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ISIS की भारत पर 10 साल में कब्जे की प्लानिंग का खुलासा, पाकिस्तानी मॉड्यूल बच्चों को बना रहा था निशाना

रायपुर प्रदेश में पाकिस्तान आधारित आईएसआईएस माड्यूल के राजफाश होने के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। एटीएस की टीम शनिवार को माना बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची, जहां गिरफ्तार दोनों नाबालिगों से लगातार गहन पूछताछ की। दोनों किशोरों को संप्रेक्षण गृह के एक अलग सुरक्षित कक्ष में रखा गया है, जिसकी निगरानी उच्च स्तरीय सुरक्षा में की जा रही है। आस-पास किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध है। केवल संप्रेक्षण गृह प्रभारी और चिह्नित प्रहरी ही उस कमरे तक पहुंच सकते हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी आतंकी समूह बच्चों के दिमाग में झूठी कहानियां भर रहा था। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि 5-10 वर्षों में भारत पर कब्जा कर लिया जाएगा और उसके बाद चीन पर नियंत्रण करने का ‘मिशन’ चलेगा। इस तरह के भ्रम फैलाकर हैंडलरों ने बच्चों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया था। एटीएस को मिले सुराग एनआईए से साझा पूछताछ के दौरान एटीएस को कई तथ्य मिले हैं, जिन्हें एनआईए के साथ साझा किया जा रहा है। एनआईए इन तथ्यों का अलग एंगल से विश्लेषण कर रही है। अगर नेटवर्क के बड़े तार सामने आते हैं, तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी आगे स्वतंत्र जांच प्रारंभ कर सकती है। फिलहाल एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किशोरों के संपर्क में प्रदेश के कितने अन्य युवा थे और किस तरह पाक हैंडलरों के निर्देश पर नाबालिग अन्य बच्चों को प्रभावित कर रहे थे। राज्य में हिंसा फैलाने की साजिश, बड़े रोल की तैयारी सूत्रों के अनुसार पाक हैंडलरों ने दोनों किशोरों को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अपनी विचारधारा में ढाल लिया था। उन्हें धर्म के नाम पर भड़काकर सामाजिक तंत्र से पूरी तरह अलग कर दिया गया। हैंडलर उन्हें लगातार ऐसे युवाओं का नेटवर्क बढ़ाने कहते थे जो उनके कट्टर विचारों से प्रभावित हो सकते थे। राजफाश हुआ है कि बच्चों को राज्य में किसी बड़ी आतंकी गतिविधि की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने उन्हें पकड़कर इस साजिश को नाकाम कर दिया। कई और स्लीपर सेल की आशंका एटीएस को संदेह है कि जिस तरह रायपुर और भिलाई के दो किशोरों को टारगेट किया गया, उसी प्रकार प्रदेश में और भी नाबालिगों को प्रभावित करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसी वजह से एजेंसी ने 10 हजार से अधिक इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी है। जिन अकाउंट्स पर अधिक संदेह है उनकी मैन्युअल मानिटरिंग भी की जा रही है। इंस्टाग्राम पर नजर, साइबर सेल भी सक्रिय किशोरों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के बाद साइबर सेल ने इंटरनेट मीडिया की सर्विलांस और कड़ी कर दी है। संदिग्ध अकाउंट्स के आइपी एड्रेस ट्रैक किए जा रहे हैं और उनके विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है। जांच में इंस्टाग्राम सबसे अधिक संदिग्ध प्लेटफार्म के रूप में सामने आया है, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एटीएम ने परिजन को दिखाए बातचीत के सबूत एटीएस ने दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशाट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए हैं। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।  

350वां शहीदी दिवस: पंजाब मुख्यमंत्री ने आनंदपुर साहिब में नमन कर किया महान बलिदान को स्मरण

चंडीगढ़ सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर रविवार को श्री आनंदपुर साहिब में धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के समक्ष मत्था टेका। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर समारोह की तस्वीर पोस्ट की। मुख्यमंत्री मान के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। भगवंत मान ने कहा, "नौवें पातशाह साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित श्री आनंदपुर साहिब स्थित बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" उन्होंने कहा कि गुरु के चरणों में पंजाबियों के कल्याण, भाईचारे और एकता के लिए प्रार्थना की। शहीदी दिवस को समर्पित सभी कार्यक्रमों में गुरु साहिब जी सदा अंग-संग सहाई बने रहे और सभी कार्य मर्यादा अनुसार संपन्न हों। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हिंद दी चादर गुरु साहिब ने मानवता, धर्म और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ हुआ। इस दिव्य समागम में उपस्थित होकर गुरु साहिब जी के चरणों में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" इस खास मौके पर श्री आनंदपुर साहिब को खूबसूरत फूलों और लाइटों से सजाया गया था। हजारों की संख्या में संगत दूर-दूराज से पहुंची और गुरु महाराज के सामने नतमस्तक हुई। बाबा बुढ़ा दल के मुखी और प्रमुख संत-महापुरखों ने भी अखंड पाठ साहिब का भोग डाला।

डॉ. तोगड़‍िया का जनसंख्या फॉर्मूला: ‘तीन बच्चे हों हिंदुओं के, तीसरे की पढ़ाई का खर्च मेरा’

मंडला अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया आज मध्य प्रदेश के मंडला दौरे पर हैं। वे दोपहर 2 बजे मंडला कृषि मंडी में सभा को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व वे जंतीपुर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए मोहन भागवत ही पर्याप्त और सक्षम हैं, हम उनके पीछे हैं। वह सब कुछ करा लेंगे। साथ ही उन्होंने जनसंख्या को लेकर कहा कि हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, तीसरे बच्चे कि स्कूल फीस मैं भरवा दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के लिए काम करने वाले व्यक्ति या कोई संस्था, आरएसएस के मोहन भागवत का सम्मान करना चाहिए।

2035 War Policy पर मध्यप्रदेश में बड़ा बैठक: सेना के शीर्ष दिग्गज होंगे शामिल

महू  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के आर्मी वॉर कॉलेज में 24-25 नवंबर को सेना का दो दिनी सेमिनार होगा। इसमें सीनियर मिलिट्री कमांडर, स्ट्रैटेजिक थिंकर्स, एकेडेमियर और इंडस्ट्री के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट, टेक्नोलॉजिस्ट और वेटरन्स एक साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। महू में सेना द्वारा रणसंवाद के बाद तीन माह में दूसरा बड़ा सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। ऑर्मी वॉर कॉलेज (Army War College) द्वारा होने वाले इस सेमिनार का विषय ' फ्यूचर रेडी' है। इसमें कल के युद्ध के लिए भारतीय सेना की दक्षता को मजबूत करना है। यह 27वां डाक्ट्रिन और स्ट्रेटेजी सेमिनार है। यह सेमिनार डिसरप्टिव टेक्नोलाजी, बदलते जियो पालिटिकल इक्वेशन और मुश्किल थ्रेट मैट्रिक्स से पैदा होने वाली जरूरी चुनौतियों और मौकों पर फोकस करेगा।  एआइए रोबोटिक्स सहित अन्य तकनीक पर चर्चा सेमिनार में चर्चा का मुख्य उद्देश्य अनमैन्ड सिस्टम, काउंटर ड्रोन कैपेबिलिटीए एआई बेस्ड डिसीजन सपोर्ट, रोबोटिक्स,क्वांटम टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ऑपरेशन और नियर स्पेस प्लेटफॉर्म में भारत की टेक्नोलाजिकल तैयारी का आकलन करना होगा। बातचीत में आत्मनिर्भरता और लंबे समय की कैपेबिलिटी आटोनामी को आगे बढ़ाने में डिफेंसइकोसिस्टम की ताकत की भी जांच होगी। जिसमें डीआरडीओए डीपीएसयूए प्राइवेट फर्म, स्टार्ट-अप और एकेडेमिया शामिल हैं। सेमिनार भविष्य की लड़ाइयों के लिए जरूरी सैद्धांतिक, स्ट्रक्चर और लीडरशिप सुधारों को बताने पर फोकस करेगा।   ऑर्मी चीफ भी हो सकते हैं शामिल सेमिनार में ऑर्मी चीफ जनरल उपेंद्र ‌द्विवेदी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अधिकृत पुष्टी नहीं हो सकीं। तीन माह पहले रणसंवाद में रक्षामंत्री राजनाथसिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित एयर चीफ मार्शल और नेवी चीफ भी शामिल हुए थे।   तीन थीम पर होगी चर्च भविष्य के लिए एक तय दिशा देने के लिए मुय तीन थीम पर चर्चा होगी। जिसमें यूचर बैटलफील्ड मिलियू 2035- इंडियन कांटेक्स्ट, आपरेशंस को असरदार तरीके से चलाने के लिए टेक्नोलाजिकल तैयारी और यूचर कोर्स को क्रिस्टल गेजिंग शामिल हैं। थीम में वर्तमान से 2035 तक की सुरक्षा परिस्थितियों को देखा जाएगा। जिसमें मिलिट्री माडनॉईजेशन, इंटेलिजेंट वारफेयर, एसिमेट्रिक स्ट्रैटेजी, ग्रे जोन आपरेशन और दुश्मनों द्वारा पैदा किए गए कोआर्डिनेटेड मल्टी डोमेन मिश्रित वाली स्थितियों की संभावना शामिल है। एक्सपर्ट स्पेस, साइबर, इंफॉर्मेशन और काग्निटिव वारफेयर के पहलुओं व रोकथाम और एस्केलेशन कंट्रोल के लिए उनके असर का एनालिसिस करेंगे।

भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स को वैश्विक पहचान दिला रहा है 19वां राष्ट्रीय जंबूरी आयोजन

जंबूरी हॉस्पिटल व ब्लड डोनेशन कैम्प का उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया उद्घाटन राज्यपाल आनंदी बेन कल करेंगी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का उद्घाटन उद्घाटन समाहरोह के बाद राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित ड्रोन शो का किया जाएगा आयोजन लखनऊ, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के डायमंड जयंती कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन समारोह कल, 24 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल माननीय आनंदी बेन पटेल, राष्ट्रीय जंबूरी का उद्घाटन करेंगी। उद्घाटन अवसर पर ड्रोन शो और स्काउट्स एंड गाइड्स की परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के इस ऐतिहासिक आयोजन की शुरूआत आज देश भर से आये स्काउट्स एंड गाइड्स के रजिस्ट्रेशन, कैम्पिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ हुई। आयोजन के पहले दिन 100 बेड के जंबूरी हॉस्पिटल और ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन भी किया गया। जंबूरी मैदान में सैकड़ों की संख्या में देश के विविध रंग रूप में लगे स्काउट्स के टेंटस् ने पूरे मैदान को स्काउट्स की वैश्विक राजधानी के रूप में बदल दिया है। स्काउट्स एंड गाइड्स की वैश्विक राजधानी बन गया है लखनऊ 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की शुरूवात आज देश के कोने-कोने से और अन्य देशों से भी आये स्काउट्स एंड गाइड्स के पंजीकरण और कैम्पिंग की प्रक्रिया के साथ हुई। इस क्रम में स्काउट्स की टेंट की नगरी ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्काउट्स एंड गाइड्स की वैश्विक राजधानी के रूप में बदल दिया है। विश्व के अनेक देशों और देश के अलग-अलग भाग से आये स्काउट्स के टेंट उनके सांस्कृतिक रंगों में रंगे नजर आये, जो विविधता में एकता के भाव को प्रतिबिंबित कर रहे हैं। राष्ट्रीय जंबूरी, देश-विदेश से आये स्काउट्स के लिए संस्कृतिक आदान-प्रदान एक का मंच बन गया है। जंबूरी के पहले दिन युवा स्काउट्स जोश, ऊर्जा और उत्साह से भरे हुए नजर आये, ये मंच उन्हें अपनी प्रतिभा को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया जंबूरी हॉस्पिटल एवं ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन    राष्ट्रीय जंबूरी के पहले दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 100 बेड के जंबूरी हॉस्पिटल व ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन किया। साथ ही जंबूरी के पहले दिन स्काउट्स ने 24 नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य उद्घाटन समारोह की रिहर्सल की और मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी की। यह आयोजन न केवल स्काउट्स एंड गाइड्स में सामजिक सेवा व राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत कर रहा है, बल्कि भारतीय स्काउटिंग को वैश्विक पटल पर पहचान भी प्रदान कर रहा है। राज्यपाल आनंदी बेन करेंगी 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का उद्घाटन भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का उद्घाटन 24 नवंबर को प्रदेश की माननीय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल करेंगी। उद्घाटन समारोह दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। जिसमें माननीय राज्यपाल के उद्बोधन के बाद स्काउट्स की परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के बाद रात्रि में राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की राजधानी में चलने वाले इस 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, 25 नवंबर को सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेगें। मुख्यमंत्री इस अवसर पर स्काउट्स एंड गाइड्स को प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। 29 नवंबर को समापन के पहले जंबूरी में कई तरह की प्रतिस्पर्धाओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

MP का दमोह-जबलपुर हाइवे जाम! शादी समारोह की अव्यवस्था से ट्रैफिक चरमराया, गंभीर मरीज परेशान

दमोह मध्य-प्रदेश में शनिवार रात दमोह–जबलपुर स्टेट हाईवे पर शादी समारोहों के कारण भारी जाम लग गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जाम में एक एंबुलेंस फंस गई, जिसमें एक गंभीर मरीज को जबलपुर रेफर किया जा रहा था। सड़क के दोनों ओर वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग और मैरिज गार्डन में पर्याप्त पार्किंग स्थान की कमी के कारण लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम बन गया। शहर के छह मैरिज गार्डन राधिका पैलेस, दमयंती मैरिज गार्डन, विद्या वाटिका, महावीर पैलेस, वृंदावन पैलेस, कृष्णा पैलेस और पवित्र बंधन मैरिज गार्डन में एक ही रात में विवाह समारोह आयोजित थे। समारोह में पहुंचे मेहमानों ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर दिए, जिससे दमोह–जबलपुर स्टेट हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों ने इस स्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस अधिकारियों को सूचित किया।   जानकारी मिलने पर नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे की कोशिशों के बाद रास्ता साफ किया गया और एंबुलेंस को आगे बढ़ने का मार्ग मिला। ट्रैफिक सामान्य होने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी को दी। पार्किंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छहों मैरिज गार्डन संचालकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 270 और 285 के तहत मामला दर्ज किया गया। इन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। गौरतलब है कि ऐसी स्थितियां हर साल शादी के सीजन में लगातार बनती हैं। प्रशासन और पुलिस बार-बार मैरिज गार्डन संचालकों को पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं, लेकिन अब तक किसी भी गार्डन में पर्याप्त पार्किंग नहीं बनाई गई। पुलिस और प्रशासन भी इस समस्या पर कठोर कार्रवाई नहीं कर पाए हैं, जिसके कारण हर वर्ष इसी तरह के हालात सामने आते हैं। इस वर्ष भी शादी का सीजन अभी शुरू ही हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में इसी तरह की स्थिति बने रहने की आशंका है।

सामाजिक सामंजस्य और संसाधन प्रबंधन के लिए अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान जरूरी

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेशव्यापी सत्यापन शुरू: अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी नेपाल बॉर्डर और बड़े शहरों में सख्ती: यूपी में अवैध विदेशी नागरिक पहचान को मिली रफ़्तार लखनऊ,  देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक सामंजस्य और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकारें अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं। उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे बड़ा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है, इस दिशा में विशेष सतर्कता बरत रहा है। सरकार ने सभी डीएम और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे विदेशी नागरिकों के दस्तावेज़ों की गहन जांच कर अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों की पहचान को प्राथमिकता दें। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति—जिसमें आठ राज्यों, एक केंद्र शासित प्रदेश और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा शामिल है—इस अभियान को और महत्व देती है। हाल के वर्षों में सीमाई जिलों में अस्थिरता, फर्जी पहचान और घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिनका सीधा असर यूपी पर दिखाई देता है। फर्जी पहचान के सहारे विभिन्न शहरों में बस रहे अवैध घुसपैठिए न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि सामाजिक संतुलन और संसाधनों पर भी गंभीर दबाव डालते हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सत्यापन और पहचान की प्रक्रिया को तेज़ कर रहे हैं। इसमें निर्दोष व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। वहीं संदिग्ध गतिविधियों में शामिल या फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य के सभी जिलों में अस्थायी डिटेंशन सेंटर भी स्थापित किए जायेंगे, जहां ऐसे व्यक्तियों को दस्तावेज़ों के सत्यापन पूरा होने तक सुरक्षित रूप से रखा जा सकेगा। यह व्यवस्था प्रशासन को सही तथ्यों की जांच में मदद करेगी, साथ ही स्थानीय जनसुविधाओं पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा। तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 2016 में संसद को सूचित किया था कि अनुमानित 2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी भारत में निवास कर रहे होंगे। इसके अलावा, अगस्त 2017 में उन्होंने संसद में यह भी कहा था कि भारत में अवैध रोहिंग्या प्रवासियों की संख्या 40,000 से अधिक है। अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी से स्थानीय संसाधनों, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर असर पड़ता है। कई बार फर्जी पहचान बनाकर ये लोग सरकारी लाभ प्राप्त करने की कोशिश करते हैं, जिसका सीधा नुकसान वास्तविक पात्रों को होता है। तेजी से विकसित हो रहे शहर—जैसे लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और वाराणसी—इस समस्या का अधिक प्रभाव महसूस करते हैं, जहां जनसंख्या घनत्व पहले से ही अधिक है और संसाधनों पर दबाव भी। विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों में अवैध प्रवेश, फर्जी पहचान और संदिग्ध गतिविधियों का जोखिम अधिक रहता है, इसलिए समय पर पहचान बेहद आवश्यक है। समग्र रूप से, यह अभियान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सदभाव और संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने के साथ भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाने में मदद कर रहा है।

सीएम योगी के नेतृत्व में ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में यूपी बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण

बढ़ती महंगाई के बीच यूपी की स्थिर बिजली दरें बनी जनता की ताकत सीएम योगी की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन से आम जनता को मिला वास्तविक लाभ राजस्व अधिशेष ने साबित किया, प्रबंधन सही तो व्यवस्था मजबूत ऊर्जा सुधारों ने बनाया यूपी को भरोसेमंद निवेश गंतव्य लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने लगातार छठे वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करके देश के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो बताता है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन एक साथ मिलकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में जो सुधार किए हैं, उनकी वजह से आज यूपी देश का पहला राज्य बन गया है, जहां छह वर्षों से बिजली दरें यथावत हैं।      वर्तमान समय में जब देश के कई राज्यों में बढ़ती लागत के कारण बिजली दरें ऊपर जा रही हैं, उसी समय उत्तर प्रदेश ने गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़े और घरेलू बजट स्थिर रहे।      इस निर्णय के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुव्यवस्थित और दूरदर्शी योजना काम कर रही है। बिजली वितरण कंपनियों ने पिछले वर्षों में ₹15,000 करोड़ से अधिक का राजस्व अधिशेष अर्जित किया है। यह अधिशेष अचानक नहीं आया, बल्कि यह आर्थिक अनुशासन, बिजली चोरी पर नियंत्रण, तकनीक आधारित बिलिंग, लाइन लॉस में कमी, समय पर मेंटेनेंस और बड़े पैमाने पर संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।       प्रदेश में नई विद्युत उत्पादन परियोजनाओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ते निवेश ने भी लागत नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बढ़ते माइग्रेशन, उद्योग विस्तार और शहरीकरण के बावजूद सरकार ने सब्सिडी को प्रभावी बनाकर व्यवस्था को संतुलित कर रखा है।     ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ओवरलोडिंग नियंत्रित करने, केबलिंग को भूमिगत करने, पुराने तारों और ट्रांसफॉर्मरों को बदलने जैसे कार्यों ने बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया है। ऊर्जा बचत अभियानों और स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटरों के व्यापक क्रियान्वयन ने भी बिलिंग और खपत प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया, जिससे राजस्व बढ़ा और लीकेज में कमी आई।      बिजली दरों में स्थिरता से उपभोक्ताओं को तुरंत राहत तो मिलती ही है, साथ ही उद्योगों की प्रोडक्शन लागत भी नियंत्रित रहती है। इसका सीधा असर निवेश माहौल पर पड़ता है। निवेशक ऐसे राज्यों को प्राथमिकता देते हैं जहां ऊर्जा की कीमतें स्थिर हों, आपूर्ति सुरक्षित हो और नीतियां पारदर्शी हों। यूपी ने इन तीनों मोर्चों पर भरोसे का वातावरण तैयार किया है। यही कारण है कि आज प्रदेश देश के उभरते औद्योगिक हब्स में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।        योगी सरकार का स्थिर बिजली और मजबूत व्यवस्था मॉडल इस बात का प्रमाण है कि जनहित और अर्थव्यवस्था दोनों को साथ-साथ मजबूत किया जा रहा है। गरीब परिवारों की जेब सुरक्षित, किसानों पर सिंचाई लागत का बोझ नहीं, मजदूर और कामगारों पर अतिरिक्त भार नहीं, छोटे व्यापारियों का बजट नियंत्रित और उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल को यह संतुलन कर उत्तर प्रदेश में स्थापित किया है।      छह साल से स्थिर बिजली दरें केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि सरकार की दूरदर्शिता, प्रबंधन क्षमता और नीतिगत प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण हैं। उत्तर प्रदेश ने यह दिखा दिया है कि मजबूत इच्छा-शक्ति हो तो जनता को राहत देते हुए भी व्यवस्था को लाभ में रखा जा सकता है।      सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। खासतौर पर रूफटॉप सोलर और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश में आज शहर या गांवों की छतों पर चमकते सोलर पैनल न सिर्फ बिजली पैदा कर रहे हैं, बल्कि नए भारत की परिकल्पना को साकार भी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के अंतराल बढ़ता औद्योगिक विस्तार और पर्यावरणीय क्षेत्र में सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की जरूरत को बढ़ाया है। सौर ऊर्जा न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में मददगार साबित हो रही है।      उत्तर प्रदेश में कुल 13,46,040 आवेदन प्राप्त हुए थे। यह स्वयं दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए कितने तत्पर थे। मात्र 18 महीनों में 2,81,769 सोलर रूफटॉप संयंत्रों का इंस्टॉलेशन और पिछले 4.5 महीनों में रिकॉर्ड 1,30,000 संयंत्रों की स्थापना ने उत्तर प्रदेश को महाराष्ट्र और गुजरात के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बना दिया।    सौर ऊर्जा क्रांति ने सिर्फ रोशनी नहीं फैलाई बल्कि इसने रोजगार के द्वार भी खोले। अकेले उत्तर प्रदेश में 54,000 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। देशभर में सोलर मॉड्यूल निर्माण, इन्वर्टर, वायरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में लाखों नौकरियां सृजित हुईं—यानी यह योजना ऊर्जा के साथ-साथ रोजगार का भी उजाला लेकर आई है।       यूपी बिजली टैरिफ 2025-26 के प्रमुख आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगातार छठे साल बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि ग्रीन एनर्जी टैरिफ में राहत देते हुए HV कंज्यूमर्स के लिए इसे ₹0.36 से घटाकर ₹0.34 प्रति यूनिट और LV कंज्यूमर्स के लिए ₹0.17 प्रति यूनिट तय किया गया है। डिस्ट्रीब्यूशन लॉस के मामले में मध्यांचल और पश्चिमांचल डिस्कॉम ने FY 24-25 का लक्ष्य पूरा किया, जबकि सबसे कमजोर प्रदर्शन पूर्वांचल का रहा।          आयोग ने FY 2023-24 के लिए 85,082.83 करोड़ रुपये का एआरआर और 1,246.55 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी सरप्लस स्वीकृत किया। वहीं FY 2025-26 के लिए 1,10,993.33 करोड़ रुपये का एआरआर और 13.35% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को मंजूरी दी गई है, जिसमें राज्य सरकार 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।        इस वर्ष 7,710.04 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी गैप दर्ज हुआ है, जबकि 1 अप्रैल 2025 तक यूपीपीसीएल के पास 18,592.38 करोड़ रुपये का जमा रेगुलेटरी सरप्लस उपलब्ध रहेगा। औसत सप्लाई कॉस्ट ₹8.18 और औसत बिलिंग रेट ₹7.61 प्रति यूनिट तय की गई है। आदेश के अनुसार PAN अपडेट, TDS सर्टिफिकेट जारी करने, ओपन एक्सेस क्रॉस-सब्सिडी में तर्कसंगत कमी और TOD टैरिफ को यथावत रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग व टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही अलग कंसल्टेशन पेपर … Read more

वीसी बैठक: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज वीसी के माध्यम से धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों की बैठक ली और धान खरीदी की प्रगति तथा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को धान उपार्जन में कोई समस्या न हो। अवैध धान खरीदी पर कड़ाई से रोक लगाने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम उमाशंकर बंदे तथा रायपुर एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

भ्रष्टाचार पर ACB-EOW का शिकंजा, मुख्यमंत्री साय ने कहा— दोषियों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने रायपुर, बिलासपुर सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े लगभग 18 ठिकानों पर दबिश दी गई है, जहां अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ACB-EOW की इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार की शिकायतों पर एजेंसियां जांच कर रही हैं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है – अरुण साव उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दोनों मामलों में लंबे समय से इन्वेस्टिगेशन चल रही है। दोनों ही मामलों की जांच पहले से ही की जा रही है। जांच के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है, जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। बता दें कि ACB–EOW की टीम ने सुबह से ही कई जिलों में छापा मारा। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े ठिकानों में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव समेत विभिन्न जिले शामिल हैं। कहां-कहां हुई ACB-EOW की छापेमार कार्रवाई रायपुर – रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास और अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के ठिकानों पर। दुर्ग –  रिटायर्ड आबाकरी अधिकारी निरंजन दास के बेटे डॉ. अभिषेक दास के घर। बिलासपुर – शराब घोटाले से जुड़े अनिल टुटेजा के रिश्तेदार अशोक टुटेजा के घर। कोंडागांव – वर्ष 2019-20 में डीएमफ सप्लाई में शामिल रहे हैं कोणार्क जैन के घर। जगदलपुर – निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के मैत्री संघ स्थित आवास। अंबिकापुर – पर्राडांड निवासी डॉक्टर तनवीर अहमद और सत्ती पारा निवासी अमित अग्रवाल के घर। बलरामपुर – कारोबारी मनोज अग्रवाल के घर।