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दिल्ली ब्लास्ट में विदेशी कनेक्शन? तुर्की ट्रिप से मिले अहम सबूतों ने बढ़ाई जांच की रफ्तार

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में हुए धमाके के तार अब तुर्की से जुड़ते नजर आ रहे हैं। खबर है कि डॉक्टर मोहम्मद उमर और डॉक्टर मुजम्मिल शकील के पासपोर्ट में तुर्की यात्रा का पता चला है। हालांकि, पुलिस या जांच एजेंसियों की तरफ से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। जिस i20 कार में सोमवार शाम धमाका हुआ, उसे तब उमर ही चला रहा था। उमर के तार हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जोड़े जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि जांचकर्ता दिल्ली धमाके के संभावित तुर्की कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उमर और मुजम्मिल कुछ टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के कुछ समय बाद ही तुर्की गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि एक हैंडलर ने पूरे भारत में डॉक्टर मॉड्यूल फैलाने के निर्देश दिए गए थे। खास बात है कि उस दौरान टारगेट लोकेशन भी सौंपी गई थी, जिसमें फरीदाबाद और सहारनपुर शामिल थे। टेलीग्राम से खुलेगा राज रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को दो टेलीग्राम समूहों का पता चला है, जिनके जरिए डॉक्टर मॉड्यूल तैयार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक को जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेटिव उमर बिन खत्तब पाकिस्तान से चलाता है। अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं कि हैं कि वो हैंडलर्स से कहां पर मिले होंगे। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर पुलिस की ओर से जानकारी नहीं दी गई है। लाल किला की टोह ले रहा था डॉक्टर मुजम्मिल पीटीआई भाषा के मुताबिक, सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई ने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी। उसके मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर रही पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि यह रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी। एजेंसी के अनुसार, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि डॉ. मुजम्मिल के मोबाइल फोन से प्राप्त ‘डंप डेटा’ के विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास उसकी बार-बार उपस्थिति थी। उन्होंने बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ. उमर नबी के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा कर किया। टावर लोकेशन डेटा और आसपास के इलाकों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई है। जांचकर्ताओं ने बताया कि वे अब डॉ. मुजम्मिल के संचार और डिजिटल फ़ुटप्रिंट का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मॉड्यूल की गतिविधियों के लिए धन और विस्फोटकों की प्राप्ति के स्रोत का पता लगाया जा सके। वे यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या अन्य संदिग्धों ने भी इसी तरह की टोह ली थी या गिरफ्तार संदिग्धों को रसद सहायता प्रदान की थी।  

IIT भिलाई में विरोध प्रदर्शन: छात्र की मौत के बाद प्रशासन पर उठे सवाल

दुर्ग आईआईटी भिलाई के छात्र सोमिल साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मंगलवार रात जमकर हंगामा हुआ. परिसर में प्रशासनिक भवन के सामने बड़ी संख्या में छात्रों ने देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान वह प्रबंधन से मौत की पूरी जानकरी की मांग करते रहे. उन्होंने मेडिकल सुविधा में लापरवाही के कारण सोमिल की मौत होने का आरोप लगाया. प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाइश के बाद छात्रों को शांत कराया. दरअसल, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक छात्र सोमिल साहू मूल रूप से मध्यप्रदेश के हरदा जिले का निवासी बताया जा रहा है। वह IIT भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था. शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया था कि छात्र को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी थी और संभवतः इसी के कारण उसकी हालत बिगड़ी होगी. फिलहाल, शव को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. फिलाहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतेजार है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा.

भावांतर योजना: आज जारी हुआ नया मॉडल रेट, बढ़कर 4077 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए तथा 11 नवंबर को 4056 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ।

मेघालय कोर्ट में पेश हुए विपिन रघुवंशी, हत्याकांड पर किए सवालों के जवाब और वीडियो पेश

 इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मंगलवार को भाई विपिन रघुवंशी के बयान शिलांग की कोर्ट में दर्ज किए गए। यहां दो घंटे तक विपिन से 20 से अधिक सवाल पूछे गए। विपिन ने हर सवाल का जवाब दिया। बयान 3.30 बजे शुरू हुए थे, जो शाम 5.30 बजे तक चलते रहे। बयान में बताया कि राजा और सोनम की सहमति से शादी की थी। शादी में दोनों पक्षों के रिश्तेदार और समाजजन पहुंचे थे। इस दौरान शिलांग के सोहरा गांव स्थित खाई के पास राजा के शव की वीडियो रिकार्डिंग भी कोर्ट के समक्ष रखी गई। उसने कहा कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह, आकाश सिंह राजपूत, विशाल और आनंद कुर्मी की मदद से हत्याकांड को अंजाम दिया था। हत्या के बाद सोनम लगातार पुलिस को बरगला रही थी। विपिन ने बताया कि जब राजा से बात नहीं हो रही थी तो वे उसे ढूंढते हुए शिलांग पहुंचे थे। यहां रुककर राजा को ढूंढा, मशक्कत के बाद शव मिला था। हाथ पर नाम गुदा होने से उसकी पहचान हो पाई थी। विपिन ने शिलांग की कुछ होटलों के फुटेज हासिल किए थे। यह फुटेज भी कोर्ट में दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आगामी 26 नवंबर को होगी।  

दिल्ली धमाका: पहली बार सामने आया वीडियो, गाड़ियों के बीच ब्लास्ट का खौफनाक दृश्य

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट का नया वीडियो सामने आया है.यह वीडियो उस वक्त का है जब ब्लास्ट हुआ था. वीडियो में एक आई 20 कार नजर आ रही है जो पार्किंग से निकलते ही ब्लास्ट हो जाती है. पुलिस जांच कर रही है और नए सीसीटीवी फुटेज सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह पैनिक में किया गया अटैक था और टारगेट कुछ और था. ब्लास्ट का असर पूरे इलाके में देखा गया. लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके का वीडियो पहली बार सामने आया है। सीसीटीवी वीडियो में वह मंजर कैद हुआ है जब विस्फोटक लदे कार में जोरदार धमाके ने 12 लोगों की जिंदगी छीन ली और बहुतों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख है तो समय 18:50:52 सेकेंड दिखता है। अंधेरा हो चुका है और चौराहे पर काफी ट्रैफिक है। बाइक, कार और ऑटो की कतारें हैं। ट्रैफिक सिग्नल भी ग्रीन हो चुका होता है और गाड़ियां धीमे-धीमे आगे बढ़ रही हैं तभी अचानक वहां एक आग का गोला उठता है और फिर अंधेरा छा जाता है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले कुछ वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग धमाके के बाद इधर, उधर भागते हुए दिखे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोटक से लदी कार को जानबूझकर व्यस्त चौराहे पर लाया गया था। जांच में ये भी पता चला है कि ये विस्फोट हड़बड़ी में हुआ। मुख्य आरोपी के रूप में डॉक्टर उमर नबी का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला एक डॉक्टर है और संदेह है कि वह ही कार चला रहा था जब धमाका हुआ। उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि फरीदाबाद में छापेमारी से बरामद अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों से इस घटना का लिंक जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर तक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंप दिया गया है, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में लगी हुई है।इस तरह की घटना ने राजधानी में आतंकवाद की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जहां पहले भी इसी तरह के हमलों ने आम जनजीवन को प्रभावित किया था।

स्लीपर सेल हुई सक्रिय, अयोध्या-काशी और राम मंदिर पर था आतंकी हमला तय

लखनऊ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के निशाने पर था, जिसके लिए उन्होंने मॉड्यूल तैयार कर रखा था. अयोध्या में भी आतंकी विस्फोट करना चाहते थे. इसके लिए गिरफ्तार हो चुकी शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट कर रखा था. अयोध्या में ये सारे घटनाक्रम को अंजाम तक पंहुचाते उससे पहले ही इन आतंकियों की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद हो गए. सूत्र बताते हैं की दरअसल, लाल किला में ब्लास्ट करने की योजना नहीं थी. ऐसा अभी तक जांच में लग रहा है. क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीज़ो का इस्तेमाल नहीं किया गया. हड़बड़ी और जल्दबाज़ी में ब्लास्ट हो गया. अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें निशाने पर थीं आतंकियों से पूछताछ में पता चला है की ये मॉड्यूल अस्पतालो को टारगेट करना चाहता था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इन आतंकियों के हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़ भाड़ वाली जगह थी. लगातार छापेमारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद करने के बाद सुरक्षा एजेंसीज के सामने इस वक़्त सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना. जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अबतक एजेंसी बरामद कर चुकी है. 300KG अमोनियम नाइट्रेट की खोज जारी अलग-अलग जरियों से आया 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी भी आतंकियों ने कहीं छिपा रखा है, जिसके लिए देश के कई हिस्सों में छापेमारी चल रही है. जांच और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर पूरे मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश कर रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिन्दुस्ततान आया था. किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है. आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम की खेप आई है.  

इलाज के दौरान कॉलेज छात्रा की मौत, बिलासपुर रेल दुर्घटना में अब तक 12 की जान गई

बिलासपुर बिलासपुर रेल हादसे में घायल हुई डीपी विप्र कॉलेज की छात्रा महविश परवीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उसका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था. वह बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी. अब रेल हादसे में मौत की संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, महविश अपने चचेरे भाई की शादी के लिए अपने घर जांजगीर गई हुई थी. 4 नवंबर को छात्रा कोरबा-बिलासपुर मेमू से बिलासपुर आ रही थी. मेमू ट्रेन लालखदान के बाद मालगाड़ी से टकरा गई. वह ट्रेन के महिला कोच में सवार थी. भीषण हादसे में उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए थे. उसके पैर पर मल्टीपल फ्रैक्चर थे. झटका लगने से कॉलर बोन और पसली के चार हड्डियां भी फ्रैक्चर हुई थीं. हादसे के बाद तुरंत बाद उसे सिम्स अस्पताल लाया गया था, जहां से डॉक्टरों ने अपोलो रेफर कर दिया था. एक सप्ताह से डॉक्टर लगातार महविश का इलाज कर रहे थे.

दिल्लीवासियों के लिए राहत: ट्रैफिक चालान माफी, सरकार की नई एमनेस्टी स्कीम से जुर्माने होंगे माफ

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार बीते दस वर्षों में जारी हुए लंबित चालानों को माफ करने की एमनेस्टी स्कीम (Amnesty Scheme) लाने की तैयारी में है. परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट को भेज दिया है. कैबिनेट बैठक में होगा फैसला आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है, तो वाहनों के करीब 2.46 करोड़ चालान माफ हो जाएंगे. हालांकि यह राहत केवल गैर-गंभीर (non-serious) चालानों पर ही लागू होगी, जो कुल लंबित चालानों का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा हैं. किन चालानों को मिलेगी छूट जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस योजना में सिर्फ कंपाउंडेबल चालानों को शामिल किया है, यानी वे चालान जिनका निपटारा कोर्ट के बाहर किया जा सकता है. वहीं, ड्रंकन ड्राइविंग, अनअथराइज्ड ड्राइविंग, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, रैश ड्राइविंग और अन्य गंभीर उल्लंघनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. सरकार दे रही अंतिम मौका यह योजना 2015 से लेकर अक्टूबर 2025 तक के सभी गैर-गंभीर चालानों पर लागू होगी. सरकार चाहती है कि वाहन मालिक लंबित चालानों का निपटारा इस अंतिम मौके के तहत कर लें. योजना समाप्त होने के बाद अगर चालान लंबित पाए गए, तो भविष्य में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. लगातार चालान न भरने वालों के वाहन पंजीकरण (registration) तक रद्द किए जा सकते हैं. दिल्ली में लंबित चालानों का यह है ब्योरा दिल्ली परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल राजधानी में कुल 2,46,76,302 चालान लंबित हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1.84 करोड़ चालान वर्चुअल कोर्ट (नोटिस ब्रांच) में हैं. इसके अलावा 58.68 लाख ऑन द स्पॉट,1.66 लाख डिजिटल कोर्ट, 43,633 इवनिंग कोर्ट और करीब एक लाख रेगुलर कोर्ट में लंबित हैं.  सबसे अधिक बिना हेलमेट चालान आंकड़ों के मुताबिक बिना लाइसेंस के 2 लाख से अधिक, बिना पीयूसी (PUC) के 3.73 लाख से अधिक और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के 2.59 लाख से अधिक चालान अभी भी लंबित हैं. क्या है एमनेस्टी स्कीम? एमनेस्टी योजना एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य बकाया करों पर जुर्माना और ब्याज कम करके करदाताओं को राहत प्रदान करना है. इसका उद्देश्य करदाताओं को न्यूनतम जुर्माने के साथ अपना बकाया चुकाने का अवसर प्रदान करके कर नियमों के पालन करने को प्रोत्साहित करना है. 

IPS गौरव राजपूत का बुलंद संकल्प: ड्रग माफिया की कमर तोड़ने तक नहीं रुकेंगे

सतना जिले में  पुलिस अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने नशा माफिया के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि विंध्य क्षेत्र में 'कोरेक्स' (नशीली कफ सिरप) की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि वे ड्रग माफिया की 'कमर तोड़ने' तक नहीं रुकेंगे। 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की समीक्षा बैठक में आईजी गौरव राजपूत ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत की गई कार्रवाइयों का हिसाब लिया। उन्होंने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में हर तरह के नशे की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने दिया कार्रवाई का ब्यौरा इस दौरान, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आईजी को जिले में की गई अब तक की कार्रवाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत नशे के धंधे में लिप्त कई छोटे-बड़े सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने आईजी को आश्वस्त करते हुए जिले से नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। कौन हैं गौरव राजपूत गौरव सिंह राजपूत 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और विदिशा जिले के निवासी हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में वे प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र के आईजी बने हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में आईपीएस की सेवा में प्रवेश किया था। आईपीएस बनने के बाद, गौरव सिंह राजपूत ने अनूपपुर, मंडला, देवास, मुरैना और कटनी जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य किया है। इन दौरान उन्होंने एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नति के बाद, वे इंदौर में महिला अपराध के डीआईजी बने। इसके बाद उन्होंने रतलाम में डीआईजी का कार्यभार संभाला और फिर सीआईडी में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें गृह विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में वे भोपाल में डीआईजी सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। माफियाओं को नही होने देंगे सक्सेसफुल आईजी गौरव राजपूत ने नशे को लेकर सख्त लहजे में कहा कि हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जीरो टॉलरेंस। हम इस पूरे क्षेत्र से कोरेक्स को समाप्त करके ही दम लेंगे। विंध्य की पावन धरा में कोई भी कोरेक्स नही बिकने देंगे। माफियाओं को भी सक्सेसफुल नही होने देंगे। बिल्कुल कमर तोड़कर रख देंगे। कोलगवां थाने का किया निरीक्षण इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल, प्रेमलाल कुर्वे, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग समाप्त होने के बाद, आईजी गौरव राजपूत ने कोलगवां थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां के रिकॉर्ड्स, रजिस्टरों का जायजा लिया और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।  

छत्तीसगढ़िया स्वाद और संस्कृति की गूंज से भर गया एकता नगर, पर्यटन मंडल के स्टॉल का CM साय ने लिया जायजा

रायपुर   गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान, CM ने भी लिया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री  साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।