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वंदे भारत के सामने प्रदर्शनकारियों का धरना, घंटों रुकी ट्रेन—पंजाब में गर्मा गया माहौल

बठिंडा बठिंडा के नजदीक गोनियाना रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन को पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। वंदे भारत की वजह से पैसेंजर ट्रेन लेट होने से भड़के यात्रियों ने उस पटरी पर धरना लगा दिया जिस पर वंदे भारत आने वाली थी। इस स्थिति को देखते हुए वंदे भारत को गोनियाना से कुछ पीछे ही रोक दिया गया। गाड़ी रुकने की सूचना मिलने पर बठिंडा व कोटकपूरा से आर.पी.एफ. पुलिस बल हरकत में आए व उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों को रेलवे लाइनों से हटाया। इसके बाद पहले पैसेंजर गाड़ी को रवाना किया गया जबकि उसके बाद करीब 17 मिनट की देरी से वंदे भारत को रवाना किया गया।  पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि वह लोग दूर-दराज से अपने कामों के लिए हर रोज बठिंडा आते हैं लेकिन वंदे भारत तथा पैसेंजर की टाइमिंग एक ही होने के कारण पैसेंजर गाड़ी को रोक दिया जाता है। वंदे भारत के गुजरने के बाद उनकी गाड़ी को रवाना किया जाता है। इस कारण वह लोग अपने कामों पर समय से नहीं पहुंच पाते व हर रोज लेट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज भी वंदे भारत को रास्ता देने के लिए पैसेंजर रोकी गई जिससे यात्री भड़क गए। उन्होंने रेलवे लाइन पर रोष प्रदर्शन किया जिस कारण वंदे भारत को रोकना पड़ा। आर.पी.एफ. के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों ने रेलवे लाइनों पर प्रदर्शन करके वंदे भारत को रोका है उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वायरल हुए वीडियो में से लोगों की पहचान की जा रही है जिनके खिलाफ जी.आर.पी. द्वारा केस दर्ज किया जाएगा। 

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर छुईखदान में हर माह 07 तारीख को रोजगार दिवस, आजीविका डबरी से आय बढ़ाने की पहल ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहा रोजगार दिवस — जियोफेंसिंग व e-KYC पर जोर रायपुर  खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड की सभी 107 ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 07 तारीख को मनरेगा आधारित रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। वनांचल से मैदानी पंचायतों तक आयोजित हो रहे इन शिविरों में मनरेगा से जुड़े दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और अधिकारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तथा जॉब कार्डधारियों को दी जा रही है। रोजगार सहायक मौके पर ही मनरेगा में संधारित सात रजिस्टर व वर्क/केस फाइल प्रस्तुत करते हैं, साथ ही जॉब कार्ड प्रविष्टियों को अद्यतन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक श्रमिक तक तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी पहुंचे। ग्रामीणों को नए परिवारों का पंजीयन, जॉब कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने, अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मातृत्व भत्ता, क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न लाभों के बारे में भी स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है। इस वर्ष रोजगार दिवस की विशेष पहल के रूप में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली को जोड़ा गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर मनरेगा योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी—जैसे पिछले वर्षों के श्रमिक बजट, स्वीकृत कार्य, लागत, व्यय और प्रगति—एक ही स्थान पर देख सकता है। यह व्यवस्था न केवल जानकारी को सुलभ बना रही है, बल्कि योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी दृढ़ कर रही है। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को केवल जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें आजीविका उन्नयन की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत राज मिस्त्री सहित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें और मनरेगा श्रमिक से कुशल श्रमिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान मछली पालन और पूरक कृषि गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रमिक बजट का निर्माण युक्तधारा के माध्यम से किया जा चुका है। परिसंपत्तियों के जियो टैगिंग कार्य को अब जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए लागू किया जाएगा, साथ ही e-KYC के महत्व की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहा यह रोजगार दिवस ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ने और सतत आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

वीडियो कॉल पर खुली ठगों की पोल—पुलिस दिखते ही मिनटों में काटा फोन

जबलपुर स्कूल से सेवानिवृत्त प्राचार्य सायबर ठगी का शिकार होने से बच गई। ठगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य और उनके बुजुर्ग पति को तीन दिन तक डिजिटल अरेंस्ट में रखा। आरोपितों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले से नाम जोड़कर दंपत्ति को डराया। ठग एटीएस अफसर बनकर मोबाइल पर वीडियो काॅल पर बात कर रहे थे। उनका आरोप था कि दंपत्ति के खाते में पुलवामा हमले के लिए हुई फंडिंग के 70 लाख रुपये आए हैं। फर्जी अफसरों ने दंपंति को एकाउंट को सेनेटाइज करने और पूरी रकम आरबीआई के एकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा।   महिला मंगलवार को रकम ट्रांसफर करने घर से निकली, लेकिन अ​धिवक्ता के पास पहुंच गई। अधिवक्ता उन्हें पुलिस के पास लेकर पहुंचे। फिर पुलिस के साथ घर लौटे, तो देखा कि आरोपित वीडियो काॅल पर थे। जैसे ही असल पुलिस अफसर ने बात की, तो आरोपितों ने फोन कट कर दिया। यह घटना बाई का बगीचा इलाके मे हुई। पुलिस एकाउंट नम्बर और फोन नंबर के आधार पर आरोपितों की जानकारी जुटाने में लगी है।   वीडियो काॅल में बताया एटीएस के अफसर     बाई का बगीचा निवासी अमिता ग्रेब्रियल (63) स्कूल से सेवानिवृत्त प्राचार्य है। वे अपने पति एंथोनी ग्रेब्रियल (65) के साथ रहती है। उनके बच्चे विदेश में है।     छह दिसम्बर की सुबह उनके फोन पर वीडियो काॅल आया। अमिता ने काल उठाया । बात करने वाले ने खुद को एटीएस (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड) का अफसर बताया।     धमकाया कि पुलवामा आतंकी हमले में 70 करोड़ रुपए की रा​शि का लेनदेन करने की बात कही। इसमें से 10 प्रतिशत याने 70 लाख उनके एकांउंट में आए थे। अमिता घबरा गई।     इसके बाद आरोपियों ने घर के ​खिड़की दरवाजे बंद कराए। पर्दे लगवाए और कहा कि वे डिलीटल अरेस्ट हो गए है। कहीं भी आने-जाने और किसी से भी बातचीत पर रोक लगा दी।     आरोपियों ने गिरफ्तारी वारंट समेत अन्य फर्जी दस्तावेज अमिता को भेजा। उन्हें सिग्नल नाम के एक ऐप में जोड़ा, जिसमें फर्जी एटीएस अफसर जुड़े थे। एकाउंट नम्बर दिया, घर से निकलीं, कागज में लिखकर बताया आरोपियों ने अमिता को सोमवार को एक एकाउंट नम्बर दिया। कहा कि वह आरबीआई का एकाउंट है। पूरे 70 लाख रुपए उसमें ट्रांसफर करें। वरना जेल जाना पड़ सकता है। अमिता घबराई हुई घर से निकलीं। पति वीडियोकॉल पर ही थे। अमिता सीधे अ​धिवक्ता अनिल मिश्रा के पास पहुंची। उनका फोन चालू था। तब अमिता ने कागज में लिखकर अ​धिवक्ता को आपबीती बताई।   अ​धिवक्ता अमिता को लेकर एसपी आफिस में एएसपी क्राइम ब्रांच जितेन्द्र सिंह के पास पहुंचे। महिला घबराई हुई थी। पूरी बात बताई। इसके बाद वे महिला के साथ उनके घर पहुंचे। जहां पति वीडियोकॉल पर ही थे। एएसपी ने पहले रिश्तेदार बनकर बातचीत की। आरोपी रुपए मांगते रहे, तब उन्होने बताया कि वे एएसी बोल रहे हैं, तो कॉल डिस्कनेक्ट हो गया और दंप​त्ति ठगी का ​शिकार होने से बच गए।

प्रदेश ने रचा विद्युत आपूर्ति का नया इतिहासः ऊर्जा मंत्री तोमर

विद्युत कंपनियों ने सफलतापूर्वक हेंडल किया आज तक की सर्वाधिक मांग 18971 मेगावॉट भोपाल मध्यप्रदेश ने विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि 9 दिसम्बर 2025 को सुबह 10:50 बजे प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 18,971 मेगावॉट विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड 20 दिसम्बर 2024 को 18,913 मेगावॉट का था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों एवं विद्युत कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड कर्मचारियों की सतत मेहनत, तकनीकी दक्षता और निष्ठा का प्रतिफल है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अधिकतम मांग के दौरान प्रदेश के पॉवर हाउसों, ट्रांसमिशन लाइनों और सब स्टेशनों के माध्यम से निर्वाध, सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे कहीं भी व्यवधान की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्युत तंत्र की मजबूती, बेहतर नियोजन और सक्षम प्रणाली का सशक्त प्रमाण है। एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप सचान ने बताया कि अधिकतम मांग के समय मध्य क्षेत्र में 5925 मेगावॉट, पूर्व क्षेत्र में 5057 मेगावॉट, पश्चिम क्षेत्र में 7560 मेगावॉट तथा अन्य श्रेणियों (रेलवे, सेज आदि) में 429 मेगावॉट की विद्युत आपूर्ति की गई। कैसे हुई आपूर्ति ताप विद्युत -3872 मेगावाट। जल विद्युत-387मेगावाट। नव करणीय -1792 मेगावाट। अन्य स्रोत(एन टी पी सी सहित) -12920 मेगावाट। 

चुनाव सुधार पर मायावती की दो टूक: SIR बढ़े, बैलेट पेपर फिर शुरू हों

लखनऊ  संसद में चुनाव सुधार पर जारी चर्चा के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है। पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वर्तमान समय-सीमा बेहद कम है, जिससे बीएलओ पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है और इससे वैध मतदाताओं, विशेषकर गरीब और प्रवासी मजदूरों, के नाम मतदाता सूची से छूटने का जोखिम बढ़ गया है।  मायावती ने कहा कि जहां करोड़ों मतदाता हैं, वहां एसआईआर प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा करने का प्रयास उचित नहीं है, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां 15.40 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और निकट भविष्य में कोई चुनाव भी निर्धारित नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि जल्दबाजी के चलते अनेक वैध मतदाता—जो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक मतदान अधिकार के पात्र हैं—सूची से वंचित हो सकते हैं, जो पूर्णतः अनुचित है, इसलिए एसआईआर की समय-सीमा को अवश्य बढ़ाया जाना चाहिए। मायावती ने आपराधिक मामलों के खुलासे से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रत्याशी को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा विवरण हलफनामे और स्थानीय अखबारों में प्रकाशित करना होता है, जबकि पार्टी को भी वही जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रत्याशी अपना आपराधिक इतिहास पार्टी से छुपा लेते हैं और यह जानकारी स्क्रूटनी के दौरान सामने आती है, जिससे अनावश्यक दायित्व पार्टी पर आ जाता है। पार्टी ने सुझाव दिया है कि आपराधिक मामलों के संबंध में सभी औपचारिकताओं की जिम्मेदारी सीधे प्रत्याशी पर ही डाली जानी चाहिए, न कि राजनीतिक दलों पर। अगर कोई प्रत्याशी अपने आपराधिक मामले छुपाता है, तो उससे जुड़ी सभी कानूनी जिम्मेदारियां भी उसी पर तय हों, पार्टी पर नहीं। ईवीएम को लेकर उठने वाले संदेहों पर भी बीएसपी मुखिया ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए अब ईवीएम की जगह फिर से बैलेट पेपर द्वारा मतदान कराया जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश यह त्वरित रूप से संभव न हो, तो कम से कम हर बूथ पर वीवीपैट की सभी पर्चियों की गिनती कर उसे ईवीएम के आंकड़ों से मिलान किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के उस तर्क को भी खारिज किया कि इससे समय अधिक लगेगा। मायावती ने कहा कि जब पूरे चुनाव की प्रक्रिया महीनों चलती है, तो कुछ अतिरिक्त घंटे गिनती में लगने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे जनता का चुनाव व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और चुनावी प्रक्रिया पर उठने वाले संदेहों का अंत होगा, जो देशहित में है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मप्र के भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को किया सम्मानित

भोपाल  मध्यप्रदेश की पारंपरिक जनजातीय भरेवा शिल्प कला की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भरेवा शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि हाल में भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग भी मिला है। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे। क्या है भरेवा स्थानीय बोली में अरेवा का मतलब है भरने वाले। भरेवा कलाकार गोंड जनजाति की एक उप-जाति से संबंधित हैं, जो पूरे भारत में, खासकर मध्य भारत में फैली हुई है। धातु ढलाई का कौशल एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता रहता है। भरेवा धातु शिल्प की परंपरा गोंड आदिवासी समुदाय के रीति-रिवार्जा और परंपराओं के समानांतर चलती है। यह परंपरा और रीति-रिवाज का मिश्रण है। भरेवा कारीगर देवताओं की प्रतीकात्मक छवियों को जानते हैं। वे गहने भी बनाते हैं जैसे अंगूठियां और कटार, जो गोंड परिवारों में शादी की रस्मों के लिए जरूरी है। कुछ गहने विशेष रूप से आध्यात्मिक प्रमुखों या तांत्रिकों के लिए बनाए जाते हैं जैसे कलाईबंद और बाजूबंद। कंगन की विशेष कारीगरी देखते ही बनती है। इसके अलावा, सजावटी कलाकृतियों और उपयोग की वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे बैलगाड़ियां, मोर के आकार के दीपक, घंटियां और घुंघरु, दर्पण के फ्रेम कुछ कलाकृतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिल्प बाजार में पहचान बनाई है। भरेवा लोगों की आबादी मुख्य रूप से बैतूल जिले के कुछ इलाकों में केंद्रित है। जो राजधानी भोपाल से लगभग 180 किमी दूर है। श्री बलदेव ने भरेवा कारीगरों की घटती संख्या में बढ़ोतरी की है। उन्होंने अपनी लगन से बैतूल के टिगरिया गांव को शिल्प ग्राम बना दिया है। अब भरेवा परिवार इस अनोखी शिल्प कला का अभ्यास करते हैं। भरेवा लोगों को गोंड समुदाय के धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का गहरा जान है। वे जिन देवताओं की मूर्तियां बनाते हैं, उनमें मुख्य रूप से हिंदू धर्म के सर्वोच्च भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती हैं। दूसरे हैं ठाकुर देव जो चमत्कारी घोड़े पर सवार होकर गांव की रक्षा करते हैं और माना जाता है कि वे इसे आपदाओं से बचाते हैं। शांति, समृ‌द्धि, खुशी और स्वास्थ्य के दूसरे देवता भी हैं। इस छोटे से टिगरिया गांव में बलदेव भरेवा ने इस परंपरा को जिंदा रखा है। उन्होंने यह कला अपने पिता से सीखी। उन्होंने एक मास्टर कारीगर के तौर पर नाम कमाया। बलदेव का परिवार अपनी पारंपरिक समझ, कलात्मक नजर और कड़ी मेहनत से हासिल किए गए हुनर पर गुजारा करता है।  

भाजपा नेता की Thar बनी निशाना: Mohali में गोलियों की बौछार से सनसनी

मोहाली यहां फेज-1 में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता गुरदीप सिंह की थार गाड़ी पर देर रात करीब 1 बजे स्कॉर्पियो सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गुरदीप सिंह के मुताबिक उनकी गाड़ी की डिग्गी से खोखा (कारतूस का खोल) भी बरामद हुआ है। उन्होंने मामले की शिकायत थाना फेज-1 पुलिस को दे दी है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किसी से कोई दुश्मनी नहीं गुरदीप सिंह ने बताया कि वह मोहाली में भाजपा कार्यकर्ता हैं और टॉयलेट सेवा का काम करते हैं। सुबह जब वह जिम जाने के लिए अपनी गाड़ी के पास पहुंचे तो देखा कि गाड़ी का शीशा टूटा हुआ है। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पता चला कि देर रात करीब 12:50 बजे स्कॉर्पियो में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे। पहले उन्होंने कुल्हाड़ी से गाड़ी पर वार किए और फिर गाड़ी पर फायरिंग भी की। गाड़ी की बारीकी से जांच करने पर डिग्गी से खोखा बरामद हुआ। गुरदीप सिंह का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। स्कॉर्पियो सवार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हमले का कारण स्पष्ट हो सकेगा। हमलावरों की तलाश में जुटी टीमें : एसपी सिटी एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर स्कॉर्पियो गाड़ी के नंबर और उसमें सवार आरोपियों की पहचान के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा। 

प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण संतोष चौबे को

भोपाल वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे को साझा संसार, नीदरलैंड्स के 'प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण–2025' से सम्मानित किया गया है। श्री संतोष चौबे को वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कला के उन्नयन हेतु सर्वोत्तम योगदान के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। चयन समिति में लुडविका शम्बरो (इटली), मेरियन रिडर्स, मेटा स्ट्रेफलांड (अमेरिका), रने होफ (नीदरलैंड्स) एवं पेट्रा फूरन (स्विट्जरलैंड) शामिल थे। इसके अलावा रामा तक्षक (नीदरलैंड्स), हर्षिता वाजपेयी (अमेरिका), मनीष पांडे (बेल्जियम) राजेंद्र शर्मा (भारत), शिवांगी शुक्ला (नीदरलैंड्स), विनीता तिवारी (भारत) एवं लीलाधर मंडलोई (भारत) भी चयन प्रक्रिया में शामिल रहे।   यह अंतरराष्ट्रीय अलंकरण राजस्थान के जाट बहरोड़ गाँव में आयोजित भव्य 'राठ रंग महोत्सव' में साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड्स के अध्यक्ष श्री रामा तक्षक तथा श्री बलवीर सिंह छिल्लर अध्यक्ष राठ क्षेत्र द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंच पर इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कवि श्री लीलाधर मंडलोई विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि कवि–कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और अनुवादक श्री संतोष चौबे अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और नवाचारों के लिए वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय 'विश्वरंग' महोत्सव की वर्ष 2019 में भोपाल से शुरुआत की जिसके आज 65 से अधिक सदस्य देश हैं। विश्व रंग 'मॉरीशस' के बाद हाल ही में उन्होंने श्रीलंका, मुंबई और भोपाल में विश्व रंग का सातवाँ भव्य आयोजन कर हिंदी के वैश्विक विस्तार की जमीन तैयार की है। श्री संतोष चौबे को सिंगापुर में 'विश्व हिंदी शिखर सम्मान– 2024' और फ्रांस में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय 'भारत गौरव सम्मान–2024', लंदन में "वातायन यू.के. अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2023" और अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा 'लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड–2023 से सम्मानित किया गया है। श्री संतोष चौबे को कविता (कहीं और सच होंगे सपने) के लिए मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, आलोचना (कला की संगत) के लिए स्पंदन आलोचना सम्मान, अनुवाद (मास्को डायरी) के लिए मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का पुरस्कार एवं उपन्यास (जलतरंग) के लिए शैलेश मटियानी तथा अन्तरराष्ट्रीय वैली ऑफ वर्ड्स पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। समग्र साहित्यिक अवदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण, शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान' एवं अखिल भारतीय ब्रह्मदत्त तिवारी स्‍मृति सम्मान–2024' से अलंकृत किया गया है। इस अवसर पर प्रथम मैक्समूलर अंतरराष्ट्रीय अलंकरण–2025' के लिए श्री संतोष चौबे को 'विश्व रंग' फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, बिलासपुर, खंडवा, वैशाली, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग, आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, समस्त वनमाली सृजन केंद्रों तथा साहित्य, कला संस्कृति की सहयोगी संस्थाओं द्वारा शुभकामनाएं दी गई।

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी जशपुर जिले में अब तक 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 8 दिसंबर तक कुल 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। किसानों को धान का मूल्य चुकाने हेतु 60.86 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण लगातार जारी है। जिले की 24 समितियों के 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित हो रहा है। पूरी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, नमी मापक उपकरण, तथा अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही किसानों के बैठने, पेयजल, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन तुंहर टोकन ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा है कि इससे टोकन प्राप्त करने, निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने और धान बेचने की प्रक्रिया सुचारू हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य और कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य अधिक लाभकारी हुआ है।

रायपुर : अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

रायपुर जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है। जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है। अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।