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सांस लेना हुआ मुश्किल: राजधानी में हवा 3 गुना ज़्यादा प्रदूषित, अलर्ट जारी

नई दिल्ली  दिल्ली वालों को फिर 'जहरीली हवा' का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के कई हिस्सों में एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर गया। एक्यूआई का 400 के स्तर को पार करना जहरीली हवा की श्रेणी में माना जाता है। इसे गंभीर श्रेणी में हवा का होना भी कहते हैं। इससे राष्ट्रीय राजधानी देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बन गई। आने वाले दिनों में दिल्ली में पलूशन की समस्या गहराने का अनुमान है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हर दिन शाम को 4 बजे दर्ज किया जाने वाला 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शनिवार को 361 अंक रहा। इससे दिल्ली 'रेड जोन' में आ गई। दिल्ली देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। 24 घंटे के दौरान इसमें 39 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में शनिवार को 5 बजे एक्यूआई 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। इन इलाकों में AQI 400 पार सीपीसीबी के मुताबिक, अलीपुर, बवाना, बुराड़ी क्रासिंग, आईटीओ, जहांगीरपुरी, नरेला, नेहरू नगर, रोहिणी, विवेक विहार और वजीरपुर जैसे इलाकों में शाम पांच बजे एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर गया। हवा में 3 गुने से ज्यादा प्रदूषक कण शनिवार को पीएम2.5 और पीएम10 प्रमुख प्रदूषक बने रहे। शनिवार की शाम तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 100 का स्तर 321 और पीएम 2.5 का स्तर 187 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से तीन गुने से भी ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। मानकों के मुताबिक हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। पराली, तापमान और हवा 3 फैक्टर जिम्मेदार दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारकों को जिम्मेदार माना जा रहा है। दिल्ली में दिन के ज्यादातर समय हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंट से कम रह रही है। इससे प्रदूषक कणों का विसर्जन धीमा हो रहा है जबकि, दिन के समय हवा की रफ्तार बढ़ी तो उसकी दिशा उत्तरी पश्चिमी थी। यह हवा अपने साथ-साथ पराली का धुआं भी ला रही है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। इससे भी प्रदूषक कण देर तक बने रह रहे हैं। पराली जलाने से बढ़ी समस्या वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के लिए निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान लगभग 30 प्रतिशत था। वहीं परिवहन क्षेत्र का योगदान 15.2 फीसदी रहा। उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने की 100, हरियाणा में 18 और यूपी में 164 घटनाएं हुईं। खराब रहेगी दिल्ली की हवा दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों के दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी रहेगी। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों के बीच दिन के ज्यादातर समय हवा की रफ्तार दस किलोमीटर से नीचे रहेगी। जबकि, तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन धीमा होगा। अगले चार-पांच दिनों के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं। सुबह दिखेगी धुंध लेकिन दोपहर में राहत इस बीच मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 14 नवंबर तक दिल्ली में सुबह के वक्त धुंध छाने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की वजह से इस हफ्ते दिल्ली में धुंध देखी जा सकती है। हालांकि दोपहर के वक्त हवा की रफ्तार अधिक होने से धुंध छटने की भी संभावनाएं हैं। कुल मिलाकर दिल्ली वालों को इस हफ्ते यानी अगले छह दिन सुबह के वक्त धुंध जारी रहने का अनुमान है।  

MP में तनाव: पुतला फूंकने को लेकर दो गुट भिड़े, पथराव और मारपीट में तीन लोग जख्मी

दतिया हिन्दू समाज को एकजुट करने के लिए सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा निकाल रहे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने को लेकर मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार शाम को बवाल हो गया। पुतला दहन को लेकर भीम आर्मी और हिंदू संगठनों के बीच पथराव और झड़पें हुईं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। झड़प में 3 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इंदरगढ़ के अस्पताल में लाया गया है। कस्बे में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। बताया जाता है कि शनिवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के लगभग 200 कार्यकर्ता ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव के नेतृत्व में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने के लिए अंबेडकर पार्क से रैली निकाल रहे थे। यह जुलूस जब ग्वालियर चौराहे के पास पहुंचा तो तय जगह से करीब 25 फुट पहले कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री का पुतला फूंक दिया। पहले हुआ विवाद शांत कराया पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने के दौरान वहां मौके पर मौजूद हिंदू संगठनों के 70 से 80 कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव का पुतला जला दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। बवाल बढ़ता उससे पहले ही पुलिस ने फौरन ऐक्शन लेते हुए शुरुआत में ही दोनों पक्षों को शांत करा दिया। दोबारा झड़प फिर पथराव हालांकि पुलिस के समझाने के बाद भी तनाव कायम रहा। कुछ देर बाद भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता इंदरगढ़ थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों के सदस्यों ने जातिगत गालियां दीं और कार्यक्रम में बाधा डाली। बताया जाता है कि थाने से लौटते समय दोनों गुटों का फिर आमना सामना हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इसमें कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। झड़प में तीन लोगों के घायल होने की खबर है। इलाके में पुलिस फोर्स तैनात सनातन हिंदू संगठन के नगर अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जात पात मिटाने और सनातन एकता की बात करते हैं। हम संतों का पुतला नहीं जलाने देंगे। विरोध करना है तो नेताओं का करें। संतों का विरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में कार्यकर्ताओं ने दामोदर यादव का पुतला जला दिया। पुलिस का कहना है कि हंगामा करने वाले दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली गई है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। हर सूरत में शांति व्यवस्था कायम रखी जाएगी।

ECI की कार्रवाई: तरनतारन की पहली महिला SSP रवजोत कौर निलंबित, नए SSP की तैनाती

तरनतारन  भारतीय चुनाव आयोग ने तरनतारन (पंजाब) की एसएसपी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, अब उनकी जगह सीपी, अमृतसर, गुरप्रीत सिंह भुल्लर, आईपीएस को तत्काल प्रभाव से एसएसपी, तरनतारन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. चुनाव आयोग के निर्देश में कहा गया है कि अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को तरन तारन SSP का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है. यह घोषणा 11 नवंबर को होने वाले तरन तारन विधानसभा उपचुनाव से तीन दिन पहले हुई है. SAD ने दर्ज कराई थी SSP कौर के खिलाफ शिकायत शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने हाल ही में पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) से डॉ. ग्रेवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. SAD ने उन पर आरोप लगाया था कि वह उपचुनाव में SAD नेताओं और कार्यकर्ताओं को कैंपेन करने से रोकने के लिए पुलिस फोर्स का इस्तेमाल करके उनके खिलाफ झूठी और बेबुनियाद FIR दर्ज करवा रही हैं.   SAD के चीफ स्पोक्सपर्सन और लीगल सेल के हेड अर्शदीप सिंह क्लेर ने शिकायत की कि पुलिस सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के दबाव में काम कर रही है और पार्टी के कैंपेन में रुकावट डालने के लिए झूठी और पॉलिटिकल मकसद से FIR दर्ज कर रही है. उन्होंने कहा कि SAD नेताओं को प्रचार करने से रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 और 169 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं. उन्होंने डोधे गांव के सरपंच वरिंदर सिंह और SAD उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा के पर्सनल असिस्टेंट मनप्रीत सिंह के खिलाफ दर्ज FIR का हवाला दिया. क्लेर ने कहा कि दो DSP – जगजीत सिंह और सुखबीर सिंह – को उपचुनाव के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले तरन तारन में पोस्ट किया गया था और पहले आपत्तियां उठाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. बता दें कि रवजोत कौर ग्रेवाल को सितंबर में तरन तारन का SSP बनाया गया था.  

सुरक्षा पर सवाल! चौकी में घुसकर युवक को पीटा, नरसिंहपुर में पुलिस पर उठा भरोसे का संकट

नरसिंहपुर जिले के चीचली थाना क्षेत्र की गोटीटोरिया पुलिस चौकी के अंदर घुसकर एक युवक की पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो शनिवार को सामने आया, जिसने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हमलावर बेखौफ होकर चौकी के भीतर ही युवक को पीट रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक ओमप्रकाश चौधरी को कुछ लोगों ने पहले सरेराह घेरकर पीटा। अपनी जान बचाने के लिए वह किसी तरह भागकर गोटीटोरिया पुलिस चौकी के अंदर पहुंचा। लेकिन हमलावरों में कानून का तनिक भी डर नहीं था और उन्होंने उसका पीछा नहीं छोड़ा तथा चौकी के भीतर ही उस पर हमला कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस समय यह गंभीर घटना हुई, उस दौरान चौकी में न तो चौकी प्रभारी मौजूद थे और न ही कोई अन्य पुलिसकर्मी। पुलिस चौकी के अंदर हुई यह घटना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की अनुपस्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है।   एसडीओपी ने पारिवारिक विवाद बताया गाडरवारा एसडीओपी रत्नेश मिश्रा ने इस संबंध में बताया कि यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। घटना शुक्रवार को हुई थी और पीड़ित ओमप्रकाश चौधरी ने चीचली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसडीओपी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद दोनों परिवारों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। पुलिस ने इस प्रकरण में पांच आरोपियों मन्नू, पवन, जीवन, कमलू और राजकुमार चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। युवक को आई गंभीर चोटें घटना में युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उसे इलाज के लिए रेफर किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 126(2), 296 बी, 115(2), 351(3) और 305 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, लेकिन पुलिस चौकी के अंदर सुरक्षा भंग होने की इस घटना ने आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।

गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।  

कुटीर उद्योगों की स्थापना एवं स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला में हुए शामिल रीवा शहर में बनेगा हाट बाजार भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कुटीर उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। स्थानीय उद्यमियों को उनके द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की बाजार उपलब्धता से उनकी आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक समृद्धि शिक्षा स्वास्थ्य और स्वरोजगार पर निर्भर रहती है। हमारा देश तेजी से आत्मनिर्भर बनकर आर्थिक तौर पर समृद्ध हुआ है। स्व सहायता समूहों एवं स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण देकर बनाए जा रहे उत्पादों को उच्च गुणवत्ता का बनाने में मदद करने की जिम्मेदारी एमपीआईडीसी की है जिससे प्रशिक्षित होकर कारीगर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित कर सकें और उनका बाजार में अच्छा मूल्य मिले। उप मुख्यमंत्री ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने बैम्बो लेडी ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध नीरामोई शर्मा को असम से रीवा कार्यशाला में आमंत्रित किया। उनकी प्रशिक्षण संबंधी जानकारी से स्थानीय बांस बनाने वाले कारीगर व अन्य उद्यमी लाभ ले सकेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में व्यंकट भवन के पास शीघ्र ही हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जहाँ स्थानीय उत्पादक अपने उत्पादों को बिक्री के लिए प्रदर्शित कर सकेंगे। उन्होंने अपेक्षा की कि एक जिला-एक उत्पाद के साथ ही स्थानीय उद्यमों के कुटीर उद्योग के जाल बिछें और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इससे जुड़कर लाभान्वित हो सकें। असम की बैम्बो ऑफ लेडी नीरामोई शर्मा ने बांस से बनाए गए गहनों सहित अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बांस की निर्मित वस्तुओं में कम बांस के उपयोग से अधिक आय प्राप्त हो सकती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपेक्षा की कि बांस लगाकर इससे लाभ प्राप्त करें और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि बांस कम समय में उत्पादित हो जाता है और उससे आक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में मिलती है। कार्यशाला में वन मण्डलाधिकारी श्री लोकेश नागपुरे ने बताया कि आने वाले वर्ष में जिले में बांस की प्रचुर मात्रा में कटाई की जाएगी जिससे यहाँ पर्याप्त संख्या में इसकी उपलब्धता रहेगी। उन्होंने बताया कि गत वर्षों में 175 किसानों ने 2 लाख 64 हजार बांस अपने खेतों व अन्य जमीनों में लगाए हैं जिसके लिए उन्हें शासन द्वारा सब्सिडी भी दी गई है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री यूके तिवारी ने बताया कि लोकल टू ग्लोबल के उद्देश्य से स्थानीय उत्पाद एवं एक जिला-एक उत्पाद को देश और विदेश में पहचान दिलाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। स्थानीय कारीगरों को उत्पाद के लिए प्रशिक्षित करने और उनको बाजार उपलब्ध कराकर समृद्धशाली बनाने में कार्यशाला उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यशाला में महाप्रबंधक उद्योग श्री जेपी तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री जगमोहन, वूमन इंटरप्रेन्योर श्रीमती चेतना मिश्रा, स्टार्टअप प्रतिनिधि सुश्री संजना सिंह, एमपीआईडीसी भोपाल की प्रतिनिधि सुश्री शैलजा सोनी सहित युवा उद्यमियों ने अपने विचार व्यक्त किए। दिल्ली से वालमार्ट के प्रतिनिधि श्री नीत नेगी ने वालमार्ट से जुड़कर बाजार उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला में श्री कमल सचदेवा, श्री दिलीप सिंह, श्री राजगोपाल मिश्र चारी, श्री विवेक दुबे सहित उद्यमी, महिला उद्यमी व स्थानीयजन उपस्थित रहे।  

IPS डॉ. संतोष की पुस्तक का विमोचन: संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों पर आधारित रचना सीएम साय व डॉ. रमन सिंह को भेंट

रायपुर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के रूप में पदस्थ आईपीएस डॉ. संतोष सिंह के संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण से जुड़े शोध विषय पर लिखित किताब का प्रकाशन दिल्ली के प्रतिष्ठित मानक पब्लिकेशन ने किया। आईपीएस डॉ. संतोष ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डीजीपी अरुण देव गौतम को किताब की प्रति भेंट की। शीत युद्ध के बाद इक्कीसवीं सदी में दुनिया में हिंसाग्रस्त राष्ट्रों में शांति को चिरस्थाई बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा (पीस कीपिंग) और शांति-स्थापना (पीस मेकिंग) प्रयासों से आगे बढ़कर अपेक्षाकृत नए कार्य जैसे शांति-निर्माण या सुदृढ़ीकरण (पीस बिल्डिंग) कार्यों पर जोर देने की आवश्यकता हो गई है। इस सदी में संयुक्त राष्ट्र के यूएन पीसबिल्डिंग कमीशन के पर्यवेक्षण में किए जा रहे गृह युद्ध से जूझ रहे देशों और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में पीस-बिल्डिंग मिशन काम कर दुनिया में शांति प्रयासों को बहुत मजबूत कर रहे हैं। यह किताब दुनियाभर में चल रहे इन शांति प्रयासों के सिद्धांत और वास्तव में धरातल पर हो रहे कार्यों की समालोचना करती है। संतोष सिंह की यह किताब विदेश नीति के नीति-निर्धाताओं, प्रैक्टीसनर्स व छात्रों के लिए विशेष उपयोगी सिद्ध होगा। देश के अंदर के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में भी स्थायी शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक तत्वों की समझ बढ़ाने में मदद करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत अंतर्राष्‍ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ की सहायता करने में दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध है और विभिन्न देशों में कार्यरत शांति सेनाओं में दुनिया में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से तीसरे नंबर पर है। 1950 से अब तक हमारे देश ने 49 शांति मिशनों में भाग लिया है और लगभग 2 लाख शांति सैनिकों का योगदान किया है। वरिष्ठ भारतीय पुलिस और सैन्य अधिकारी शांति मिशनों में भाग लेते हैं। आईपीएस संतोष सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से डॉक्टरेट की डिग्री और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय संबंध विषय में एमफिल और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) वाराणसी से राजनीतिशास्त्र में एमए किया है। एम फिल के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी पर उन्होंने शोध-प्रबंध लिखा था। उनके विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शोध जर्नल में उनके अनेकों शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं।

यौन शोषण मामलों में ‘कैरेक्टर’ नहीं बनेगा बचाव का हथियार: हाईकोर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बलात्कार के मामलों में पीड़िता के चरित्र (चाहे वह कितना भी दागदार क्यों न हो) को उसके खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता। जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि यहां तक कि जो महिला या युवती कुछ पैसे के बदले किसी व्यक्ति के साथ जाती है वह भी दुष्कर्म की शिकार हो सकती है। पीठ ने यह टिप्पणी एक बलात्कार के आरोपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। आरोपी एक विवाहित व्यक्ति है, जिस पर शादी का झूठा वादा करके बलात्कार व अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसकी ड्रिंक में कुछ मिलाकर उसे यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया। उसके बाद भी आरोपी ने उससे शादी का झूठा वादा कर के शारीरिक संबंध बनाना जारी रखा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे लगभग 8 लाख रुपये ले लिए और 10 लाख और मांगे। साथ ही धमकी दी कि यदि वह राशि नहीं देती है तो वह उसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल कर देगा। वहीं आरोपी ने महिला के चरित्र पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि वह खुद पहले भी इसी तरह के आरोपों पर मामला दर्ज करा चुकी है, जिसमें आरोपी बरी हो चुका है। आरोपी ने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिला अनैतिक देहव्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 के तहत भी एक मामले में फंसी थी। आरोपी का दावा था कि महिला ने खुद कहा था कि वह शारीरिक संबंध के लिए पैसे की मांग करती है। हालांकि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि महिला के चरित्र को ढाल बनाकर कोई उसके साथ अपराध को अंजाम नहीं दे सकता है। फिर चाहे उस महिला चरित्र पूर्व में कितना भी दागदार क्यों ना रहा हो। किसी आरोपी को यह अधिकार नहीं दिया जा सकता है कि वह किसी महिला के चरित्र का गलत लाभ उठाए या ऐसी कोशिश करे।  

पीके का राहुल गांधी पर वार: बिहार चुनाव को हाईजैक करने की कोशिश हो रही है

पटना जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'वोट चारी' वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में वोट चोरी का मुद्दा न कभी था, न है। राहुल गांधी विपक्ष के नेता के तौर पर भाजपा से लड़ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, "बिहार में विधानसभा चुनाव हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि उन्हें बेहतर शिक्षा और रोज़गार कब मिलेगा और राज्य की दुर्दशा कब सुधरेगी। इसका वोट चोरी से क्या लेना-देना?… अगर दिल्ली में वोट चोरी का मुद्दा है, तो चुनाव आयोग को घेरिए, सुप्रीम कोर्ट जाइए। इसके लिए बिहार चुनाव को क्यों हाईजैक कर रहे हैं?" जन सुराज के संस्थापक ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा, "पहले प्रवासी मजदूर एनडीए को वोट देते थे… आज नहीं दे रहे। वे बिहार में कारखाने और रोज़गार चाहते हैं। गृह मंत्री अमित शाह कह रहे हैं कि बिहार में कारखानों के लिए जमीन नहीं है। आप लोगों को उनसे पूछना चाहिए कि अगर कारखानों के लिए जमीन नहीं है, तो पंजाब और बंगाल को गुजरात से जोड़ने वाली बड़ी सड़कें बनाने के लिए उन्हें बिहार में ज़मीन कहां से मिली? अगर आपको सड़कें, राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने हैं, तो बिहार में जमीन है, लेकिन अगर आप बिहार के बच्चों के लिए कारखाने बनाना चाहते हैं, तो यहां जमीन नहीं है।"

धर्मांतरण विवाद: शव दफनाने को लेकर हंगामा, प्रशासन की हस्तक्षेप से सुलझा मामला, दूसरे जिले में किया गया अंतिम संस्कार

बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के सनौद थाना क्षेत्र के जेवरतला गांव में शनिवार को धर्मांतरण से जुड़े विवाद के चलते एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। पिछले कुछ वर्षों से ईसाई धर्म का पालन कर रहे 50 वर्षीय रमनलाल साहू के शव को जब परिजन गांव में अंतिम संस्कार के लिए लाए, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे गांव की भूमि पर धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। बता दें कि मृतक रमनलाल साहू की मौत इलाज के दौरान हुई थी। परिजन उनका शव लेकर जेवरतला गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की। लेकिन जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर सनौद थाना पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की कि हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार का अधिकार है, और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हालांकि, ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे और गांव की सीमा के भीतर दफनाने की अनुमति नहीं दी। लगातार समझाइश और बातचीत के बावजूद जब सहमति नहीं बन सकी, तो परिजनों ने शव को धमतरी के मसीही कब्रिस्तान ले जाकर वहां अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी और शांति बनाए रखने की अपील की। गौरतलब है कि इससे पहले कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के कोड़ेकुर्सी गांव में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जहां धर्मांतरित युवक मनीष निषाद के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। उस मामले में प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता के बाद परिजनों ने चारामा के मसीही कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया था। प्रशासन ने अपील की है कि नागरिक शांति और संवेदनशीलता बनाए रखें ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।