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143 खिलाड़ियों के ग्रेडेशन प्रमाणपत्र रद्द करने की तैयारी, हरियाणा के इन जिलों के खिलाड़ियों पर सबसे बड़ा असर

चंडीगढ़  सरकारी भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर फर्जीवाड़ा अब बड़े स्तर पर सामने आया है। राज्य सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में खेल विभाग ने कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध, अमान्य और यहां तक कि फर्जी घोषित किया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में खेल कोटे के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर नौकरियों में फायदा उठाने की कोशिश हुई। इससे न केवल वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा गया, बल्कि भर्तियों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे। कई सर्टिफिकेट तो 2012, 2014, 2016 और 2018 की प्रतियोगिताओं के बताए जा रहे थे, लेकिन संबंधित संघों ने ऐसे आयोजनों के होने से ही इन्कार कर दिया। वहीं कुछ खिलाड़ियों को असली और नकली दोनों तरह के दस्तावेज लेकर आते पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई प्रमाणपत्र जूनियर कैटेगरी के थे, जबकि उम्मीदवार ने उन्हें सीनियर कैटेगरी के रूप में नौकरी में लगाया जो नियमों के खिलाफ है।   रिपोर्ट में कई ऐसे सर्टिफिकेट भी पाए गए हैं, जो न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य संघ की ओर से जारी किए गए हैं और न ही राष्ट्रीय महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध हैं। एसोसिएशन ने बिना मान्यता के ही खेल के प्रमाणपत्र खिलाड़ियों को जारी कर दिए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट की सूची बनाकर संबंधित फेडरेशनों से सत्यापन कराया गया। जांच में बड़ी संख्या ऐसे प्रमाणपत्र निकले, जो संबंधित एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है। उन पर सर्टिफिकेट फर्जी और मान्य नहीं है जैसी टिप्पणियां दर्ज की गईं हैं।   जांच रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी के प्रमाणपत्रों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट मान्य नहीं पाए गए। कोई भी दस्तावेज मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी नहीं हुआ था, जबकि कुछ में राष्ट्रीय फेडरेशन की मान्यता ही नहीं थी। एथलेटिक्स में कई प्रमाणपत्र सीधे फर्जी घोषित हुए। संबंधित संघ ने स्पष्ट लिखा कि ऐसे किसी खिलाड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वॉलीबाल व थ्रोबाल में भी कई सर्टिफिकेट ऐसे निकले जिन पर दर्ज उपलब्धियां असत्य साबित हुईं। कबड्डी में कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र न मान्यता प्राप्त संघ से जारी पाए गए और न ही इवेंट के वर्ष में फेडरेशन की कोई अधिकृत प्रतियोगिता हुई थी।    सबसे ज्यादा हिसार, जींद व फतेहाबाद के खिलाड़ी शामिल जारी सूची में हिसार के 36 खिलाड़ी, जींद के 31, फतेहाबाद के 20, चरखी दादरी के 8, सोनीपत के 6, कैथल के 6, महेंद्रगढ़ के 9, रोहतक के 3, करनाल के 4, पानीपत के 13, कुरुक्षेत्र व भिवानी के 2, रेवाड़ी, सिरसा व झज्जर के एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद में निवेश को लेकर रोड-शो

दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से निवेश पर होगा विस्तृत संवाद ग्रीन एनर्जी, आईटी, आईटीईएस एवं इएसडीएम सेक्टर के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से होंगे रू-ब-रू भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 22 नवंबर को हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे। यह सत्र उद्योग समूहों के लिए मध्यप्रदेश की नीतियों, आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों को जानने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैदराबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश विस्तार, नई इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टरों में दी जा रही सुविधाओं पर संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीनको मुख्यालय का भ्रमण करेंगे। साथ ही ग्रीनको समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक भी होगी, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े पैमाने के औद्योगिक निवेश पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद द लीला होटल में आयोजित मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिनमें आईटी, आईटीआईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में निवेश योजनाओं और आगामी प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। सत्र में बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग होगी। इसमें नवाचार आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी रखेंगे, जिसमें विभिन्न समूह राज्य में अपने निवेश प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, सेक्टर-आधारित क्लस्टर्स, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मध्यप्रदेश को लेकर अपनी अपेक्षाएँ और अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद आने वाले समय में प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश और दीर्घकालिक साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह कार्यक्रम उद्योग जगत के लिए मध्यप्रदेश को निवेश के विश्वसनीय गंतव्य के रूप में समझने का अवसर प्रदान करेगा। 

समाज के हर वर्ग की सहभागिता से बालाघाट को बनायेंगे आदर्श जिला

बालाघाट में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि बालाघाट जिले को समाज के हर वर्ग की सहभागिता से आदर्श जिला बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के समग्र विकास के लिये गहन मंथन के बाद जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया है। समिति में विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनके सुझाव से जिले की विकास गति को तेज रफ्तार मिलेगी। मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को बालाघाट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने बालाघाट में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने, जिला चिकित्सालय में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रैन-बसेरा बनाने, सरकारी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, जनजातीय बहुल क्षेत्र में खनिज खनन प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में सांसद श्री भारती पारधी, विधायक सर्वश्री राजकुमार कर्राहे, गौरव पारधी, मधु भगत, विवेक विक्की पटेल और श्रीमती अनुभा मुंजारे ने सुझाव दिये। समिति के सदस्य सचिव कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि समिति गठन का उद्देश्य जिले के दीर्घकालीन विकास की योजना बनाना, प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने और जिले के विकास के लिये रोड मेप तैयार करना है। शहीद जवान आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि बैठक के प्रारंभ में बालाघाट जिले में पदस्थ जवान आशीष शर्मा को देश की सेवा करते हुए शहीद होने पर श्रद्धांजलि दी गयी। मंत्री श्री सिंह ने शहीद आशीष के शौर्य का स्मरण किया। युवाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने जिले के चयनित युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरी मिलने पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित कम्पनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टाटा मोटर्स में जॉब मिलना युवाओं के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित युवाओं से मन लगाकर काम करने की अपील की। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि जिले में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये लगातार रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। सीखो-कमाओं योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न उद्योगों में 400 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।  

डायल–112 के त्वरित सीपीआर से सड़क किनारे अचेत पड़े व्यक्ति को मिला नया जीवन

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डायल–112 सेवा अब केवल आपातकालीन कॉल रिस्पॉन्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा, त्वरित सहायता और जीवन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है। सड़क दुर्घटनाओं, हृदय गति रुकने जैसी गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों में जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना आज की प्रमुख आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से डायल–112 के “फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स” को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा वैज्ञानिक एवं उन्नत जीवनरक्षक तकनीकों—विशेषकर सीपीआर का प्रशिक्षण प्रदेश के सभी जिलों में प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे घटनास्थल पर ही तत्काल प्रभावी प्राथमिक उपचार दे सकें। इसी प्रशिक्षण के परिणामस्‍वरूप भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में हार्ट अटैक से गिरे स्कूटी सवार व्यक्ति को डायल-112 टीम ने समय रहते सीपीआर देकर जीवन बचाया जा सका। 20 नवंबर 2025 की शाम लगभग 6:10 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल–112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टीटी नगर क्षेत्र में एक स्कूटी सवार व्यक्ति अचानक सड़क किनारे गिर पड़ा है और अचेत अवस्था में है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा क्षेत्र में तैनात एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। कुछ ही मिनटों में डायल–112 की एफआरव्ही टीम मौके पर पहुँची। टीम ने पहुंचकर देखा कि एक व्यक्ति सड़क के किनारे गिरा हुआ है। व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा था। आसपास उपस्थित लोगों ने भी बताया कि व्यक्ति स्‍कूटी से अचानक गिर पड़ा और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफआरव्ही स्टाफ ने बिना देर किए सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की सतर्कता और निरंतर प्रयासों से व्यक्ति की धड़कनें सामान्य हुईं। इसी दौरान पीड़ित के परिजन भी घटनास्थल पर पहुँच गए, जिन्हें डायल–112 टीम ने स्थिति से अवगत कराया। डायल-112 कर्मचारियों ने पीड़ित को परिजन के साथ तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।  

रीवा में लोकायुक्त की दबिश: रिश्वतखोर पटवारी-सर्वेयर 4800 रुपये लेते ही पकड़े गए

रीवा लोकायुक्त संभाग रीवा ने शुक्रवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में बड़ोखर ग्राम के पटवारी हंसराज पटेल और सर्वेयर आशुतोष त्रिपाठी को 4,800 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे‑हाथों पकड़ा गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र साहू (पिता रामबहोर साहू, उम्र 33 वर्ष, ग्राम बड़ोखर, पोस्ट बेलवा बड़गैयान, थाना गढ़, जिला रीवा) ने अपनी पत्नी श्यामवती साहू के नाम 0.091 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। इस भूमि के नक्शा तरमीम और नामांतरण के लिए पटवारी हंसराज पटेल ने 6,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक ने शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान दोनों अधिकारियों ने 4,800 रुपये की सामूहिक रिश्वत की मांग की पुष्टि की।   सत्यापन के बाद, पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में निरीक्षक एस. राम मरावी (लोकायुक्त संगठन रीवा), उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार तथा 12 सदस्यीय दल शामिल थे। आज दिनांक 21 नवंबर 2025 4,800 रुपये रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।

प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

प्रदूषण की भारी मार: दिल्ली-एनसीआर का AQI 600+, लोगों का बाहर निकलना मुश्किल

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई हिस्सों में आज सुबह वायु गुणवत्ता (Air Quality) एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि यह गंभीर प्लस (Severe Plus) की श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। 600 के पार पहुंचा AQI कई जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 600 के आंकड़े को भी पार कर गया है। यह बताता है कि हवा में प्रदूषक कणों (Pollutants) की मात्रा बेहद अधिक हो गई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज़्यादा प्रदूषित क्षेत्रों की स्थिति कुछ इस प्रकार है: इलाका     दर्ज AQI     श्रेणी वज़ीरपुर     691     गंभीर प्लस (सबसे प्रदूषित) आनंद विहार     620     गंभीर प्लस जहांगीरपुरी     583     गंभीर प्लस बहादुरगढ़     550     गंभीर प्लस इन इलाकों के अलावा लोनी, रोहिणी और नोएडा सेक्टर-116 में भी प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है। यह खतरनाक स्तर लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी दे रहा है खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही श्वसन संबंधी बीमारियों (Respiratory Ailments) से जूझ रहे लोगों के लिए स्थिति बहुत गंभीर है। अधिकारियों को तत्काल इस पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।  

राजकुमार भगत ने नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में बेचा धान

ऑनलाइन टोकन जारी होने से किसानों को मिल रही बड़ी सुविधा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में किसान राजकुमार भगत अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन आसानी से कट गया और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। राजकुमार भगत ने कहा कि वे हर वर्ष इसी केंद्र में धान बेचते हैं और इस बार भी सभी व्यवस्थाएँ बेहद सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं जैसे—ऑनलाइन टोकन जारी व्यवस्था, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया। प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी प्रबंध किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को धान खरीदी की प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। क्या है माइक्रो एटीएम सुविधा? धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की त्वरित जरूरतों को पूरा करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार ने माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा के माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से किसानों को बैंक की शाखाओं में लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक राशि आसानी से मिल जाती है। यह सुविधा किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अत्यंत मददगार साबित हो रही है और संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं किसान-फ्रेंडली बना रही है।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत

मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज रायपुर  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं। शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है। अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्री श्याम राजवाड़े और श्री मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। श्री श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की। इसी तरह किसान श्री  मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है। डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।