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झारखंड ठंड से कांपा, मैकलुस्कीगंज का न्यूनतम पारा 6 डिग्री

रांची  झारखंड में ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। नवंबर महीने में ही लोग स्वेटर और शाल में दिख रहे हैं। इसी महीने में ही लोगों का ठंड के कारण हाल बेहाल हो गया है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा होगा। मैकलुस्कीगंज का पारा पहुंचा 6 डिग्री राज्य में ठंड का सितम जारी है। बीते शनिवार को मैकलुस्कीगंज का पारा 6 डिग्री तक पहुंच गया। यह इस ठंड का अब तक का सबसे कम तापमान के रूप में रिकॉर्ड है। वहीं कई जिलों के तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग ने रांची सहित रामगढ़, बोकारो, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।  दरअसल, पहाड़ी इलाकों में समय से पहले बर्फबारी ने निचले राज्यों में ठंड बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में ठंड बढ़ने की सम्भावना है। ठंड के बढ़ने के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी हल्की बीमारियों के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

कबाड़ गोदाम में लगी आग से हड़कंप, हाईवे जाम; भारी आर्थिक नुकसान

अजमेर अजमेर जिले के बांदरसिंदरी से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर कल रात बड़ा हादसा टल गया, जब बड़गांव के समीप होटल सुप्रीमो के पीछे स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देर रात लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोदाम से उठती तेज लपटें और काला धुआं दूर हाईवे से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे हाईवे पर गुजर रहे वाहन चालक भी दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने आग और धुएं को देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना पर किशनगढ़ से दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सिटी फायर टीम के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में कबाड़, प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। आग ने देखते ही देखते गोदाम में रखे हजारों रुपए के सामान को जलाकर राख कर दिया। आग बुझाने के दौरान छोटे-छोटे विस्फोट भी सुनाई दिए, जिनकी वजह गोदाम में रखी ज्वलनशील वस्तुएं बताई जा रही हैं। कड़ी मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे आग आसपास के घरों और दुकानों तक फैलने से बच गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को कुछ समय के लिए बाहर निकलना पड़ा। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य अनजाने कारण की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आगजनी के कारणों की विस्तृत जांच में जुटे हैं। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और गोदामों में ज्वलनशील सामग्री के उचित प्रबंधन की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

अद्भुत प्रयास: सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने 24 साल के युवक को दिया नया जीवन

रांची  डाॅक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे जीवन बचाने और दर्द दूर करने का काम करते हैं। भगवान हमें जीवन देता है, जबकि डॉक्टर उस जीवन को बचाने और बनाए रखने के लिए अथक प्रयास करते हैं, खासकर मुश्किल और जानलेवा बीमारियों में। ताजा मामला रांची सदर अस्पताल से आया है। अनगड़ा थाना क्षेत्र के जरगा गांव निवासी 24 वर्षीय मरीज को बेहद गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया था। उसका गला गहरी चोट के साथ सांस की नली तक कट चुका था। परिजन खून से भीगे गमछे में उसका गला लपेटकर पहुंचे थे। डॉक्टरों की टीम ने 15 मिनट बाद ही ऑपरेशन शुरू कर दिया। टीम ने मिलकर खून जांच, ABG और सेरोलॉजी जैसे सभी टेस्ट तुरंत पूरे किए। एनेस्थीसिया टीम ने तैयारी कर मरीज को बेहोश किया और ऑपरेशन शुरू हो गया। लगभग 2 घंटे तक यह ऑपरेशन चला। वहीं, फिलहाल मरीज आईसीयू में में है। आने वाले 72 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। यह पूरा ऑपरेशन निशुल्क किया गया।

एमएसएमई इकाइयों को त्वरित सुविधा देने पर मुख्यमंत्री का फोकस

मुख्यमंत्री का निर्देश, रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल नीति का प्रारूप तैयार करें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए लैंड बैंक के विस्तार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्लग एंड प्ले मॉडल को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और सतत उपलब्ध भूमि सुनिश्चित करने के लिए लीज़ रेंटल मॉडल को रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है और इसी आधार पर विस्तृत नीति तैयार की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस नीति का मुख्य फोकस एमएसएमई क्षेत्र पर हो, ताकि छोटे और मध्यम उद्योग बिना अतिरिक्त जटिलताओं के तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में औद्योगिक भूमि की दरें अपेक्षाकृत अधिक हैं और खासकर एनसीआर से जुड़े जिलों में यह दबाव अधिक महसूस होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि की लागत उद्योगों के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और नई इकाइयों की स्थापना के मार्ग में प्रमुख बाधा है। इसी कारण एमएसएमई के लिए किफायती आकार के भूखंडों और तैयार औद्योगिक शेड उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नए मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा है कि उद्योग भूमि खरीद और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं में समय और संसाधन खर्च करने के बजाय सीधे उत्पादन, मशीनरी स्थापना और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लग एंड प्ले मॉडल के अंतर्गत औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपनी भूमि का स्वामित्व बरकरार रखते हुए उस पर तैयार औद्योगिक शेड विकसित करेंगे या सार्वजनिक निजी सहभागिता के माध्यम से निर्माण कराया जाएगा। इन शेडों को उद्योगों को पूर्वनिर्मित उपयोग योग्य परिसर के रूप में किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को पीपीपी की डीबीएफओटी संरचना के तहत लागू किया जा सकता है जिसमें निजी क्षेत्र डिज़ाइन, निर्माण, वित्त और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा जबकि भूमि स्वामित्व और नियामकीय नियंत्रण प्राधिकरण के पास रहेगा। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल व्यवस्था से प्राधिकरण को स्थायी आय सुनिश्चित होगी और उद्यमियों को बिना भूमि खरीद के चरणबद्ध तरीके से उद्योग विस्तार का अवसर मिलेगा। यह मॉडल एमएसएमई के वित्तीय जोखिम को कम करेगा और उन्हें व्यवसाय संचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रस्तावित नीति में उद्योग को दीर्घकालिक स्थिरता और स्पष्टता मिले जबकि भूमि का नियंत्रण राज्य के पास सुरक्षित रहे। रेवेन्यू शेयरिंग व्यवस्था सरल, पारदर्शी और औद्योगिक विकास के लिए सहायक होनी चाहिए ताकि राज्य की भूमि संपदा का अधिकतम और उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

‘सेवा ही सर्वोच्च धर्म’ के सिद्धांत पर सशक्त युवा, विकसित भारत बनाने के उत्सव की मेजबानी करेगी उत्तर प्रदेश की सरकार

डायमंड जुबली जंबूरी: जब एशिया-पैसिफिक के प्रतिनिधि चखेंगे बनारसी खाने का स्वाद और देखेंगे भारतीय हस्तकला परंपरा और तकनीक का संगम: 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी युवाओं में राष्ट्रीय सेवा और वैश्विक भाईचारे की भावना करेगी मजबूत सांस्कृतिक गौरव का उत्सव: लखनऊ में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का महाकुंभ, 75वीं वर्षगांठ का भव्य समारोह लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स के महाकुम्भ की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। योगी सरकार 23 से 29 नवंबर तक 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जो भारतीय संस्कृति और एकता में विविधता का एक भव्य उत्सव होगा। "सशक्त युवा विकसित भारत" थीम पर आधारित इस "डायमंड जुबली" कार्यक्रम में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड और यूनिट लीडर्स के साथ 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। काशी के घाटों पर आस्था और संस्कृति का संगम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है, जहाँ देश के हर कोने की पहचान एक साथ जीवंत होगी। इस सांस्कृतिक समागम का मुख्य आकर्षण काशी के घाटों का प्रतिरूप होगा। विश्व भर से आए प्रतिभागियों के समक्ष सातों दिन काशी के घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की शानदार प्रस्तुति की जाएगी। यह प्रस्तुति विश्व पटल पर भारत के आध्यात्मिक गौरव और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएगी। देशभर के स्वाद और कला का अनुभव यह जम्बूरी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को साकार करती हुई, प्रतिनिधियों को देश की विविधता का प्रत्यक्ष अनुभव कराएगी। वाराणसी के कंटीजेंट लीडर आशु कुमार वर्मा के अनुसार, फूड प्लाजा में न केवल बनारसी पान का स्टाल लगेगा, बल्कि बनारसी चाट, पूड़ी-कचौड़ी और जलेबी का स्वाद भी विश्वभर से आए मेहमान चख सकेंगे। इसके साथ ही, हस्तकला में वेस्ट मटेरियल से हस्तशिल्प और मिट्टी को आकार देकर कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी, जो भारत की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। नवाचार और भविष्य का नेतृत्व युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए, आयोजन स्थल पर एक विशेष आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहाँ डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप आयोजित होंगे। स्काउट्स को शिक्षा, रोबोटिक्स और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे विकसित भारत के लिए सक्षम नेतृत्वकर्ता बन सकें। यह जम्बूरी युवाओं को "सेवा ही सर्वोच्च धर्म" के आदर्श से प्रेरित करेगी। 61 वर्षों के बाद उत्तर प्रदेश में हो रहा यह भव्य आयोजन, युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक बनकर, देश और विदेश में एक अमिट छाप छोड़ेगा।

आजीविका मिशन की मदद से ग्रामीण महिलाओं का समूह तैयार कर रहा एलईडी बल्ब

झांसी में ग्रामीण महिलाओं का समूह एलईडी बल्ब बनाने और मार्केटिंग का खुद कर रहा काम झांसी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित कर रही है। महिलाओं के कई समूहों ने अभिनव पहल करते हुए प्रेरणा देने वाली मिसाल कायम की है। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया है झांसी जिले के चिरगांव ब्लॉक के ग्राम जरियाई की जय मां रतनगढ़ वाली महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने। इन महिलाओं ने उद्यमिता की राह पर कदम बढ़ाते हुए एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू किया है। महिलाओं का समूह बल्ब बनाकर इस एलईडी बल्ब को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। जय मां रतनगढ़ वाली महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अंजना के अनुसार ने उनके समूह से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। लगभग 8 महीने पहले एलईडी बल्ब बनाने का काम उनके समूह ने शुरू किया है। महिलाओं के समूह ने इस काम को शुरू करने के लिए दस हजार रूपये जुटाए और उससे जरूरी सामान मंगवाए। समूह की महिलाओं ने लोन भी लिया। योगी सरकार ने महिलाओं को बल्ब निर्माण का प्रशिक्षण दिलाया। समूह की महिलाओं को बल्ब बनाने के लिए रॉ मैटेरियल प्रदान किया जाता है। महिलाएं इस मैटेरियल से एलईडी बल्ब बनाकर बिक्री का काम करती हैं। समूह की महिलाएं हर रोज 150 से अधिक बल्ब तैयार करती हैं और उसकी बिक्री की रणनीति भी खुद तैयार करती हैं।  चिरगांव ब्लॉक की बीएमएम कल्पना के अनुसार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को समूह का गठन कराने के बाद संबंधित काम का प्रशिक्षण दिलाया गया। इन उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदर्शनियों और मेलों में सरकार की ओर से निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जाता है। महिलाओं के समूह ने इस पहल के माध्यम से आजीविका अर्जित करने की ओर कदम बढ़ाया है।

बिहार की राजनीति में नई हलचल: JDU के बिना सरकार गठन पर संजय झा ने क्या कहा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत और 200 से अधिक सीटों का जादुई आंकड़ा पार करने के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इसबार के चुनावी आंकड़ों को देखने के बाद कयासों का बाजार भी गर्म है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बिहार की 243 सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं। सीटों की संख्या में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद से कुछ लोगों का दावा है कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, जेडीयू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ऐसे तमाम अटलकों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए एकजुट है। भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास ) को 19 सीटें मिली हैं। वहीं, जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को पांच सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा चार सीटें जीतने में सफल रही है। ऐसे में यह संख्या 202 तक पहुंच जाती है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। लालू यादव की पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। वहीं सहयोगी दल कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन को दो सीटें मिली हैं। असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम पांच सीटें जीतने में कामयाब रही है। इसके अलावा इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी (IIP), माकपा और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली है। संख्या को देखते हुए कयासों का बाजार गरमाया हुआ है। नीतीश के बिना भाजपा के सरकार चलानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक थ्योरी यह भी गढ़ी जा रही है कि नीतीश कुमार और विपक्ष के तमाम दलों के साथ सरकार बन सकती है। उसमें ओवैसी का भी साथ रहे। इन तमाम अटकलों को लेकर संजय झा से सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि क्या बिना जेडीयू के भी सरकार बना सकती है बीजेपी? क्या नीतीश ही पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे? संजय झा ने साफ शब्दों में जवाब देते हुए कहा, “मैं इस तरह की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। एनडीए के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है।” एनडीए की अंदरूनी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस सवाल के जवाब पर संजय झा ने कहा “डायनमिक्स वही रहेंगे। हम सब मिलकर काम कर रहे हैं और हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है। इतनी बड़ी जीत के बाद हमारा फोकस सिर्फ यह है कि हम जनता के लिए डिलीवरी करें। केंद्र और राज्य के बीच संबंध पहले से ही बहुत अच्छे हैं।” उन्होंने कहा, “यह जीत एनडीए के एकजुट होकर लड़ने का नतीजा है। इसमें चिराग पासवान भी शामिल हैं। अगर सभी गठबंधन साझेदार एकसाथ नहीं होते, तो 200 का आंकड़ा पार करना संभव नहीं था।”  

स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूत बनाया जाए, प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की हर जरूरत पूरी हो: मुख्यमंत्री

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कहा; निवेशकों को इंसेंटिव के लिए न करनी पड़े प्रतीक्षा सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर तेजी से कार्य, 02 नई परियोजनाओं के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखें: मुख्यमंत्री आईटी और आईटीईएस सेक्टर में युवाओं की प्रत्यक्ष सहभागिता बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में नए लैंड बैंक विकसित किए जाएं: मुख्यमंत्री 08 वर्षों में यूपी का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात 3,862 करोड़ से बढ़कर 44,744 करोड़ के पार आईटी निर्यात ₹82,055 करोड़ और डाटा सेंटर में ₹21,342 करोड़ का निवेश आया 06 एसटीपीआई सेंटर संचालित, तीन नए प्रस्तावित मुख्यमंत्री ने उभरती तकनीकों में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे और सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की सभी जरूरतों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीक आधारित नई अर्थव्यवस्था से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आईटी और आईटीईएस सेक्टर में अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएं और इसके लिए इयान रियलिटी जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया जाए। शनिवार को सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी और आईटीईएस सेक्टर से जुड़े निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के लिए प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े और इस संबंध में विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। अब लक्ष्य इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शीर्ष श्रेणी में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक परियोजना स्वीकृत हो चुकी है जबकि दो अन्य प्रस्तावों के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में नए लैंड बैंक विकसित करने का निर्देश भी दिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017-18 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात ₹3,862 करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹44,744 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में आईटी निर्यात ₹55,711 करोड़ से बढ़कर ₹82,055 करोड़ हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 के तहत 67 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ₹15,477 करोड़ के निवेश और 1,48,710 रोजगार की संभावनाएं हैं। अब तक ₹430 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और मार्च 2026 तक 25 अन्य प्रस्तावों के आगे बढ़ने की संभावना है। डाटा सेंटर नीति के अंतर्गत हीरानंदानी समूह, एनटीटी ग्लोबल, वेब वर्क्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और एसटी टेलीमीडिया सहित कई कंपनियों ने ₹21,342 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे लगभग 10 हजार नए रोजगार सृजित हो रहे हैं। स्टार्टअप नीति के तहत भी निरंतर प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां ₹274 लाख की धनराशि स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए जारी की गई थी, वहीं जनवरी 2025 तक यह मूल्य बढ़कर ₹2,600 लाख तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप फंड के प्रभावी उपयोग और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए उन्नत तकनीक का हो इस्तेमालः प्रमुख सचिव नियोजन

-सांख्यिकीय अधिकारियों के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित विशेष कार्यशाला में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव व निर्देश कार्यशाला में जनपदीय/ मंडलीय अधिकारियों को ओ.टी.डी. सेल की बैठकों की समीक्षा कराते हुए अपेक्षित सुधार की आवश्यकता पर दिया गया बल जनपद स्तर पर तैयार किये जा रहे ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ को विकास तथा समावेशी बनाने की आवश्यकता को किया गया रेखांकित जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट एवं वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की उपयोगिता के विषय में कराया गया अवगत कार्यशाला में नियोजन विभाग के महत्त्व को रेखांकित करते हुए दायित्वों के तत्परता से निर्वहन के लिए अधिकारियों को किया गया निर्देशित लखनऊ प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी' बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने सांख्यिकीय अधिकारियों के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। शनिवार को योजना विभाग द्वारा योजना भवन, कक्ष संख्या 111, लखनऊ में 'फ्रॉम डाटा टू डेवलपमेंटः स्ट्रेंदनिंग डिस्ट्रिक्ट लेवल इकॉनमिक लाइट' विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, नियोजन आलोक कुमार द्वारा की गई तथा उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव व निर्देश दिए। कार्यशाला का शुभारंभ अतिथि एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के स्वागत से हुआ, जिसके बाद निदेशक, अर्थ एवं संख्या, अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि बदलते परिवेश में नीतियों के प्रभावी एवं सटीक निर्धारण के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों की विश्वसनीयता, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा उनके समुचित उपयोग का सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है।  जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों की भूमिका पर बल प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने अपने मुख्य वक्तव्य में जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों की भूमिका और उनके प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नवीन पद्धतियों एवं सुसंगत आंकड़ों के प्रयोग से जनपद/ मण्डल स्तर पर विकास को वांछनीय गति देने के लिए जिला/ मंडल प्रशासन को अवगत कराने तथा आवश्यकतानुसार उन्हें सकारात्मक हस्तक्षेप के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। साथ ही, प्रमुख सचिव द्वारा जनपदीय/ मंडलीय अधिकारियों से अपेक्षा की गयी कि ओ.टी.डी. सेल की बैठकों में तथ्यपरक समीक्षा कराते हुए अपेक्षित सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। प्रमुख सचिव द्वारा ओ.टी.डी. मिशन को आर्थिक विकास मिशन के रूप में देखते हुए अपेक्षित कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।  ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ से समावेशी विकास की राह होगी सुनिश्चित कार्यशाला में जनपद स्तर पर तैयार किये जा रहे ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ के माध्यम से जनपद में कुशल नीतियों के निर्माण से विकास के साथ ही उसके समावेशी होने की प्रबल आवश्यकता को रेखांकित किया। जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट एवं वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की जनपदीय विकास हेतु उपयोगिता को तथ्यपरक रूप में अवगत कराया। आलोक कुमार ने कहा कि जनपद स्तर पर सटीक आंकड़ों के प्रयोग से जनपद की विकास में सक्षम भागीदारी से प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे राष्ट्रीय विकास की अवधारणा साकार होगी। प्रमुख सचिव ने नियोजन विभाग के महत्त्व को रेखांकित करते हुए प्रदेश के चौमुखी विकास में आंकड़ों के महत्त्व तथा अर्थ एवं संख्या प्रभाग के अति महत्वपूर्ण दायित्व के तत्परता से निर्वहन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के लिए सजग रहने का निर्देश  सचिव, नियोजन मासूम अली सरवर द्वारा सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों के लिए सजग एवं सचेत रहते हुए शासन की प्राथमिकता की योजनाओं को आंकड़ों के माध्यम से लागू किये जाने की अपेक्षा से अवगत कराते हुए सभी अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही, उन्हें भविष्य में आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण/ वर्कशॉप के माध्यम से अपने को भिज्ञ एवं प्रासंगिक बनाए रखने पर विशेष बल दिया। प्रदेश के डिजिटल पद्धति से आंकड़ों के एकत्रीकरण की प्रशंसा आशीष कुमार, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय द्वारा अपने उद्बोधन में प्रदेश के डिजिटल पद्धति से आंकड़ों के एकत्रीकरण जैसे नवाचार की प्रशंसा की एवं आंकड़ों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उनके द्वारा जिला घरेलू उत्पाद अनुमान की बहुचर्चित उत्तर प्रदेश की पुस्तिका की भी प्रशंसा करते हुए अवगत कराया गया उत्तर प्रदेश अनेक प्रदेशों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उनके द्वारा आगामी समय में संख्याविदों की सेवाओं की बढ़ती जिम्मेदारियों के प्रति सजग कराया गया। तकनीकी सत्रों के माध्यम से कई विषयों पर की गई चर्चा कार्यशाला में तकनीकी सत्रों के माध्यम से जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट, वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, PLFS/ASUSE सर्वेक्षण, महिला आर्थिक सशक्तिकरण सूचकांक (WEE Index) एवं "विकसित उत्तर प्रदेश @2047" जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में आशीष कुमार, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय, भारत सरकार, मासूम अली सरवर, सचिव नियोजन/ महानिदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, उत्तर प्रदेश, अक्षत वर्मा, विशेष सचिव, नियोजन विभाग, अलका बहुगुणा, निदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक, श्री आर.के. मिश्रा, अपर निदेशक एवं क्षेत्रीय उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) एवं अर्थ एवं संख्याधिकारी उपस्थित रहे।  

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे रक्षा मंत्री व सीएम योगी

वीरांगना ऊदा देवी पासी का बलिदान दिवस रविवार 16 नवम्बर को स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन करेंगे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री  रविवार को सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहा लखनऊ में होगा आयोजन लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी का रविवार को बलिदान दिवस है। इस दौरान स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन होगा। यह आयोजन रविवार सुबह 10 बजे सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहे पर होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस व पराक्रम से 36 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति का वरण किया था। इसलिए वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।