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कभी नीतीश को हराने वाले विजय कृष्ण का बड़ा फैसला, RJD से इस्तीफा देकर राजनीति से संन्यास

पटना बिहार सरकार में कई दफा मंत्री रहे समाजवादी नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव का साथ छोड़ दिया है। विजय कृष्ण ने 2004 के लोकसभा चुनाव में बाढ़ सीट से बिहार के मौजूदा सीएम और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार को हराकर राजनीतिक तहलका मचा दिया था। 74 साल के विजय कृष्ण ने लालू यादव को इस्तीफा भेजकर राजद और राजनीति से अलग होने के अपने फैसले की जानकारी दी है। राजपूत बिरादरी से आने वाले विजय कृष्ण 2009 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर कुछ समय नीतीश की जेडीयू में भी गए थे, जिस मौके की तस्वीर ऊपर आप देख सकते हैं। लेकिन एक साल बाद ही वापस लालू की आरजेडी में लौट गए थे। साठ के दशक से राजनीति में सक्रिय विजय कृष्ण ने समाजवादी युवा सभा से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़नी शुरू की। 1977 में पहली बार जनता पार्टी के बिहार महासचिव बने। जनता दल के टिकट पर बाढ़ विधानसभा सीट से 1990 और 1995 में लगातार दो बार जीतकर विधायक बने। लालू के साथ-साथ राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने। 2004 में लालू यादव ने उनको बाढ़ से नीतीश के खिलाफ लोकसभा लड़ा दिया और वो जीत भी गए। 1999 के चुनाव में नीतीश ने उनको हराया था तो वो कोर्ट चले गए थे लेकिन वह चुनाव याचिका खारिज कर दी गई थी। नीतीश के पुराने सहयोगी रहे विजय कृष्ण 2009 के लोकसभा चुनाव के समय जेडीयू में चले गए थे, लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव के समय राजद में वापस लौट आए। लेकिन, 2009 में एक मर्डर केस में अपने बेटे के साथ फंस गए, जिसमें कोर्ट ने 2013 में विजय समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने 2022 में उन्हें रिहा कर दिया, तब लगभग 10 साल जेल में रहने के बाद वो बाहर आए थे।

स्कूलों में विंटर वेकेशन का बिगुल! अब बच्चों-परिवार की होगी जमकर मस्ती

चंडीगढ़ शहर के स्कूलों में इस महीने सर्दियों की छुट्टियां पड़ने जा रही हैं। इसे लेकर लोगों ने पहले से ही छुट्टियों में घूमने-फिरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिवार यात्रा की जगहों पर चर्चा कर रहे हैं और बच्चे अपनी पसंदीदा जगहें चुन रहे हैं। हर घर में छुट्टियों का माहौल बन चुका है। सर्दियों को आमतौर पर यात्रा के लिए सबसे आरामदायक मौसम माना जाता है। इसी अवसर पर IRCTC ने चंडीगढ़ से नए रेल टूर पैकेज पेश किए हैं। IRCTC ने चंडीगढ़ से विशेष रेल टूर पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग दर्शन से लेकर राजस्थान के मरुस्थल और गुजरात तक घूमने के कई विकल्प शामिल हैं। टिकट, होटल या लोकल ट्रैवल की चिंता नहीं सर्दियों की छुट्टियों के ये टूर पैकेज चंडीगढ़वासियों को अलग-अलग जगहों पर घूमने का मौका देंगे। चाहे कोई धार्मिक यात्रा करना चाहता हो, मरुस्थल का अनुभव लेना चाहता हो या गुजरात के आधुनिक व ऐतिहासिक स्थलों को देखना चाहता हो—हर तरह के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। ये पैकेज खास तौर पर उन परिवारों के लिए हैं, जो बिना झंझट और पूरी तरह प्लान की हुई यात्रा चाहते हैं। ट्रेन यात्रा से लेकर होटल में ठहराव, स्थानीय आवागमन और रोजाना नाश्ता—सब कुछ इसमें शामिल है। यानी टिकट बुक करने, होटल तलाशने या लोकल ट्रांसपोर्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं। छुट्टियों में बस परिवार के साथ घूमिए, आराम कीजिए और यादें संजोइए। इन जगहों की कर सकते हैं यात्रा 1. दो ज्योतिर्लिंग दर्शन – 6 रातें / 7 दिन छुट्टियों में लोग धार्मिक यात्राओं की भी योजना बनाते हैं। इस पैकेज में इंदौर स्थित ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन शामिल हैं। हर शनिवार चंडीगढ़ स्टेशन से ट्रेन रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹15,515 2. राजस्थान सर्किट: उदयपुर, आबू रोड, जोधपुर, अजमेर – 7 रातें / 8 दिन अगर बच्चों को किले, झीलें और ऐतिहासिक स्थल पसंद हैं, तो यह टूर खास है। इसमें दिलवाड़ा जैन मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, माउंट आबू की खूबसूरत नक्की झील, अरावली पर्वतों में सनसेट पॉइंट, सिटी पैलेस, एकलिंगजी मंदिर, हल्दीघाटी, रणकपुर जैन मंदिर, मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, पुष्कर मंदिर और दरगाह शरीफ शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी।  शुरुआती कीमत: ₹23,215 3. बीकानेर, जैसलमेर और जयपुर की रंगीन यात्रा – 7 रातें / 8 दिन सर्दियों में राजस्थान की खूबसूरती चरम पर होती है। मरुस्थल, ऊंट सफारी, जैसलमेर किला और जयपुर देखने का सुनहरा मौका। इस पैकेज में पुष्कर, आना सागर झील, ब्रह्मा मंदिर, बीकानेर का ऊंट प्रजनन फार्म, देशनोक मंदिर, जूनागढ़ किला, जैसलमेर के सैम सैंड ड्यून्स, कुलधारा गांव, आर्मी म्यूज़ियम, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, जयपुर का हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और नाहरगढ़ किला शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार चलेगी। शुरुआती कीमत: ₹21,895 4. राजस्थान और गुजरात टूर: केवड़िया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अहमदाबाद, उदयपुर – 7 रातें / 8 दिन यह पैकेज परिवारों में काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, म्यूज़ियम, ऐतिहासिक स्थल, उदयपुर की झीलें, माउंट आबू, दिलवाड़ा मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, नक्की झील, सनसेट पॉइंट, उदयपुर सिटी पैलेस, फतेह सागर झील, केवड़िया, अहमदाबाद का साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट और वडोदरा शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹23,780 पैकेज में मिलेंगी ये खास सुविधाएं थर्ड एसी या स्लीपर में कन्फर्म ट्रेन टिकट पिक-अप और ड्रॉप सहित स्थानीय आवागमन होटल में रात्रि ठहराव रोजाना नाश्ता छुट्टियों में यात्रा करते समय सबसे बड़ी चिंता होटल, टिकट और लोकल ट्रांसपोर्ट की होती है, लेकिन IRCTC के इन पैकेजों में सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे पारिवारिक यात्रा बेहद आसान हो जाती है। ऐसे करें बुकिंग IRCTC की टूरिज्म वेबसाइट पर जाकर चंडीगढ़ से शुरू होने वाले पैकेज चुनें। जानकारी के लिए WhatsApp: 7888696843 पर संपर्क कर सकते हैं या IRCTC सेक्टर-34ए स्थित कार्यालय में जाकर भी विवरण प्राप्त किया जा सकता है।  

बिजनेसमैन ने लेडी DSP कल्पना वर्मा पर ₹2 करोड़ लुटाए, लव ट्रैप का आरोप

दंतेवाड़ा/रायपुर   छत्तीसगढ़ के एक बिजनेसमैन ने DSP कल्पना वर्मा पर 'लव रिलेशनशिप' में फंसाकर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा हड़पने का आरोप लगाया है. साथ ही फरियादी ने एक हीरे की अंगूठी, सोने की चेन और एक कार की उगाही करने का भी दावा किया है. बिजनेसमैन का यह भी दावा है कि उन पर महिला पुलिस अधिकारी के भाई के नाम पर एक होटल प्रॉपर्टी रजिस्टर करने का दबाव डाला गया था.दीपक टंडन और बरखा टंडन नाम के कपल ने रायपुर के खमतराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद DSP के भाई ने भी बिजनेसमैन के खिलाफ काउंटर तहरीर दी है. बिजनेसमैन का आरोप है कि साल 2021 से ब्लैकमेल, धमकियां और बार-बार पैसे की मांग की जा रही है. उनका दावा है कि महिला पुलिस अधिकारी ने बाद में होटल को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए 30 लाख रुपए का निवेश किया. कपल ने सबूत के तौर पर चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं. उधर, DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों से इनकार किया है. आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है. और कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. हालांकि, वह इस समय संपर्क से बाहर हैं. इस मामले से पुलिस विभाग में काफी हलचल मच गई है और दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच चल रही है. पुलिस फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है. 

रायपुर: चिरायु योजना बनी बच्चों के लिए वरदान, मुस्कान लौटी, माता-पिता में नई उम्मीद जागी

 रायपुर : चिरायु योजना बच्चों के लिए भी बनी वरदान तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार रायपुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों  की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता हैं, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निःशुल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल कई मासूम बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर भी फिर से मुस्कान लौटा दी है। जिले में बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।  चिरायु टीम द्वारा स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू  से पीड़ित बच्चों की जॉच खोज               कलेक्टर जशपुर के निर्देश पर चिरायु टीम जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सक्रिय रूप से जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। गंभीर बीमारी या जन्मजात विकृति पाए जाने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी चिरायु के मार्गदर्शन में विकासखंड पत्थलगांव की चिरायु टीम के द्वारा अलग-अलग स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू तथा अन्य शल्य-चिकित्सा योग्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की गई।  तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद          बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र गौटियापारा, कोतबा में जांच के दौरान 4 वर्षीय समीर खड़िया जन्मजात हृदयरोग से पीड़ित पाए गए। चिरायु टीम ने उन्हें रायपुर भेजकर निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला धनुपारा, मुड़ाबहला में 8 वर्षीय स्तुति तिर्की में जन्मजात हृदयरोग पाया गया, जिनका सफल उपचार कराया गया और आंगनबाड़ी केंद्र कार्राडांड, चिकनीपानी के 01 वर्षीय जॉन्सन टोप्पो के होंठ एवं तालू में विकृति पाए जाने पर उनका भी रायपुर में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। आज तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।  जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर श्रेष्ठ अस्पतालों में कराया जाता है उपचार           परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने उनकी पीड़ा को समझकर बच्चों का उपचार निःशुल्क कराकर उन्हें नया जीवन दिया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है। जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर आवश्यकता अनुसार बच्चों को देशभर के श्रेष्ठ अस्पतालों में भेजकर उनका उपचार कराया जाता है। बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर के इलाज का पूरा खर्च शासन         राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों  की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता है, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग की समीक्षा

हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना—जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग की समीक्षा दो वर्षों में विभाग ने गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के नए आयाम स्थापित किए विभागीय न्यूज़ लेटर और पर्यावरण से समन्वय ब्रोशर का विमोचन किया एमपीआरडीसी और एमपीबीडीसी के संचालक मंडल की बैठक संपन्न भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को साकार करते हैं। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभाग द्वारा "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को धरातल पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना का विकास ही जनकल्याण का आधार है और विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ायें। पूरे प्रदेश को समावेशित कर समग्र विकास पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा। शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाये। उन्होंने कहा कि राजमार्गों का घनत्व राष्ट्रीय स्तर के समीप ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें। प्रस्ताव में स्थानीय मांगों और सुझावों को यथोचित स्थान दिया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव क्षेत्रों के समग्र विकास अनुसार कार्ययोजना का निर्धारण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग को भी शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में पर्यावरण समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाये। सतत संवहनीय विकास के लिए सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज में भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर किया जाये। बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाये। ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक्सप्रेस-वे आधुनिक समय की मांग है। इन अधोसंरचनाओं के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं का ध्यान रखा जाये। आवश्यकतानुसार फ्लाई-ओवर, अंडर-पास, सर्विस लेन को प्रस्ताव में शामिल करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। दिसम्बर माह के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कार्यों को जून-2027 तक पूर्ण किया जाये। बैठक में बताया गया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त 12 हज़ार 212 शिकायतों में से 12 हज़ार 166 का निराकरण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकपथ ऐप में रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट किया जाये। साथ ही इसका प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि लोकपथ ऐप में आगे स्थलों के बीच की दूरी, समस्त वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ब्लैक स्पॉट, टोल का शुल्क अन्य सुविधाओं को भी मैप किया जाएगा। यह स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य के राजमार्गों में सतत संधारण सुनिश्चित किए जाये। प्रकाश, ग्रीनरी और सावधानी मार्कर्स मानक अनुसार रहें यह भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) के संचालक मंडल की बैठक हुई। एमडी एमपीआरडीसी  भरत यादव ने एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इसी प्रकार एमडी बीडीसी  सिवी चक्रवर्ती ने भवन विकास निगम के कार्यों और आगामी कार्ययोजना का विवरण दिया। बैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी  सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग, BISAG-N के माध्यम से समय सीमा का निर्धारण और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ पर्यावरण से समन्वय, वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, लोक सरोवर, सौर ऊर्जा के कार्य भी विकास कार्यों में शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति के उत्कृष्ट उपयोग पर विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, एसीएस  नीरज मंडलोई, एसीएस  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण  सुखवीर सिंह, एमडी एमपीआरडीसी  भरत यादव, एमडी बीडीसी  एमसीबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। दो वर्ष की उपलब्धियाँ              दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य का 77 हजार 268 किमी का सड़क नेटवर्क देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।              वित्तीय वर्ष 2024–25 में विभाग ने 99% तक वित्तीय लक्ष्य हासिल कर समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।              "लोक पथ" मोबाइल ऐप के माध्यम से 12,212 शिकायतों में से 12,166 शिकायतों का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की, जिससे विभाग की पारदर्शिता और जनसहभागिता मजबूत हुई।              जबलपुर में प्रदेश के सबसे लंबे 6.9 किमी के दमोह नाका–मदनमहल–मेडिकल रोड एलिवेटेड … Read more

प्रदेश के 799 पीएमश्री स्कूलों में 4.80 लाख छात्रों को मिली अध्ययन की सुविधा

प्रदेश के 799 पीएमश्री स्कूलों में 4.80 लाख विद्यार्थियों को मिली अध्ययन की सुविधा पीएमश्री स्कूल अपने क्षेत्र के स्कूलों का कर रहे हैं नेतृत्व भोपाल  प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को पीएमश्री विद्यालय के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन पीएमश्री विद्यालयों में 4 लाख 80 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पीएमश्री स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएँ, लायब्रेरी, खेल उपकरण और कला कक्ष जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कराकर इनको आधुनिक रूप दिया गया है। ये पीएमश्री स्कूल अपने क्षेत्र के अन्य स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिये नेतृत्व कर रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पीएमश्री स्कूलों में अध्ययन करने वाले छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास में दक्ष किया जा रहा है। उन्हें कॅरियर काउंसिलिंग से भविष्य में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएमश्री योजना में 124 स्कूलों में कॅरियर काउंसलर और 137 स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर नियुक्त किये गये हैं। कक्षा 9 से 12 तक के करीब 2 लाख 41 हजार बच्चों को कॅरियर विकल्प का मार्गदर्शन दिया गया है। पीएमश्री स्कूलों में सोलर पैनल, एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती, पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त परिसर, जल और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित परम्पराओं की जानकारी देते हुए हरित स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। पीएमश्री स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आईआईएम इंदौर, रायपुर और टीआईएसएस मुम्बई में शिक्षण कला की विधाओं का प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिये टीचिंग, लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार करने के लिये 544 पीएमश्री स्कूलों का चयन किया गया है। समस्त पीएमश्री स्कूलों में मैथ्स और साइंस सर्किल गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल, रचनात्मक सोच और टीम वर्क को प्रोत्साहित किया जा सके। कक्षा 6 से 12 तक के करीब एक लाख 27 हजार 300 से अधिक छात्रों के लिये एक्सपोजर विजिट आयोजित की गई। इन एक्सपोजर विजिट से बच्चों को शिक्षण से जुड़ी उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गयी है।  

राज्य में सख्ती चरम पर! पंजाब के सभी मुख्य बॉर्डर बंद, भारी पुलिस फोर्स तैनात

जालंधर/चंडीगढ़   पंजाब को सुरक्षित और शांतिपूर्ण राज्य बनाने के मकसद से मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने मंगलवार को विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सील-23’ चलाया। इस अभियान का उद्देश्य पंजाब में प्रवेश या बाहर जाने वाले सभी वाहनों की गहन जांच कर असामाजिक तत्वों, नशा तस्करों और अवैध शराब से जुड़े लोगों पर कड़ी निगरानी रखना है।   पंजाब के डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव के आदेशों पर सभी जिलों में यह एकसमान ऑपरेशन चलाया गया। सभी बॉर्डर जिलों के एस.एस.पी. को रणनीतिक स्थानों पर संयुक्त नाकाबंदी लगाने और अधिकतम पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए, ताकि गजेटेड अधिकारियों और एस.एच.ओ. की देखरेख में मजबूत नाके स्थापित किए जा सकें।   जानकारी सांझा करते हुए विशेष डी.जी.पी. (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि 10 अंतरराज्यीय सीमा जिलों— पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा में 65 एंट्री/एग्जिट प्वाइंट्स पर 600 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ समन्वित और मजबूत नाकाबंदी लगाई गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान राज्य में प्रवेश/निर्गमन कर रहे 1182 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 234 का चालान किया गया और 2 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज कर तीन व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया।    इसके साथ ही, पंजाब पुलिस ने अपने नशा विरोधी अभियान (कासो) को 283वें दिन भी जारी रखते हुए राज्यभर में 346 स्थानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में 95 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 68 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं। इस प्रकार पिछले 283 दिनों में गिरफ्तार कुल नशा तस्करों की संख्या 39,864 हो गई है। विशेष डी.जी.पी. ने बताया कि छापेमारी के दौरान 1.5 किलो हैरोइन, 429 ग्राम अफीम, 6 किलो गांजा, 21 किलो पोपी हस्क और 2.95 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। 70 गजेटेड अधिकारियों की देखरेख में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 120 से अधिक टीमों ने पूरे राज्य में कार्रवाई करते हुए 340 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई तीन-स्तरीय रणनीति एन्फोर्समैंट, डी-एडिक्शन और प्रिवैंशन (ई.डी.पी.) के तहत पंजाब पुलिस ‘डि-एडिक्शन’ अभियान को भी मजबूत कर रही है और आज 40 लोगों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया गया।

HSSC बायोमेट्रिक विवाद पर नया खुलासा, हिम्मत सिंह ने अभ्यर्थियों को दी अहम जानकारी

हरियाणा  हरियाणा CET 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान जिन अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक किसी कारण नहीं नहीं हो पाई थी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने उन अभ्यर्थियों को राहत दी है। इसको लेकर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर की है।  उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जिसमें उन्होंने लिखा कि जिन अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाया है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयोग इस विषय पर काम कर रहा है। बहुत जल्द सभी को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए निर्धारित समय के बारे में सूचना दी जाएगी। उन्होंने पोस्ट में यह भी लिखा है कि 26 एवं 27 जुलाई को संपन्न हुए CET 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान जिन अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाए थे, उन्होंने फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी क्वायरीज आयोग को भेजी हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों को कहा कि अफवाहों पर ध्यान न देने और आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।  

पंजाब में बूथ लेवल अफसर की बल्ले-बल्ले! चुनावों के दौरान ड्यूटी को लेकर आया ये बड़ा फैसला

पंजाब  पंजाब में बूथ लेवल अफसर (BLO) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब के दफ़्तर की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है। आदेश जारी करते हुए बताया गया है कि BLO को जिला परिषद और ब्लॉक समिती की चुनावों में बतौर पोलिंग स्टाफ की ड्यूटी से छूट दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कई क्षेत्रों में महिला और पुरुष BLO को इस समय वोटर सूची अपडेट, वोटर शिनाख्त कार्य, और अपने क्षेत्र से जुड़े SIR के प्री-रिवीजन व voter mapping जैसे महत्वपूर्ण काम करने पड़ रहे हैं। कई BLO के लगातार आग्रह के बाद यह फैसला लिया गया है। चुनाव दफ़्तर का कहना है कि इससे BLO को अपने नियमित चुनाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। इसी के साथ ही सभी डिप्टी कमिश्नरों-कम- जिला चुनाव अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में किसी भी BLO की ड्यूटी किसी अतिरिक्त काम के लिए न लगाई जाए। 

अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री

दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना गर्व की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री दीपावली की वैश्विक मान्यता अयोध्या की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाणः सीएम योगी यूनेस्को सूची में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की परंपरा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचानः सीएम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलित किए जाने को गर्व का पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उस उत्सव की वैश्विक पहचान है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति व परंपरा की महत्ता को विश्वपटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है। यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहाकि अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है। ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और उत्सवों को विश्व समुदाय द्वारा अपनाया जाना सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा व्यक्त की कि अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उनके अनुसार यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन है, जो समाज को एकता और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है।