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खाप पंचायत में बनी सहमति: जाति से ऊपर उठकर करें मतदान

मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर में सर्वजातीय खाप पंचायत में वक्ताओं ने गिरते सामाजिक परिवेश और राजनीतिक स्तर पर चिंता व्यक्त की। लोगों से व्यर्थ खर्च पर रोक लगाकर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में आवश्यक मदद करने का आह्वान किया गया। आधुनिकता की दौड़ से बाहर निकलकर पारिवारिक और सामाजिक स्तर में सुधार के साथ ही प्रस्ताव पास किया गया कि दल कोई भी हो, लेकिन बुरे व्यक्ति को वोट न दिया जाए। पंचायत में इन सहित 14 प्रस्ताव पर सहमति बनी। गांव मुस्तफाबाद पचेंडा कलां के जनता इंटर कॉलेज में समाज सुधारक डॉ. रविराज आर्य की 31वीं पुण्यतिथि पर सर्वजातीय खाप पंचायत का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रुहल खाप के चौधरी जयभगवान रुहल ने की। मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने कहा कि बड़ी उम्र में हो रहे विवाह चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि विवाह दिन में होना चाहिए। वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कैमरा, रील पर अधिक ध्यान केंद्रित नहीं होना चाहिए।   ध्यान विवाह संस्कार का रखा जाए, किसी भी सूरत में शराब सेवन न हो। उन्होंने कहा कि रस्म पगड़ी का कार्यक्रम भी सादगी के साथ होना चाहिए। मोबाइल के दुरुपयोग से भावी पीढ़ी को बचाना होगा। वक्ताओं ने भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए बुराई छोडने और अच्छाइयों को ग्रहण करने पर जोर दिया। पंचायत में इन प्रस्तावों पर भी बनी सहमति विवाह उचित युवावस्था में माता-पिता की सहमति से हो। सद्भावना, सर्वसमाज एकता, आपसी भाईचारा कायम हो। दूध बेचने और व्यर्थ पेट्रोल फूंकने से समाज के लोग बचें। बच्चों को व्यायाम, सात्विक भोजन के लिए प्रोत्साहित करें। माता-पिता घर में मोबाइल का प्रयोग बहुत सीमित करें। बच्चों को कहानियों में दी जाने वाली शिक्षाओं से जोड़ें। विपरीत परिस्थितियों में बच्चों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। एकल परिवार की अपेक्षा संयुक्त परिवार को बढ़ावा दें।  

संजय टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों की गिनती, शाकाहारी-मांसाहारी प्रजातियों में बढ़ोतरी की खुशखबरी

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में सर्वे चल रहा है। मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों का आकलन किया जा रहा है। संजय टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। 124 बीट के 250 कर्मचारी और 11 वालेंटियर सुबह 6 से 9 बजे तक कार्य कर रहे है। सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। जहां कुसमी क्षेत्र में स्थापित संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र माना गया है। अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष 2026 के तहत यहां लगभग चार साल के बाद सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग मांसाहारी, शाकाहारी और वन्यजीव का आकलन कर रहे है। इसके लिए 250 कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें काम कर रही है। इन कर्मचारियों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभी मांसाहारी प्राणियों का सर्वेक्षण हुआ है। शाकाहारी समेत वन्यजीवों का भी आकलन होना है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात ये है कि संजय टाइगर के रिजर्व के कुछ ऐसे स्थान, जहां पहले बाघ के पैरों के चिन्ह नहीं मिला करते है अब वहां भी बाघ के पैरों के चिन्ह मिल रहे है। साथ ही जल्द ही अन्य जीवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर रिपोर्ट बना तैयार की जाएगी।

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त, 12 कमांडरों ने AK-47 समेत हथियार सौंपे

बालाघाट  मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है। अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा। एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं। प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है। 29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है. 29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें. इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.” उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था. रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य

इंटीग्रेटेड ई-चालान प्रणाली से प्रदेश में रोड एक्सीडेंट में कमी लाने की कवायद तेज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य  वाहन, सारथी एप, ई-डार, आई रैड और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए बनेगा एआई आधारित प्लेटफॉर्म लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट में कमी लाने के उद्देश्य से ई-चालान प्रक्रिया का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। इस क्रम में ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात व परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ई-चालान पोर्टल का विस्तार, दुर्घटना डेटा विश्लेषण और बीमा एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के तहत ई-चालान प्रणाली के वाहन और सारथी एप के इंटीग्रेशन के साथ-साथ एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वाहन बीमा को भी ई-चालान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयेगी। प्रदेश सरकार के ये कदम राज्य में रोड सेफ्टी को नई दिशा प्रदान करेंगे। प्रदेश के 17 जनपदों में ई-चालान पोर्टल की इंटीग्रेशन प्रक्रिया शुरू  प्रदेश में रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमल में लाया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद यूपी परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशाल ने ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में ई-चालन प्रक्रिया के इंट्रीग्रेशन का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। इस क्रम में सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के चालानों का ई-चालान पोर्टल पर इंटीग्रेशन किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 17 जनपदों में प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से शुरू की जा चुकी है। शेष जनपदों में भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इससे एक ओर तो चालानों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी साथ ही डिफॉल्टर वाहन मालिकों पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।   एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए विकसित होगा ऑनलाइन डैशबोर्ड    यूपी परिवहन विभाग ने सारथी पोर्टल के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी चालानों का एकीकरण पूरा कर लिया है। साथ ही वाहन और सारथी एप, ई-डार, आई रैड ऐप और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित किया जा रहा है। एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन और विश्लेषण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने ई-डार और आई रैड ऐप के जरिए सभी जनपदों में रोड एक्सीडेंट और चालानों की डेटा फीडिंग शुरू कर दी है और विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। ई-चालान और वाहन बीमा को भी किया जाएगा एकीकृत   ई-चालान को वाहन बीमा से जोड़ने और पांच से अधिक चालानों पर प्रीमियम बढ़ाये जाने की भी योजना है। जिससे रोड एक्सीडेंट के मामले में त्वरित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था ऑनलाइन प्रक्रिया से की जा सके। नवंबर माह में संपन्न हुई बैठक में बीमा प्रतिनिधियों ने योजाना को सैद्धांतिक सहमति दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम दरों में बदलाव आईआरडीएआई के माध्यम से ही संभव होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन दलों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है जिससे चालान का प्रवर्तन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ये प्रयास उत्तर प्रदेश को रोड सेफ्टी के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगें।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस: राज्यपाल पटेल को लगाया गया ध्वज, लोकभवन में कार्यक्रम आयोजित

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल  पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।               

घर लौटे ताबूत… रोज़गार की तलाश में निकले तीनों युवकों की Dead Body रांची एयरपोर्ट पहुंची

रांची गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगने की घटना में मारे गए 25 लोगों में शामिल झारखंड के तीन प्रवासी श्रमिकों के शव सोमवार सुबह रांची लाए गए। लापुंग के फतेहपुर गांव के दो भाई प्रदीप (24) एवं बिनोद महतो (20) और खूंटी जिले के कर्रा ब्लॉक में गोविंदपुर गांव के मोहित मुंडा (22) की रविवार आधी रात के बाद उत्तरी गोवा के एक क्लब में लगी आग में मौत हो गई थी। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि तीनों श्रमिक उनके मंदार निर्वाचन क्षेत्र के थे। उन्होंने शवों को वापस लाने के लिए गोवा सरकार के साथ समन्वय किया था। तिर्की ने कहा, ‘‘शवों को विशेष एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव ले जाया गया। मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मृतकों के परिवारों के लिए कुछ कल्याणकारी प्रावधान करने का अनुरोध करूंगी।'' श्रम विभाग ने पीड़ितों के परिवारों को तत्काल सहायता के रूप में 50-50 हजार रुपये दिए हैं। शवों को हवाई अड्डे लाए जाने के दौरान वहां राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की टीम प्रमुख शिखा लाकड़ा मौजूद रहीं। लाकड़ा ने बताया कि श्रम विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि मृतकों के परिवार के दो सदस्यों को शाम को एक उड़ान से रांची वापस लाया जाए। वे अभी गोवा में फंसे हुए हैं। ये तीन लोग इस अग्निकांड में मारे गए नाइट क्लब के 14 कर्मचारियों में शामिल हैं। प्रदीप और बिनोद एक साल पहले गोवा गए थे और अपने परिवार की मदद के लिए हर महीने करीब 30,000 रुपये भेजा करते थे। उनके बड़े भाई फागु ने बताया, ‘‘दोनों अविवाहित थे। वे अगले साल हमारे साथ होली मनाने के लिए आने वाले थे।'' मुख्यमंत्री सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए इसे ‘‘अत्यधिक हृदय विदारक'' बताया है।  

अनुपूरक बजट 2025: झारखंड में 7,721.25 करोड़ का प्रस्ताव, मंईयां सम्मान योजना को मिलेगी प्राथमिकता

रांची   झारखंड सरकार ने सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7,721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट सदन में पेश किया. अनुपूरक बजट में मांगों पर बहस मंगलवार (9 दिसंबर) को होगी. मानसून सत्र के दौरान 25 अगस्त को सदन ने 4,296.62 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित किया था. 13000 करोड़ रुपए की विभागों ने की थी मांग विभिन्न विभागों की ओर से लगभग 13,000 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट की मांग भेजी गयी थी. विभागवार प्रस्तावों की समीक्षा, प्राथमिकता और वित्तीय उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग ने इसे घटाकर लगभग 7,721.25 करोड़ रुपए पर अंतिम सहमति बनायी. राज्य सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में महत्वपूर्ण योजनाओं को गति देना और केंद्र और राज्य स्तर पर लंबित भुगतानों का समायोजन करना है. मंईयां सम्मान योजना को दी गयी है प्राथमिकता अनुपूरक बजट में मंईयां सम्मान योजना को प्राथमिकता दी गयी है. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए सबसे अधिक राशि का प्रबंध किया गया है. इसके अलावा अधूरे और जारी विकास योजनाओं के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है. गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है. : बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया पंचायतों और शहरी निकायों के लिए अतिरिक्त आवंटन की व्यवस्था भी इसमें की गयी है. स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और विधायकों की विकास योजनाओं से संबंधित मद को भी अनुपूरक बजट में जगह दी गयी है. आज होगी कैबिनेट की बैठक विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ही झारखंड कैबिनेट की भी बैठक होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) के अनुसार मंत्रिपरिषद की बैठक सोमवार दोपहर 2:00 बजे या विधानसभा की बैठक के तुरंत बाद जो भी बाद में हो, से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. मार्च में पेश हुआ था 1.45 लाख करोड़ रुपए का बजट वित्त मंत्री किशोर ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपए का वार्षिक बजट मार्च में पेश किया था. झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार (5 दिसंबर) से शुरू हुआ था और 11 दिसंबर तक चलेगा. सत्र के दौरान 5 कामकाजी दिवस होंगे.

नक्सली वारदात: ठेकेदार बंधक, साथी ने भागकर दी सुरक्षा बलों को सूचना

बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी मिली है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक ठेकेदार इम्तियाज़ अली के साथ काम कर रहे उसके एक सहयोगी ने किसी तरह मौके से जान बचाकर भागने में सफलता पाई। वह सीधे इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप पहुंचा, जहां उसने पूरी घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। ठेकेदार इम्तियाज़ अली के सहयोगी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता मौके पर पहुंचा और ठेकेदार को अपने साथ जंगल की ओर ले गया। मामले की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, “ठेकेदार के साथ काम करने वाला उसका एक साथी हमारे कैंप में पहुंचा है। उसने बंधक बनाए जाने की जानकारी दी है। हमारी टीमें घटना की तस्दीक कर रही हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।” घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नक्सलियों ने ठेकेदार को किस उद्देश्य से उठाया है। गौरतलब है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास कार्यों को गति देती हैं। इसी कारण ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव व हमलों की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें ठेकेदार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में जुटी हैं। घटना पर आगे के अपडेट का इंतज़ार है।

कानून-व्यवस्था पर फोकस: CM योगी के मेरठ और मुजफ्फरनगर अधिकारियों को सख्त आदेश

 लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मौजूद 40 भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की सबसे अधिक शिकायतें आ रही हैं, इसलिए इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. विपक्ष खामोशी से कर रहा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम नहीं जुड़ने दिया जाएगा और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना भी नहीं चाहिए. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि SIR केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है. योगी ने पदाधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान विपक्ष खामोशी से अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम जोड़ने में लगा है, इसलिए कार्यकर्ता लापरवाही न करें. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें मिली हैं. इस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बूथवार प्रगति, सत्यापन, दावों–आपत्तियों और संवेदनशील इलाकों पर अलग से रिपोर्ट ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से लागू की जाए. सार्वजनिक संदेश किया जारी वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए एक सार्वजनिक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई शुरू की गई है. जनता से अपील की गई है कि घरेलू या व्यावसायिक कामों में किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें. योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची का शुद्धिकरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.     मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,     उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।

मुख्यमंत्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल

रायपुर, सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।