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अलीराजपुर कलेक्टर के सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़ा हमला, हैकरों ने मांगे पैसे

अलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर का सोशल मीडिया अकाउंट किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हैक कर लिया गया है। इस गंभीर घटना की जानकारी स्वयं कलेक्टर ने सार्वजनिक रूप से साझा करते हुए आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि उनके नाम से सोशल मीडिया पर संदेश या काल के माध्यम से आर्थिक मदद की मांग की जा रही है, जो कि पूर्णतः फर्जी और अवैधानिक है। इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मंगलवार की शाम लगभग सवा सात बजे जिला सूचना विज्ञान केंद्र के तूफानसिंह को कलेक्टर के नाम से एक संदिग्ध मैसेज प्राप्त हुआ। संदेश की भाषा और मांग को देखकर उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना कलेक्टर नीतू माथुर को दी। तत्पश्चात कलेक्टर ने तुरंत साइबर सेल को पूरे मामले से अवगत कराया, जहां से जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।   इस तरह के संदेशों से रहें सावधान हैकर्स द्वारा भेजे जा रहे संदेशों में किसी निजी और आपातकालीन परिस्थिति का हवाला देते हुए एक ग्राहक के खाते में तत्काल पैसे भेजने की अपील की जा रही है। संदेश में लिखा जा रहा है कि मुझे एक जरूरी काम के लिए आपकी मदद चाहिए। मैं मीटिंग में हूं, ऑनलाइन बैंकिंग काम नहीं कर रही। कृपया एक ग्राहक के खाते में थोड़ी राशि ट्रांसफर कर दें, शाम तक लौटा दूंगा। यह संदेश पूरी तरह भ्रामक और धोखाधड़ी का हिस्सा है। आमजन से अपील की गई है कि वे इस प्रकार के किसी भी संदेश, काल या अनुरोध पर विश्वास न करें और न ही किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करें। पहले भी हो चुका है ऐसा मामला गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अलीराजपुर में इस प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हुई हो। पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर का भी सोशल मीडिया अकाउंट हैक हुआ था और उसी तरह के संदेशों के माध्यम से लोगों से पैसे मांगे गए थे। कलेक्टर नीतू माथुर ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि, मेरे नाम से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता की मांग की जा रही हो, तो कृपया उसे नजरअंदाज करें। यह एक गंभीर साइबर अपराध है और इसकी जांच की जा रही है। सभी से निवेदन है कि ऐसे किसी भी काल या मैसेज पर विश्वास न करें और न ही किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग करें।   प्रशासन और पुलिस सतर्क जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर अपराधियों की तलाश में जुट गया है। संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदेहास्पद गतिविधि की तत्काल सूचना प्रशासन या पुलिस को दें।

हरियाणा के नए जिलों का गठन तय करने वाली अहम तारीख सामने आई, जानें पूरी डिटेल

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बड़े फैसले की तैयारी में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार को 11 नए जिलों, 14 नए उपमंडलों, 4 नई तहसीलों और 27 उप-तहसीलों के गठन से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह सभी प्रस्ताव प्रशासनिक पुनर्गठन उप-समिति की 5वीं बैठक में प्रस्तुत किए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर सदस्य शामिल हुए। बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और विशेष सचिव कमलेश कुमार भादू भी उपस्थित रहे। प्रस्तावित नए जिले:     असंध (जिला करनाल)     नारायणगढ़ (जिला अंबाला)     मानेसर (जिला गुरुग्राम)     पटौदी (जिला गुरुग्राम)     पिहोवा (जिला कैथल)     हांसी (जिला हिसार)     बरवाला (जिला हिसार)     सफीदों (जिला जींद)     गोहाना (जिला सोनीपत)     डबवाली (जिला सिरसा) गौरतलब है कि डबवाली और हांसी को पहले ही पुलिस जिला घोषित किया जा चुका है।   प्रस्ताव की संवेदनशील समय-सीमा राज्य सरकार को इन प्रस्तावों पर निर्णय 31 दिसंबर 2025 से पहले लेना होगा। भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना से पूर्व किसी भी प्रशासनिक सीमा में बदलाव की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है। यदि इस समय-सीमा में निर्णय नहीं लिया गया, तो फिर अगला अवसर जून 2027 के बाद ही मिल सकेगा, जब अगली जनगणना प्रक्रिया पूरी होगी। नए जिले बनाने के मानदंड: गांवों की संख्या: 125 से 200 जनसंख्या: 4 लाख से अधिक क्षेत्रफल: 80,000 हेक्टेयर से अधिक इन्हीं मानकों के आधार पर उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के गठन के लिए भी मापदंड तय किए गए हैं। अगला कदम: मुख्यमंत्री की मंजूरी बैठक में लिए गए सभी प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। यदि मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलती है, तो हरियाणा में जल्द ही बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा मिलेगी अतिरिक्त राशि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज और सरकार के सहयोग से प्रदेश की गौ-शालाओं को गौ-मंदिर के रूप में विकसित किया जायेगा। गौ-शालाओं में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। गौ-शालाओं के विकास और उनके स्वावलंबन के लिये हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। प्राकृतिक रूप से तैयार उपज पर किसानों को समर्थन मूल्य के साथ ही अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में गौ-शालाओं का संचालन नगरीय निकायों द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया जायेगा। प्रदेश में खुले में विचरण करने वाली निराश्रित गायों को पिंजरे में नहीं बल्कि गौ-शालाओं में सुरक्षित रूप से रखने के प्रबंध कर उनकी बेहतर देखभाल की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर जिले के हातोद तहसील के खजूरिया में नगर निगम इंदौर द्वारा स्थापित रेशम केन्द्र गौशाला में आयोजित गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोवर्धन पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गाय का दूध अमृत है। उसमें सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं। गाय के दूध के सेवन से बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ और आनंदित पाता है। गौ-माता दोहरा पोषण करती है। वह अपने बछड़े के पालन के साथ-साथ मानव जाति का भी पोषण करती हैं हर युग में हर आश्रम में गौ-माता पाली जाती थी और जगह-जगह गौ-पालन होता था। परम्परागत रूप से घरों में पहली रोटी गाय के लिये बनाई जाती है। बालिका महक को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर निर्मित किये गए गोवर्धन पर्वत की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने गोवर्धन पर्वत की साज-सज्जा कर आकर्षक स्वरूप देने वाली बालिका महक शर्मा को सम्मानित किया। सम्मान स्वरूप उसे 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी। साथ ही उन्होंने बालिका को 11 हजार रुपये देने की घोषणा भी की। गौ-शाला के अखाड़े का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शाला में बने अखाड़े का अवलोकन किया। उन्होंने अखाड़े में कुश्ती देखी और पहलवानों का हौसला बढ़ाया और उनके साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अखाड़ों से हमारे पहलवान कृष्ण और बलराम जैसे बनेंगे। आधुनिक दौर में मेट पर कुश्तियां भी हो रही हैं, इस अखाड़े में भी मेट की व्यवस्था की जायेगी। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि गौ-शालाओं के विकास के लिये सभी जनप्रतिनिधि भी आर्थिक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गौ-माता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। हम अपने बच्चों का जन्मदिन केक काटने की बजाय गौ-शालाओं की सेवा करके मनायें। उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र से गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किये जाने की जरूरत है। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि राज्य शासन द्वारा पहले प्रति गाय के पोषण के लिये जो राशि प्रदान की जाती थी अब उसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। इससे गौ-पालन और गौ-संवर्धन दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गौ-माता हमारी संस्कृति का प्रतीक है। रेशम केन्द्र की गौशाला को आदर्श गौशाला के रूप में स्थापित किया जायेगा। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम गौ-शाला को बढ़ाने के लिये सतत प्रयासरत है। पहले यहां पर मात्र 630 गाय थी जो आज बढ़कर 2300 से अधिक हो गई है। इस सेवा कार्य में जनता की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि गौ-शाला में नवनिर्मित हॉस्पिटल में आईसीयू सेंटर बनाया गया है, जहां बीमार गाय का ठीक से उपचार किया जाता है। स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गौवंश के प्रति बढ़ते प्रेम की वजह से आज प्रदेश में उज्जैन सहित ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर आदि गौ-शालाओं में जनभागीदारी के माध्यम से हजारों गायों का पालन हो रहा है। रेशम केन्द्र गौ-शाला में बाहरी प्रदेशों से आई गायों का बेहतर तरीके से पोषण किया जा रहा है। गौ-शाला में गोवंश से प्रतिदिन सौ से ड़ेढ सौ लीटर दूध उत्पादित हो रहा है। गोबर से निर्मित स्वदेशी दीयों के प्रकल्प की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर गोबर से स्वदेशी दीये बनाने के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रकल्प की सराहना की। उल्लेखनीय है कि गाय के गोबर से बने स्वदेशी दीयों को दीपावली पर्व पर इंदौरवासियों का व्यापक समर्थन मिला। इस पहल के अंतर्गत लगभग दो लाख दीयों का विक्रय किया गया, जिससे स्थानीय स्वावलंबन को प्रोत्साहन मिला है। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सांसद श्री शंकर लालवानी और सुश्री कविता पाटीदार, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री चिंटू वर्मा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री सुमित मिश्र, स्वामी अच्युतानंद जी महाराज आदि मौजूद थे।  

गोवर्धन और गौवंश पूजा हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक : मंत्री वर्मा

ग्राम लसूड़िया कांगर में गोवर्धन पूजन में हुए शामिल भोपाल राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि गोवर्धन और गौवंश की पूजा हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। गौ-संरक्षण संस्कृति, आस्था और अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है और इसके लिए पशुपालन और जन-भागीदारी आवश्यक है। किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजस्व मंत्री श्री वर्मा सीहोर जिले के ग्राम लसूड़िया कांगर में आयोजित गोवर्धन पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए और विधि-विधान से गोवर्धन की पूजा कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि गोवर्धन पूजा के आयोजन ने न केवल धार्मिक परंपरा को सहेजने का कार्य किया है बल्कि समाज में पर्यावरण एवं पशुधन संरक्षण की दिशा में जन चेतना का भी सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा फसल कटने और नई फसल की शुरूआत का समय है। इस घड़ी को उत्साह और उल्लास के साथ मनाने से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। 

संस्कृति को सहेजने का संदेश देते हैं पर्व: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को श्री महामृत्युंजय गौशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने कहा कि पर्व अपनी संस्कृति को सहेजने का संदेश देते हैं और गौ-वंश का संरक्षण हमारा परम कर्तव्य है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा संचालित श्री महामृत्युंजय गौशाला में 800 गायों की सेवा की जाती है। हम सब सौभाग्यशाली है कि श्रद्धा से भरपूर इस कार्यक्रम के साक्षी बनने का अवसर मिला है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने क्षेत्र के रहवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौ माता के संरक्षण को सर्वोपरि रखा गया है। हमारी महान संस्कृति है, जो आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती शगुन लोधी, श्री संतोष ग्वाला, श्री अशोक गुप्ता, श्री सुरेंद्र वाडिका सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- गोवर्धन पूजा प्रकृति से जुड़े रहने की देती है सीख

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसानों और गौवंश की उन्नति से ही प्रदेश व देश समृद्धशाली होगा। गोवर्धन पूजा व गौपूजन हमारी सनातन संस्कृति है जो प्रकृति से जुड़े रहने की सीख देती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल लक्ष्मणबाग गौशाला व बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा में आयोजित गोवर्धन पूजा व गौपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गौवंश के संरक्षण से किसान समृद्धशाली होंगे। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गोकुल व गौ की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत धारण किया था। हमारा देश किसानों व गौवंश का देश है। इनकी समृद्धि से ही वास्तविक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दुग्ध उत्पादन को दोगुने करने के संकल्प को पूरा करने के लिए गौवंश संरक्षण व गौपालकों को अतिरिक्त अनुदान राशि दी जा रही है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं। गौवंश के उत्पाद से बनने वाली वस्तुओं को बाजार उपलब्धता के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गोवर्धन व गौपूजन से हमारे संस्कृति व संस्कारों से आने वाली पीढ़ी पूरी तरह से त्यौहारों के आयोजन में प्रशासन की भागीदारी से आने वाली पीढ़ी जागरूक होगी और हम अपनी संस्कृति को अक्षुण्य रखने में सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौपूजन कर गायों को भोजन खिलाया। उन्होंने गौ-सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों, कर्मचारियों, नागरिकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

राजनीतिक खेल में उलटफेर: लालू और तेजस्वी ने कांग्रेस की उम्मीदों को किया मात

पटना  बिहार चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के भीतर आपसी रंजिश खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कई सीटों पर गठबंधन के घटक दल- कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने हैं। ऐसे में बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मिलने गए थे लेकिन उनके बीच कोई पुख्ता बातचीत नहीं हो सकी। आरजेडी नेतृत्व ने कांग्रेस को खाली हाथ लौटाया मगर गहलोत ने मीडिया में बातचीत के दौरान कहा कि कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी। बैठक के बाद अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा, “लालू जी और तेजस्वी जी से बहुत अच्छी बातचीत हुई। तमाम काम अच्छे से चल रहे हैं। 5-7 सीटों पर फ्रेंडली फाइट है, एक-दो दिन में जो भी भ्रम है, वह पूरी तरह दूर हो जाएगा।” कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट आम: अशोक गहलोत गहलोत ने माना कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से कुछ पर महागठबंधन के घटक दल आमने-सामने आ सकते हैं। उन्होंने इसे मतभेद नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जोश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “कभी-कभी कार्यकर्ताओं में उत्साह होता है, स्थानीय परिस्थितियों में ऐसी स्थितियां आती हैं। इसे कमजोरी नहीं, मजबूती की निशानी समझिए।” गौरतलब है कि करीब 11 सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी दोनों के उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोक दी है, जिससे अंदरूनी नाराजगी बढ़ी है। खासकर सीमांचल और कोसी इलाकों में कई ऐसी सीटें हैं जहां सीट एडजस्टमेंट पर सहमति नहीं बन पाई है। लड़ाई जनता के भविष्य की है: कृष्णा अल्लावरु इस बीच, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी साफ किया कि पार्टी का लक्ष्य सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि बिहार के लोगों का भविष्य है। उन्होंने कहा, “बिहार में मुकाबला 243 सीटों पर है और यह सीधी लड़ाई एनडीए के खिलाफ है। हम जनता के मुद्दों को लेकर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।” अल्लावरु ने विश्वास जताया कि महागठबंधन जनता के मुद्दों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगा और बिहार में बदलाव की बयार लाएगा। महागठबंधन में भरोसे की बात लेकिन जमीन पर खिंचतान बरकरार हालांकि कांग्रेस नेताओं के बयान में एकता का संदेश साफ झलकता है, मगर जमीनी हकीकत कुछ और कहती है। अंदरखाने आरजेडी और कांग्रेस दोनों के कार्यकर्ताओं में टिकट को लेकर असंतोष है। कई जगह कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी भी जताई है। अब सबकी नजरें लालू-तेजस्वी और कांग्रेस की अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। सवाल ये है कि क्या यह दोस्ताना मुकाबला सच में दोस्ताना रहेगा या चुनावी रण में मतों की कीमत पर भारी पड़ जाएगा?  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगंज में हुई घटना पर जताई संवेदना, परिजन को दिलाया न्याय का भरोसा

किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को इंदौर एयरपोर्ट पर मल्हारगंज थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई घटना के मृतक अंकित राठौर के परिजनों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक की पत्नी श्रीमती खुशबू राठौर को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. मुरुगन ने की सौजन्य भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर केंद्रीय मंत्री श्री मुरुगन का स्वागत किया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरुगन ने पुष्प-गुच्छ, तिरूपति बालाजी मंदिर का प्रसाद देकर और शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ मुरुगन ने मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल बघेल परिवार को ढांढस बंधाया, शोक संवेदना व्यक्त की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को विदिशा जिले के ग्राम बल्लाखेड़ी पहुँचे और शोकाकुल बघेल परिवार से भेंटकर स्व. श्री विशाल सिंह बघेल के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री राजमोहन के पिता स्व. श्री विशाल सिंह बघेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए ढांढस बंधाया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, शमशाबाद विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीणा, कुरवाई विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरि सिंह रघुवंशी ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की है।