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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माघ मेला संपन्न कराने की तैयारी

महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद माघ मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माघ मेला संपन्न कराने की तैयारी मुख्य सचिव ने प्रतीक चिन्ह के अनावरण, सेक्टरवार रंग योजना और अवसंरचनात्मक सुधारों पर बैठक में की चर्चा 7 सेक्टर्स और 7 पॉन्टून पुलों को 7 ऊर्जा चक्रों के रंगों से सजाया जाएगा हर क्षेत्र में माघ मेला का प्रतीक चिन्ह किया जाएगा अंकित लखनऊ  महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद अब राज्य सरकार माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण स्वरूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अभी हाल ही में मुख्य सचिव के समक्ष प्रतीक चिन्ह का अनावरण, सेक्टरवार रंग योजना और अवसंरचनात्मक सुधारों पर विशेष चर्चा हुई थी। इस बार अनुमानित है कि प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पर पवित्र स्नान करेंगे, जिनमें प्रतिदिन आने वाले लाखों कल्पवासी भी शामिल होंगे। 7 सेक्टर्स – 7 ऊर्जा चक्रों के रंग पूरा मेला क्षेत्र रंग-समन्वित थीम पर आधारित होगा। हर सेक्टर एकरूपता का अनुभव कराएगा। मेले को सुसंगत और आकर्षक रूप देने के लिए सातों सेक्टर्स और सात पॉन्टून पुलों को "सात ऊर्जा चक्रों" के अनुरूप रंगों से सजाया जाएगा। हर सेक्टर की चहारदीवारी पर 3 फुट चौड़ी सीमांकन पट्टी बनाई जाएगी, जिससे मेले का आकार दृष्टिगत रूप से स्पष्ट, व्यवस्थित और सुंदर दिखाई देगा। सभी सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश सरकार और माघ मेला-2026 का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा। चेंजिंग रूम होंगे अधिक सुविधाजनक विभिन्न घाटों पर उपलब्ध चेंजिंग रूम भी सेक्टरवार रंग योजना के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। पहले की तुलना में दोगुनी क्षमता, रंग योजनाओं से मेल खाते हुए होंगे। अब 2 यूनिट में 2 के स्थान पर 4 लोग एक साथ सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इससे भीड़ प्रबंधन अधिक सुचारू और सुविधाजनक होगा तथा मेले की एकरूपता कायम रहेगी। पॉन्टून पुलों पर बढ़ेगी सौंदर्य और सुरक्षा दोनों सातों पॉन्टून पुलों को इंद्रधनुषी सात रंगों से सजाया जाएगा। पुलों पर लगे लाइट, पोलों पर एलईडी लाइटें धार्मिक चिन्हों के साथ प्रदर्शित होंगी, जो दिन और रात दोनों समय आकर्षण का केंद्र रहेंगी। हर पुल पर रंग अनुरूप झंडे लगाए जाएंगे।यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलों पर कैनोपी का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विश्वस्तरीय अनुभव देने पर फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि माघ मेला-2026 न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक हो, बल्कि साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के मामले में भी देशभर के मेले आयोजनों के लिए एक आदर्श बने। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मेला प्रशासन श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित, आध्यात्मिक और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने में जुट गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- ‘रक्षक पाठ्यक्रम’ से छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और जिम्मेदारी में होगा सुधार

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी। यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा। क्या है रक्षक पाठ्यक्रम प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति  प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

इंडस्ट्री बूस्ट: कोरियन कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए दिखाई गहरी रुचि

मोहाली दक्षिण कोरिया दौरे के अंतिम दिन व्यापारिक नेताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब स्थिर एवं पारदर्शी शासन वाला राज्य है. तथा भविष्य के निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि पंजाब का मजबूत औद्योगिक इको-सिस्टम, विश्वसनीय और सस्ती बिजली, कुशल एवं मेहनती श्रमिक बल तथा बड़े बाजारों से सुगम संपर्क सुविधाएं इसे निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं.भगवंत मान ने दोहराया कि पंजाब का शासन मॉडल निवेशक-अनुकूल है, जो कार्य-कुशलता और कारोबारी चक्र के दौरान पूर्ण सहयोग पर आधारित है. उन्होंने कहा कि पंजाब का विज़न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दक्षिण कोरिया के साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार और परस्पर लाभकारी संबंधों से प्रेरित है. सीएम भगवंत सिंह मान ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों का स्वागत किया और कहा कि नवाचार-आधारित औद्योगिक विकास, दीर्घकालिक संबंध और परस्पर लाभकारी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और अनुसंधान क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं.   मुख्यमंत्री ने अपना विज़न किया साझा अपना विज़न साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की मजबूत आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पंजाब को साहस, मेहनत, उद्यमिता, रचनात्मकता और मजबूत सामुदायिक समझ वाली धरती के रूप में जाना जाता है. उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास, विशेष रूप से खाद्य उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक औद्योगिक, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है. मुख्यमंत्री ने राज्य के शासन एवं नियामक सुधारों को भी रेखांकित किया, जिनमें फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम शामिल है, जिसमें 173 सेवाएं, ऑटो-डीम्ड मंजूरियां, पैन-आधारित व्यवसाय पहचानकर्ता और पंजाब बिजनेस राइट्स एक्ट में संशोधन शामिल हैं, जो समयबद्ध सैद्धांतिक मंजूरियों को सक्षम बनाते हैं. उन्होंने पंजाब के औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर भी प्रकाश डाला और बताया कि 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ग्राउंड इन्वेस्टमेंट पहले ही इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से सुनिश्चित किया जा चुका है. इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनका दृष्टिकोण सरल और स्पष्ट हैनीतिगत स्थिरता, निर्णय लेने में गति और निवेशकों के समय एवं विश्वास का सम्मान करने वाली शासन प्रणाली पेश करके पंजाब को विश्व उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना. मोहाली में छठा प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट मुख्यमंत्री ने निवेशकों को 13 से 15 मार्च 2026 तक आई.एस.बी. मोहाली कैंपस में होने वाले छठे प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति को प्रदर्शित करेगा, अग्रणी उद्योगपतियों को एकत्र करेगा और साझेदारी एवं सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा. उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा बिछाए गए रेड कारपेट से उत्साहित दक्षिण कोरियाई कंपनियों ने पंजाब में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई. भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि ऐसे निवेश न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करेंगे. उन्होंने दक्षिण कोरियाई निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से हर मोर्चे पर पूर्ण समर्थन एवं सहयोग का भरोसा भी दिया और कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देना समय की जरूरत है. प्रभावशाली रहा निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने कहा कि सियोल में यह प्रभावशाली निवेश रोड शो दक्षिण कोरिया के साथ गहरी आर्थिक साझेदारी बनाने और राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए उनकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कॉर्पोरेट नेता, वित्तीय सलाहकार, अनुसंधान एवं विकास संगठन, व्यापारिक संगठन और कोरिया में भारतीय एवं पंजाबी समुदाय के सदस्यों की जोरदार भागीदारी देखने को मिली. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस रोड शो ने दक्षिण कोरिया एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों की एक विस्तृत श्रृंखला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को आकर्षित किया, जिनमें ਮਾਂ ब्लूमबर्ग, ब्रिक्स इंडिया ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, प्रमुख कानूनी फर्म किम एंड चांग एवं शिन एंड किम एल.एल.सी., कोरियन एसोसिएशन ऑफ सीनियर साइंटिस्ट्स एंड इंजीनियर्स, कोट्रा, डायंग कॉर्पोरेशन, गावोन इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड, टैगहाइव, पंजाबी एसोसिएशन ऑफ कोरिया, इनमैक ग्लोबल आदि शामिल हैं.  

उत्तर बस्तर कांकेर : लिंग आधारित हिंसा समाप्ति पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजित

उत्तर बस्तर कांकेर  कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजनांतर्गत लिंग आधारित हिंसा समाप्ति पर 16 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के अंतर्गत चारामा परियोजना के महिला कलस्टर संगठन ग्राम हल्बा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम मंे लिंग आधारित हिंसा कारण एवं दुष्प्रभाव तथा इसे समाप्त करने में हमारी भूमिका बारे में जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध विशेष अधिकारों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत शपथ भी दिलाई गई एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेन्टर, सखी निवास, शक्ति सदन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, घरेलू हिंसा, सी बॉक्स पोर्टल, पोक्सो एक्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। जागरूकता रैली के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लागाते हुए प्रचार-प्रसार किया गया। उक्त कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तेजेश्वरी सिन्हा, श्री महंत टांडिया, महिला सशक्तिरण केन्द्र (हब) से जिला मिशन समन्वयक, जेण्डर विशेषज्ञ, वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ, चाइल्ड लाइन समन्वयक, चैतन्य संस्था से जेण्डर समन्वयक, पुलिस चौकी थाना प्रभारी व टीम हल्बा एवं बिहान समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।

रंधावा बनाम सिद्धू: लीगल नोटिस के बाद बढ़ा विवाद, नवजोत कौर ने दिया पलटवार

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक एक बार फिर तेज हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से मिले लीगल नोटिस का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने सभी बयानों पर अडिग हैं और यदि रंधावा नोटिस वापस नहीं लेते तो वह स्वयं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगी। कौर ने अपने बयान में कहा कि उनकी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत आती हैं और वह विभिन्न मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।   क्या है विवाद? मंगलवार को कांग्रेस सांसद और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने कौर को लीगल नोटिस भेजा था। इसमें कहा गया कि 7 और 8 दिसंबर को कौर ने उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए खासतौर पर “पार्टी टिकट पैसे लेकर बांटे जाने” का आरोप। नोटिस में दावा किया गया कि कौर ने “बिना किसी साक्ष्य के” ये बयान दिए, जिससे रंधावा की छवि धूमिल हुई। उन्होंने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि बताया और सात दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है। माफी उसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर देने के लिए कहा गया, जहां कौर के बयान प्रकाशित हुए थे। कांग्रेस में बढ़ी हलचल, निलंबन के बाद कानूनी मोर्चा यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पंजाब कांग्रेस ने सोमवार को नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उनके विवादित “500 करोड़ कैश-फॉर-सीएम” बयान के बाद की गई। उधर, पार्टी के अन्य नेता भी उनके खिलाफ कानूनी कदम उठा रहे हैं राजबीर सिंह भुल्लर, जिलाध्यक्ष (तरनतारन), ने कौर को नोटिस भेजा है। उन पर आरोप है कि कौर ने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी करनबीर सिंह बुर्ज ने टिकट के लिए 10 करोड़ का भुगतान किया।   पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने भी उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दायर करने की तैयारी की घोषणा की है। कौर ने कथित तौर पर कहा था कि जोशी ने पार्टी में शामिल होने के लिए पैसे दिए। जोशी ने कहा, “उन्हें अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए, वरना मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।” कौर का पलटवार: 'हमारे पास पैसे नहीं, लेकिन पंजाब बदलने की क्षमता है' सोमवार को पटियाला में कौर ने कहा था कि न तो उनके पास और न ही उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू के पास कोई राजनीतिक पद खरीदने के लिए पैसा है, लेकिन वे “पंजाब को स्वर्ण नगरी बना सकते हैं”। हाल ही में उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कांग्रेस उन्हें पंजाब में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो उनके पति सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगे। पंजाब कांग्रेस में आपसी टकराव अब कानूनी मोर्चे तक पहुंच चुका है। नवजोत कौर सिद्धू जहां अपने बयानों पर कायम हैं, वहीं पार्टी के कई नेता उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है, खासकर यदि दोनों पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।

बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पासपोर्ट से फरार, भोपाल पुलिस और पासपोर्ट डिपार्टमेंट पर सवाल उठे

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो विभागों की गंभीर लापरवाही के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो बांग्लादेशियों ने पासपोर्ट बनवा लिया और फरार भी हो गए। इस मामले के सत्यापन में बड़ी चूक हुई है। अब इस मामले में पासपोर्ट डिपार्टमेंट और भोपाल पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, दूसरी तरफ अवैध पासपोर्ट बनवाने वाले दोनों आरोपियों की भी तलाश शुरू कर दी गई है। ये सनसनीखेज मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठ से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों खुद जांच करने मैदान में उतर गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में दो बांग्लादेशी किराए के मकान में रह रहे थे। दोनों ने बड़ी ही चालाकी से सबसे पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इसकी सहायता से मतदाता परिचय पत्र बनवाया गया। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों की मदद सेउन्होंने पासपोर्ट बनवा लिया और जानकारी ये भी सामने आई है कि, दोनों फरार हो गए हैं। ऐसे में अब कोलार पुलिस और पासपोर्ट विभाग में हड़कंप मच गया है। सत्यापन में चूक करने के चलते दोनों सवालों के घेरे में आ गए हैं। साइबर पुलिस और क्राइम ब्रांच में जांच में जुटी वहीं, जांच के बाद सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता के पत्र के बाद कोलार पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल, कोलर पुलिस दोनों बांग्लादेशियों की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है। पुलिस के आला अफसर भी बारीकी से जांच पड़ताल में जुट गए हैं। साइबर पुलिस और क्राइम ब्रांच की भी सहायता ली जा रही है।

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में नई सुविधा: न्यूरोसर्जन, यूरो सर्जन और नेफ्रोलॉजी डॉक्टर उपलब्ध

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के तरक्की और सुशासन के सफर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार लगातार हो रहा है। इसी दिशा में स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में दिवंगत अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन के द्वारा किए गए प्रयासो के उपरांत शहर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ नितीश नायक ,यूरोसर्जन डॉ के.डी. खरे एवं नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मीना पटेल सप्ताह में एक दिन चिकित्सा परामर्श देकर इलाज करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति को रायगढ़ मेडिकल कालेज में आने वाले मरीजों के लिए लाभदायक बताया है। उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि लोगों को उनके शहरों और गांवों के आसपास ही बेहतर और उच्च चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों ताकि उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी न तय करनी पड़े और त्वरित तथा बेहतर इलाज से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिले। अस्पताल अधीक्षक डॉ एम. के. मिंज ने बताया कि न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन),प्रत्येक मंगलवार प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक , यूरो सर्जन डॉ  के.डी. खरे  (मूत्ररोग विशेषज्ञ) शुक्रवार को चिकित्सालय के भूतल में सर्जरी विभाग की ओ.पी .डी .कक्ष क्रमांक 01 में और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ मीना पटेल (किडनी/गुर्दा रोग विशेषज्ञ) चिकित्सालय के प्रथम तल में मेडिसिन विभाग के ओ. पी.डी. कक्ष क्रमांक 01 में सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार प्रातः (सुबह )10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक  चिकित्सा परामर्श के लिए उपलब्ध रहेगे। इसका लाभ रायगढ़ अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों के संबंधित मरीजों को मिलेगा। इससे इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। डॉ. नितीश नायक न्यूरोसर्जन (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन "मस्तिष्क की गांठ,  ब्रेन ट्यूमर,स्पाइनल इंज्यूरी,साईटिका, मस्तिष्क की गंभीर चोट, दिमाग का इन्फेक्शन होना, रक्त का थक्का (स्ट्रोक), कमर दर्द, लकवा की बीमारी, रीढ़ की हड्डी का दर्द, मांसपेशी (नसों) के दर्द चलने में कठिनाई, मांसपेशी का कमजोर होना, सिरदर्द, हाथ पांव में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी होना और मिर्गी चक्कर आना आदि गंभीर बीमारियों का परामर्श देकर इलाज करेंगे।

पन्ना में चमकते हीरे की खोज, 15.34 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा निकला, कीमत चौंका देने वाली

पन्ना मध्यप्रदेश की हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर सुर्खियों में है। कृष्णा कल्याणपुर ग्राम की एक निजी खदान से 15.34 कैरेट वजन का उच्च गुणवत्ता वाला जेम्स क्वालिटी हीरा निकला है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस हीरे की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिसे इस साल की अब तक की सबसे बड़ी खोज माना जा रहा है। खदान संचालक सतीश खटीक ने बताया कि उन्होंने 20 दिन पहले खुदाई शुरू की थी। मंगलवार को नियमित कार्य के दौरान जमीन के भीतर चमकता हुआ पत्थर नजर आया।  जांच में वह उच्च श्रेणी का हीरा निकला। खदान के दो पार्टनर हैं और दोनों की दो-दो बहनें हैं। सतीश का कहना है कि इस हीरे की नीलामी से मिलने वाली राशि परिवारिक ज़रूरतों और बहनों की शादी में खर्च की जाएगी। नियमानुसार हीरे को पन्ना जिला हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है।  अब विशेषज्ञों द्वारा इसका औपचारिक मूल्यांकन किया जाएगा और नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों के मुताबिक यह हीरा इस वर्ष का सबसे बड़ा और सबसे बेहतरीन हीरा है। इस खोज से स्थानीय खनिकों और क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद और उत्साह भर गया है। पन्ना की धरती पहले भी कई दुर्लभ और विशाल हीरे दे चुकी है, और यह नई खोज एक बार फिर साबित करती है कि यहां की मिट्टी में छिपी चमक पूरी दुनिया को चकित कर सकती है। 

वाराणसी में 800 करोड़ की लागत से शुरू होगी रोप कार सेवा, श्रद्धालु सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे

वाराणसी     उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक तीर्थयात्रियों को ले जाने के लिए रोप कार सर्विस के लिए काम चल रहा है. यह सर्विस मई 2026 तक शुरू हो जाएगी. एजेंसी के मुताबिक, एक बड़े सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है. वाराणसी डिविजनल कमिश्नर एस राजलिंगम ने कहा कि 800 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हो रही यह सर्विस शहर के अंदर चलने वाली भारत की पहली सर्विस मानी जा रही है. उन्होंने कहा, "हम इसे मई 2026 तक चालू करने की योजना बना रहे हैं. अभी काम चल रहा है." रोप कार सर्विस के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी शहर के कई दौरों के बाद लिया गया, जिससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाया जा सके. PM मोदी तीसरी बार वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं. हर दिन 5 हजार लोग… राजलिंगम ने एजेंसी को बताया, "कुल 60,000 करोड़ रुपये में से 40,000 करोड़ रुपये शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए दिए गए हैं. इस प्लान (रोप कार) के पीछे वजह यह है कि पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में हर दिन 5,000 लोग आते थे. लेकिन आज यह तादाद करीब दो लाख है, यह रोप कार सर्विस भी शहर के मॉडर्नाइजेशन प्लान का हिस्सा है." उन्होंने कहा कि वाराणसी में करीब 42 लाख लोग रहते हैं. राजलिंगम तमिलनाडु के तेनकासी के कदयानल्लूर के रहने वाले हैं और उन्होंने अप्रैल 2025 में वाराणसी के डिविजनल कमिश्नर का चार्ज संभाला था.  रेलवे स्टेशन से 20 मिनट में मंदिर… सड़कें पतली होने और इलाके 'घने इलाके' बनने की वजह से, शहर के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट मुमकिन नहीं था. इसलिए, उन्होंने कहा कि रोप कार सर्विस शुरू करने का फैसला किया गया. उन्होंने कहा, "यह पहली रोप कार सर्विस होगी, जो शहर के अंदर 4 किलोमीटर के हिस्से में चलेगी. रेलवे स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक का सफर करीब 15-20 मिनट का होने की उम्मीद है." उन्होंने कहा, "हम हर शख्स के लिए टिकट की कीमत 50 रुपये या 100 रुपये तय करने की उम्मीद कर रहे हैं. हर गंडोला (लोगों को ले जाने के लिए एरियल केबल कार) में करीब 10 लोग बैठ सकेंगे. हम रोप कार सर्विस में करीब 148 गंडोला लगाने की प्लानिंग कर रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "एक बार रोप कार चालू हो जाने के बाद, हमें उम्मीद है कि हर दिन 1 लाख लोग इसमें सफर कर पाएंगे." एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि इस साल जिला प्रशासन को शहर में करीब 7 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है. 2024 में, यह संख्या 6.5 करोड़ थी. राजलिंगम ने कहा कि पानी के रास्तों का इस्तेमाल करके ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ाने की भी योजना है. हमने ड्रेजिंग का काम शुरू कर दिया है, हमने पानी के रास्तों के किनारे आठ कम्युनिटी जेटी भी लगाई हैं. राजलिंगम ने कहा कि इनलैंड वॉटरवेज़ को मज़बूत करने के लिए, एडमिनिस्ट्रेशन ने गंगा नदी पर नावों का इस्तेमाल भी बढ़ाया है. पहले 600 नावें चलती थीं, लेकिन आज हम जनता की सेवा के लिए करीब 2,000 नावें चला रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और अब ज़रूरी रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं.  

रायपुर : किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-ओरछा के किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ नौ लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 30 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।