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सरकारी की योजना के तहत छात्राओं को बांटने के लिए आई थीं साइकिलें, लेकिन उससे पहले ही स्कूल के प्रिंसिपल ने बड़ा खेल कर दिया

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल के प्रिंसिपल ने साइकिल की चोरी की है। जब इस मामले का खुलासा हुआ तो सभी सोच में पड़ गए। जिन साइकिलों की चोरी हुई हैं वह सरकारी की योजना के तहत छात्राओं को बांटने के लिए आई थीं लेकिन उससे पहले ही स्कूल के प्रिंसिपल ने बड़ा खेल कर दिया। पुलिस ने जब इस मामले में छापामारी की तो 23 साइकिलों को बरामद किया गया है। छिपाकर रखी साइकिलें दरअसल, मामला सिंगरौली जिले के शासकीय हाई स्कूल खटाई का है। यहां स्कूल के प्राचार्य जयकांत चौधरी ने सरकारी योजना के तहत वितरण के लिए आई साइकिलों का गबन कर दिया। तीन महीने पहले उन्होंने स्कूल में आई साइकिलों की चोरी बताकर खैरा गांव में एक व्यक्ति के यहां छिपाकर रखवा दी। बेचने की कोशिश में थे साइकिल चोरी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। तीन महीने बाद प्राचार्य ने साइकिल बेचने की कोशिश की तो पुलिस को इसकी भनक लग गई। स्कूल के प्राचार्य ने साइकिलें बेचने की प्लानिंग की जानकारी पुलिस को मिली तो टीम ने खैरा गांव में छापेमारी की। इस दौरान गांव के एक आदमी के यहां से 23 साइकिलें बरामद की गईं। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मच गया है। इस तरह की चोरी का यह कोई पहला मामला नही है, इसके पहले भी इस जिले में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन उन मामलों में कोई भी कार्यवाही नहीं हुई। वहीं, मामले सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने कहा कि साइकिलें गैर कानूनी तौर से बेचने की नीयत से रखी गईं थी। इसलिए स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। मामले की जांच में जुटी पुलिस वहीं, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है कि खैरा गांव में साइकिलें कैसे पहुंचीं और इसके पीछे कौन-कौन है। हालांकि अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने साइकिलों को जब्त कर लिया है।  

छत्तीसगढ़ में भांग की खेती को वैध करने की याचिका की खारिज

बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में भांग की व्यावसायिक खेती की वकालत करते हुए दायर की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी में हुई. याचिकाकर्ता एस. ए. काले ने जनहित याचिका दायर कर प्रतिवादी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ‘गोल्डन प्लांट’ भांग के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभों का दोहन करने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की. याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत रूप से बताया कि उन्होंने 22.02.2024 को सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन देकर पावती ली है. लेकिन, प्रतिवादियों द्वारा अब तक एक भी सामान्य या विशिष्ट कार्रवाई नहीं की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता को जवाब देना भी शामिल है. इसके अलावा, उक्त प्रतिनिधित्व में, उन्होंने ‘गोल्डन प्लांट’ के कई लाभों पर प्रकाश डाला है, जो कई शोधों और सरकारी रिपोर्टों द्वारा समर्थित हैं. यह दर्शाता है कि इस ‘गोल्डन प्लांट’ में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए “नई पीढ़ी की सोने की खान” होने की क्षमता है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस अधिनियम) के अनुसार बागवानी और औद्योगिक उपयोगों के लिए भांग की बड़े पैमाने पर खेती भारतीय कानून द्वारा अनुमत है. कोर्ट ने तर्कों के बाद कहा कि, अच्छी तरह से स्थापित है कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल हो. याचिकाकर्ता ने जनहित की आड़ में इस न्यायालय से संपर्क किया है, जिसमें ऐसे निर्देश मांगे गए हैं जो राज्य की विधायी और कार्यकारी नीति के दायरे में आते हैं. न्यायालय सरकार को नीतिगत निर्णय लेने का निर्देश नहीं दे सकते, खासकर मादक पदार्थों पर नियंत्रण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में. एनडीपीएस अधिनियम के तहत भांग की खेती प्रतिबंधित है, सिवाय विशिष्ट अनुमत उद्देश्यों और वैधानिक प्रक्रिया के, भांग की खेती आम तौर पर चिकित्सा, वैज्ञानिक, औद्योगिक या बागवानी उद्देश्यों को छोड़कर और केवल सरकारी प्राधिकरण के साथ प्रतिबंधित है. याचिकाकर्ता ने न तो कोई जनहित प्रदर्शित किया है और न ही उचित कानूनी तंत्र का पालन किया है. वर्तमान याचिका एक ऐसी याचिका है जिसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कहा जा सकता है. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित में अधिकार क्षेत्र का आह्वान किया जा सके वैसी याचिका नहीं है. हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर याचिकाकर्ता द्वारा जमा की गई सुरक्षा राशि जब्त करने का निर्देश दिया है.

फांसी के फंदे पर लटकी मिली 12वीं की छात्रा, जांच में जुटी पुलिस

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ से स्कूली छात्रा के आत्महत्या का मामला सामने आया है. अमलीपारा में 12वीं कक्षा की छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के वक्त सिर्फ बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद थे. घटना से परिजनों में मातम पसर गया है. इस मामले में पुलिस को कोई कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. जानकारी के मुताबिक, छात्रा मंगलवार की शाम 7 बजे किताब लेने के लिए घर से बाहर निकली थी, लौटने के बाद वह कमरे में जाकर लॉक कर लिया. इस दौरान घर पर सिर्फ बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद थे, परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे. जब दादा ने उसे कमरे से बाहर आने के लिए कहा तो कोई आवाज नहीं आई. दरवाजा नहीं खोलने पर उन्होंने खिड़की से भीतर देखा तो उनकी पोती फांसी के फंदे पर लटकी हुई दिखाई दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. शव को नीचे उतार लिया गया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. नहीं मिला सुसाइड नोट बताया जा रहा है कि मृतिका पढ़ाई में होनहार और शांत स्वभाव की थी. वह दो भाइयों की इकलौती बहन थी. वहीं पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. इस सुसाइड मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है.

जनसुनवाई :बड़ी संख्या में जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने सुनी समस्याएं

विधायक की जनसुनवाई में पहुची दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन,स्कूटी दिलाने की जनसुनवाई में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर से की मांग,बड़ी संख्या में जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में आज मप्र दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम की कप्तान राधा पिता  गणपतसिंह बडगुर्जर आज वैशाखी के सहारे आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा प्रति बुधवार को आम जन की समस्याओं को सुनने आयोजित जन सुनवाई में पहुची एवं विधायक जी को बताया कि वो जावर तहसील के ग्राम छायन कला की मूल निवासी है,मप्र दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम की कप्तान है,इंदौर में आनन्द नगर में रहती हूं,रोजाना नेहरू स्टेडियम इंदौर में प्रेक्टिस हेतु जाती हूं । निवास से स्टेडियम की दूरी करीब 8 किमी है,जाने आने में काफी परेशानी होती है । अतः मुझे एक दुपहिया स्कूटी उपलब्ध कराई जाये । विधायक ने दिव्यांग खिलाड़ी की पूरी बात सुनी उसके बाद जनपद सीईओ से चर्चा कर प्राप्त आवेदन को जनपद पंचायत आष्टा कार्यवाही हेतु भेजा गया । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में ग्रामीण जन पहुचे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के जैसे आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में कृषि भूमि पर कब्ज़ा दिलवाने, स्वास्थ्य उपचार कराने,माध्यमिक शाला गवाखेड़ा की बाउंड्री वॉल निर्माण कराने,दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी को ई-स्कूटी दिलाने,ग्राम पंचायत चिन्नौठा में पंचायत भवन निर्माण,ट्रांसफॉर्मर का स्थान परिवर्तन कराने,वन विभाग की भूमि से पृथक ना करने,टीन शेड निर्माण कराने,ग्राम पंचायत चिन्नौठा में मंदिर चबूतरा एवं रामदेव बाबा मंदिर जीर्णोद्धार कराने,प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाने,संबल योजना का लाभ प्रदान कराने,कृषि भूमि पर कब्ज़ा प्रदाय कराने, ग्राम पंचायत भूफोड़ में मुर्मिकरण कराने,ग्रेवल रोड निर्माण, अशासकीय विद्यालय से टी सी दिलवाने,विद्युत तार का स्थान परिवर्तन हेतु,बीपीएल कार्ड सम्बंधित,दहेज सम्बंधित आवेदन पत्र पुलिस से कार्यवाही करवाने सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए । सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

सैकड़ो की संख्या में अनुसूचित जाति जनजाति युवा छात्र संगठन के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

सिंगरौली मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोग थाना क्षेत्र अंतर्गत निवास करने वाले शिक्षक समाजसेवी ब्रम्हादास अहिरवार के निर्मम हत्या एवं उनके पुत्र सत्य अहिरवार के दोनों पैर तोड़ते हुए उनके समूचे परिवार पर जानलेवा हमला के संदर्भ में उच्च स्तरीय जाँच करबा कर दोषियों के ऊपर तत्काल कठोर कार्यवाही की जाए।  मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन  वर्तमान में मध्य प्रदेश में विगत वर्षों से एससी एसटी ओबीसी वर्ग के लोगों से संयोजित तरीके से हत्या बलात्कार जातिगत अत्याचार दिनों दिन बढ़ता चला जा रहा है जिससे समूचा समाज और संपूर्ण मध्य प्रदेश की जनता सहमा सी गई है स्वयं को असुरक्षित और कमजोरी के साथ साथ मानसिक रूप से आक्रोशित भी होता चला जा रहा है जिसका दीर्घ कालीन परिणाम समूचे प्रदेश के लिए सकारात्मक नही होगा ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश का समस्त एससी एसटी समुदाय माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं पुलिस महानिदेशक महोदय की ओर यह आवेदन अनुसूचित जाति जनजाति युवा छात्र संघ के नेतृत्व में प्रेषित कर वर्तमान मध्य प्रदेश में हो रहे अत्याचार ,हत्या, बलात्कार , जातिगत , मानसिक , शारीरिक एवं विभिन्न मामलों के खिलाफ उच्च स्तरीय जाँच करवा कर दोषियों के ऊपर कठोर कार्यवाही की मांग करता है ताकी वर्तमान और भविष्य में इस प्रकार के घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो और प्रदेश में शासन व्यवस्था के प्रति एसटीएससी समुदाय का विश्वास बना रहे और समूचा समुदाय सुरक्षित महसूस कर प्रदेश में रह सके इन मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिंगरौली में सौपा ज्ञापन। 

दिल्ली में तेज धूप और उमस से लोग बेहाल, बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बारिश की कमी के कारण गर्मी की समस्या बढ़ती जा रही है. मंगलवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया, जिससे तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. हालांकि, मंगलवार रात को कुछ क्षेत्रों में तेज और अन्य में हल्की बारिश हुई. मौसम विभाग ने एक बार फिर दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, और आज से 14 जुलाई के बीच आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है. दिल्ली में तापमान में गिरावट देखी गई है, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आज, बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. अगले 24 घंटों में तापमान में और कमी आने की उम्मीद है, साथ ही 14 जुलाई तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. इस वर्ष दिल्ली में मई और जून के महीनों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जिसके परिणामस्वरूप इन महीनों का औसत तापमान भी सामान्य से कम रहा. हालांकि, जुलाई में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. मानसून 29 जून को दिल्ली में आ चुका था, लेकिन अभी तक शहर में व्यापक वर्षा का इंतजार किया जा रहा है, जिससे लोगों को अधिक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से तेज धूप का सामना करना पड़ा, जो दिन चढ़ने के साथ और भी बढ़ गई. हाल ही में हुई बारिश के कारण दिल्ली के वातावरण में नमी की मात्रा काफी अधिक है. मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे दिल्ली का तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि नमी का स्तर 58 प्रतिशत तक पहुंच गया था. इस समय हवा की गति 14.8 किलोमीटर प्रति घंटे रही. इन परिस्थितियों के कारण लोगों ने 48.3 डिग्री सेल्सियस का अनुभव किया, जो फील लाइक तापमान के रूप में जाना जाता है. विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है. वायु गुणवत्ता सूचकांक 98 अंक पर रहा दिल्ली की हवा मौसम के प्रभाव के कारण लगातार साफ बनी हुई है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 98 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है. अगले दो दिनों में भी वायु गुणवत्ता के इसी स्तर पर बने रहने की संभावना है.

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं. 

तीन दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण शिविर का अंतिम दिन, हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा : सीएम साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय भाजपा सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन होगा. इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद हिस्सा लेंगे. शिविर का उद्घाटन 7 जुलाई को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था, जबकि समापन सत्र में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को समापन सत्र में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम और लौटने में संभावित देरी के कारण उनका दौरा अंतिम समय पर रद्द हो गया. आज शिविर के अंतिम दिन तीन सत्र आयोजित किया जाएगा. पहले सत्र में “हमारा विचार परिवार, पंच परिवर्तन एवं शताब्दी वर्ष की योजना” पर चर्चा में प्रांत प्रचारक अभय राम ने वक्तव्य दे रहे हैं. दूसरा सत्र “जिज्ञासा एवं समाधान” पर केंद्रित होगा, जिसमें बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब और पार्टी की रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे. समापन सत्र में “देश के सम्मुख चुनौतियों के समाधान में भाजपा की भूमिका” पर विचार-मंथन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिविर को लेकर कहा है कि, “भाजपा में प्रशिक्षण की परंपरा रही है. समय-समय पर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है. यह सतत सीखने की प्रक्रिया है, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करती है. तीन दिनों तक हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा.”

खंडवा जिले में मांस, मछली और अंडा की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया

 खंडवा   खंडवा जिले में मांस, मछली और अंडा की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। गुरुपूर्णिमा पर्व के मौके पर श्री दादाजी धुनीवाले का वार्षिक मेला आज यानी 9 जुलाई से शुरु हो रहा है, जो 11 जुलाई तक चलेगा। ऐसे में तीन दिन शहरी क्षेत्र में दुकानें बंद रहेगी। इस संबंध में खंडवा नगर निगम द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। इस संबंध में महापौर अमृता अमर यादव का कहना है कि, राजवीर ढाबे के घटनाक्रम की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्णय लिया गया है। दरअसल, बीते दिनों दादाजी धूनीवाले के निशान लेकर आ रहे भक्तों को ढाबे पर सेव टमाटर में नॉनवेज परोस दिया गया था। इसके चलते धार्मिक भावनाएं आहत न होम और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ न हो, इसे मद्देनजर रखते हुए ये आदेश जारी किया गया है। सख्ती से होगा आदेश का पालन गुरु पूर्णिमा पर्व पर दादाजी धूनीवाले के दरबार में तीन दिन महोत्सव मनाया जाता है। ऐसे में नगर निगम शांति और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्णय का सख्ती से पालन कराने की बात कही गई है। सेव टमाटर की सब्जी की जगह परोस दिया था मटन बता दें कि, पंधाना क्षेत्र से दादाजी धूनीवाले के निशान लेकर खंडवा आ रहे श्रद्धालु एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके थे। वहां उन्हें सेव टमाटर की सब्जी की जगह मटन परोस दिया गया था। इस घटना के बाद हिंदू जागरण मंच ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जमकर बवाल मचाया था।

इंदौर में 3 साल की बच्ची को संथारा दिलाने पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, माता पिता सहित 10 को नोटिस

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने साढ़े तीन वर्षीय बच्ची वियाना के संथारा (मृत्यु का प्रयास) की कथित सहमति के मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उसके माता-पिता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह सवाल उठाया है कि इतनी छोटी बच्ची, जो समझने की स्थिति में नहीं थी, वह संथारा की सहमति कैसे दे सकती थी। इंदौर में साढ़े 3 साल की बच्ची के संथारा करने के मामले में इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बच्ची के माता-पिता के अलावा केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी. बच्ची को थी ब्रेन ट्यूमर की बीमारी बता दें कि इसी साल 21 मार्च को साढ़े 3 वर्ष की एक बच्ची ने इंदौर में संथारा लिया था. उसे ब्रेन ट्यूमर की बीमारी थी. इसके बाद जैन संतों ने बच्ची के माता-पिता को संथारा दिए जाने मार्गदर्शन दिया. बच्ची के माता-पिता ने संथारा कराया. इतनी कम उम्र में बच्ची को संथारा करवाने को लेकर इंदौर में रहने वाले प्रांशु जैन ने एडवोकेट शुभम शर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की. नाबालिग के संथारा पर रोक लगाने की मांग याचिका में कोर्ट को बताया गया "जैन समुदाय में 3 नाबालिगों का संथारा हुआ है. ये तीनों नाबालिग बालिकाएं थीं. इनमें हैदराबाद की 13 वर्षीय बच्ची, मैसूर की 10 वर्षीय और इंदौर की साढ़े 3 वर्षीय बालिका शामिल हैं." कोर्ट से मांग की गई है "याचिका का अंतिम निराकरण होने तक नाबालिग के संथारा करने पर रोक लगाई जाए." याचिकाकर्ता की बातों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया. दोनों पक्षों की बात सुनेगी हाई कोर्ट याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाई कोर्ट ने इंदौर में रहने बच्ची के माता-पिता के सथ ही केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा "यह जैन समाज से जुड़ा हुआ मामला है. अतः समाज का पक्ष जानना जरूरी है. उनका पक्ष सुने बगैर आदेश नहीं दे सकते." बच्ची दिमागी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित थी मामले में याचिकाकर्ता प्रांशु जैन ने अपने एडवोकेट शुभम शर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में नाबालिग बच्चों और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को संथारा दिलाए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में उल्लेख किया है कि मानसिक रूप से कमजोर और नाबालिग बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता। बच्चों के साथ इस तरह की प्रथा बंद किए जाने की मांग याचिका में की गई है। हालांकि जिस बच्ची को संथारा दिलाया गया था वह दिमागी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित थी। मंगलवार को याचिकाकर्ता ने नोटिस जारी करने की जानकारी दी। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की डबल बेंच ने इन सभी 10 प्रतिवादीगण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  यह है मामला मामला 21 मार्च का है। बच्ची वियाना ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी। उसे माता-पिता इंदौर में एक आध्यात्मिक संकल्प अभिग्रहधारी महाराज के पास दर्शन करने ले गए। महाराज ने बालिका की दूसरे दिन मृत्यु की भविष्यवाणी की थी। साथ ही उसे संथारा दिलाने के लिए कहा था। इस पर माता-पिता ने उसे संथारा दिलाया था। 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में इसे सबसे कम उम्र में संथारा का रिकॉर्ड बताते हुए उन्हें सर्टिफिकेट जारी किया था।    क्या होती है संथारा प्रथा बता दें कि संथारा जैन धर्म में एक धार्मिक प्रथा है, जिसमें मृत्यु को स्वीकार करने के लिए व्यक्ति स्वेच्छा से उपवास करता है. यह एक स्वैच्छिक मृत्यु है, जिसे धीरे-धीरे भोजन और पानी का त्याग किया जाता है. इसे आत्मा की शुद्धि और मुक्ति का मार्ग माना जाता है. संथारा तब लिया जाता है, जब व्यक्ति मृत्यु के करीब आने लगता है.