सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा. फर्जी टिकट बुकिंग पर रेलवे की सख्ती रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली को पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए आसान बनाने के लिए फर्जी टिकट बुकिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. रेल मंत्री ने बताया कि फर्जी और संदिग्ध यूजर आईडी के कारण असली यात्रियों को तत्काल टिकट नहीं मिल पाता था. अब इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा सिस्टम लागू किया गया है. 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट किए गए बंद रेलवे और आईआरसीटीसी ने अब तक 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद कर दिए हैं. इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. कड़े सत्यापन के बाद अब आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रतिदिन करीब 5,000 नए यूजर अकाउंट ही बनाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती थी. आधार आधारित OTP सिस्टम लागू फर्जी बुकिंग रोकने के लिए रेलवे ने आधार-आधारित ओटीपी सिस्टम लागू किया है. यह व्यवस्था अभी 322 ट्रेनों में शुरू हो चुकी है, जिससे तत्काल टिकट कन्फर्म होने की संभावना करीब 65% तक बढ़ गई है. इसके साथ ही आरक्षण काउंटरों पर भी यह सिस्टम 211 ट्रेनों में लागू किया जा चुका है. एंटी-बॉट तकनीक से मिले बेहतर परिणाम रेल मंत्री ने बताया कि Akamai जैसी एंटी-बॉट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जी यूजर्स की पहचान आसानी से हो रही है. इससे असली यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और स्मूथ बन गई है. रेलवे के इन कदमों से यात्रियों को अब बेहतर सुविधा और न्यायसंगत टिकट प्रणाली का लाभ मिल रहा है.

घने कोहरे ने ली सड़क सुरक्षा की परीक्षा, हरियाणा में 4 बसें भिड़ीं, यात्रियों में अफरा-तफरी

चंडीगढ़  हरियाणा के रेवाड़ी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 352डी पर सुबह एक बड़ी सड़क दुर्घटना होने की सूचना मिली है। भीषण कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने की वजह से चार बसों में आपस में टक्कर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना तड़के सुबह हुई जब घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी। इस हादसे में तीन से चार बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। ये बसें रेवाड़ी से झज्जर की ओर जा रही थीं।   सूत्रों के मुताबिक, इस टक्कर में कई यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है। हालांकि, घायलों की सही संख्या की पुष्टि होना बाकी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्राथमिक आकलन से पता चलता है कि कम दृश्यता ही दुर्घटना का मुख्य कारण थी, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना की सही परिस्थितियों का पता चल पाएगा।  

शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा, पारा 4.7°C पर, भोपाल-इंदौर में 7°C से नीचे; उत्तरी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और बारिश का मौसम

भोपाल  उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा. इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा. इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान ग्वालियर- 9.8°C उज्जैन- 9.2°C जबलपुर- 8.5°C भोपाल- 6.4°C इंदौर- 5.9°C एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा। ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है। नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा। दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ … Read more

रायपुर: वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए की सड़क निर्माण परियोजना का किया भूमिपूजन

रायपुर : वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए के सडक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन पीएमजीएसवाई अंतर्गत ग्रामीण सड़कों से बदलेगी तस्वीर 10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा रायपुर ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा को मजबूत करने और विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम भाठनपाली एवं बिंजकोट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात दी। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।  10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा          वित्त मंत्री चौधरी ने भाठनपाली में 10 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण और बिंजकोट में 10 लाख रुपए के आवश्यक विकास कार्यों के लिए देने की घोषणा की। साथ ही ग्रामीणों की सीसी रोड की मांग को भी शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बिंजकोट में 6 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन भी वितरित किए गए।            भाठनपाली में एनएच-49 से मोहंदाभाठा बस्ती तक 2.25 किलोमीटर सड़क तथा धनुहारडेरा से भाठनपाली तक 1.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसकी कुल लागत 3.28 करोड़ रुपए है। वहीं बिंजकोट में एकताल रोड से बिंजकोट बस्ती तक तथा एकताल से सांपखोड़-सकरबोंगा तक सड़कों के निर्माण पर 2.98 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री चौधरी ने सभी निर्माण कार्यों को 12 माह के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है          वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से प्रदेश की जनता के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। 12 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस, 21 क्विंटल प्रति एकड़ , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का भुगतान, रामलला दर्शन योजना, 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास और महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनहित कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सबको साथ लेकर, सबके विकास के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है।          कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल,  जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, ग्रामों के सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।