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मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।  मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार, ईडी करेगी विदेशी फंडिंग की जांच, 100 करोड़ का मालिक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की टीम ने छांगुर बाबा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति और नेटवर्क की परतें उधेड़ दी हैं। छांगुर बाबा एक समय सड़कों पर नग और अंगूठी बेचने का काम करता था। आज यह व्यक्ति 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बन बैठा है। एटीएस की जांच में छांगुर बाबा और उसकी फर्जी संस्थाओं के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। ईडी को सौंपी गई रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एटीएस टीम ने अपनी डि़टेल्ड जांच रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दी है। अब ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर सकता है। एटीएस ने रिपोर्ट में बताया गया कि छांगुर बाबा ने पिछले 5-6 वर्षों में चौंकाने वाली गति से 100 करोड़ की दौलत और धर्मांतरण नेटवर्क खड़ा किया। आलीशान कोठियां, लग्जरी गाड़ियां और एक कॉलेज खोलने की योजना इसी का हिस्सा थीं। मधुपुर कोठी बना नेटवर्क का अड्डा बलरामपुर के मधुपुर गांव के छांगुर बाबा की आलीशान कोठी अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य अड्डा थी। इसी कोठी से पूरे भारत में फैले नेटवर्क का काम होता था। जांच में पता चला है कि छांगुर बाबा ने इसी परिसर में डिग्री कॉलेज शुरू करने की योजना भी बनाई थी, जिसके लिए भवन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जा चुका था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के बाद यह योजना अधर में लटक गई है। 14 सहयोगियों की तलाश जारी, पत्रकार भी शामिल एटीएस और एसटीएफ की टीमें छांगुर बाबा के 14 मुख्य फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। इनमें कथित पत्रकार पैमैन रिजवी सहित पिंकी हरिजन, महबूब, हाजिरा शंकर और सगीर जैसे नामचीन चेहरे शामिल हैं। गिरोह के सदस्य आजमगढ़, औरैया और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से ताल्लुक रखते हैं। कई पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं। विदेश यात्राएं और खाड़ी देशों से फंडिंग यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर बाबा अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां खरीदी हैं और खाड़ी देशों से उसे भारी विदेशी फंडिंग मिली है। एटीएस इस विदेश कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही है। 14 सहयोगियों की तलाश, देशभर में फैला नेटवर्क छांगुर बाबा के नेटवर्क के 14 मुख्य सहयोगियों की तलाश में एटीएस और एसटीएफ की टीमें जुटी हैं. इनमें कथित पत्रकार से लेकर अन्य नामचीन चेहरे शामिल हैं. जिन नामों की तलाश है उनमें महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, पैमैन रिजवी (कथित पत्रकार) और सगीर शामिल हैं. इनकी गिरफ्तारी से गिरोह के नेटवर्क के और गहरे राज सामने आ सकते हैं. गिरोह के कई सदस्य आजमगढ़, औरैया, सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से हैं और इनके खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है. कॉलेज खोलने की योजना मधपुर में आलीशान कोठी बनाने के बाद, झांगुर बाबा ने उसी परिसर में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई थी. इसके लिए उसने भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया था. फिलहाल उसकी ये योजनाएं उसकी गिरफ्तारी और जांच के चलते ठप पड़ गई हैं. बाबा ने 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की यूपी के ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि जमालुद्दीन बाबा ने अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की है. जांच में यह भी पाया गया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां भी खरीदी हैं. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और यूपी एटीएस जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एसटीएफ का कहना है कि इस नेटवर्क की पहुंच पूरे भारत में फैली हुई है. विदेशी फंडिंग खासकर खाड़ी देशों से आने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है. दो गिरफ्तार, जांच जारी फिलहाल इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एसटीएफ ने बताया कि यह नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे होने की संभावना है।

प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए देगी योगी सरकार

विष्णुपुरा उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'आकांक्षात्मक विकास खण्ड' योजना के तहत वर्ष 2024-25 की वार्षिक डेल्टा रैंकिंग जारी की गई है. जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विकास खंडों को 20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन विकास खंडों को सम्मानित करेंगे. प्रदेश के नियोजन विभाग की ओर से की गई रैंकिंग में जालौन, रामपुरा (जालौन), देवकली (गाजीपुर), विष्णुपुरा (कुशीनगर) और मड़िहान (मिर्जापुर) विकास खंडों ने टॉप 5 में जगह बनाई है. इन विकास खंडों को उनके समग्र विकास जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक प्रगति में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया जाएगा. रैंकिंग के आधार पर तय हुई राशि प्रोत्साहन राशि को प्रदर्शन के क्रम में बांटा गया है. प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए और शेष दो टॉप परफॉर्मर्स को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे. योगी सरकार का मानना है कि इससे अन्य विकास खंडों को भी प्रेरणा मिलेगी और जिलेवार प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समग्र ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जालौन का जलवा रैंकिंग के अनुसार, रामपुरा (जालौन) ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि खेसराहा (सिद्धार्थनगर) और जालौन विकास खंड ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया है. शिक्षा के क्षेत्र में भी जालौन और रामपुरा ने पहला और दूसरा स्थान अर्जित किया, जबकि देवकली (गाजीपुर) तीसरे स्थान पर रहा. वहीं बलिया, सोनभद्र और बदायूं के कुछ विकास खंडों का प्रदर्शन शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों में कमजोर रहा. कृषि और बुनियादी ढांचे में भी दिखा असर कृषि क्षेत्र में विष्णुपुरा (कुशीनगर) सबसे आगे रहा. जबकि अंबेडकरनगर के टांडा और संभल का संभल विकास खंड भी टॉप तीन में शामिल हुए. बुनियादी ढांचे के विकास में सैदनगर (रामपुर) शीर्ष पर रहा, जबकि नवाबगंज (फर्रूखाबाद) और असफपुर (बदायूं) ने भी उल्लेखनीय सुधार दिखाया. सामाजिक विकास में सैदनगर सबसे आगे सामाजिक विकास श्रेणी में भी सैदनगर (रामपुर) पहले स्थान पर रहा. इसके अलावा पीलीभीत का पूरनपुर, मीरजापुर का मड़िहान, संभल का राजपुरा और चित्रकूट का पहाड़ी विकास खंड भी बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे. जहां विकास की रफ्तार धीमी रही रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ विकास खंड अब भी पिछड़े हुए हैं. शुकुलबाजार (अमेठी), गौरीबाजार (देवरिया) और निचलौल (महराजगंज) जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अब भी तेज़ प्रयासों की आवश्यकता है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी.

चिटफंड के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अनुराग वंशल व आरती वंशल को पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया

सिंगरौली सिंगरौली (म.प्र.) के निवासी हैं और उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के कई जिलों में लोगों को "पैसा डबल" स्कीम के नाम पर झांसे में लेते थे। सिंगरौली सहित कई जिलों में ठगी का है आरोप ।

राम मंदिर में पहली बार होगा ध्वजारोहण समारोह, प्रधानमंत्री मोदी और हजारों विशिष्ट अतिथि रहेंगे मौजूद

अयोध्या  रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक गूंज अभी भी जनमानस में ताजा है। राम मंदिर ट्रस्ट अब एक और भव्य अध्याय जोड़ने जा रहा है। नवंबर में प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन एक बार फिर अयोध्या को भक्तिभाव, वैदिक अनुष्ठानों और विश्व भर से जुटने वाले श्रद्धालुओं से सराबोर कर देगा। ध्वजारोहण समारोह को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तर्ज पर ही भव्यता प्रदान की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से मेहमानों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें देश-विदेश के संत, धर्माचार्य, प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि और रामभक्त शामिल रहेंगे। अनुमान है कि हजारों की संख्या में अतिथि इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे। अयोध्या में मेहमानों की आगवानी के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। ट्रस्ट और प्रशासनिक तंत्र ने कमरे बुक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रमुख होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउसों में आवास की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद किया जा रहा है। नवंबर में समारेाह के लिए शुभ मुहूर्त भी ज्योतिषियों से निकलवाया जा रहा है। 16 नवंबर व 25 नवंबर दो शुभ तिथियों में से किसी एक तिथि के चयन पर विमर्श हो रहा है।   161 फीट ऊंचे शिखर पर होगा ध्वजारोहण राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर रामध्वज फहराया जाएगा। इसके अलावा परिसर के अन्य सभी मंदिरों के शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा। रामध्वज का आरोहण केवल एक प्रतीकात्मक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की विजय और धर्म की प्रतिष्ठा का उद्घोष होगा। यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर बढ़ते कदम का संकेत भी माना जा रहा है। ध्वज पताका को वैदिक मंत्रोच्चार, संगीत, और विशेष पूजा विधियों के साथ मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा। कार्यक्रम में विविध प्रकार के अनुष्ठान भी होंगे। रामकथा का भी आयोजन संभव है। इस अवसर पर देश के कई प्रसिद्ध संगीतज्ञ व कलाकार प्रस्तुतियां देंगे, जिससे समारोह की भव्यता बढ़ेगी।  

नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री

प्रदेश के 50 प्रतिशत ग्रामों को जोड़ेंगे दुग्ध नेटवर्क से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध  नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री  भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 50 प्रतिशत गांवों को दुग्ध नेटवर्क में लाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के वरष्ठि अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के लिए डेयरी विकास योजना को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक संशोधन कर अधिक लाभकारी बनाने के निर्देश दिए थे। अब राज्य में दुग्ध उत्पादन की 72 प्रतिशत संभावित क्षमता को कवर करने और बाजार पहुंच को 15प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दुग्ध संग्रहण बढ़ाने, दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से देशी नस्ल के पशुओं के लिए मॉडल फार्म विकसित करने, सांची ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाने, भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत हीफर रियरिंग सेंटर की स्थापना, दुग्ध उत्पादक किसानों को खरीदे गए दूध की कीमत का समय पर भुगतान, डिजीटाइजेशन वर्क की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दुग्ध संघों ने बढ़ाई है ढाई से छह रुपए प्रति लीटर राशि इस अवसर पर बताया गया कि प्रदेश के दुग्ध संघों में न सिर्फ दुग्ध संग्रहण बढ़ रहा है, बल्कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों का हित भी सुनिश्चित हो रहा है। दुग्ध संघों में दुग्ध मूल्यों में ढाई रुपए से लेकर छह रुपए तक प्रति लीटर वृद्धि का कार्य किया है। प्रदेश में दो दुग्ध संघों जबलपुर और ग्वालियर में दुग्ध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ को दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए दो-दो करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी भी उपलब्ध करवाई गई है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर सुशासन की स्थापना की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत ढाँचे और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को तेज़ी से क्रियान्वित किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री साय आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के महतारी अलंकरण सम्मान समारोह में वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडरिया क्षेत्र को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने की पहल प्रारंभ हो चुकी है। इस दिशा में अनेक योजनाओं और विकास कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने रणवीरपुर में नवीन उप तहसील की स्थापना, आगामी शिक्षा सत्र से बिरेंद्र नगर में महाविद्यालय प्रारंभ करने, पंडरिया में 250 सीटर नवीन नालंदा परिसर, कुण्डा में महाविद्यालय के लिए नवीन भवन और पंडरिया में नवीन नगर पालिका भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-130 ए के 2.1 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण कर इसे 4 लेन में उन्नत किया जाएगा।     कार्यक्रम में 72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री के करकमलों से सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब तक 1,460 ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा चुके हैं और आगामी एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों तक पहुँचाई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाया गया है ताकि आम नागरिकों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।     मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बस सेवाओं की शुरुआत केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे अब छात्राओं को महाविद्यालय आने-जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडरिया के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब 72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा बेटियों के लिए 5 निःशुल्क बसों की शुरुआत हो रही है। यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की अनूठी पहल है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विकास अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गाँव और क्षेत्र में समान रूप से पहुँच रहा है। आने वाला समय छत्तीसगढ़ की प्रगति का नया अध्याय होगा।     लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह पहल बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी। निःशुल्क बस सुविधा से छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने में और अधिक संबल मिलेगा।     क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने बताया कि पहले 3 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा था, जिन्हें अब बढ़ाकर 8 कर दिया गया है। यह सेवा पंडरिया, पांडातराई, पिपरिया, सहसपुर लोहारा एवं कवर्धा के महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए संबल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्षों में लगभग 600 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हरिनाला पुल, बाईपास और अनेक बहुप्रतीक्षित कार्य अब गति पकड़ चुके हैं।     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और गृह मंत्री विजय शर्मा वर्चुअल रूप से जुड़े। पंडरिया के पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक श्रीमती भावना बोहरा तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर में सीनियर रेजिडेंट की भर्ती शुरू, 137 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर ग्वालियर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने सीनियर रेजिडेंट (Senior Resident Vacancy) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। जो उम्मीदवार इस पद के लिए इच्छुक हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती के तहत कुल 137 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।   वॉक इन इंटरव्यू की तारीखें इन पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 15 और 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक रिपोर्ट करना होगा। आयु सीमा उम्मीदवार की अधिकतम आयु 45 साल होनी चाहिए। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से (MBBS Vacancy in MP) एमबीबीएस, पीजी डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही अन्य निर्धारित योग्यताओं का भी पालन अनिवार्य है। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 300 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाना होगा। एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 75 रुपये निर्धारित किया गया है। जरूरी दस्तावेज आयु प्रमाण पत्र, एमबीबीएस की डिग्री, पीजी डिग्री या डिप्लोमा प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो

श्रीमहाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को होगी सावन की सांस्कृतिक संध्या: सीएम

श्रावण महोत्सव में विभिन्न कलाकारों द्वारा दी जाएंगी आकर्षक प्रस्तुतियां पहली सवारी की थीम होगी वैदिक उद्घोष भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप इस बार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी और अधिक भव्य रूप में निकाली जाएगी। आगामी श्रावण-भादो-मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारियों की अलग-अलग थीम होगी और पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी। सावन माह में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी होगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी 14 जुलाई, द्वितीय सवारी 21 जुलाई, तृतीय सवारी 28 जुलाई, चतुर्थ सवारी 4 अगस्त, पंचम सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। प्रथम सवारी में पालकी में श्री मनमहेश, द्वितीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर और हाथी पर श्री मनमहेश, तृतीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, चतुर्थ सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा महेश, पांचवी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश और रथ पर श्री होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर ,हाथी पर श्री मन महेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश, रथ पर श्री होलकर स्टेट और रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश अनुसार इस बार सवारियों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रत्येक सवारी की थीम अलग-अलग होगी। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर निकाली जाएगी। इस दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बटुकों द्वारा भव्य वैदिक उद्घोष किया जाएगा और बटुकों द्वारा सवारी मार्ग में वैदिक उद्घोष किया जायेगा। इसी के साथ विभिन्न जनजातियों के समूहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुती दी जायेगी। द्वितीय सवारी में लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें लोक नृत्य मटकी नृत्य मध्यप्रदेश, गणगौर नृत्य राजस्थान, बिहू नृत्य आसाम, भवाई नृत्य गुजरात, पुलियाट्म या टाइगर नृत्य कर्नाटक की प्रस्तुति रामघाट पर दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की तीसरी सवारी में पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की चतुर्थ सवारी में पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की पंचम सवारी में धार्मिक थीम रहेगी जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी। साथ ही सवारियों में विभिन्न जिलों के पृथक-पृथक जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। राजसी सवारी में 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण महोत्सव हर शनिवार को शाम 7:00 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। श्री महाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। श्रावण महोत्सव में इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त 13 जुलाई से लेकर 16 अगस्त तक 23 दिवसों में (श्रावण महोत्सव के दिन, सवारी के दिन, नाग पंचमी और 15 अगस्त को छोड़कर) श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनकी प्रस्तुती श्री महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के समीप शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जाएगी, जिसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति देंगे।श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा सवारी मार्ग में हर 200-200 मीटर पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीए सिस्टम और कैमरे भी मंदिर समिति के द्वारा लगाये जाएंगे।  

डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकतंत्र सेनानी थे डॉ. मुखर्जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक देश एक विधान कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के योगदान का किया स्मरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प " एक निशान, एक विधान और एक प्रधान" को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में "एक देश एक विधान" विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने किया क्रियान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था। डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।