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यूपी में खुशखबरी, योगी सरकार ने बांटा ₹10,000 का बोनस – जानें कौन हुआ लाभांवित

लखनऊ महाकुंभ 2025 में ड्यूटी करने वाले परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों को 10-10 हजार रुपये का बोनस उनके बैंक खाते में भेजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ समापन पर बोनस देने का एलान किया था। कुल 24 करोड़ 71 लाख की राशि प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों को मिला है। इसमें 11786 ड्राइवर व 12285 कंडक्टर सहित कुल 24071 कर्मचारी शामिल हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इससे परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों में उत्साहवर्धन होगा। महाकुंभ में आगरा क्षेत्र से 1385, गाजियाबाद से 1469, मेरठ से 1413, सहारनपुर से 994, अलीगढ़ से 1284, मुरादाबाद से 1358, बरेली से 1149, हरदोई से 1803, इटावा से 1235, कानपुर से 1387, झांसी से 574, लखनऊ से 2162, अयोध्या से 725, प्रयागराज से 1522, आजमगढ़ से 1163, गोरखपुर से 1424, वाराणसी से 1116, चित्रकूट से 927 व देवीपाटन मंडल से 981 की ड्यूटी लगाई गई थी।  

कृषक उत्पादकों के संगठनों को मंडी यार्ड में उपलब्ध करवाये जायेंगे प्लेटफॉर्म

जयपुर राज्य में संचालित समस्त पंजीकृत कृषक उत्पादक संगठन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समुहों और ग्राम सेवा सहकारी समितियोंं को उनके कृषि जिन्सों का उचित मूल्य दिलवाने और उत्पादक संगठनों को प्रोत्सहित करने के लिए राज्य की मंडी समितियों में कृषि जिन्सों में क्रय-विक्रय के लिए प्लेटफॉर्म पर स्थान उपलब्ध करवाए जायेंगे।  शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल के निर्देशानुसार कृषि विपणन विभाग द्वारा कृषक उत्पादक संगठनों को कृषि जिन्सों के क्रय-विक्रय हेतु राज्य के सभी मंडी यार्डों में प्लेटफॉर्म चिन्हित करने हेतु सभी मंडी सचिवों को निर्देशित किया गया है। जिससे कृषक उत्पादक संगठनों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मंडी प्रांगण में एक निश्चित जगह मिल सकेगी और इससे संगठनों को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।  किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एक प्रकार का उत्पादक संगठन होता है जिसके सदस्य किसान ही होते हैं। एफपीओ कई सेवाएं प्रदान कर छोटे किसानों को सहायता प्रदान करते हैं इनका लक्ष्य संशाधनों, ज्ञान और बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान कर के छोटे किसानों की दक्षता और लाभप्रदता को बढ़ाना है।

राष्ट्र, समाज की चुनौतियों को दूर करने के प्रयासों में ही जीवन की सार्थकता: राज्यपाल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निरंतर सीखने और सेवा भाव के साथ कार्य करने का प्रयास विगत चार वर्षों में किया है। आगे भी इसी भाव और लक्ष्य के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि अपने सामर्थ्य अनुसार राष्ट्र की चुनौतियों को दूर करने के प्रयासों में ही जीवन की सार्थकता है। समाज में व्याप्त गरीबी, अशिक्षा, अज्ञानता आदि की चुनौतियों को दूर करने के लिए अधिक से अधिक योगदान का प्रयास प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात राजभवन में उनके चार वर्षों के कार्यकाल की पूर्णता पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के ऑडिटोरियम सांदीपनि में किया गया था। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती जमुना भिड़े सहित राजभवन के समस्त अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में “राजभवन पचमढ़ी” पुस्तक लोकार्पित की। जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार लघु फिल्म “संकल्प सिद्ध कर्म सिद्ध राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल” का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सृष्टि की कृतियों में एकमात्र मानव ही ऐसी रचना है जिसको वाणी, बुद्धि सहित समस्त शक्तियां मिली है। किसी और को यह सब एक साथ नहीं मिली है। यह सभी शक्तियां मानव की सेवा के लिए है। उन्होंने कहा कि स्वार्थी जीवन निरर्थक है। उन्होंने एक भव्य भवन वाले विश्वविद्यालय के भ्रमण प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में सर्वत्र, समृद्धता दिखाई दे रही थी। पार्किंग में दोपहिया वाहनों से कहीं अधिक फोर व्हीलर खड़े थे। इस शान-औ-शौकत में निकट ही गरीबों की बस्ती थी, जो अलग-थलग दिख रही थी। श्री पटेल ने कहा कि वह समृद्धता निरर्थक है, जो वंचितों, गरीबों की अनदेखी करे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उनके परिश्रम का एकमात्र लक्ष्य जरूरतमंद, वंचितों की मदद करना है। उनके प्रयासों से जब उनकी मदद होती है वह उनमें नया उत्साह और अथक परिश्रम की उर्जा प्रदान करती है। उन्होंने विकसित भारत यात्रा के प्रथम कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि कार्यक्रम में उन्हें दिखा कि आगे आने वाले ही लाभ लेने पहुंच रहे हैं जबकि योजना की मंशा लाभ से वंचितों को लाभान्वित करना था। प्रशासन के समक्ष वस्तुस्थिति को बताकर लाभ से छूट गए पात्र व्यक्तियों को योजनाओं के लाभ देने में प्राथमिकता सुनिश्चित की। इसी लिए शेष जिलों में 43 दिनों में 21 जिलों की यात्रा की थी। उन्होंने इस प्रसंग के संदर्भ में बताया कि योजना के पात्र वंचितों को लाभान्वित कराने की मंशा से ही व्यापक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान वंचितों लाभार्थियों के चेहरे पर लाभान्वित होने की खुशी को देखना ही उनके परिश्रम की उर्जा का स्त्रोत है। राज्यपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण बाधाओं चुनौतियों को पार कर कुछ कर गुजरने का जज्बा है। उन्होंने पचमढ़ी राजभवन के कर्मचारी की पत्नी श्रीमती शीला कुमारी कुम्हरे द्वारा अशिक्षित होते हुए पचमढ़ी के पर्यटकों को टेलीस्कोप से अंतरिक्ष से रू-ब-रू कराने को सशक्तिकरण का वास्तविक स्वरूप बताया। राज्यपाल के समक्ष कार्यक्रम में राजभवन से जुड़ी महिलाओं ने अपने संघर्षों, सफलताओं और राज्यपाल श्री पटेल के द्वारा महिला सशक्तिकरण प्रयासों के संबंध में जानकारी दी। राजभवन भोपाल में बागवानी कार्य में संलग्न श्रीमती गोमती, कर्मचारी सफाई जमादार श्रीमती रुमा, सचिवालय में पदस्थ भृत्य श्रीमती निशा कौल, सहायक ग्रेड तीन श्रीमती कल्पना अतुलकर, नर्सिग ऑफीसर श्रीमती राधामणि, पी.एस.ओ. श्रीमती भारती चौबे जनजातीय प्रकोष्ठ की विषय विशेषज्ञ श्रीमती दीपमाला रावत ने अपने जीवन के संघर्षों और उन पर सफलता प्राप्त करने के बारे में बताया। कार्यक्रम में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से राज्यपाल की कार्यशैली की संवेदनशीलता के प्रसंगों का जिक्र किया। सभी महिला वक्ताओं ने राज्यपाल द्वारा उनकी बिना बोले कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने एवं कार्य दशाओं को बेहतर बनाने के कार्यों और उनकी व्यक्तिगत आत्मीयता, उदारता के प्रसंगों का उल्लेख किया। राजभवन सचिवालय की महिला अधिकारियों-कर्मचारियों ने समवेत स्वर में “जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा” और “सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ता हमारा” की प्रस्तुति दी। आभार प्रदर्शन जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े ने किया। संचालन कंट्रोलर हॉऊस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।  

स्थानांतरण आदेश की अनदेखी, आठ पुलिसकर्मी हुए निलंबित

भोपाल राजधानी में कई वर्षों से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों को हटाने लिए पिछले दिनों स्थानांतरण आदेश जारी किए गए। डीजीपी के निर्देश के बाद यह फेरबदल किया गया था। आदेश के बाद कई थानों से खबरें आ रही थीं कि सालों से तैनात पुलिसकर्मी नई पदस्थापना पर जाने को तैयार नहीं हैं। वे इधर-उधर से तबादला निरस्त करने के प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह दूसरे थाने में जाने से बच जाएं। जब पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी को यह जानकारी हुई कि कुछ पुलिसकर्मियों ने तबादला होने के बाद भी निर्धारित समय- सीमा में नवीन पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं दी है तो उन्होंने डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी को तबादला आदेश न मानने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके चलते डीसीपी मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक साबिर खान,एएसआई राम अवतार, प्रधान आरक्षक नरेश कुमार शर्मा, मनोहर लाल, चंद्रमौल मिश्रा, वीरेन्द्र यादव तथा आरक्षक कपिल चंद्रवंशी और प्रशांत शर्मा शामिल हैं।

न विज्ञापन, न दिखावा… ट्रकर्स को मुफ्त खाना और करोड़ों की कमाई वाला NCR का अनोखा ढाबा

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो यह डायलॉग आपने जरूर सुना होगा-'चलो मुरथल चलते हैं, अमरीक सुखदेव के परांठे खाने'। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने दिखाया गया कि यह फेमस ढाबा अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि 100 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाला बिज़नेस एम्पायर बन चुका है। इस ढाबे की हर महीना कमाई करीब 8 करोड़ है। ट्रक ड्राइवरों को फ्री में खाना और कोई विज्ञापन नहीं… इस ढाबे की खूबी है।इंस्टाग्राम पर रियल एस्टेट और बिज़नेस से जुड़े कंटेंट क्रिएटर रॉकी सग्गू कैपिटल ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अमरीक सुखदेव ढाबे की ग्रोथ और बिज़नेस स्ट्रैटेजी को विस्तार से बताया गया है। ढाबे से बना ब्रांड रिपोर्ट के अनुसार, अमरीक सुखदेव ढाबे की शुरुआत 1956 में सरदार प्रकाश सिंह ने की थी। उस समय यह एक साधारण सा ढाबा था, जिसमें ट्रक ड्राइवरों के लिए दाल, रोटी, सब्जी और चावल परोसा जाता था। 1990 में उनके बेटों अमरीक और सुखदेव ने व्यवसाय को आधुनिक रूप देना शुरू किया। धीरे-धीरे ढाबा एक फुल-फ्लेज्ड रेस्टोरेंट में बदल गया। रेवेन्यू रॉकी के मुताबिक, आज अमरीक सुखदेव की सालाना कमाई करीब 100 करोड़ रुपये है। यहां हर दिन 5,000 से 10,000 लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं। शुरुआती दिनों में ट्रक ड्राइवरों को फ्री या सस्ता खाना दिया जाता था, जिससे वफादार ग्राहक बन सके। रॉकी वीडियो में दावा करते हैं कि रेस्टोरेंट मालिक आज भी हर नई डिश को खुद टेस्ट करते हैं। साफ-सफाई, सर्विस और चौबीसों घंटे खुला रहता है। तेज़ सर्विस और हाइजीन ने लोगों का अभी भी भरोसा बनाए रखा है।  

यूपी में ‘मैं हिंदू हूं’ पोस्टर से नया बवाल, कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ा नेम प्लेट विवाद

लखनऊ यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और पहचान अभियान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। पहले सभी दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने का आदेश हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने दुकानो पर छापेमारी करते हुए पहचान अभियान चलाया गया। दोनों पर रोक लगी तो अब मैं हिंदू हूं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर हिंदू महासभा के लोगों ने बरेली-बदायूं मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और खाने-पीने की चीजें बेचने वाले ठेलों पर लगाया है। महासभा का दावा है कि इससे कोई धर्म छिपाकर दुकानें नहीं चला पाएगा। हम लोग हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अब किसी कांवड़िए का व्रत खंडित नहीं होगा। हिंदू महासभा की इस कार्यवाही को मुस्लिम दुकानदारों ने गलत बताया है। इसे समाज को बांटने वाला और भेदभाव वाली राजनीति कहा है। इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश कहा है। दुकानों पर पोस्टर लगाने निकले हिंदू महासभा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज पाठक का कहना है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों के आगे पोस्टर लगवाए हैं। यूपी की योगी सरकार पिछले साल कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस साल यशवीर महाराज के कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर पहचान अभियान चलाया। हिंदू नाम से दुकान चलाने वाले कई दुकानदारों की पहचान की। एक दुकानदार का पैंट उतरवाकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा। अब मैं हिंदू हूं वाले पोस्टर से हंगामा मचने की आशंका है। सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवड़िए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक जाएंगे। इसे देखते हुए हिंदू महासभा ने यह अभियान शुरू किया है। महासभा का कहना है कि हमने कावड़ियों की आस्था की रक्षा और कावड़ खंडित न होने का संकल्प लिया है। सावन में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं। हिंदू महासभा के लोग कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों का आधार कार्ड से पहचान कर रहे हैं। इसके बाद दुकान पर मैं हिंदू हूं का पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। पंकज पाठक ने कहा कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी अगर होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे सकता है। उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस सकता है, जिससे कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है। इसी को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है।  

रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले

रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले नई योजनाओं की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा के अध्यक्षीय कार्यकाल के संचालक मंडल की बैठक में संपन्न हुई, जिसमें मजदूर हितों के अनेक क्रांतिकारी फैसले लिए गए तथा नई योजनाओं के क्रियान्वयन की भी घोषणा की गई। मंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के क्रियाकलापों एवं प्रशासनिक कार्यों के संपादन पर हुए आय-व्यय का अनुमोदन लिया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडल की बैठक में मजदूर हितों के लिए राज्य शासन से अनुमोदित अनुमानित आय-व्यय का अनुमोदन भी प्राप्त किया गया।  मंडल की बैठक में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन के लिए 12 नए पदों का सृजन कर शासन से अनुमति मांगी गई। इसी प्रकार कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसी तहर मंडल को प्राप्त होने वाली आय के अभिदाय दर में वृद्धि का भी प्रस्ताव परित किया गया। मंडल द्वारा मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के बच्चों को रियायती दर पर कॉपी वितरण की नई योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की गई। साथ ही साथ निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत श्रमिक के परिजनों को कोचिंग देकर उन्हें शासकीय नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करने का भी निर्णय लिया गया। मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने मंडल की आय बढ़ाने तथा श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी फैसले की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जिस तरह से असंगठित क्षेत्र के बोर्ड में श्रमिकों का पंजीयन खुला हुआ है। उसी तरह से श्रम कल्याण मंडल में भी मजदूरों के पंजीयन की प्रक्रिया को ओपन किया जाए। जिस पर संचालक मंडल के सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और अंततः यह निर्णय लिया गया कि अब मजदूरों को मंडल में सीधे पंजीयन देने की व्यवस्था की जाए, इस हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया।  मंडल के अध्यक्ष ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित सस्ते दर पर भोजन केन्द्रों को संचालित की जा रही है। योजना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि श्रम कानूनों के तहत इन भोजन केन्द्रों का संचालन नियोजकों को किया जाना है, किन्तु इसका संचालन श्रम कल्याण मंडल कर रहा है। जो व्यावहारिक नहीं, गैर कानूनी भी है। इसमें मंडल के कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा भोजन मद में व्यय हो रहा है। जिससे कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रूकावटें आ रही हैं। अतः मंडल ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन से आग्रह किया है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ही उपयोगी है। श्रम कल्याण मंडल में इस योजना का संचालन करना अब संभव नहीं है। अतः इस योजना को बंद करने की अनुमति दी जाए।  बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख, अपर श्रमायुक्त सह प्रभारी श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, मंडल के सदस्य मंगलमूर्ति अग्रवाल, आलोक मिश्रा, हरप्रसाद साहू, मदन तालेड़ा, नरेश गड़पाल, कृष्णा दुबे, सुरेश मसीह समेत मंडल कर्मचारी उपस्थित थे। मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पाण्डेय द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए। 

‘कमाल का भोपाल’ को भाजपा का जनसमर्थन, जिला अध्यक्ष से मुलाकात

भोपाल आज राजधानी भोपाल में भाजपा के जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति से क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज मीक ने औपचारिक भेंट की। इस अवसर पर ‘कमाल का भोपाल’ अभियान से संबंधित पुस्तकों की प्रतियाँ सौंपते हुए अभियान की हालिया प्रगति से उन्हें अवगत कराया गया। यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित ‘प्रोफेशनल मीट’ के दौरान, भाजपा जिला संगठन ने ‘कमाल का भोपाल’ अभियान को पूर्ण राजनीतिक समर्थन देने का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा था। आज की भेंट उस समर्थन के लिए आभार प्रकट करने और आगामी योजनाओं पर समन्वय हेतु हुई। जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति ने राजधानी के नागरिकों की आकांक्षाओं, युवाओं के भविष्य और भोपाल को एआई-लाइटहाउस और लॉजिस्टिक सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा: “‘कमाल का भोपाल’ अभियान राजधानी की सकारात्मक ब्रांडिंग के साथ-साथ उसका खोया हुआ नेतृत्व दिलाने की ऐतिहासिक पहल है। यह राजधानी की आकांक्षाओं से जुड़ा प्रेरक अभियान है, जिसमें हम पूरी निष्ठा से साथ हैं।” मनोज मीक ने इस अवसर पर कहा: “यह अभियान एकजुट प्रयासों की माँग करता है। राजनीतिक, प्रशासनिक और नागरिक सहभागिता ही भोपाल को वैश्विक पहचान दिला सकती है। भाजपा का यह समर्थन हमारे लिए संबल और दिशा दोनों है। राजनीतिक समर्थन से यह अभियान अब राजधानी का जन-अभियान बनने की ओर बढ़ चला है।” यह संवाद सिर्फ भेंट तक सीमित नहीं रहा इसमें ‘एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ के पूर्व आयोजन, आमंत्रित डेलीगेशन और राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित नीति संवाद पर भी विमर्श हुआ। ‘कमाल का भोपाल’ अब एक साझा अभियान बन चुका है।

विधानसभा अध्यक्ष ने नगरीय विकास मंत्री को जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएं

जयपुर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा के जन्मदिवस के अवसर पर उनके निवास स्थान पर पहुंचकर शुभकामनाएं दी। श्री देवनानी ने श्री खर्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जनकल्याणकारी कार्यों में सतत सफलता हेतु ईश्वर से मंगलकामना की। इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि श्री खर्रा की जनसेवा, कार्यकुशलता और संवेदनशील नेतृत्व क्षमता से राजस्थान को नगरीय विकास के क्षेत्र में नए आयाम मिल रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्री खर्रा राज्य के नागरिकों के कल्याण हेतु ऐसे ही समर्पण भाव से कार्य करते रहेंगे।