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स्वच्छता में अव्वल रहे बुधनी और शाहगंज, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

बुधनी /शाहगंज केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के विजेता शहरों की घोषणा कर दी गई है, जिसमें मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी और शाहगंज नगर परिषदों को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यह सम्मान न केवल इन दोनों शहरों के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। बुधनी को मिला 'सुपर स्वच्छ लीग सिटी' में प्रथम स्थान स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में बुधनी को ‘20 हजार से कम आबादी’ वाले कस्बों की श्रेणी में देशभर में पहला स्थान मिला है। बुधनी को ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटी’ श्रेणी में भी नामांकित किया गया है, जो कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगरों को दिए जाने वाला नया सम्मान है। इस श्रेणी में लगातार तीन वर्षों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को ‘प्रेसिडेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन शहरों के पदाधिकारियों के साथ एक विशेष समूह फोटो सेशन भी करेंगी। इस श्रेणी में मध्यप्रदेश के इंदौर और उज्जैन को भी शामिल किया गया है। शाहगंज को मिलेगा प्रेसिडेंटल अवॉर्ड सीहोर जिले की शाहगंज नगर परिषद को भी इस वर्ष 'प्रेसिडेंटल अवॉर्ड' के लिए चुना गया है। शाहगंज के साथ ही भोपाल और देवास नगर निगमों को भी इस श्रेणी में नामांकित किया गया है। 17 जुलाई को विज्ञान भवन में होगा सम्मान समारोह स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के विजेताओं को 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ‘गार्बेज फ्री सिटी’ के अंतर्गत स्टार रैंकिंग की घोषणा भी की जाएगी। समारोह में भाग लेने के लिए विजेता नगरीय निकायों से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा जाएगा। प्रशासन और नागरिकों का साझा प्रयास सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने बुधनी और शाहगंज की नगर परिषद टीमों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान नागरिकों की जागरूकता और स्थानीय निकायों की सतत मेहनत का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे और जिले को और स्वच्छ, हरा-भरा और विकसित बनाया जाएगा।  

महात्मा गांधी चित्रकूट विश्वविद्यालय को UGC ने दी श्रेणी-1 की मान्यता, बढ़ेगा अकादमिक अधिकार

यूजीसी ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को श्रेणी-1 की स्वायत्तता दी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को UGC से मिला श्रेणी-1 का दर्जा, मिली पूर्ण स्वायत्तता महात्मा गांधी चित्रकूट विश्वविद्यालय को UGC ने दी श्रेणी-1 की मान्यता, बढ़ेगा अकादमिक अधिकार मंत्री परमार ने दी बधाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने प्रदेश के चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को, 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा “श्रेणीबद्ध स्वायत्तता” अंतर्गत श्रेणी-1 की स्वायत्तता अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि मिलने पर उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय परिवार शुभकामनाएं एवं बधाई दी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सतत् एवं व्यापक प्रयासों का प्रमाण है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारमूलक उच्च शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं प्रगति के साथ शैक्षणिक एवं अकादमिक स्तर पर गुणवत्ता की उत्कृष्टता के लिए उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। मंत्री परमार ने कहा कि यह कीर्तिमान राज्य सरकार की उच्च शिक्षा शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। अब विश्वविद्यालय, अपनी स्वायत्तता के अनुरूप शिक्षण-प्रशिक्षण, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों को गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकेगा। परमार ने कहा कि श्रेणी-1 की स्वायत्तता मिलने से विश्वविद्यालय को अकादमिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्तर पर अधिक स्वतंत्रता प्राप्त होगी जिससे पाठ्यक्रम, शोध, नवाचार एवं मूल्यपरक शिक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी। यह उपलब्धि, विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण और नवाचारोन्मुखी शिक्षा के लिए आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी और नव अवसरों का सृजन करने में सहायक सिद्ध होगी। ज्ञातव्य है कि चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, प्रदेश के विश्वसनीय एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। विश्वविद्यालय ने, वर्ष 2024 में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A++" ग्रेड प्रत्ययित होकर देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थान बनाया है। विश्वविद्यालय ने निरंतर प्रगति और नवाचारयुक्त कार्यप्रणाली के फलस्वरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर, यूजीसी द्वारा (स्वायत्तता प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालयों का श्रेणीकरण) विनियम, 2018 के अंतर्गत ग्रेड-वन में सम्मिलित होकर श्रेणीबद्ध स्वायत्तता की मान्यता प्राप्त की है। महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को अब 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग' द्वारा स्वायत्तता की श्रेणी-1 में वर्गीकृत किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा

दुबई यात्रा का दूसरा दिन समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) से बढ़ेगा भारत-यूएई व्यापार, मध्यप्रदेश बना सहयोग का नया केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-यूएई CEPA एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करता है, और मध्यप्रदेश इस साझेदारी का पूर्ण लाभ उठाकर निवेश, व्यापार, और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश: निवेश का नया वैश्विक केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक स्थिति, उन्नत बुनियादी ढांचे और बेहतर उद्योग नीति समर्थन ने इसे लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत किया। खाद्य और कृषि तकनीक में सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक में यूएई के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त किया जा सके। अक्षय ऊर्जा और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. जेयूदी को सौर ऊर्जा, स्मार्ट ऑटोमेशन, एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में यूएई की विशेषज्ञता को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रही नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं यूएई के निवेशकों के लिए निवेश का आकर्षक अवसर हैं। प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और क्लस्टर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि धार में पीएम मित्रा पार्क (वस्त्र), तामोट और बिलौआ में प्लास्टिक पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, पीथमपुर में ऑटो, भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स, और देवास में फार्मा क्लस्टर यूएई के निवेशकों के लिए तैयार हैं, जहां अधोसंरचना के साथ मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग मित्र पॉलिसी उनका स्वागत करने के लिये तैयार है। मानव संसाधन और कौशल विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से भोपाल स्थित “ग्लोबल स्किल पार्क”, विकसित हो रहा है। यह पार्क लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और मेकाट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा जो यूएई की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। पर्यटन, खनिज और फार्मा में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता, खनिज संपदा (हीरा, तांबा, बॉक्साइट, चूना पत्थर), और WHO-GMP व USFDA प्रमाणित फार्मा इकाइयाँ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं। UAE-केंद्रित निवेश नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिये राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2025 में कई अहम बदलाव किए गए हैं। यूएई जैसे रणनीतिक साझेदारों के लिए रियायती भूमि, 100% SGST प्रतिपूर्ति और पूंजीगत अनुदान जैसे विशेष प्रावधान किये गये हैं जो मध्यप्रदेश के साथ निवेश को सशक्त बनाती है। I2U2 सहयोग की दिशा में कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को I2U2 (इंडिया, इज़राइल, यूएई और अमेरिका) की रणनीतिक साझेदारी के तहत क्लीन टेक्नोलॉजी, फूड कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल इनोवेशन क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिये उपयुक्त बताया। यह बैठक न केवल भारत-यूएई CEPA को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक निर्णायक भूमिका में स्थापित करने की ओर बढ़ता कदम भी साबित हुई है।  

भोपाल की बड़ी झील लबालब, भदभदा डैम के गेट खोलने की तैयारी में प्रशासन

भोपाल  नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार हो रही बारिश के चलते बड़ी झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगर इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो जुलाई महीने के अंत तक भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। रविवार दोपहर तक झील का जलस्तर 1660.10 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है, जिस पर गेट खोले जाते हैं। नगर निगम ने संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए भदभदा डैम पर दो इंजीनियरों की 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगा दी है। ये इंजीनियर लगातार झील के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और पल-पल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि जल आपूर्ति के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है और कई डैम पहले ही ओवरफ्लो हो चुके हैं। भोपाल में भी रोजाना अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे जलस्रोतों में भरपूर पानी एकत्र हो रहा है। यदि बारिश का यही रुख बना रहा, तो कुछ ही दिनों में बड़ी झील का जलस्तर फुल टैंक लेवल को छू सकता है, जिससे भदभदा डैम के गेट खोलने की नौबत आ सकती है। कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश से भर रही झील वाटर वर्क्स के इंजीनियर अजय सिंह सोलंकी के मुताबिक, झील के जलस्तर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश है। यह नदी मुख्यतः सीहोर जिले से बहती है और इसका पानी राजधानी की बड़ी झील तक पहुंचता है। पिछले एक सप्ताह से इसी कारण झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट   मौसम विभाग (IMD) ने मध्यप्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, अगले 24 घंटों में कई जिलों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है. ग्वालियर स्थित तिघरा (Tigra) डैम का जलस्तर अब 737.80 फिट तक पहुंच चुका है, जो इसकी अधिकतम क्षमता 740 फ़ीट के बेहद करीब है. यदि बारिश इसी गति से जारी रही, तो डैम के तीनों गेट खोलने पड़ेंगे. इसकी आशंका के कारण, प्रशासन ने ग्राम तिघरा, कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा भटपुरा, दुगनावली, तिलघना (ग्वालियर) और पहाड़ी, जखौदा, बानमोर (मुरैना) को अलर्ट घोषित कर मुनादी की है. लोगों को नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से मना किया गया है. भारी बारिश से बाढ़ की आशंका, तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रीवा, सतना और जबलपुर में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जबकि इंदौर, मंदसौर, सागर और छिंदवाड़ा में भी भारी वर्षा का अनुमान है. इस दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है. भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन और होशंगाबाद संभागों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है. प्रशासन ने संबंधित जिलों को रेड अलर्ट पर रखा है और नदी-नालों के आसपास बसे गांवों में सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं. अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं. मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और इसे किसी भी वक्त खोला जा सकता है. डैम के आसपास के गांवों – कैथा, कुलैथ, तालपुरा, और पृथ्वीपुर समेत दर्जनों बस्तियों में बाढ़ की आशंका जताई गई है. जिला प्रशासन ने SDRF और नगर निगम की टीमें अलर्ट पर रखी हैं और गांवों में मुनादी करवाई जा रही है. रीवा, सागर और जबलपुर में भारी बारिश उधर रीवा और सागर संभाग में भी बारिश का जोर बना हुआ है. खेतों में जलजमाव और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों पर खतरा गहराने लगा है. कई जगहों पर दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. जबलपुर में अत्यधिक बारिश के आसार हैं. नर्मदा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. चेतावनी के तहत निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. घाटों और तटीय इलाकों में जाने से मना किया गया है. इंदौर, उज्‍जैन, मंदसौर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में बारिश का कहर इंदौर, उज्जैन और मंदसौर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी है. इन इलाकों में कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. उज्जैन और रतलाम के पिकनिक स्पॉट्स और झरनों पर लोगों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई है. छिंदवाड़ा और होशंगाबाद संभाग में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है. तवा, डेनवा और अन्य नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने एहतियातन लोगों को उफनते नालों से दूर रहने की सलाह दी है. बड़ी झील के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी     बड़ी झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोलांस नदी के कैचमेंट में अच्छी बारिश हो रही है। इसका फायदा बड़ी झील को मिल रहा है। – उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, जलकार्य शाखा  

पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, छात्रों को सिखाई जाएगी अपने राज्य की विरासत और भूगोल

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम पर फोकस होने की वजह से स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रदेश के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक ढांचे की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में तय हुआ है कि पाठ्यक्रम का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश के इतिहास, भौगोलिक-सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिवेश पर केंद्रित रहेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के स्कूलों में भाषा को छोड़कर अन्य सभी विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चलता है। अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग के अधिकारियों को एनसीईआरटी के लिए पत्र लिखकर इस योजना के मुताबिक बदलाव करने की अनुमति मांगने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह निर्देश हाल में हुई नई शिक्षा नीति 2020 की टास्क फोर्स समिति की बैठक में दिए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा में भी प्रदेश का इतिहास, धरोहर, सांस्कृतिक विरासत समेत अन्य स्थानीय पाठ्यक्रम शामिल होना चाहिए। एनसीईआरटी की पुस्तकों में 25 से 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम मध्य प्रदेश का होना चाहिए। एनसीईआरटी से अनुमति मिलने के बाद पाठ्यक्रम समिति स्थानीय स्तर का पाठ्यक्रम प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किताबों में शामिल करेंगे। नए पाठ्यक्रम को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार किया जाएगा। एससीईआरटी एकल इकाई बनेगी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मजबूत किए जाने के लिए संचालक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। यह एकल इकाई के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए एससीईआरटी को मजबूत करना होगा। अब बच्चे पढ़ेंगे अपने वीरों की कहानियां स्कूल एजुकेशन में नया अध्याय शुरू हो गया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास, शिवाजी और दयानंद सरस्वती जैसे महान व्यक्तियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी. इस नए सिलेबस का मकसद बच्चों में अपने राज्य के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा करना है. राजस्थान सरकार ने नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को एक नया सिलेबस पढ़ाया जाएगा जिसमें राज्य के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को प्रमुखता दी गई है. यह बदलाव 2025-26 के नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा. आइए जानें School Syllabus Change के बारे में विस्तार से.

भोपाल से लखनऊ के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन अक्टूबर में होगी शुरू, जानिए रूट और टाइमिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं। अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। भोपाल से पटना तक भी सुविधा इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा। पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी। सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है। संभावित मार्ग व संचालन समय भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं। भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच  भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है।  आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है     भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल    

विधानसभा परिसर में पौधरोपण कर मुख्यमंत्री ने दिया स्वच्छ पर्यावरण का संदेश

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर गुलमोहर का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री साय 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप सहित मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य एवं विधानसभा के सभी सदस्यों ने भी गुलमोहर का पौधारोपण किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव (वन) ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोंपज संघ अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय,मुख्य वन संरक्षक राजू अगासमणि भी उपस्थित थे।

चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन उपलब्धता समयसीमा में हो : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के चिन्हित चिकित्सा महाविद्यालयों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था एवं विशेषज्ञ मानव संसाधन की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सीटीवीएस (हृदय बायपास सर्जरी) विभाग की स्थापना हेतु प्रक्रियागत कार्यवाही को गति देने पर बल दिया। उन्होंने इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में पीडियाट्रिक मेडीसिन एवं नियोनैटोलॉजी विभाग की स्थापना कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से नर्सिंग पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन कर भर्ती मांग पत्र शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के कार्यों की समीक्षा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता से कार्यवाही करें, जिससे हृदय रोगियों को सुलभ उपचार मिल सके। उन्होंने अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण खरीदी के कार्यों की समीक्षा की और समस्त औपचारिकताओं की समय से पूर्ति कर समयबद्ध रूप से प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्मार्ट मीटर से बिल कम करना अपने हाथ में है, गुना के घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने बताए फायदे

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तीव्र गतिसे चल रहा है। गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बातचीत में अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए है। अधिकतर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता श्री विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था, शुरू में उन्हें डर था कि कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह एक और उपभोक्ता श्री देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। मीटर से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है, बल्कि अब तो एप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों  पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। इसी तरह गुना के ही उपभोक्ता श्री अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने भी कहा कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिसमें सार्वजनिक जल कार्य, स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं, के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे 1. ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है। 2. बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 3. एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। 4. ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 5. ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी – है जरूरी”

  15 से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी – है जरूरी"की शुरुआत की है। यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में यह अभियान पुलिस मुख्यालय की नारकोटिक्स विंग द्वारा चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स)श्री के. पी. वेंकटेश्वर राव ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। इस जन-जागरूकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, और ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियाँ सक्रिय रूप से भाग लेंगी। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुँचाया जाएगा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को प्रभावित करता है इससे दूरी रखना नितांत आवश्यक है। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने का कार्य करेगा।