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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

जबलपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम जिला स्तर के कार्यक्रमों के लिए अतिथि हुए तय भोपाल  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी। जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 15 नवम्बर को जबलपुर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह शामिल होंगे। जिला स्तर के कार्यक्रमों में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा में, नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय धार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेलभिण्ड, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मासीहोर, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंहनरसिंहपुर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मण्डला, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषानामुरैना, महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया झाबुआ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिहं राजपूत सागर, खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग रायसेन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहानअलीराजपुर, ऊर्जा श्री प्रद्युम्न सिंह तोमरमंत्री शिवपुरी, नवीन एवं नवकरणीय मंत्री ऊर्जा श्री राकेश शुक्लाअशोक नगर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यपरतलाम, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आगर-मालवा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौरभोपाल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेद्र भाव सिंह लोधीदमोह, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवालअनूपपुर, कौशल विकास एवं रोजगार स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री गौतम टेटवालउज्जैन, पशुपालन एवं डेयरी स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री लखन सिंह पटेलविदिशा, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री नारायण सिंह पंवारराजगढ़ राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणश्री नरेन्द्र शिवाजी पटेलबैतूल, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास श्रीमती प्रतिमा बागरीसतना, राज्यमंत्री वनएवं पर्यावरण श्री दिलीप अहिरवारछतरपुर एवंराज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहसिगरौली में उपस्थित होंगी। सांसद श्री वी.डी. शर्मा कटनी, सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह शहडोल, सांसद श्रीमती संध्या राय दतिया, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल खण्डवा, सांसद श्रीमती भारती पारधी बालाघाट, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल खरगौन, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सीधी, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा मऊगंज, सांसद श्री विवेक 'बंटी' साहू छिन्दवाड़ा, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सिवनी, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर श्योपुर, सांसद श्री सुधीर गुप्ता नीमच, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर मंदसौर, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी बड़वानी एवं सांसद श्रीमती माया नरोलिया पांढुर्णा में उपस्थित रहेंगी। साथ ही विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस बुरहानपुर, विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, विधायक सुश्री मीना सिंह मांडवे उमरिया, विधायक श्री हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, विधायक श्री ओमप्रकाश ध्रुवे डिंडौरी, विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी मैहर, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य गुना, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पंवार देवास, विधायक श्री अनिल जैन निवाड़ी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह हरदा में उपस्थित रहेंगे।  

झारखंड में सर्दी ने दी दस्तक: अगले 3 दिन चलेगी शीतलहर, तापमान में तेज गिरावट

रांची झारखंड में ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। नवंबर महीने में ही लोग स्वेटर और शाल में दिख रहे हैं। इसी महीने में ही लोगों का ठंड के कारण हाल बेहाल हो गया है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा होगा। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में 15 नवंबर तक तापमान में भारी कमी आएगी जिससे ठंड अत्यधिक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवा के कारण अधिकतम तापमान में कमी देखने को मिल रही है। अगले 3 दिनों के दौरान पलामू, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सर्द हवा के कारण अधिकतम तापमान में कमी आ रही है। पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं शीतलहर रहेगी ज्यादातर जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है जिससे धूप होने के बावजूद ठंड लग रही है। रांची मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा है कि राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हवा की रफ्तार बढ़ने से इस दौरान न्यूनतम तापमान में और कमी आ सकती है। पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं शीतलहर रहेगी।  

“हॉट सीटों पर शुरू हुई तगड़ी काउंटिंग: मंगल पांडे–राम कृपाल पीछे, लेसी सिंह पिछड़ी, श्रेयसी सिंह आगे”

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. आज तय हो जाएगा कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठने वाला है. एनडीए और महागठबंधन दो छोर पर खड़े हैं और नीतीश-तेजस्वी में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. सूबे की 243 सीटों के लिए हुए दो चरणों में पड़े वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर हो रही है. नीतीश कुमार ने पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जीत का दम भरा है, तो वहीं तेजस्वी यादव ने भी 18 नवंबर को शपथ लेने का दावा किया है. एग्जिट पोल में महिलाओं और ओबीसी का समर्थन एनडीए को मिलने की संभावना जताई गई है. एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का मजबूत समर्थन मिला है. चुनाव नतीजे तय करेंगे कि सत्ता नीतीश की रहेगी या तेजस्वी बिहार के मुस्तकबिल की नई कहानी लिखेंगे.  सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती और इसके बाद EVM की गिनती हो रही है. 243 सीटों में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं. वोटों की गिनती के मद्देनजर प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए हैं. चुनाव आयोग भी अपने स्तर पर सभी तरह की तैयारियां कर चुका है. महुआ विधानसभा सीट पर आज मतगणना शुरू हो गई है. यह सीट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है. यहां मुकाबला है जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और राजद प्रत्याशी मुकेश रौशन और एलजेपी के संजय सिंह के बीच है. तेज प्रताप यादव ने 2015 में यहीं से जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था. 2020 में वे हसनपुर सीट से विधायक बने थे, लेकिन इस बार राजद से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाकर दोबारा महुआ से चुनाव मैदान में उतरे हैं. वहीं, मुकेश रौशन 2020 में राजद के टिकट पर महुआ से जीत चुके हैं और इस बार सीट बचाने की कोशिश में हैं. महुआ में इस बार भाई बनाम पार्टी का दिलचस्प मुकाबला है.  शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ एनडीए ने 160 सीटों पर बढ़त बनाते हुए आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. तेजस्वी यादव की आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन 74 सीटों पर आगे चल रहा है और दूसरे पायदान पर है. गौर करने वाली बात यह है कि प्रशांत किशोर की नई नवेली जन सुराज पार्टी (JSP) तीन सीटों पर आगे चल रही है और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM एक सीट पर आगे चल रही है. > 9:24 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, बीजेपी को बहुमत मिल गई है और 138 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं महागठबंधन 76 सीटों पर बढ़त में है. > 9 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस पार्टी 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. वीआईपी को एक सीट मिलता नजर आ रहा है. जबकि गठबंधन की अन्य पार्टियां चार सीटों पर आगे चल रही हैं. > बिहार चुनाव में बीजेपी और आरजेडी के बीच मुकाबला मजबूत है. 9 बजे तक के अपडेट के मुताबिक, एनडीए बीजेपी 68 सीटों पर आगे है, जबकि आरजेडी 56 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. > रुझानों में एनडीए आगे: बिहार चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होती है रुझान आने शुरू हो गए हैं. पोस्टल बैलेट में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. > बदलाव होगा, बदलाव होगा: महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने कहा, "बदलाव होगा, बदलाव होगा. बिहार में नौकरी वाली युवाओं की सरकार आएगी."     > लखीसराय में कड़ी टक्कर: बिहार के लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ, जिसमें बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कांग्रेस के अमरेश कुमार और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूरज कुमार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. > महुआ में तेज प्रताप यादव का त्रिकोणीय मुकाबला: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महुआ विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले का सामना कर रहे हैं. उनका मुकाबला मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन और एनडीए समर्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय सिंह से है. महुआ में कभी आरजेडी का चेहरा रहे तेज प्रताप अपने नए बैनर जनशक्ति जनता दल के तहत जीत हासिल करते हैं या नहीं. > मतदान के दो चरणों में, बिहार में रिकॉर्ड 66.91 फीसदी वोटिंग हुई, जो 1951 के बाद से सबसे ज्यादा है. यह उछाल उस सूबे में निर्णायक साबित हो सकता है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भोजपुर जैसे जिलों की कई सीटें बेहद रोमांचक बन गई हैं जहां बढ़त 500 से 2,000 वोटों के बीच लगातार ऊपर-नीचे हो रही है. इन सीटों ने दोनों गठबंधनों की धड़कन बढ़ा दी है. तेजस्वी यादव की कोर युवा समर्थन वाली सीटों पर महागठबंधन ने शुरुआत में दम दिखाया है, जबकि एनडीए का प्रदर्शन उन सीटों पर मजबूत दिख रहा है जहां महिलाओं की भागीदारी अधिक रही थी. लेफ्ट दलों की 20 सीटों पर भी रुझान दिलचस्प हैं. CPI(ML), CPI और CPM इन इलाकों में अच्छी चुनौती दे रहे हैं. कई सीटों पर लेफ्ट उम्मीदवार RJD, BJP और JD(U) के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. वर्ष 2020 में लेफ्ट ने 12 सीटें जीती थीं और इस बार भी शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि उनका आधार कमजोर नहीं हुआ है. दिघा, फुलवारी, पलिगंज, मटिहानी और कर्घहर जैसी सीटों पर भी मतगणना चल रही है. हर राउंड में बढ़त बदल रही है. कुछ सीटों पर यह मुकाबला त्रिकोणीय और चौकोर भी हो गया है जहां लोजपा (RV) और जन सुराज उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. एनडीए और महागठबंधन दोनों के प्रमुख नेता अपने-अपने वॉर रूम से लगातार अपडेट ले रहे हैं. रात तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, लेकिन अभी जो माहौल है उससे इतना तय है कि मुकाबला अंतिम राउंड तक खिंच सकता है. काउंटिंग के मद्देनजर टाइट सिक्योरिटी: गया जी के एसएसपी आनंद कुमार ने बताया, "मतगणना आज सुबह 8 बजे शुरू हो रही है, सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हर स्ट्रांग रूम के चारों ओर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. सभी प्रवेश द्वारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त … Read more

200+ पुलिसवाले जांच के घेरे में, लखनऊ की रिपोर्ट के बाद सिस्टम में हड़कंप

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद जिला कमिश्नरेट पुलिस में लखनऊ की सोशल मीडिया सेल से आई एक रिपोर्ट के बाद हड़कंप मच गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक्टिव पुलिसकर्मियों पर अफसरों की निगाहें टिक गई हैं। पुलिस की वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर छा रहे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।   सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में कई ऐसे पुलिसवाले हैं, जो इंस्टाग्राम पर रीलबाजी कर खूब सुर्खियों में बने रहते हैं। कोई सिंघम बन रहा है तो कोई गश्त के दौरान सेल्फी ले रहा है। लखनऊ की सोशल मीडिया सेल से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह पुलिस अनुशासन के बिल्कुल खिलाफ है। सोशल मीडिया पर एक्टिव ऐसे पुलिसकर्मियों पर जल्द एक्शन लिया जाएगा। कमिश्नरेट ने 200 से ज्यादा सोशल मीडिया एकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी है। कुछ पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और अब फिर नई लिस्ट तैयार की जा रही है।  सिस्टम से बाहर किए जाएंगे रीलबाज पुलिसकर्मी वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर कोई वर्दीधारी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर फिजूल की हरकत करते पाया गया, तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उस पुलिसवाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जिले के 'रीलबाज पुलिसकर्मियों' के दिन मुश्किल में नजर आ रहे हैं।   

लिंगानुपात में बड़ी छलांग! हरियाणा पहुँचा 912 पर, जानें कैसे आया बदलाव

चंडीगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशानुसार हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार हेतु राज्य टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की साप्ताहिक बैठक स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डा. वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत अवैध गर्भपात पर अंकुश लगाने और राज्य के लिंगानुपात में और सुधार लाने के प्रयासों को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभागों के निरंतर प्रयासों के कारण राज्य में पहली जनवरी से 10 नवम्बर, 2025 तक लिंगानुपात 912 दर्ज किया गया लिए है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 904 था। जिलेवार प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए बैठक में बताया गया कि फतेहाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, पानीपत और रेवाड़ी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जबकि सिरसा, सोनीपत और चरखी दादरी में गिरावट देखी गई है। इन जिलों को सतर्कता बढ़ाने, अवैध गर्भपात पर अंकुश लगाने और अपने-अपने लिंगानुपात में सुधार के लिए अल्ट्रासाऊंड केंद्रों का समन्वित निरीक्षण करने  दिया और अधिकारियों को दोषी पाए जाने वाले डाक्टरों के लाइसेंस रद्द करने सहित दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि चरखी दादरी के गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एस.एम.ओ. को खराब लिंगानुपात के लिए आरोप पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा, नारायणगढ़, मुलाना और चौरमस्तपुर के प्रभारी एस.एम.ओ. और पलवल, चरखी दादरी, सिरसा और सोनीपत के सी.एम.ओ. को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 

जेजेपी स्थापना दिवस की तैयारियां तेज, जुलाना में जुटेगी पार्टी की ताकत

चंडीगढ़  7 दिसंबर को जुलाना में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर जननायक जनता पार्टी तैयारियों में जुट गई है। जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा को कार्यक्रम के आयोजक की कमान सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है और प्रदेश, जिला और हलका स्तर पर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा, जोरा सिंह, रजनी मलिक, धर्मपाल प्रजापत और कृष्ण राठी को कार्यक्रम समन्वय समिति में शामिल किया गया हैं। वहीं कार्यक्रम आयोजक समिति में वरिष्ठ नेता डॉ केसी बांगड़, मुकेश सेठी, राहुल शर्मा, दलबीर धनखड़, अश्विनी वर्मा और दीपकमल सहारण को जिम्मेदारी दी हैं। जेजेपी ने स्थापना दिवस कार्यक्रम की तैयारियों के लिए हिसार और जींद जिले में दुष्यंत चौटाला, पानीपत में बृज शर्मा, भिवानी में दिग्विजय सिंह चौटाला और राव अभिमन्यु को जिला प्रभारी बनाया हैं। दादरी में पूर्व चेयरमैन राजेंद्र लितानी, झज्जर में पूर्व विधायक राजदीप फौगाट और कर्नल सुखविंदर राठी, कुरुक्षेत्र में मोहसिन चौधरी, अंबाला में प्रो रणधीर चीका, फरीदाबाद में ऋषिराज राणा, फतेहाबाद में स. सर्वजीत मसीतां और एडवोकेट सुरेंद्र भागीराम को जिला प्रभारी की कमान सौंपी गई हैं। इसी तरह गुरुग्राम जिले में दिनेश डागर, कैथल में रोशन ढांडा, करनाल में कृष्ण राठी, महेंद्रगढ़ में राकेश जाखड़, नूंह में रविंद्र सांगवान और राजेश भारद्वाज, पंचकुला में सुरजीत सौंढा और किरण पूनिया को जिला प्रभारी बनाया गया हैं। इनके अलावा पलवल में तेजपाल डागर और रविंद्र सांगवान, रेवाड़ी में नरेश द्वारका, रोहतक में सुमित राणा, सिरसा में कुलजीत कुलड़िया, सोनीपत में देवेंद्र कादियान, यमुनानगर में मोहसिन चौधरी और किरण पूनिया जिला प्रभारी होंगे।  वहीं विधानसभा क्षेत्रों में जेजेपी ने असंध हलके में बृज शर्मा, बाढड़ा में पूर्व विधायक नैना सिंह चौटाला, नरवाना में पूर्व विधायक रमेश खटक, बरोदा में दिग्विजय सिंह चौटाला, उकलाना में राजेंद्र लितानी और अनिल बालकिया, जुलाना में धर्मबीर सिहाग को हलका प्रभारी बनाया गया हैं। जींद हलके में राजेश सैनी, सफीदों में प्रो रणधीर चीका, उचाना में ओपी लाठर और अनिल जंधेड़ी, गोहाना में कुलदीप मलिक, इसराना में कृष्ण राठी, कलायत में रोशन ढांडा, नारनौंद में अमित बूरा, बरवाला में करण सिंह देपल, हांसी में अजीत ओडीएम, बवानी खेड़ा में जगदीश सिहाग, नलवा में सज्जन बलाली, महम में उपेंद्र कादियान, बेरी में रविंद्र सांगवान को हलका प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। वहीं दादरी हलके में कर्नल सुखविंदर राठी, पिहोवा में धूप सिंह माजरा, खरखौदा में राज सिंह दहिया, किलोई में सुमित राणा, बहादुरगढ़ में संजय दलाल, पूंडरी में रमेश सिद्धपुर, बादली में राव अभिमन्यु, कलानौर में रविंद्र पटौदी और भूपेंद्र बोंद, झज्जर में नरेश द्वारका और नीलोखेड़ी में रणदीप कौल हलका प्रभारी होंगे।  

भारतीय रेल की गति बढ़ाने की योजना: स्विहैग एजी की तकनीक उज्जैन में लागू हो सकती है

उज्जैन  बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन भारतीय रेल की गति बढ़ाने का नया केंद्र बन सकती है। स्विट्जरलैंड की रेल ट्रैक टेक्नोलॉजी कंपनी स्विहैग एजी ने विक्रम उद्योगपुरी में अपनी यूनिट लगाने की मंशा जताई है। यूनिट लगने पर यहां ऐसे मॉडर्न उपकरण तैयार होंगे, जो कई देशों में हाई-स्पीड रेल, हैवी ड्यूटी ट्रेनें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में उपयोग किए जाते हैं। स्विस कंपनी स्विहैग एजी पहले चरण में 70 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा है। विक्रमपुर उद्योगपुरी में 5 एकड़ जमीन मांगी है। हाल ही में कंपनी के सीईओ डेनियल डाहिन्डन, भारत में कंपनी के प्रतिनिधि चेतन शर्मा और हर्ष वाजपेयी ने विक्रम उद्योगपुरी सेकंड फेज का दौरा भी किया। एमपी में स्विस कंपनी आने से नजर आएगा बदलाव ● स्विहैग एजी रेल ट्रैक टेक्नोलॉजी में विश्व की अग्रणी कंपनियों में एक है। यह जर्मनी, ब्रिटेन और अमरीका में उत्पादन केंद्र संचालित करती है। ● कंपनी के उत्पाद रेलवे ट्रैक की सुरक्षा, टिकाऊपन और लागत-कुशलता बढ़ाने में इस्तेमाल होते हैं। ● इसके स्विच कंपोनेंट्स, रेल फास्टनिंग सिस्टम का उपयोग हाई-स्पीड रेल, हैवी-ड्यूटी नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में होता है। ● कंपनी के उत्पाद 40 देशों में उपयोग में हैं। ऐसे में उज्जैन आगे रेल उपकरणों का निर्यातक केंद्र बन सकता है कंपनी की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही स्विहैग इंडिया के लिए उपयुक्त भूमि का निरीक्षण कराया है। कंपनी प्रतिनिधियों को उज्जैनकी विशेषताएं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया है। कंपनी की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। -राजेश राठौर, कार्यकारी निदेशक, मप्र औद्योगिक विकास

मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी पहुंचेगा जल्द, नई हेलीकॉप्टर सेवा से समय कम हुआ

 पचमढ़ी   मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी के सैर करने वाले सैलानियों के लिए अच्छी खबर है। अब पचमढ़ी को हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है। सैलानियों को यह नई सौगात 20 नवबर से मिलने लगेगी। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। बस 35 मिनट में पहुंच जाएंगे पचमढ़ी भोपाल से पचमढ़ी के पहुंचने के लिए अभी सड़क मार्ग है। इसमें सैलानियों को 6 से 7 घंटे का समय लगता है। हवाई सेवा शुरू होने से 6 घंटे का सफर महज 35 मिनट में पूरा हो जाएगा। कानूनी दांव पेंच में उलझी पचमढ़ी की हवाई पट्टी पर हेलीकाप्टर उतारने के लिए वीआईपी हेलीपैड को अपडेट कर दिया गया है। हेलिपैड के पास लगाए गए बेरिकेड्स लोक निर्माण विभाग ने हेलीपेड का रंग रोगन कर सुरक्षा के लिए चारों तरफ बेरिकेड्स लगा दिए गए हैं। अभी तक इस हेलीपैड का राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित देशभर से आने वाले अति विशिष्ट अतिथियों को लेकर आने वाले हेलीकॉप्टर लिए इस्तेमाल किया जाता है। अब इस पर सैलानियों को लाने वाले हेलीकॉप्टर को भी उतरा जाएगा। पर्यटन बोर्ड (mp tourism) की हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने के लिए विभागीय तैयारी हो गई है। यहां से वे सतपुडा टाइगर रिजर्व के (एसटीआर) के मढ़ई, नीमधान, चूरना तक सड़क यात्रा कर जा सकते हैं। कार से 4 और बस से 6 घंटे में होता है सफर पूरा भोपाल से पचमढ़ी की दूरी लगभग 211 किलोमीटर है। सड़क से पचमढ़ी आने के लिए सैलानियों को कार, टैक्सी से और यात्री बस से 6 घंटे का सफर करना पड़ता है। हेलीकॉप्टर सुविधा शुरु होने के बाद टूरिस्ट 35 मिनट में पचमढ़ी पहुंच जाएंगे। हेलीकॉप्टर सेवा का किराया निर्धारण होना बाकी भोपाल से पचमढ़ी तक हेलीकॉप्टर में सैलानियों को कितना किराया देना पड़ेगा। इसका निर्धारण होना बाकी है। इसके लिए एमपीटी व्यवस्थाएं कर रहा है। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की तरह पचमढ़ी आवागमन करने वाले सैलानियों से निर्धारित किराया लिया जाएगा। पर्यटन में होगा इजाफा भोपाल से पचमढ़ी के हेलीकॉप्टर सेवा शुरु की जा रही है। इसमें सैलानियों से कितना किराया लगेगा। इसका निर्धारण होना बाकी है। इस सुविधा से पचमढ़ी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटन में इजाफा होगा। – एके श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक पर्यटन बोर्ड भोपाल

आज शुक्रवार से भोपाल में फजिर की नमाज के साथ 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में आज  से शुरू हो रहा 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) इस बार तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आ रहा है। दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम धार्मिक सम्मेलन में पहली बार क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज बताते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर हफीज बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही समागम में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। स्कैन करते ही इज्तिमा का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, जिनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल रहेंगे, जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमात किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी। इज्तिमा में 12 लाख से अधिक लोगों के आने संभावना चार दिवसीय यह मजहबी समागम 14 नवंबर आज फजिर की नमाज के साथ आरंभ हुआ  और 17 नवंबर को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमातों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमातियों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम इस बार का इज्तिमा ‘जीरो वेस्ट’ थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के अनुसार, प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को ‘ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा’ बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है। इस समागम में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग की जाएगी। इज्तिमा कल से, परिवर्तित रहेंगे कई मार्ग भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिनी आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बडी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। आमजन से अनुरोध है कि पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने हेतु अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से आवागमन करने का मार्ग भोपाल से एयरपोर्ट जाने वाले वाहन वीआइपी रोड, लालघाटी होकर एयरपोर्ट की ओर आवागमन कर सकेंगे। भोपाल शहर से मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड -दो, बोर्ड आफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफार्म क्रमांक-एक की ओर आवागमन कर सकेंगे। शहर में यात्री बसों का डायवर्सन     सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी बस स्टैंड की ओर आवागमन कर सकेंगे।     विदिशा से आने वाली बसें सूखी सेवानिया, चौपड़ा बायपास, से भानपुर चौराहा भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी।     बैरसिया से आने वाली बसें गोलखेडी से तारासेवनिया, परवलिया, मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी।  

पेंच में बना दुनिया का सबसे बड़ा बाघ स्टैच्यू, मोगली लैंड को पीछे छोड़ा मध्य प्रदेश में अनावरण: पेंच टाइगर रिजर्व में दुनिया की हाईएस्ट टाइगर प्रतिमा

सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में कबाड़ के जुगाड़ से दुनिया का सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू बनाया है. जिसका अनावरण बुधवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किया है. पेंच टाइगर रिजर्व का दावा है कि अब तक सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में थी लेकिन अब उससे बड़ी प्रतिमा कबाड़ के जुगाड़ से पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के द्वारा तैयार करवाई गई है. अमेरिका को पछाड़कर बनाया सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा पर्यटन गेट पर लोहे के कबाड़ से बनाई गई 40 फीट लंबी, 8 फीट चौड़ी और 17.5 फीट ऊंची बाघ की मूर्ति का अनावरण किया. पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने बताया कि ''इंटरनेट में उपलब्ध वर्ल्ड रिकार्ड एकेडमी के अनुसार दुनिया में सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अब तक अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में है, जो 8 फिट ऊंची और 14 फिट लंबी है. जबकि इस लिहाज से अब सबसे बड़ी आकृति का तमगा हमारे पास है.'' मिशन लाइफ के तीन सूत्रों पर बनाई गई आकृति पेंच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार ने बताया कि, ''मिशन लाइफ के अंतर्गत पीएम द्वारा तीन आर (3R) सूत्रों, रिड्यूस (Reduce), रियूस (Ruse) एवं रिसाईकल (Recycle) के भावना के अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से दुनिया की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा का निर्माण किया गया है. जनवरी में लोहे के अनुपयोगी सामग्रियों जैसे पुरानी साइकिल, पाइप, जंग लगी लोहे की चादरें जैसी कई सामग्रियों से प्रतिमा का निर्माण प्रारम्भ किया गया था. मेक इन इंडिया के लोगों से मिली थी प्रेरणा पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि, ''प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया का प्रतीक चिन्ह एक शेर को बनाया था और वह सिंह भी लोहे के कबाड़ से बना डिजाइन था. उसी से प्रेरणा लेकर लोहे के स्‍क्रैप मटेरियल के इस बाघ की कलाकृति बनाने का प्लान किया गया था.'' सामूहिक प्रयासों की मिसाल है मूर्ति पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि, जो कभी कबाड़ था, आज वही 40 फीट का बल, 17.5 फीट की गरिमा और 8 फीट के गर्व के रूप में खड़ा है. खवासा गेट पर स्थानीय कलाकारों के साथ ऋषभ कश्यप के नेतृत्व में और वनकर्मियों के सहयोग से तैयार, कबाड़ से निर्मित विशाल बाघ मात्र एक मूर्ति नहीं, यह सामूहिक प्रयास की शक्ति का प्रतीक है. जिस प्रकार लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों ने मिलकर इस विशाल बाघ को आकार दिया, उसी प्रकार स्थानीय समुदायों, वन विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही संरक्षण की महान कहानी रचते हैं. 12 नवम्बर को मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनावरित यह अद्भुत सृजन हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के लिए सच्चे मन से उठाया गया एक छोटा कदम भी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत बन सकता है.