samacharsecretary.com

कोरबा में हाथियों का उत्पात जारी, ग्रामीणों की नींद उड़ी – खेतों में भारी नुकसान

कोरबा वन मंडल कोरबा में हाथियों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। 10 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज से पहुंचे हैं। हाथियों ने 32 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। फसल को बचाने ही ग्रामीण हाथियों को भगाने में जुटे हैं। इसकी वजह से हाथियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। कुदमुरा रेंज में एक दंतैल हाथी अलग से घूम रहा है। करतला रेंज में सबसे अधिक 52 हाथी घूम रहे हैं। इनमें नवापारा में 20, कोटमेर में 31 और चोरभट्टी में एक दंतैल घूम रहा है। कोरबा रेंज के घेराव 80 हाथी घूम रहे हैं। कोरबा वनमंडल का कुदमुरा रेंज धरमजयगढ़ वन मंडल से लगा हुआ है। मांड नदी पार करते ही छाल रेंज आ जाता है। वहां से हाथियों को भगाने पर कुदमुरा होते हुए दूसरे रेंज में पहुंच जाते हैं। धान की फसल अब पकने को तैयार है। ऐसे समय में किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नवापारा के किसानों ने बताया कि लंबे समय बाद हाथी इस क्षेत्र में पहुंचे हैं, लेकिन ग्राम के आसपास नहीं आ रहे हैं। धान की फसल को दिन में भी खा रहे हैं। कटघोरा वन मंडल में 54 हाथी अलग-अलग रेंज में घूम रहे हैं। हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम लगी है, लेकिन फसल को नुकसान होने से नहीं रोक पा रहे हैं। ड्रोन कैमरे से भी हाथियों की निगरानी हो रही है। उनके मूवमेंट के आधार पर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

PM मोदी ने समस्तीपुर में किया कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण, श्रद्धांजलि अर्पित

समस्तीपुर  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले राज्य का सियासी तापमान हाई हो गया है. नेताओं के बीच सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है. वहीं, एनडीए के चुनाव अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 अक्टूबर (शुक्रवार) को बिहार का दौरा करेंगे. पीएम मोदी अपने दौरे की शुरुआत समस्तीपुर के कर्पूरी गांव से करेंगे और नेता कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वे समस्तीपुर के दुधपुरा और बाद में बेगूसराय में चुनावी रैलियां करेंगे.  अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचेंगे और 24 अक्टूबर को सीवान और बक्सर में, फिर 25 अक्टूबर को बिहारशरीफ, मुंगेर और खगड़िया में रैलियों को संबोधित करेंगे. वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव 24 अक्टूबर से बिहार में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. 24 अक्टूबर को तेजस्वी का अभियान सिमरी बख्तियारपुर में एक रैली के साथ शुरू होगा, जिसके बाद वे केवटी, पारू और उजियारपुर में रुकेंगे. तेजस्वी का चुनावी दौरा सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी होगा. बिहार चुनाव की हर अपडेट के लिए बने रहिए जी बिहार झारखंड के साथ. यहां आपको हर सियासी जानकारी मिलेगी.  ‘हमारी सरकार में कानून का राज’, समस्तीपुर रैली में CM नीतीश ने कहा ‘वो अपने परिवार के लिए काम करते हैं’, समस्तीपुर रैली में CM नीतीश का RJD पर हमला ‘बिहार को बड़ी आर्थिक मदद दी’, समस्तीपुर रैली में बोले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  ‘1.2 करोड़ महिलाओं को रोजगार दिया’, समस्तीपुर रैली में बोले CM नीतीश बिहार के समस्तीपुर में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के परिजनों से PM नरेंद्र मोदी मिले

छत्तीसगढ़ रजत जयंती विशेष : समय पर छात्रवृत्ति वितरण से शिक्षा बनी सुलभ, सुशासन की नई पहल पर फोकस

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में उनके बैंक खाते में ऑनलाईन होने से अब उक्त वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह आसान हो गई है। मुख्यमंत्री  साय ने हाल ही में मंत्रालय, महानदी भवन से इन वर्गों के लगभग 2 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की है।  उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को हुई। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावासों एवं आश्रमों में प्रवेशित बच्चों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। इसके ठीक बाद दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था।  मुख्यमंत्री  साय के हाथों आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए उनके बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है।  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षा को सबके लिए आसान बनाने  के उद्देश्य से अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग तथा कमजोर वर्गों के छात्र-छात्राओं की शिक्षा चिंता की और उन्होंने आदिमजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम -छात्रावास में रहकर शिक्षा अध्ययन कर रहे के बच्चों के शिक्षा को आसान बनाने के लिए यह नयी पहल की है। आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के नेतृत्व और विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा के गहन प्रयासों से  कमजोर वर्गाें के विकास एवं उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने बिना रूकावट के शिक्षा ग्रहण हेतु सुविधा प्रदान करने का यह प्रयास सार्थक हो रहा है।  आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा के प्रयासों से प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को अब ऑनलाईन भुगतान किया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिली है। यहां यह उल्लेखनीय है कि इस नयी व्यवस्था से पूर्व विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।    दरअसल आश्रम छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी हो या यहां रहकर अध्ययन कर चुके विद्यार्थी हो अथवा आश्रम छात्रावासों में रहकर उच्च पदों में कार्य कर रहे विद्यार्थी क्यों न हो। वे समय पर स्कॉलरशिप नहीं मिलने के कारण की परेशानियों से भलीभांति वाकिफ हैं। वास्तव में एक विद्यार्थी को अध्ययन सामग्री क्रय करने के लिए जब पैसे की जरूरत हो उस वक्त छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति की राशि उनके बैंक खातों में पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। छात्रावासी विद्यार्थियों की इस परेशानी को दूर करने के लिए प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा सहित विभागीय अमलों ने संवेदनशीलता के साथ कितनी मशक्कत की होगी यह किसी से छिपा नहीं है। इसी का परिणाम है कि विभाग आश्रम छात्रावास के बच्चों के छात्रवृत्ति के लिए की गई तय सीमा से लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलना लाजिमी है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों की अधिकतर आवश्यकताएँ सरकार द्वारा पूरी की जाती हैं, लेकिन छात्रवृत्ति उन्हें व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता देती है। इससे वे किताबें, स्टेशनरी व अन्य जरूरी सामान स्वयं खरीद सकते हैं। जब यह सहायता समय पर मिलती है, तो विद्यार्थी बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख पाते हैं और उनका ध्यान पढ़ाई से भटकता नहीं है। समय पर छात्रवृत्ति मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।  समय पर छात्रवृत्ति मिलने से न केवल बच्चों की शैक्षिक यात्रा आसान होती है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिलता है। वे यह सोचने लगते हैं कि यदि अभी उन्हें सहायता मिल रही है तो आगे भी मिलेगी, जिससे वे कॉलेज या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर अग्रसर होते हैं। इससे राज्य में एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक युवा पीढ़ी का निर्माण होता है। अंत में, यह कहा जा सकता है कि विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर स्कॉलरशिप देने की प्रक्रिया से छत्तीसगढ़ में समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में आसान होगी।  डॉ. ओम प्रकाश डहरिया

गया जी में दर्दनाक दुर्घटना, बस और ट्रक की टक्कर में एक की मौत, कई घायल

गया जी बिहार के गया जी जिले में शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। महाराष्ट्र से बोधगया आ रही तीर्थयात्रियों की बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। चालक की मौके पर ही मौत हो गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा शेरघाटी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास हुआ। यात्रियों से भरी बस जैसे ही गांव के समीप पहुंची, अचानक सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया सूचना मिलते ही शेरघाटी थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं मृत चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि बस महाराष्ट्र से तीर्थयात्रियों को लेकर अयोध्या और काशी विश्वनाथ होते हुए बोधगया जा रही थी। इसी दौरान गोपालपुर गांव के पास यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद प्रशासन की देखरेख में अन्य यात्रियों को दूसरी बस से बोधगया रवाना कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के कानून पर जताई चिंता, धर्मांतरण पर कड़ा रुख और सेकुलरिज़्म की पुष्टि

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में लागू धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि इस कानून के माध्यम से अपना धर्म बदलने के इच्छुक लोगों की राह को कठिन बनाया गया है। इसके अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने किसी के धर्म परिवर्तन करने की प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता और हस्तक्षेप को लेकर भी चिंता जताई। बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि कानून इसलिए बनाया गया है कि किसी के धर्म परिवर्तन करने की प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी के दखल को बढ़ाया जा सके। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यूपी के धर्मांतरण विरोधी कानून की वैधता पर फिलहाल अदालत विचार नहीं कर सकती। बेंच ने यह भी याद दिलाया कि भारत एक सेकुलर देश है और कोई भी अपनी इच्छा के अनुसार धर्मांतरण कर सकता है। बेंच ने कहा, 'इस मामले में उत्तर प्रदेश धर्मांतरण अधिनियम के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर विचार करना हमारे दायरे में नहीं आता। फिर भी हम यह मानने से खुद को नहीं रोक सकते कि धर्मांतरण से पहले और बाद में घोषणा से संबंधित नियम जो बनाए गए हैं, वह किसी व्यक्ति की ओर से दूसरे धर्म को अपनाने की औपचारिकता कठिन करने वाले हैं। यह स्पष्ट है कि इन नियमों के माध्यम से धर्मांतरण की प्रक्रिया में अधिकारियों का दखल बढ़ा दिया गया है। यहां तक कि जिला मजिस्ट्रेट को कानूनी रूप से धर्मांतरण के प्रत्येक मामले में पुलिस जांच का निर्देश देने के लिए बाध्य किया गया है।' इसके अलावा अदालत ने धर्मांतरण के बाद घोषणा करने की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाया। बेंच ने कहा कि कौन किस धर्म को स्वीकार कर रहा है, यह उसका निजी मामला है। इस संबंध में घोषणा करने की बाध्यता तो निजता के खिलाफ है। बेंच ने कहा, 'यह सोचने की बात है कि आखिर क्या जरूरत है कि कोई बताए कि उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है और अब वह किस मजहब को मानता है। इस पर विचार करने की जरूरत है कि क्या यह नियम निजता के प्रावधान का उल्लंघन नहीं है।' अदालत ने कहा- संविधान के मूल ढांचे में धर्मनिरपेक्षता शामिल राज्य में धर्मांतरण की कठोर प्रक्रिया को लेकर बेंच ने कहा कि यह ध्यान देना जरूरी है कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना और धर्मनिरपेक्ष प्रकृति क्या कहती है। अदालत ने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना अत्यंत महत्वपूर्ण है और संविधान को उसकी 'महान और दिव्य' दृष्टि के पढ़ना चाहिए। उसके अनुसार ही व्याख्या होनी चाहिए। न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि यद्यपि 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द 1976 में एक संशोधन के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था, फिर भी धर्मनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का एक अभिन्न अंग है, जैसा कि 1973 के केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के निर्णय में कहा गया था।

मुख्यमंत्री योगी ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक वृद्धि का निर्णय

मुख्यमंत्री योगी का बड़ा निर्णय, 30 वर्ष बाद बढ़ेंगे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के वित्तीय अधिकार मुख्यमंत्री योगी ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक वृद्धि का निर्णय वर्ष 1995 में तय सीमाएं अब पुरानी, लागत बढ़ने के अनुरूप अब हो रहा वित्तीय अधिकारों का पुनर्निर्धारण मुख्य अभियंता को अब ₹10 करोड़, अधीक्षण अभियंता को ₹5 करोड़ तक कार्य स्वीकृति का अधिकार अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के अधिकारों में भी बढ़ोतरी से निर्णय प्रक्रिया होगी त्वरित मुख्यमंत्री के निर्णय से निविदा, अनुबंध व कार्यारंभ प्रक्रिया में तेजी, प्रशासनिक दक्षता व पारदर्शिता में वृद्धि होगी उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (लोक निर्माण विभाग) (उच्चतर) नियमावली, 1990 में होगा संशोधन विद्युत एवं यांत्रिक संवर्ग में पहली बार मुख्य अभियंता (स्तर-एक) का नया पद शामिल मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों की संख्या बढ़ी, पदोन्नति प्रक्रिया स्पष्ट होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक निर्माण विभाग के विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पाँच गुना तक की वृद्धि किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बदलावों से विभागीय अधिकारियों को निर्णय लेने में अधिक स्वायत्तता प्राप्त होगी। उच्च स्तर पर अनुमोदन की आवश्यकता घटने से निविदा, अनुबंध गठन एवं कार्यारंभ की प्रक्रिया में गति आएगी। यह सुधार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाने में सहायक होगा। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि विभाग के अधिकारियों के वित्तीय अधिकार वर्ष 1995 में निर्धारित किए गए थे। इस बीच निर्माण कार्यों की लागत में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के अनुसार वर्ष 1995 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग 5.52 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में वित्तीय अधिकारों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए और परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से किया जा सके। अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री को सिविल, विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी। विमर्श के उपरांत निर्णय लिया गया कि सिविल कार्यों के लिए अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा अधिकतम पाँच गुना तक तथा विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों के लिए कम से कम दो गुना तक बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार मुख्य अभियंता को अब ₹2 करोड़ के स्थान पर ₹10 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार होगा। अधीक्षण अभियंता को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार दिया जाएगा। अधिशासी अभियंता के वित्तीय अधिकार ₹40 लाख से बढ़ाकर ₹2 करोड़ किए जाएंगे। सहायक अभियंता को भी सीमित दायरे में टेंडर स्वीकृति एवं छोटे कार्यों की अनुमति देने के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। बता दें कि यह पुनर्निर्धारण तीन दशकों के बाद होने जा रहा है। बैठक में उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (लोक निर्माण विभाग) (उच्चतर) नियमावली, 1990 में संशोधन के माध्यम से विद्युत एवं यांत्रिक संवर्ग की सेवा संरचना, पदोन्नति व्यवस्था तथा वेतनमान के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि नियमावली में किया जा रहा यह संशोधन विभागीय अभियंताओं की सेवा संरचना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधित नियमावली में विद्युत एवं यांत्रिक संवर्ग में पहली बार मुख्य अभियंता (स्तर-एक) का नया पद सम्मिलित किया गया है। इसके साथ मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों की संख्या में वृद्धि की गई है। नवसृजित पदों को नियमावली में समाहित करते हुए उनके पदोन्नति स्रोत, प्रक्रिया और वेतनमान को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिससे सेवा संरचना अधिक पारदर्शी और संगठित हो सके। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्य अभियंता (स्तर-एक) के पद पर पदोन्नति अब मुख्य अभियंता (स्तर-दो) से वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। इसी प्रकार मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया को नियमावली में स्पष्ट किया गया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता (स्तर-एक) तक के पदों के वेतनमान और मैट्रिक्स पे लेवल भी निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ चयन समिति की संरचना को अद्यतन किया गया है, ताकि पदोन्नति और नियुक्ति की कार्यवाही अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य की विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में एक प्रमुख विभाग है, इसलिए अभियंताओं की सेवा नियमावली को समयानुकूल, व्यावहारिक और पारदर्शी बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग्यता, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति व्यवस्था से विभाग की कार्यकुशलता, तकनीकी गुणवत्ता और सेवा भावना को नई दिशा मिलेगी।

दो आतंकी दबोचे गए, ISI कनेक्शन सामने आया, जानें उनका फिदायीन हमला का प्लान

भोपाल/ दिल्ली  देश में बड़े आईएसआई मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है. आईएसआईएस से जुड़े 2 आतंकी पकड़े गए हैं. दिल्ली पुलिस ने साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से एक आतंकी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा मध्य प्रदेश के भोपाल से पकड़ा गया है. दोनों संदिग्ध आतंकी की उम्र 20-26 वर्ष के बीच बताई जा रही है. ये देश में फिदायीन हमले की फिराक में थे. इन दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी आईएसआई से लिंक सामने आए हैं. गिरफ्तार आतंकियों के पास से कई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई हैं. प्रारंभिक पूछताछ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स से सीधे संपर्क का खुलासा हुआ है. ये आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे. सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी ऑनलाइन रेडिकलाइज्ड थे. यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था. फिलहाल मामले की पूरी जांच जारी है, और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. यह कार्रवाई भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन दोनों में से एक आतंकी का नाम अदनान है. दिल्ली के सादिक नगर और भोपाल से दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है. दोनों आतंकी फिदायीन अटैक करने की ट्रेनिंग भी ले रहे थे. विस्तृत जानकारी का इंतजार है.  

मंत्री ओ.पी.चौधरी ने विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश

रायपुर : वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया गजमार पहाड़ के सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण मंत्री ओ.पी.चौधरी ने विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश  वाच टॉवर, चिल्ड्रन एरिया और कैंटीन जैसी सुविधाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा  रायपुर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ के गजमार पहाड़ स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में जारी सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कलेक्टर रायगढ एवं डीएफओ रायगढ़ उपस्थित रहे।              पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में भी विकसित होगा          निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शासन की योजनाओं का केवल निर्माण तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन ही असली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जनसामान्य को वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि हनुमान मंदिर परिसर में हो रहे सौंदर्यीकरण कार्यों से न केवल धार्मिक पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गजमार पहाड़ी रायगढ़ की शान है। ऐसा स्थल शहर के बीच इतनी ऊँचाई और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बहुत कम जगहों पर देखने को मिलता है। गजमार पहाड़ी इको टूरिज्म स्थल के रूप में होगा विकसित              वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल पर रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र गजमार पहाड़ी स्थित हनुमान धाम अब आधुनिक स्वरूप में इको पार्क और इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित होगा। बीते दिवस वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 08 करोड़ रुपए की लागत से यहां होने वाले विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया था। गजमार पहाड़ी मंदिर विकास योजना की जानकारी देते हुए डीएफओ ने कहा कि विभागीय मार्गदर्शन और सुव्यवस्थित योजना के तहत पहाड़ मंदिर को नया स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालु एवं पर्यटक आसानी से ऊपर तक पहुंच सकें, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत स्वीकृत सीढ़ियों का विकास कार्य, अवेयरनेस एक्टिविटी के लिए ओपन प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है।  वाच टॉवर, चिल्ड्रन एरिया और कैंटीन जैसी सुविधाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा      साथ ही वाच टॉवर, चिल्ड्रन एक्टिविटी एरिया, कैन्टीन, पैगोड़ा, पब्लिक वाशरुम, वाश एरिया निर्माण, यूटिलिटी एरिया, पार्किंग एवं प्रवेश स्थल का विकास कार्य, पाथ-वे निर्माण एवं प्रवेश द्वार निर्माण कार्य हो रहा है। इन सभी सुविधाओं के विकसित हो जाने पर गजमार पहाड़ी न केवल धार्मिक स्थल के रूप में, बल्कि पर्यटन और स्वास्थ्य गतिविधियों के दृष्टिकोण से भी एक आकर्षक गंतव्य बन जाएगा।

नवा रायपुर में राज्योत्सव और प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की तैयारियों की समीक्षा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने वन एवं पर्यावरण मंत्री  केदार कश्यप और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव व प्रधानमंत्री के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश  रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वन एवं पर्यावरण मंत्री  केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव तथा प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्योत्सव की तैयारियों में जुटे अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  उप मुख्यमंत्री  साव ने अधिकारियों को संपूर्ण आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए पूरी क्षमता और योग्यता से समय पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाना है। इसके लिए तैयारियों में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान सभी कार्यक्रमों के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए तेजी से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मूर्त रूप दें। उप मुख्यमंत्री  साव तथा मंत्रीद्वय  केदार कश्यप और  ओ.पी. चौधरी ने राज्योत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम स्थल पर सेक्टर्स की स्थिति, बैठक क्षमता, परिक्रमा पथ के लोकेशन एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था व पेयजल व्यवस्था के साथ ही वीवीआईपी सेक्टर की क्षमता, सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग तथा सभी कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रुपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, रायपुर नगर निगम के आयुक्त  विश्वदीप और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’

रायपुर : 6 से 9 नवम्बर तक जशपुर में होगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025' का आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ छत्तीसगढ़ के जशपुर में सजेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सव रायपुर छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे। हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा। कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा। फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा। लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी। फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। ‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी। जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी। "हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं। ‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय