samacharsecretary.com

आरएसएस कार्यकर्ता नवीन हत्या केस का मुख्य साज़िशकर्ता मुठभेड़ में मारा गया

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता नवीन अरोड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी बादल उर्फ बंटी को बुधवार देर रात जलालाबाद क्षेत्र के एक श्मशान घाट के पास मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने हथियारों की बरामदगी और आरोपियों के अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए इस इलाके में दबिश दी थी, लेकिन जैसे ही पुलिस ने श्मशान घाट के पास पहुंचकर घेराबंदी की, बादल और उसके दो साथी पुलिस पर गोली चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे बादल को गोली लगी और वह ढेर हो गया। इस दौरान मुठभेड़ में एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। घायल पुलिसकर्मी को सिविल अस्पताल फाजिल्का ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डीआईजी फिरोजपुर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि 15 नवंबर 2025 को फिरोजपुर सिटी में आरएसएस नेता के बेटे नवीन अरोड़ा की बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने तीन आरोपियों—काली, हर्ष और कनव—को गिरफ्तार कर लिया था। काली की गिरफ्तारी के वक्त भी मुठभेड़ हुई थी, जबकि बुधवार की रात पुलिस ने इस मामले में मुख्य शूटर बादल वासी फिरोजपुर को काबू किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को जलालाबाद के माहमूजोईया श्मशान घाट में छिपाया गया है, जहां आज मुठभेड़ हो गई। 15 नवंबर को फिरोजपुर शहर के मोची बाजार इलाके में यूको बैंक के पास दो अनजान युवकों ने दिनदहाड़े आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता बलदेव कृष्ण अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी। हत्या वाले दिन चार आरोपी एक्टिव थे। हत्या में कनव, हर्ष, बादल, जतन काली निवासी बस्ती भट्टियां वाली व एक शूटर शामिल थे। नवीन की हत्या करने की योजना आरोपी कनव के जन्मदिन वाले दिन 13 नवंबर को उसके घर पर बैठकर बनाई गई थी। इस काम के लिए जतन काली ने अपने साथियों को एक लाख रुपए देने की बात कही थी। 15 नवंबर की रात बादल और शूटर ने नवीन की गोली मारकर हत्या कर दी। इन दोनों को भागने में कनव और हर्ष ने भूमिका निभाई।

इनामी नक्सली पति-पत्नी ने खैरागढ़ में आत्मसमर्पण किया, बोले- अब शांति से जीना चाहते हैं

खैरागढ़ खैरागढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली। 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली दंपति ने हथियार छोड़कर एसपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति 2025 और क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे विकास कार्यों ने दोनों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। धनुष उर्फ मुन्ना और पत्नी रोनी उर्फ तुले ने किया सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में 14 लाख का इनामी हार्डकोर माओवादी धनुष उर्फ मुन्ना (25) और उसकी पत्नी, 6 लाख की इनामी महिला नक्सली रोनी उर्फ तुले (25) शामिल हैं। दोनों माड़ डिवीजन और एमएमसी जोन के सक्रिय कैडर थे और टाण्डा–मलाजखण्ड क्षेत्र में कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे। रोनी, एमएमसी जोन प्रभारी व सीसी मेम्बर रामदेर के साथ काम करती थी, जबकि धनुष को कंप्यूटर व हिंदी–अंग्रेजी टाइपिंग में दक्षता होने के कारण संगठन के टेक्निकल और डाटा कार्य सौंपे जाते थे। केसीजी पुलिस की लगातार सर्चिंग, सिविक एक्शन प्रोग्राम, गांवों में जागरूकता अभियान और सरकार द्वारा सड़क, बिजली, पानी व नेटवर्क जैसी सुविधाओं के विस्तार से इलाके में पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि यह दंपति हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ने आगे आया। बोले- अब सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं दोनों ने कहा कि वे अब सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति बहाली और नक्सल संगठन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विकास और सरकारी नीतियों का असर साफ दिख रहा है पहाड़ों और जंगलों में अब बदलाव की हवा चल रही है।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बढ़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, जांच की मांग तेज

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पिछले पाँच वर्षों के वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय की वर्ष 2019–20 से 2023–24 तक की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की गई है। ज्ञापन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा सौंपा गया है। ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और वित्तीय लेन-देन में बड़े पैमाने पर आरोप सामने आए हैं। उठाए गए प्रमुख मुद्दे – छात्रों से जुड़े कोष के दुरुपयोग की आशंका। – बिना अधिकृत आदेश के भारी वित्तीय लेन-देन। – कई बैंक खातों और एफडी के रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियाँ। – एफडी समय से पहले तुड़वाने और राशि के स्थानांतरण का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं। – बैंक द्वारा पेनल्टी काटे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। – 100 करोड़ रुपए से अधिक के कॉरपस फंड के उपलब्ध न होने का आरोप। – वित्तीय लेन-देन पर इंटरनल कंट्रोल और SOP जैसी व्यवस्था प्रभावी नहीं रही। मुख्य मांगें 1. पांच वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए। 2. सभी आर्थिक अनियमितताओं की CBI से विस्तृत जांच कराई जाए। 3. विश्वविद्यालय में धारा 54 लागू कर प्रशासनिक प्रबंधन राज्य शासन के अधीन किया जाए। 4. संचालन सुचारू रखने के लिए विश्वविद्यालय को तीन क्षेत्रों में विभाजित करने का सुझाव भी दिया गया है।  

इंदौर की मशहूर सराफा बाजार में बदलाव, चौपाटी का आकार घटा

इंदौर  इंदौर सराफा बाजार में लगने वाली रात्रिकालीन चाट-चौपाटी पर नगर निगम ने अंकुश लगाना शुरू कर दिया। मंगलवार शाम मुनादी की गई। इसके बाद बुधवार से कार्रवाई शुरू कर दी गई। नगर निगम ने जो ऐलान किया, उससे 80 दुकानें लगती दिख रही हैं। हालांकि सराफा व्यापारी इससे असहमत और असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। सराफा कारोबारियों के अनुसार दुकानों की यह संख्या बाले-बाले कैसे तय कर ली गई। जबकि महापौर की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी जिसे इस पर निर्णय लेना था। हालांकि न बैठक हुई न चर्चा, बस सीधे मुनादी करवा दी गई। इधर बुधवार को जब दुकानें हटाने के लिए निगम का अमला पहुंचा तो चौपाटी वाले दुकानदार एकजुट हो गए और सराफा थाने पहुंचे।  हुई इंदौर नगर निगम की मुनादी में चौपाटी पर दुकानें लगाने वालों से कहा गया कि कोई भी सराफा बाजार में रात साढ़े नौ बजे से पहले दुकान नहीं लगाएगा। साथ ही कहा गया कि जो चाट चौपाटी एसोसिएशन का अधिकृत सदस्य है, सिर्फ उसी की दुकान लग सकेगी। दरअसल चाट चौपाटी एसोसिएशन ने अपने 80 सदस्यों की सूची निगम को काफी पहले सौंपी थी। सराफा व्यापारी इसी पर सवाल उठा रहे हैं कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि चौपाटी का परंपरागत रूप कायम रखते हुए पुरातन दुकानों को रखा जाएगा। वे दुकानें गिनती की थीं तो 80 दुकानों की संख्या कैसे तय कर ली गई। बिना बैठक कैसे हुआ निर्णय महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नवरात्र में सराफा चौपाटी को नया स्वरूप देने की घोषणा की थी। इसके लिए कमेटी का दौरा, विमर्श होना था और उन दुकानों की संख्या तय होनी थी, जो पुराने समय से चौपाटी पर व्यंजन परोसती रही हैं। हालांकि महीनों बीतने के बाद भी कोई बैठक नहीं हुई। इंदौर सोना-चांदी जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार दो दिन पहले बैठक के लिए संदेश मिला था। बैठक में पहुंचने से पहले दूसरा संदेश आया कि बैठक निरस्त हो गई है। इसके बाद निगम ने खुद ही कैसे तय कर लिया कि 80 दुकानों को लगने दिया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार असल में तो पुराने दौर में खाने-पीने की बमुश्किल 40-50 दुकानें ही सराफा में लगती थीं। संख्या कैसे तय हुई हमें भी नहीं पता     मुनादी में कहा गया कि सदस्यों को दुकान लगाने दी जाएगी। इस लिहाज से 80 दुकानें लगने दी जा रही हैं। यह संख्या कैसे तय हुई हमें भी जानकारी नहीं है। कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई। हम निगम की ओर से आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। -हुकम सोनी, अध्यक्ष चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन  

खंडवा :युवती ने जहर खाकर ली जान, आरोपी अरबाज शाह धर्म परिवर्तन के प्रयास में था, ठिकानों पर बुलडोजर चला

खंडवा  हरसूद क्षेत्र में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुए हंगामे और जनता के आक्रोश के बीच गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। लव जिहाद के आरोपों में जेल भेजे गए आरोपी अरबाज शाह और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों को राजस्व विभाग और हरसूद पुलिस ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग दरअसल जिले के हरसूद में लव जिहाद के आरोपी अरबाज के घर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। आरोपी अरबाज पर युवती के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर रहा था। इतना ही नहीं धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा था। आरोपी जेल में बंद आरोपी अरबाज की प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। आरोपी अरबाज पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में जेल में बंद है। कार्रवाई के दौरान हरसूद नगर परिषद और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे। युवती ने प्रताड़ना से तंग आकर खाया था जहर परिजनों के अनुसार, आरोपी अरबाज शाह लंबे समय से उनकी बेटी पर दोस्ती और शादी के लिए दबाव बना रहा था। परिवार का आरोप है कि अरबाज लगातार फोन और मैसेज के जरिए उसे परेशान करता था। युवती के बालिग होने के बाद यह दबाव और बढ़ गया था। परिवार ने बताया कि अरबाज की प्रताड़ना के कारण जिस युवक से युवती की शादी तय हुई थी, वह रिश्ता भी टूट गया। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी। 28 अक्टूबर 2025 को विवाद के दौरान आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की। घर लौटने पर उसने तनाव में आकर जहर खा लिया। परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन 29 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद हरसूद में भड़का गुस्सा युवती की मौत की खबर फैलते ही हरसूद में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में लोग हरसूद थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम तक कर दिया था। भीड़ का कहना था कि आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और IPC की धाराओं में मामला दर्ज हरसूद थाना पुलिस ने आरोपी अरबाज शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके साथ ही आईपीसी की तीन अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। घटना के बाद आरोपी कुछ दिनों तक फरार रहा। पुलिस ने लगातार दबिश देते हुए उसे पकड़ा और जेल भेज दिया। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की गई और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हिंदू संगठनों ने की थी बुलडोज़र कार्रवाई की मांग घटना के बाद कई हिंदू संगठनों ने एसपी खंडवा से मिलकर आरोपी के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। प्रशासन ने इस संबंध में मकान की वैधता की जांच शुरू की। तहसील कार्यालय की जांच में पाया गया कि अरबाज और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों में निर्माण संबंधी कई अनियमितताएँ थीं। अवैध निर्माण पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई। इस दौरान मकान में मौजूद सामान पहले ही तहसीलदार की निगरानी में बाहर निकलवाकर तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया गया था, क्योंकि आरोपी का परिवार जमानत मिलने के बाद इस घर में रहना बंद कर चुका था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाए गए दोनों मकान गुरुवार सुबह प्रशासनिक दल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा देकर कार्रवाई शुरू कराई। जेसीबी मशीन से पहले आरोपी अरबाज का मकान ढहाया गया, इसके बाद उसके चाचा आशिक शाह के मकान पर भी कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए है, बल्कि अपराधियों को संदेश देने के लिए भी जरूरी है। आरोपी ने बेटी की जिंदगी छीन ली मृत युवती के परिवार के अनुसार, आरोपी अरबाज ने लगातार धमकाकर और मानसिक प्रताड़ना देकर उनकी बेटी को टूटने पर मजबूर किया। परिजनों ने कहा कि हमने कई बार समझाया, पर वह पीछा नहीं छोड़ता था। शादी का रिश्ता टूटने के बाद वह और ज्यादा दबाव बनाने लगा। अंततः हमारी बेटी ने हार मान ली। न्याय की दिशा में मजबूत कदम हरसूद पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की यह प्रक्रिया कानूनन थी और सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है ताकि समाज में भय और अविश्वास का माहौल न बने।

खजुरी क्षेत्र में ट्रक पकड़ा गया, शराब प्लास्टिक दाना बताकर भेजी जा रही थी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डेढ़ करोड़ की अवैध शराब जब्त की है। 12 सौ पेटी अवैध शराब पकड़ी है। नए साल से पहले पुलिस भोपाल के खजुरी थाना क्षेत्र में रात साढ़े तीन बजे अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। ट्रक में बारह सौ पेटी शराब रखी थी। थाने के सामने लगाया स्टॉपर, भागने का प्रयास जानकारी के अनुसार, खजूरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक बड़ा ट्रक अवैध रूप से शराब लेकर इंदौर की दिशा में जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाने के सामने नाकाबंदी की। गुरुवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, लेकिन स्टॉपर लगाकर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में ड्राइवर कोई वैध दस्तावेज दिखाने में असफल रहा। ड्राइवर का कहना है कि उसे भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में माल भरवाया गया था और इंदौर में एक व्यक्ति माल रिसीव करने वाला था। कंटेनर में शराब को प्लास्टिक दाना दिखाकर भेजा जा रहा था। पुलिस ने प्रथमदृष्टया कागज भी फर्जी पाए हैं। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को चमका देकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया साथ ही ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक डेढ़ करोड़ की अवैध शराब भोपाल से गुजरात भेजी जा रही थी। ट्रक में प्लास्टिक दाना बताकर शराब भेजी जा रही थी। ट्रक ड्राइवर के पास जो दस्तावजे मिले वो फर्जी पाए गए। फिलहाल खजुरी पुलिस ने शराब जब्त कर आबकारी विभाग को सूचना दे दी है। आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग करेगा। शराब के ये ब्रांड मिले     सिग्नेचर     ओल्ड मंक     बैक पाइपर     रॉयल स्टेज     रॉयल चैलेंज आगे की जांच आबकारी विभाग करेगा सब इंस्पेक्टर संतराम खन्ना के अनुसार, यह अब तक की साल 2025 की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पूरी जब्ती कर ट्रक और ड्राइवर को थाने लाया गया है। शराब जब्ती की सूचना आबकारी विभाग को दे दी गई है, जो अब आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।

केंद्र सरकार का आदेश: नीलामी से आवंटित खनिज क्षेत्रों का संचालन जल्द शुरू होगा

नीलामी से आवंटित खनिज क्षेत्रों के शीघ्र संचालन हेतु केंद्र सरकार ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश; अब सफल बोलीदाता जिला कलेक्टर से सीधे माँग सकेंगे सतही अधिकार  रायपुर  खनन मंत्रालय, भारत सरकार ने खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 20A के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके माध्यम से राज्यों को सतही अधिकार मुआवज़ा निर्धारण और भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया को समयबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश निजी भूमि खरीद में होने वाली देरी, बिचौलियों की भूमिका और भूमि मूल्य वृद्धि जैसी समस्याओं को समाप्त कर खनिज ब्लॉकों के शीघ्र संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्य प्रावधान: जिला कलेक्टर के माध्यम से सीधे सतही अधिकार प्राप्त करने की सुविधा इस आदेश का सबसे बड़ा सुधार यह है कि अब नीलामी में सफल बोलीदाता सीधे जिला कलेक्टर के पास सतही अधिकार के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहले कंपनियों को भूमि मालिकों से सीधे भूमि खरीदनी पड़ती थी, जिससे: * लंबी देरी, * दलालों/मध्यस्थों की दखलअंदाजी, * भूमि मूल्य का अनावश्यक बढ़ना, और * परियोजना समय-सीमा में बाधा जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती थीं। अब सतही अधिकार जिला प्रशासन/राजस्व विभाग के माध्यम से दिए जाएँगे, जिससे: प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी, दलालों की भूमिका समाप्त होगी परियोजना शीघ्र शुरू होगी, वास्तविक भूमि मालिक को पूरा और उचित लाभ मिलेगा । राज्यों के लिए अनिवार्य समय-सीमाएँ आदेश के अनुसार:     1.    राज्य 30 दिनों के भीतर मुआवज़ा निर्धारण हेतु अधिकारी नियुक्त करें (नियम 52, MCR-2016)।     2.    नियुक्ति न होने पर जिला कलेक्टर/DM/DC स्वतः अधिकृत अधिकारी माने जाएँगे।     3.    वार्षिक सतही मुआवज़ा प्रत्येक वर्ष 30 जून तक अनिवार्य रूप से देय होगा।     4.    वर्ष के मध्य में खनन शुरू होने पर प्रो-राटा मुआवज़ा अग्रिम रूप से देना होगा।     5.    प्राप्त आवेदन पर मुआवज़ा निर्धारण का निर्णय 90 दिनों में अनिवार्य है।     6.    धारा 24A के अनुसार खनन क्षेत्र में निर्बाध प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। सुधार का उद्देश्य सैकड़ों खनिज ब्लॉक नीलाम होने के बावजूद, सतही अधिकार प्राप्त करने में देरी के कारण बहुत कम ब्लॉक चालू हो पाए हैं। यह आदेश: * खनन परियोजनाओं की गति बढ़ाएगा, * उत्पादन में वृद्धि करेगा, * स्थानीय रोजगार सृजित करेगा, और * राज्यों की राजस्व प्राप्ति (प्रीमियम, रॉयल्टी, DMF आदि) बढ़ाएगा। उद्योग जगत, विशेष रूप से नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन (NEF) ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे “गेम-चेंजर” बताया है, जो भूमि संबंधी अड़चनों को दूर करके वास्तविक किसानों और भूमि मालिकों को लाभ देगा।

एमपी में पहली बार ऑन-स्पॉट अवॉर्ड, उज्जैन एसपी ने शुरू की सुविधा

उज्जैन उज्जैन पुलिस ने एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है, जिसके तहत अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड और प्रमाणपत्र दिया जा सकेगा। इसके लिए विशेष इनाम आदेश बुक तैयार कराई गई है, जिसमें दो दिनों के भीतर पांच पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड दिया गया।  उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, पुलिस महकमे में प्रदेश स्तर पर यह पहला प्रयोग है। शर्मा ने बताया कि यदि कोई पुलिसकर्मी बेहतर काम करता है, तो उसे उसी समय पुरस्कृत करना हमारी जिम्मेदारी है ताकि उसका मनोबल बढ़ सके। इनाम आदेश बुक में अवॉर्ड देते समय यह उल्लेख भी किया जा रहा है कि संबंधित पुलिसकर्मी को किस कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस कर्मियों की विशेषज्ञता की श्रेणी भी तैयार की जा रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी पुलिसकर्मी ने साइबर ठगी के मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है, तो उसकी कैटेगरी साइबर एक्सपर्ट के रूप में तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में उसकी मदद ली जा सके। पहले की प्रक्रिया में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। पहले नोटशीट चलानी पड़ती थी पहले एसपी की अनुमति के बाद स्टेनो संबंधित पुलिसकर्मी का नाम नोट करता था। इसके बाद स्टेनो द्वारा अवॉर्ड देने हेतु नोटशीट चलाई जाती थी। कई बार नोटशीट की प्रक्रिया में ही 10 से 15 दिन लग जाते थे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को भी याद नहीं रहता था कि किस पुलिसकर्मी को और किस कारण अवॉर्ड देना था। नोटशीट गुम हो जाने की स्थिति में पुलिसकर्मी पुरस्कार से वंचित रह जाते थे। अवॉर्ड मिलने के बाद भी सर्विस रिकॉर्ड में उसकी एंट्री कई दिनों बाद होती थी और फाइल गुम होने पर कभी-कभी एंट्री हो ही नहीं पाती थी। इन 5 पुलिसकर्मियों को मौके पर ही दिया गया अवॉर्ड मंगलवार को भैरवगढ़ थाने में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान, अपराध निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने पर एसपी ने एसआई महेंद्र पाल सेंधव को 500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। भैरवगढ़ थाने के ही हेड कांस्टेबल महेश मालवीय और आरक्षक जीवन कटारिया को क्षेत्र के गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ बॉन्ड ओवर की प्रभावी कार्रवाई करने पर पुरस्कृत किया गया। रात्रि गश्त के दौरान मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एसपी ने चेकिंग पाइंट्स का निरीक्षण किया। चेकिंग पाइंट्स पर सक्रिय रहते हुए चाकूबाज को पकड़ने पर नीलगंगा थाने के आरक्षक वीरसिंह यादव और दामोदर पटेल को 500-500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

गौहरगंज में आक्रोश बढ़ा, पुलिस और भीड़ में टकराव, धारा 144 लागू, आरोपी की तलाश जारी

 गौहरगंज रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से पहले वीडियो में सलमान एक ट्रैक्टर ड्राइवर को रास्ता बताता दिख रहा है। दूसरे वीडियो में वह एक दुकान से सिगरेट खरीद रहा है।  6 वर्षीय मासूम से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी सलमान के पुलिस पकड़ में न आने से हिंदू संगठनों सहित आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को गौहरगंज के स्कूल खेल मैदान में जन आक्रोश रैली और धरने के बाद हालात एकदम बिगड़ गए। भीड़ में से कुछ लोग मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की तरफ जाने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे बात और बिगड़ गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ से निपटने पुलिस को सख्ती दिखाना पड़ी। अश्रु गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस दौरान मस्जिद की तरफ पथराव होने से स्थिति और बिगड़ने लगी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इस पर काबू पा लिया। गौहरगंज में फिलहाल अघोषित कर्फ्यू के हालात हैं। लोग घरों में बंद हैं। यहां सड़कें पूरी तरह से सुनसान हैं। लोग सहमे हुए भी हैं। प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले     प्राप्त जानकारी अनुसार 6 जिलों की पुलिस ने यहां मोर्चा संभाल कर रखा है, जिसमें 300 से अधिक पुलिसकर्मी हालात पर नजर रख रहे हैं। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। डीआईजी प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। उल्लेखनीय है कि 6 साल की बच्ची से दुष्कृत्य का आरोपित सलमान उर्फ नजर फरार है, जिसकी तलाश पुलिस की 20 टीमें कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। उसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़िता के पिता से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने पिता को आश्वस्त किया है कि बेटी के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता की जाएगी। धारा 144 लागू     जन आक्रोश रैली के दौरान हुए उपद्रव के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। गौहरगंज थाना क्षेत्र में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएस की धारा 163 के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किए हैं।     गौहरगंज में 4 से अधिक की संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है। गौहरगंज में आरएएफ सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपित सलमान की गिरफ्तारी के लिए 6 जिलों की 300 से अधिक पुलिस कर्मियों की 20 टीमें सर्चिंग में लगी हुई हैं। आईजी मिथलेश शुक्ला खुद मौके पर मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने पुष्टि की है कि यह फुटेज गौहरगंज क्षेत्र के ही हैं और इनमें दिख रहा शख्स सलमान उर्फ नजर ही है। वहीं, आईजी मिथिलेश कुमार शुक्ला ने कहा- जहां भी हमें लीड मिल रही है, पुलिस की टीमें वहां पहुंचकर उसकी खोज में लगे हैं। जल्द ही हम उसे पकड़ लेंगे। 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी ढूंढ रहे 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सलमान (23) वहां से गुजरा। बच्ची को अकेला देख उससे बातें करने लगा, फिर चॉकलेट दिलाने का कहकर अपने साथ ले गया। कुछ दूर जंगल में ले जाकर उसने बच्ची से रेप किया और भाग निकला। देर तक बच्ची नजर नहीं आई तो परिजन उसे ढूंढने निकले। इसी दौरान कुछ लोगों ने बताया कि वह सलमान के साथ दिखी थी। जिसके बाद सभी जंगल की ओर गए। वहां मासूम रोती हुई मिली। परिजन उसे औबेदुल्लागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने बच्ची को भोपाल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका एम्स में इलाज चल रहा है। सलमान की तलाश में पुलिस की 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी लगे हैं। जगह-जगह उसके पोस्टर लगाए गए हैं। ड्रोन के जरिए भी उसे तलाशा जा रहा है। उस पर 30 हजार का इनाम भी घोषित है। गौहरगंज में 6 जिलों की पुलिस तैनात उधर, रायसेन के गौहरगंज में बुधवार को अघोषित कर्फ्यू के हालात रहे। लोग घरों में बंद और सड़कें सुनसान दिखे। 6 जिलों की पुलिस ने मोर्चा संभाला। 500 से अधिक जवानों ने हालात पर नजर बनाए रखे।क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। DIG प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। हालांकि, 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी सलमान उर्फ नजर फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बावली बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले।  

सपने देखें, संकल्प लें, धारा के विपरीत मेहनत कर आगे बढ़ें — आनंद कुमार

रायपुर : कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह: आनंद कुमार और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र सपने देखें, संकल्प लें, धारा के विपरीत मेहनत कर आगे बढ़ें —  आनंद कुमार इरादा मजबूत हो तो कोई बाधा रोक नहीं सकती — वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी रायपुर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के पहल पर सरिया में आयोजित कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में सुपर–30 के संस्थापक पद्म आनंद कुमार ने हजारों युवाओं को प्रेरणा से भर दिया। स्कूल मैदान में 3 हजार से अधिक युवा, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। पूरा मैदान युवाओं की तालियों और फ्लैशलाइट की रोशनी से गूंज उठा। “मेहनत और अच्छे व्यवहार से सबकुछ संभव”—  आनंद कुमार मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने छात्रों से कहा कि जीवन में बड़ा सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए संकल्प और निरंतर मेहनत करें। उन्होंने कहा कि “जीवन में जितनी मुश्किलें आएंगी, सफलता उतनी बड़ी होगी। पढ़ाई मेहनत से होती है, पैसे से नहीं। शिक्षक नौकरी समझकर नहीं, बल्कि यज्ञ और जिम्मेदारी की भावना से पढ़ाएं।” अपनी संघर्ष यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में चयन होने के बाद भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नहीं जा पाए। पिता के निधन के बाद पापड़ बनाकर और बेचकर पढ़ाई जारी रखी। ज़रूरतमंद बच्चों के लिए सुपर-30 शुरू किया और विक्की–भोलू जैसे कैरेक्टरों के जरिए बच्चों को पढ़ने के विभिन्न तरीके सिखाए। उन्होंने बताया कि कोचिंग माफियाओं ने पांच बार उन पर हमला करवाया, धमकियां भी मिलीं, लेकिन वे रुके नहीं। केबीसी में अमिताभ बच्चन द्वारा 25 लाख की मदद, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जीवनी का लोकार्पण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्म सम्मान का उल्लेख कर उन्होंने कहा— “आज यहाँ का कोई बच्चा भविष्य में अवार्ड लेकर कहे कि उसे प्रेरणा सरिया में मिले इस कार्यक्रम से मिली, वही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।” “कठिनाई जितनी अधिक, सफलता उतनी बड़ी”— वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने युवाओं से कहा कि मजबूत इरादा किसी भी बाधा को पार करा सकता है। फिल्म 'सुपर-30' का प्रसिद्ध संवाद उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा— “जब समय आएगा, सबसे ऊंची छलांग हम ही लगाएंगे।” उन्होंने तमिलनाडु की एक युवती की प्रेरक कहानी साझा करते हुए कहा कि हर बच्चा अपने घर की परिस्थिति के हिसाब से कैरियर चुने, किसी दबाव में नहीं। “सिंसियर बनें, सही कोर्स चुनें और अभी से अपना प्लान तय करें। यूट्यूब चैनल पर आईएएस विजन संबंधी वीडियो देखें, यह आपके लिए उपयोगी होगा।” चौधरी ने अपने संघर्ष के दिनों की कहानी भी सुनाई— गांव से लेकर दिल्ली तक आईएएस की किताबों की खोज और विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने का किस्सा युवाओं को बेहद प्रेरित कर गया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पूर्व विधायक  विजय अग्रवाल, रायगढ़ मेयर  जीववर्धन चौहान, विभिन्न पदाधिकारी और गणमान्य नागरिकों सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मेधावी छात्रों को सम्मान और 5–5 हजार की घोषणा कार्यक्रम में सीजीपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों, कक्षा 10वीं–12वीं के मेधावी विद्यार्थियों सहित 100 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। वित्त मंत्री ने सभी सम्मानित बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की, जिसका युवाओं ने जोरदार स्वागत किया। यूपीएससी प्री उत्तीर्ण करने वालों को 1 लाख रुपये युवाओं को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने घोषणा की— “प्रदेश का कोई भी युवा यूपीएससी प्री परीक्षा उत्तीर्ण करेगा, उसे 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।” सरिया में आयोजित यह भव्य कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा, ऊर्जा और नए संकल्पों का संगम साबित हुआ।