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बाल अश्लील सामग्री देखने और शेयर करने पर मध्यप्रदेश में 8 FIR

भोपाल  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राजधानी के आठ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है.  दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (META सहित) से मिले डेटा के आधार पर राज्य साइबर पुलिस को जानकारी भेजी थी कि कुछ मोबाइल यूज़र्स नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) सोशल मीडिया देख रहे हैं और फॉरवर्ड भी कर रहे हैं.  मेटा ने जांच एजेंसियों को उन वीडियो के लिंक, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों की जानकारी दी थी, जिनसे यह कंटेंट अपलोड या शेयर किया गया था. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती सत्यापन में कई ठिकानों से संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं.  इसके बाद भोपाल के मंगलवारा, मिसरोद, कोतवाली, पिपलानी, अशोका गार्डन, बिलखिरिया, अयोध्या नगर और टीटी नगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस एक-एक नंबरों पर कॉल कर जानकारी जुटा रही है जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.   भोपाल पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

बड़वानी हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, बोकराटा-खेतिया रोड पर एक की मौत

बड़वानी  जिला के पहाड़ी अंचल के बोकराटा खेतिया मार्ग पर शुक्रवार सुबह नर्मदा परिक्रमा वासियों से भरी स्लीपर बस पलट गई। डबल डेकर बस क्रमांक एमपी 46 जेड पी 7986 में बड़ी संख्या में महिला पुरुष तीर्थ यात्री सवार थे। घटना में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलते ही पुलिस अमला मौके पर पहुंचा है। जानकारी के अनुसार सुबह तीर्थ यात्राओं की बस बोकराटा से खेतिया की और रवाना हुई थी। इस दौरान करीब 9. 30 बजे ग्राम बायगौर क्षेत्र में यह हादसा हो गया।हादसे में मौत होने की जानकारी को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा अभी अधिकृत कोई जानकारी नहीं दी गई है। घटना में घायल हो गंभीर घायलों को खेती अस्पताल भेजा गया है। बस में सवार तीर्थ यात्री विभिन्न स्थानों के निवासी हैं। नर्मदा तीर्थ यात्री ओंकारेश्वर से बड़वानी आए थे और यहां से बोकराटा-खेतिया होकर महाराष्ट्र का प्रकाश की ओर रवाना हुए थे। तभी यह हादसा हो गया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। वही बड़वानी से ही बड़ी संख्या में लोग चार पहिया वाहन लेकर मौके पर रवाना हुए है। बस एक और पलटने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों की मदद से पुलिस की मौजूदगी में घायलों को तत्काल बस से निकल गया और एंबुलेंस के माध्यम से खेतिया अस्पताल भेजा गया। मौके मौजूद लोगों द्वारा रास्ते बांधकर बस को सीधा करने की भी कोशिश की जा रही है। वही पानसेमल से क्रेन मौके पर पहुंच रही हैं। गुरुवार शाम राजघाट से रवाना हुए थे यात्री उक्त बस में सवार परिक्रमा यात्री गुरुवार शाम हीं शहर के समीप पांच किलोमीटर दूर रोहिणी तीर्थ नर्मदा तट के बेकवाटर किनारे आरती पूजन कर पाटी की ओर रवाना हुए थे। बोकराटा क्षेत्र में रात्रि विश्राम के के बाद आगे रवाना हुए थे। इस दौरान यह हादसा हो गया। बस में कितने लोग सवार थे कहां-कहां के निवासी थे फिलहाल इसको लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। पहाड़ी क्षेत्र होने व नेटवर्क नहीं मिलने से परेशानी दरअसल बोकराटा खेतिया के बीच मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने की समस्या है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को भी संपर्क करने में दिक्कत आ रही है। वही बोकराटा से पहाड़ी क्षेत्र को काटकर बनाया गया रोड घुमावदार वह घाट क्षेत्र का है।

दतिया, गुना, नौगांव-टीकमगढ़ में रात जैसी ठंड, मध्यप्रदेश में मौसम का तेवर

भोपाल  प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तीन सक्रिय सिस्टमों के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में दिनभर रिमझिम बारिश होती रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और बड़वानी जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य सिस्टम सक्रिय है, जिससे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। दतिया में डेढ़ इंच बारिश, भोपाल में दिनभर फुहारें मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दतिया में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच तक बारिश हुई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच, गुना में आधा इंच से ज्यादा और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। राजधानी भोपाल में पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सागर, सिवनी और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। किसानों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। कहां-कहां बरसेंगे बादल? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य वेदर सिस्टम सक्रिय है। तीन सिस्टम के असर से प्रदेश में व्यापक बारिश का माहौल बना है। आज जिन जिलों में हल्की बारिश की ज्यादा संभावना है—     आलीराजपुर     झाबुआ     बड़वानी     बुरहानपुर     धार     खरगोन     सतना     सीधी     सिंगरौली     रीवा     मऊगंज अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बीते 24 घंटे क्या रहा मौसम? गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश दर्ज हुई। इनमें—     दतिया — सबसे अधिक ~1.5 इंच     जबलपुर — ~1.25 इंच     मलाजखंड — ~0.75 इंच     गुना — ~0.50 इंच से ज्यादा     मंडला — ~0.50 इंच बारिश के बाद तापमान में स्पष्ट गिरावट देखने को मिली है। तापमान में गिरावट: कई शहरों में पारा 23°C से नीचे शहर     न्यूनतम तापमान दतिया     22.4°C नौगांव (छतरपुर)     22.5°C गुना     22.7°C टीकमगढ़     22.8°C मलाजखंड     23.3°C धार     23.4°C पचमढ़ी     23.8°C खजुराहो     24.8°C दतिया और आसपास के क्षेत्र सबसे अधिक ठंडे रहे।  

नगर निगम के 17 द्वितीय श्रेणी पदों की भर्ती पर परिषद ने जताई आपत्ति

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (PEB) ने समूह-2 और उप समूह-3 के करीब 300 पदों के लिए भर्ती निकाली है। आवेदन भरने की आखिरी तारीख 12 नवंबर 2025 है। यही परीक्षा अब सवालों के घेरे में आ गई है। दूसरी ओर, इन पदों की जानकारी बिना एमआईसी यानी, मेयर इन कौंसिल के भेजी गई थी। इसलिए जानकारी देने वाले सेवानिवृत्त अपर आयुक्त एमके सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले का खुलासा 30 अक्टूबर को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में हुआ। बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने कहा कि पीईबी को सहायक यंत्री की भर्ती के अधिकार ही नहीं है। वहीं, निगम के संकल्प के बिना कोई भर्ती नहीं की जा सकती। यह मध्यप्रदेश शासन के गजट में है। कोरोना काल में जब परिषद में संभागायुक्त प्रशासक थे, तब लिस्ट तैयार की गई थी। जिसे वर्ष 2023 में तत्कालीन अपर आयुक्त एमपी सिंह ने पीईबी को भेज दी, जबकि साल 2022 से परिषद में है। यदि जरूरी भी था कि लिस्ट एमआईसी या कमिश्नर के संज्ञान में लाने के बाद भेजी जानी थी। पुराने पत्र के आधार पर एमआईसी को जानकारी दी गई। इसलिए भर्ती को विलोपित करने को कहा गया है। निगम अध्यक्ष बोले- परीक्षा हुई तो इंजीनियर इधर-उधर भटकेंगे मुद्दा सामने आने के बाद निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने भी कमिश्नर संस्कृति जैन को पीईबी को जल्द ही पत्र लिखने को कहा। ताकि, परीक्षा से सहायक यंत्री के पदों को हटा दिया जाए। उन्होंने बताया, पार्षद भार्गव ने यह विषय उठाया था। इस पर पक्ष-विपक्ष सभी ने सहमति जताई थी। गलत और नियम विरुद्ध तरीके से सेकंड क्लॉस भर्ती के लिए पीईबी को पत्र लिखा गया, जबकि उस समय परिषद निर्वाचित होकर अपने स्वरुप में आ गई थी। नियम कहता है कि एमआईसी को नियुक्ति के अधिकार है। एमआईसी की मंजूरी के बिना कोई प्रस्ताव पीईबी को गया, यह नीतिगत सही नहीं था। दूसरी ओर, पीईबी को द्वितीय श्रेणी की भर्ती की पात्रता ही नहीं है। शासन ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए पीईबी को बनाया गया है। द्वितीय श्रेणी की एग्जॉम MPPSC करा सकता है। बावजूद यदि पीईबी यह परीक्षा करा देती है तो जिनकी नियुक्ति होगी, वे भी इधर-उधर भटकते रहेंगे। इसलिए निगम कमिश्नर से कहा है कि जल्द ही पीईबी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करें। इन कैटेगिरी के लिए भर्ती भोपाल नगर निगम में सहायक यंत्री सिविल के कुल 15 पद है, जबकि एक मैकेनिकल और एक सहायक यंत्री विद्युत के लिए पद है। इस तरह कुल पद 17 है। इनमें श्रेणी के हिसाब से भर्ती की जा रही है। जिसमें अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और ओबीसी शामिल हैं। इनमें भी महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। मैकेनिकल और सहायक यंत्री के 2 पदों पर सीधी भर्ती होगी। सभी पद कार्यपालिक है। अपर आयुक्त ने 36 पदों की भेजी थी जानकारी तत्कालीन अपर आयुक्त सिंह ने 11 जुलाई-23 को कुल 36 पदों पर भर्ती के लिए जानकारी पीईओ को भेजी थी। इसमें सहायक आयुक्त के 11 पद, सहायक यंत्री (सिविल) के 15 पद, सहायक यंत्री (विद्युत) का 1 पद, सहायक यंत्री (मैकेनिकल) का 1 पद और सहायक ई-गवर्नेंस अधिकारी के 8 पद शामिल हैं। पत्र में बताया गया था कि ये सभी पद द्वितीय श्रेणी के है। इस संबंध में सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हुए दो साल हो गए हैं। मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। प्रक्रिया के हिसाब से ही पत्र भेजा गया होगा।

राज्य सरकार की पहल से बदल रही है मजदूरों की दुनिया – रायपुर से उभर रही नई उम्मीदें

रायपुर : विशेष लेख :राज्य सरकार के प्रयासों से श्रमिकों के जीवन में आ रहा है बदलाव श्रम विभाग अंतर्गत 25 वर्षों की विभागीय उपलब्धियां रायपुर, छत्तीसगढ राज्य स्थापना के समय 16 जिलों में से 09 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 04 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित है। वर्तमान में राज्य के समस्त 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा वर्ष 2008 से रायपुर में इंडस्ट्रीयल हाईजिन लैब का राज्य स्तरीय कार्यालय प्रारंभ किया गया है। राज्य स्थापना के बाद से वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण तथा विभिन्न योजनाओं में आवेदन विभागीय पोर्टल/श्रमेव जयते मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करने की सुविधा दी गयी है तथा विभिन्न योजनाओं में डी०बी०टी के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। 52 लाख 75 हजार 618 संगठित/निर्माण/असंगठित श्रमिक पंजीकृत 31 जुलाई, 2025 तक छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 5लाख 41 हजार 920 संगठित श्रमिक, छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 30 लाख 21 हजार 624 निर्माण श्रमिक तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 17 लाख 12 हजार 074 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार विभाग अंतर्गत संचालित मंडलों में कुल 52 लाख 75 हजार 618 संगठित, निर्माण, असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। राज्य स्थापना के बाद से 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को 23 अरब 70 करेाड 24 लाख 56 हजार 757 रूपये से लाभांवित किया गया। छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल में 80 लाख 713 संगठित श्रमिक को 31 जुलाई, 2025 तक राशि रूपये 26 करोड 56 लाख 2 हजार 131 से, छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 51 लाख 72, हजार 579 निर्माण श्रमिकों को राशि रूपये 19 करोड 82 लाख 69 लाख 48 हजार 448 तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में 4 लाख 71 हजार 453 अंगठित कर्मकारों को राशि रूपये 3अरब 60 करोड 99 लाख 06 हजार 178 से इस प्रकार राज्य स्थापना के बाद से कुल 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को राशि रूपये 23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 (तेईस अरब सत्तर करोड़ चौबीस लाख छप्पन हजार सात सौ सात रूपये) से लाभांवित किया गया है। श्रमिक सहायता केन्द्र 24×7 संचालित श्रमिकों के हितलाभ संरक्षण, सहायता एवं उनके शिकायतों के निराकरण करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केन्द्र (Helpline Center) रायपुर में 24×7 संचालित है। प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84 हजार 810 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन एवं योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत कारखानों, दुकान व स्थापनाओं, ठेकेदारों आदि का पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा विभाग अंतर्गत गठित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा योजनाओं हेतु आवेदन/स्वीकृति विभागीय वेब पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन की जा रही है। साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पंजियों/अभिलेखों को ऑनलाईन डिजिटल रूप में संधारित करने तथा एकीकृत वार्षिक विवरणी ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा नियोजकों को प्रदान की गई है। ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छ०ग० शासन श्रम विभाग को 2020-21 हेतु ‘ई-श्रमिक सेवा‘ सहित सार्वभौमिक पहुंच हेतु ‘ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार‘ रूपये 02 लाख पुरस्कार राशि के साथ गोल्ड पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रवासी श्रमिकों के हित संरक्षण, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से दिनांक 19 जुलाई 2021 से छ०ग० राज्य प्रवासी श्रमिक नीति, 2020 लागू किया गया है, जिसमें पलायन पंजी के ऑनलाईन संधारण की व्यवस्था की गई है। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिये अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा एवं श्रम मंत्री के निर्देशानुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क अध्ययन कराये जाने हेतु छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना‘ 08.जनवरी 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना के तहत मंडल में 01 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम 02 बच्चों को कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12 वीं तक आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 100 श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया जाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु एक लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 31 जुलाई 2025 तक 2 हजार 278 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। निर्माण श्रमिकों के लिये पेंशन योजना 60 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिनका मंडल में 10 वर्ष पूर्व का पंजीयन हो, ऐसे 37 निर्माण श्रमिकों को प्रतिमाह रूपये 1500/- पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना इस योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को रूपये 05 में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में 37 श्रम अन्न योजना केन्द्र संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 8 हजार श्रमिक गरम भोजन प्राप्त करे रहें है। संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना, राज्य निर्माण के समय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदाय करने वाली यह योजना केवल कारखानों, सिनेमाघरों, ट्रांसपोर्ट, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू थी। राज्य निर्माण के पश्चात इस योजना में निजी सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं निजि चिकित्सा संस्थाओं तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित नगर निगमों, नगर पालिकाएं, नगर परिषद् एवं अन्य स्थानीय निकाय पर भी लागू की गई है। निःशुल्क चिकित्सा हित लाभ छ.ग. राज्य गठन के उपरांत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का विस्तार छ.ग. राज्य के 15 जिलों के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा 17 जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत छ.ग. राज्य निर्माण के पूर्व लगभग 30 … Read more

नई खेल नीति, नई सोच: पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत गढ़ रहा है सफलता की नई कहानी

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में खेलों में आगे बढ़ रहा है देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव फिट इंडिया मूवमेंट अभियान चलाया प्रधानमंत्री  मोदी ने : केन्द्रीय मंत्री  चौहान विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा। प्रधानमंत्री  मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा ऐतिहासिक नगरी है। सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है। साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश के मितावली के 64 योगिनी मंदिर के आकल्पन को पुरानी संसद का आधार बनाया गया था। इस नाते मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा भोपाल फोरलेन मार्ग के निर्माण का कार्य स्वीकृत किया जाएगा। यह फोरलेन सलामतपुर सांची होकर बनेगा। साथ ही विदिशा अहमदनगर निर्माण सहित अन्य सुझावों को शासन द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। खिलाड़ियों और युवाओं के प्रोत्साहन के सभी कार्य होंगे। इस खेल उत्सव में क्रिकेट, कबड्डी, मलखंभ और अन्य खेलों के शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर निगम के लिए निकटवर्ती ग्रामों को जोड़ने संबंधी अध्ययन और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं।  चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी  कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं।  कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।  कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं।  कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  चौहान अभिनंदन के पात्र हैं, इस खेल उत्सव की कल्पना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव का विदिशा पहुंचने पर अनेक स्थानों पर फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत। सांसद खेल महोत्सव में हुआ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  चौहान और क्रिकेटर  कपिल देव ने विदिशा में सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सांसद मती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संखय में खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित थे।  

11 मामलों का बोझ और चुनाव की जंग: दुलारचंद यादव हत्या केस में नामजद अनंत सिंह

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले मोकामा से जेडीयू के प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह मर्डर केस में फंस गए हैं। मोकामा से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्षी के समर्थन में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके में स्थित हुए इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र से मोकामा में विधानसभा का चुनाव खूनी रंजिश में बदल गया। टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है, पुलिस गांवों में कैंप कर रही है।  रात मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर पुलिस ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर समेत 5 लोगों पर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनंत सिंह के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मोकामा के तारतर गांव के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं। गाड़ियों के शीशे टूटा हुआ था। इसमें से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव पाया गया। दुलारचंद इस क्षेत्र के पूर्व में अपराधी रहे हैं। उन पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे तो आगे निकल गए। पीछे रह गई उनके काफिले की गाड़ियों को जन सुराज पार्टी समर्थकों ने घेर लिया और ईंट पत्थर से हमला कर दिया था। अनंत सिंह ने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। वहीं, सूरजभान ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी।  दुलारचंद पर दर्ज हैं हत्या, रंगदारी सहित 11 मामले दुलारचंद पर हत्या, रंगदारी जैसे 11 संगीन मामले दर्ज थे. 80 के दशक में दुलारचंद का टाल इलाके में दहशत का सामराज्य था. वे माओवादी विचार का समर्थक रहे थे. 1990 मे वह कोर्ट से जमानत के बाद राजनीतिक जीवन बीता रहा थे और हाल के दिनों में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद व अनंत सिंह के बीच पुरानी अदावत थी. 1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह के खिलाफ वे चुनाव भी लड़े थे, पर हार गये थे. कई दिनों से दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही थी. कोल सप्लाइ के व्यवसाय से आर्थिक मजबूती मिली मूल रूप से मोकामा के घोसवरी निवासी दुलारचंद यादव किसान परिवार से आते थे. पिता रामकृष्ण यादव स्थानीय स्तर पर समाजसेवी माने जाते थे. दुलारचंद ने शुरुआती दिनों में ठेकेदारी और कोल सप्लाई के व्यवसाय के जरिये आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया. दुलारचंद यादव पर हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, भूमि विवाद, और चुनावी हिंसा जैसे आरोप शामिल है. 2009 के मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान गोलाबारी और बूथ कब्जे की घटना मे भी उनका नाम चर्चाओं में रहा. कांग्रेस नेता की हत्या में भी नामजद थे दुलारचंद 1991 में 16 नवंबर को लोकसभा पंडारक स्थित मतदान केंद्र पर कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की गोली मारकर हत्या हो गयी थी. इस मामले में दुलारचंद समेत चार को नामजद अभियुक बनाया गया था. हालांकि बाद में दो लोगों को बरी कर दिया गया था. 2015 में बाढ़ अनुमंडल में हुए संजय सिंह हत्या कांड और 2018 में मोकामा थाना कांड संख्या- 152/18 (आर्म्स एक्ट) में भी उनका नाम उभरा था. हालांकि कई मामलों में वे बरी हो गए, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में स्थानीय दबंग नेता के रूप में उनका नाम लंबे समय तक बना रहा. मोकामा में कैसे हुआ बवाल? दुलारचंद यादव का बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था। खुशहाल चक के निकट प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी गुरुवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव भी उनके साथ थे। उसी रास्ते से अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। बाद में गोली भी चली और दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

चंडीगढ़ मामला: सेना अधिकारी को मिली सजा, पीड़िता ने रखी अपनी प्रतिक्रिया

चंडीगढ़ सेना की एक जनरल कोर्ट मार्शल (GCM) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) कोर के एक कर्नल को बुधवार को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया। अधिकारी को अपने एक साथी कर्नल की पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने का दोषी पाया गया। यह कोर्ट मार्शल मई में चंडीगढ़ स्थित ‘एन’ एरिया में शुरू हुआ था। अदालत ने आरोपी अधिकारी को चार में से तीन आरोपों में दोषी करार दिया। यह पूरी प्रक्रिया सेना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत संचालित हुई। आरोप और फैसला इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला आरोप सेना अधिनियम की धारा 45 के तहत था, जो “एक अधिकारी द्वारा अपने पद और चरित्र के अनुरूप न होने वाले आचरण” से संबंधित है। आरोप था कि सितंबर 2021 से अगस्त 2022 के बीच आरोपी कर्नल ने अपने साथी अधिकारी की पत्नी से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फोन पर लगातार संपर्क रखा। इस आरोप में कोर्ट मार्शल ने आरोपी को दोषमुक्त पाया। महिला के पति ने अदालत में बताया कि उसे अपनी पत्नी के कॉल डिटेल्स एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए पैकेट में प्राप्त हुए थे। दूसरा और तीसरा आरोप भी धारा 45 के तहत था। इनमें कहा गया था कि आरोपी कर्नल सितंबर 2021 में हरिद्वार के होटल रेडिसन ब्लू और अप्रैल 2022 में देहरादून के होटल एनजे पोर्टिको में अपने साथी अधिकारी की पत्नी के साथ रुका था। इन दोनों आरोपों में आरोपी को दोषी ठहराया गया। चौथा आरोप सेना अधिनियम की धारा 69 के तहत था, जिसमें कहा गया कि आरोपी ने धोखाधड़ी से उस महिला का ‘डिपेंडेंट कार्ड’ इस्तेमाल किया, जबकि वह जानता था कि यह जाली है। इस आरोप में भी अधिकारी को दोषी पाया गया। गवाही और तर्क शिकायत करने वाले कर्नल ने गवाही में कहा कि दिसंबर 2006 में उनका विवाह हुआ था और वे सुखी दांपत्य जीवन जी रहे थे। लेकिन हरिद्वार की छुट्टी से लौटने और लेह यात्रा के बाद उनकी पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा। लेह यात्रा के दौरान महिला उसी आवास में ठहरी थी जिसकी व्यवस्था खुद आरोपी कर्नल ने की थी। क्या बोली महिला? वहीं, संबंधित महिला ने अदालत में बताया कि वह अपने पति के साथ पिछले 16 वर्षों से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी और अब वह उसके साथ नहीं रह सकती। उसने यह भी कहा कि आरोपी कर्नल उसका बचपन का सहपाठी है और एक 42 वर्षीय एडल्ट के रूप में यह उसका अधिकार है कि वह किससे बात करे या न करे। महिला ने आरोपी कर्नल के साथ किसी भी होटल में ठहरने के आरोपों से इनकार किया है। कोर्ट मार्शल की अध्यक्षता मुख्यालय यूनिफॉर्म फोर्स के ब्रिगेडियर जगमिंदर सिंह गिल ने की, जबकि छह कर्नल इस मामले के सदस्य थे। यह कार्रवाई 8 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के. महेश के आदेश पर शुरू की गई थी। कोर्ट मार्शल द्वारा सुनाई गई सेवा से बर्खास्तगी की सजा अब कन्वीनिंग अथॉरिटी की पुष्टि के बाद अंतिम रूप लेगी। सेना के नियमों के अनुसार, किसी भी ऐसे निर्णय की पुष्टि से पहले संबंधित अधिकारी को अपील का अवसर प्रदान किया जाता है।

रायपुर में जनजातीय गौरव का नया केंद्र: केन्द्रीय मंत्री ओराम ने संग्रहालय लोकार्पण तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर : केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा राज्योत्सव पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री जोएल ओराम ने आज शाम निर्माण स्थल पहुंच कर नवा रायपुर, अटल नगर मे छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेननियों के शौर्य गाथा की स्मृति में तैयार भव्य एवं आकर्षक शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह-संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी राजयोत्सव के मौके पर 01 नवंबर को शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय का उदघाटन करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने इस दृष्टिकोण से सुरक्षा सहित अन्य अवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ सरकार में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जोएल ओराम को छत्तीसगढ़ मे हुए जनजातीय विद्रोहों और स्थापित गैलरियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ओराम ने जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर बने संग्रहालय का भी निरीक्षण किया । मंत्री नेताम ने ओराम को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजाति के वर्ग के ऐतिहासिक घटनाओं और परंपराओं के संरक्षण व संर्वधन के उद्देश्य से इन संग्रहालय के निर्माण का बिडा उठाया है, जो बनकर तैयार है। छत्तीसगढ़ रजत जंयती वर्ष, राज्योत्सव के मौके पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से इस संग्रहालय का लोकार्पण होगा। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजाति नायक-नायिकाओं के वीरगाथाओं पर तैयार इस जीवंत संग्रहालय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक यह स्मारक सह-संग्रहालय लोगों के समर्पित होगा है और यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को पुरखों की वीर गाथाओं को अवस्मरणीय बनाएगा। उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। यहां 16 गैलरियों में अंग्रेजी हुकूमत काल में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां लगाई गई है। जनजातीय विद्रोहों के बारे में लोग आसानी से समझ सके इस लिहाज से डिजीटली व्यवस्था भी की गई है। इस अवसर पर उनके साथ विधायक किरण सिंह देव, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक मती हिना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से शिवनंदनपुर में 4 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी

रायपुर सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि इन योजनाओं से आमजन को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी और क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि जनता की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं ताकि लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत प्रमुख कार्य में वार्ड 6 और वार्ड 13 में घाट निर्माण के लिए लगभग 21.87 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति मिली है।जिससे धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच और श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को नदी से जुड़ी सुविधाएँ मिल सकेगी। वार्ड 12 में फुटपाथ निर्माण कार्य के लिए लगभग 27.23 करोड़ की मंजूरी मिली है।स्वीकृति से महिलाओं, बच्चों और आम लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन प्राप्त होगा।  वार्ड 13 में लगभग 52.94 लाख की स्वीकृति से नई चौपाटी की स्वीकृति मिली है। जिससे परिवारों व युवाओं के लिए नया मनोरंजन स्थल और स्थानीय व्यापार व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।  अन्य बुनियादी कार्यों में बी.टी. रोड निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपए ,सी.सी. रोड निर्माण  के लिए 3.14 करोड़ रुपए, आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए 1.64 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़कों व नालियों के बनने से जलभराव की परेशानी कम होगी साथ ही आवागमन सुगम होगा। नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि,ये कार्य वर्षों से लंबित थे। इनसे शहर की तस्वीर बदलेगी, छोटे व्यापारी, महिलाएँ व स्कूली बच्चे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने हमारी चिंताओं को समझकर बड़ा कदम उठाया है।