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चिकित्सा- कानूनी प्रकरणों की जांच में आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री विष्णु साय का नेतृत्व

रायपुर : विष्णु के सुशासन में चिकित्सा- कानूनी प्रकरण(मेडिको लीगल केस) की जाँच के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल के क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट एवं चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का किया उद्घाटन मध्यभारत का पहला संस्थान जहां क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी यूनिट की हुई शुरुआत अभी तक भारत देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में ही इसकी सुविधा  ऐसा संस्थान जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जा सकेगा सुरक्षित रायपुर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वसुलभ, सरलीकरण तथा अत्याधुनिकीकरण हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में चिकित्सालय में आने वाले मेडिको लीगल (एमएलसी) केस में व्यक्ति या पीड़ित के जांच एवं उपचार के लिए क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी यूनिट की स्थापना डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में हुई है। आज इस यूनिट का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस यूनिट के साथ ही साथ स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया।  इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन, फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र सोनवानी, डॉ. शिवनारायण मांझी, डॉ. महेंद्र साहू (टॉक्सिकोलॉजिस्ट) (Toxicologist), फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कमल साहू समेत विभाग के अन्य फैकल्टी मेंबर भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस नवीन जांच सुविधा के उद्घाटन के अवसर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट मध्यभारत का पहला एवं पूरे देश का बारहवाँ यूनिट है । जहां पर चोट के मामले जो किसी अपराध का संकेत देते हैं ,उनकी जाँच, शराब के सेवन की ब्रीथ एनालाइज़र द्वारा जाँच, नशा का सेवन करने वालों की उनके यूरिन के माध्यम से पुष्टि तथा पोक्सो कानून के अंतर्गत आने वाले अपराधिक मामलों में उम्र बताने की जाँच करने वाला पहला संस्थान होगा।   उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोगों को न्याय देती है, आज के समय में अपराध की प्रकृति बदलती जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक होगा। यह अपराध के जांच और कार्रवाई में सटीक सूचना देने में अहम भूमिका निभाएगी।  उन्होंने कहा कि यह राज्य का ऐसा संस्थान है जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जायेगा। मेडिको लीगल केस के अंतर्गत किए जाने वाले इन सभी जांचों का सीधा फायदा पुलिस विभाग को एवं माननीय न्यायालय को अपराधिक मामलों के खात्मा करने में होगा।  शराब के अलावा इन मादक पदार्थों के सेवन की भी हो सकेगी जाँच:- 1. एम्फ़ैटेमिन 2. बार्बिटुरेट्स 3. बेंजोडायजेपिन 4. कोकीन 5. मारिजुआना 6. मेथैम्फेटामाइन 7. ओपियोड (हेरोइन) 8. फेनसाइक्लिडीन (पीसीपी) 9. मॉर्फिन 10. मेथोडोन 11. एक्सटेसी 12. ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल: नक्सल-मुक्त राज्य बनाने के लिए रोजगार आधारित रणनीति

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल: नक्सल-मुक्त राज्य बनाने के लिए रोजगार आधारित रणनीति नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में पुलिस की रोजगार केंद्रित व्यापक कार्रवाई भोपाल  नक्सल-मुक्त भारत एवं नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय संकल्प को सुदृढ़ करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर रोजगार आधारित पहलें की जा रही हैं। मंडला एवं बालाघाट जिलों में संचालित ये प्रयास समाज के अंतिम छोर पर खड़े युवाओं और महिलाओं तक सकारात्मक परिवर्तन पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से न केवल आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, बल्कि विकास, सुरक्षा और विश्वास का ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रहा है। मंडला जिले में पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के नेतृत्व में “एकल सुविधा केंद्र” के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व में आयोजित प्लेसमेंट कैंप के उत्साहजनक और सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाते हुए दिनांक 11 दिसंबर 2025 को बिछिया क्षेत्र के 15 ग्रामीण युवाओं का चयन किया गया। चयनित युवाओं को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिसके पश्चात वे प्रशिक्षण हेतु L&T के लखनादौन स्थित प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना हुए। उल्लेखनीय है कि मंडला जिले में पूर्व में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेले के पश्चात यह लगातार मिल रही उपलब्धि इस तथ्य को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि ग्रामीण युवाओं में अब मुख्यधारा के रोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। पुलिस की सक्रिय पहल, मार्गदर्शन और विश्वासपूर्ण संवाद के कारण युवाओं को अपने क्षेत्र में ही नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे उन्हें पलायन, भटकाव और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में भी सफलता मिल रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में रोजगार आधारित पहल को और अधिक विस्तार दिया गया है। इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को भी रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। Confederation of Indian Industry के सहयोग से छिंदवाड़ा में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से 25 ग्रामीण महिलाओं का चयन किया गया। इनमें से प्रथम चरण में 4 महिलाओं को दो माह के प्रशिक्षण हेतु छिंदवाड़ा स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन महिलाओं को Taj Hotels में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। शेष चयनित महिलाओं को आगामी चरणों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे उन्हें भी समान रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। प्रशिक्षण हेतु महिलाओं की रवानगी के अवसर पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और सम्मानजनक आजीविका का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के ये अवसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत बुनियाद बन रहे हैं। युवाओं एवं महिलाओं का निजी क्षेत्र से जुड़ना उन्हें संसाधनों की कमी, भटकाव और गलत दिशा में जाने से रोकते हुए आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सामाजिक मुख्यधारा की ओर अग्रसर कर रहा है। यह पहल केंद्र सरकार के “नक्सल-मुक्त भारत” के लक्ष्य तथा मध्यप्रदेश की “सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज” की नीति को ठोस समर्थन प्रदान करती है। पुलिस-जन समन्वय का यह मॉडल विश्वास निर्माण का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता, संवाद और अवसरों का समावेश है। मंडला एवं बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित रोजगारोन्मुख कार्यक्रम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और स्थायी सामाजिक परिवर्तन लाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी ऐसी जन-केंद्रित और समावेशी पहलों के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।  

उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

वोट बैंक की राजनीति बनाम विकास का मॉडल : साढ़े आठ साल में योगी सरकार ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कांग्रेस-सपा ने जहां जनता को सिर्फ वोट बैंक माना, वहीं योगी सरकार ने निवेश, कानून व्यवस्था और मानव संसाधन को विकास का केंद्र बनाया बाहर के निवेशक आए, नई फैक्ट्रियां लगीं, युवाओं को मिला प्रशिक्षण और रोजगार लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की पहचान वोट बैंक आधारित सत्ता प्रबंधन तक सीमित रही। जाति, तुष्टिकरण और प्रतीकात्मक योजनाओं से आगे बढ़ने का प्रयास नहीं हुआ। इसके उलट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीतिगत, संरचनात्मक और आर्थिक स्तर पर ऐसे बदलाव देखे हैं, जिनकी पुष्टि सरकारी और स्वतंत्र आंकड़े करते हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखता है। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यहां बाहर के निवेशक लगातार आए और अपने उद्यम स्थापित किए। उन्होंने यहां नई फैक्ट्रियां लगाईं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प मिले। इसी के साथ उत्तर प्रदेश से पलायन की समस्या भी खत्म हो रही है। और अपने प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी के प्रयास से उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न आयोगों एवं भर्ती बोर्ड की ओर से साढ़े आठ वर्षों में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।  इसके अलावा महिला सशक्तिकरण का पूरा ध्यान रखा गया। इसके अंतर्गत 1.75 लाख से अधिक महिलाओं को सरकारी नौकरी मिली। प्रदेश के युवाओं को देश एवं विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का भी गठन किया गया है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में 01 लाख से अधिक युवाओं को उद्योगों एवं अधिष्ठानों में पंजीकरण एवं प्रशिक्षण दिया गया। जिससे उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। नए उभरते क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया आई.टी.आई व कौशल विकास मिशन में 25 लाख से अधिक युवा विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षित किए गए और इसके अंतर्गत 10.20 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। यही नहीं इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप नए उभरते क्षेत्रों जैसे आर्टीफिशियल इन्टेलीजेंस, एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (रोबोटिक्स) में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया। राजनीतिक आरोप बनाम नीतिगत बदलाव राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया में अपना उद्यम चला रहे अनुराग पांडे कहते हैं कि जहां पहले की सरकारों ने जनता को केवल चुनावी गणित तक सीमित रखा, वहीं मौजूदा योगी सरकार ने स्थायी रोजगार, निवेश और कौशल विकास के साथ ही विकास को प्राथमिकता दी है। बाहर से आए उद्योगों और स्थानीय युवाओं को मिले प्रशिक्षण ने यह संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल रोजगार की तलाश में पलायन करने वाला राज्य नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

रेलवे का बड़ा फैसला: बनारस जाने वाली स्पेशल ट्रेन MP में रुकेगी, कई ट्रेनों के समय में हुआ बदलाव

इटारसी  रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इटारसी होकर बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01-01 ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।   इटारसी में भी रुकेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 01082 बनारस-लोकमान्य तिलक स्पेशल बनारस से 12 दिसंबर को 19.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 13.50 बजे इटारसी आगमन कर तीसरे दिन 06.25 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01081 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-बनारस स्पेशल दिनांक 14 दिसंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से 08.25 बजे प्रस्थान कर 21.00 बजे इटारसी आगमन कर दूसरे दिन 16.05 बजे पहुंचेगी।   ये होगा ट्रेन का रूट ट्रेन रास्ते में वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक एवं कल्याण स्टेशन पर रुकेगी। रेल मंडल भोपाल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भीड़ भरे सफर से राहत मिलेगी। यात्री अपने समय अनुसार स्पेशल ट्रेनों की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से आरामदायक तरीके से पहुंच सकेंगे। 1 जनवरी से रेलवे की नई समय-सारणी होगी लागू पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों की नई समय-सारणी लागू होगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस नई सारणी में कई प्रमुख ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव किया गया है।   इटारसी से गुजरने वाली ट्रेनों की टाइमिंग इटारसी से गुजरने वाली पुणे सुपौल-पुणे एक्सप्रेस 12149/12150 का नंबर 4 दिसंबर से बदल जाएगा। यह ट्रेन अब 11401/11402 नंबर से संचालित होगी। 1 जनवरी से कई ट्रेनों के प्रारंभिक स्टेशनों से प्रस्थान समय में परिवर्तन होगा। भोपाल-रीवा एक्सप्रेस अब 23.05 के बजाय 23 बजे चलेगी।  मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी कई लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में संशोधन किया गया है। इनमें इटारसी और बीना स्टेशन प्रमुख है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि 1 जनवरी 2026 से यात्रा करने से पहले नई समय-सारणी की जानकारी स्टेशन, अधिकृत वेबसाइट, रेल मदद 139 या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। 

एनसीआर को बड़ी सौगात की तैयारी: 7,000 फ्लैट्स के प्रोजेक्ट का खाका सुप्रीम कोर्ट में रखेगा यीडा

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा में जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड के अधूरे प्रोजेक्ट में फंसे 7 हजार से ज्यादा घर खरीदारों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जागी है। जो लोग लंबे समय से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यीडा नई योजना लेकर आया है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) नई आवासीय स्कीम को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करेगा। उसके बाद इसपर काम शुरू हो जाएगा। यीडा अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में आयोजित एक बैठक में इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, पैसों से जुड़ी दिक्कत और आगे क्या किया जा सकता है जैसी बातों पर चर्चा की गई। यह बैठक लखनऊ में आयोजित की गई थी। लखनऊ में बैठक के दौरान बनाई स्ट्रैटजी जेपी स्पोर्ट्स सिटी मामले को लेकर हाईकोर्ट ने एक कमेटी बनाई थी, जिसकी पहली मीटिंग दो दिन पहले हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने की। मीटिंग में यीडा ने जेपी एसोसिएट्स की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए की गई स्टडी रिपोर्ट अधिकारियों के सामने रखी। यह रिपोर्ट करी एंड ब्राउन कंपनी ने तैयार की थी। इसी मीटिंग के दौरान प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, अब तक बिक चुके और खाली पड़े फ्लैट पर विचार किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों ने यह भी देखा कि किन कारणों की वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और इसे पूरा करने में क्या क्या चुनौतियां सामने आ रही हैं?   सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को ध्यान में रककर बनेगा प्लान मीटिंग में 19 मई 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी ध्यान में रखा गया। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि प्राधिकरण प्रोजेक्ट रुका हुआ पूरा करने के लिए नया प्लान बना सकता है, लेकिन काम शुरू करने से पहले उसमें कोर्ट की अनुमति लेनी होगी। ताकि लोगों को उनके फ्लैट मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत दोबारा न आए। इसी को ध्यान में रखते हुए यीडा को आवासीय क्षेत्र का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्लान हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार तैयार किया जाएगा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि जेपी एसोसिएट्स की परियोजना के लिए आवासीय क्षेत्र का प्लान तैयार किया जाएगा और उसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही किसी भी तरह का निर्माण कार्य या आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कब शुरू हुआ था यह प्रोजेक्ट? जेपी एसोसिएट्स की सहयोगी कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को साल 2009-10 में स्पोर्ट्स सिटी बनाने के लिए 1000 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। यह जमीन विशेष विकास क्षेत्र (SDZ) योजना के तहत दी गई थी। इसी प्रोजेक्ट में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल था। बाद में यह कंपनी भारी कर्ज में डूब गई, जिसके कारण 2020 में जमीन का आवंटन रद कर दिया गया। आवंटन रद होने के बाद इस फैसले को इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा लेकिन प्राधिकरण को प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर पूरे करने का निर्देश दिए। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन वहां भी हाईकोर्ट के फैसले को ही प्रभावी माना गया।  

ठिठुरेगा मध्यप्रदेश: 48 घंटे में पारा लुढ़कने के आसार, गलन वाली शीतलहर की चेतावनी

भोपाल  इन दिनों मध्य प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। 13 दिसंबर शनिवार से तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उत्तर भारत की पहाड़ियों पर जारी भारी बर्फबारी का असर आज से राज्य के अधिकतर इलाकों में दिखाई दे सकता है। 25 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, शनिवार से ठंड में और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में गलन वाली शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलेगा। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते प्रदेश के 25 से ज़्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे द्रज किया जाएगा। जबकि, मौजूदा समय में ही सूबे के शहडोल, उमरिया, राजगढ़ और नौगांव समेत कई जिलों का तापमान 3 डिग्री से 7 डिग्री के बीच पहुंच गया है। शीतलहर का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान गिरकर 6 से 9 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में शीतलहर और गंभीर शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। साथ ही रात और सुबह के समय लगातार कोहरे, कम विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड की चेतावनी भी दी गई है।   विजिबिलिटी घटेगी कई इलाकों में सुबह और रात में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रैफिक में दिक्कत हो सकती है। लोगों को इस दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: काचिगुड़ा से मदार के बीच स्पेशल ट्रेन का ऐलान, जानें पूरा रूट

भोपाल  मध्य प्रदेश से यात्रा का विचार कर रहे रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। काचिगुड़ा से मदार (अजमेर) के बीच स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से भोपाल रेल मंडल समेत प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों पर स्टॉप लेगी। ट्रेन नंबर 07733 काचिगुड़ा-मदार स्पेशल फेयर उर्स स्पेशल ट्रेन 23 दिसंबर 2025 से चलेगी और वापसी में मदर से काचिगुड़ा के लिए 28 दिसंबर को रवाना होगी। यह ट्रेन भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी, जिसमें इटारसी और भोपाल सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। एमपी, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने और सुविधा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है। ट्रेन में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी कोच की सुविधा रहेगी। कुल यात्रा समय लगभग 39 घंटे 50 मिनट का होगा और दूरी करीब 1625 किलोमीटर। रेलवे के इस फैसले से मध्य प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा पर जाने से पहले यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या एप से कर सकते हैं।  

मध्यप्रदेश में मंत्री पर सख्त रुख, बीजेपी संगठन ने मांगा जवाब, बढ़ी बेचैनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका परिवार गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। इस प्रकरण से राज्य की बीजेपी सरकार चिंतित हो उठी है। कांग्रेस राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बेहद हमलावर रुख को देखते हुए अब बीजेपी संगठन आगे आया है। संगठन नेताओं ने सख्ती दिखाते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से मामले पर न केवल सफाई मांगी बल्कि उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कड़े तेवर से मंत्री की निराशा बढ़ गई है। सतना जिले की रैगांव विधानसभा की विधायक व प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri, अपने परिवार के कारण मुश्किलों से घिर गई हैं। उनके भाई व बहनोई को तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस और मीडिया का दबाव बढ़ा तो राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दोनों से पल्ला झाड़ लिया और साफ कह दिया कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। हालांकि उनकी इस सफाई पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। पार्टी ने सख्त लहजा अपनाते हुए प्रकरण में सफाई मांगी खासकर पार्टी में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी विरोधियों के निशाने पर है। पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश बीजेपी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। पार्टी नेताओं ने मंत्री प्रतिमा बागरी के प्रति सख्त लहजा अपनाते हुए इस प्रकरण में उनसे सफाई मांगी। बीजेपी संगठन का वरिष्ठ नेतृत्व मंत्री की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि तस्करी जैसे अपराधों से उनका कोई वास्ता नहीं है। भाई और बहनोई अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं।    सख्त स्वरों में चेताया सूत्रों के अनुसार बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा ने इस मामले में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से बात की। खुद को पाकसाफ बताने पर दोनों नेताओं ने नाराजगी जताई। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को सख्त स्वरों में चेताया गया।   बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी अवगत करा दिया गया था।  

विधानसभा समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की अहम बैठक, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा

रायपुर  विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने किया देश में सर्वाधिक 92,832 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन

उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने रचा इतिहास, ऑनलाइन वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन में यूपी सबसे आगे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने किया देश में सर्वाधिक 92,832 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन  उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्ति के रजिस्ट्रेशन की अवधि 6 माह बढ़ी, यूपी रहा रजिस्ट्रेशन में सबसे आगे   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 6 जून 2025 को शुरू किए गए 'उम्मीद' पोर्टल पर 05 दिसंबर 2025 तक सभी वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का आदेश जारी किया गया था। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है, जिसमें 86,347 सुन्नी और 6,485 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की तिथि को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धि न केवल सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल और पारदर्शिता प्रशासन को दर्शाती है, साथ ही वक्फ बोर्डों की संपत्तियों के संरक्षण और विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उम्मीद पोर्टल पर यूपी में हुआ सर्वाधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उम्मीद पोर्टल के देशव्यापी आंकड़ों के अनुसार, पूरे भारत में अब तक हुए कुल वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन में उत्तर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है। हालांकि केंद्र सरकार ने उम्मीद पोर्टल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अवधि को बढ़ा दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की सक्रियता से यह लक्ष्य न केवल समय पर पूरा हुआ, बल्कि निर्धारित अवधि से पहले ही हासिल कर लिया गया। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में 'उम्मीद' पोर्टल पर क्रमशः 86,347 सुन्नी और 6,485 शिया वक्फ संपत्तियों के साथ कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से चलाए गये जागरूकता अभियान और प्रशासनिक सहयोग से अधिकांश मुतवल्लियों ने वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन समय पर पूरे करवा लिये हैं। शिया वक्फ रजिस्ट्रेशन में लखनऊ, तो सुन्नी वक्फ रजिस्ट्रेशन में बराबंकी अव्वल  उम्मीद पोर्टल के जनपदवार विवरण से पता चलता है कि, शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लखनऊ सबसे आगे रहा, जहां 625 शिया वक्फ संपत्तियां दर्ज हुई हैं। उसके बाद 539 शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ जनपद अमरोहा दूसरे और 533 वक्फ संपत्तियों के साथ  मेरठ तीसरे स्थान पर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर सुन्नी वक्फ संपत्तियों के उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में 4,940 वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के साथ बाराबंकी पहले नंबर पर रहा। तो वहीं सीतापुर, दूसर और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। जबकि बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, और जौनपुर जनपद भी सुन्नी वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में अग्रणी जनपद  हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की यह उपलब्धि सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और प्रशासन दक्षता को प्रदर्शित कर रही है, साथ ही वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने, इसके दुरुपयोग को रोकने और साथ ही उनके संरक्षण और विकास कार्यों को भी गति प्रदान करेगा।