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बैंगलुरू टेक समिट में प्रदर्शति हुआ टियर-2 टेक्नोलॉजी इको सिस्टम

फ्यूचर-रेडी इनोवेशन से मध्यप्रदेश बन रहा विश्व स्तरीय कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र भोपाल राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की।बीटीसी- 2025 में विशेष प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मध्यप्रदेश मंडप हॉल 3, बूथ एचएस 17 में स्थापित किया। मंडप में प्रदेश की समग्र नीति व्यवस्था को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।मंडप ने वैश्विक कंपनियों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश अवसरों का आकलन किया और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश में नए अवसरों पर विचार विमर्श किया। मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, AVGC-XR पॉलिसी 2025, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 और IT, ITES & ESDM निवेश संवर्धन पॉलिसी 2023 प्रदर्शित की गईं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, ईएसडीएम और सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर,जीसीसी, एवीजीसी-एक्सआर स्टूडियोज और ड्रोन तकनीक के लिए एक प्रमुख और आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है। इन प्रगतिशील नीतियो की सहायता और मिशन-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी टेक्नोलॉजी हब बन रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते तकनीकी परिदृश्य को भी प्रस्तुत किया गया जो 15 से अधिक आईटी पार्क, 6 आईटी एसईजेड, 2000 से अधिक आईटी और ईएसडीएम इकाइयां, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार से सशक्त है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कई बड़ी कंपनियों का विस्तार और 50 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियों का संचालन राज्य को एक मजबूत निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मंडप ने इस टियर-2 विकास की कहानी को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया, जो उद्योग प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत आकर्षक रही। राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अवंतिका वर्मा, अधिकारी-इन-चार्ज, निवेश संवर्धन, MPSEDC, राजा पंचाल, टीम लीड, एमपीएसईडीसी और निवेश संवर्धन टीम ने किया। समिट के दौरान मंडप ने इंफोसिस, टीसीएस, इम्पेटस, एक्स-ईबिया,हिताची, डीएक्ससी, टेक महिंद्रा, डब्ल्यूएनएस, टास्कयूएस, यश टेक्नोलॉजीज, एजिस, इंफोबीन्स, पर्सिस्टेंट, सिविया, कॉन्साइल, इन्क्चर, आरटेक, रेनेसाँ सॉफ्ट लैब्स, एचएलबी टेक, इंफोग्लोबल, न्यूजटेक फ्यूज और लिमिन्डो जैसी प्रमुख कंपनियों के टेक-लीडर्स के साथ संवाद किया। इन संवादों में डेटा सेंटर विस्तार, सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम निर्माण, इंजीनियरिंग आरएंडडी जीसीसी एआई और क्लाउड तकनीक ड्रोन-टेक सॉल्यूसन और एवीजीसी-एक्सआर इनोवेशन हब के रूप में विकसित किये जाने में गहरी रुचि दिखाई दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग जगत मध्यप्रदेश को नए निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रहा है। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश एक फ्यूचर रैडी इनोवेशन परिदृश्य तैयार कर रहा है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और विश्व स्तर की कंपनियों के लिए भरपूर अवसर मौजूद हैं। बेंगलुरु टेक समिट में हमारी उपस्थिति राज्य की तकनीकी निवेश क्षमता को और मजबूत करती है। बेंगलुरु टेक समिट 2025 में भागीदारी ने राज्य को भारत के सबसे निवेश- योग्य, नवाचार-संचालित और प्रगतिशील तकनीकी हब के रूप में स्थापित किया है। राज्य की प्रदर्शनी ने टियर-2 शहरों की ताकत, नीतिगत उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग की क्षमता को उजागर किया, जो मध्यप्रदेश को भारत और वैश्विक स्तर पर निवेश और नवाचार के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाता है।  

घर में आई खुशियों की बहार, सीमा हैदर और पाकिस्तानी भाभी ने मनाया जश्न

ग्रेटर नोएडा पाकिस्तानी भाभी के नाम से मशहूर सीमा हैदर इन दिनों बहुत खुश है। वजह ही कुछ ऐसी है। दो साल पहले चार बच्चों को लेकर पड़ोसी मुल्क से भागकर आई सीमा हैदर और सचिन की जिंदगी लगातार बदलती जा रही है। दोनों की चर्चित प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर इतनी वायरल हुई कि लाखों लोग अब भी हर दिन उनके बारे में जानना चाहते हैं। और लोगों की इसी उत्सुकता से सीमा और सचिन की बल्ले-बल्ले हो गई है। यूट्यूब की कमाई से कुछ दिन पहले एक कमरा बनवाने वाली सीमा हैदर नया शानदार घर बनवा रही है।   अपने नए घर को बनते देख सीमा हैदर और सचिन मीणा खुशी से झूम रहे हैं। अपने यूट्यूब अकाउंट पर दोनों अपने प्रशंसकों के साथ इस खुशी को साझा भी कर रहे हैं। बीच-बीच में वे वीडियो बनाकर दिखाते हैं कि कंस्ट्रक्शन का काम किस तरह चल रहा है और कितना तैयार हो चुका है। सीमा हैदर एक वीडियो में कहती है कि पुराना घर काफी छोटा था और परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होने की वजह से बहुत दिक्कत होती थी। पांच बच्चों और पति-पत्नी के लिए एक कमरे में गुजारा करना कठिन था। सीमा हैदर ने कहा कि भगवान, प्रशंसकों और यूट्यूब के आशीर्वाद से उन्होंने ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में ही एक नया प्लॉट खरीदा है और इस पर अब नया मकान बनाया जा रहा है। दो मंजिले में मकान को बेहद खुबसूरती के साथ बनाया जा रहा है। सीमा और सचिन ने यह तो नहीं बताया कि उन्होंने प्लॉट और इस मकान में कितना पैसा खर्च किया है, लेकिन जाहिर एनसीआर में जमीन खरीदने और मकान बनवाने का खर्च का अंदाजा यहां रहने वाले लोग आसानी से लगा सकते हैं। जाहिर है कि यूट्यूब और सोशल मीडिया के अन्य प्लैटफॉर्म से सीमा और सचिन की अच्छी कमाई हो रही है। सीमा के भारत आने के बाद से ही सचिन उस किराने की दुकान में नौकरी छोड़ चुका है जहां वह कभी दिन के 8-10 घंटे बिताकर गुजारा लायक कमा पाता था।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया जंबूरी स्थल का निरीक्षण, विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के दिए आदेश

जंबूरी में ‘एकता में विविधता’ की भावना के साथ लखनऊ की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा मजबूती 32,000 स्काउट्स और गाइड जुटेंगे लखनऊ में ओडीओपी, नवाचार और संस्कृति का होगा संगम 61 साल बाद यूपी में होने जा रहा 19वां नेशनल जंबूरी; सीएम योगी ने की मेगा तैयारियों की समीक्षा लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को 19वें भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के जंबूरी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह आयोजन 23 से 29 नवंबर तक वृंदावन कॉलोनी स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होगा। 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश इस प्रतिष्ठित डायमंड जुबिली संस्करण की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण है। 300 एकड़ में फैले जंबूरी परिसर को 32,000 प्रतिभागियों और 3,000 स्टाफ सदस्यों के लिए तैयार किया जा रहा है। नेपाल, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे, जिससे इसका अंतरराष्ट्रीय महत्व और बढ़ जाता है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “विश्वस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे।” उन्होंने आवास, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी तक हर व्यवस्था को सर्वोत्तम मानक के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। सीएम ने स्काई साइक्लिंग और ज़िपलाइन एडवेंचर का विशेष प्रदर्शन भी देखा, जिसकी उन्होंने सराहना की। उनके साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, प्रभात कुमार (सेवानिवृत्त IAS), राज्य मुख्य आयुक्त, स्काउट्स एंड गाइड्स, और डीएम लखनऊ विशाख जी मौजूद रहे। सुगम व्यवस्थाओं के लिए परिसर में 16 जर्मन हैंगर, 600 वाटर टैंक, 30 RO प्वाइंट, 2,200 से अधिक शौचालय, 100 किचन और चार केंद्रीय रसोईघर स्थापित किए जा रहे हैं, जो प्रतिदिन हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराएंगे। 3,500 क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, अस्थायी पुलिस स्टेशन और 11 फायर टेंडर भी सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करेंगे। जंबूरी में देशभर से आए कैडेट ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करते हुए उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विविध व्यंजनों का अनुभव करेंगे। यह आयोजन लखनऊ में रोज़गार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां हज़ारों श्रमिकों, ठेकेदारों और छोटे विक्रेताओं को अवसर मिल रहे हैं। सांस्कृतिक गौरव और आर्थिक प्रगति का यह संगम जंबूरी को प्रतिभागियों और शहर, दोनों के लिए यादगार बना रहा है। इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश की संस्कृति, तकनीक और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र होगा। इसमें 100 से अधिक स्टॉल, जिसमें ओडीओपी, रोबोटिक्स व इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्प्ले, तथा नेडा का सोलर पवेलियन राज्य के नवाचार और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करेंगे। प्लानेटेरियम, एआई जोन, और वाराणसी, बुंदेलखंड व प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की सांस्कृतिक झलक और व्यंजन अनुभव को और समृद्ध करेंगे। कैडेट अपने प्रवास के दौरान अपने परिवारों से जुड़े रह सकें, इसके लिए समर्पित मोबाइल टावर भी स्थापित किया जा रहा है।

पानी के दुरुपयोग पर बड़ी सख्ती: नया कानून आएगा, उल्लंघन पर होगी कड़ी सज़ा

चंडीगढ़ सूबे में पानी के दुरुपयोग और बर्बादी करने वालों पर आने वाले वक्त में शिकंजा कसा जाएगा।  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विशेष बिल लाने की तैयारी है, जिसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। विभाग के मंत्री ने साफ कर दिया है कि पानी का दुरुपयोग, बर्बादी व कमर्शियल इस्तेमाल चोरी छिपे करने वालों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विधेयक में भारी जुर्माने के साथ साथ सजा तक का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के इस तरह के रवैये के कारण बाकी लोगों को दिक्कत उठानी होती है। मंत्री ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं है, बल्कि कुछ ग्रामीण इलाकों से हमें इस तरह की शिकायत मिली है, लेकिन उसके तकनीकी कारण भी हैं, क्योंकि इस बार भारी बारिश, जलभराव के कारण कईं तरह की चुनौतियां आन खड़ी हुई हैं। उसके बावजूद भी अधिकारियों को साफ साफ निर्देश हैं कि नियमित कार्यों के लिए ग्रामीण एरिया में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हरियाणा में पेयजल बर्बादी रोकने को लेकर जहां सूबे की नायब सैनी सरकार दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में नया बिल लेकर आएगी। जिसमें कड़ी सजा, मोटे जुरमाने जैसे प्रावधान रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पानी के इस्तेमाल को लेकर मीटर लगाए जाने के साथ ही बिलों का बकाया समय से जमा हो इसके भी ठोस प्रबंधन किए जा रहे हैं। मंत्री ने साफ कर दिया है कि पेयजल की बर्बादी करने और समय से बिल नहीं जमा करने वालों पर  शिकंजा कसा जाएगा। इस क्रम में लीगल एक्सपर्ट की सलाह लेकर बिजली चोरी की तर्ज पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए कानून बनाने से आला अफसरों को उम्मीद है कि लोगों की पानी  बर्बाद करने की आदतों पर अंकुश लगेगा। अवैध कट पर भी कार्रवाई  पेयजल लाइन में अवैध कटों पर भी कार्रवाई का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि पानी के बिलों की शहरों में 60 से 65 फीसदी रिकवरी है, लेकिन गांवों में यह 5 से 7 फीसदी ही है। ऐसे में विभाग पेयजल सप्लाई के मीटर लगाए जाने के  विकल्प पर भी काम कर रहा है। गंगवा ने कहा कि महाग्राम योजना में 10 हजार से अधिक आबादी वाले 148 गांव चिह्नित किए हैं। 17 में पेयजल, सीवरेज और एसटीपी की व्यवस्था पूरी की जा चुकी है जबकि 30 में कार्य प्रगति पर है। दो साल में इन सभी 148 गांवों में शहरों की  तर्ज पर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यहां पर बता दें कि गुरुग्राम नगर निगम ने नई दरें तय कर अधिसूचना भी पूर्व में जारी कर दी गई है।   बाकी नगर निगमों में भी तैयारी हो रही है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को पहले से दोगुना भुगतान करना होगा। एक से 20 किलोलीटर पानी की खपत पर दर 3.19 से बढ़ाकर 6.38 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। 20 से 40 किलो लीटर तक की खपत पर अब 10.21 रुपये प्रति किलोलीटर देना होगा, जो पहले की तुलना में लगभग 60% की बढ़ोतरी है। 40 किलोलीटर से अधिक पानी उपयोग करने वालों को 12.76 प्रति किलोलीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। सरकार ने नगर निगमों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए नई पेयजल और सीवरेज दरें लागू करने का निर्णय लिया है। यहां पर यह  भी उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत, पानीपत कई जिलों में एक नवंबर से बिलों में बढ़ोतरी हो गई है। बताया जा रहा है कि खर्चों की भरपाई और नई पेयजल और सीवरेज लाइन बिछाने के क्रम में यह कदम उठाया जा रहा है।  नई पेयजल तथा सीवरेज लाइन बिछाने में खर्च की गई रकम की भरपाई के लिए नया रास्ता निकाला है। गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा सोनीपत और पानीपत सहित कई जिलों में नवंबर से पानी के बिलों में डबल बढ़ोतरी होने जा रही है।  

किसानों को मिली बड़ी राहत: मध्य प्रदेश में बदले नियम, हाईटेंशन लाइन के लिए दोगुना मुआवजा

भोपाल प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए हाईटेंशन लाइन बिछाने के लिए अधिग्रहित भूमि पर मिलने वाले मुआवजे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब खेतों के ऊपर से 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की विद्युत लाइन डाली जाती है, तो भूमि स्वामी को कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 200 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 85 प्रतिशत दी जाती थी। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाईटेंशन लाइन के लिए जहां-जहां टावर स्थापित किए जाएंगे, वहां टावर के चारों लेग के भीतर आने वाली भूमि तथा उसके दोनों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त क्षेत्र का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि यह जमीन किसान के कब्जे में बनी रहेगी।   इसके साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के नीचे आने वाले मार्गाधिकार (ROW) क्षेत्र में स्थित भूमि के कारिडोर क्षेत्रफल का कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य का 30 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, ROW क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी। मुआवजा निर्धारण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जो भूमि के बाजार मूल्य और निर्धारित मानकों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि तय करेंगे। सरकार ने विभिन्न क्षमता की हाईटेंशन लाइनों के लिए मार्गाधिकार क्षेत्रफल का निर्धारण भी सार्वजनिक किया है। हाईटेंशन लाइन के नीचे भूमि के क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल का निर्धारण केवी हाईटेंशन लाइन- सामान्य मार्ग- वन क्षेत्र- शहरी आबादी क्षेत्र 400 केवी- 46 मीटर- 40 मीटर- 38 मीटर 220 केवी- 32 मीटर- 28 मीटर- 24 मीटर 132 केवी- 25 मीटर- 21 मीटर- 19 मीटर 

अंचल कार्यालयों में बैठने के लिये सीएससी वीएलई को सर्वे भवन में दिया जा रहा प्रशिक्षण

पटना, राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ऑनलाइन सेवाओं को आम नागरिकों के और करीब लाने के लिए विभाग द्वारा सीएससी के साथ समन्वय स्थापित कर उनके वीएलई को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सभी जिलों के वीएलई को विभिन्न बैचों में बांटकर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये वीएलई अंचल कार्यालयों में बैठेंगे तथा नियत दर पर आमलोगों को सभी ऑनलाइन राजस्व सेवाओं की प्राप्ति में मदद करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के ये वीएलई सीधे अंचल कार्यालयों में स्थापित काउंटरों पर बैठकर आम जनता के लिये राजस्व विभाग के सलाहकार के रूप में भी कार्य करेंगे। इसी उद्देश्य से गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में वीएलई के चौथे बैच के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव ने की चौथे बैच की शुरूआतः वीएलई के चौथे बैच की शुरुआत करते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह उपलब्ध होने के बावजूद शिकायतों का जारी रहना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन करने का उद्देश्य जनता को सुगमता से विभाग की सेवायें पहुंचाना था ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों तथा पदाधिकारियों के पास चक्कर ना लगाना पड़े। लेकिन आज भी राज्य की बड़ी आबादी राजस्व तथा भूमि संबंधी मामलों में ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता और भय से ग्रसित है। आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी न होने से भी समस्या बनी रहती है। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए वीएलई को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पहली बार वीएलई को अंचल कार्यालय में बैठने की दी गई जिम्मेदारी विभागीय ऑनलाइन सेवाओं की आसान उपलब्धता की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि अब वीएलई सिर्फ सेवा प्रदाता ही नहीं, विभाग के सलाहकार की भूमिका में रहेंगे। इसलिए उन्हें विभागीय प्रावधानों व प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोग सीधे आपके पास आएंगे। यदि आप सही सलाह और सटीक कार्य करेंगे तो काम समय पर होगा और शिकायतें स्वतः कम होंगी। इससे विभाग के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अंचलों में बेवजह की भीड़ घटेगी। प्रशिक्षण सत्र में विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने विभाग की संरचना की जानकारी दी। उन्होंने महत्वपूर्ण सेवा की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। निदेशालय के आईटी मैनेजर कुणाल सिंह ने विभागीय ऑनलाइन सेवाओं तथा आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पर प्रस्तुति देकर सभी वीएलई को समझाने की कोशिश की। कार्यक्रम का संचालन राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने किया। स्वागत-भाषण करते हुए निदेशक जे. प्रियदर्शिनी ने कहा कि विभाग की यह नई व्यवस्था ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता, दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके लागू होने से लोगों को अपने ही अंचल कार्यालय में तेज, सरल और भरोसेमंद ऑनलाइन सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में AI के जरिये विकास का मॉडल बन रहा उत्तरप्रदेश

एआई में वैश्विक मानक तय कर रहा ‘योगी का यूपी’ यूपी फतेहपुर में भारत का पहला एआई आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र कृषि में हाईटेक बदलाव: यूपी के 10 लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े शिक्षा, सुरक्षा में प्रदेशवासियों के लिए नया मुकाम स्थापित कर रहा एआई उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बनाई जा रही देश की पहली पूर्ण विकसित एआई सिटी लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एआई के जरिए हर क्षेत्र में वैश्विक मानक तय कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचे। दुनिया भर में सरकारें एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। इसे लेकर अधिकतर देश और राज्य अभी प्रयोग कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश एआई को ऐसे पैमाने पर लागू कर चुका है, जो कई वैश्विक उदाहरणों की बराबरी करता है। यूपी का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ ने तकनीक को नारे की जगह शासन का सिद्धांत बना दिया है, जिसके जरिए भी यूपी अपने समृद्ध भविष्य को नए सिरे से गढ़ रहा है। रणनीतिक छलांग: भारत के पहले एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की पहला पूर्ण विकसित एआई सिटी बनाई जा रही है। अन्य “स्मार्ट सिटी” मॉडलों की तुलना में यहां तकनीक ढांचों को मजबूत किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ को केवल राजधानी नहीं, बल्कि एआई आधारित शासन का राष्ट्रीय कमांड सेंटर बना रहे हैं।     •    राज्य समर्थित एआई इनोवेशन हब     •    10,000+ GPUs वाला सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर     •    अपनी ही भाषा में बने बहुभाषी एआई मॉडल     •    वैश्विक एआई कंपनियों को आकर्षित करने वाला R&D ढाँचा     •    इंडियाएआई मिशन के अनुरूप नीति ढाँचे स्वास्थ्य में एआईः इस क्षेत्र में बड़ी क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्षेत्र बड़ी क्रांति से गुजर रहा है। यह बदलाव सीएम योगी के उस सोच को प्रदर्शित करता है, जहां स्वास्थ्य केवल इलाज नहीं, बल्कि पूर्वानुमान पर केंद्रित होना चाहिए। एआई इसे संभव बना रहा है।     • यूपी के फतेहपुर में भारत का पहला AI-आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बनया गया है, जो अधिक सटीकता और शुरुआती पहचान में सक्षम है।     • सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा मैनुअल रिपोर्टिंग से हटकर प्रेडिक्टिव मॉडलिंग की ओर बढ़ रहा है।     •सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क एआई और क्लाउड कोर्स, ताकि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य-तकनीक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। शिक्षा में एआईः अधिक स्मार्ट और स्केलेबल लर्निंग सिस्टम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का शिक्षा ढाँचा डिजिटल रूप से नए सिरे से तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकनीक को ग्रामीण कक्षाओं और वैश्विक शिक्षा मानकों के बीच का संपर्क सेतु मानते हैं। इस सेतु का निर्माण तेज़ गति से हो रहा है।     •माध्यमिक शिक्षा परीक्षाओं में AI bots सहायक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे त्रुटियाँ और अनियमितताएँ कम हो रही हैं।     •शिक्षक व छात्र एआई टूल्स में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे सीखने के नए मार्ग खुल रहे हैं     • उत्तर प्रदेश एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षा प्रणाली की नींव डाल रहा है। कृषि में हाई-टेक बदलाव: दस लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े यूपी कृषि के जरिए यूपी आर्थिक शक्ति बन रहा है। विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज के माध्यम से 10 लाख से अधिक किसान अब एआई आधारित सलाह से जुड़ चुके हैं। उपग्रह चित्रों, मिट्टी विश्लेषण, मौसम मॉडल और RFID आधारित संसाधन ट्रैकिंग का उपयोग कर रहे हैं, इसके जरिए…     • फसल उत्पादन में सुधार     • जोखिम का तेज़ पूर्वानुमान     • पानी व खाद का कम से कम उपयोग     • संसाधनों की सटीक निगरानी पारदर्शी व समयबद्ध ढंग से मिल रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कल्याणकारी व्यवस्थाएँ इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली बन रही हैं। इसके जरिए कल्याण योजनाएं धीमी सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि रियल-टाइम सार्वजनिक सेवा बन चुका है। एआई समर्थित तंत्र से फायदा :     • वास्तविक लाभार्थी डेटाबेस तैयार कर रहे हैं     • धोखाधड़ी को तुरंत पहचान रहे हैं     • डीबीटी को तेज़ और अधिक सटीक बना रहे हैं     • सही योजना को सही नागरिक से जोड़ रहे हैं सार्वजनिक सुरक्षा में एआईः सुरक्षा का नया मानक राज्य के कई नगर निगमों में एआई आधारित प्रणालियाँ कानून-व्यवस्था को नए स्तर पर ले जा रही हैं। इसके लिए अनेक कार्य हो रहे हैं, जिसके परिणाम भी मिल रहा है।     • फेसियल रिकॉग्निशन नेटवर्क     • वाहन ट्रैकिंग     • पुलिस नियंत्रण कक्षों से जुड़े SOS सिस्टम     • प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स आधारित निगरानी     • जेलों में “Jarvis” जैसे एआई सुरक्षा तंत्र राजस्व और संसाधन प्रबंधन: निष्पक्ष निर्णायक के रूप में एआई भूमि विवादों से लेकर अवैध खनन तक यूपी शासन-प्रशासन एआई और सैटेलाइट विश्लेषण का उपयोग डेटा आधारित, निष्पक्ष निर्णय के लिए कर रहा है। इसके जरिए भ्रष्टाचार कम, समाधान तेज और जवाबदेही मजबूत हो रही है।     • भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मानचित्रण     • अतिक्रमण की स्वत: पहचान     • अवैध खनन की वास्तविक समय में निगरानी     • जिलों के प्रदर्शन की डिजिटल ट्रैकिंग API आधारित शासन: ‘ध्वनि’ बन रहा है यूपी का एआई ऑपरेटिंग सिस्टम एनआईसी द्वारा निर्मित ध्वनि प्लेटफ़ॉर्म उत्तर प्रदेश का आधुनिक शासन इंजन बन रहा है। एआई आधारित APIs सीधे शिकायत निस्तारण से लेकर स्वचालित सेवाओं के क्रियान्वयन तक विभागीय कार्यों के प्रवाह से जुड़ते हैं। साथ ही आधुनिक रूप से मजबूत होते हुए विभाग अलग-अलग नहीं, बल्कि जुड़ी हुई डेटा प्रणाली के रूप में काम करते हैं।

नक्सली हमले में शहीद आशीष शर्मा पंचतत्व में विलीन, CM का बड़ा फैसला—छोटे भाई को मिलेगा सब इंस्पेक्टर पद

नरसिंहपुर/बोहानी बालाघाट में माओवादी मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने वाले इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का गुरुवार को उनके गृहग्राम बोहानी (नरसिंहपुर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने शहीद को कंधा दिया, जो उनकी वीरता के प्रति सर्वोच्च सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई को सारे नियमों को शिथिल करते हुए सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। परिवार को दी जाएगी एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि इसके अलावा, परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आशीष शर्मा के नाम पर गांव में एक पार्क और एक स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार दोपहर को शहीद का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम बोहानी लाया गया, जहां घर पर उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जब उनकी अंतिम यात्रा मुक्तिधाम के लिए निकली तो लोगों ने घरों की छतों पर खड़े होकर शहीद पर फूल बरसाए। अंतिम विदाई में 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिन्होंने भारत माता की जय और अमर रहे के नारे लगाए।   इस दौरान कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, मप्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। एंटी नक्सल ऑपरेशन डीजी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र बोर तालाब के पास एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था, जहाँ नक्सलियों से मुठभेड़ में तीनों टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें शहीद घोषित कर दिया गया। शहीद आशीष शर्मा का करियर शौर्य से भरा रहा 2016 में मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती हुए और 2018 में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थापना पाई। उन्होंने 18 दिसंबर 2022 को 14 लाख के इनामी नक्सली गोडी को मार गिराया, 22 अप्रैल 2023 को 28 लाख की इनामी एसीएम सुनीता और सरिता को ढेर किया। उनकी वीरता के कारण उन्हें 21 फरवरी 2023 को उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। उनका अंतिम शौर्य 19 फरवरी 2025 को रौंदा टोला मुठभेड़ में दिखा, जहाँ उन्होंने 62 लाख की कुल इनामी नक्सली कमांडर आशा सहित चार नक्सलियों को मार गिराया था।

कबीरधाम में सहकारी समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स की हड़ताल स्थगित

कलेक्टर गोपाल वर्मा को संघ ने हड़ताल स्थगन का सौंपा पत्र, 21 नवंबर लौटेंगे काम पर          रायपुर, कबीरधाम जिले में बीते 3 नवंबर से चल रही जिला सहकारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित हो गई है।  संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा से मुलाकात कर हड़ताल स्थगन का पत्र सौंपा। जिला सहकारी संघ की ओर से कहा गया कि शासन द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ कर दी गई है। किसानों के हित को देखते हुए जिला सहकारी संघ के समस्त कर्मचारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करते हैं और 21 नवंबर, शुक्रवार से अपने कार्य पर लौट जाएंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री आर बी देवांगन, उप पंजीयक सहकारिता श्री जी एस शर्मा, खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम, डीएमओ श्री अभिषेक मिश्रा, सीसीबी नोडल श्री आर पी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व जिला सहकारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

यूपी बोर्ड ने बदली परीक्षा तिथि: देखें अपडेटेड डेटशीट और नए बदलाव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड की परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया है। (UP Board Exam Date 2026 ) इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी कर दी गई है। 10वीं की हिंदी परीक्षा की नई तारीख  बदले गए समयसारणी से के हिसाब से कक्षा 10वीं की हिंदी और प्राथमिक हिंदी की परीक्षा अब 18 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा का समय सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तय किया गया है. पहले यह परीक्षा 16 फरवरी 2026 को सुबह 8 बजे से 11:15 बजे तक होनी थी. इस बदलाव के बाद छात्रों को दो दिन अतिरिक्त तैयारी का समय मिल जाएगा. बोर्ड का कहना है कि संशोधित तारीखें वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई डेटशीट देखकर अपनी तैयारी की योजना बनाएं। छात्रों से कहा गया है कि केवल नई डेटशीट पर भरोसा करें। अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें। 55 लाख से अधिक छात्र देंगे परीक्षा  बोर्ड के अनुसार, यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में करीब 55 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. इनमें 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के परीक्षार्थी शामिल हैं. परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेगी. इस बार परीक्षा 8,000 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।