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गाय को चिकन मोमोज खिलाने वाला यूट्यूबर गुरुग्राम में गिरफ्तार, पैसों के लालच में किया था काम

गुरुग्राम गुरुग्राम में गाय को चिकन मोमोज खिलाते वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी यूट्यूबर को पकड़ लिया गया है। हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पहले पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी युवक का कहना है कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था और पैसों का लालच देकर गाय को मांस खिलाने को कहा था। लड़के ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और आगे ऐसा नहीं करने की बात कही। पुलिस ने उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान 28 साल के ऋतिक चंदाना के रूप में हुई है जो न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। चंदाना कई सोशल मीडिया चैनल्स चलाता है। उसके पिता दुकान चलाते हैं और मां एक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। डीयू से पढ़ाई इंग्लिश ऑनर्स में बीए करने वाले आरोपी का कहना है कि उसे ऐसा करने के लिए लालच दिया गया था। जानकारी के अनुसार आरोपी 2 दिसंबर को सेक्टर-56 स्थित हुड्डा मार्केट में रेहड़ी पर चिकन मोमोज खा रहा था। उसने कुछ मोमोज खाए और बाकी वहां खड़ी एक गाय को खिला दिए। उसने इसका वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए और उन्होंने आरोपी युवक की पहचान कर सोमवार को न्यू कॉलोनी से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी युवक को सेक्टर-56 थाने में लेकर गए और शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने फॉलोअर्स के कहने पर और पैसे के लालच में आकर जानवर को चिकन मोमोज खिलाए थे। जांच अधिकारी इंद्र ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी को शामिल जांच कर जमानत पर छोड़ दिया गया है। आरोपी युवक ने पकड़े जाने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था। उसको पैसों का लालच देकर ऐसा करने को कहा गया था। पुलिस लड़के के आरोपों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सच में उसे किसी ने ऐसा निर्देश दिया था।

वैष्णोदेवी से खाटूश्याम जा रहे श्रद्धालुओं की बस की ट्रक से टक्कर, 4 मरे, 28 घायल

 सीकर जयपुर-बीकानेर नेशनल हाइवे पर मंगलवार देर रात वो मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। फतेहपुर के पास रात 10:40 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्लीपर बस को ऐसी टक्कर मारी कि बस के परखच्चे चारों ओर फैल गए। जोरदार धमाका होते ही खिड़कियों से उड़ती कांच की बौछार और मेटल के तीखे टुकड़ों ने यात्रियों को चीरकर रख दिया। चीखों और कराहों से पूरा हाईवे गूंज उठा। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे—सभी गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते हुए वे खाटूश्यामजी जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में सड़क पर मौत उनका इंतजार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीकानेर की ओर से आ रही बस अपनी लेन में थी, जबकि झुंझुनूं से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सीधे बस के केबिन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। पहले हिस्से में बैठे यात्री और बस स्टाफ बुरी तरह दब गए। कई घायलों के शरीर में कांच और मेटल के बड़े-बड़े टुकड़े धँस गए। हादसे का शोर सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, लेकिन उन्हें सिर्फ मलबा, खून और चीखें नजर आ रही थीं। हादसे के तुरंत बाद तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई—मयंक, बस ड्राइवर कमलेश और एक अज्ञात यात्री। कंडक्टर मितेश को गंभीर हाल में सीकर से जयपुर रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बस में सवार 28 लोग घायल हुए। इनमें 15 को गंभीर हालत में सीकर भेजा गया। सबसे ज्यादा गंभीर—अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन, आशीष पुत्र रामलाल। इसके अलावा निलेश, सुहानी, कर्मल बेन, जमवंत, सुदा बेन, अर्जुन, अमित, शीला बेन को भी सीकर रेफर किया गया। इनमें 2-3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। 13 अन्य घायलों का फतेहपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। एंबुलेंस ड्राइवर भीम सिंह बताते हैं रात 10:30 बजे कॉल आया। पहुंचा तो लोग बस के अंदर फंसे हुए थे। चारों तरफ खून था। किसी की चीख, किसी की सिसकी… समझ नहीं आ रहा था किसे पहले निकालें। तुरंत आसपास की सभी 108 एंबुलेंस को बुलाया। स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। ये नज़ारा जिंदगी भर याद रहेगा।” बस के आगे का हिस्सा इस कदर दब चुका था कि यात्रियों को गैस कटर से निकालना पड़ा। कई घायल खून से लथपथ सड़क पर पड़े कराह रहे थे। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया हादसा बहुत भयानक था। 3 लोगों की मौके पर मौत हुई थी। बाद में गंभीर घायलों में एक और ने दम तोड़ा। 15 घायलों को सीकर रेफर किया गया है।

सागर में पुलिस वैन और कंटेनर की भिड़ंत, बालाघाट से लौट रहे मुरैना के 4 पुलिसकर्मियों की मौत

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले में आज यानी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी खत्म कर मुरैना से लौट रहे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के पांच जवान एक ट्रक से टकरा गए। जिसमें 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। बता दें कि यह हादसा NH-44 पर बांदरी मालथौन के पास हुआ। थाना प्रभारी समेर जगत के अनुसार, मुरैना से ड्यूटी पर जा रहे जवानों का पुलिस वाहन एक तेज रफ्तार कंटेनर से जोरदार टक्कर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक ये बम एंड डॉग स्क्वॉड की टीम है, जो मध्य प्रदेश (MP News) के बालाघाट से सुरक्षा जांच के लिए तैनात थी। ड्यूटी के बाद ये वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन की ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।  मृतकों और घायल की पहचान हुई अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कांस्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कांस्टेबल अमन कौरव, ड्राइवर परमलाल तोमर (सभी मोरेना निवासी) और डॉग मास्टर विनोद शर्मा (भिंड निवासी) के रूप में हुई है। हादसे में कांस्टेबल राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज भोपाल के बंसल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हादसे के दौरान पुलिस के वाहन में मौजूद एक डॉग पूरी तरह सुरक्षित है। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीएम मोहन यादव ने जताया शोक सीएम मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर X पर शोक व्यक्त किया और लिखा कि आज सागर जिले में सुबह नक्सल विरोधी अभियान से ड्यूटी कर लौट रहे 4 पुलिसकर्मियों का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन होने का समाचार हृदयविदारक है। हादसे में दिवंगत पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जेसीबी से बॉडी काटकर निकाले शव कंटेनर और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि ड्राइवर और जवान गाड़ी के अंदर ही फंस गए। पुलिस वाहन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जेसीबी की मदद से वाहन काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों का पंचनामा बनाकर बांदरी अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान जवान प्रद्युमन दीक्षित, अमन कौरव और ड्राइवर परमलाल तोमर (तीनों मुरैना निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, चौथे मृतक डॉग मास्टर विनोद शर्मा भिंड के निवासी थे। हादसे में आरक्षक राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया

 रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हीराबाई झरेका बघेल राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं     रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली धातुकला शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धातुकला परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए उनकी सराहनीय सेवा का प्रतीक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प समारोह में देश भर के हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की, इस मौके पर राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थीं।     पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और धातुकला क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनका यह कार्य न केवल हमारी कला को संरक्षित करता है, बल्कि नये कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।      श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका की अद्भुत सफलता पर छत्तीसगढ़ सरकार और संस्कृति विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन। हमारे कलाकारों की उत्कृष्टता और उनका समर्पण ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है। संस्कृति विभाग निरंतर प्रयासरत है कि वह धातुकला के शिल्पियों एवं कलाकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं उचित मंच प्रदान करे, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत करें।     संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के कौशल संवर्धन के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, वित्तीय सहायता एवं प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है, जिससे कि वे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें।  विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के धातुकला एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को संरक्षित करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। श्रीमती हीराबाई झरेका को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त होने से न केवल छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि यह पूरे प्रदेश के शिल्पकारों के लिए एक नई प्रेरणा भी बनी हैं।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर मुकदमा, विवादित बयान के बाद हिंदू महासभा की नेत्री ने की थी शिकायत

 मथुरा    वृंदावन के मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महिलाओं पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है. अब इस मामले में 1 जनवरी को अदालत में वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे कथावाचक की परेशानी और बढ़ सकती है. आपको बता दें कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विरुद्ध परिवाद दर्ज किया गया है. मथुरा के सीजेएम कोर्ट में यह कार्रवाई हुई है. हाल ही में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले में यह शिकायत दायर हुई है. अखिल भारतीय हिंदू महासभा आगरा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने याचिका दाखिल की थी. अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथावाचक ने बेटियों पर टिप्पणी की थी. याचिका को स्वीकार करते हुए सीजेएम अदालत ने परिवाद दर्ज किया है. अनिरुद्धाचार्य ने अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में यह विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि आजकल की बेटियों की शादी 25 वर्ष में होती है, तब तक वे 'कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं'. यह बयान सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था और यह मामला तुरंत तूल पकड़ गया था. इस मामले को लेकर शुरुआत में थाना वृंदावन कोतवाली में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था. इसके बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने सीधे सीजेएम की कोर्ट में याचिका दाखिल की. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे स्वीकार किया और अब कथावाचक के खिलाफ परिवाद दर्ज हो चुका है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.  

नगर निगम की बड़ी राहत: लोक अदालत में 100% अधिभार माफी, 50 हजार+ बकाया वालों के लिए मौका

भोपाल 13 दिसंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में नगर निगम अपने संपत्तिकर और जलदर के बकायादारों को अधिभार में छूट देगा। ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार की राशि 50 हजार रुपये बकाया है उन्हें केवल अधिभार में 100 फीसद की छूट दी जाएगी। 50 हजार से अधिक एवं एक लाख रुपये तक बकाया राशि पर केवल अधिभार में 50 फीसद तक की छूट और एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 फीसद की छूट दी जाएगी।   छूट प्राप्त करने के उपरांत अधिकतम दो किस्तों में राशि जमा कराई जाएगी और लोक अदालत के दिन कम से कम 50 फीसद राशि जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। छूट केवल 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के लिए ही मान्य होगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नेशनल लोक अदालत शिविरों के लिए व्यापक तैयारियां तय करने और देयक मांग पत्र तामील कराने एवं नेशनल लोक अदालत शिविर आयोजन का प्रचार-प्रसार कर संपत्तिकर, जलउपभोक्ता प्रभार आदि के बकायादारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने करों की वसूली एवं करदाताओं को दी जाने वाली रसीद उपलब्ध कराने के दृष्टिगत निर्देशित किया कि सभी वार्डों में अतिरिक्त हैंड हेल्ड डिवाईज मशीन, आपरेटर सहित कम्प्यूटर्स आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

रायपुर: ग्रामीण बस योजना को जीवनरेखा बताते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने की सराहना

रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’ 24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना – ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’ बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती– उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित उप मुख्यमंत्री ने की स्कूल भवन, सायकल स्टैंड, समतलीकरण, सीसी रोड, मुरमीकरण, मंच निर्माण की घोषणा  रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला आज शहर से लेकर गाँव तक चौमुखी विकास कर रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम कोको में 2 करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से 4.30 किमी लंबे मोहगांव–छांटा–कोको सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया।         यह सड़क केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। वर्षों से सड़क संपर्क के अभाव में रहे ग्रामीणों के लिए यह निर्माण नई उम्मीद, नया अवसर और नया भविष्य लेकर आएगा। ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री  शर्मा से आग्रह किया था, जिसे उन्होंने प्राथमिकता देते हुए मंजूरी प्रदान की। आज भूमि पूजन के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा करते हुए स्कूल परिसर के समतलीकरण के लिए 3.50 लाख रुपए, सी सी रोड के लिए 2.60 लाख रुपए, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मंच निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, सहकारी समिति पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड निर्माण, छांटा–कोको मार्ग के बीच मुरमीकरण के लिए 5 लाख रुपए,  विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।       उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है और यह परियोजना स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इस सड़क के बनने से मोहगांव–छांटा–कोको गांव के हजारों ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा। आवागमन में सुविधा होगी। बेहतर सड़कों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार के नए अवसर साकार होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों में बेहतर सड़कें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

रायपुर: एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाई गई

रायपुर : एग्रीस्टैक पोर्टल में अब पंजीयन 15 दिसंबर तक डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और छुटे हुए किसान करा सकेंगे पंजीयन कृषि मंत्री  रामविचार के निर्देश पर हुई पंजीयन की तिथि में वृद्धि रायपुर किसान अपने रकबे और फसल आदि के बारे में जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल में अब 15 दिसम्बर तक दर्ज करा सकेंगे। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समिति लॉगिन की सुविधा के लिए सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। साथ ही कैरीफारवर्ड, डूबान-वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन सुविधा के दृष्टिगत रखते हुए पंजीयन की तारीख को 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है।      गौरतलब है कि कृषि मंत्री  राम विचार नेताम द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन को लेकर आ रही विभिन्न दिक्कतों के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र में एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलदारों एवं समितियों अंतर्गत कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है। एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, संचालनालय कृषि एवं एन.आई.सी. के समन्वय से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए।      गौरतलब है कि कुछ जिलों में पंजीयन विवरण में कुछ कृषकों के खसरों में एकीकृत किसान पोर्टल में फसल प्रविष्टि प्रदर्शित नहीं होने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया गया था कि इसे सुधारने का विकल्प एकीकृत किसान पोर्टल के आईडी में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार पंजीकृत कृषकों के फौत होने के पश्चात उनके वारिसानों हेतु वारिसान पंजीयन का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरें का डाटा एग्रीस्टैक से नही मिलने की समस्या आ रही थी। इस समस्या के निराकरण के लिए कृषि विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। 

संशोधित समय-सारणी के साथ सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष पुनरीक्षण की घोषणा

सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग ने सेवा मतदाताओं (Service Voters) से संबंधित निर्वाचन सूची के अंतिम भाग की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर किया जा रहा है। आयोग ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 04 नवंबर 2025) को निरस्त करते हुए नई समय-सारणी अधिसूचित की है, जिसे देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा, जिनमें अंडमान एवं निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। नई संशोधित समय-सारणी इस प्रकार है 1. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का प्रारंभिक प्रकाशन तारीख: 16 दिसंबर 2025 2. रिकॉर्ड/कमांडिंग अधिकारियों द्वारा फ़ॉर्म प्राप्त करने, सत्यापन, स्कैनिंग और XML फ़ाइल तैयार व अपलोड करने की अवधि अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक 3. हस्ताक्षरित एवं सत्यापित फ़ॉर्मों तथा XML फ़ाइलों का निपटान अधूरे फ़ॉर्म और XML फ़ाइलें वापस की जाएंगी संशोधित फ़ॉर्मों का पुनः प्रेषण अंतिम आदेश ERO द्वारा जारी अंतिम तिथि: 7 फरवरी 2026 4. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का अंतिम प्रकाशन तारीख: 14 फरवरी 2026 चुनाव आयोग ने सभी संबंधित मंत्रालयों—रक्षा, गृह, विदेश मंत्रालय—तथा सीमा सड़क संगठन और संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संशोधित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सचिव  पवन दीवान ने बताया कि यह कदम सेवा मतदाताओं के अद्यतन एवं सटीक पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि आगामी चुनावों में उनकी सहभागिता सुगम और व्यवस्थित रहे।