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बिहार का तिरुपति बालाजी मंदिर मोकामा में, सम्राट चौधरी के किए वादे का हुआ पूरा

पटना   बिहार के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. तिरूपति बालाजी की तर्ज पर अब बिहार के मोकामा में भी एक भव्य मंदिर आकार लेने जा रहा है. इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है. बिहार सरकार ने इस परियोजना को गति देने के लिए मोकामा खास स्थित 10.11 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित कर दी है. इस मंदिर का निर्माण इसी जमीन पर यानी पटना जिले के मोकामा में होगा. आपको बता दें कि सितंबर में ही सम्राट चौधरी ने मोकामा में तिरुपति बालाजी मंदिर निर्माण की घोषणा की थी. अब इसकी कवायद शुरू हो गई है. मंदिर के लिए बेहद खास है मोकामा बिहार सरकार ने मोकामा अंचल के मोकामा शहर में मौजा मोकामा खास, थाना सं. 30 की 10.11 एकड़ भूमि मंदिर निर्माण के लिए उपलब्ध कराया है. अब तक इस जमीन का स्वामित्व पथ निर्माण विभाग के पास था. आपको बता दें कि पटना जिला का मोकामा शहर गंगा नदी के किनारे तीन प्राचीन जनपदों अंग, मगध और मिथिला के संगम स्थल पर स्थित है. यह नदी के उस पार अवस्थित सिमरिया घाट पर नियमित अंतराल पर लगने वाले अर्ध कुंभ मेले का प्रवेश द्वार है. इस प्रकार यह शहर सदियों से पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है. इतना ही नहीं, इस शहर से होकर दिल्ली हावड़ा मेन लाईन और उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली रेलवे गुजरती है. सड़क सम्पर्कता के दृष्टिकोण से भी यह कई राजमार्गो से जुड़ा हुआ है. इसीलिए इस जगह का चयन मंदिर के लिए हुआ है. जानें क्या है तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थित तिरूमला तिरूपति देवस्थानम् एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सरकारी ट्रस्ट है. इसके द्वारा न केवल तिरूपति स्थित प्राचीन पवित्र देवस्थानों का प्रबंधन किया जाता है. बल्कि कई महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं. इस संस्थान द्वारा अलग -अलग राज्यों जैसे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, उड़ीसा, केरल और हरियाणा में देवस्थान निर्माण के साथ वेद पाठशाला, वैदिक विश्वविद्यालय, हॉस्पिटल, निर्धन लोगों, वृद्ध व्यक्तियों और कुष्ठ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थलों के निर्माण का कार्य किया गया है. साथ ही दिव्यांगों और हृदय रोग से ग्रस्त बच्चों के लिए विशेष चिकित्सकीय व्यवस्था भी की गई है. अब बिहार में भी इस तरह की सुविधा मिलने जा ही है. तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् ने जताया आभार आपको बता दें कि पर्यटन विभाग ने मंदिर निर्माण के लिए तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् यानी टीटीडी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव भेज दिया है. टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू ने सोशल मीडिया पर बिहार सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए धन्यवाद जाहिर किया. उन्होंने लिखा कि पटना के मोकामा में टीटीडी मंदिर निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराना एक ऐतिहासिक फैसला है. उन्होंने 99 सालों के लिए मात्र 1 रुपये के टोकन लीज पर जमीन देने के लिए बिहार सरकार के प्रति आभार जताया. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि जल्द ही मंदिर निर्माण से संबंधित विस्तृत चर्चा शुरू करेगी.

आज से शीतकालीन सत्र: छात्रवृत्ति-धान खरीद जैसे मुद्दों पर हेमंत सरकार घिरीगी बीजेपी के सवालों से

रांची  झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।BJP ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रवृत्ति और धान खरीद की देरी जैसे मुद्दे उठाने की बात कही है. झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज (8 दिसंबर) पहला दिन है. पहले ही दिन BJP ने साफ कर दिया है कि वह झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने और किसानों के धान खरीद की प्रक्रिया शुरू न होने पर सरकार से जवाब मांगेगी. यह मुद्दा रांची में बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय हुआ, जिसकी अध्यक्षता विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने की. सत्र 6 दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेगा .पार्टी नेताओं ने बैठक में कहा कि हजारों छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति न मिलना शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है. इसी तरह धान खरीद केंद्र न खुलने से किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है. BJP के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायकों ने निर्णय लिया है कि वे सरकार को इन “ज्वलंत मुद्दों” पर कठघरे में खड़ा करेंगे. जायसवाल ने कहा कि धान खरीद में देरी से खेतिहर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और यह स्थिति बताती है कि सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है. सत्र के पहले दिन विपक्ष ने साफ संकेत दे दिए कि वह सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए बाध्य करेगा. भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों और किसानों से जुड़े ये सवाल केवल राजनीतिक नहीं बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े हैं.पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरी हुआ तो वह सत्र के भीतर विरोध के अलग-अलग तरीके अपनाएगी.

बलरामपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 400 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त

रायपुर : बलरामपुर जिला प्रशासन की सतर्कता से 400 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त रायपुर बलरामपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से एक ट्रक में अवैध रूप से धान लाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे ट्रक को पकड़ा गया। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक नंबर सीजी 29 एएफ 0480 में लगभग 400 बोरी अवैध धान लोड था, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के जिले की सीमा में लाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को रोका, सामग्री की जांच की और धान को कब्जे में लेकर वाहन को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी श्री नीर नंदेहा ने बताया कि जिले में धान खरीदी सीजन के दौरान प्रत्येक स्तर पर अवैध गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। चेक पोस्टों  पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि आगे भी अवैध परिवहन , भंडारण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से धान का परिवहन या खरीद-बिक्री दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सीएम डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी एक साथ 19 पर्यटक ले सकेंगे अब जंगल सफारी का आनंद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा 10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी । नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।  

सीएम विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ का किया निरीक्षण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश में नई सिंचाई तकनीक 'प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क' की प्रस्तुति का किया अवलोकन सीएम विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ का किया निरीक्षण छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा ने भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है। अपर मुख्य सचिव  राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।   प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह,  मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा, अधीक्षण यंत्री  विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री  शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।

अंबिकापुर में पारा 4.6°C पर पहुंचा, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीत लहर के आसार

रायपुर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। लगातार तापमान में गिरावट दर्ज किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना है। प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम का हाल राज्य में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.4°C जगदलपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। आज के लिए पूर्वानुमान प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है। किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले दो दिनों के बाद भी मौसम में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है और स्थिति शुष्क ही रहने की संभावना है। रायपुर का कैसा रहेगा मौसम राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28°C और 13°C के आसपास रहने की संभावना है।

सरकार का बड़ा ऐलान: लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोतरी, तय हुई 1750 रुपये ट्रांसफर की तारीख

दमोह  मध्यप्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द मोहन सरकार लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी होने जा रही है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद सिंह लोधी ने दमोह जिले के मनगढ़ में तालाब निर्माण के भूमि पूजन के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी। जल्द लाड़ली बहनों को मिलेंगे 3 हजार मंत्री धर्मेंद लोधी ने कहा कि 'रघुकुल रीत सदा चली, आई प्राण जाए पर वचन न जाई। आप लोग कहते हैं कि सरकार कहती थी की लाड़ली बहनों को 3 हजार दिए जाएंगे, लेकिन कब देंगे? तो मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा सरकार झूठ नहीं बोलती है। हम जल्द ही राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपए करेंगे। जानें कब मिलेंगे 1750 रुपए आगे मंत्री ने कहा कि अभी सहायता राशि 1500 रुपए है, अगली दीपावली में 1750 रुपए करेंगे। उसके बाद 2027 वाली दिवाली में 2000 रुपए और साल 2028 की दिवाली पर सीधा 1000 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। इस तरह से महिलाओं को कुल 3 हजार रुपए की राशि का जो वादा है पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार अपने वादों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गलतियां माफ करें जनता धर्मेंद लोधी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि काम करते हैं तो गलतियां भी हो जाती हैं, लेकिन क्षमा बड़न को चाहिए को चाहिए छोटन के उत्पात, आप जनता जनार्दन आप छोटी गलती को क्षमा कर दें, लेकिन एक गलती के कारण हमारी सारी अच्छाइयों को न भुला दें। आपके आठ काम हो जाते हैं दो काम नहीं होते तो आप उन आठ कामों की चर्चा नहीं करते। जो दो काम नहीं होते उनकी चर्चा ज्यादा होती है। 

नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान: बिहार में बनेगी BISF, उद्योग और निवेश को मिलेगा सुरक्षा कवच

पटना बिहार में निवेश को रफ्तार देने और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीआईएसएफ (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स) की तर्ज पर बिहार में बीआईएसएफ बनेगा। जिसका प्रस्ताव जल्द सरकार को भेजा जाएगा। इसकी जानकारी राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने दी। उन्होंने रविवार को पटना में मीडिया से बातचीत में बताया कि निवेशकों को सुरक्षित वातावरण देना बहुत ज़रूरी है, ताकि वे बिना डर के बिहार में उद्योग खोल सकें और बड़ी राशि लगाकर कारोबार बढ़ा सकें। इस सुरक्षा बल का काम औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े कारखानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।   आपको बता दें बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देना और निवेश लाना सरकार की प्राथमिकताओं में एक है। बिहार में अगले 5 साल में 50 लाख करोड़ का निवेश लाने की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार को भारत के शीर्ष पांच निवेश अनुकूल राज्यों में सम्मिलित करने के लिए उद्योग विभाग देश-दुनिया के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में निवेशक सम्मेलनों का आयोजन करेगा, ताकि बड़े से बड़े उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।   इसके अलावा निवेशकों को आकर्षित करने के तहत ईजी ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना, आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ 5 नए मेगा फूड पार्क स्थापित करना, राज्य में 10 औद्योगिक पार्क एवं 100 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पार्कों को विकसित करना, उद्योग-प्रासंगिक कौशल एवं उद्यमिता में 7 लाख लोगों को प्रशिक्षित करना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय की स्थापना एवं सभी जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र स्थापित करना शामिल है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत कुल 44073 उद्यमियों को प्रोत्साहन राशि दी गयी है। इससे लोग अपना खुद का उद्योग, कारोबार कर रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को सुरक्षा और उद्योग धंधों की सुरक्षा के लिए बीआईएसएफ के गठन का प्रस्ताव बड़ा कदम माना जा रहा है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर: पंजाब-हरियाणा शीतलहर की चपेट में, कश्मीर में बर्फबारी की तैयारी

नई दिल्ली पंजाब और हरियाणा समेत उत्तर भारत में रविवार को भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहा। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 4.4 डीग्री सेल्सियस दर्ज किये जाने के साथ यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जबकि हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान(4.6 डिग्री सेल्सियस) नारनौल में दर्ज किया गया। वहीं, कश्मीर में सोमवार को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।   मौसम विभाग ने छह और सात दिसंबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, लेकिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया, जबकि आठ दिसंबर को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, पंजाब में बठिंडा और गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि फिरोजपुर में छह डिग्री, अमृतसर में 6.1 डिग्री, लुधियाना में 6.8 डिग्री और पटियाला में 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हरियाणा के भिवानी में न्यूनतम तापमान छह डिग्री, हिसार में 6.2 डिग्री, सिरसा में 6.6 डिग्री, करनाल में सात डिग्री, रोहतक में 7.8 डिग्री और अंबाला में 9.8 डिग्री रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर में हल्की बर्फबारी की संभावना कश्मीर में बीते 24 घंटे में रात के तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गयी, लेकिन वह जमाव बिंदु से नीचे रहा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर में पहलगाम रिसॉर्ट, जम्मू और कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पहलगाम रिसॉर्ट वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर के रूप में कार्य करता है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में 3.2 डिग्री अधिक है। घाटी का प्रवेशद्वार माने जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि गुलमर्ग में तापमान शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे, जबकि पुलवामा शहर में शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

रील देखते पकड़ा गया सिपाही, भोपाल कमिश्नर की सख्ती—मौके पर ही लगा 500 रुपये का जुर्माना

भोपाल भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और रात्रि गश्त व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र शुक्रवार देर रात अचानक निरीक्षण पर निकले। टीटी नगर क्षेत्र में उन्होंने ड्यूटी प्वाइंट से नदारद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जबकि रील देख रहे एक जवान पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस कमिश्नर रोशनपुरा नोडल प्वाइंट पहुंचे, तो यहां तैनात कार्यवाहक उप निरीक्षक शशि चौबे और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविंद्र सिंह नदारद मिले। दोनों के अनुपस्थित मिलने पर इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें मौके पर ही तत्काल निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया कि निर्धारित प्वाइंट पर अनुपस्थित रहना ड्यूटी की मूल भावना के खिलाफ है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।   इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सहायक उप निरीक्षक राजकुमार दुबे भी मोबाइल पर सोशल मीडिया में रील देखते हुए पाए गए। कमिश्नर ने कड़े स्वर में फटकार लगाते हुए उन पर 500 रुपये का दंड लगाया और स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है और इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण ने विभाग में एक सख्त संदेश भेजा है कि रात की ड्यूटी में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन करना होगा। इधर… पार्किंग के बाहर खड़ी बाइक चुराते थे, चेकिंग में पकड़े गए गोविंदपुरा पुलिस ने बाइक चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपित बाजारों की पार्किंग के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। वे चोरी की बाइकों की नंबर प्लेट निकालकर उनका उपयोग करते थे। साथ ही सस्ते दामों पर दूसरे शहरों में बेच देते थे। आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की 13 बाइकें जब्त की हैं। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि 10 नवंबर को शक्ति नगर निवासी रितिक जैन ने बाइक चोरी की शिकायत की थी, जिस पर केस दर्ज किया गया था। पिछले दिनों पुलिस को चेकिंग प्वाइंट के पास एक संदिग्ध बाइक चालक वसीम खान दिखा तो पूछताछ की और दस्तावेज मांगे। वह नहीं दिखा पाया, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार की। उसने गिरोह में आसिफ अली व सुलेमान खान का शामिल होना बताया।