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बीबीएमबी में नियुक्ति के लिए पंजाब में अलग कैडर को मंजूरी

चंडीगढ़  पंजाब मंत्रिमंडल ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कर्मचारियों का एक अलग कैडर बनाने का निर्णय लिया गया है, जिनकी भर्ती बीबीएमबी में सेवा के लिए की जाएगी। चीमा ने कहा, 'वर्तमान में, हमारे कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर बीबीएमबी में तैनात हैं। लेकिन कभी-कभी उनकी नियुक्तियां रद्द हो जाती हैं, जिसके कारण रिक्त पदों को बीबीएमबी को अन्य राज्यों से भरना पड़ता है।' एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने बीबीएमबी के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए 2458 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। यह निर्णय आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार और बीबीएमबी अधिकारियों के बीच जल बंटवारे और भाखड़ा तथा नंगल बांधों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दों पर टकराव की पृष्ठभूमि में आया है।

समिति का झांसा देकर 5.40 लाख की चपत: सब्जी विक्रेता ठगी कर हुआ फरार

रायपुर  सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है। संस्था में निवेश का दिया लालच साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए।   थोड़ा सा प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता, फिर पैसे लेकर फरार शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बीच-बीच में छोटी रकम प्रॉफिट बताकर भेजी, जिससे पीड़िता का विश्वास बढ़ा और उसने और पैसा लगा दिया। बाद में आरोपी अचानक घर खाली कर गायब हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। पूछताछ में पीड़िता को पता चला कि कोई संस्था वास्तव में संचालित ही नहीं होती, न रोजगार दिया जाता है और न ही कोई मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रकार वह ठगी का शिकार हुई। इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई।  आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है। 

धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदेंगे-किसान गंगाराम

रायपुर, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी का शुभारंभ अवसर पर जशपुर जिले के गम्हरिया चौक स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम झीलिंग के किसान गंगा यादव ने सर्वप्रथम अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदूंगा l         किसान गंगा यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिससे प्राप्त लाभ से उन्होंने एक दुकान की शुरुआत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे वाहन क्रय करने की योजना बना रहे हैं। यादव ने शासन द्वारा खरीदी केंद्रों में की गई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।        शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो-एटीएम सुविधा, टोकन ‘तुंहर द्वार’ व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिल सके।     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जशपुर जिले मे किसी भी समिति में किसानों को तकलीफ नहीं है l आसानी से टोकन मिल रहा है और किसान निर्धारित दिवस धान समिति में लेकर आ रहे हैं l

वैवाहिक विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी द्वारा संबंध बनाने से रोकना मानसिक अत्याचार

बिलासपुर हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी का पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना मानसिक क्रूरता है. मामले में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए पति की अपील पर तलाक मंजूर कर लिया है. जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए के प्रसाद के डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि 11 साल लंबे अलगाव और पत्नी की शारीरिक संबंध के लिए अनिच्छा मानसिक क्रूरता मानी जाएगी. मामले में पति को अपनी पत्नी को दो महीने के अंदर 20 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देना होगा. दरअसल, अंबिकापुर के रहने वाले 45 साल वर्षीय व्यक्ति की शादी 30 मई 2009 को रायपुर की रहने वाली महिला के साथ हिंदू रीति- रिवाजों से हुई थी. पति का आरोप है कि उसकी पत्नी शादी के एक महीने बाद ही उसे छोड़कर मायके चली गई. जिस पर उन्होंने फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(i-a) के तहत तलाक की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया. पति ने बताया कि 2013 में अंबिकापुर में उसकी पत्नी कुछ दिन साथ रही. लेकिन शारीरिक संबंध बनाने से मना करती रही. महिला ने अपने पति को यह भी धमकी दी कि वो शारीरिक संबंध बनाएगा तो सुसाइड कर लेगी. पत्नी मई 2014 से मायके में रह रही है, और पति के लगातार प्रयासों के बावजूद वापस नहीं लौटी. केस दर्ज होने के बाद भी उसने कभी अपने पति से संपर्क नहीं किया. इसके साथ ही परिवार के किसी खुशी या दुख के अवसर पर शामिल नहीं हुई. वहीं पत्नी ने अपने पति के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके पति एक साध्वी के भक्त हैं, और योग साधना में लीन रहने के कारण वैवाहिक संबंधों में रुचि नहीं रखते थे. उसने आरोप लगाया कि पति बच्चे नहीं चाहते थे. उन्होंने पति पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. पत्नी ने पहले वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए अर्जी भी लगाई, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी को खारिज कर दी. जिसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें उन्होंने बताया कि फैमिली कोर्ट ने उनके तर्कों को सुने बगैर ही तलाक की अर्जी को खारिज किया है. साथ ही कहा कि वैवाहिक जीवन जीने के लिए पत्नी का साथ होना जरूरी है. मामले में हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के बयान और रिकॉर्ड को देखते हुए पाया कि पति-पत्नी 11 साल से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने क्रॉस एग्जामिनेशन में खुद स्वीकार किया कि वह अब पति के साथ वैवाहिक जीवन जारी नहीं रखना चाहती. कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे अलगाव और संबंधों में लौटने से स्पष्ट इनकार को मानसिक क्रूरता माना जाएगा. मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने पति की तलाक की अपील को स्वीकार कर ली है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में सूर्या हॉफ मैराथन-2025 के तृतीय संस्करण की नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़ कर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जबलपुर में विद्यमान मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेन्ट जनरल श्री पदम सिंह शेखावत और सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन से जुड़ी सेना की टीम और धावकों से वर्चुअली संवाद किया। लेप्टिनेन्ट जनरल श्री पी.एस. शेखावत ने बताया कि यह मैराथन जबलपुर को भारत के खेल मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। समाज के सभी वर्गों, मुख्यत: युवा वर्ग में खेल कूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, जबलपुर को पर्यटन केन्द्र के रूप में बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी मैराथन का उद्देश्य है। मैराथन से होने वाली आय का एक भाग दृष्टि बाधित केन्द्र के उत्थान को समर्पित किया जाएगा। इस मैराथन को क्रमश: 21, 10, 05 और 03 किलोमीटर श्रेणी में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 10 हजार धावकों ने भाग लिया।  

अजीबोगरीब पढ़ाई का वीडियो वायरल, ‘Iey-Noge’ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शिक्षा विभाग की गाज

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के सहायक शिक्षक एलबी प्रवीण टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। प्रवीण पर आरोप है कि उन्हें अंग्रेजी में नोज(नाक), इयर (कान), आई (आंख) की सही स्पेलिंग तक नहीं आती। इतना ही नहीं दिनों के नाम और फादर, मदर, ब्रदर, सिस्टर की स्पेलिंग भी नहीं आती और वे कक्षा में बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। बकायदा ब्लैक बोर्ड में गलत लिखा भी था। उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।   बलरामपुर जिले के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के शिक्षक प्रवीण टोप्पो को बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में शिक्षक, बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। उन्हें भी उन शब्दों की स्पेलिंग नहीं आती थी। वीडियो में शिक्षक Nose की जगह 'Noge', Ear की जगह 'Eare' और Eye की जगह 'ley' पढ़ाते दिख रहे थे। बच्चों को दिन के नाम, शरीर के अंगों के नाम और माता, पिता, भाई, बहन के अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग भी ब्लैक बोर्ड पर गलत लिखकर दिया गया था।   शिक्षा विभाग की हो गई किरकिरी यह वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी शुरू हो गई थी। शिक्षक की योग्यता और ज्ञान पर उठ रहे सवालों के बीच जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने आरोपों की जांच कराई। संकुल समन्वयक को स्कूल भेजा गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखाया गया है। इसी के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस विद्यालय में कुल 42 बच्चे हैं। यहां दो शिक्षकों की पदस्थापना थी। इनमें से एक को निलंबित कर दिया गया है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चे अगर गलत स्पेलिंग सीखेंगे तो उनका भविष्य अंधेरे में जाएगा। कोगवार प्राइमरी स्कूल में दूसरे शिक्षक लाए जाएं, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर दी बधाई, मीडिया को बताया लोकतंत्र का स्तंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।  

नई विधानसभा में ‘करोड़पति और अपराधी’ का बोलबाला, आधे से अधिक विधायकों की धांधली भरी पृष्ठभूमि

पटना  बिहार की नई विधानसभा (Bihar election 2025) एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है। एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) और बिहार इलेक्शन वॉच का जारी ताजा विश्लेषण यह बताता है कि नई विधानसभा में जीतकर आए आधे से अधिक विधायक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। वहीं मऔर उच्च शिक्षित विधायकों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 243 निर्वाचित विधायकों में 130 पर आपराधिक मामले 2025 के विधानसभा चुनाव में चुने गए 243 विधायकों में से 130 (53%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह संख्या 2020 की तुलना में 15 प्रतिशत कम है। पिछले चुनाव में 68 प्रतिशत (163 विधायक) के खिलाफ आपराधिक मुकदमे थे। इस बार 102 (42%) विधायक गंभीर धाराओं में आरोपी हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 51 प्रतिशत था। छह विजेताओं पर हत्या और 19 पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। नौ विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों का उल्लेख अपने हलफनामे में किया है। किन दलों के कितने विधायक गंभीर मामलों में आरोपी?     भाजपा: 89 में 43 विधायक (48%)     जदयू: 85 में 23 (27%)     राजद: 25 में 14 (56%)     लोजपा (रामविलास): 19 में 10 (53%)     कांग्रेस: 6 में 3 (50%)     एआईएमआईएम: 5 में 4 (80%)     राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 में 1 (25%)     भाकपा माले: 2 में 1 (50%)     माकपा, आइआइपी, बसपा: सभी के एक-एक विधायक गंभीर मामलों में आरोपी विधानसभा में 15 साल में 4 गुना बढ़ी करोड़पतियों की संख्या विधानसभा की आर्थिक तस्वीर भी चौंकाने वाली है। 243 में से 218 विधायक (90%) करोड़पति हैं। यह आंकड़ा पिछले विधानसभा (2020) के 81 प्रतिशत से काफी अधिक है। इस बार विजेता विधायकों की औसत घोषित संपत्ति 9.02 करोड़ तक पहुंच गई है, जो 2020 में मात्र 4.32 करोड़ थी। 2010 में सिर्फ 45 करोड़पति विधायक थे। अर्थात 15 साल में यह संख्या चार गुना से अधिक हो गई है।   कौन-से दल में सबसे अधिक अमीर विधायक?     राजद: 25 में 24 विधायक (96%)     जदयू: 85 में 78 (92%)     भाजपा: 89 में 77 (87%)     लोजपा-आर: 19 में 16 (84%)     हम: 5 में 4 (80%)     कांग्रेस, रालोमो, माकपा, आइआइपी, बसपा: सभी के सभी विधायक करोड़पति     भाकपा माले: 2 में 1 करोड़पति  धनबल और आपराधिक छवि अब भी प्रमुख कारक बने हुए हैं 2010 में विधायकों की औसत संपत्ति 82 लाख थी, जो 2015 में बढ़कर 3.02 करोड़ और अब 2025 में 9 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई है। नए विधायकों की प्रोफाइल स्पष्ट करती है कि बिहार की राजनीति में धनबल और आपराधिक छवि अब भी प्रमुख कारक बने हुए हैं। हालांकि आपराधिक मामलों में मामूली कमी दिखती है, लेकिन करोड़पतियों की बढ़ती संख्या चुनावी राजनीति की बदलती दिशा की ओर संकेत करती है। चुनावी सुधारों और पारदर्शिता पर बहस इस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर तेज़ होना तय है। 

राजस्थान में शीतलहर का असर गहरा, सीकर में येलो अलर्ट घोषित

जयपुर उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में सर्दी का असर बनाए रखा है। मौसम विभाग ने रविवार को सीकर जिले में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं जयपुर और अजमेर संभाग के जिलों में सुबह-शाम शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। शनिवार को राज्य के 13 शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार आगामी दिनों में भी प्रदेश में सुबह-शाम तेज सर्दी और हल्की शीतलहर का असर रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में तापमान सीकर फतेहपुर में 5°C और सीकर में 5.4°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर, अजमेर और टोंक में सुबह-शाम शीतलहर का प्रभाव देखा गया। नागौर में न्यूनतम तापमान 6.1°C, चूरू 7.9°C, पिलानी 8.5°C, अलवर 8.4°C, वनस्थली (टोंक) 8.6°C, भीलवाड़ा 9.4°C, दौसा 6.9°C और झुंझुनूं 8.6°C रिकॉर्ड हुआ। अजमेर में 10°C, उदयपुर और जोधपुर 10.2°C, जयपुर 12.4°C, कोटा 13.1°C, बाड़मेर 15.4°C, जैसलमेर 12.6°C, बीकानेर 13.6°C, गंगानगर 10.7°C, डूंगरपुर 12.9°C और हनुमानगढ़ में 12.2°C तापमान दर्ज किया गया। दिन में भी बढ़ी ठंड, अधिकतम तापमान में गिरावट राज्य में दिन के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 1 डिग्री तक गिरा। बाड़मेर 32.4°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। जैसलमेर में 30.9°C, फलौदी 30°C, बीकानेर 31.3°C, अजमेर 27.8°C, जयपुर 28.4°C, सीकर 27.5°C और कोटा में 27.8°C दर्ज हुआ। उदयपुर शनिवार को सबसे ठंडा रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 25.6°C तक रहा। रविवार को सीकर में अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार को सीकर में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में भी हल्की शीतलहर का असर रहेगा। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और सर्दी इसी तरह बनी रहेगी।  

झारखंड के विकास का रोडमैप तैयार: 2050 विज़न पर CM हेमंत की बड़ी घोषणा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार 2050 तक राज्य को विकसित बनाने पर काम कर रही है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और आदिवासियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सोरेन रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में बोल रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित 8,799 करोड़ रुपये की 1,087 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। सोरेन ने कहा, “हम 2050 तक झारखंड को एक विकसित व समृद्ध राज्य बनाने के लिए अगले 25 वर्ष के विजन पर काम कर रहे हैं। आप जल्द ही देखेंगे कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए राज्य का समग्र विकास कैसे किया जाता है।”