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वीडियो कॉल पर 5 दिन का ‘डिजिटल अरेस्ट’, जबलपुर में रिटायर्ड अधिकारी से उड़े 31 लाख रुपये

जबलपुर बिजली विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को साइबर ठग ने एटीएस अधिकारी बनकर फोन किया। उन्हें पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उनका आतंकियों के साथ संबंध एवं टेरर फंडिंग में लिप्त होने का बोलकर डराया। संपत्ति सीज करने की धमकी देकर 31 लाख रुपये ऐंठ लिए। नेपियर टाउन निवासी अविनाश चंद्र दीवान बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह कुछ दिन से परेशान थे। इस पर जब बेटे ने पूछा तो उन्होंने अपने पास आए फोन और संपत्ति सीज किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी। जब यह बात बाहर रहने वाले पुत्र को पता चली तो वह समझ गया कि पिता के साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। उसके बाद पिता को शुक्रवार को मदन महल थाने भेजकर शिकायत कराया। पुलिस ने आरोपितों के धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए गए फोन एवं बैंक खाता नंबर के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।   सेवानिवृत्त अधिकारी के पास एक दिसंबर को सोशल मीडिया से फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को महाराष्ट्र के पुणे एटीएस का अधिकारी बताया। देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संदिग्धों को पकड़ने और उनसे पूछताछ में दीवान का आतंकी संपर्क मिलने की बात कही। आरबीआई के कुछ जाली अभिलेख भेजकर बताया कि उनके बैंक खाते में टेरर फंडिंग के सात करोड़ रुपये आए थे। उसमें 70 लाख रुपये का कमीशन उन्हें मिला। मामले में उन्हें और पुत्र की गिरफ्तारी फिर उनकी संपत्ति सीज करने का भय दिखाया। फिर धमकाया कि जो पूछा जाए उसकी सही-सही जानकारी दे। गलत जानकारी देने पर पांच लाख रुपये जुर्माना और 18 वर्ष की सजा हो जाएगी। देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताकर उन्हें इसके बारे में किसी से कुछ नहीं बताने बोला। उन्हें घर पर ही रहने और किसी ने मिलने-जुलने से मना किया। उनके बैंक बैलेंस एवं अन्य जानकारी पूछ ली। अगले दिन शुरू किया रुपये ट्रांसफर कराना आरोपितों ने दो दिसंबर को फिर वीडियो कॉल किया। इस पर आरोपित पुलिस की तरह गणवेश पहनकर फोन में सामने आया। जांच के नाम पर उन्हें बैंक खाते के रुपये उनके बताए अकाउंट में जमा करने कहा। रुपयों के स्रोत एवं अन्य जांच पूरी होने के बाद यह राशि उनके खाते में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद फिर एक इंटरनेट मीडिया काल आया। इस बार बात करने वाले ने स्वयं को एनआईए के अधिकारी बताया और एक बैंक खाता का विवरण देते हुए उसे आरबीआई का होना बताया। उस खाते में जांच के नाम पर रुपये ट्रांसफर करने बोला। दो से पांच दिसंबर के बीच लगातार डिजिटल अरेस्ट रखते हुए उनसे अलग-अलग किस्त में कुल 31 लाख रुपये अपने बताए खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये कम पड़ने पर अपनी एफडी तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे। तब भी आरोपित उन पर नजर बनाए रखे। जब दीवान पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे थे तब भी आरोपित ने फोन किया।

ओरछा का आर्थिक, सामाजिक विकास देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने ओरछा में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। श्री जैन ने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करने, पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके, के निर्देश दिये। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचकर बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्य सचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।  

निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा और सोमनाथ एक्सप्रेस के लिए हॉल्ट, भोपाल में सुविधा बढ़ेगी

भोपाल भोपाल में जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने वाली है, जिससे भोपाल में चार स्टेशन हो जाएंगे और यात्रियों को आने जाने में और आसानी होगी. बताया जा रहा है कि जनवरी 2026 से भोपाल में निशातपुरा स्टेशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन के बाद निशातपुरा भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, बताया जा रहा है कि जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस दो बड़ी ट्रेनों को शुरुआत में निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रोका जाएगा, बाद में यहां और भी कई बड़ी ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हो सकता है.  भोपाल में कम होगा दवाब  निशातपुरा रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने से भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर बढ़ता दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, क्योंकि अभी इन तीनों स्टेशनों पर ही सबसे ज्यादा दवाब रहता है. निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से पुराने भोपाल और इसके आसपास के इलाकों, करोंद, लालघाटी, अयोध्या नगर, गांधी नगर, आनंद नगर, भीमनगर सहित लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा, यहां से यात्रियों को मुख्य स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी और समय खर्च नहीं करना पड़ेगा और आसानी से उन्हें आने जाने की सुविधा मिलेगी. स्टेशन पर पार्किंग, टिकटिंग, वेटिंग एरिया और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाओं का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. जिससे जनवरी 2026 में इसके शुरू होने की संभावना है.  वर्तमान समय में भोपाल शहर में चार रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर और मिसरोद शामिल हैं. निशातपुरा और भोपाल रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है. वहीं, संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है. इसका विकास कार्य पूरा होने पर यहां अधिक ट्रेनों को हॉल्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही शहर के दक्षिण दिशा में अधिक डेवलपमेंट होने से मिसरोद स्टेशन पर भी सुविधाएं विकसित करने की मांग उठ रही है. इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा निशातपुरा स्टेशन की दूरी भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर की है. हालांकि, शहर के अलग-अलग इलाकों से यहां जाने वाले लोगों को ट्रैफिक के चलते थोड़ा ज्यादा समय लग जाएगा. वहीं अयोध्या बायपास, भानपुर, करोंद और जेके रोड के निवासियों को यह स्टेशन पास पड़ेगा. जिन दो ट्रेनों से स्टेशन शुरू हो रहा है, उनसे भोपाल से रोजाना औसत 650 यात्री यात्रा करते हैं. इस स्टेशन के शुरू होने का एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य स्टेशन पर जगह नहीं मिलने पर ट्रेनों को आउटर की बजाय निशातपुरा स्टेशन पर रोका जा सकेगा. यहां भी ट्रेनों को मिलेगा हॉल्ट रानी कमलापति स्टेशन पर गोवा, आंध्र प्रदेश और गोंडवाना एक्सप्रेस सहित 6 प्रमुख ट्रेनों के हाल्ट की मांग एक बार फिर उठ रही है. इससे पहले भोपाल मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में रेल अधिकारियों ने तकनीकी कारण बताते हुए इन ट्रेनों का हाल्ट देने से इंकार कर दिया था. अब सांसदों से उम्मीद है कि वे यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस मांग पर फिर जोर देंगे. 2023 से चल रहा काम  भोपाल रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक निशातपुरा स्टेशन का निर्माण 2023 से जारी है और अब ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, अंतिम परीक्षणों के बाद इसे नए साल में शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल एक्सप्रेस का हॉल्ट अधिकृत रूप से जारी कर दिया गया है, भोपाल स्टेशन परिचालन के लिहाज से अत्यधिक कंजस्टेड है, कई ट्रेनों को यहां रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में देरी होती है. निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से यह समस्या काफी कम हो जाएगी. मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को भोपाल में इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, जिसमें 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है. लेकिन यदि उनका हॉल्ट निशातपुरा में शिफ्ट किया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत नहीं होगी और ट्रेनें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी.  भोपाल में वर्तमान में तीन बड़े स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन शामिल है. निशातपुरा इनसे बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए अलग से कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी विकसित किया जा रहा है. साथ ही संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर भी विस्तार कार्य तेजी से जारी है. 

चुनावी झटका: भोपाल में 4 लाख मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, 2 लाख वोटरों पर खतरा

भोपाल राजधानी में लगभग चार लाख मतदाताओं का काम होना तय माना जा रहा है तो वहीं दो लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर तलवार लटक रही है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में चार नवंबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू हुआ था, जिसके तहत अब तक चार विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं बचे हुए तीन विधानसभा क्षेत्र में कुल 23 हजार पत्रक जमा करना शेष रह गए हैं। इस तरह भोपाल ने तय समय सीमा से पहले ही गणना पत्रक वितिरित व जमा करने का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को हुजूर विधानसभा क्षेत्र की टीम काे सम्मान कर प्रत्सोहित किया।   बता दें कि जिले में कुल 21 लाख 24 हजार 773 गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से अब तक 21 लाख एक हजार 697 पत्रक जमा करते हुए 98.86 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र हुजूर, उत्तर और मध्य में शनिवार को 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस तरह उत्तर में 2 लाख 49 हजार 710,हुजूर में 3 लाख 87 हजार 135 और मध्य में दो लाख 44 हजार 245 मतदाताओं के गणना पत्रक जमा किए जा चुके हैं। भोपाल जिले में मदताओं के आंकड़ें विवरण     संख्या कुल मतदाता     21,25,908 गणना पत्रक वितरित     21,24,773 डिजिटाइज गणना पत्रक     17,02,349 अनकलेक्टेबल गणना पत्रक     3,99,348 कुल जमा गणना पत्रक     21,01,697 नो मैपिंग वाले पत्रक     2,17,548 वहीं दक्षिण-पश्चिम में दो लाख 34 हजार 104 में से दो लाख 33 हजार 722, नरेला में तीन लाख 54 हजार 530 में से तीन लाख 40 हजार 806 और गोविंदपुरा में चार लाख एक हजार 142 में से तीन लाख 92 हजार 155 पत्रक जमा किए गए हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्र में रविवार को काम खत्म होने के साथ ही एसआइआर की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। 17 लाख मतदाताओं के पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में एसआईआर के दौरान 21 लाख 24 हजार 773 मतदाताओं के गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से कुल 17 लाख दो हजार 349 गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। जबकि 3 लाख 99 हजार 348 पत्रक अनकलेक्टेबल हैं, जिनका नाम मदताता सूची से कम होना तय माना जा रहा है। इस तरह जिले में 21 लाख में से 17 लाख ही मतदाता शेष रहने की उम्मीद जताई जा रही है। 2.17 लाख मतदाताओं को मिलेगा नोटिस सात विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 17 हजार 548 मतदाता ऐसे हैं, जिनको निर्वाचन शाखा द्वारा नोटिस भेजा जाएगा।यह वह मतदाता हैं, जिनके मात-पिता, दादा-दादी और स्वयं का मतदाता सूची 2003 में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में अब इनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिनके आधार पर ही इनके नाम सूची से कम करने और जोड़े रखने पर निर्णय लिया जाएगा। यह होते हैं अनकलेक्टेबल मतदाता जिन 3 लाख 99 हजार 348 अनकलेक्टेबल मतदाताओं के नाम सूची से कम किए जाने की संभावना है, उनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने जिला छोड़ दिया है, मृत्यु हो गई है, दो जगह नाम है या फिर मिले ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले इनके नामों पर गहन परीक्षण किया जाएगा, जिससे किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से कम न हो।

आज दो दिन खजुराहो से चलेगी सरकार

विकास कार्यों की सौगात के साथ लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित होगी राशि सांस्कृतिक विरासत और पर्यटक स्थलों का करेंगे भ्रमण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ दो दिन खजुराहो में रह कर कैबिनेट बैठक के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे। सोमवार 8 दिसम्बर को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरूआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकि शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। मंगलवार 9 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जायेंगे। इसी दिन सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। अन्य गतिविधियां             खजुराहों में आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।             महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण।             पन्ना टाइगर रिजर्व कुटनी रिसॉर्ट डैम एवं रनेह फॉल का भ्रमण।             27055 लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन।             24010 लाख के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण।             राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी।            लाड़ली बहनों के खातों में राशि अंतरण और हितलाभ वितरण।  

ड्यूटी पर तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल को बस ने कुचला, शहडोल में सड़क हादसे से हड़कंप

शहडोल रविवार की दोपहर 2 बजे के आसपास एक बस जो ब्यौहारी की ओर से आ रही थी उसने शहडोल बस स्टैंड में ड्यूटी कर रहे पुलिस आरक्षक को टक्कर मार दी जिसमें आरक्षक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। अपनी ड्यूटी पर तैनात था आरक्षक महेश पाठक घटना की जानकारी लगते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना में स्थल से बस को जब्त कर थाने पहुंचाया। आरक्षक को टक्कर मारने के बाद बस चालक मौके पर बस को छोड़कर भाग गया । जानकारी के मुताबिक कोतवाली में पदस्थ आरक्षक महेश पाठक बस स्टैंड में अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इसी बीच दोपहर 2:00 बजे के आसपास दादू एंड संस कंपनी की एक तेज रफ्तार बस स्टैंड परिसर में आ रही थी इसी बीच बस चालक ने आरक्षक को टक्कर मार दी ,जिसमें आरक्षक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई ।   बस को जब्त कर थाने भिजवाया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से बस को जप्त कर थाने भिजवाया तथा मृतक आरक्षक के शव को वहां से उठाकर ले गए। इस घटना को देखकर पुलिस के अधिकारियों और वहां पर मौजूद आरक्षकों की आंखों में आंसू नजर आए। अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं चालक बस स्टैंड में जहां पर यह दुर्घटना हुई है वहां अक्सर तेज गति में बस चलाते हुए ड्राइवर अंदर आते हैं और इस तरह की स्थिति निर्मित होती है। यहां नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटाया नहीं जाता है जिसके कारण इस तरह की स्थितियां बनती हैं और बस चालक भी अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं।  

सीमा पर प्रशासन की सख्ती: यूपी से लाया जा रहा 400 बोरी अवैध धान पकड़ा गया, ट्रक सीज़

बलरामपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से एक ट्रक में अवैध रूप से धान लाए जाने की जानकारी प्राप्त होते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को पकड़ा। जानकारी के अनुसार ट्रक नंबर सीजी 29 एएफ 0480 में लगभग 400 बोरी अवैध धान लोड था, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के जिले की सीमा में लाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को रोका, सामग्री की जांच की और धान को कब्जे में लेकर वाहन को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है। अवैध गतिविधि पर पुलिस की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी नीर नंदेहा ने कहा है कि जिले में धान खरीदी सीजन के दौरान प्रत्येक स्तर पर अवैध गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। चेक पोस्टों पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि आगे भी अवैध परिवहन, भंडारण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी अंतरराज्यीय सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर चौकसी को और मजबूत करते हुए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके तहत संदिग्ध वाहनों, परिवहन गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक जिले में कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 10654.10 क्विंटल अवैध धान एवं 29 चार पहिया वाहन व 10 दोपहिया कुल 39 वाहनों को जब्त किया गया है, जो कि प्रशासन की सतत निगरानी तथा संयुक्त दलों की सक्रियता का परिणाम है। कलेक्टर ने सुबह चेक पोस्ट का किया निरीक्षण कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने रविवार सुबह विकासखण्ड वाड्रफनगर से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्ट धनवार का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने चेक पोस्ट में तैनात कर्मचारियों से जांच प्रक्रिया तथा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने धान के अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कटारा ने कहा कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अवैध परिवहन पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेक पोस्ट पर वाहनों की जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी, वाहनों के प्रवेश-निकास पंजी तथा कर्मचारियों की ड्यूटी सूची का भी अवलोकन किया। उन्होंने चेक पोस्ट में संबंधितों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे हर स्थिति में सतर्क रहें और आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी वाहन में धान या अन्य कृषि उपज परिवहन का संदेह हो, तो उसकी पूरी जांच करें।

सिवनी में खुशियों की दहाड़: पांच शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई ‘जुगनी’ बाघिन, पर्यटक रोमांचित

सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व में नन्हें शावकों के साथ बाघिन को देखने का रोमांच पर्यटकों को प्रफुल्लित कर रहा है। एक माह से कम समय में 7 दिसंबर रविवार सुबह अपने पांच शावकों के साथ खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन को कच्ची सड़क में चहल कदमी देखकर पर्यटक प्रफुल्लित हो गए। पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आई बाघिन रविवार की सुबह खवासा-तेलिया गेट में सफारी कर रहे पर्यटकों के जिप्सी वाहनों के सामने बाघिन अपने पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आ गई। कच्ची सड़क से जंगल में दूसरी ओर जाती बाघिन काफी देर तक पर्यटकों को दिखाई दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि 12 नवंबर को नाइट सफारी के दौरान खवासा बफर क्षेत्र में चार नन्हें शावकों के साथ जुगनी बाघिन के कच्ची सड़क में पर्यटकों के जिप्सी वाहन के सामने से गुजरने का वीडियो सामने आया था। सिवनी में पांच शावकों के साथ दिखी खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन, पर्यटक प्रफुल्लित, 12 नवंबर को नाइट सफारी के बाद दूसरी बार कच्ची सड़क में चहल-कदमी करते दिखे नन्हें शावक। वन्यजीव प्रेमी हुए रोमांचित शावकों को सुरक्षित स्थान पर मुंह में दबाकर ले जाती बाघिन का वीडियो देखकर वन्यजीव प्रेमियों को रोमांचित हो गए थे। इसके बाद पेंच प्रबंधन ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ दिन के लिए नाइट सफारी पर रोक लगा दी है। हालाकि एक दिसंबर से नाइट सफारी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

लूट का झूठा नाटक कर उड़ाए 14 लाख! कंपनी के कैश लोडर की साजिश का पुलिस ने किया पर्दाफाश

भिलाई हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग करने वाले वर्कर द्वारा 14 लाख 60 हजार रुपये की लूट की मनगढ़ंत कहानी रचने का मामला कुम्हारी पुलिस ने सुलझा लिया है। युवक ने खुद के साथ लूट होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को घंटों गुमराह किया, लेकिन पूछताछ और जांच के दौरान पूरी सच्चाई सामने आ गई। अब प्रार्थी ही आरोपित बन चुका है और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। एसएसपी विजय अग्रवाल ने खुद की पूछताछ मामले में लूट की बड़ी रकम की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल, एएसपी शहर सुखनंदन राठौर और कुम्हारी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान ही पुलिस को लूट की कहानी में कई तथ्यों पर संदेह हुआ, और आखिरकार पर्दाफाश हो गया कि पूरी कथा झूठी थी। लूट की घटना फर्जी साबित होने पर पुलिस ने राहत की सांस तो ली लेकिन साथ ही आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।   एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि 6 दिसंबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे कुम्हारी पुलिस को सूचना मिली कि कपसदा गांव स्थित ग्लोबल स्कूल के पास तीन अज्ञात युवकों ने 14 लाख 60 हजार रुपये से भरा बैग लूट लिया है। शिकायतकर्ता चरोदा निवासी आशीष राठौर (34 वर्ष) ने बताया कि वह हिताची कंपनी के एटीएम बूथों में कैश लोडिंग का कार्य करता है और वही रकम लेकर जा रहा था। उसने दावा किया कि वह अपने भांजे मनीष राठौर के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर के हीरापुर तेंदुआ वाले एटीएम में कैश लोड करने के बाद मुरमुंदा और दादर के एटीएम में कैश डालने के लिए जा रहा था। इसी दौरान तीन युवकों ने गाड़ी रोककर चाकू दिखाते हुए उससे भरा बैग छीन लिया और खेतों की ओर भाग गए। उसके अनुसार बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8 लाख 60 हजार रुपये और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये रखे थे। यहीं से शुरू हुआ संदेह कुम्हारी पुलिस की एक टीम संयोग से बोरसी गांव से लौटते समय पास ही थी, इसलिए कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस के संदेह बढ़ने के कारण: घटना के वक्त साथ होने की बात कही गई भांजा मनीष मौके पर मौजूद नहीं था। मोटरसाइकिल गिरने का दावा किया गया, लेकिन न बाइक पर न ही आशीष के शरीर पर एक भी खरोंच नहीं थी। पूछताछ में बयानों में लगातार विरोधाभास मिलते रहे। इन बिंदुओं के सामने आने पर पुलिस ने आशीष को थाना लाकर पूछताछ की। एसएसपी विजय अग्रवाल और एएसपी सुखनंदन राठौर द्वारा कड़ी पूछताछ के दौरान अंततः आशीष टूट गया और स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी झूठी है। अब प्रार्थी ही आरोपित पुलिस ने लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने, साजिश रचने और सबूतों को छुपाने के आरोपों के तहत आशीष राठौर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि नकली लूट का मकसद रकम हड़पना था या किसी और वजह से यह कहानी रची गई।

500 करोड़ का सवाल! AAP नेता बलतेज पन्नू ने कांग्रेस से पूछा – क्या सीएम फेस की हुई थी ‘डील’?

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब के गवर्नर से मुलाकात के बाद नवजोत कौर सिद्धू के सनसनीखेज खुलासों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया है। पन्नू ने कहा कि उनके बयानों ने इस "कड़वी सच्चाई" को सामने ला दिया है कि कांग्रेस कैसे काम करती है, लीडरशिप कैसे तय होती है, और कैसे निजी महत्वाकांक्षाओं और पैसे के सौदों के लिए पंजाब के हितों को किनारे रखा जाता है। पन्नू ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू ने दो चौंकाने वाले दावे किए हैं, एक यह कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में तभी दोबारा आएंगे जब कांग्रेस पहले उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेगी, और दूसरा यह कि सिद्धू परिवार के पास देने के लिए 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जिसका मतलब है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की डील ज़रूरी है। इन बातों को "बहुत परेशान करने वाला" बताते हुए, पन्नू ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस लीडरशिप सच में मुख्यमंत्री का चेहरा 500 करोड़ रुपये में बेचती है। उन्होंने कहा, “अगर सिद्धू का दावा है कि उनके पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, तो यह रकम कौन देता है? यह पैसा कहां जाता है? स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट को? हाईकमान को? राहुल गांधी को या खड़गे को? पंजाब के लोगों को जवाब मिलना चाहिए।” पन्नू ने याद दिलाया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट, MP, MLA और कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। “क्या ये पद भी खरीदे गए थे? क्या उन्हें थोड़ी सी रकम देकर कांग्रेस प्रेसिडेंट बनाया गया था? कांग्रेस में डिप्टी चीफ मिनिस्टर या मिनिस्टर बनने के लिए कितने करोड़ चाहिए?” सिद्धू की कंडीशनल पॉलिटिक्स की आलोचना करते हुए पन्नू ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सिद्धू का दावा है कि पंजाब के “सुनहरे दिन” तभी आएंगे जब सिद्धू को चीफ मिनिस्टर का चेहरा बनाया जाएगा। “अगर कांग्रेस ने उन्हें अनाउंस नहीं किया, तो पंजाब को नुकसान हो सकता है, यही उनका मैसेज है। क्या पंजाब नवजोत सिद्धू के लिए सिर्फ एक बारगेनिंग चिप है?” पन्नू ने सिद्धू के नाटकीय अतीत का मज़ाक उड़ाया, जिसमें दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर फेल हुए “जीतेगा पंजाब” चैनल तक शामिल थे, और सवाल किया कि अगर सिद्धू के पास पंजाब को फिर से खड़ा करने का कोई जादुई फ़ॉर्मूला था, तो उन्होंने मंत्री या कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए इसे क्यों नहीं लागू किया।   इसके उलट, AAP लीडरशिप से तुलना करते हुए, पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई अन्य लोगों ने लोगों की सेवा करने के लिए अपना करियर छोड़ दिया, जबकि कांग्रेस नेता पहले पद और बाद में सेवा मांगते हैं। पन्नू ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत साफ़ करे कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की ज़रूरत होती है। क्या कांग्रेस ने यह पैसा राज्य में घूम रहे छह-सात मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों से इकट्ठा किया है?